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                <title>Jal Jeevan Mission UP - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Jal Jeevan Mission UP RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन योजना: पानी भरते ही ‘वॉटरफॉल’ बनी लाखों की टंकी, सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
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<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181477/jal-jeevan-mission-scheme-becomes-victim-of-corruption-tank-worth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0107.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में इस योजना के क्रियान्वयन की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के राजपुर क्षेत्र में बनी एक पानी की टंकी में जैसे ही पानी भरा गया, टंकी की दीवारें जवाब दे गईं और देखते ही देखते पानी तेज धार के साथ बाहर निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में पूरी टंकी किसी झरने या वॉटरफॉल का नजारा पेश करने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लाखों रुपये की लागत से बनी टंकी से पानी कई जगहों से रिसते हुए बाहर निकल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइप लाइनें बिछाने का काम वर्षों पहले पूरा दिखा दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कहीं सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं तो कहीं पाइप लाइनें डालने के बाद काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में राजपुर की यह घटना पूरे जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि टंकी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया है। हालांकि संबंधित ऑपरेटर का दावा है कि उसने टंकी में मौजूद कमियों और निर्माण संबंधी खामियों की जानकारी पहले ही ग्राम प्रधान तथा विभागीय अधिकारियों को दी थी। उसके अनुसार कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कमियों को दूर करने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला मामला नहीं है जब जल जीवन मिशन की परियोजनाएं सवालों के घेरे में आई हों। इससे पहले पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर में भी एक पानी की टंकी तेज हवा के दौरान धराशायी हो गई थी, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब बस्ती की यह घटना भी यही संकेत दे रही है कि कहीं न कहीं निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और जवाबदेही की कमी गंभीर समस्या बन चुकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाती और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजनाओं की ऐसी दुर्दशा सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजपुर की फटी हुई पानी की टंकी केवल एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि उन सवालों का प्रतीक बन गई है जो जल जीवन मिशन के तहत खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को महज एक तकनीकी खराबी मानता है या फिर इसकी तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करता है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:52:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन योजना हुआ फेल 'हाथी का दांत' साबित हो रही पानी की टंकियां</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना जनपद के हरैया सतघरवा विकासखंड में दम तोड़ती नजर आ रही है। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे यहां धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियां पिछले पाँच वर्षों से शोपीस बनी हुई हैं, जबकि ग्रामीण आज भी शुद्ध पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>करोड़ों खर्च, फिर भी प्यासे ग्रामीण</strong></div>
<div style="text-align:justify;">विकासखंड हरैया सतघरवा के ग्राम पंचायत महादेव अतरपरी, देवपुरा, कमदा और उदईपुर गनवारिया बलदेव नगर कोंडरी बसंतपुर शिवानगर काशीपुर भुसैलिया टेढ़वा कमदा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174605/jal-jeevan-mission-scheme-failed-water-tanks-are-proving-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260330-wa0550.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना जनपद के हरैया सतघरवा विकासखंड में दम तोड़ती नजर आ रही है। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे यहां धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियां पिछले पाँच वर्षों से शोपीस बनी हुई हैं, जबकि ग्रामीण आज भी शुद्ध पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>करोड़ों खर्च, फिर भी प्यासे ग्रामीण</strong></div>
<div style="text-align:justify;">विकासखंड हरैया सतघरवा के ग्राम पंचायत महादेव अतरपरी, देवपुरा, कमदा और उदईपुर गनवारिया बलदेव नगर कोंडरी बसंतपुर शिवानगर काशीपुर भुसैलिया टेढ़वा कमदा में करीब पाँच साल पहले जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें घर बैठे शुद्ध जल मिलेगा, लेकिन पाइपलाइन और सप्लाई की बदहाली ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि टंकियां खड़ी तो हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अधिकारियों की लापरवाही से योजना हुई फेल</strong></div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकार की इस बड़ी योजना को पलीता लगाया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा हुए लंबा समय बीत गया, लेकिन अब तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की जा सकी। ग्रामीण इसे सरकारी धन की बर्बादी और "हाथी के दांत" बता रहे हैं, जो केवल देखने के लिए हैं, काम के नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रशासन से जल्द बहाली की मांग</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भीषण गर्मी की दस्तक के बीच ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इन बंद पड़ी टंकियों की जांच कराई जाए और जल्द से जल्द जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 20:54:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खबर का असर: पानी की बर्बादी रुकी! अटौरा में पाइपलाइन मरम्मत शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद :</strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के मलिहाबाद ब्लॉक अंतर्गत ग्राम अटौरा में जल जीवन मिशन (हर घर नल से जल योजना) के तहत बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन में पिछले कुछ समय से गंभीर रिसाव की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इस रिसाव के कारण सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया था, जिससे कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। पानी के जमा होने से कीचड़ और गंदगी फैल गई थी, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो गया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कई बार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172273/effect-of-news-wastage-of-water-stopped-pipeline-repair-started"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260302-wa0164-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद :</strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के मलिहाबाद ब्लॉक अंतर्गत ग्राम अटौरा में जल जीवन मिशन (हर घर नल से जल योजना) के तहत बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन में पिछले कुछ समय से गंभीर रिसाव की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इस रिसाव के कारण सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया था, जिससे कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। पानी के जमा होने से कीचड़ और गंदगी फैल गई थी, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।इस पूरे मामले को स्वतंत्र प्रभात ने प्रमुखता से उठाया और खबर को विस्तार से प्रकाशित किया। रिपोर्ट में समस्या की गंभीरता, रिसाव के कारण सड़कों की स्थिति और ग्रामीणों की परेशानियों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। जल निगम और ग्राम पंचायत स्तर पर टीम गठित की गई और मरम्मत कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया।वर्तमान में पाइपलाइन के सभी प्रमुख रिसाव बिंदुओं की मरम्मत का काम चल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षतिग्रस्त हिस्सों को बदलकर नई पाइपलाइन जोड़ी जा रही है, साथ ही सड़कों की मरम्मत भी की जा रही है ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि मीडिया की सक्रिय भूमिका के कारण ही प्रशासन जागा और समस्या का समाधान शुरू हुआ।एक ग्रामीण ने बताया, "हम कई दिनों से परेशान थे, पानी सड़क पर बह रहा था और सड़कें टूट गई थीं। स्वतंत्र प्रभात ने हमारी आवाज बुलंद की, जिसके बाद अधिकारियों ने फौरन कार्रवाई की। अब उम्मीद है कि कुछ दिनों में सब ठीक हो जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">"यह घटना जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और समय-समय पर रखरखाव की आवश्यकता को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं में पाइपलाइन बिछाने के बाद नियमित निरीक्षण और मरम्मत का इंतजाम मजबूत होना चाहिए, ताकि पानी की बर्बादी रुके और ग्रामीणों को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।स्वतंत्र प्रभात मीडिया परिवार ने हमेशा की तरह जनहित के मुद्दों को प्रमुखता दी है और इस बार भी इस खबर ने सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने पत्रकारिता की इस जिम्मेदार भूमिका की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसी समस्याओं पर त्वरित ध्यान दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 21:09:01 +0530</pubDate>
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