<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/49468/girls-education" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Girls Education - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/49468/rss</link>
                <description>Girls Education RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1782656585168.jpg"                         length="118736"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन को ‘टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026’ में  किया गया शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong>  “एजुकेट गर्ल्स” की संस्थापक सफीना हुसैन को टाइम वुमेन ऑफ द ईयर 2026 की सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर बदलाव लाने वाली और समानता के लिए काम कर रही महिलाओं को दिया जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सफीना हुसैन 16 वैश्विक सम्मानित महिलाओं में से एक हैं। इस सूची में अभिनेत्री टियाना टेलर, जिन्होंने ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ में शानदार प्रदर्शन से हॉलीवुड में सराहना पाई; सिडनी मैक्लॉघलिन, ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और रिकॉर्ड तोड़ने वाली खिलाड़ी, जो ट्रैक और फील्ड में उत्कृष्टता की नई परिभाषा दे रही हैं; ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रसिद्ध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171831/educate-girls-founder-safina-hussain-included-in-time-woman-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0209.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> “एजुकेट गर्ल्स” की संस्थापक सफीना हुसैन को टाइम वुमेन ऑफ द ईयर 2026 की सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर बदलाव लाने वाली और समानता के लिए काम कर रही महिलाओं को दिया जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सफीना हुसैन 16 वैश्विक सम्मानित महिलाओं में से एक हैं। इस सूची में अभिनेत्री टियाना टेलर, जिन्होंने ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ में शानदार प्रदर्शन से हॉलीवुड में सराहना पाई; सिडनी मैक्लॉघलिन, ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और रिकॉर्ड तोड़ने वाली खिलाड़ी, जो ट्रैक और फील्ड में उत्कृष्टता की नई परिभाषा दे रही हैं; ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रसिद्ध अभिनेत्री और निर्माता लूसी ल्यू; और टीवी, फिल्म और थिएटर में काम करने वाली जानी-मानी अभिनेत्री और गायिका शर्ली ली राल्फ जैसी हस्तियाँ शामिल हैं। ‘टाइम वुमन ऑफ द ईयर’ के सम्मान के रूप में यह पहचान सफीना हुसैन के मिशन को वैश्विक स्तर पर पहचान देती है, जो शिक्षा में लिंग अंतर को कम करने के लिए काम कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सफीना हुसैन ने वर्ष 2007 में एजुकेट गर्ल्स संस्था की स्थापना की, ताकि भारत के ग्रामीण, दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में पढ़ाई से दूर रहने वाली लड़कियों की समस्या का समाधान किया जा सके। राजस्थान के कुछ गाँवों से शुरू हुआ यह प्रयास अब भारत में लड़कियों की शिक्षा को समर्थन देने वाले सबसे बड़े समुदाय-आधारित प्रयासों में से एक बन चुका है, जो 30,000 से अधिक गाँवों और 12 राज्यों तक पहुँच स्थापित कर चुका है। सफीना हुसैन ने टाइम के इंटरव्यू में कहा, “पहले दिन से लेकर आज तक, हमारा ध्यान सिर्फ पढ़ाई से दूर रहने वाली लड़कियों पर रहा है, क्योंकि यह मेरा खुद का अनुभव है। मुझे पता है कि पीछे रह जाने पर कैसा लगता है।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह सम्मान सफीना हुसैन और एजुकेट गर्ल्स के लिए एक अद्भुत साल के बाद आया है। वर्ष 2025 में, इस संस्था ने रमन मैगसेसे पुरस्कार (जिसे अक्सर एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है) जीतने वाली पहली भारतीय संस्था बनने का गौरव हासिल किया। इसके अलावा, संस्था ने अपने टीईडी ऑडिशियस प्रोजेक्ट के लक्ष्य को पूरा किया और 20 लाख से अधिक पढ़ाई से दूर रहने वाली लड़कियों को फिर से शिक्षा में लौटने में मदद की। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सफीना 'एवरी लास्ट गर्ल: अ जर्नी टू एजुकेट इंडियाज़ फॉरगॉटन डॉटर्स' नामक किताब की लेखिका भी हैं, जो जनवरी में प्रकाशित हुई थी। इस पुस्तक में उन्होंने अपने व्यक्तिगत सफर को भारत के सबसे वंचित समुदायों की लड़कियों की कहानियों के साथ जोड़ा है। इसमें जमीन स्तर पर उन रुकावटों का वर्णन है, जो लाखों लड़कियों को स्कूल से दूर रखती हैं और उन समाधानों का भी जिक्र है, जो उन्हें फिर से पढ़ाई में लौटने में मदद करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस सम्मान के बारे में बात करते हुए सफीना हुसैन ने कहा, “मुझे यह सम्मान मिलने पर बहुत सम्मान और कृतज्ञता महसूस हो रही है। यह सम्मान भारत में लड़कियों की शिक्षा के लिए चल रहे आंदोलन पर ध्यान आकर्षित करता है और हमारी लड़कियों के साहस, धैर्य और अपना भविष्य बनाने के मजबूत संकल्प को उजागर करता है। यह सम्मान हमारे संकल्प को और मजबूत करता है कि हम वर्ष 2035 तक दस मिलियन (एक करोड़) और लड़कियों तक पहुँच स्थापित करेंगे और हर लड़की को आवाज, चुनाव का अधिकार और आत्मनिर्भरता दिलाएँगे।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गायत्री नायर लोबो, सीईओ, एजुकेट गर्ल्स ने कहा, यह सम्मान सरकार और स्थानीय समुदायों के साथ लगातार सहयोग के महत्व को दिखाता है। उन्होंने कहा, “हमें बहुत गर्व है कि भारत के ग्रामीण इलाकों की 20 लाख से अधिक लड़कियों को फिर से शिक्षा में वापस लाने के विज़न के लिए टाइम के वैश्विक मंच पर सफीना हुसैन को सम्मानित किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यह महत्वपूर्ण सम्मान उन लड़कियों तक पहुँच स्थापित करने के लिए चल रही निरंतर साझेदारी के महत्व को रेखांकित करता है, जो अभी-भी शिक्षा से दूर हैं और उन्हें पढ़ाई में बनाए रखने और सफल बनाने के प्रयासों को मजबूत करता है। यह सम्मान हमारे 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों, हजारों लैंगिक समानता समर्थकों, भागीदारों और सहयोगियों के समर्पण को भी दर्शाता है, जिनकी मेहनत से यह काम संभव हो पाया है।”  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सफीना हुसैन और एजुकेट गर्ल्स को मिली यह पहचान लड़कियों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने के उनके मिशन का एक नया पड़ाव है। इस साल की टाइम वुमन ऑफ द ईयर सूची में टाइम उन हस्तियों को सम्मानित कर रहा है, जिनके बारे में उसका मानना है कि वे “2026 में महिलाओं और लड़कियों के सामने आने वाली सबसे गंभीर समस्याओं पर काम कर रहे हैं।” टाइम 10 मार्च को लॉस एंजेलेस में होने वाले ‘वुमन ऑफ द ईयर लीडरशिप फोरम’ और ‘वुमन ऑफ द ईयर गाला’ में 2026 की वुमन ऑफ द ईयर पुरस्कार का जश्न मनाएगा। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171831/educate-girls-founder-safina-hussain-included-in-time-woman-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171831/educate-girls-founder-safina-hussain-included-in-time-woman-of</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 22:08:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260227-wa0209.jpg"                         length="109055"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        