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                <title>ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बच्चा तथा गर्भवती महिला जांच एवं टीकाकरण से छूटना नही चाहिए - जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा शनिवार को  बीएचएनडी दिवस के अवसर पर ग्राम रमवापुर कली, विकास खण्ड खुनियावं, पशुपतिनगर, नरकटहा, विकास खण्ड बांसी तथा मसिना, विकास खण्ड जोगिया का निरीक्षण किया गया।  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन गर्भवती महिलाओं  के रजिस्टर को देखा गया।  आंगनबाड़ी कार्यकत्री के सैम-मैम बच्चों का रजिस्टर देखा गया तथा सैम मैम बच्चों को पोषाहार का वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बीएचएनडी दिवस में गर्भवती महिलाओ की गोदभराई, अन्नप्रासन्न कराये तथा पोषाहार का वितरण कराये।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आंगनबाड़ी एवं आशा को निर्देश दिया कि गांव में घर-घर जाकर टीकाकरण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175078/children-and-pregnant-women-should-not-be-left-out-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1775307093038.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा शनिवार को  बीएचएनडी दिवस के अवसर पर ग्राम रमवापुर कली, विकास खण्ड खुनियावं, पशुपतिनगर, नरकटहा, विकास खण्ड बांसी तथा मसिना, विकास खण्ड जोगिया का निरीक्षण किया गया।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन गर्भवती महिलाओं  के रजिस्टर को देखा गया।  आंगनबाड़ी कार्यकत्री के सैम-मैम बच्चों का रजिस्टर देखा गया तथा सैम मैम बच्चों को पोषाहार का वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बीएचएनडी दिवस में गर्भवती महिलाओ की गोदभराई, अन्नप्रासन्न कराये तथा पोषाहार का वितरण कराये।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आंगनबाड़ी एवं आशा को निर्देश दिया कि गांव में घर-घर जाकर टीकाकरण से एक दिन पूर्व गर्भवती महिलाओं  एवं बच्चों को सूचित करें। एएनएम को निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा तथा गर्भवती महिला जांच एवं टीकाकरण से छूटना नही चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनकी मानीटरिंग करे। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री  मातृत्व बन्दना योजना का लाभ दिये जाने का निर्देश दिया। ग्राम रमवापुर कली, विकास खण्ड खुनियावं में जिलाधिकारी द्वारा गर्भवती महिलाओं  की गोदभराई की गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सम्बन्धित एमओआईसी, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 18:29:25 +0530</pubDate>
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                <title>ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और समग्र स्वास्थ्य जागरूकता हेतु असम विश्वविद्यालय की डिजिटल पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> श्रीभूमि-</strong> गत 28 फरवरी को Assam University ने ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘ईपिक्स इन आईईईई’ परियोजना के अंतर्गत ‘रूरल एजुकेशनल एडवांसमेंट फॉर कम्युनिटी हेल्थ (रीच)’ नामक एक डिजिटल पहल की शुरुआत की। शनिवार को बरजलेन्गा स्थित Vivekananda Kendra Vidyalaya में आयोजित कार्यक्रम में इस वेबऐप का औपचारिक शुभारंभ किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तकनीक-आधारित और समुदाय-केंद्रित इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तथा पोषण संबंधी ज्ञान की कमी को दूर करना है। कार्यक्रम में वेबऐप का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंथ ने किया। इस अवसर पर रोजकांदी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172063/assam-universitys-digital-initiative-for-nutrition-and-holistic-health-awareness"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001341317.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> श्रीभूमि-</strong> गत 28 फरवरी को Assam University ने ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘ईपिक्स इन आईईईई’ परियोजना के अंतर्गत ‘रूरल एजुकेशनल एडवांसमेंट फॉर कम्युनिटी हेल्थ (रीच)’ नामक एक डिजिटल पहल की शुरुआत की। शनिवार को बरजलेन्गा स्थित Vivekananda Kendra Vidyalaya में आयोजित कार्यक्रम में इस वेबऐप का औपचारिक शुभारंभ किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तकनीक-आधारित और समुदाय-केंद्रित इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तथा पोषण संबंधी ज्ञान की कमी को दूर करना है। कार्यक्रम में वेबऐप का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंथ ने किया। इस अवसर पर रोजकांदी चाय बागान के महाप्रबंधक ईश्वरभाई उबाडिया, प्रौद्योगिकी विद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर सुदीप्त राय तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य पार्थसारथी देव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। लगभग 120 अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर पंथ ने कहा कि विश्वविद्यालयों को पारंपरिक विस्तार गतिविधियों से आगे बढ़कर सामाजिक रूप से उत्तरदायी, टिकाऊ और पुनरावृत्त योग्य तकनीक-आधारित पहलें करनी चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान समय में लगभग 95 प्रतिशत बीमारियाँ जीवनशैली से संबंधित कारणों से उत्पन्न होती हैं, इसलिए निवारक स्वास्थ्य शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।ईश्वरभाई उबाडिया ने इस परियोजना को चाय बागान और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दूरदर्शी पहल बताया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">‘रीच–ईपिक्स’ परियोजना अंतर्विभागीय शैक्षणिक सहयोग और विद्यार्थियों की सामाजिक उत्तरदायित्वपूर्ण नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। परियोजना के सलाहकार प्रोफेसर मौसुम हांडिक, तकनीकी प्रमुख डॉ. अर्णब पाल और समन्वयक डॉ. लालजो एस. थांगजम के नेतृत्व में इसका क्रियान्वयन किया गया। छात्र कमलेश देवनाथ, सृजिनजय दास और अवंतिका लांगथासा ने वेबऐप के डिजाइन, विकास और सामुदायिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ‘सिटिजन फाउंडेशन’ नामक स्वैच्छिक संस्था के समन्वयक नवकिशोर आकुराव ने स्थानीय भागीदार के रूप में सहयोग प्रदान किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आयोजकों के अनुसार ‘रीच’ वेबऐप की प्रमुख विशेषता यह है कि इसकी सिफारिशें स्थानीय सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक संदर्भ पर आधारित हैं। सामान्य पोषण ऐप की तरह पूर्व-निर्धारित आहार सूची देने के बजाय यह बरजलेन्गा बाजार और बराक घाटी में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों के आधार पर स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सलाह प्रदान करता है। इससे कम लागत, सांस्कृतिक अनुकूलता और व्यवहारिक उपयोग सुनिश्चित होगा।डिजिटल नवाचार के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सशक्त बनाने की यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप भी मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:53:12 +0530</pubDate>
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