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                <title>ग्रामीणों का विरोध - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ग्रामीणों का विरोध RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जनचौपाल मे नहीं पहुंचे अधिकारी, औपचारिकता बनकर रह गया, आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>आदर्श ग्राम पंचायत ऐहार में शुक्रवार को लगा जनचौपाल का बोर्ड, कुर्सियां भी सजीं… लेकिन जिनके लिए सब इंतजाम था, वही अधिकारी नदारद रहे। नतीजा—जनचौपाल ‘जन’ से भरी रही, पर ‘अफसर’ गायब!</div>
<div>  </div>
<div>सुबह से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीण घंटों इंतजार करते रहे। हर आहट पर नजरें दरवाजे की ओर उठती रहीं, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। आखिरकार लोगों की उम्मीदें मायूसी में बदल गईं।</div>
<div>  </div>
<div>मौके पर सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी सहायक ही नजर आए। यानी जनचौपाल का मकसद वहीं दम तोड़ गया, जहां से शुरू होना था।</div>
<div>  </div>
<div>ग्रामीणों ने प्रशासन पर सीधा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175043/officials-did-not-reach-jan-choupal-the-event-remained-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/43.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>आदर्श ग्राम पंचायत ऐहार में शुक्रवार को लगा जनचौपाल का बोर्ड, कुर्सियां भी सजीं… लेकिन जिनके लिए सब इंतजाम था, वही अधिकारी नदारद रहे। नतीजा—जनचौपाल ‘जन’ से भरी रही, पर ‘अफसर’ गायब!</div>
<div> </div>
<div>सुबह से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीण घंटों इंतजार करते रहे। हर आहट पर नजरें दरवाजे की ओर उठती रहीं, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। आखिरकार लोगों की उम्मीदें मायूसी में बदल गईं।</div>
<div> </div>
<div>मौके पर सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी सहायक ही नजर आए। यानी जनचौपाल का मकसद वहीं दम तोड़ गया, जहां से शुरू होना था।</div>
<div> </div>
<div>ग्रामीणों ने प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा—“जब सुनवाई ही नहीं होनी थी तो बुलाया क्यों?” लोगों का आरोप है कि जनचौपाल अब सिर्फ कागजों में दिखाने का खेल बनकर रह गया है।</div>
<div> </div>
<div>प्रधान विद्यावती यादव, प्रधान प्रतिनिधि राजेश फौजी,सदस्य सोनी निर्मल, रामविलास लोधी, भोला यादव, रजनू यादव, पुनीत सैनी,राहुल यादव, आदि मौजूद रहे, लेकिन बिना अधिकारियों के यह पूरा आयोजन बेमानी साबित हुआ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:50:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लालगंज में सरकारी गड़ही पर अवैध कब्जा, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल; केंद्र के सख्त कानून के बीच बढ़ा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के जिला अधिकारी को मुख्यमंत्री के आदेशों को ध्यान में रखते हुए सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के ऊपर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए जनपद के सभी तहसीलों में सरकारी जमीनों पर दबंग भू माफिया का कब्जा बरकरार रहा और कर रहे जिम्मेदार अधिकारी को मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज करवाना चाहिए ताजा मामला बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मेहनौना के कटाईजोत पुरवा में सरकारी जलमग्न भूमि (गड़ही) पर अवैध कब्जे का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174582/illegal-occupation-of-government-pond-in-lalganj-questions-raised-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260330-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के जिला अधिकारी को मुख्यमंत्री के आदेशों को ध्यान में रखते हुए सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के ऊपर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए जनपद के सभी तहसीलों में सरकारी जमीनों पर दबंग भू माफिया का कब्जा बरकरार रहा और कर रहे जिम्मेदार अधिकारी को मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज करवाना चाहिए ताजा मामला बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मेहनौना के कटाईजोत पुरवा में सरकारी जलमग्न भूमि (गड़ही) पर अवैध कब्जे का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों के अनुसार, अभिलेखों में दर्ज गड़ही संख्या 25 का क्षेत्रफल लगभग 81 एयर है, लेकिन वर्तमान में यह घटकर महज 15 से 20 एयर रह गया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस जमीन पर मिट्टी डालकर कब्जा कर लिया और स्थायी निर्माण भी कर लिया। विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकी और विवाद का सामना करना पड़ा, जिससे मामला और तनावपूर्ण हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह गड़ही पूरे कटाईजोत पुरवा के लिए प्राकृतिक जल निकासी का मुख्य स्रोत है। इसके बावजूद यहां बिना किसी वैध अनुमति के खड़ंजा निर्माण करा दिया गया, जो नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सरकारी भूमि पर निर्माण के लिए उपजिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन यहां इस प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकारी नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ग्राम समाज की भूमि — जैसे गड़ही, पोखरा, नाला और चारागाह — पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इस तरह के मामलों का सामने आना स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बीच केंद्र सरकार द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त प्रावधान लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है। जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत अवैध कब्जाधारियों पर भारी जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, कब्जा करने पर पहले महीने में 40 गुना तक जुर्माना और उसके बाद हर महीने 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दंड तय किया जाएगा। साथ ही दोषियों को छह महीने तक की सजा या जमीन के मूल्य के अनुसार आर्थिक दंड भी दिया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसे सख्त कानूनों के बावजूद लालगंज का यह मामला प्रशासन की उदासीनता को उजागर करता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गड़ही को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उक्त समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन से मांग किया गया लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई |</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 20:06:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बेहजम ब्लॉक क्षेत्र में उखड़ी सड़क और गहरे गड्ढों में हिचकोले खा रहे वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नीमगांव खीरी। </strong> लखीमपुर खीरी जिले के अंतर्गत बेहजम ब्लॉक क्षेत्र में सड़कों के हालात खराब हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है,रखरखाव में लापरवाही व भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बदहाल हो गई हैं। कदम-कदम पर बने जानलेवा गड्ढे और उसमें भरा बारिश का पानी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। तरुण मित्र संवाददाता ने शनिवार को बेहजम विकास खंड के पैला-नगरा मार्ग व,नीमगांव से देवरी गांव व नीमगांव कस्बे से होते हुए सेहरुआ कस्बें तक व गुलौला से नीमगांव जानें वाला मार्ग की  पड़ताल की। ये सभी सड़कें बदतर हालत में हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ब्लाक मुख्यालय को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174402/vehicles-hitchhiking-in-uprooted-roads-and-deep-potholes-in-behjam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/photo002.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नीमगांव खीरी। </strong> लखीमपुर खीरी जिले के अंतर्गत बेहजम ब्लॉक क्षेत्र में सड़कों के हालात खराब हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है,रखरखाव में लापरवाही व भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बदहाल हो गई हैं। कदम-कदम पर बने जानलेवा गड्ढे और उसमें भरा बारिश का पानी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। तरुण मित्र संवाददाता ने शनिवार को बेहजम विकास खंड के पैला-नगरा मार्ग व,नीमगांव से देवरी गांव व नीमगांव कस्बे से होते हुए सेहरुआ कस्बें तक व गुलौला से नीमगांव जानें वाला मार्ग की  पड़ताल की। ये सभी सड़कें बदतर हालत में हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ब्लाक मुख्यालय को जोड़ने वाली नीमगांव कस्बे-देवरी सड़क वर्षो से उपेक्षा का शिकार है। करीब 2 किमी लंबी सड़क का निर्माण कई वर्षों पहले मंडी समिति के द्वारा कराया गया था,यह मार्ग कई वर्षों से जर्जर है और सड़क पर जानलेवा गड्ढे है,कई वर्षों से ग्रामीण मार्ग के निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं,लेकिन किसी न इस और ध्यान नहीं दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के हरिनाम सिंह, लाल मोहम्मद,अंकित दीक्षित,पंकज पांडे,आदि ने कहा कि नीमगांव कस्बे के चमन चौराहा से होते हुए प्रतापपुर होते हुए कैमहरा कस्बें से जोड़ने वाला मार्ग भी जर्जर हालत में और इस मार्ग पर जानलेवा गड्ढे है।साथ ही पैला, सुजौलापुर,देवरी, मूड़ा बुजुर्ग, प्रतापपुर,सुनौरा,जैतापुर आदि  गांव को भी जोड़ती है। वर्तमान में पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है। संज्ञान में लाने के बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 19:22:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुल की टूटी रेलिंग से बढ़ा हादसे का खतरा, मरम्मत की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा क्षेत्र के पास पातियाला बटतला के सामने स्थित एक महत्वपूर्ण पुल की साइड रेलिंग कि हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल की साइड रेलिंग टूट जाने से यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की रेलिंग हिस्से काफी कमजोर हो चुके हैं। इस मार्ग से रोज़ाना बड़ी संख्या में वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं, जिनमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज, बुजुर्ग और आम नागरिक शामिल हैं। ऐसे में यह स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोक निर्माण (PWD) विभाग को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174400/risk-of-accident-increases-due-to-broken-railing-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001394021.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा क्षेत्र के पास पातियाला बटतला के सामने स्थित एक महत्वपूर्ण पुल की साइड रेलिंग कि हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल की साइड रेलिंग टूट जाने से यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की रेलिंग हिस्से काफी कमजोर हो चुके हैं। इस मार्ग से रोज़ाना बड़ी संख्या में वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं, जिनमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज, बुजुर्ग और आम नागरिक शामिल हैं। ऐसे में यह स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोक निर्माण (PWD) विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि अधिकारियों ने केवल औपचारिकता निभाते हुए टूटे हिस्से पर लाल फीता बांध दिया है, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो रहा। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और पुल की टूटी रेलिंग की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 19:09:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खतरनाक रास्तों से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती)।</strong> बस्ती जिले के महादेव क्षेत्र के भरवलिया गांव में प्राथमिक विद्यालय के मर्जर के बाद स्कूली बच्चों को खतरनाक रास्तों से होकर दूसरे गांव में पढ़ने जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने मर्जर को नियम विरुद्ध बताते हुए विद्यालय को पुनः संचालित करने की मांग उठाई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जाता है कि जगदम्बिका पाल के पैतृक गांव भरवलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय को करीब एक वर्ष पूर्व पास के चित्राखोर गांव में मर्ज कर दिया गया था। इस निर्णय के विरोध में बनकटी ब्लॉक के पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष व</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174398/children-forced-to-go-to-school-through-dangerous-routes-questions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260328-wa0058.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती)।</strong> बस्ती जिले के महादेव क्षेत्र के भरवलिया गांव में प्राथमिक विद्यालय के मर्जर के बाद स्कूली बच्चों को खतरनाक रास्तों से होकर दूसरे गांव में पढ़ने जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने मर्जर को नियम विरुद्ध बताते हुए विद्यालय को पुनः संचालित करने की मांग उठाई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जाता है कि जगदम्बिका पाल के पैतृक गांव भरवलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय को करीब एक वर्ष पूर्व पास के चित्राखोर गांव में मर्ज कर दिया गया था। इस निर्णय के विरोध में बनकटी ब्लॉक के पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष व पूर्व सभासद वीरेंद्र बहादुर पाल ने जिलाधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मर्जर में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित नवारंभ उत्सव के दौरान एक बार फिर वीरेंद्र बहादुर पाल के नेतृत्व में सूर्यनगर वार्ड के सभासद ऋषिराज मुनि एवं ग्रामीणों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार त्रिपाठी को संबोधित ज्ञापन एआरपी मनोज कुमार उपाध्याय को सौंपा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि शासनादेश के अनुसार बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग, नदी या नाले को पार कर विद्यालय जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, लेकिन इन नियमों की अनदेखी करते हुए भरवलिया के विद्यालय को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चित्राखोर में मर्ज कर दिया गया है। इससे छोटे-छोटे बच्चों को जोखिम भरे रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वीरेंद्र बहादुर पाल उर्फ बब्बू पाल ने मांग की है कि मर्जर को निरस्त कर भरवलिया के विद्यालय को पुनः चालू किया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा सुरक्षित वातावरण में हो सके। इस दौरान शिव कुमार पाल, प्रेरित पाल, चंद्रभान पाल, घनश्याम पाल, रणविजय पाल, अवधेश पाल, राहुल पाल, अनिकेत पाल, गीता पाल, इंद्रावती पाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 19:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173112/even-after-78-years-of-independence-nagpur-kunwar-village-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0321.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंचे , लेकिन उनके अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण बस्ती जिले के हर्रैया तहसील व परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए तरस रहा है l</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> यहाँ न तो नाली  है ना ही इस गांव में गांव के अंदर जाने के लिए कोई रास्ता है, यही है  विकास का दवा जहां केंद्र और प्रदेश सरकार बार-बार दावा करती है कि गांव में ग्राम प्रधान के माध्यम से गांव में विकास तेजी से किया जा रहा है नाली खरंजा सहित बिजली व शुद्ध पिए जल की  व्यवस्था भी हर गांव में किया जाय  ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> अगर आपको जमीनी हकीकत देखना हो तो बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक के गांव नागपुर कुंवर में देखिए इस गांव में ना तो गांव में घुसने के लिए रास्ता है ना ही इस गांव में सड़क है ना तो नाली है ना ही कहीं इंटरलॉकिंग लगी है ग्रामीणों ने सीधा आरोप ग्राम प्रधान पर लगाते हुए कहा इस गांव की ग्राम प्रधान द्वारा विकास कुछ भी नहीं किया जा रहा है ग्राम प्रधान की लापरवाही से हम लोगों के गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसको हम लोग चारपाई पर लेट कर गांव से बाहर लेकर जाते हैं तब एंबुलेंस या किसी अन्य गाड़ी के सहायता से हम किसी को अस्पताल पहुंच पाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्राम प्रधान की लापरवाही से हमारे गांव में अंदर आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं बना है आप लोग आए हैं देखिए की सड़क कहां है इस गांव में ग्राम प्रधान क्यों नहीं सड़क बनवाया जा रहा है ,ग्रामीणों द्वारा बार-बार जिला अधिकारी बस्ती सहित खंड विकास अधिकारी परशुरामपुर और उप जिला अधिकारी हरैया कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया साथ ही तहसील दिवसों में हम ग्रामीणों के साथ कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है हम लोगों के सामने सड़क पानी नाली जैसी समस्याओं से हम लोग जूझ रहे हैं,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जबकि सरकार बार-बार दावा कर रही है कि गांव में सरकारी योजनाओं सहित सड़क नाली इंटरलॉकिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी गांव में विकास किया जा रहा है जिससे जनता को कोई दिक्कतों का सामना न करना पड़े ,  लेकिन यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है जहां आजादी के लगभग 78 साल हो चुके हैं लेकिन इस गांव में आजादी के बाद क्यों नहीं विकास हुआ क्या कारण है यह अपने आप में सबसे बड़ा सवाल खड़ा रहा है,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित शिवपूजन तिवारी ने कहा कि हमारे गांव में सड़क न होने से हम मरीजों को कैसे इलाज कराने ले जाएं हमारे पिताजी का इतना तबीयत खराब था कि हम लोग उनको गोदी में उठाकर यहां से 1 किलोमीटर दूरी तक ले गए तब हमको गाड़ी मिली जब सड़क नहीं है नाली नहीं है शुद्ध पीने का पानी नहीं है तो कैसा विकास का दावा किया जाता है सरकार द्वारा और  ग्राम प्रधान अपना विकास कर रहे हैं जो सरकारी जमीन बची है जिन-जिन लोगों के पास जमीन है खेत है घर है उनको पैसा लेकर पटा कर रहे हैं गांव का विकास नहीं कर पा रहे हैं अपना विकास कर रहे हैं ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही इस संबंध में जिला अधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है इसकी हम जांच कर कर वहां विकास कार्य कराया जाएगा । वही इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:45:41 +0530</pubDate>
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                <title>पखवाड़ा बीता सरकारी जमीन पर कब्जा जस-का-तस विभाग कार्रवाई से कोसो दूर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>संवाददाता अनील शुक्ला</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसीलहर्रैया तहसील अंतर्गत राजस्व गांव बैरहना में गाटा संख्या 42 एवं 43 की जमीन पर बने कोठी को खाली कराना विभाग के गले का फांस बनता जा रहा है । उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देने के बावजूद राजस्व विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नही किया गया है । ग्रामिणो ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि भूमाफिया कर्मचारी को दमड़ी का लालच दिखा कर अपने मनसुबे में कामयाब होते नजर आ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172029/fortnight-passed-occupation-of-government-land-remains-as-it-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260214-wa0105.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>संवाददाता अनील शुक्ला</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसीलहर्रैया तहसील अंतर्गत राजस्व गांव बैरहना में गाटा संख्या 42 एवं 43 की जमीन पर बने कोठी को खाली कराना विभाग के गले का फांस बनता जा रहा है । उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देने के बावजूद राजस्व विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नही किया गया है । ग्रामिणो ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि भूमाफिया कर्मचारी को दमड़ी का लालच दिखा कर अपने मनसुबे में कामयाब होते नजर आ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों को देने के बावजूद राजस्व विभाग ने न तो स्थलीय निरीक्षण किया और न ही कब्जा हटाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।गांव के लोगों का कहना है कि दबंग भूमाफिया कर्मचारियों को लालच/अपने पहुंच का भय दिखाकर कानून को मसलने की बात करते है। यहां जनता की बाते सही साबित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आठ जुलाई 2020 की शिकायत और फरवरी 2026 की शिकायतो पर यदि हरैया तहसील प्रशासन कार्रवाई की होती तो बुद्ध सागर पांडे को दुबारा डीएम को शिकायत नही देना पड़ता| दबंग भूमाफिया हरिश्चंद्र पाण्डे तथा नारायण पाण्डे का भय पूरे गांव में इस कदर व्याप्त है कि वह सबको कीडा मकोड़ा समझता है । सरकारी कर्मचारी को मसलने तक की बाते भी करते ग्रामीणो ने अपने कानो से सुना है । जो उन लोगों ने मीडिया को बताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चर्चा यह भी है कि “सुविधा शुल्क” के चलते सरकारी जमीन को दमड़ी के भाव दान किए जाने जैसा माहौल बना हुआ है और जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है और सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:04:03 +0530</pubDate>
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