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                <title>Barak Valley News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Barak Valley News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बराक घाटी में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग तेज, कार्यान्वयन समिति का पुनर्गठन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>शिलचर,: </strong>   बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को अधिक संगठित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुवाहाटी हाईकोर्ट बेंच कार्यान्वयन समिति की एक आपात बैठक 20 जून (शनिवार ) शाम 4 बजे शिलचर के नजरपट्टी स्थित रूपम क्लब हाउस में आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार साहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी निखिल पाल को समिति का महासचिव नियुक्त किया गया। साथ ही, अनिर्बाण भौमिक को संयुक्त सचिव, सायन चक्रवर्ती को प्रचार सचिव तथा शिक्षाविद प्रोफेसर विश्वतोष</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181736/demand-for-permanent-bench-of-high-court-in-barak-valley"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001562629.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>शिलचर,: </strong>  बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को अधिक संगठित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुवाहाटी हाईकोर्ट बेंच कार्यान्वयन समिति की एक आपात बैठक 20 जून (शनिवार ) शाम 4 बजे शिलचर के नजरपट्टी स्थित रूपम क्लब हाउस में आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार साहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी निखिल पाल को समिति का महासचिव नियुक्त किया गया। साथ ही, अनिर्बाण भौमिक को संयुक्त सचिव, सायन चक्रवर्ती को प्रचार सचिव तथा शिक्षाविद प्रोफेसर विश्वतोष चौधुरी को समिति का सलाहकार नियुक्त किया गया। नए पदाधिकारियों को शामिल कर आंदोलन को अधिक गतिशील और व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए समिति को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में समिति द्वारा तैयार किए गए विज़न दस्तावेज़ पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही, स्थायी बेंच की स्थापना की मांग को लेकर चलाए जा रहे जन-हस्ताक्षर अभियान को और व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस उद्देश्य से आगामी दिनों में श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों में जन-हस्ताक्षर अभियान को तेज़ करने की योजना बनाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, अगले सप्ताह के भीतर असम विश्वविद्यालय और गुरুচरण विश्वविद्यालय में जन-हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। छात्रों, शिक्षकों और बुद्धिजीवी वर्ग की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से आंदोलन को और मजबूत बनाने के विषय पर भी गंभीरता से चर्चा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित सदस्यों ने मत व्यक्त किया कि बराक घाटी और दीमा हसाओ जिले के लाखों लोगों को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच समय की मांग है। इस मांग को जनआंदोलन का रूप देने तथा समाज के सभी वर्गों का सहयोग और समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से भविष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 21:03:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चाय जनजाति की जाति/पदवी संबंधी समस्याओं के लेकर मंत्री पीयूष हजारिका को सीधे ज्ञापन सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि- </strong>असम के बराक चाय श्रमिक यूनियन के नेतृत्व में चाय जनजाति समुदाय ने जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी जटिलताओं तथा हाल ही में नौकरी प्राप्त उम्मीदवारों को बार-बार सत्यापन के नाम पर कथित उत्पीड़न के खिलाफ एक मांग-पत्र सौंपा। ज्ञापन में इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गत 2 मार्च (सोमवार) को यह मांग-पत्र कछार जिला आयुक्त के माध्यम से असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और राज्यपाल Gulab Chand Kataria को भेजा गया। इसके बाद गत 3 मार्च (मंगलवार) को सिलचर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में मंत्री पियूष हजारीका को सीधे ज्ञापन सौंपा गया।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172489/submitted-memorandum-directly-to-minister-piyush-hazarika-regarding-caste-related"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001346162.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि- </strong>असम के बराक चाय श्रमिक यूनियन के नेतृत्व में चाय जनजाति समुदाय ने जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी जटिलताओं तथा हाल ही में नौकरी प्राप्त उम्मीदवारों को बार-बार सत्यापन के नाम पर कथित उत्पीड़न के खिलाफ एक मांग-पत्र सौंपा। ज्ञापन में इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गत 2 मार्च (सोमवार) को यह मांग-पत्र कछार जिला आयुक्त के माध्यम से असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और राज्यपाल Gulab Chand Kataria को भेजा गया। इसके बाद गत 3 मार्च (मंगलवार) को सिलचर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में मंत्री पियूष हजारीका को सीधे ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतिलिपि मंत्री कौशिक राय, मंत्री कृष्णेंदु पाल, बराक के पूर्व सांसद राजदीप राय, सांसद कनाद पुरकायस्थ, विधायक विजय मालाकार, मिहिर कान्ति सोम तथा निहार रंजन दास सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर बराक चाय श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष कृपानाथ मालाह, महासचिव राजदीप ग्वाला सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। मंत्री पियूष हजारीका ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 19:29:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और समग्र स्वास्थ्य जागरूकता हेतु असम विश्वविद्यालय की डिजिटल पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> श्रीभूमि-</strong> गत 28 फरवरी को Assam University ने ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘ईपिक्स इन आईईईई’ परियोजना के अंतर्गत ‘रूरल एजुकेशनल एडवांसमेंट फॉर कम्युनिटी हेल्थ (रीच)’ नामक एक डिजिटल पहल की शुरुआत की। शनिवार को बरजलेन्गा स्थित Vivekananda Kendra Vidyalaya में आयोजित कार्यक्रम में इस वेबऐप का औपचारिक शुभारंभ किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तकनीक-आधारित और समुदाय-केंद्रित इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तथा पोषण संबंधी ज्ञान की कमी को दूर करना है। कार्यक्रम में वेबऐप का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंथ ने किया। इस अवसर पर रोजकांदी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172063/assam-universitys-digital-initiative-for-nutrition-and-holistic-health-awareness"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001341317.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> श्रीभूमि-</strong> गत 28 फरवरी को Assam University ने ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘ईपिक्स इन आईईईई’ परियोजना के अंतर्गत ‘रूरल एजुकेशनल एडवांसमेंट फॉर कम्युनिटी हेल्थ (रीच)’ नामक एक डिजिटल पहल की शुरुआत की। शनिवार को बरजलेन्गा स्थित Vivekananda Kendra Vidyalaya में आयोजित कार्यक्रम में इस वेबऐप का औपचारिक शुभारंभ किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तकनीक-आधारित और समुदाय-केंद्रित इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं तथा पोषण संबंधी ज्ञान की कमी को दूर करना है। कार्यक्रम में वेबऐप का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंथ ने किया। इस अवसर पर रोजकांदी चाय बागान के महाप्रबंधक ईश्वरभाई उबाडिया, प्रौद्योगिकी विद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर सुदीप्त राय तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य पार्थसारथी देव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। लगभग 120 अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर पंथ ने कहा कि विश्वविद्यालयों को पारंपरिक विस्तार गतिविधियों से आगे बढ़कर सामाजिक रूप से उत्तरदायी, टिकाऊ और पुनरावृत्त योग्य तकनीक-आधारित पहलें करनी चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान समय में लगभग 95 प्रतिशत बीमारियाँ जीवनशैली से संबंधित कारणों से उत्पन्न होती हैं, इसलिए निवारक स्वास्थ्य शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।ईश्वरभाई उबाडिया ने इस परियोजना को चाय बागान और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दूरदर्शी पहल बताया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">‘रीच–ईपिक्स’ परियोजना अंतर्विभागीय शैक्षणिक सहयोग और विद्यार्थियों की सामाजिक उत्तरदायित्वपूर्ण नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। परियोजना के सलाहकार प्रोफेसर मौसुम हांडिक, तकनीकी प्रमुख डॉ. अर्णब पाल और समन्वयक डॉ. लालजो एस. थांगजम के नेतृत्व में इसका क्रियान्वयन किया गया। छात्र कमलेश देवनाथ, सृजिनजय दास और अवंतिका लांगथासा ने वेबऐप के डिजाइन, विकास और सामुदायिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ‘सिटिजन फाउंडेशन’ नामक स्वैच्छिक संस्था के समन्वयक नवकिशोर आकुराव ने स्थानीय भागीदार के रूप में सहयोग प्रदान किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आयोजकों के अनुसार ‘रीच’ वेबऐप की प्रमुख विशेषता यह है कि इसकी सिफारिशें स्थानीय सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक संदर्भ पर आधारित हैं। सामान्य पोषण ऐप की तरह पूर्व-निर्धारित आहार सूची देने के बजाय यह बरजलेन्गा बाजार और बराक घाटी में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों के आधार पर स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सलाह प्रदान करता है। इससे कम लागत, सांस्कृतिक अनुकूलता और व्यवहारिक उपयोग सुनिश्चित होगा।डिजिटल नवाचार के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सशक्त बनाने की यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप भी मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:53:12 +0530</pubDate>
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