<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/50518/illegal-logging" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Illegal Logging - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/50518/rss</link>
                <description>Illegal Logging RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्राम पंचायत ढोढ़री में सागौन, शीशम, आम व नीम के पेड़ों की अवैध तरीके हो रही कटान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद बस्ती के गौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोढ़री में सागौन, शीशम, आम और नीम समेत हरे-भरे पेड़ों की कथित कटान का मामला सामने आया है। पेड़ों की कटान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव में हाल के दिनों में करीब तीन से चार हरे पेड़ों को काटकर धराशायी किए जाने की बात सामने आई है। इनमें सागौन, शीशम और आम के पेड़ शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कटान पर रोक नहीं लगाई गई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185498/illegal-cutting-of-teak-rosewood-mango-and-neem-trees-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260817-wa0121.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद बस्ती के गौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोढ़री में सागौन, शीशम, आम और नीम समेत हरे-भरे पेड़ों की कथित कटान का मामला सामने आया है। पेड़ों की कटान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव में हाल के दिनों में करीब तीन से चार हरे पेड़ों को काटकर धराशायी किए जाने की बात सामने आई है। इनमें सागौन, शीशम और आम के पेड़ शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कटान पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में मौजूद पुराने और हरे-भरे पेड़ों पर भी लकड़ी कारोबारियों की नजर पड़ सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में रेंजर सोनल वर्मा और हल्का वन दरोगा अजय कुमार भारती की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटान हुई है तो संबंधित वनकर्मियों को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं हुई? क्या क्षेत्र में नियमित निगरानी की व्यवस्था प्रभावी नहीं है? ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों की कटान के मामलों में वन विभाग को मौके पर पहुंचकर तत्काल जांच करनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए DFO ने ढोढ़री में हरे पेड़ों की कटान के प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अब वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने पेड़ काटे गए, उनकी प्रजाति क्या थी और कटान के लिए कोई वैध अनुमति ली गई थी या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग मौके पर पहुंचकर काटे गए पेड़ों की संख्या, प्रजाति, लकड़ी की स्थिति और संबंधित अनुमति पत्रों की जांच करे। यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। उक्त प्रकरण में DFO ने जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185498/illegal-cutting-of-teak-rosewood-mango-and-neem-trees-is</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185498/illegal-cutting-of-teak-rosewood-mango-and-neem-trees-is</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 17:14:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260817-wa0121.jpg"                         length="473868"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरे पेड़ों की अवैध कटान से ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग व पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के कप्तान गंज  वन रेंज के दुबौलिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सरैया बक्शी के राजस्व गांव रमवापुर एवं ग्राम पंचायत रमवापुर राजा में कथित रूप से बिना अनुमति हरे आम और महुआ के पेड़ों की अवैध कटान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और स्थानीय पुलिस समय पर सख्ती से कार्रवाई करे तो हरे पेड़ों की कटान पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182775/villagers-angry-over-illegal-felling-of-green-trees-questions-raised"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0077.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के कप्तान गंज  वन रेंज के दुबौलिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सरैया बक्शी के राजस्व गांव रमवापुर एवं ग्राम पंचायत रमवापुर राजा में कथित रूप से बिना अनुमति हरे आम और महुआ के पेड़ों की अवैध कटान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और स्थानीय पुलिस समय पर सख्ती से कार्रवाई करे तो हरे पेड़ों की कटान पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उनका आरोप है कि लगातार हो रही अवैध कटान से जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने मामले से जुड़े साक्ष्य और रिकॉर्डिंग संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटान से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और शासन की पर्यावरण संरक्षण नीति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाचार लिखे जाने तक वन विभाग और स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। संबंधित विभागों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182775/villagers-angry-over-illegal-felling-of-green-trees-questions-raised</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182775/villagers-angry-over-illegal-felling-of-green-trees-questions-raised</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:28:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0077.jpg"                         length="338503"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों पर ठेकेदार द्वारा चलाया गया आरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>   महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0218.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>  महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:03:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260627-wa0218.jpg"                         length="244693"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतिबंधित पेड़ो पर आरा चला रहे है लकड़कट्टे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/17209.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से ऐसी अवैध कटाई लगातार जारी है।वन विभाग और पुलिस प्रशासन की उदासीनता से अवैध लकड़कट्टों का हौसला बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो पूरे क्षेत्र के जंगल साफ हो जाएंगे। जामुन के पेड़ केवल फल देने वाले ही नहीं, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने, भूमिगत जल स्तर बनाए रखने और जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बड़े पैमाने पर इनकी कटाई से क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और जैव विविधता के नुकसान की आशंका बढ़ती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।अब देखना यह है कि वन विभाग और थाना सकरन पुलिस इस पर्यावरणीय अपराध पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:34:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/17209.jpg"                         length="184274"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफिया का कहर: प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई पर भी नहीं जागा प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[<h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45.jpeg" alt=""></a><br /><h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है, लेकिन वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45-(1).jpeg" alt="सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप" width="1280" height="800"></img></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटाई की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और वे इसे प्रशासनिक संरक्षण में हो रही अवैध कटाई बता रहे हैं।</p>
<p>क्षेत्र में चर्चा है कि लकड़ी माफिया सरकारी संपत्ति को ठिकाने लगाकर पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।</p>
<p>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक की जाएगी।</p>
<p>इस संबंध में क्षेत्रीय रेंजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 17:54:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45.jpeg"                         length="122649"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        