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                <title>सुख समृद्धि उपाय - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सुख समृद्धि उपाय RSS Feed</description>
                
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                <title>होलिका स्तोत्र  यह स्तोत्र को तीन परिक्रमा करने के बाद दोनों हाथो से नमस्कार करके होलिका स्तोत्र पढ़ना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">होली जलाते समय या होली जलाने के बाद और तीन या पांच परिक्रमा करने के पश्चात होलिका को दोनों हाथो से नमस्कार करके यह स्तोत्र बोलने से होलिका मनुष्य के सभी पापो को हर लेती है, सभी सन्तापों को हर लेती है, और सभी प्रकार से कल्याण करती है होलिका जगन्माता बनके सर्वसिद्धियाँ प्रदान करती है सुखशान्ति प्रदान करती है।<br /><br />यह स्तोत्र को तीन परिक्रमा करने के बाद दोनों हाथो से नमस्कार करके होलिका स्तोत्र पढ़ना चाहिए</p>
<p style="text-align:justify;"><br />  <strong>   होलिका स्तोत्र   </strong><br />ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि। तन्नो अग्निः प्रचोदयात्।<br />(अर्थ --ॐ, मैं उस महान् ज्योति का, अग्निदेव का ध्यान करता हूँ। वह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172141/holika-stotra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/sddefault.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">होली जलाते समय या होली जलाने के बाद और तीन या पांच परिक्रमा करने के पश्चात होलिका को दोनों हाथो से नमस्कार करके यह स्तोत्र बोलने से होलिका मनुष्य के सभी पापो को हर लेती है, सभी सन्तापों को हर लेती है, और सभी प्रकार से कल्याण करती है होलिका जगन्माता बनके सर्वसिद्धियाँ प्रदान करती है सुखशान्ति प्रदान करती है।<br /><br />यह स्तोत्र को तीन परिक्रमा करने के बाद दोनों हाथो से नमस्कार करके होलिका स्तोत्र पढ़ना चाहिए</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> <strong>  होलिका स्तोत्र   </strong><br />ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि। तन्नो अग्निः प्रचोदयात्।<br />(अर्थ --ॐ, मैं उस महान् ज्योति का, अग्निदेव का ध्यान करता हूँ। वह (शुभ) अग्नि हमें (समृद्धि और कल्याण की ओर) प्रेरित करे।)<br />पापं तापं च दहनं कुरु कल्याणकारिणि | <br />होलिके त्वं जगद्धात्री होलिकायै नमो नमः || <br />होलिके त्वं जगन्माता सर्वसिद्धिप्रदायिनी | <br />ज्वालामुखी दारूणा त्वं सुखशान्तिप्रदा भव || <br />वन्दितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्मणा शंकरेण च । <br />अतस्त्वं पाहिनो देवि भूते भूतिप्रदा भव || <br />अस्माभिर्भय सन्त्रस्तैः कृत्वा त्वं होलि बालिशैः |<br />अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव ||<br />त्वदग्नि त्रिः परिक्रम्य गायन्तु च हसंतु च ।<br />होलिके त्वं जगद्धात्री होलिकायै नमो नमः || <br />होलिके त्वं जगन्माता सर्वसिद्धिप्रदायिनी | <br />ज्वालामुखी दारूणा त्वं सुखशान्तिप्रदा भव ||<br />वन्दितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्मणा शंकरेण च | <br />अतस्त्वं पाहिनो देवि भूते भूतिप्रदा भव || <br />अस्माभिर्भय सन्त्रस्तैः कृत्वा त्वं होलि बालिशैः | <br />अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव || <br />त्वदग्नि त्रिः परिक्रम्य गायन्तु च हसंतु च | <br />जल्पन्तु स्वेछ्या लोकाः निःशङ्का यस्य यन्मतम्<br />ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय महाचक्राय महाज्वालाय दीप्तिरूपाय सर्वतो रक्ष रक्ष मां महाबलाय नमः।<br />ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परम पुरूषाय परमात्मने परकर्म मंत्र यंत्र औषध अस्त्र शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय ओम नमो भगवते सुदर्शनाय दीप्ते ज्वालादित्याय ,सर्वदिक् क्षोभण कराय हूं फट् ब्रहणे परं ज्योतिषे नमः।<br />.ॐ नमो भगवते सुदर्शनाय वासुदेवाय, धन्वंतराय अमृतकलश हस्ताय, सकला भय विनाशाय, सर्व रोग निवारणाय त्रिलोक पतये, त्रिलोकीनाथाय ॐ श्री महाविष्णु स्वरूपाय ॐ श्रीं ह्मीं ऐं औषधि चक्र नारायणाय फट्!!<br />ॐ ऐं ऐं अपराजितायै क्लीं क्लीं नमः।<br />ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं हूं हूं त्रैलोक्यमोहन विष्णवे नमः।<br />ॐ त्रैलोक्यमोहनाय च विदमहे आदिकामदेवाय धीमहि <br />तन्नो विष्णु: प्रचोदयात्।<br />ॐ तेजोरूपाय च विदमहे विष्णु पत्न्यै धीमहि तन्नो;<br />श्री: प्रचोदयात्।<br />                <br />इस साल होलिका दहन 2 मार्च 2026 हैं । होलिका दहन के लिए लकड़ी और उपले आदि एकत्रित किए जाते हैं। होलिका दहन से पूर्व उसमें गुलाल समेत अन्य सामग्रियां डाली जाती हैं। होलिका की अग्नि को अत्यंत पवित्र माना गया है। मान्यता है कि होलिका की अग्नि में कुछ विशेष चीजों को डालने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। जबकि होलिका में कोई भी अपवित्र चीज डालने की मनाही होती है। मान्यता है कि इसका जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। <br />जानें होलिका में क्या-क्या डालना चाहिए और क्या नहीं-<br />  होलिका में क्या-क्या डालना चाहिए- <br />1.होलिका दहन की आग में सूखा नारियल डालना चाहिए। इसके अलावा अक्षत और ताजे फूल होलिका की अग्नि में चढ़ाएं। होलिका को साबुत मूंग की दाल, हल्दी के टुकड़े, और गाय के सूखे गोबर से बनी माला अर्पित करें।<br />होलिका की अग्नि में सूखा नारियल डालना अत्यंत शुभ माना गया है।<br />2. होली की अग्नि में गेहूं की बालियां सेंककर घर लेकर आएं <br />बाद में इसके गेंहू के दानों को अन्न भंडार में मिला दें अथवा विसर्जित कर दें।<br />3. होलिका की अग्नि में नीम के पत्ते व कपूर का टुकड़ा अर्पित करना चाहिए।<br />4. होलिका की अग्नि में घी में भिगोए पान के पत्ते व बताशा अर्पित करना चाहिए।<br />5. होलिका दहन में चांदी या तांबे के कलश से जल और गुलाल अर्पित करना चाहिए।<br />6. होलिका की अग्नि में हल्दी व उपले अर्पित करने चाहिए।<br />7. होलिका दहन की अग्नि में अक्षत व ताजे फूल भी अर्पित करने चाहिए।<br />8.होली के दिन रंग खेलने के बाद घर में फिटकरी का पोछा लगाने से धन आपकी तरफ चुंबक की तरह चला आता है. एक बाल्टी में पानी लेकर उसके अंदर थोड़ा फिटकरी का पाउडर डाल दें और उससे पोंछा करें. <br />होली पर बहुत सी नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती है. <br />वह दूर होती है।<br />  होलिका की अग्नि में क्या नहीं डालना चाहिए <br />1. होलिका की अग्नि में पानी वाला नारियल नहीं चढ़ाना चाहिए। होलिका में हमेशा सूखा नारियल ही चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि पानी वाला नारियल अर्पित करने से जन्मकुंडली में चंद्रमा की स्थिति खराब हो सकती है और जातक को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पानी वाला नारियल फोड़कर प्रसाद रूप में ले सकते हैं।<br />2. 2.होलिका की अग्नि में टूटा-फूटा सामान जैसेपलंग, सोफा आदि नहीं डालना चाहिए। अथवा घर का कचरा न डालें।<br />मान्यता है कि ऐसा करने से शनि, राहु व केतु अशुभ फल प्रदान करते हैं।       <br />3. होलिका की आग में सूखी हुई गेहूं की बालियां न डालें <br />बल्कि सेंककर घर लाए।<br />और सूखे फूल नहीं अर्पित करने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ज्योतिषी काजल उपाध्याय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 22:10:42 +0530</pubDate>
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