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                <title>स्वास्थ्य विभाग जांच - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>स्वास्थ्य विभाग जांच RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अनियमिकता मिलने पर बनहरा में संचालित मैक्स हास्पिटल सील</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सीएचसी कुदरहा बनहरा में प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने पर नवजात का सर धड़ से अलग होने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी के अगुवाई में अस्पताल के बगल संचालित हो रही मैक्स हॉस्पिटल में अनियमिकता मिलने पर टीम ने बुधवार को सील कर अस्पताल में कार्यरत सभी कर्मियों और एम्बुलेंस चालक से पूछताछ कर जानकारी हासिल की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुरादपुर गांव के रहने वाले दुर्गा प्रसाद ने सोमवार को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया की उनकी बहू प्रेमा को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर 8 अप्रेल को सुबह 8 बजे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनहरा लेकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176356/max-hospital-operated-in-banhara-sealed-after-finding-irregularities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260416-wa0051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सीएचसी कुदरहा बनहरा में प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने पर नवजात का सर धड़ से अलग होने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी के अगुवाई में अस्पताल के बगल संचालित हो रही मैक्स हॉस्पिटल में अनियमिकता मिलने पर टीम ने बुधवार को सील कर अस्पताल में कार्यरत सभी कर्मियों और एम्बुलेंस चालक से पूछताछ कर जानकारी हासिल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुरादपुर गांव के रहने वाले दुर्गा प्रसाद ने सोमवार को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया की उनकी बहू प्रेमा को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर 8 अप्रेल को सुबह 8 बजे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनहरा लेकर आए, जहां प्रसूता का एम्बुलेंस में ही इलाज शुरू कर दिया गया जिससे बच्चें का धड सिर से अलग हो गया, घबरा कर स्टाप नर्स कुसुम सिंह में प्रसूता को बगल के मैक्स हॉस्पिटल में भेज दिया, जहां से डिप लगा कर प्रसूता को ओपेक कैली अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां सर्जरी द्वारा बच्चें का सिर निकाला गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह खबर और एक्स के माध्यम से उप मुख्य मंत्री बृजेश पाठक के संज्ञान में लिया और संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर सुशील कुमार की अगुआई में जाँच टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनहरा में भेजी, जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजीव निगम मंगलवार को दिन में 12:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और लगभग 2:00 बजे स्टेट जांच टीम भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। एंबुलेंस चालक से लेकर अस्पताल के सभी कर्मियों से जानकारी ली गई 8 अप्रैल को ड्यूटी पर तैनात स्टाप नर्स कुसुम सिंह नें बताया की सुबह 8 बजे प्रसूता एम्बुलेंस से अस्पताल आयी,बताया गया की बच्चे का पैर लगभग एक घंटे पहले ही बाहर आ गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रसूता को कैली रेफर करने के लिए कागज बनाने मै अंदर आई ताकि उसी एम्बुलेंस से भेजा जा सके। जब में रेफर पत्र लेकर बाहर आयी तब तक प्रसूता के परिजन एम्बुलेंस खाली कर किसी प्राइवेट अस्पताल चले गए, फिर 13 तारीख को पता चल रहा है कि ऐसा आरोप लगाया गया है, जबकि प्रसूता हमारे लेबर रुम में आयी ही नहीं  मुरादपुर की आशा मीरा देवी नें बताया कि प्रेमा का इलाज घटना के दो दिन पहले से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में संचालित मैक्स हॉस्पिटल में चल रहा था,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहाँ पर कार्यरत डॉ सुनील नें बताया था कि बिना सर्जरी डिलेवरी नहीं हो पायेगी। घर पर जब स्थिति बिगड़ गई तो परिजन प्रसूता को मैक्स हॉस्पिटल ना लें जा कर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लें आए और फिर किसी प्राइवेट अस्पताल लेकर चले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के बाद डॉक्टर सुशील कुमार बगल में चल रहे मैक्स हॉस्पिटल पर पहुंचे जहां लगभग 10 मरीज भर्ती थे लेकिन कोई भी डॉक्टर या स्टाफ नर्स मौजूद नहीं थी। लापरवाही बरतने पर अस्पताल को सील कर दिया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 19:45:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाइफ लाइन हास्पिटल बस्ती की लापरवाही से एक नवजात ने तोड़ा दम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिलेमें निजी अस्पतालों के गोरखधंधे का शिकार फिर एक नवजात हुई और लाइफ लाइन हास्पिटल के कर्मचारियों  की जालसाजी से उसकी जान चली गयी और अस्पताल प्रशासन द्वारा मृतका के तीमारदारों से फोन कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है परन्तु पीड़ित पक्ष बिना कार्यवाही किसी भी शर्त को मानने को तैयार नहीं है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार माधुरी पत्नी दिलीप निवासी परसामाफी , विकास खण्ड सांथा जनपद - संतकबीर नगर ने 12 मार्च 2026 को दिन में 4 बजे प्रतापपुर के एक सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में नवजात को जन्म दिया। स्वास्थ्य केन्द्र पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174706/a-newborn-died-due-to-negligence-of-life-line-hospital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260330-wa0078.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिलेमें निजी अस्पतालों के गोरखधंधे का शिकार फिर एक नवजात हुई और लाइफ लाइन हास्पिटल के कर्मचारियों  की जालसाजी से उसकी जान चली गयी और अस्पताल प्रशासन द्वारा मृतका के तीमारदारों से फोन कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है परन्तु पीड़ित पक्ष बिना कार्यवाही किसी भी शर्त को मानने को तैयार नहीं है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार माधुरी पत्नी दिलीप निवासी परसामाफी , विकास खण्ड सांथा जनपद - संतकबीर नगर ने 12 मार्च 2026 को दिन में 4 बजे प्रतापपुर के एक सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में नवजात को जन्म दिया। स्वास्थ्य केन्द्र पर बताया गया कि बच्चा जन्म के बाद रोया नही , कोई समस्या न हो इसलिए बच्चे को कहीं स्पेस्लिस्ट डाक्टर को दिखाया जाए। इसके बाद नवजात के परिजन उसे लेकर नंदौर आए और वहाँ पर एक पैथालोजी में सीबीसी व अन्य जाँच करवाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रिपोर्ट में इंफेक्शन की पुष्टि हुई और तुरन्त ही परिजन वहाँ से चलकर लाइफ लाइन अस्पताल बस्ती पहुँचे व रात कबीर 10.30 बजे भर्ती करा दिया , यहीं से फिर अस्पताल वालों के लूटपाट का खेला शुरु हो जाता है। एक सप्ताह भर्ती रहने के बाद प्रतिदिन अस्पताल प्रशासन द्वारा हजारो से ऊपर की दवाएं क्रय करायी गयी परन्तु मरीज के स्थिति में कोई अच्छा सुधार नहीं आया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिनाँक 21 मार्च को नवजात के तीमारदारों द्वारा अस्पताल प्रशासन से मरीर को रिफर करने की बात की गयी परन्तु अस्पताल के जिम्मेदारों द्वारा तीमारदारों को समझाया गया कि आज तक का जो हिसाब रुपया 36000 हजार बन रहा है उसे जमा करा दो बच्चा ठीक है दो चार दिन और रहो उसका कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा इसके बाद बच्चा पूर्णतः स्वस्थ्य हो जायेगा और हम उसे डिस्चार्ज कर देंगें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धीरे धीरे बच्चे की हालत  बिगड़ती गयी और दिनांक 28 मार्च दिन शनिवार को अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीज के तीमारदारों के पास फोन करके बताया गया कि आपका बच्चा स्वस्थ्य हो गया है आकर डिस्चार्ज करा लीजिए और तीमारदारों के आते ही पैसे की माँग करते हुए रुपये 7000 का और भुगतान कराया गया और आनन - फानन में मरीज को यह कहते हुए डिस्चार्ज कर दिया गया कि बच्चा स्वस्थ्य हो गया है इसे ले जाइए । घर पहुंचते ही बच्चा सीरियस होता गया और अगले दिन अर्थात् 29 मार्च को दम तोड़ दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बच्चे की मौत की खबर जब लाइफ लाइन हॉस्पिटल  को लगी तभी से अस्पताल प्रशासन व गोल्डी नामक कर्मचारी मामले को दबाने में लगे हैं । यद्यपि परिजन कार्यवाही के सिवाय किसी शर्त पर मानने को तैयार नहीं हैं और परिजन यहाँ तक कह रहे  हैं कि हमने खेत गिरवी रखकर  बच्चे की दवा कराया और अस्पताल वाले हमसे हमारा बच्चा भी छीन लिए और ऊपर से कर्ज का बोझ और लद गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लाइफ लाइन हॉस्पिटल के लिए यह कोई नयी बात नहीं है बिना जाँच ही तीमारदारों से जांच के पैसे जबरदस्ती जमा कराएं जाते हैं । पीड़ित दिलीप व माधुरी तथा अन्य तीमारदारों ने लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर कठोर कार्यवाही करते हुए दवा के नाम पर गलत तरीके से वसूले गए पैसे को वापस कराने की मांग जिला प्रशासन से किया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 20:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टाफ नर्स रीना वर्मा पर मरीजों से दुर्व्यवहार और वसूली करने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केमहर्षि वशिष्ठ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली बस्ती में तैनात स्टाफ नर्स रीना वर्मा पर मरीजों से दुर्व्यवहार व मरीजों की देख-रेख में लापरवाही / मनमानी करने का आरोप लगा है जिसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व जिले के अन्य जिम्मेदार अधिकरियों से शिकायत की गई है और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर डियूटी के दौरान मरीजों के साथ मनमानी करने वाली स्टाफ नर्स रीना वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि विकासखण्ड हर्रैया निवासी रोशन अली ने दिनांक 27.02.2026 को पीड़ित ने अपने सुपुत्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172027/staff-nurse-reena-verma-accused-of-misbehaving-and-extorting-money"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260301-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केमहर्षि वशिष्ठ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली बस्ती में तैनात स्टाफ नर्स रीना वर्मा पर मरीजों से दुर्व्यवहार व मरीजों की देख-रेख में लापरवाही / मनमानी करने का आरोप लगा है जिसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व जिले के अन्य जिम्मेदार अधिकरियों से शिकायत की गई है और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर डियूटी के दौरान मरीजों के साथ मनमानी करने वाली स्टाफ नर्स रीना वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि विकासखण्ड हर्रैया निवासी रोशन अली ने दिनांक 27.02.2026 को पीड़ित ने अपने सुपुत्र शोएव अली को महर्षि वशिष्ठ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली बस्ती में पी०आई०सी०यू० वार्ड में भर्ती कराया था जिसका आई०पी०डी० नं0-5425 है। दोपहर में लगभग 2:00 बजे से डियूटी पर (वार्ड में ) तैनात स्टाफ नर्स रीना वर्मा शाम को सुई लगवाने के लिए सारे मरीज को एक साथ अपने कक्ष में बुला रही थी उसी क्रम में पीड़ित के मरीज को भी बुलाया गया और स्टाफ नर्स द्वारा कहा गया कि बच्चे को यही ले आओ मैं सूई यहीं लगा दूंगी तब पीड़ित ने स्टाफ नर्स से कहा कि मरीज IPD का है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसे बोतल भी लगा हुआ है आप वही आकर सुई लगा दीजिए तो वह नाराज होने लगी और पीड़ित से कहा कि तुम जावो जब मुझे समय मिलेगा तो मैं आ कर सुई लगा लगाउंगी और स्टाफ नर्स रीना वर्मा ने पीड़ित के मरीज को सुई नही लगाई। सूत्रों की माने तो यदि कोई मरीज अस्पताल परिसर में भर्ती है तो क्रमवार स्टाफ नर्स को मरीज के बेड पर जाकर सुई लगाना चाहिए परन्तु PICU वार्ड में ऐसा नहीं है। वहाँ जितने भी बच्चे भर्ती है सबको स्टाफ नर्स रीन वर्मा अपने कक्ष में बुलाकर सुई लगाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुनः अगले दिन शाम को जब पीड़ित के बच्चे को बुलाया तो पीड़ित ने उसका सख्त विरोध किया तो स्टाफ नर्स रीना वर्मा ने पीड़ित को धमका रही थी और कह रही थी कि मैं यहीं कि रहने वाली हूँ मेरा घर अस्पताल के बगल में है तुम मेरा कुछ नहीं कर सकते हमारा जो मन कहेगा हम वही करूंगी। जिस पर यह बड़ा सवाल है कि क्या उ०प्र० के सभी चिक्तिसालयों में वहां के लोकल मरीजो का ही इलाज सम्भव है दूर दराज से आने वाले मरीजो का इलाज नहीं होता है ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित ने स्टाफ नर्स रीना वर्मा के व्यवहार से क्षुब्ध होकर अपने मरीज की छुट्टी कराकर महर्षि वशिष्ठ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली बस्ती से लेकर अन्य अस्पताल में चला गया क्योंकि पीड़ित को डर था कि स्टाफ नर्स रेनू वर्मा द्वारा मेरे बच्चे को गलत इंजेक्शन न लगा दिया जाय। पीड़ित रोशन अली ने कहा कि स्टाफ नर्स रीना वर्मा का अजब गजब कारनामा सीसीटीवी कैमरे में कैद है यदि सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निष्पक्ष जांच हो जाए तो मरीजों के साथ इलाज में मनमानी करने वाली स्टाफ नर्स रीना वर्मा का काला कारनामा का फर्दाफाश हो सकता है और भविष्य में होने वाली बड़ी घटना को रोका जा सकता है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:52:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डेढ़ साल पहले कराई नसबंदी, फिर भी हुआ तीसरा बच्चा; महिला ने सरकार से मांगा खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जालौन (उत्तर प्रदेश):</strong></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के डाकोर क्षेत्र की एक महिला ने डेढ़ साल पहले नसबंदी कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दे दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने इसे सरकारी चूक बताते हुए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से शिकायत की है और बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार से उठाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार के मुखिया भानुप्रताप, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे थे। परिवार नियोजन के तहत उन्होंने दूसरे बच्चे के जन्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171874/sterilization-done-one-and-a-half-year-ago-yet-she"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/nasbandi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालौन (उत्तर प्रदेश):</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के डाकोर क्षेत्र की एक महिला ने डेढ़ साल पहले नसबंदी कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दे दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने इसे सरकारी चूक बताते हुए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से शिकायत की है और बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार से उठाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार के मुखिया भानुप्रताप, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे थे। परिवार नियोजन के तहत उन्होंने दूसरे बच्चे के जन्म के समय पत्नी की नसबंदी कराई थी। ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नसबंदी सफल होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वे निश्चिंत होकर घर लौट आए।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय बाद महिला के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिवार हैरान रह गया। भानुप्रताप का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पिछले करीब दो साल से वे अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डीएम ने दिए जांच के आदेश</h3>
<p style="text-align:justify;">मामले की शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार से खर्च उठाने की मांग</h3>
<p style="text-align:justify;">भानुप्रताप का कहना है कि महंगाई के दौर में वे दो बच्चों का पालन-पोषण ही मुश्किल से कर पा रहे हैं। उन्होंने परिवार नियोजन अभियान का पालन करते हुए नसबंदी कराई थी, लेकिन अब तीसरे बच्चे के जन्म से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उनका कहना है कि यदि नसबंदी में लापरवाही हुई है तो बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार को उठाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 16:48:39 +0530</pubDate>
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