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                <title>उज्ज्वला योजना - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>उज्ज्वला योजना RSS Feed</description>
                
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                <title>नए भारत का स्वर्णिम अध्याय: नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में विकास, शक्ति और वैश्विक प्रतिष्ठा की गाथा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">वर्ष 2014 भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है, जब नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली। उस समय भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और उसकी जीडीपी लगभग 1.86 ट्रिलियन डॉलर थी। आज, एक दशक के भीतर भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है, बल्कि वैश्विक मंच पर उसकी प्रतिष्ठा भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय का लगभग दोगुना हो जाना इस बात का प्रमाण है कि विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की अर्थव्यवस्था में आई यह तेजी केवल आंकड़ों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178327/the-golden-chapter-of-new-india-the-story-of-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa01634.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">वर्ष 2014 भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है, जब नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली। उस समय भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और उसकी जीडीपी लगभग 1.86 ट्रिलियन डॉलर थी। आज, एक दशक के भीतर भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है, बल्कि वैश्विक मंच पर उसकी प्रतिष्ठा भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय का लगभग दोगुना हो जाना इस बात का प्रमाण है कि विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की अर्थव्यवस्था में आई यह तेजी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक परिवर्तन का संकेत है। 2026 तक भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान है और 7.4 से 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए हुए है। यह उपलब्धि सरकार की नीतियों, आर्थिक सुधारों और मजबूत नेतृत्व का परिणाम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस परिवर्तन में अमित शाह की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने संगठन को मजबूत करते हुए भाजपा को देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया। मोदी और शाह की जोड़ी ने राजनीति को केवल सत्ता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जो बदलाव आया है, वह अभूतपूर्व है। सड़कों का विस्तार, हाईवे का निर्माण, रेलवे का आधुनिकीकरण और हवाई अड्डों की संख्या में वृद्धि—इन सभी ने भारत को एक नए युग में प्रवेश कराया है। आधुनिक ट्रेनों, विद्युतीकरण और सुरक्षा तकनीकों ने यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है। गांवों तक सड़क और बिजली पहुंचाना विकास को समावेशी बनाने का प्रयास है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिजिटल इंडिया अभियान ने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया है। यूपीआई जैसी व्यवस्था ने देश को डिजिटल भुगतान में अग्रणी बना दिया है। आज सरकारी सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध हैं, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों में वृद्धि हुई है। यह परिवर्तन आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक कल्याण की योजनाओं ने भी करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है। जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलों ने गरीब और वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ा है। यह केवल योजनाएं नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का प्रयास हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ट्रैक का तेजी से विद्युतीकरण, आधुनिक ट्रेनों का संचालन, और सुरक्षा प्रणाली का विकास—इन सभी ने भारतीय रेलवे को नई पहचान दी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए भी रेलवे ने सौर ऊर्जा, एलईडी लाइटिंग और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे कदम उठाए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का पुनर्विकास भी इस दौर की एक विशेष पहचान रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे प्रोजेक्ट्स ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को नया जीवन दिया है। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कानूनी और नीतिगत सुधारों ने भी देश की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तीन तलाक कानून, अनुच्छेद 370 का हटाया जाना और नागरिकता संशोधन कानून जैसे फैसलों ने सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। इन निर्णयों को समर्थक जहां साहसिक कदम मानते हैं, वहीं आलोचक इनके प्रभावों पर चर्चा करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने एक नई पहचान बनाई है। “भारत प्रथम” के सिद्धांत पर आधारित नीति ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। अमेरिका, रूस और अन्य प्रमुख देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक दृष्टि से भी भाजपा का विस्तार अभूतपूर्व रहा है। देश के अधिकांश राज्यों में पार्टी की मजबूत उपस्थिति यह दर्शाती है कि संगठन और नेतृत्व दोनों स्तरों पर पार्टी ने प्रभावी कार्य किया है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देना इसकी सफलता का आधार रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, इस विकास यात्रा में चुनौतियां भी मौजूद हैं। रोजगार सृजन, आय असमानता और कृषि क्षेत्र की समस्याएं ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता है। लेकिन यह भी सच है कि सरकार इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सुधार की दिशा में प्रयासरत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र मोदी का नेतृत्व केवल प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक दृष्टिकोण है—एक ऐसा दृष्टिकोण जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखता है। “विकसित भारत 2047” का लक्ष्य इसी सोच का परिणाम है। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, जिसे साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमित शाह की रणनीतिक क्षमता और संगठनात्मक कौशल ने इस दृष्टिकोण को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पार्टी को मजबूत करते हुए उसे हर स्तर पर सशक्त बनाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां वह न केवल अपने अतीत पर गर्व करता है, बल्कि भविष्य को लेकर भी आश्वस्त है। यह आत्मविश्वास पिछले कुछ वर्षों में हुए विकास का परिणाम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भारत ने जिस गति से प्रगति की है, वह न केवल देशवासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि दुनिया के लिए भी एक उदाहरण है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि यही दिशा और प्रयास जारी रहे, तो भारत जल्द ही एक विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः, यह दौर केवल राजनीतिक सफलता का नहीं, बल्कि एक युग निर्माण का दौर है, जिसमें भारत अपनी नई पहचान गढ़ रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">        <strong>*कांतिलाल मांडोत वरिष्ठ पत्रकार*</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:22:47 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी की धनराशि के सांकेतिक चेक का किया गया वितरण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> होली से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अन्तर्गत रूपये 1500 करोड़ की धनराशि से प्रदेश के 1.86 करोड़ उज्जवला परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी प्रदान कर गरीब परिवारों को बड़ी राहत और त्योहार की सौगात दी है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण तुलसीसदन (हादीहाल) सभागार आयोजित किया गया, जिसका अवलोकन विधायक विश्वनाथगंज जीत लाल पटेल, जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, विधायक सदर प्रतिनिधि अरूण कुमार मौर्य, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के प्रतिनिधि राय साहब सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी अनुभव त्रिवेदी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण व उज्जवला योजना के लाभार्थियों एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172057/a-token-check-of-the-subsidy-amount-was-distributed-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260301-wa0064.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> होली से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अन्तर्गत रूपये 1500 करोड़ की धनराशि से प्रदेश के 1.86 करोड़ उज्जवला परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी प्रदान कर गरीब परिवारों को बड़ी राहत और त्योहार की सौगात दी है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण तुलसीसदन (हादीहाल) सभागार आयोजित किया गया, जिसका अवलोकन विधायक विश्वनाथगंज जीत लाल पटेल, जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, विधायक सदर प्रतिनिधि अरूण कुमार मौर्य, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के प्रतिनिधि राय साहब सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी अनुभव त्रिवेदी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण व उज्जवला योजना के लाभार्थियों एवं जनसामान्य द्वारा किया गया। इस  कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रतीक स्वरूप 10 लाभार्थियों को गैस सिलेण्डर रिफिल सब्सिडी का सांकेतिक चेक का वितरण किया गया। जनपद में 350 लाभार्थियों को सब्सिडी का सांकेतिक चेक का वितरण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विधायक विश्वनाथगंज जीत लाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने गरीबों के लिये होली पर्व पर सब्सिडी देने को जो निर्णय लिया वह सराहनीय है, योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया जा रहा है।  इस अवसर पर जिला पूर्ति अधिकारी अनुभव त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में अब तक कुल 276610 परिवार इस योजना से आच्छादित हो चुके हैं। वर्तमान में संचालित उज्ज्वला-3 के अंतर्गत 5465 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5373 लाभार्थियों को गैस सिलेंडर, चूल्हा और पाइप आदि वितरित किए जा चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शेष आवेदनों का सत्यापन कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में उज्ज्वला लाभार्थियों की ई-केवाईसी की प्रगति 80 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी युक्त रिफिल प्राप्त करने से पूर्व लाभार्थी को 908 रुपये का भुगतान करना होता है। रिफिल लेने के उपरांत राज्य सरकार द्वारा 558 रुपये तथा केंद्र सरकार द्वारा 350 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। जिला पूर्ति अधिकारी ने अपील की कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण करा लें, क्योंकि बिना ई-केवाईसी के सब्सिडी का लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:44:37 +0530</pubDate>
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