<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/50518/illegal-logging" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Illegal Logging - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/50518/rss</link>
                <description>Illegal Logging RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रतिबंधित पेड़ो पर आरा चला रहे है लकड़कट्टे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/17209.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से ऐसी अवैध कटाई लगातार जारी है।वन विभाग और पुलिस प्रशासन की उदासीनता से अवैध लकड़कट्टों का हौसला बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो पूरे क्षेत्र के जंगल साफ हो जाएंगे। जामुन के पेड़ केवल फल देने वाले ही नहीं, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने, भूमिगत जल स्तर बनाए रखने और जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बड़े पैमाने पर इनकी कटाई से क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और जैव विविधता के नुकसान की आशंका बढ़ती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।अब देखना यह है कि वन विभाग और थाना सकरन पुलिस इस पर्यावरणीय अपराध पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:34:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/17209.jpg"                         length="184274"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफिया का कहर: प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई पर भी नहीं जागा प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[<h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45.jpeg" alt=""></a><br /><h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है, लेकिन वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45-(1).jpeg" alt="सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप" width="1280" height="800"></img></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटाई की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और वे इसे प्रशासनिक संरक्षण में हो रही अवैध कटाई बता रहे हैं।</p>
<p>क्षेत्र में चर्चा है कि लकड़ी माफिया सरकारी संपत्ति को ठिकाने लगाकर पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।</p>
<p>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक की जाएगी।</p>
<p>इस संबंध में क्षेत्रीय रेंजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 17:54:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45.jpeg"                         length="122649"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        