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                <title>प्रशासनिक लापरवाही - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>प्रशासनिक लापरवाही RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>*सरकारी जमीन के लाखों के पेड़ बेचे जाने का आरोप दो प्रधानों समेत नेखपाल पर मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिला भ्रष्टाचार की आज में चल रहा है चाहे वह राजस्व विभाग हो चाहे विकास विभाग हो या पुलिस विभाग सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी वन विभाग में हो रहा है मौके पर ग्राम प्रधान द्वारा और हल्का लेखपाल की मिली भगत से कई लाखों के पेड़ बिक्री कर लिए गए जिसकी भनकपन क्षेत्र अधिकारी को नहीं लग पाई जिले पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं कैसे भ्रष्टाचार की आग कब बुझेगी भ्रष्टाचार होता रहा अधिकारी सोते रहे जनता पिसती रही कोई सुनने वाला अधिकारी नहीं बैठा है संबंधित कर्मचारियों अधिकारियों के कान भर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181959/case-filed-against-nekhpal-along-with-two-pradhans-accused-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260622-wa0059.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिला भ्रष्टाचार की आज में चल रहा है चाहे वह राजस्व विभाग हो चाहे विकास विभाग हो या पुलिस विभाग सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी वन विभाग में हो रहा है मौके पर ग्राम प्रधान द्वारा और हल्का लेखपाल की मिली भगत से कई लाखों के पेड़ बिक्री कर लिए गए जिसकी भनकपन क्षेत्र अधिकारी को नहीं लग पाई जिले पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं कैसे भ्रष्टाचार की आग कब बुझेगी भ्रष्टाचार होता रहा अधिकारी सोते रहे जनता पिसती रही कोई सुनने वाला अधिकारी नहीं बैठा है संबंधित कर्मचारियों अधिकारियों के कान भर देते हैं इसलि कार्रवाई नहीं हो पा रही है नहीं संभाल रहा जिला संबंधित अधिकारियों से वन विभाग के अधिकारियों को जिले से लेकर हरैया वनक्षेत्रअधिकारी सहित कर्मचारियों को बर्खास्त करना चाहिए भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाने में कोई विभाग चूक नहीं रहा है कैसे होगा जिले का विकास भगवान भरोसे छोड़ गया हल्का लेखपाल और प्रधान के खिलाफ वन क्षेत्र अधिकारी द्वारा f i r दर्ज किया गया ता जा मामला परशुरामपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत ककराखुर्द और हरनहवा में सरकारी भूमि पर खड़े लाखों रुपये मूल्य के पेड़ों की अवैध कटान और बिक्री का मामला सामने आरोप है कि दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने वन विभाग को सूचना दिए  नियमानुसार नीलामी कराए बिना ही कीमती पेड़ों को बेच दिया मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग हरैया ने जांच शुरू करते हुए कड़ी कार्रवाई की प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रधानों एवं नेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा वन क्षेत्राधिकारी शारदानंद त्रिपाठी ने बताया कि सरकारी पेड़ों की कटान और बिक्री की शिकायत प्राप्त हुई जांच में अवैध कटान के तथ्य सामने आए हैं जिसके आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले प्रधानों और लेखपाल के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगीसरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचता फिलहाल वन विभाग पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटा और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही। क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन अब कोई कार्रवाई ब्यौरा नहीं प्राप्त हुआ </div>
<div style="text-align:justify;">देखते हैं इस मामले में जिलाधिकारी क्या एक्शन लेती है क्या इन भ्रष्टाचार्यों पर कार्रवाई होगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 19:12:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आख़िरकार सीएमओ, डिप्टी सीएमओ व बाबू ने जांच के नाम पर कर दिया खेला</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनमानी ड्यूटी चल रही है लगभग 10% कर्मचारी सीएमओ के अंदर में नहीं आ रहे हैं कैसे होगा स्वास्थ्य विभाग का बेड़ा पार आख़िरकार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार चौधरी व बाबू अभिषेक पाल ने बिना सूचना के डियूटी से गायब रहने वाले व निजी क्लीनिक चलाने वाले डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के मामले में जांच पड़ताल के नाम पर लेन देन करके मामले को रफा - दफा कर दिया है जो कि मामला उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री / उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निजी सचिव</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181639/ultimately-cmo-deputy-cmo-and-babu-played-with-the-name"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0106.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनमानी ड्यूटी चल रही है लगभग 10% कर्मचारी सीएमओ के अंदर में नहीं आ रहे हैं कैसे होगा स्वास्थ्य विभाग का बेड़ा पार आख़िरकार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार चौधरी व बाबू अभिषेक पाल ने बिना सूचना के डियूटी से गायब रहने वाले व निजी क्लीनिक चलाने वाले डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के मामले में जांच पड़ताल के नाम पर लेन देन करके मामले को रफा - दफा कर दिया है जो कि मामला उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री / उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निजी सचिव के जानकारी में था जब स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव के जानकारी में होने के बावजूद भी मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों ने लीपापोती करके पूरा मामला खत्म कर दिया है तो आमजन के शिकायत पर कैसे जांच व कार्यवाही होगी ? इस प्रकार स्पष्ट है कि अब स्वास्थ्य विभाग में पीड़ितों को न्याय मिलना आसान नही रह गया है । सीएमओं डा० राजीव निगम *पैसा फेकों तमासा देखों* की नीति पर पूरी तरह कार्य कर रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप को बता दे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर पर तैनात डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता दिनांक - 20-04-2026 से लेकर दिनांक - 23-04-2026 को बिना किसी सूचना के डियूटी से गायब थे और डियूटी के दौरान घर पर निजी क्लीनिक पर इलाज कर रहे थे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था । सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर अधीक्षक डा० पवन वर्मा ने नोटिस जारी किया था और डेन्टल हाईजिनिस्ट ने अधीक्षक के नोटिस का जबाव ही नही दिया था बाद में अधीक्षक ने मजबूर होकर बिना सूचना के डियूटी से गायब रहने के मामले में वेतन कटौती करने का आदेश दिनांक - 28-04-2026 को दिया था और निजी क्लीनिक चलाने के मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डा० ए० के ० चौधरी को मिली थी । डिप्टी सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच किया था और जांच के दौरान निजी क्लीनिक पर कार्य करते डेन्टल हाईजिनिस्ट मिले थे । जांच अधिकारी ने तत्काल निजी क्लीनिक को सीज किया था और भविष्य में पुनः संचालित न करने की चेतावनी दी थी । डिप्टी सीएमओ ने समस्त जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है लेकिन दो महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी मनमानी डियूटी करने वाले डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही नही हो पाई है । जांच रिपोर्ट प्रेषित होने के बाद भी डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई न होने से डेन्टल हाईजिनिस्ट का मनोबल जबरदस्त बढ़ा है जिससे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है यदि ऐसे ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया रहा तो स्वास्थ्य विभाग में कभी भी भ्रष्टाचार खत्म नही होगा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस संम्बध में डिप्टी सीएमओ डा० अशोक चौधरी ने फोन के माध्यम से बताया है हमने जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दिया है और कार्यवाही सीएमओ के स्तर से होगी कह कर मामले से पल्ला झाड़ लिया और सीएमओ डा० राजीव निगम ने बताया कि कार्यवाही हेतु बाबू अभिषेक पाल को निर्देशित किया है वही बाबू अभिषेक पाल ने बताया कि लेन - देन करके मामले को रफा-दफा कर दिया गया है अर्थात् सभी ने मिलकर जांच व कार्यवाही के नाम पर खेला करने में भरपूर सहयोग किया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:41:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्यूटी से गायब सफाई कर्मी के खिलाफ सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्तीजिले केविकासखंड कप्तानगंज के अंतर्गत बहुचर्चित ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में तैनात सफाई कर्मी लगातार ड्यूटी से गायब हैं । सफाई कर्मी के ड्यूटी से गायब रहने के कारण ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है जिसको लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर ड्यूटी से गायब चल रहे सफाई कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में काफी दिनों से सफाई कर्मियों की गलत तरीके से की गई तैनाती थी और बाद गलत तरीके से की गई सफाईकर्मियों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181225/complaint-filed-on-cm-portal-against-cleaning-worker-missing-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260614-wa0043-(48).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्तीजिले केविकासखंड कप्तानगंज के अंतर्गत बहुचर्चित ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में तैनात सफाई कर्मी लगातार ड्यूटी से गायब हैं । सफाई कर्मी के ड्यूटी से गायब रहने के कारण ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है जिसको लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर ड्यूटी से गायब चल रहे सफाई कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में काफी दिनों से सफाई कर्मियों की गलत तरीके से की गई तैनाती थी और बाद गलत तरीके से की गई सफाईकर्मियों का स्थानांतरण अन्य स्थानों पर कर दिया गया है अब सफाई कर्मियों की तैनाती तो ठीक है लेकिन सफाई कर्मियों की ड्यूटी में बड़ा खेल चल रहा है । राजस्व गांव महुआ लखनपुर में तैनात सफाईकर्मी की मनमानी ड्यूटी से साफ - सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है । ग्रामीणों ने साफ सफाई व्यवस्था ठीक न होने से नाराज होकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत किया है जो शिकायत संख्या - 92618500022305 है जिसकी जांच सहायक विकास अधिकारी ( एडीओ पंचायत ) कप्तानगंज सुशील कुमार श्रीवास्तव को मिली हुई है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो राजस्व गांव महुआ लखनपुर में तैनात सफाईकर्मी ड्यूटी पर कभी आता ही नहीं है और ड्यूटी पर ना आने के बावजूद प्रतिमाह घर बैठकर वेतन प्राप्त करना है । जो एक जांच का विषय बना हुआ है । राजस्व गांव महुआ लखनपुर में कौन सफाईकर्मी  तैनात है ? ग्रामीणों को पता ही नहीं है और न ही कभी सफाईकर्मी को ग्राम पंचायत में आते देखा है और न ही कभी साफ सफाई कार्य करते देखा है । अब देखना यह है कि राजस्व गांव महुआ लखनपुर में तैनात सफाई कर्मी लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने के मामले में सहायक विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है ?</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:33:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौत की फैक्ट्री ने खोली व्यवस्था की पोल,सबूतों के बाद भी यदि जिम्मेदार बच जाएं तो न्याय अधूरा रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह रिहायशी इलाके के बीचोंबीच स्थित था। वहां करीब डेढ़ सौ मकानों में छह सौ से अधिक लोग रहते हैं। ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगभग पचास किलो बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण किसी भी समय बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। मकान किराए पर दिया गया था, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन कराया गया और न ही विधिवत किरायानामा तैयार किया गया। यह स्थिति बताती है कि नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने व्यवस्था की कई परतों को उजागर किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से संचालित थी और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी थी। यदि आसपास रहने वाले लोग जानते थे कि यहां पटाखों का काम होता है तो फिर पुलिस, प्रशासन और अन्य जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। थाना क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी होती है। बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक की जवाबदेही तय होती है। ऐसे में यह मान लेना कठिन है कि किसी को इसकी जानकारी नहीं थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि हादसे के समय वहां काम करने वाले मजदूर बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य कर रहे थे। बारूद के बीच मजदूरों से काम लिया जा रहा था। वहीं खाना भी बनाया जाता था और घरेलू गैस सिलेंडर भी रखा हुआ था। सुरक्षा मानकों की ऐसी घोर अनदेखी किसी भी क्षण विनाश का कारण बन सकती थी। जब आग लगी तो मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे। कई लोग बुरी तरह झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके कपड़ों के साथ चमड़ी तक निकल गई थी। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती समय में आग इतनी भयावह थी कि घटनास्थल के निकट पहुंचना मुश्किल था। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकाला। यदि स्थानीय नागरिक साहस नहीं दिखाते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। यह तथ्य भी चिंताजनक है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद घटनास्थल पर तत्काल और व्यवस्थित आपदा प्रबंधन व्यवस्था दिखाई नहीं दी। ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अक्सर हमारी व्यवस्थाएं इन्हीं क्षणों में कमजोर पड़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ हो। देश के विभिन्न हिस्सों में हर वर्ष ऐसे हादसे होते हैं और दर्जनों लोग जान गंवाते हैं। कुछ महीने पहले खैरथल-तिजारा क्षेत्र में भी इसी प्रकार का हादसा हुआ था। उसके बाद हजारों फैक्ट्रियों की जांच की गई और बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस देने के बाद क्या हुआ। यदि कार्रवाई प्रभावी होती तो शायद जयपुर की यह घटना टाली जा सकती थी। केवल नोटिस जारी कर देना प्रशासनिक सफलता नहीं कहलाता। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब नियमों का पालन सुनिश्चित हो और अवैध इकाइयों को समय रहते बंद कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण विषय जवाबदेही का है। अक्सर बड़े हादसों के बाद जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं, रिपोर्ट मांगी जाती है और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है। लेकिन मुआवजा कभी किसी की जिंदगी वापस नहीं ला सकता। न्याय तभी होगा जब उन सभी लोगों की जिम्मेदारी तय होगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा। फैक्ट्री संचालक, मकान मालिक, निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और नियमों के पालन की जांच करने वाले विभाग सभी की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज के सामने भी आत्ममंथन का अवसर है। कई बार लोग अपने आसपास चल रही अवैध गतिविधियों को देखकर भी चुप रहते हैं। भय, उदासीनता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण शिकायत नहीं करते। परिणाम यह होता है कि एक दिन वही गतिविधि किसी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। नागरिक सतर्कता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मिलकर ही ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आज जरूरत केवल शोक व्यक्त करने की नहीं है बल्कि कठोर और निर्णायक कार्रवाई की है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए सबसे बड़ी सांत्वना यही होगी कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यदि इस घटना के स्पष्ट सबूतों और तथ्यों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और कमजोर करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">खोह नागोरियान की यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जवाबदेही के अभाव का परिणाम कितना भयावह हो सकता है। आठ लोगों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। अब देखना यह है कि जांच और कार्रवाई का वादा केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर वास्तव में दोषियों को सजा देकर यह संदेश दिया जाता है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब न्याय केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देगा।</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:48:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खान चौराहे के बीच सड़क पर बना बड़ा गड्ढा, राहगीरों की जान जोखिम में।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
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<div><strong>नैनी,प्रयागराज ।</strong></div>
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<div>नैनी क्षेत्र के खान चौराहे के समीप सड़क के बीचो-बीच बने बड़े गड्ढे से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा लगातार बड़ा होता जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस समस्या की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।स्थानीय</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180855/a-big-pothole-on-the-road-between-khan-intersection-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0091.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>नैनी,प्रयागराज ।</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>नैनी क्षेत्र के खान चौराहे के समीप सड़क के बीचो-बीच बने बड़े गड्ढे से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा लगातार बड़ा होता जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस समस्या की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।</div>
<div>अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक सड़क की मरम्मत कराते हैं और लोगों को राहत दिलाते हैं।</div>
</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:05:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>समय माता स्थान के बगल पोखरा का कई बार हो चुका है भुगतान उसी पोखरा का पुनः जारी है मस्टर रोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के विकास खण्ड सल्टौवा गोपालपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कोयलसा में मनरेगा एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है । वर्तमान समय में दो पोखरा (तालाब ) खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी है और दोनों फर्जी मस्टर रोल पर रोजगार सेवक किरन बेधड़क मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने में मस्त हैं और मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर ग्राम प्रधान सावित्री देवी से वाह-वाही लूट रही है ।</div>
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<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो समय माता स्थान के बगल पोखरा खुदाई व सफाई का कार्य लगभग 06 महीने से चल रहा है</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179817/payment-has-been-made-many-times-for-the-pokhara-next"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260521-wa0056.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के विकास खण्ड सल्टौवा गोपालपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कोयलसा में मनरेगा एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है । वर्तमान समय में दो पोखरा (तालाब ) खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी है और दोनों फर्जी मस्टर रोल पर रोजगार सेवक किरन बेधड़क मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने में मस्त हैं और मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर ग्राम प्रधान सावित्री देवी से वाह-वाही लूट रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो समय माता स्थान के बगल पोखरा खुदाई व सफाई का कार्य लगभग 06 महीने से चल रहा है और कई बार उक्त प्रोजक्ट के नाम पर भुगतान भी हो चुका है लेकिन कई बार समय माता स्थान के बगल पोखरा खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर भुगतान होने के बाद भी बार - बार फर्जी मस्टर रोल जारी होने पर रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक एवं मनरेगा एपीओ की भूमिका अहम है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  मीडिया टीम ने पूर्व में ग्राम पंचायत कोयलसा में चल रहे मनरेगा कार्यों का धरातलीय पड़ताल किया था तब ग्राम प्रधान सावित्री देवी , रोजगार सेवक किरन और सचिव शिव शंकर यादव व तकनीकी सहायक एवं मनरेगा एपीओ के लूट खसोट की पोल खुली थी लेकिन खण्ड विकास अधिकारी सल्टौवा गोपालपुर अनिल कुमार यादव ने ग्राम पंचायत कोइलसा में चल रहे फर्जीवाड़ा मामले का संज्ञान नही लिया था जिसके कारण फर्जी भुगतान कराने में ग्राम प्रधान सावित्री देवी व सचिव शिव शंकर यादव ने बाजी मारी थी । फर्जी भुगतान कराने में सफल होने पर पुनः फर्जी मस्टर रोल के सहारे ग्राम प्रधान सावित्री देवी व सचिव शिव शंकर यादव सरकारी खजाने को लूटने की तैयारी में जुटे हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   ग्राम पंचायत कोयलसा में बड़े पैमाने पर चल रहे मनरेगा फर्जीवाड़ा को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है और ग्राम प्रधान सावित्री देवी व सचिव शिव शंकर यादव के खिलाफ शिकायत करने की तैयारी बना रहे हैं । ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि पंचायत चुनाव नजदीक है जिसके कारण ग्राम प्रधान व सचिव ने सरकारी खजाने को लूटने के उद्देश्य से धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में मस्त हैं । अब देखना यह है कि बीडीओ अनिल कुमार यादव ग्राम पंचायत कोयलसा के भ्रष्टाचार को रोक पाते हैं या नही । अथवा लेनदेन करके मामले को रफा-दफा कर देगें ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
</div>
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<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:12:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर, जिम्मेदार बेखबर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>नौगढ़ तहसील क्षेत्र में खनन माफियाओं का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। उन्हें पुलिस और खनन विभाग का डर नहीं है। इसे जिम्मेदारों की मिलीभगत समझी जाए या फिर लापरवाही। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नौगढ़ तहसील क्षेत्र के कई गांवों में खनन माफिया धरती का सीना चीरकर मिट्टी निकाल रहे हैं। प्रशासन की तरफ से भी खनन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इन दिनों तहसील क्षेत्र अंतर्गत मिट्टी खनन का कार्य जोरों पर है।खनन माफिया धरती का सीना चीर रहे हैं। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं। इस समस्या पर लगाम लगाने को लेकर जिम्मेदार अधिकारी संजीदा दिखाई नहीं देते। </div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179800/illegal-mining-of-soil-in-full-swing-unaware-of-responsibility"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download10.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>नौगढ़ तहसील क्षेत्र में खनन माफियाओं का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। उन्हें पुलिस और खनन विभाग का डर नहीं है। इसे जिम्मेदारों की मिलीभगत समझी जाए या फिर लापरवाही। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नौगढ़ तहसील क्षेत्र के कई गांवों में खनन माफिया धरती का सीना चीरकर मिट्टी निकाल रहे हैं। प्रशासन की तरफ से भी खनन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इन दिनों तहसील क्षेत्र अंतर्गत मिट्टी खनन का कार्य जोरों पर है।खनन माफिया धरती का सीना चीर रहे हैं। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं। इस समस्या पर लगाम लगाने को लेकर जिम्मेदार अधिकारी संजीदा दिखाई नहीं देते। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिससे खनन माफियाओं का अवैध धंधा खूब फल-फूल रहा है। लोगों का आरोप है कि खनन माफिया तहसील प्रशासन और पुलिस के सह पर धंधा कर रहे हैं।नौगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत बेरोकटोक खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। जिससे तहसील प्रशासन व पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। नौगढ़ तहसील के बर्डपुर क्षेत्र में अवैध खनन का एक वीडियो  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि 'स्वतंत्र प्रभात'  नहीं करता है </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> शासन व प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। खनन माफिया द्वारा धड़ल्ले से अवैध मिट्टी का करोबार किया जा रहा है और खनन विभाग को इसकी भनक तक भी नहीं है या यह कहे कि उनकी सरपरस्ती में ही यह खेल खेला जा रहा है। इस कारोबार से जहां खनन माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं हर महीने सरकार को लाखों के राजस्व की भी हानि हो रही है। अवैध खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। खनन का गोरखधंधा बेरोकटोक चल रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कानून महज कागजों में दर्ज हैं। जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मिट्टी खनन के खेल में लिप्त माफियाओं और दबंगों से लेकर सफेदपोश हस्तियों के हाथ में है। कोई इसका विरोध नहीं कर सकता। नौगढ़ तहसील क्षेत्र में खनन माफियाओं का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। उन्हें पुलिस और खनन विभाग का डर नहीं है। इसे जिम्मेदारों की मिलीभगत समझी जाए या फिर लापरवाही।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नौगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत बेरोकटोक खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। जिससे तहसील प्रशासन व पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।शासन व प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। खनन माफिया द्वारा धड़ल्ले से अवैध मिट्टी का करोबार किया जा रहा है और खनन विभाग को इसकी भनक तक भी नहीं है या यह कहे कि उनकी सरपरस्ती में ही यह खेल खेला जा रहा है। इस कारोबार से जहां खनन माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं हर महीने सरकार को लाखों के राजस्व की भी हानि हो रही है।</div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div><div class="adL"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कल्याणपुर क्रॉसिंग और इंदिरा नगर मोड़ पर ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, जाम से जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> शहर के जीटी रोड स्थित कल्याणपुर क्रॉसिंग और इंदिरा नगर मोड़ पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सड़क के बीचों-बीच ऑटो, टेंपो और बस चालकों द्वारा खुलेआम वाहन खड़े कर सवारियां भरी जा रही हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि राहगीरों, स्कूली बच्चों और महिलाओं को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। लगातार लगने वाले जाम से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे अवैध रूप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179196/public-upset-due-to-collapse-of-traffic-system-at-kalyanpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001910034.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> शहर के जीटी रोड स्थित कल्याणपुर क्रॉसिंग और इंदिरा नगर मोड़ पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सड़क के बीचों-बीच ऑटो, टेंपो और बस चालकों द्वारा खुलेआम वाहन खड़े कर सवारियां भरी जा रही हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि राहगीरों, स्कूली बच्चों और महिलाओं को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। लगातार लगने वाले जाम से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण यातायात बाधित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे ऑटो और टेंपो चालकों के हौसले बुलंद हैं और वे मनमानी कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि बुधवार को इसी अव्यवस्था के चलते कल्याणपुर इंदिरा नगर मोड़ पर ट्रैफिक कर्मी और एक ऑटो चालक के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष कल्याणपुर थाने पहुंचे, जहां देर तक बहस चलती रही। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने और अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 21:07:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बभनान में विकास या घोटाला? जनता की लोहे की बेंच झाड़ियों में दबी, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान में विकास कार्यों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत कार्यालय के पीछे झाड़ियों में लोहे की बेंच पड़ी मिली, जिसे देखकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, यह बेंच आम जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई थी, ताकि इसे किसी सार्वजनिक स्थान—जैसे चौराहा, बाजार या सड़क किनारे—स्थापित किया जा सके। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही या मिलीभगत के चलते इसे झाड़ियों में डालकर छोड़ दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर बेंच के आसपास उगी घनी झाड़ियां</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179190/development-or-scam-in-babhanan-iron-bench-of-public-role"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa00602.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान में विकास कार्यों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत कार्यालय के पीछे झाड़ियों में लोहे की बेंच पड़ी मिली, जिसे देखकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, यह बेंच आम जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई थी, ताकि इसे किसी सार्वजनिक स्थान—जैसे चौराहा, बाजार या सड़क किनारे—स्थापित किया जा सके। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही या मिलीभगत के चलते इसे झाड़ियों में डालकर छोड़ दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर बेंच के आसपास उगी घनी झाड़ियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि यह लंबे समय से उपयोग में नहीं लाई गई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस कार्य को कागजों में पूरा दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजी खेल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि संभवतः बेंच की खरीद और स्थापना दिखाकर बजट का उपयोग दिखा दिया गया, जबकि हकीकत में इसे जनता तक पहुंचाने की कोई कोशिश नहीं की गई। ऐसे में पूरे मामले में घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले ने नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के इस तरह की लापरवाही संभव नहीं है। यदि कार्य आवंटित हुआ था, तो उसकी निगरानी क्यों नहीं की गई?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बेंच अगर सार्वजनिक स्थल पर लगाई जाती, तो राहगीरों, बुजुर्गों और गरीब लोगों को इसका लाभ मिलता। लेकिन इसे झाड़ियों में डालकर उनकी सुविधा को नजरअंदाज कर दिया गया, जो सीधे तौर पर जनता के अधिकारों का हनन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में जब नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो स्पष्ट जवाब नहीं मिला। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि इस तरह के मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो विकास योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 20:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौर पुलिस पर पीड़ित ने फर्जी मुकदमा दर्ज का लगाया पीड़ित ने निष्पक्षता जांच कर कार्रवाई मां की</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र में फर्जी मुकदमों की छड़ी लगा दी सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित महेन्द्र बहादुर सिंह पुत्र राम आसरे सिंह ग्राम कटास थाना गौर जिला बस्ती का स्थाई निवासी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दिनांक - 18.04.2026 शाम को लगभग 8:30 बजे पीड़ित के गांव के ही हरेन्द्र, बहादुर सिंह पुत्र राम आसरे सिंह व सौरभ सिंह पुत्र हरेन्द्र बहादुर सिंह, गोलू उर्फ शुभम सिंह पुत्र नरेन्द्र बहादुर सिंह एवं अनिल सिंह पुत्र मुन्नु सिंह व अमर सिंह पुत्र कामता सिंह ये सभी लोग अमर सिंह पुत्र शमसेर सिंह के घर पर पार्टी करके मांस दारू शराब खा पी करके</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178987/the-victim-accused-the-police-of-filing-a-fake-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0048.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र में फर्जी मुकदमों की छड़ी लगा दी सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित महेन्द्र बहादुर सिंह पुत्र राम आसरे सिंह ग्राम कटास थाना गौर जिला बस्ती का स्थाई निवासी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिनांक - 18.04.2026 शाम को लगभग 8:30 बजे पीड़ित के गांव के ही हरेन्द्र, बहादुर सिंह पुत्र राम आसरे सिंह व सौरभ सिंह पुत्र हरेन्द्र बहादुर सिंह, गोलू उर्फ शुभम सिंह पुत्र नरेन्द्र बहादुर सिंह एवं अनिल सिंह पुत्र मुन्नु सिंह व अमर सिंह पुत्र कामता सिंह ये सभी लोग अमर सिंह पुत्र शमसेर सिंह के घर पर पार्टी करके मांस दारू शराब खा पी करके हमको भद्दी-भद्दी गालियां गाली दे रहे थे और हमारे द्वारा मना करने पर मारने के लिए दौड़ा लिए ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित जान बचाकर भागा और डायल 112 पर सूचना दिया था जिसकी लिखित सूचना दिनांक 18.04.2026 को थाना गौर पर दिया था फिर दिनांक 19.04.2026 को दिया तथा मोबाइल पर घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक को दिया था इसके बाद भी पीड़ित के खिलाफ दिनांक 19.04.2026 को काइम नं0-0063 / 2026 धारा 352,351 (5) बी०एन०एस० का मुकदमा दिनांक 18.03.2026 को दिखाकर लिखा दिया गया है। जबकि दर्ज मुकदमा पूरी तरह झूठा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के साथ घटना कारित किया गया है। जिसकी रिकार्डिंग भी पीड़ित के पास है।पीड़ित ने मीडिया टीम से बातचीत में बताया कि लगातार पुलिस अधीक्षक बस्ती कार्यालय पर आ रहे हैं और पुलिस अधीक्षक से मिलने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन तीन दिनों से लगातार आने के बाद भी पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ यशवीर सिंह से मुलाकात नहीं हो पाई है । पीड़ित में पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर से मांग की है कि उक्त प्रकरण की जांच निष्पक्ष की जाएं और मनमानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएं ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178987/the-victim-accused-the-police-of-filing-a-fake-case</link>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 20:08:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्विस लेन पर दर्जनों जानलेवा गड्ढे, दुर्घटना से पहले मरम्मत जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के शहर से बाहर निकलकर अमहट पुल से फुटहिया चौराहा जाने के लिये बनाये गये सर्विस लेन मे दर्जनों जानलेवा गड्ढे हो गये हैं। राहगीर जान जोखिम मे डालकर यात्रा कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी रात मे होती हैं क्योंकि यहां प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। गड्ढे काफी पुराने हैं। राहगीरों का कहना है कि महीनो से ये गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन ये जिम्मेदारों को नही दिखाई दे रहे हैं। सड़क की मरम्मत किसी भयानक दुर्घटना के बाद होगी या अफसर संवेदनशीलता दिखाते हुये समय रहते कार्य करवा दिया जायेगा, यह वक्त बतायेगा।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178983/dozens-of-potholes-on-service-lanes-need-to-be-repaired"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के शहर से बाहर निकलकर अमहट पुल से फुटहिया चौराहा जाने के लिये बनाये गये सर्विस लेन मे दर्जनों जानलेवा गड्ढे हो गये हैं। राहगीर जान जोखिम मे डालकर यात्रा कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी रात मे होती हैं क्योंकि यहां प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। गड्ढे काफी पुराने हैं। राहगीरों का कहना है कि महीनो से ये गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन ये जिम्मेदारों को नही दिखाई दे रहे हैं। सड़क की मरम्मत किसी भयानक दुर्घटना के बाद होगी या अफसर संवेदनशीलता दिखाते हुये समय रहते कार्य करवा दिया जायेगा, यह वक्त बतायेगा। मीडिया दस्तक न्यूज द्वारा खबर प्रकाशित करने का उद्देश्य ये है कि प्रशासन समस्या को सज्ञान लेकर समय रहते इसे निस्तारित कराये। याद रहे यात्रियों का जीवन बहुमूल्य है, इससे पहले कि कोई दुर्घटना मे अपनी जांन गंवा दे या गंभीर रूप से घायल हो जाये त्वरित कार्यवाही अपेक्षित है।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 20:03:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 वर्षों से साऊँघाट सीएचसी पर जमे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार ने मचाया लूट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178979/health-education-officer-brijendra-kumar-who-had-been-working-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2013 को बृजेन्द्र कुमार की तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साऊँघाट में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के रूप में हुई थी । तैनाती से अद्यतन तिथि तक बृजेन्द्र सीएचसी साऊँघाट में ही जमें हैं जिसको लेकर क्षेत्र में तरह - तरह की चचाएं चल रही हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नियमों की यदि बात करें तो कोई कर्मचारी जनपद में तीन वर्ष तथा मंडल में अधिकतम 7 वर्ष तक सेवा दे सकता हैं परन्तु बृजेन्द्र कुमार के मामले में जिम्मेदारों ने इतनी क्यों दरियादिली दिखाई और अधिकतम 3 वर्ष के बजाए 13 साल क्यों जमें हैं को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है । प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी ।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:58:41 +0530</pubDate>
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