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                <title>उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ताला गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180879/health-camp-organized-in-tala-village-under-100-day-tb-free-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है । टीबी रोग कोई जानलेवा बीमारी नही होती है लेकिन टीबी रोग व इलाज के बारे में समुचित जानकारी न होने के कारण कभी - कभी टीबी रोग जानलेवा साबित हो जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शासन के निर्देश के क्रम में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत के ग्राम ताला में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें टीबी रोग से संबंधित जानकारी दी गई एवं निःशुल्क जांच की गई एवं दवाइयां भी वितरित किया गया । स्वास्थ्य शिविर में शुगर , वीपी , तौल समेत अन्य जांच निःशुल्क की गई । इस शिविर में डॉ. अजय शुक्ला, एक्स-रे टेक्नीशियन भूपेन्द्र सिंह, एसटीएलएस संदीप कुमार, एसटीएस संकट मोचन यादव, सीएचओ अर्चना पटेल, अमरेश, साक्षी, अंजली, एएनएम सरिता कुमारी, फार्मासिस्ट कोमल, एक्स-रे टेक्नीशियन के सहयोगी अब्बासी तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर फिरोज खान समेत आदि कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:50:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएचसी कचनरवा में डॉक्टर नदारद, लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/ सोनभद्र -</strong> नव सृजित विकास खण्ड कोन/ सीएचसी चोपन अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचनारवा चिकित्सक विहीन है। बतातें चलें कि उक्त स्वास्थ्य केन्द्र पर एक फर्मासिस्ट, एक संविदा एएनम, एक चतुर्थ </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  श्रेणी कर्मचारी और एक चिकित्सक की नियुक्ति है पर विडंबना है कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक वर्षों से लगभग समय गायब रहते हैं। मिली जानकारी के अनुसार चिकित्साधिकारी महीनें में कभी एक दिन के लिए आकर महीने भर की कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं। जिसके क्रम में सोमवार को स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार प्रदर्शन कर चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाने व ऐसे लापरवाह चिकित्साधिकारी के</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179466/people-missing-doctors-in-phc-kachnarwa-staged-a-strong-demonstration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001619695.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कोन/ सोनभद्र -</strong> नव सृजित विकास खण्ड कोन/ सीएचसी चोपन अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचनारवा चिकित्सक विहीन है। बतातें चलें कि उक्त स्वास्थ्य केन्द्र पर एक फर्मासिस्ट, एक संविदा एएनम, एक चतुर्थ </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> श्रेणी कर्मचारी और एक चिकित्सक की नियुक्ति है पर विडंबना है कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक वर्षों से लगभग समय गायब रहते हैं। मिली जानकारी के अनुसार चिकित्साधिकारी महीनें में कभी एक दिन के लिए आकर महीने भर की कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं। जिसके क्रम में सोमवार को स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार प्रदर्शन कर चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाने व ऐसे लापरवाह चिकित्साधिकारी के उपर नकेल कसने की मांग किया है। वहीं वरिष्ट समाज सेवी जोखन प्रसाद व गंगा प्रसाद सहित कैलास राम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के उपर आरोप लगाया है कि पीएचसी कचनारवा पर जब चिकित्सक की ड्यूटी है तो आखिर किन कारणों से हॉस्पिटल में नहीं दिखते हैं जबकि स्थानीय लोग ईलाज के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं और झोला छाप डॉक्टरों की शरण में जाकर जान तक गंवाने को मजबूर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर सवालिया निशान लगना लाजिमी हैं। गौरतलब है कि पीएचसी कचनारवा लगभग 12 किलोमीटर चारों तरफ से घिरा है यहाँ भोली भाली जनता ईलाज के लिए परेशान है पर विभाग के कान तक इसकी आवाज सुनाई नहीं दे रही है और वहीं इन दिनों हॉस्पिटल अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है यहाँ न तो शौचालय का व्यवस्था सही और न ही कैंपस में बिजली की व्यवस्था। विषम परिस्थितियों में रात में आने वाले मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बतादें कि यहाँ चारों तरफ झाड़ी व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जहाँ एक तरफ प्रदेश के यश्ववी मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री गरीबों के स्वास्थ्य सेवा के लिए कटिवद्ध हैं वहीं ऐसे गैर जिम्मेदार चिकित्सक के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जो जनहित में नहीं है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से जोखन प्रसाद, बिहारी प्रसाद यादव, गंगा प्रसाद,अमरकेश, कैलास, रघुवर प्रसाद आदि शामिल रहे। वहीं पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी कचनारवा से सेल फोन पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु कॉल रीसीव नहीं हुआ बल्कि उन्होंने अपने फर्मासिस्ट को कॉल करके जानकारी जरूर ली किन्तु पत्रकारों से बात करना उचित नहीं समझा । इस बावत सी एच सी अधीक्षक चोपन ने कहा कि पता करते हैं आखिर वास्तविकता क्या है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर पी के राय ने सेल फोन पर बताया कि पता करते हैं। आखिर सबसे बड़ा सवाल कि शीर्ष पद पर बैठे अधिकारियों को इसकी जानकारी कैसे नहीं है। लोगों के जेहन में सवाल है कि क्या लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल पायेगी या लोग झोला छाप डॉक्टरों की शरण में जाकर अपनी जान गंवाते रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से मांग किया है कि ऐसे लापरवाह डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त कर अन्य डॉक्टर की नियुक्ति की जाय।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 वर्षों से साऊँघाट सीएचसी पर जमे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार ने मचाया लूट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178979/health-education-officer-brijendra-kumar-who-had-been-working-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2013 को बृजेन्द्र कुमार की तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साऊँघाट में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के रूप में हुई थी । तैनाती से अद्यतन तिथि तक बृजेन्द्र सीएचसी साऊँघाट में ही जमें हैं जिसको लेकर क्षेत्र में तरह - तरह की चचाएं चल रही हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नियमों की यदि बात करें तो कोई कर्मचारी जनपद में तीन वर्ष तथा मंडल में अधिकतम 7 वर्ष तक सेवा दे सकता हैं परन्तु बृजेन्द्र कुमार के मामले में जिम्मेदारों ने इतनी क्यों दरियादिली दिखाई और अधिकतम 3 वर्ष के बजाए 13 साल क्यों जमें हैं को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है । प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में बैठक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  बैठक में जिलाधिकारी ने सख हिदायत देते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को भी सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सरकारी चिकित्सक उनके यहां पै्रक्टिस न करने पाये। उन्होंने कहा कि यदि औचक निरीक्षण में किसी भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178627/meeting-regarding-complaints-regarding-private-practice-of-government-doctors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa0136.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बैठक में जिलाधिकारी ने सख हिदायत देते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को भी सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सरकारी चिकित्सक उनके यहां पै्रक्टिस न करने पाये। उन्होंने कहा कि यदि औचक निरीक्षण में किसी भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम में कोई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया गया तो सम्बंधित सरकारी चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई की ही जायेगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही साथ सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्टेªशन को भी निरस्त किया जायेगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सरकारी अस्पतालों के सीएमएस को ऐसे सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सीएमएस सहि अपर जिलाधिकारी एवं अपर नगर मजिस्टेªटों के माध्यम से भी औचक निरीक्षण कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एलआईयू को भी अपने स्तर से निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त करने तथा प्राइवेट पै्रक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि दोनो कार्य एक साथ नहीं हो सकते, यदि कोई सरकारी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस ही करना चाहता है, तो पहले उसको त्यागपत्र देना होगा। उन्होंने आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी इसकी निरंतर निगरानी करने तथा इसको प्रोत्साहित न करने के निर्देश दिए।  है।</div>
<div style="text-align:justify;">      इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रधानाचार्य मोती लाल नेहरू मेडिक कालेज डाॅ0 वी0के पाण्डेय, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय बेली की सीएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के सीएमएस तथा मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारीगणों के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 20:33:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएचसी का 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश  अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए  मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया । सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177398/instructions-given-to-conduct-30-percent-inspection-of-phc-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260424-wa0431.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश  अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए  मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया । सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं गोल्डेन ऑवर में घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके, के बारे में बनाये गये प्लान के बारे में विस्तार से बताया, ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपर मुख्य सचिव के द्वारा मण्डल के समस्त जनपदों में स्थित स्वास्थ्य इकाइयों का अन्य जनपदों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई विजिट के उपरांत  स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, चिकित्सालयों में मूलभूत अवसरंचना, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, क्रिटिकल इक्यूपमेंट की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल डिस्पोजल, पेयजल, वेटिंग एरिया, टॉयलेट, इंटरनेट, साफ-सफाई, हाई रिस्क प्रेगनेंसी, टीकाकरण, मातृ एवं बाल मृत्यु दर, एफआरयू, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से निर्देशित किया कि सभी जनपदों में संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये तथा आमजन को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराया जाये।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल के सभी चारों मुख्य चिकित्साधिकारियों को चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किए जाने में लापरवाही बरतने आवश्यक, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाने में दिलचस्पी न लिए जाने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिए है। उन्होंने मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के प्राचार्य के बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने   सुविधाओं की वृद्धि में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य चिकित्साधिकारियों को  बिना इंडेंट जनरेशन के कोई भी औषधि आपूर्ति होगी, तो सम्बंधित मुख्य चिकित्साधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक के विरूद्ध कार्यवाही की चेतावनी दी।। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों से चादरों के धुलाई की व्यवस्था  की जानकारी लेते हुए सभी चिकित्सालयों में चादरों की धुलाई में उच्च क्वॉलिटी सुनिश्चित करने के साथ ही बेड की संख्या के अनुरूप चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के लिए कहा है। धुलाई केन्द्रों में चादरों की हो रही धुलाई कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए भी कहा है। उन्होंने निष्प्रयोज्य योग्य एम्बुलेंस को निष्प्रयोज्य घोषित करने की कार्यवाही कराते हुए सभी की 03 माह के अंदर नीलामी कराये जाने तथा सभी चिकित्सालयों में किसी भी प्रकार का स्कै्रप डम्प नहीं पाया जाये, का निर्देश दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एएनसी रजिस्टेªशन के सापेक्ष शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की गहनता से मानीटरिंग करने के निर्देश दिए ह है तथा प्रसव के मामलों में 48 घण्टे तक चिकित्सालय में अवश्य भर्ती रखने के लिए कहा है। उन्होंने मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर में बेड एक्यूपेंसी, मात्र 19.40 प्रतिशत पाये जाने तथा एसएनसीयू पीडब्लूडी कौशाम्बी में संस्थागत प्रसव में औसत स्टे ड्यूरेशन 2.3 ऑवर ही होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराये जाने।  जनपद फतेहपुर व कौशाम्बी की सीएचसी में थ्राम्बोलिसिस की संख्या शून्य होने तथा मेडिकल कालेज फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज में अत्यधिक कम संख्या में थ्राम्बोलिसिस होने एवं हार्ट अटैक के आंकड़ों की कम संख्या में रिपोर्टिंग होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपर मुख्य सचिव ने अपर निदेशक से 15 दिन में सभी मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा सभी सीएचसी, पीएचसी का औचक निरीक्षण करने तथा किए जाने वाले निरीक्षणों में कम से कम 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाये जाने हेतु अपना शत-प्रतिशत प्रयास करने के लिए कहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु निरंतर मानीटरिंग की जाये तथा जनता की शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाये। इस अवसर पर महानिदेशक परिवार कल्याण, अपर निदेशक श्री डॉ0 राकेश शर्मा, मण्डल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्य, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:40:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>डेढ़ साल पहले कराई नसबंदी, फिर भी हुआ तीसरा बच्चा; महिला ने सरकार से मांगा खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जालौन (उत्तर प्रदेश):</strong></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के डाकोर क्षेत्र की एक महिला ने डेढ़ साल पहले नसबंदी कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दे दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने इसे सरकारी चूक बताते हुए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से शिकायत की है और बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार से उठाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार के मुखिया भानुप्रताप, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे थे। परिवार नियोजन के तहत उन्होंने दूसरे बच्चे के जन्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171874/sterilization-done-one-and-a-half-year-ago-yet-she"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/nasbandi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालौन (उत्तर प्रदेश):</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के डाकोर क्षेत्र की एक महिला ने डेढ़ साल पहले नसबंदी कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दे दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने इसे सरकारी चूक बताते हुए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से शिकायत की है और बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार से उठाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार के मुखिया भानुप्रताप, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे थे। परिवार नियोजन के तहत उन्होंने दूसरे बच्चे के जन्म के समय पत्नी की नसबंदी कराई थी। ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नसबंदी सफल होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वे निश्चिंत होकर घर लौट आए।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय बाद महिला के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिवार हैरान रह गया। भानुप्रताप का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पिछले करीब दो साल से वे अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डीएम ने दिए जांच के आदेश</h3>
<p style="text-align:justify;">मामले की शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार से खर्च उठाने की मांग</h3>
<p style="text-align:justify;">भानुप्रताप का कहना है कि महंगाई के दौर में वे दो बच्चों का पालन-पोषण ही मुश्किल से कर पा रहे हैं। उन्होंने परिवार नियोजन अभियान का पालन करते हुए नसबंदी कराई थी, लेकिन अब तीसरे बच्चे के जन्म से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उनका कहना है कि यदि नसबंदी में लापरवाही हुई है तो बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार को उठाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171874/sterilization-done-one-and-a-half-year-ago-yet-she</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 16:48:39 +0530</pubDate>
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