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                <title>Press Freedom India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>अवैध खनन की खबर से नाराज इंस्पेक्टर ने एक पत्रकार को दी गालियां, कहा- तुम्हारे मुँह में…</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सराय अकिल थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह और कनैली चौकी प्रभारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का कथित गाली-गलौज भरा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया।वायरल ऑडियो में आरोप है कि थाना प्रभारी एक स्थानीय पत्रकार से अमर्यादित भाषा में बात कर रहे हैं और उसे एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मामला सराय अकिल थाना क्षेत्र के कनैली चौकी का बताया जा रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176464/angered-by-the-news-of-illegal-mining-the-inspector-abused"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1)7.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सराय अकिल थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह और कनैली चौकी प्रभारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का कथित गाली-गलौज भरा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया।वायरल ऑडियो में आरोप है कि थाना प्रभारी एक स्थानीय पत्रकार से अमर्यादित भाषा में बात कर रहे हैं और उसे एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामला सराय अकिल थाना क्षेत्र के कनैली चौकी का बताया जा रहा है। स्थानीय पत्रकार संजय सिंह के अनुसार, उन्होंने हाल ही में यमुना नदी में चल रहे अवैध खनन को लेकर एक खबर प्रकाशित की थी। इसी खबर से नाराज होकर संबंधित पुलिस अधिकारी उनसे खफा थे। आरोप है कि बुधवार रात करीब 9 बजे कनैली चौकी प्रभारी ने पत्रकार को सराय अकिल चौराहे से हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित पत्रकार का कहना है कि थाने पहुंचते ही थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। उन्होंने न केवल मां-बहन की गालियां दीं, बल्कि झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी। आरोप यह भी है कि विरोध करने पर पत्रकार के साथ मारपीट की गई और उसके मुंह में पेशाब करने की बात कही गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पूरी घटना का ऑडियो रिकॉर्ड हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की जानकारी जैसे ही अन्य पत्रकारों को हुई, उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण को अवगत कराया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने देर रात पत्रकार को थाने से छोड़ दिया। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत एसपी से करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी चायल को सौंपी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद जिले भर के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष है। सभी ने निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 19:03:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जर्नलिस्ट प्रोटक्शन एसोसिएशन का पहला स्थापना दिवस 17 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में संगठन ने पत्रकार हितों की आवाज को मजबूती से उठाते हुए एक नई दिशा प्राप्त की है।उन्होंने न केवल पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता के मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करते हुए संगठन को सशक्त बनाने का कार्य भी किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/403616.jpg" alt="जर्नलिस्ट प्रोटक्शन एसोसिएशन का पहला स्थापना दिवस 17 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उनके प्रयासों से पत्रकारों के अधिकारों के संरक्षण, कानूनी सहायता और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा और जागरूकता बढ़ी है। जर्नलिस्ट प्रोटक्शन एसोसिएशन आज उनके नेतृत्व में एक मजबूत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176026/the-first-foundation-day-of-journalist-protection-association-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/403619.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में संगठन ने पत्रकार हितों की आवाज को मजबूती से उठाते हुए एक नई दिशा प्राप्त की है।उन्होंने न केवल पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता के मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करते हुए संगठन को सशक्त बनाने का कार्य भी किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/403616.jpg" alt="जर्नलिस्ट प्रोटक्शन एसोसिएशन का पहला स्थापना दिवस 17 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके प्रयासों से पत्रकारों के अधिकारों के संरक्षण, कानूनी सहायता और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा और जागरूकता बढ़ी है। जर्नलिस्ट प्रोटक्शन एसोसिएशन आज उनके नेतृत्व में एक मजबूत मंच के रूप में उभर रहा है, जो पत्रकारों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम कर रहा है। विवेक प्रताप सिंह की सोच और कार्यशैली ने संगठन को नई ऊर्जा दी है, जिससे पत्रकार समुदाय में विश्वास और एकजुटता की भावना मजबूत हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 20:46:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पत्रकार रवि गर्गवंशी रवि शुक्ल की अवैधानिक गिरफ्तारी व उत्पीड़न के विरोध में पत्रकारों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोंडा।</strong> जनपद में पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार रवि गर्गवंशी रवि शुक्ल की अवैधानिक गिरफ्तारी व उत्पीड़न और पत्रकारों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित हमले के खिलाफ जनपद गोंडा में पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। द जर्नलिस्ट एसोसिएशन (पत्रकार संगठन), जनपद गोंडा के बैनर तले शनिवार को पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा एवं आईजी देवीपाटन रेंज गोंडा को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार की ससम्मान रिहाई व दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही न्याय की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन के जिलाध्यक्ष एमडी मौर्य के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पत्रकार पवनदेव</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174603/memorandum-submitted-to-protest-against-the-illegal-arrest-and-harassment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260330-wa0015.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोंडा।</strong> जनपद में पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार रवि गर्गवंशी रवि शुक्ल की अवैधानिक गिरफ्तारी व उत्पीड़न और पत्रकारों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित हमले के खिलाफ जनपद गोंडा में पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। द जर्नलिस्ट एसोसिएशन (पत्रकार संगठन), जनपद गोंडा के बैनर तले शनिवार को पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा एवं आईजी देवीपाटन रेंज गोंडा को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार की ससम्मान रिहाई व दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही न्याय की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन के जिलाध्यक्ष एमडी मौर्य के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पत्रकार पवनदेव सिंह, लखनलाल मिश्रा, अमरेश प्रजापति, महेश गोस्वामी, कुलदीप शुक्ल, कांशीराम मौर्य, अनुराग मिश्र, सुधीर पाण्डेय, वीरेंद्र तिवारी, अंकज मिश्र, सलीम अहमद खान, सुधीर तिवारी, श्यामफूल तिवारी, खुशबू कनौजिया, ज्ञान प्रकाश चौहान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि पत्रकार रवि गर्गवंशी उर्फ रवि प्रकाश शुक्ल निवासी बलरामपुर को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से अवैधानिक तरीके से गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा गया तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया,जो बेहद निंदनीय और चिंताजनक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पत्रकारों ने इसे न केवल एक व्यक्ति विशेष पर कार्रवाई बताया, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार समाज सदैव निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनहित के मुद्दों को उठाता है। ऐसे में किसी पत्रकार के साथ इस प्रकार की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास है, जिससे पूरे पत्रकार समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं गई हैं कि पत्रकार रवि गर्गवंशी (रवि शुक्ल) की ससम्मान रिहाई कराकर प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, अवैधानिक गिरफ्तारी में संलिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाया जाए भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। पत्रकारों ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान सभी पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प दोहराया।</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 20:48:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीडर्स से चलने वाला मीडिया ही स्वतंत्र रह सकता है, सरकारी मदद से चलने वाला कॉर्पोरेट मीडिया नहीं: जस्टिस नागरत्ना</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने गुरुवार को कहा कि रीडर्स से चलने वाला प्रेस इंडिपेंडेंट रहने के लिए सबसे अच्छी जगह है, उन्होंने चेतावनी दी कि कॉर्पोरेट ओनरशिप स्ट्रक्चर अक्सर मीडिया ऑर्गनाइज़ेशन को आर्थिक मदद के ज़रिए सरकारी असर के प्रति कमज़ोर बना देते हैं। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट (IPI) इंडिया अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज़्म 2025 सेरेमनी में मुख्य भाषण देते हुए जस्टिस नागरत्ना ने ज़ोर देकर कहा कि इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म तभी ज़िंदा रह सकता है जब उसे रीडर्स और सिविल सोसाइटी का सीधा सपोर्ट मिले।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "रीडर्स</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172133/only-media-run-by-readers-can-remain-independent-not-corporate"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/justice-bv-nagarathna-.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने गुरुवार को कहा कि रीडर्स से चलने वाला प्रेस इंडिपेंडेंट रहने के लिए सबसे अच्छी जगह है, उन्होंने चेतावनी दी कि कॉर्पोरेट ओनरशिप स्ट्रक्चर अक्सर मीडिया ऑर्गनाइज़ेशन को आर्थिक मदद के ज़रिए सरकारी असर के प्रति कमज़ोर बना देते हैं। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट (IPI) इंडिया अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज़्म 2025 सेरेमनी में मुख्य भाषण देते हुए जस्टिस नागरत्ना ने ज़ोर देकर कहा कि इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म तभी ज़िंदा रह सकता है जब उसे रीडर्स और सिविल सोसाइटी का सीधा सपोर्ट मिले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "रीडर्स से चलने वाला प्रेस हमेशा पब्लिक इंटरेस्ट की सेवा करने और पॉलिटिकल प्रेशर से बचने के लिए बेहतर जगह पर होता है।" उन्होंने इंडिपेंडेंट रिपोर्टिंग को एक पब्लिक गुड बताया, जिसे सब्सक्रिप्शन के ज़रिए सपोर्ट किया जाना चाहिए। सिविल सोसाइटी को यह समझना चाहिए कि इंडिपेंडेंट रिपोर्टिंग एक पब्लिक गुड है, जिसके लिए पैसे देने चाहिए। दूसरी ओर, अच्छी जर्नलिज़्म सिर्फ़ गुडविल पर नहीं चलती। जब कोई सब्सक्रिप्शन लेता है, तो वे असल में कह रहे होते हैं कि इस तरह की रिपोर्टिंग को सपोर्ट किया जाना चाहिए। अपने रीडर्स से चलने वाला प्रेस हमेशा पब्लिक इंटरेस्ट की सेवा करने और पॉलिटिकल प्रेशर से बचने के लिए बेहतर स्थिति में होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने चेतावनी दी कि कॉर्पोरेट के मालिकाना हक वाला मीडिया फॉर्मली इंडिपेंडेंट रह सकता है, लेकिन फिर भी आर्थिक हकीकत और पॉलिटिकल लिंकेज से बंधा हो सकता है। उन्होंने कहा, "प्रेस स्टेट से आज़ाद हो सकता है। फिर भी कॉर्पोरेट पावर पर डिपेंडेंट हो सकता है, जो बदले में स्टेट के सपोर्ट पर डिपेंडेंट हो सकता है।" जस्टिस नागरत्ना ने चिंता जताई कि डायरेक्ट सेंसरशिप न होने पर भी एडिटोरियल इंडिपेंडेंस पर ओनरशिप के हितों और फाइनेंशियल डिपेंडेंसी का असर पड़ सकता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि प्रेस की आज़ादी के लिए सबसे गंभीर खतरे संविधान के आर्टिकल 19(2) के तहत सीधे प्रतिबंधों से नहीं, बल्कि आर्टिकल 19(6) के तहत सही ठहराए गए आर्थिक और रेगुलेटरी प्रेशर से पैदा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ओनरशिप के नियम, लाइसेंसिंग कानून, टैक्सेशन पॉलिसी, एडवरटाइजिंग सिस्टम और एंटीट्रस्ट रेगुलेशन फॉर्मल कॉन्स्टिट्यूशनल कंप्लायंस बनाए रखते हुए इनडायरेक्टली एडिटोरियल चॉइस को शेप दे सकते हैं। उन्होंने कहा, "कानून प्रेस को चुप नहीं करा सकता, लेकिन यह उन कंडीशन को शेप दे सकता है, जिनके तहत स्पीच बनाई जाती है।" </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रेस की आज़ादी के लिए सबसे गंभीर खतरे आर्टिकल 19(2) के तहत सीधे सेंसरशिप से नहीं, बल्कि आर्टिकल 19(6) के तहत सही ठहराए गए रेगुलेशन से पैदा होने की संभावना है। ओनरशिप के नियम, लाइसेंसिंग कानून, एडवरटाइजिंग पॉलिसी, टैक्सेशन और तेज़ी से बढ़ते एंटीट्रस्ट कानून सभी को आर्थिक रेगुलेशन के तौर पर बचाया जा सकता है, भले ही उनका एडिटोरियल इंडिपेंडेंस पर गहरा असर हो। यह राज्य को आर्टिकल 19(1)(a) का औपचारिक पालन करते हुए इनडायरेक्टली प्रेस को प्रभावित करने की इजाज़त देता है। इस तरह आज़ादी कानून में हो सकती है, लेकिन असल में कमज़ोर हो सकती है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 21:52:15 +0530</pubDate>
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