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                <title>सामाजिक समरसता - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सामाजिक समरसता RSS Feed</description>
                
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                <title>विविधता से एकात्मता की ओर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">आज विश्व के तमाम देश धार्मिक पहचान, नस्ली अस्मिता, अतिराष्ट्रवाद, युद्ध, सांस्कृतिक टकराव, धार्मिक असहिष्णुता, सामाजिक ध्रुवीकरण और बढ़ती वैचारिक दूरियों जैसी अनेक चुनौतियों से गुजर रहे है। भारत भी इससे अछूता नहीं है।विज्ञान, परिवहन और संचार प्रौद्योगिकी ने भौगोलिक दूरियां कम जरूर की हैं, लेकिन अनेक मामलों में मनुष्यों के बीच वैचारिक और भावनात्मक दूरियां बढ़ी हैं। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में दिया गया संबोधन विशेष आकर्षण बना हुआ है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. भागवत के संबोधन का</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186883/the-message-of-one-world-one-humanity-from-diversity-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20241207-wa00031.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज विश्व के तमाम देश धार्मिक पहचान, नस्ली अस्मिता, अतिराष्ट्रवाद, युद्ध, सांस्कृतिक टकराव, धार्मिक असहिष्णुता, सामाजिक ध्रुवीकरण और बढ़ती वैचारिक दूरियों जैसी अनेक चुनौतियों से गुजर रहे है। भारत भी इससे अछूता नहीं है।विज्ञान, परिवहन और संचार प्रौद्योगिकी ने भौगोलिक दूरियां कम जरूर की हैं, लेकिन अनेक मामलों में मनुष्यों के बीच वैचारिक और भावनात्मक दूरियां बढ़ी हैं। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में दिया गया संबोधन विशेष आकर्षण बना हुआ है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. भागवत के संबोधन का केंद्रीय विचार भारत की उस सभ्यतागत दृष्टि से जुड़ा था, जिसमें विविधता को एकता के विरोधी के रूप में नहीं, बल्कि उसकी स्वाभाविक अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ‘विविधता में एकता’ केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि भारतीय समाज के डीएनए में रची-बसी है। उन्होंने अमेरिका में प्रचलित ‘बहुलतावाद’ की अवधारणा की तुलना भारत की ‘विविधता में एकता’ की दृष्टि से करते हुए कहा कि विविधता को समाप्त करने के बजाय उसे स्वीकार, सम्मान और संरक्षित किया जाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह विचार भारतीय चिंतन की उस परंपरा से भी जुड़ता है, जिसमें सत्य की अनेक अभिव्यक्तियों को स्वीकार करने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। ऋग्वेद का प्रसिद्ध वचन ‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’ और महोपनिषद् का ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ इसी व्यापक दृष्टि के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। इन प्राचीन सूत्रों को आधुनिक लोकतंत्र, बहुलतावाद या मानवाधिकारों का सीधा पर्याय मानना उचित नहीं होगा, लेकिन वे भारतीय दार्शनिक परंपरा में सह-अस्तित्व, व्यापकता और मानवीय एकात्मता की गहरी भावना को अवश्य व्यक्त करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय दृष्टि में एकता का अर्थ एकरूपता नहीं है। वास्तविक एकता तभी संभव है, जब अलग-अलग धर्म, भाषा, संस्कृति और जीवन-पद्धति से जुड़े लोग समान मानवीय गरिमा तथा पारस्परिक सम्मान के साथ रह सकें। यही कारण है कि भारतीयता को किसी एक धार्मिक या सांस्कृतिक पहचान तक सीमित कर देना भारत की बहुस्तरीय ऐतिहासिक और सामाजिक संरचना को अत्यधिक सरल बना देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धार्मिक विविधता के प्रश्न पर भी यही कसौटी लागू होती है। भारत की सामाजिक संरचना सदियों से अनेक धर्मों, संप्रदायों, भाषाओं, जातीय समूहों, क्षेत्रों और परंपराओं के सह-अस्तित्व से निर्मित हुई है। इसलिए विविधता का सम्मान केवल सहिष्णुता तक सीमित नहीं होना चाहिए; उसका आधार समान नागरिक गरिमा, कानून के समक्ष समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और पारस्परिक उत्तरदायित्व होना चाहिए।यहां भारतीय संविधान का संदर्भ स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। संविधान की प्रस्तावना न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता को भारतीय गणराज्य के मूल आदर्शों के रूप में स्थापित करती है। अतः विविधता के प्रति सम्मान केवल किसी संगठन या विचारधारा की अपेक्षा नहीं, बल्कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था की भी मूल प्रतिबद्धता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भारतीय परंपरा में ‘धर्म’ का अर्थ केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि कर्तव्य, आचरण, मर्यादा और उत्तरदायित्व से भी जुड़ा रहा है। इस व्यापक अर्थ को समझना आज सभी धर्मावलंबियों के लिए जरूरी है। न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान डॉ. भागवत ने न्यूयॉर्क स्थित इस्कॉन के ऐतिहासिक केंद्र का भी दौरा किया और सेवा-कार्य में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज दुनिया अनेक संघर्षों और द्वंद्वों से गुजर रही है और लोगों को जोड़ने वाली चेतना ही शांति का आधार बन सकती है; उन्होंने इसे ‘कृष्ण चेतना’ से जोड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए डॉ. भागवत ने एक महत्वपूर्ण बात कही,जिस देश में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, वह उनकी ‘कर्मभूमि’ है और वहां के प्रति उनकी जिम्मेदारी सर्वोपरि है। उन्होंने अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से अमेरिकी समाज और देश के प्रति निष्ठापूर्वक अपने दायित्व निभाने का आग्रह किया, साथ ही अपनी ‘जन्मभूमि’ भारत से प्राप्त मूल्यों को बनाए रखने की बात कही। यह संदेश प्रवासी भारतीयों को दो पहचानों के बीच संघर्ष में खड़ा करने के बजाय, अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोते हुए जिस देश में वे रहते हैं, उसके संविधान ,नियम-कानून के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा देता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. भागवत ने सामाजिक परिवर्तन में राजनीति की सीमाओं और समाज की भूमिका पर भी बल दिया। शिक्षा, संवाद, सेवा और सामाजिक व्यवहार में परिवर्तन को स्थायी परिवर्तन का आधार माना जा सकता है। सामाजिक समरसता केवल कानून या सत्ता के माध्यम से निर्मित नहीं होती; इसके लिए समाज की मानसिकता, पारस्परिक व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में दूसरे के प्रति सम्मान की आवश्यकता होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज जब दुनिया युद्ध, विस्थापन, धार्मिक संघर्ष, आर्थिक असमानता और जलवायु संकट जैसी साझा चुनौतियों का सामना कर रही है, तब ‘एक विश्व, एक मानवता’ का विचार निश्चित रूप से प्रासंगिक है। लेकिन किसी भी वैश्विक आदर्श की सार्थकता उसके नारों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार में उतरने से सिद्ध होती है। परिवार, शिक्षा मंदिर, कार्यस्थल और सार्वजनिक जीवन में दूसरे व्यक्ति की पहचान, आस्था, विचार और गरिमा का सम्मान ही इस विचार की वास्तविक परीक्षा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत यदि अपनी सभ्यतागत परंपरा के आधार पर विश्व को कोई संदेश देना चाहता है, तो वह यह हो सकता है कि विविधता को मिटाकर स्थायी एकता स्थापित नहीं की जा सकती। स्थायी एकता का आधार सम्मान, संवाद, सह-अस्तित्व और साझा मानवीय गरिमा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का अर्थ भी तभी सार्थक होगा, जब वह केवल संस्कृत का एक सुंदर वाक्य या समारोहों में उद्धृत किया जाने वाला श्लोक न रहकर सामाजिक आचरण का सिद्धांत बने।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अतः विविधताओं को समाप्त किए बिना एकता, मतभेदों को मिटाए बिना संवाद और पहचान को नकारे बिना मानवता  उस व्यापक विचार की कसौटी है जिसे आज ‘एक विश्व, एक मानवता’ के रूप में अभिव्यक्त किया जा सकता है। डॉ. मोहन भागवत का न्यूयॉर्क संबोधन इसी दृष्टि से विचार और विमर्श का विषय बनता है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि एकता और मानव-एकात्मता का यह संदेश भाषणों से निकलकर समाज के दैनिक व्यवहार में कब और कितना उतरता है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 20:46:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर अमेठी में कलश वंदन यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>जगदीशपुर,अमेठी।</strong> संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आज जनपद अमेठी के विश्वकर्मा नगर मंडल के दखिनवारा,अचलपुर एवं पूरे अमृत लाल में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कलश वंदन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रैदास समाज के लोगों ने विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ कलश वंदन किया तथा संत रविदास जी के जीवन, उनके विचारों और समाज में समरसता स्थापित करने के लिए किए गए उनके महान कार्यों पर विस्तृत चर्चा की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता चन्द्रमौलि सिंह ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन मानवता, समानता, सामाजिक समरसता और भक्ति का अनुपम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185870/kalash-vandan-yatra-in-amethi-on-the-650th-birth-anniversary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1-3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>जगदीशपुर,अमेठी।</strong> संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आज जनपद अमेठी के विश्वकर्मा नगर मंडल के दखिनवारा,अचलपुर एवं पूरे अमृत लाल में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कलश वंदन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रैदास समाज के लोगों ने विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ कलश वंदन किया तथा संत रविदास जी के जीवन, उनके विचारों और समाज में समरसता स्थापित करने के लिए किए गए उनके महान कार्यों पर विस्तृत चर्चा की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता चन्द्रमौलि सिंह ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन मानवता, समानता, सामाजिक समरसता और भक्ति का अनुपम संदेश देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अपने आचरण और विचारों से समाज को जाति-पंथ के भेदभाव से ऊपर उठकर मानव मात्र की सेवा एवं सम्मान का मार्ग दिखाया। उनका संदेश आज भी समाज को एकता, भाईचारे और समरसता के सूत्र में बांधने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लेने का अवसर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">“मन चंगा तो कठौती में गंगा” जैसे उनके अमर संदेश ने भारतीय समाज को आंतरिक शुचिता, सदाचार और कर्म की महत्ता का मार्ग दिखाया।इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, ललित सिंह, नकछेद दुबे, प्रदीप तिवारी, संजय रविदास, राम सजीवन रविदास, परशुराम रविदास, रघुराज रविदास, राम अवध रविदास, बुधराम रविदास, शहाबुद्दीन रविदास, मनीराम रविदास, धनीराम, राधे रविदास, हरिराम रविदास, राम लखन रविदास, श्यामू रविदास सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने संत रविदास जी के आदर्शों पर चलने तथा सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:15:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर गौरा में गूंजा समरसता और सामाजिक एकता का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मनकापुर गोंण्ड : </strong>संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी की पवित्र माटी से युक्त कलश का विधानसभा गौरा में श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कलश के आगमन पर विधानसभा क्षेत्र के केशवनगर ग्रांट, अगया बुजुर्ग, कूकनगर ग्रांट, बैजलपुर, बैजपुर, ढढूवा कुतुबजोत, बभनजोत, मोकलपुर, चांदपुर, लक्ष्मीनगर ग्रांट, मकोईया, बिछिया बौहान, ढढोवा महेनिया, फूलपुर, मवई, तेंदुआ रानीपुर, खालेगांव, खपरीपारा, मनसुखपुर, सुमेरपुर, समरूपुर सहित विभिन्न ग्रामों में श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश वंदन एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए।कार्यक्रमों में विधायक गौरा  प्रभात</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185714/message-of-harmony-and-social-unity-echoed-in-gaura-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1008089342.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मनकापुर गोंण्ड : </strong>संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी की पवित्र माटी से युक्त कलश का विधानसभा गौरा में श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कलश के आगमन पर विधानसभा क्षेत्र के केशवनगर ग्रांट, अगया बुजुर्ग, कूकनगर ग्रांट, बैजलपुर, बैजपुर, ढढूवा कुतुबजोत, बभनजोत, मोकलपुर, चांदपुर, लक्ष्मीनगर ग्रांट, मकोईया, बिछिया बौहान, ढढोवा महेनिया, फूलपुर, मवई, तेंदुआ रानीपुर, खालेगांव, खपरीपारा, मनसुखपुर, सुमेरपुर, समरूपुर सहित विभिन्न ग्रामों में श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश वंदन एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए।कार्यक्रमों में विधायक गौरा  प्रभात कुमार वर्मा ने सम्मिलित होकर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विधायक  प्रभात कुमार वर्मा ने कहा कि—«“संत गुरु रविदास महाराज जी का जीवन और उनकी वाणी सामाजिक समरसता, समानता और मानवता की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने ऐसे समाज की कल्पना की, जहाँ व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, आचरण और मानवीय मूल्यों से हो। उनका संदेश आज भी समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।”»</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि 650वीं जयंती वर्ष केवल एक स्मरण पर्व नहीं, बल्कि गुरु रविदास जी के विचारों को जीवन में उतारने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सम्मान, समानता एवं अवसर पहुँचाने का संकल्प लेने का अवसर है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम सभी को मिलकर समरस, सशक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुरु रविदास जी की अमर वाणी— “ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसै, रैदास रहै प्रसन्न॥”</div>
<div style="text-align:justify;">—आज भी ऐसे समाज की प्रेरणा देती है, जहाँ समानता, सम्मान, न्याय और सामाजिक सद्भाव सर्वोपरि हों। कार्यक्रम में महंत विवेक ब्रह्मचारी , कबीर मठ बड़हरा,  महंत उमाशंकर दास अयोध्या,  महंत सुकुट साहब ,  सजीवन दास महाराज, जिला उपाध्यक्ष  प्रमोद आर्य चंचल , जिला उपाध्यक्ष एवं रथ यात्रा संयोजक नीरज मौर्या ,  सचिन वाल्मीकि , संत रविदास ढढ़ोवा के महंत बाबा पुजारी दास , जिला महामंत्री राकेश तिवारी , मंडल अध्यक्ष  रामचंद्र वर्मा , राधिका देवी, अरुण प्रकाश शुक्ला, मधुप सिंह सहित सम्मानित प्रधानगण, जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:39:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समरसता व एकता के संदेश के साथ निकली संत रविदास कलश वंदन रथ यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बिस्कोहर (सिद्धार्थनगर)।</strong> समरसता व एकता के संदेश के साथ निकली संत रविदास जी की कलश वंदन रथ यात्रा इटवा विधानसभा  क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के  में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के समरसता एवं सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समरसता व एकता कलश वंदन रथ यात्रा का आयोजन किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रथ यात्रा के संयोजक रामनरेश पासवान जिला महामंत्री भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के द्वारा इटवा मंडल के विभिन्न ग्रामों में पहुंची रथ यात्रा का ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया।रथ यात्रा  बरगदवा,अमौनाक्ष,कमदालालपुर ,पकड़ी पठान ,मूसा, भदोखर, पेडरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185608/sant-ravidas-kalash-vandan-rath-yatra-started-with-the-message"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787063819447.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बिस्कोहर (सिद्धार्थनगर)।</strong> समरसता व एकता के संदेश के साथ निकली संत रविदास जी की कलश वंदन रथ यात्रा इटवा विधानसभा  क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के  में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के समरसता एवं सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समरसता व एकता कलश वंदन रथ यात्रा का आयोजन किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रथ यात्रा के संयोजक रामनरेश पासवान जिला महामंत्री भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के द्वारा इटवा मंडल के विभिन्न ग्रामों में पहुंची रथ यात्रा का ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया।रथ यात्रा  बरगदवा,अमौनाक्ष,कमदालालपुर ,पकड़ी पठान ,मूसा, भदोखर, पेडरी परसोहन  पहुंची ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान ग्रामीणों ने संत रविदास जी महाराज के चित्र एवं कलश का विधिवत पूजन किया। उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में आपसी भाईचारा, समानता, सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष  विकास जायसवाल, भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा मिश्रा, मंडल अध्यक्ष कन्हैयालाल विश्वकर्मा, सभासद राम अनुज स्वामी नाथ मौर्या,  राम शब्द उपाध्याय,हजारी गौतम ,रामू गौतम,पिन्टू , बब्लू,रामू मौर्या, भाजपा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 21:50:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा को मुख्य अतिथि दीपक मौर्या ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>पेट्रोल पंप तिराहा सिद्धार्थनगर में दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने दिव्यांगजनों की यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य अतिथि दीपक मौर्य ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति एवं सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।  तिरंगा यात्रा में दिव्यांगजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के दौरान भारत माता की जय और</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185603/chief-guest-deepak-maurya-flagged-off-the-tricolor-yatra-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787062630660.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>पेट्रोल पंप तिराहा सिद्धार्थनगर में दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने दिव्यांगजनों की यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य अतिथि दीपक मौर्य ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति एवं सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।  तिरंगा यात्रा में दिव्यांगजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष से वातावरण देशभक्तिमय हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी रमेश मणि त्रिपाठी, पंकज जायसवाल, जिला कार्यालय मंत्री अनुराग श्रीवास्तव सहित दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 21:46:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष पर भाजपा का समरसता संकल्प अभियान प्रारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>गौरीगंज अमेठी। </strong>संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर जनपद अमेठी में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 29 जुलाई 2026 को संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, काशी में विधि-विधान से कलश पूजन संपन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पूजन उपरांत भारतीय जनता पार्टी अमेठी का कलश जिला मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक अरुण मिश्रा 'राजा' द्वारा प्राप्त किया गया।काशी से प्रस्थान कर यह पावन कलश शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को जनपद अमेठी की सीमा स्थित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184404/bjps-samrasata-sankalp-campaign-launched-on-the-650th-birth-anniversary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1-6.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>गौरीगंज अमेठी। </strong>संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर जनपद अमेठी में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 29 जुलाई 2026 को संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, काशी में विधि-विधान से कलश पूजन संपन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूजन उपरांत भारतीय जनता पार्टी अमेठी का कलश जिला मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक अरुण मिश्रा 'राजा' द्वारा प्राप्त किया गया।काशी से प्रस्थान कर यह पावन कलश शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को जनपद अमेठी की सीमा स्थित साधन चौराहा, मुंशीगंज पहुँचा, जहाँ भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं आमजन द्वारा भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा प्रवक्ता चन्द्रमौलि सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में जनपद अमेठी के सभी 19 मंडलों में कलश पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक मंडल में न्यूनतम पाँच स्थानों पर कलश पूजन एवं समरसता संकल्प कार्यक्रम आयोजित कर संत रविदास जी के समता, सद्भाव, सामाजिक समरसता एवं मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम 02 से 25 अगस्त 2026 तक जनपद के सभी 19 मंडलों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति जन-जागरण का कार्य किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:02:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग की एक सशक्त पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184375/chief-ministers-mass-marriage-scheme-a-powerful-initiative-for-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता, सादगी और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देती है।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है। इसके अंतर्गत सरकार एक ही स्थान पर कई जोड़ों का सामूहिक विवाह कराती है, जिससे विवाह में होने वाला अनावश्यक खर्च कम होता है। इसके साथ ही यह योजना दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><br />वहीं, गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, विवाह में सादगी को बढ़ावा देना, दहेज प्रथा पर रोक लगाना, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जो इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती हैं। इसमें पात्र को अब रू0 1 लाख तक (जिसमें रू० 35,000-रू0 60,000 नकद, रू0 10,000 रू0 25,000 का सामान, और शेष आयोजन खर्च के लिए) आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।</p>
<p><br />यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। सामूहिक आयोजन में विवाह समारोह एक ही स्थान पर कई जोड़ों के साथ आयोजित किया जाता है। इसमें सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का ध्यान रखा जाता है। राज्य सरकार द्वारा दुल्हन को विवाह के लिए आवश्यक सामग्री जैसे कपड़े, आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ आदि भी उपलब्ध कराई जाती हैं।</p>
<p><br />यह योजना सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुली है, जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड के अंतर्गत आवेदक राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, परिवार की आय निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए, विवाह योग्य आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21वर्ष) पूरी होनी चाहिए, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (BPL या अन्य श्रेणी) में आता हो इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अनेक सामाजिक और आर्थिक लाभ हैं जैसे-गरीब परिवारों को विवाह के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वे आर्थिक संकट से बच जाते हैं। सामूहिक विवाह के कारण दहेज की मांग स्वतः कम हो जाती है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस योजना के तहत सभी वर्गों के लोग एक साथ विवाह करते हैं, जिससे भेदभाव कम होता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। यह योजना भव्यता के बजाय सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करती है।</p>
<p><br />इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाला है। पहले जहां गरीब परिवार अपनी बेटियों के विवाह के लिए चिंतित रहते थे, अब उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प मिल गया है। यह योजना सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। सामूहिक विवाह में दहेज की परंपरा कम हो जाती है। विभिन्न जाति और धर्म के लोग एक मंच पर आते हैं। आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर होती है।</p>
<p><br />व्यापक प्रचार-प्रसार, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल भुगतान, समाज में जागरूकता अभियान चलाना इस योजना की महत्वपूर्ण चुनौतियां एवं सुझाव हैं। निसंदेह, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक ऐसी पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समानता स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, तो यह समाज में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।</p>
<p><br />अंततः यह योजना "सादगी, समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित एक प्रेरणादायक कदम है, जो न केवल गरीब परिवारों के लिए सहारा है बल्कि पूरे समाज के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत करती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:15:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ऑपरेशन सिंदूर' विषय पर समरसता संगोष्ठी 19 जुलाई को गोला गोकर्णनाथ में</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोला गोकर्णनाथ (खीरी)।</strong></blockquote>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय चेतना और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से <strong>"मेरा गाँव मेरा तीर्थ सेवा समिति"</strong> द्वारा <strong>19 जुलाई 2026 (रविवार)</strong> को <strong>"भारत की समरसता का स्वर्णिम अध्याय – ऑपरेशन सिंदूर"</strong> विषय पर एक भव्य संगोष्ठी एवं जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह कार्यक्रम <strong>सायं 4:00 बजे</strong> से <strong>सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, गोला गोकर्णनाथ</strong> में आयोजित होगा। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समरसता, सेवा, एकता और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करना है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सौहार्द और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183465/harmony-seminar-on-operation-sindoor-on-19th-july-at-gola"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-16-at-13.59.39.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोला गोकर्णनाथ (खीरी)।</strong></blockquote>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय चेतना और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से <strong>"मेरा गाँव मेरा तीर्थ सेवा समिति"</strong> द्वारा <strong>19 जुलाई 2026 (रविवार)</strong> को <strong>"भारत की समरसता का स्वर्णिम अध्याय – ऑपरेशन सिंदूर"</strong> विषय पर एक भव्य संगोष्ठी एवं जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह कार्यक्रम <strong>सायं 4:00 बजे</strong> से <strong>सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, गोला गोकर्णनाथ</strong> में आयोजित होगा। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समरसता, सेवा, एकता और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करना है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सौहार्द और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम में <strong>हनुमानगढ़ी, अयोध्या</strong> के पूज्य <strong>संत राजूदास जी महाराज</strong> का आशीर्वचन प्राप्त होगा। मुख्य अतिथि के रूप में <strong>भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर जी</strong> उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में <strong>सवायजपुर (हरदोई) के विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह जी</strong> कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। धर्माचार्य के रूप में <strong>रामदेव शास्त्री जी</strong> अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम की अध्यक्षता <strong>गोला विधायक अमन अरविन्द गिरी जी</strong> करेंगे, जबकि <strong>सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी ज्वाला प्रसाद तिवारी जी</strong> स्वागत अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम का संयोजन <strong>इतिहास संकलन समिति के संगठन मंत्री एवं मेरा गाँव मेरा तीर्थ सेवा समिति के सचिव मनीष जी</strong> द्वारा किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">समिति ने क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं एवं प्रबुद्धजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने और समरस समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए <strong>कौशल किशोर मिश्रा (7985471540)</strong>, <strong>महेंद्र नाथ पाठक (9450628599)</strong> तथा <strong>मनीष जी (8400333334)</strong> से संपर्क किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 16:11:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वसुधैव कुटुम्बकम भारत की वैश्विक धारणा और भावना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन केवल अपने परिवार या राष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने संपूर्ण मानवता को एक परिवार मानने की उदात्त दृष्टि प्रदान की है। उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य "वसुधैव कुटुम्बकम्" केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन जीने की ऐसी शैली है जिसमें समस्त सृष्टि के प्रति आत्मीयता, करुणा, सह-अस्तित्व और समरसता का भाव निहित है। आज जब दुनिया स्वार्थ, हिंसा, युद्ध, आर्थिक असमानता और सामाजिक विघटन जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तब यह भारतीय जीवन-दर्शन पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनुष्य की महानता उसके धन के परिमाण से नहीं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182700/global-perception-and-sentiment-of-vasudhaiva-kutumbakam-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन केवल अपने परिवार या राष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने संपूर्ण मानवता को एक परिवार मानने की उदात्त दृष्टि प्रदान की है। उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य "वसुधैव कुटुम्बकम्" केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन जीने की ऐसी शैली है जिसमें समस्त सृष्टि के प्रति आत्मीयता, करुणा, सह-अस्तित्व और समरसता का भाव निहित है। आज जब दुनिया स्वार्थ, हिंसा, युद्ध, आर्थिक असमानता और सामाजिक विघटन जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तब यह भारतीय जीवन-दर्शन पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनुष्य की महानता उसके धन के परिमाण से नहीं, बल्कि उसके हृदय की विशालता से आँकी जाती है। किसी धनी व्यक्ति द्वारा अपनी विपुल संपत्ति का थोड़ा-सा भाग दान करना निश्चित रूप से प्रशंसनीय है, किंतु उससे कहीं अधिक महान वह व्यक्ति है, जिसके पास सीमित संसाधन होने के बावजूद वह अपनी आवश्यकताओं में कटौती कर किसी जरूरतमंद की सहायता करता है। यही वास्तविक परोपकार है। संत कबीर ने कहा है वृक्ष कबहुँ नहीं फल भखै, नदी न संचै नीर। परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर, अर्थात प्रकृति का प्रत्येक तत्व दूसरों के लिए जीना सिखाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जियो और जीने दो का सिद्धांत तथा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना जिस समाज में सशक्त होती है, उस समाज की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। ऐसे समाज में विश्वास, सहयोग, नैतिकता और संवेदनशीलता का वातावरण निर्मित होता है। महात्मा गांधी का कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि स्वयं को पाने का सर्वोत्तम तरीका है कि स्वयं को दूसरों की सेवा में खो दिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मनुष्य का जीवन उत्साह, संघर्ष और निरंतर विकास की यात्रा है। जीवन में परिवर्तन स्वाभाविक है और विकास की संभावनाएँ भी परिवर्तन के साथ ही जन्म लेती हैं। जो व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ समाज और मानवता के कल्याण के लिए जीता है, वही जीवन की वास्तविक सार्थकता को प्राप्त करता है। स्वामी विवेकानंद का यह प्रेरक संदेश प्रत्येक व्यक्ति के लिए मार्गदर्शक है— उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">शास्त्रों में पुनर्जन्म की अवधारणा का विस्तार से वर्णन मिलता है। अनेक लोग यह मानते हैं कि इस जन्म के शुभ कर्म अगले जन्म को श्रेष्ठ बनाते हैं। यह आस्था भारतीय अध्यात्म का महत्वपूर्ण पक्ष है। किंतु यदि दार्शनिक दृष्टि से विचार करें तो वर्तमान जीवन ही हमारे हाथ में उपलब्ध सबसे बड़ा सत्य है। भविष्य या अगले जन्म की कल्पनाओं में वर्तमान के कर्तव्यों की उपेक्षा करना उचित नहीं कहा जा सकता। इसलिए आवश्यक है कि हम इसी जीवन को उत्कृष्ट बनाएं, इसी जीवन में मानवता के लिए उपयोगी कार्य करें और समाज के लिए ऐसी विरासत छोड़ जाएँ, जो आने वाली पीढ़ियों का मार्ग आलोकित करे।</p>
<p style="text-align:justify;">जीवन के उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। कोई आर्थिक समृद्धि चाहता है, कोई राजनीति में प्रतिष्ठा, कोई विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्धि, कोई साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा या व्यवसाय में उत्कृष्टता प्राप्त करना चाहता है। लक्ष्य चाहे जो भी हो, उसकी प्राप्ति के लिए अपनाए गए साधनों की शुद्धता ही व्यक्ति के चरित्र का वास्तविक परिचय देती है। महात्मा गांधी का यह विचार सदैव स्मरणीय है साध्य जितना पवित्र हो, साधन भी उतने ही पवित्र होने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मनुष्य को अपने जीवन में साहस, संयम, आत्मविश्वास, अनुशासन और तपस्या के साथ आगे बढ़ना चाहिए। असफलता से घबराने के स्थान पर उसे सीख के रूप में स्वीकार करना चाहिए। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कहा करते थे कि सपने वे नहीं होते जो सोते समय आते हैं, सपने वे होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। यही स्वप्न जब कठोर परिश्रम और सकारात्मक चिंतन से जुड़ते हैं, तब वे समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मानवीय संवेदनाएँ ही मनुष्य को अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ बनाती हैं। यदि जीवन केवल व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं तक सीमित रह जाए तो उसकी सार्थकता अधूरी रह जाती है। सच्चा जीवन वही है जो अपने तन, मन और धन का कुछ अंश समाज के वंचित, पीड़ित और असहाय वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित कर सके। गौतम बुद्ध ने कहा था— हजारों दीपक एक दीपक से जल सकते हैं, फिर भी उस दीपक का प्रकाश कम नहीं होता। ठीक उसी प्रकार दूसरों के जीवन में आशा का प्रकाश फैलाने से हमारा जीवन और अधिक प्रकाशित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अनेक चिंतकों ने जीवन को रंगमंच की संज्ञा दी है। हम सभी विभिन्न भूमिकाएँ निभाते हुए अपने जीवन का अभिनय करते हैं। किंतु इन भूमिकाओं की सफलता हमारे पद, प्रतिष्ठा या वैभव से नहीं, बल्कि हमारी सच्चाई, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय व्यवहार से निर्धारित होती है। यही गुण व्यक्ति को समाज में स्थायी सम्मान दिलाते हैं। सफलता और असफलता जीवन के दो अविभाज्य पक्ष हैं। जो व्यक्ति सफलता में विनम्र और असफलता में धैर्यवान रहता है, वही वास्तव में परिपक्व व्यक्तित्व का स्वामी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोभ, लालच, अहंकार और असीमित इच्छाएँ मनुष्य को भीतर से खोखला बना देती हैं, जबकि संतोष, संयम और नैतिकता उसे आत्मिक समृद्धि प्रदान करते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि आर्थिक उन्नति का प्रयास छोड़ दिया जाए। आवश्यकता इस बात की है कि आध्यात्मिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन स्थापित किया जाए। यही संतुलित दृष्टिकोण एक स्वस्थ समाज का निर्माण करता है। जीवन का प्रत्येक क्षण परिवर्तनशील है। परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। किंतु परिवर्तन का अर्थ भाग्यवाद नहीं है। भाग्य और कर्म दोनों समानांतर चलने वाली प्रक्रियाएँ हैं। भाग्य परिस्थितियाँ दे सकता है, परंतु कर्म उन परिस्थितियों का परिणाम बदलने की क्षमता रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवद्गीता का प्रसिद्ध संदेश है कि कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन,आज भी मनुष्य को निष्काम कर्म की प्रेरणा देता है। जब व्यक्ति कर्म को अपना धर्म मान लेता है और परिणामों की अत्यधिक चिंता से मुक्त होकर कार्य करता है, तब उसके भीतर निराशा की संभावनाएँ स्वतः कम होने लगती हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि मनुष्य अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों से आगे बढ़कर वैश्विक मानवता के हित में सोचने की आदत विकसित करे। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन का कुछ अंश समाज के लिए समर्पित कर दे, तो गरीबी, भेदभाव, हिंसा और असमानता जैसी अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः संभव हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यही "वसुधैव कुटुम्बकम्" का वास्तविक स्वरूप है— जहाँ समस्त मानवता एक परिवार है और प्रत्येक व्यक्ति दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी है। जीवन की सफलता केवल लंबा जीवन जीने में नहीं, बल्कि उपयोगी जीवन जीने में है। यदि हमारा जीवन किसी एक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ला सके, किसी निराश मन में आशा जगा सके और समाज में सद्भाव, करुणा तथा मानवता के बीज बो सके, तभी हमारा जन्म सार्थक कहलाएगा। यही भारतीय संस्कृति का संदेश है, यही मानव जीवन का परम उद्देश्य है और यही "वसुधैव कुटुम्बकम्" की सच्ची साधना है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:28:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 92 नवदंपत्तियों का संपन्न हुआ विवाह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शनिवार को जनता इंटर कॉलेज, रूदापुर सहसों में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कुल 92 नवदंपत्तियों का विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, उल्लास और सामाजिक समरसता का माहौल देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विकास खंड फूलपुर के 15, बहरिया के 31, बहादुरपुर के 24 तथा सहसों के 22 जोड़ों सहित कुल 92 जोड़ों ने वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। विवाह उपरांत सभी नवविवाहित दंपत्तियों को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182183/marriages-of-92-newlyweds-took-place-under-the-chief-ministers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0109.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शनिवार को जनता इंटर कॉलेज, रूदापुर सहसों में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कुल 92 नवदंपत्तियों का विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, उल्लास और सामाजिक समरसता का माहौल देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विकास खंड फूलपुर के 15, बहरिया के 31, बहादुरपुर के 24 तथा सहसों के 22 जोड़ों सहित कुल 92 जोड़ों ने वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। विवाह उपरांत सभी नवविवाहित दंपत्तियों को सरकार की ओर से निर्धारित उपहार सामग्री भी प्रदान की गई, जिससे उनके नए जीवन की शुरुआत सुगम हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ब्लॉक प्रमुख सहसों गीता सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी, समृद्ध एवं खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है और इससे सामाजिक समानता को भी बढ़ावा मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रयागराज, मुख्य विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा संबंधित विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का सफल संचालन वैभव सिंह ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, क्षेत्रीय नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद भविष्य की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182183/marriages-of-92-newlyweds-took-place-under-the-chief-ministers</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नव भारतीय किसान संगठन के तत्वावधान में परसऊं गांव में भव्य भंडारे का आयोजन, सैकड़ों किसानों ने लिया प्रसाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></p>
<p><strong>परसऊं-लखनऊ </strong></p>
<p><br />नव भारतीय किसान संगठन की ओर से परसऊं गांव स्थित ब्रह्मा देवस्थान नहर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन किसान हितों एवं सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसानों, ग्रामीणों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भंडारे का आयोजन रामलाल एवं नव भारतीय किसान संगठन के जिला अध्यक्ष राजू के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>निर्मल शुक्ला </strong> विशेष रूप से उपस्थित रहे । उनके साथ संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">संदीप शुक्ला</span></span></strong> एवं तहसील अध्यक्ष <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">छोटेलाल</span></span></strong> सहित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182033/under-the-auspices-of-nav-bharatiya-kisan-sangathan-a-grand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-23-at-21.20.49-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></p>
<p><strong>परसऊं-लखनऊ </strong></p>
<p><br />नव भारतीय किसान संगठन की ओर से परसऊं गांव स्थित ब्रह्मा देवस्थान नहर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन किसान हितों एवं सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसानों, ग्रामीणों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भंडारे का आयोजन रामलाल एवं नव भारतीय किसान संगठन के जिला अध्यक्ष राजू के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>निर्मल शुक्ला </strong> विशेष रूप से उपस्थित रहे । उनके साथ संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">संदीप शुक्ला</span></span></strong> एवं तहसील अध्यक्ष <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">छोटेलाल</span></span></strong> सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-23-at-21.20.49.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन के तत्वावधान में परसऊं गांव में भव्य भंडारे का आयोजन, सैकड़ों किसानों ने लिया प्रसाद" width="1139" height="854"></img></p>
<p>इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि नव भारतीय किसान संगठन हमेशा किसानों के अधिकारों, सम्मान और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की तथा उनके समाधान के लिए संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वक्ताओं ने किसानों की एकता, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने पर बल दिया। भंडारे में उपस्थित सैकड़ों किसानों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन स्थल पर धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया गया।</p>
<p><strong>जय जवान, जय किसान</strong> के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 21:24:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /></p><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span></strong>,  </blockquote><p><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग के महाराजा सुहेलदेव नगर द्वारा श्रीराम शाखा पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समाज के सैकड़ों नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ के स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रवण मिश्रा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग चिकित्सा एवं योग</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181921/rashtriya-swayamsevak-sangh-organizes-huge-yoga-program-on-world-yoga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50-(2).jpeg" alt=""></a><br /><p><br /></p><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span></strong>,  </blockquote><p><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग के महाराजा सुहेलदेव नगर द्वारा श्रीराम शाखा पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समाज के सैकड़ों नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ के स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रवण मिश्रा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग चिकित्सा एवं योग पद्धति को आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वभर के लोग भारतीय सनातन संस्कृति और उसकी परंपराओं को जानने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझने और अपनाने के लिए उत्सुक हैं।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50-(1)-(1).jpeg" alt="विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन" width="1080" height="810"></img></span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित रहने की आवश्यकता है और योग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध हो रहा है। योग से तन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक इस कार्य को कुशलतापूर्वक समाज तक पहुंचा रहे हैं।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50.jpeg" alt="विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन" width="1080" height="810"></img></span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला बौद्धिक प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">त्रियुगी नाथ</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नगर संघ चालक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">संतोष</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सह नगर संघ चालक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्यामू</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाग सद्भाव संयोजक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सुधीर</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा नगर समरसता प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विनोद</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम में नगर समरसता प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विनोद </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ने उपस्थित सभी आगंतुकों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:20:10 +0530</pubDate>
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