<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/51089/middle-east-tensions" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Middle East Tensions - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/51089/rss</link>
                <description>Middle East Tensions RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खामनेई की मौत पर छाती पीटने वाले, निर्दोष भारतीयों की मौत पर मौन क्यों थे?</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अयातुल्ला अली खामनेई</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की मृत्यु के बाद भारत सहित अनेक देशों में उनके समर्थकों द्वारा छाती पीट-पीटकर मातम मनाया जा रहा है और</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इजराइल</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की आलोचना की जा रही है। किंतु प्रश्न यह है कि युद्ध हो या आतंकवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके घाव सदैव गहरे और त्रासद होते हैं। उनकी टीस लंबे समय तक जनमानस को व्यथित करती रहती है । ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में लगभग </span>36 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षों तक सत्ता में रहे खामनेई के शासनकाल में कितने निर्दोष लोगों ने दमन और कठोर नीतियों का सामना</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172344/why-those-who-beat-their-chest-on-khameneis-death-were"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/खामनेई-की-मौत-पर-छाती-पीटने-वाले,-निर्दोष-भारतीयों-की-मौत-पर-मौन-क्यों-थे.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अयातुल्ला अली खामनेई</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की मृत्यु के बाद भारत सहित अनेक देशों में उनके समर्थकों द्वारा छाती पीट-पीटकर मातम मनाया जा रहा है और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इजराइल</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की आलोचना की जा रही है। किंतु प्रश्न यह है कि युद्ध हो या आतंकवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके घाव सदैव गहरे और त्रासद होते हैं। उनकी टीस लंबे समय तक जनमानस को व्यथित करती रहती है । ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में लगभग </span>36 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षों तक सत्ता में रहे खामनेई के शासनकाल में कितने निर्दोष लोगों ने दमन और कठोर नीतियों का सामना किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह किसी से छिपा नहीं है। क्या मातम मनाने वाले उनके समर्थकों को यह स्मरण है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">जब किसी देश के नागरिक स्वयं अपने सर्वोच्च नेता की मृत्यु पर सड़कों पर उतरकर जश्न मनाते दिखाई दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह शासन और जनता के बीच गहरे असंतोष का संकेत देता है। ऐसे में भारत में शोक प्रकट करने वाले लोग आखिर किस मानसिकता का प्रतिनिधित्व करते हैं </span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ईरानी सुप्रीम खामनेई पर आरोप रहे कि उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता पर कठोर प्रतिबंध लगाए । हिजाब को अनिवार्य करना और इस्लामी नियमों की कठोर व्याख्या के आधार पर सामाजिक जीवन को नियंत्रित करना उनकी नीतियों का हिस्सा रहा । आधुनिक युग में जब ईरान की महिलाओं और युवाओं ने स्वतंत्रता तथा समान अधिकारों की मांग उठाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया गया। अनेक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इन कार्रवाइयों की आलोचना की है । यह भी विचारणीय है कि जब भारत में आतंकी हमलों में निर्दोष नागरिक मारे गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब क्या इन शोक प्रकट करने वालों ने उतनी ही तीव्रता से संवेदना व्यक्त की </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि हम सचमुच मानवीय मूल्यों के पक्षधर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हमारी संवेदनाएं चयनात्मक नहीं होनी चाहिए । हिंसा चाहे कहीं भी हो ईरान</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में या भारत में उसकी समान रूप से निंदा होनी चाहिए ।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होते । कभी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इजरायल</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के संबंध सामान्य थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किंतु वैचारिक टकराव और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं ने उन्हें कट्टर विरोधी बना दिया। मध्य-पूर्व के कई देश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सऊदी अरब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहरीन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कुवैत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भी इस तनावपूर्ण वातावरण से प्रभावित रहे हैं । निस्संदेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी युद्ध की विभीषिका अत्यंत भयावह होती है। हुक्मरानों के अहंकार की कीमत अंततः आम नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिलाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों और सैनिकों को ही चुकानी पड़ती है। अतः किसी भी शासक की मृत्यु पर भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से पूर्व उसके शासनकाल का समग्र और निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है । यदि हम वास्तव में मानवता के पक्षधर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हमें हर निर्दोष की पीड़ा पर समान रूप से संवेदनशील होना चाहिए चाहे वह किसी भी देश या धर्म का क्यों न हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरविंद रावल</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172344/why-those-who-beat-their-chest-on-khameneis-death-were</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172344/why-those-who-beat-their-chest-on-khameneis-death-were</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:28:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87%2C-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B7-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A5%E0%A5%87.jpg"                         length="108327"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में भड़की भीषण जंग: ईरान-इजराइल टकराव से हिलती दुनिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">मिडिल ईस्ट एक बार फिर उस दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां क्षेत्रीय संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप ले लिया है। ईरान और इजराइल के बीच शुरू हुई सीधी सैन्य टकराहट अब सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका प्रभाव खाड़ी देशों, यूरोप और अमेरिका तक फैल चुका है। बगदाद, तेहरान, दुबई, बेरूत और मनामा जैसे शहरों में हमले और जवाबी हमले इस बात का संकेत हैं कि यह संघर्ष अब केवल दो देशों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हमले और शिपिंग कंपनियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172193/fierce-war-erupts-in-middle-east-world-shaken-by-iran-israel"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">मिडिल ईस्ट एक बार फिर उस दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां क्षेत्रीय संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप ले लिया है। ईरान और इजराइल के बीच शुरू हुई सीधी सैन्य टकराहट अब सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका प्रभाव खाड़ी देशों, यूरोप और अमेरिका तक फैल चुका है। बगदाद, तेहरान, दुबई, बेरूत और मनामा जैसे शहरों में हमले और जवाबी हमले इस बात का संकेत हैं कि यह संघर्ष अब केवल दो देशों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हमले और शिपिंग कंपनियों द्वारा मार्ग रोकने के फैसले ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अस्थिर कर दिया है। यह जलमार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा वहन करता है। जैसे ही यहां खतरा बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें उछल गईं। ऊर्जा संकट की आशंका ने एशिया और यूरोप के शेयर बाजारों को झटका दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा फिर मंडराने लगा है। कोविड-19 महामारी के बाद जो आर्थिक सुधार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा था, वह इस युद्ध की आग में फिर से कमजोर पड़ सकता है।हवाई यातायात पर इसका असर अभूतपूर्व है। हजारों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और मिडिल ईस्ट के प्रमुख एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद हैं। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब का बंद होना वैश्विक कनेक्टिविटी के लिए बड़ा झटका है। लाखों यात्री अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। एयरलाइंस कंपनियों के शेयर गिर रहे हैं और बीमा कंपनियों का जोखिम बढ़ गया है। यदि संघर्ष लंबा चला तो अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और व्यापार दोनों को गहरा नुकसान होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस युद्ध का राजनीतिक असर भी व्यापक है। खाड़ी देशों ने संयुक्त बयान जारी कर हमलों की निंदा की है, वहीं पश्चिमी शक्तियां अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने से तनाव और बढ़ गया है। लेबनान में सक्रिय संगठन हिज्बुल्लाह की भागीदारी ने संघर्ष को बहु-पक्षीय बना दिया है। यदि यह टकराव सीरिया, इराक या यमन के मोर्चों तक फैलता है तो यह व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसके परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक पहलू मानवीय संकट है। रिहायशी इलाकों पर हमलों, स्कूलों और सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। हजारों लोग विस्थापित हो रहे हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो शरणार्थियों की नई लहर यूरोप और पड़ोसी देशों की ओर बढ़ सकती है। इससे सामाजिक और राजनीतिक तनाव और गहरा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के संदर्भ में यह संकट कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आयात करता है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो भारत का आयात बिल बढ़ेगा, चालू खाते का घाटा गहराएगा और महंगाई पर दबाव बढ़ेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर सीधे आम जनता और उद्योगों पर पड़ेगा। परिवहन महंगा होगा और वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय प्रवासी समुदाय भी बड़ी चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं। यदि संघर्ष तेज होता है और सुरक्षा स्थिति बिगड़ती है, तो उनकी सुरक्षा, रोजगार और स्वदेश वापसी जैसे प्रश्न सामने आएंगे। भारत सरकार को संभावित निकासी अभियान की तैयारी रखनी होगी, जैसा पहले यमन और कुवैत संकट के दौरान किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारिक दृष्टि से भी असर स्पष्ट है। खाड़ी क्षेत्र भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। समुद्री मार्गों में व्यवधान से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी। निर्यात-आयात में देरी और लागत बढ़ने की संभावना है। भारतीय शेयर बाजार भी वैश्विक रुझानों से अछूते नहीं रहेंगे। विदेशी निवेशकों का रुख सतर्क हो सकता है, जिससे पूंजी प्रवाह प्रभावित होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कूटनीतिक स्तर पर भारत के लिए संतुलन साधना चुनौतीपूर्ण होगा। भारत के इजराइल के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध हैं, वहीं ईरान के साथ ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं में सहयोग रहा है। ऐसे में खुलकर किसी एक पक्ष का समर्थन करना भारत की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप नहीं होगा। भारत को शांति, संवाद और क्षेत्रीय स्थिरता की वकालत करते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस युद्ध का वैश्विक व्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। यदि महाशक्तियां सीधे टकराव में उतरती हैं तो यह नई ध्रुवीकरण की स्थिति पैदा कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय संस्थानों की भूमिका की परीक्षा होगी। अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और नागरिक सुरक्षा जैसे सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतिहास बताता है कि मिडिल ईस्ट में भड़की आग अक्सर सीमाओं में नहीं बंधती। ऊर्जा, व्यापार, सुरक्षा और मानवीय आयामों से जुड़ा यह क्षेत्र वैश्विक संतुलन का महत्वपूर्ण केंद्र है। ईरान-इजराइल संघर्ष यदि जल्द नहीं थमा, तो इसका असर विश्व अर्थव्यवस्था, राजनीति और सामाजिक स्थिरता पर दूरगामी होगा। भारत जैसे उभरते राष्ट्र के लिए यह समय सतर्क कूटनीति, आर्थिक प्रबंधन और मानवीय संवेदनशीलता का है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास युद्ध की इस लपट को रोक पाएंगे या यह संघर्ष वैश्विक संकट का नया अध्याय लिखेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172193/fierce-war-erupts-in-middle-east-world-shaken-by-iran-israel</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172193/fierce-war-erupts-in-middle-east-world-shaken-by-iran-israel</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 18:30:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/hindi-divas1.jpg"                         length="152966"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान का 27 अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा, कतर- यूएई में धमाके</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान की सेना की प्रमुख इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई अहम सैन्य परिसरों पर हमले किए हैं। यह जानकारी अल जजीरा की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है, जिसमें ईरानी सरकारी मीडिया का भी उल्लेख किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172129/after-confirmation-of-khameneis-death-iran-claims-to-attack-27"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/खामेनेई-की-मौत-की-पुष्टि-के-बाद-ईरान-का-27-अमेरिकी-ठिकानों-पर-हमले-का-दावा,-कतर--यूएई-में-धमाके.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान की सेना की प्रमुख इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई अहम सैन्य परिसरों पर हमले किए हैं। यह जानकारी अल जजीरा की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है, जिसमें ईरानी सरकारी मीडिया का भी उल्लेख किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई बमबारी के जवाब में “छठी लहर” के तहत कार्रवाई कर रहा है। बयान में कहा गया है कि “विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले” इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">IRGC ने दावा किया कि 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों के अलावा इजरायल का तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव स्थित सेना का कमांड मुख्यालय हाकिर्या, और उसी शहर में स्थित एक बड़े रक्षा औद्योगिक परिसर को निशाना बनाया गया।IRGC ने यह भी चेतावनी दी कि ईरानी बल “लगातार और कठोर बदले की कार्रवाई” करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कतर की राजधानी दोहा से कई धमाकों की आवाजें सुने जाने की खबर है। स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया गया कि शहर के ऊपर आसमान में कम से कम 11 विस्फोटों की आवाज सुनी गई।बाद में कतर के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि ईरानी हमलों के बाद कुल 16 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, अतिरिक्त आठ घायलों की पुष्टि के बाद कुल संख्या 16 हो गई। साथ ही विभिन्न इलाकों में “सीमित भौतिक नुकसान” की भी जानकारी दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इजरायल में सायरन बचने की खबरें है। वहीं, इजरायल के चैनल 12 ने रिपोर्ट किया कि ईरान की ओर से मिसाइल लॉन्च किए जाने के कारण देशभर में एयर अटैक सायरन बजने की आशंका है। इससे इजरायल में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भी ईरानी हमलों का असर देखा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव ने अब खाड़ी क्षेत्र को भी सीधे तौर पर प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कतर और यूएई जैसे देशों में धमाकों और आगजनी की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172129/after-confirmation-of-khameneis-death-iran-claims-to-attack-27</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172129/after-confirmation-of-khameneis-death-iran-claims-to-attack-27</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 21:42:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%88%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-27-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%2C-%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%B0--%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%8F%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A7%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%87.jpg"                         length="72705"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        