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                <title>Environmental Awareness - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Environmental Awareness RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जल सप्ताह के अंतर्गत IFFCO फूलपुर में जल संरक्षण पर प्रबंधन की बैठक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित ‘भूजल सप्ताह’ के अंतर्गत IFFCO फूलपुर इकाई में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर IFFCO फूलपुर इकाई के वरिष्ठ महाप्रबंध पी. के. सिंह, प्रमुख (अनुरक्षण)  पी. के. पटेल, महाप्रबंधक श्री रत्नेश कुमार,अनिल कुमार गुप्ता, संयुक्त महाप्रबंधक  संतोष कुमार सिंह,  आर पी यादव,  संजय कुमार,  गोयल, एवं  आशीष कुमार प्रमुख (कार्मिक एवं प्रशासन)  शंभू शेखर, विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण आज की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183992/management-meeting-on-water-conservation-at-iffco-phulpur-under-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260722-wa0105.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित ‘भूजल सप्ताह’ के अंतर्गत IFFCO फूलपुर इकाई में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर IFFCO फूलपुर इकाई के वरिष्ठ महाप्रबंध पी. के. सिंह, प्रमुख (अनुरक्षण)  पी. के. पटेल, महाप्रबंधक श्री रत्नेश कुमार,अनिल कुमार गुप्ता, संयुक्त महाप्रबंधक  संतोष कुमार सिंह,  आर पी यादव,  संजय कुमार,  गोयल, एवं  आशीष कुमार प्रमुख (कार्मिक एवं प्रशासन)  शंभू शेखर, विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपने कार्यस्थल एवं घरों में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:53:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संरक्षण का दिया गया संदेश, भूजल रिचार्ज तकनीकों की दी जानकारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भूजल सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को जनपद में भूजल संरक्षण एवं जल संसाधनों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सीबीएल कॉन्वेंट विद्यालय एवं गुरु तेग बहादुर खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को भूजल के महत्व, गिरते भूजल स्तर, भूजल दोहन के दुष्परिणाम, जल की उपलब्धता तथा भूजल रिचार्ज की आधुनिक एवं पारंपरिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार बढ़ते भूजल दोहन और वर्षा जल के समुचित संरक्षण के अभाव में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि समय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183562/message-given-on-water-conservation-and-information-given-on-ground"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260717-wa0159.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भूजल सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को जनपद में भूजल संरक्षण एवं जल संसाधनों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सीबीएल कॉन्वेंट विद्यालय एवं गुरु तेग बहादुर खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को भूजल के महत्व, गिरते भूजल स्तर, भूजल दोहन के दुष्परिणाम, जल की उपलब्धता तथा भूजल रिचार्ज की आधुनिक एवं पारंपरिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार बढ़ते भूजल दोहन और वर्षा जल के समुचित संरक्षण के अभाव में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है। उन्होंने छात्राओं से वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ निबंध लेखन, पेंटिंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं ने जल संरक्षण के महत्व और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की शिक्षकों एवं अतिथियों ने सराहना की।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 19:17:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>समेकित विद्यालय में दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ने किया वृक्षारोपण।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार के  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री  नरेंद्र कश्यप द्वारा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, गेदुराही मेजा मेंएक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण, निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 की पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी, लंच बॉक्स  आदि वितरित किया गया। विभाग के उपनिदेशक, अभय कुमार श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अशोक कुमार गौतम, विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार, शिक्षिका अनिता सरन, वरिष्ठ सहायक संजय कुमार यादव अन्य बहुद्देशीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा अधिक से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183295/minister-for-empowerment-of-persons-with-disabilities-planted-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0069.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार के  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री  नरेंद्र कश्यप द्वारा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, गेदुराही मेजा मेंएक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण, निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 की पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी, लंच बॉक्स  आदि वितरित किया गया। विभाग के उपनिदेशक, अभय कुमार श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अशोक कुमार गौतम, विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार, शिक्षिका अनिता सरन, वरिष्ठ सहायक संजय कुमार यादव अन्य बहुद्देशीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संदेश दिया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेड़ लगाइए जरूर, मगर पेड़ बचाइए — शिक्षक डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु'</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अंबेडकर नगर।   </strong> प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षक एवं पर्यावरण जागरूकता के प्रेरक डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका नियमित संरक्षण करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है । ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पेड़ लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए । डॉ. जिज्ञासु ने कहा कि एक विकसित पेड़ वर्षों तक हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा संतुलन, जैव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183258/plant-trees-but-save-trees-%E2%80%93-teacher-dr-tarakeshwar-mishra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1006297982.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अंबेडकर नगर।   </strong> प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षक एवं पर्यावरण जागरूकता के प्रेरक डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका नियमित संरक्षण करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है । ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पेड़ लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए । डॉ. जिज्ञासु ने कहा कि एक विकसित पेड़ वर्षों तक हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा संतुलन, जैव विविधता का संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करता है । यदि लगाए गए पौधे कुछ ही दिनों में सूख जाएं, तो पौधारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को पेड़ बनने तक संरक्षित करने का संकल्प  लें । उन्होंने विद्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा युवाओं से अपील की कि वे केवल औपचारिक पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित सिंचाई, सुरक्षा, ट्री-गार्ड की व्यवस्था तथा समय-समय पर पौधों की देखरेख सुनिश्चित करें ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है । अंत में डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने समाज से आह्वान किया कि "पेड़ लगाइए जरूर, मगर पेड़ बचाइए" का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर धरती को हरित, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। यही आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और सच्ची सेवा होगी।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 20:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की चहकती ज़िंदगी पर पड़ रहा विकास का काला साया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब किसी शहर से बच्चों की खिलखिलाहट गुम होने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझ लेना चाहिए कि वहां विकास ने दिशा खो दी है। किसी समाज की असली समृद्धि उसकी ऊँची इमारतों में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के हिस्से आए खुले आसमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाली और सुरक्षित खेल-स्थलों में दिखाई देती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्भाग्य से शहर जितनी तेजी से फैल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक पार्क और खेल के मैदान उतनी ही तेजी से सिमट रहे हैं। जहां कभी नंगे पांव दौड़ता बचपन सपने संजोता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां आज सूखी जमीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टूटे झूले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंग लगी फिसलपट्टियां और कंक्रीट का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183099/the-dark-shadow-of-development-is-falling-on-the-vibrant"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(1)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब किसी शहर से बच्चों की खिलखिलाहट गुम होने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझ लेना चाहिए कि वहां विकास ने दिशा खो दी है। किसी समाज की असली समृद्धि उसकी ऊँची इमारतों में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के हिस्से आए खुले आसमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाली और सुरक्षित खेल-स्थलों में दिखाई देती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्भाग्य से शहर जितनी तेजी से फैल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक पार्क और खेल के मैदान उतनी ही तेजी से सिमट रहे हैं। जहां कभी नंगे पांव दौड़ता बचपन सपने संजोता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां आज सूखी जमीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टूटे झूले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंग लगी फिसलपट्टियां और कंक्रीट का फैलता साम्राज्य खड़ा है। यह केवल सौंदर्य का ह्रास नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों पर मौन प्रहार है। यदि बचपन से खेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति और खुलापन छीन लिया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसकी कीमत केवल बच्चे नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा समाज चुकाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कंक्रीट की हर नई दीवार हरियाली की कीमत पर खड़ी होती है। बीते दो दशकों में अनियोजित शहरीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक उदासीनता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भ्रष्टाचार और नागरिक चुप्पी ने सार्वजनिक पार्कों को उपेक्षित कर दिया। कई महानगरों में प्रति बच्चे उपलब्ध खेल क्षेत्र आधे से भी कम रह गया है। नतीजा—बचपन स्क्रीन में कैद है। शारीरिक गतिविधियां घटने से मोटापा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक तनाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अकेलापन और व्यवहारगत समस्याएं बढ़ रही हैं। प्रकृति से कटता बचपन तकनीक में दक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर शरीर से दुर्बल और मन से असंतुलित होता जा रहा है। यह समाज के भविष्य की गंभीर चेतावनी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बचपन की पहली पाठशाला किसी इमारत में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खुले आकाश के नीचे बसती है। पार्क केवल खेल का मैदान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला हैं। यहीं बच्चे मित्रता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सहयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हार-जीत का संतुलन और प्रकृति से रिश्ता सीखते हैं। मिट्टी की सोंधी गंध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेड़ों की छांव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पक्षियों का कलरव और साथियों का साथ वे संस्कार देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कोई स्क्रीन या बंद कमरा नहीं दे सकता। पार्क खत्म होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बचपन का यह अध्याय अधूरा रह जाता है। सबसे अधिक मार सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके पास निजी क्लब या महंगे प्ले जोन का विकल्प नहीं होता। उनके बच्चे गलियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छतों और व्यस्त सड़कों पर खेलने को विवश हैं। खेल का अधिकार भी अब आर्थिक असमानता की भेंट चढ़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे भयावह स्थिति तब होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब बच्चों के लिए बनी जगहें ही असुरक्षित हो जाएं। जो पार्क बचे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। रखरखाव का बजट आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर उसका बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार या अधूरे कार्यों में सिमट जाता है। टूटे झूले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंग लगी फिसलपट्टियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गंदे पानी के गड्ढे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूखी घास और कचरा अब सामान्य दृश्य हैं। अनेक स्थानों पर अतिक्रमण ने पार्कों की जमीन निगल ली है। कहीं राजनीतिक आयोजन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहीं अस्थायी निर्माण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो रात होते ही कई पार्क असामाजिक तत्वों और शराबियों के अड्डे बन जाते हैं। नतीजा यह है कि जहां बच्चों को सबसे सुरक्षित होना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं जाने से परिवार कतराने लगे हैं। किसी संवेदनशील समाज के लिए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर उजड़ा पार्क योजनाओं नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईमानदार इच्छाशक्ति की मांग करता है। यह संकट असाध्य नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि सरकारें इसे सौंदर्यीकरण नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य का प्रश्न मानें। प्रत्येक शहर में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>"<span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क पुनर्जागरण मिशन"</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत पुराने पार्कों का वैज्ञानिक पुनर्विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित खेल उपकरण और नियमित रखरखाव की जवाबदेही तय हो। हर नए आवासीय प्रकल्प में </span>18 <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत क्षेत्र हरित पार्क और खेल क्षेत्र के लिए कानूनी रूप से आरक्षित हो। डिजिटल निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक ऑडिट और वित्तीय पारदर्शिता से सुनिश्चित किया जाए कि पार्कों का बजट कागजों पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धरातल पर दिखे। विकास की हर योजना में बच्चों का खेल क्षेत्र अंतिम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहला अधिकार होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारें अकेले बचपन नहीं बचा सकतीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">समाज को भी आगे आना होगा। किसी मोहल्ले का पार्क तभी जीवित रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब लोग उसे अपना मानें। स्थानीय निवासी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवी संस्थाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिक और युवा मिलकर पार्कों को गोद लें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वृक्षारोपण और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएं। शिक्षा व्यवस्था भी सहभागी बने। विद्यालयों में प्रत्येक सप्ताह</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>"<span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क डे"</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां बच्चे खेल के साथ प्रकृति को समझें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण सीखें और खुली हवा में सामूहिक गतिविधियों का अनुभव करें। अभिभावकों को भी समझना होगा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल कोचिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंक और डिजिटल उपकरणों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि खुले मैदान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिट्टी की सोंधी खुशबू और प्रकृति के सान्निध्य से भी होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कानून तभी सार्थक होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब वे कागज से उतरकर जनजीवन की रक्षा करें। सार्वजनिक पार्कों को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">शून्य सहनशीलता क्षेत्र</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">घोषित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अतिक्रमण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावसायिक उपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक आयोजन और असामाजिक गतिविधियों की कोई जगह न हो। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कठोर दंड और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। नगर निकायों का निरीक्षण औपचारिकता न रहे</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रत्येक पार्क की स्थिति सार्वजनिक पोर्टल पर हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि नागरिक भी निगरानी कर सकें। प्रशासन की दृढ़ता और समाज की सजगता से ही पार्कों की गरिमा लौटेगी। अन्यथा विकास की चकाचौंध में बचपन का उजाला खोता रहेगा और हम आंकड़ों में प्रगति तलाशते रह जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब बच्चों से खुला आकाश छिनने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझ लीजिए समाज का भविष्य सिमट रहा है। जिसने खुले मैदान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेड़ों की छांव और प्रकृति की गोद में जीवन नहीं सीखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे स्वस्थ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशील समाज की अपेक्षा कैसे की जा सकती है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क विलासिता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर बच्चे का मौलिक अधिकार हैं। यदि आज हम उसके हिस्से का आकाश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाली और खेल छीन रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कल उससे रचनात्मकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशीलता और सामाजिक संतुलन की अपेक्षा का नैतिक अधिकार भी खो देंगे। इसलिए सार्वजनिक पार्कों की रक्षा केवल पर्यावरण नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। जहां पार्कों में बचपन की हंसी गूंजती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं सशक्त भविष्य जन्म लेता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183099/the-dark-shadow-of-development-is-falling-on-the-vibrant</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केक काटकर व वृक्षारोपण कर मनाया अखिलेश यादव का जन्म दिन </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन सप्ताह के दूसरे दिन महानगर अध्यक्ष हाजी फज़ल महमूद के नेतृत्व में कानपुर महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण, केक कटिंग एवं पीडीए जनसंदेश यात्रा के संकल्प के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;">  </div>
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<div>इसी क्रम में जाजमऊ में कार्यक्रम संयोजक एवं महानगर उपाध्यक्ष मिफ्ताउल हक़ 'इशरत इराक़ी' के संयोजन में वृक्षारोपण एवं केक कटिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं उस्मानपुर कॉलोनी, किदवई नगर में कार्यक्रम संयोजक सुधांशु मिश्रा के संयोजन में केक काटकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। सभी कार्यक्रम</div></div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182619/celebrated-akhilesh-yadavs-birthday-by-cutting-cake-and-planting-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002055485.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन सप्ताह के दूसरे दिन महानगर अध्यक्ष हाजी फज़ल महमूद के नेतृत्व में कानपुर महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण, केक कटिंग एवं पीडीए जनसंदेश यात्रा के संकल्प के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।</div>
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<div style="text-align:justify;">
<div>इसी क्रम में जाजमऊ में कार्यक्रम संयोजक एवं महानगर उपाध्यक्ष मिफ्ताउल हक़ 'इशरत इराक़ी' के संयोजन में वृक्षारोपण एवं केक कटिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं उस्मानपुर कॉलोनी, किदवई नगर में कार्यक्रम संयोजक सुधांशु मिश्रा के संयोजन में केक काटकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। सभी कार्यक्रम महानगर अध्यक्ष हाजी फज़ल महमूद के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुए।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना करते हुए पीडीए का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और जनसंपर्क का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू,महासचिव संजय सिंह बंटी,महेन्द्र सिह,रजत मिश्रा,शबाब अबरार,शादाब खान,तौसीफ खान,राजेंद्र कोरी,गुड्डू यादव,दीपक कश्यप,मुमताज मंसूरी आदि लोग मौजूद रहे।</div>
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<div class="adL"> </div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182619/celebrated-akhilesh-yadavs-birthday-by-cutting-cake-and-planting-trees</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:03:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्राक्ष, चंदन व मौलश्री समेत 51 पौधे रोपे, पूर्व विधायक को चंदन का पौधा भेंट कर किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>वन महोत्सव (1 से 7 जुलाई) के तहत गुरुवार को सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की भांभर रेंज द्वारा बीरपुर सेमरा स्थित वन विश्राम भवन परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रुद्राक्ष, आम, चंदन, मौलश्री सहित आस्था एवं पर्यावरण से जुड़े 51 पौधों का रोपण किया गया। जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निवर्तमान गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182591/51-plants-including-rudraksh-sandalwood-and-maulshree-were-planted-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0749.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>वन महोत्सव (1 से 7 जुलाई) के तहत गुरुवार को सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की भांभर रेंज द्वारा बीरपुर सेमरा स्थित वन विश्राम भवन परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रुद्राक्ष, आम, चंदन, मौलश्री सहित आस्था एवं पर्यावरण से जुड़े 51 पौधों का रोपण किया गया। जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निवर्तमान गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का एक सशक्त माध्यम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वन क्षेत्राधिकारी योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि हरियाली बढ़ाना और वन संपदा का संरक्षण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्राधिकारी ने निवर्तमान विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' को चंदन का पौधा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक ने वन विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में वन दरोगा सूर्य नारायण उर्फ टिल्लू सिंह, वनरक्षक शैलेश कुमार पाठक,सुशील कुमार यादव, युवा समाजसेवी सुनील कुमार त्रिपाठी, बब्लू बाल्मीकि, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल सहित वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव के तहत भांभर रेंज में आगामी दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण अभियान जारी रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निवर्तमान गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने वन विभाग की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वन क्षेत्राधिकारी योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि हरियाली बढ़ाना और वन संपदा का संरक्षण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्राधिकारी ने निवर्तमान विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' को चंदन का पौधा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक ने वन विभाग के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में वन दरोगा सूर्य नारायण उर्फ टिल्लू सिंह, वनरक्षक शैलेश कुमार पाठक, युवा समाजसेवी सुनील कुमार त्रिपाठी, बब्लू बाल्मीकि, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल सहित वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। युवा समाजसेवी एवं दैनिक भास्कर पत्रकार वसीम अहमद ने भी चंदन का पौधा लगाया। अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव के तहत भांभर रेंज में आगामी दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण अभियान जारी रहेगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:15:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में फलदार वृक्षों की गुठलियाँ लगाएँ, पर्यावरण की सुरक्षा करें योगेंद्र कुमार सह अधीक्षक तिहाड़ जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182461/plant-kernels-of-fruit-trees-in-monsoon-and-protect-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260627-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की गुठलियाँ और बीज ही लगाए जाएँ। हमने इस विचार को व्यवहार में उतारा और वर्षा ऋतु में बड़ी संख्या में जामुन, आम, इमली, बेर तथा अन्य फलदार वृक्षों की गुठलियाँ बोईं। अगले मानसून तक उनसे लगभग ढाई से तीन फीट ऊँचे स्वस्थ पौधे तैयार हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद हमने इन पौधों का निःशुल्क वितरण शुरू किया और स्वयं भी उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित किया। आज हमारा पौधारोपण अभियान पूरी तरह निःशुल्क है।मैं आप सभी से भी विनम्र आग्रह करता हूँ कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस मानसून में फलों की गुठलियाँ और बीज अवश्य लगाएँ। अगले वर्ष मानसून में तैयार पौधों को किसी उपयुक्त स्थान पर रोपित करें। बिना किसी बड़े खर्च के हम सभी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।पिछले वर्ष तिहाड़ जेल के बंदियों एवं स्टाफ के सहयोग से हमने बड़ी संख्या में जामुन की गुठलियाँ लगाई थीं, जो आज 2–3 फीट ऊँचे पौधों में विकसित हो चुकी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली सरकार के 'वन महोत्सव' अभियान में हम इन पौधों का निःशुल्क वितरण करेंगे तथा उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित भी करेंगे।फलदार वृक्ष लगाने के अनेक लाभ हैं। ये न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि फल खाने वाले सुंदर पक्षियों को भी पुनः उनके प्राकृतिक आवास में लौटने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही हमें भी बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के ताज़े और पौष्टिक फल प्राप्त होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त ये वृक्ष प्रदूषण कम करने, वातावरण को शुद्ध रखने तथा भरपूर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।आइए, इस मानसून एक संकल्प लें—हर घर, हर परिवार और हर नागरिक कम से कम एक फलदार वृक्ष की गुठली अवश्य लगाए। यही छोटा-सा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण की नींव बनेगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:54:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनोरमा जनजागृति यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, नदी संरक्षण हेतु प्रदेश की सबसे बड़ी एवं लंबी जनजागरण यात्रा </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में मनोरमा नदी को स्वच्छ, अविरल एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग को लेकर आयोजित "मनोरमा जनजागृति यात्रा" रविवार को जनसमर्थन के अभूतपूर्व उत्साह के बीच संपन्न हुई। यात्रा का नेतृत्व वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने किया। मखौड़ा धाम से प्रारंभ होकर जिलाधिकारी कार्यालय बस्ती तक लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा में हजारों लोगों ने मोटरसाइकिलों एवं अन्य माध्यमों से सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मखौड़ा धाम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने मखौड़ा धाम एवं मनोरमा नदी के ऐतिहासिक, धार्मिक और</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181323/people-gathered-in-manorama-janajagruti-yatra-the-biggest-and-longest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260615-wa0134.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में मनोरमा नदी को स्वच्छ, अविरल एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग को लेकर आयोजित "मनोरमा जनजागृति यात्रा" रविवार को जनसमर्थन के अभूतपूर्व उत्साह के बीच संपन्न हुई। यात्रा का नेतृत्व वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने किया। मखौड़ा धाम से प्रारंभ होकर जिलाधिकारी कार्यालय बस्ती तक लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा में हजारों लोगों ने मोटरसाइकिलों एवं अन्य माध्यमों से सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मखौड़ा धाम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने मखौड़ा धाम एवं मनोरमा नदी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल, जीवन का आधार है तथा नदियों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि मनोरमा नदी केवल एक जलधारा नहीं बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और पर्यावरणीय संतुलन की पहचान है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके उपरांत हजारों समर्थकों के साथ मोटरसाइकिल यात्रा के रूप में जनजागरण अभियान प्रारंभ हुआ। यात्रा मार्ग में अनेक स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं व्यापारियों द्वारा यात्रियों का स्वागत किया गया तथा जलपान की व्यवस्था की गई। प्रत्यक्षदर्शियों एवं उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार छोटी नदियों की सफाई एवं संरक्षण को समर्पित यह प्रदेश की सबसे बड़ी एवं सबसे लंबी जनजागरण यात्राओं में से एक रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर यात्रा से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मनोरमा नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने, नियमित सफाई कराने तथा नदी पुनर्जीवन के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग रखी। इस दौरान अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता एवं बहस हुई। प्रतिनिधिमंडल को विकास भवन में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया, किंतु वहां पहुंचने पर अपेक्षित स्तर पर अधिकारियों की उपलब्धता नहीं होने से समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।</div>
<div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने आरोप लगाया कि नदी संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रशासनिक उदासीनता चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जनहित के इस मुद्दे पर प्रशासन का सहयोग अपेक्षित था, किंतु न तो पर्याप्त व्यवस्थाएं दिखाई दीं और न ही जनभावनाओं के अनुरूप तत्परता। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हुआ तो वह शासन स्तर पर विस्तृत शिकायत एवं सुझाव प्रस्तुत करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं बल्कि समाधान के लिए रचनात्मक सहयोग देना भी है। उन्होंने बताया कि बीते डेढ़ दशक में मनोरमा नदी के संरक्षण के लिए अनेक ज्ञापन, पत्र, धरना-प्रदर्शन एवं सुझाव दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय युवाओं एवं स्वयंसेवकों के सहयोग से विभिन्न घाटों के आसपास लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर 1500 कुंतल से अधिक मलबा निकालने का कार्य भी किया गया, किंतु प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने की लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और जनहित की लड़ाई है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर शिवचरन जायसवाल, शक्तीदीप पाठक, विमलेन्द्र सिंह, अनुज त्रिपाठी, विनोद चौधरी, अवशेष पाठक, अभिषेक शर्मा, हीरालाल वर्मा, अवधेश वर्मा, रत्नेश श्रीवास्तव, देवशरण शुक्ल, उमानाथ द्विवेदी, राहुल शास्त्री, अतुल शास्त्री, विवेक पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, पशुपतिनाथ चौबे, नवीन तिवारी सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रह</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:47:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। पीके सिंह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001823231.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वरिष्ठ प्रबंधक ई.पी.सी. उमेश कुमार ने पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए आ कार्यक्रम का विस्तार पूर्वक विवरण दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी,कर्मचारी, महिलाओं एवं बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन हेमलता सिजोरिया तथा धन्यवाद ज्ञापन अनूप यादव ने किया। इस दौरान महाप्रबंधक क्रमशः पी.के.पटेल, रत्नेश कुमार,ए.के.गुप्ता,सतर्कता अधिकारी अजय कुमार मिश्र, सुरेश कुमार सिंह <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823230.jpg" alt="1001823230" width="1280" height="851"></img>(ईपीसी) मौजूद रहे।  पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार विजेताओं के नाम निम्नलिखित हैः-</div>
<div style="text-align:justify;">चित्रकला प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 1 से कक्षा 3 तक</div>
<div style="text-align:justify;">1. सोनाली पाल</div>
<div style="text-align:justify;">2. अर्शी यादव</div>
<div style="text-align:justify;">3. श्रुति पाल</div>
<div style="text-align:justify;">4. आदविक कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">5. सामर्थ्य पाल</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 4 से प तक </div>
<div style="text-align:justify;">1. आनवी कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">2. श्रुति प्रसाद</div>
<div style="text-align:justify;">3. आदया सूद</div>
<div style="text-align:justify;">4. आरध्या गुप्ता</div>
<div style="text-align:justify;">5. शिवांश शंकर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पानी की बर्बादीः क्या हम अनजाने में पानी नष्ट कर रहे हैं और इसे कैसे रोका जाये।)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">1. पार्वी दुबे </div>
<div style="text-align:justify;">2. आंगना सरकार</div>
<div style="text-align:justify;">3. नाइशा यादव</div>
<div style="text-align:justify;">4. सानवी शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">5. आकांक्षा कुमारी</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 9 से 10  तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">(विषयः- आधुनिक तकनीक और ई कचरा क्या गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण के लिए एक नया और गंभीर संकट है)</div>
<div style="text-align:justify;">1. अनुष्का यादव</div>
<div style="text-align:justify;">2. आइजा फात्मा</div>
<div style="text-align:justify;">3. सृजन पाण्डेय</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु प्रकृति- आधारित उपाय)</div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारी वर्ग</div>
<div style="text-align:justify;">1. अश्वनी श्रीवास्तव</div>
<div style="text-align:justify;">2. नीतू सिंह</div>
<div style="text-align:justify;">3. सुबोधना शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">4. रजत पाठक</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली एवं घरेलू अपशिष्ट का उचित प्रबंधन)</div>
<div style="text-align:justify;">महिला वर्ग </div>
<div style="text-align:justify;">1. प्रतिमा दुबे</div>
<div style="text-align:justify;">2. आशा त्रिपाठी</div>
<div style="text-align:justify;">3. मालती तिवारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      सादर</div>
<div style="text-align:justify;">  (स्वयम् प्रकाश)</div>
<div style="text-align:justify;">जनसम्पर्क अधिकारी</div>
<div style="text-align:justify;">   इफको फूलपुर</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:17:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनजीटी सदस्य ने की पर्यावरणीय कार्यों की समीक्षा, समधा ताल पुनर्जीवन की सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग पार्कों, उद्यानों एवं कृषि कार्यों में करने तथा भूजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181004/ngt-member-reviews-environmental-works-and-praises-samadha-tal-revitalization"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0047.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग पार्कों, उद्यानों एवं कृषि कार्यों में करने तथा भूजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने जिलाधिकारी शैलेष कुमार के प्रयासों से संचालित समधा ताल पुनर्जीवन एवं संरक्षण योजना की विशेष सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान, जल संरक्षण एवं हरित विकास से जुड़े कार्यों की भी प्रशंसा की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, प्रभागीय वनाधिकारी विवेक यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181004/ngt-member-reviews-environmental-works-and-praises-samadha-tal-revitalization</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:41:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनटीपीसी रिहंद पहुंचे क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक दिवाकर कौशिक, एफजीडी परियोजना व सौर ऊर्जा संयंत्र का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बीजपुर /सोनभद्र-</strong> एनटीपीसी रिहंद परियोजना में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ एनएसपीसीएल दिवाकर कौशिक का गरिमामयी दौरा संपन्न हुआ। परियोजना परिसर पहुंचने पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तरा क्लब की अध्यक्षा सीमा कौशिक भी उपस्थित रहीं।</div><div><br /></div><div>दौरे की शुरुआत में दिवाकर कौशिक ने ‘बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का अवलोकन किया और उसमें भाग ले रही ग्रामीण बालिकाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के जन्मदिन समारोह में भी सहभागिता करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।</div><div><br /></div><div>इसके पश्चात प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180984/ntpc-regional-executive-director-diwakar-kaushik-reached-rihand-and-inspected"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001712795.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बीजपुर /सोनभद्र-</strong> एनटीपीसी रिहंद परियोजना में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ एनएसपीसीएल दिवाकर कौशिक का गरिमामयी दौरा संपन्न हुआ। परियोजना परिसर पहुंचने पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तरा क्लब की अध्यक्षा सीमा कौशिक भी उपस्थित रहीं।</div><div><br /></div><div>दौरे की शुरुआत में दिवाकर कौशिक ने ‘बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का अवलोकन किया और उसमें भाग ले रही ग्रामीण बालिकाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के जन्मदिन समारोह में भी सहभागिता करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।</div><div><br /></div><div>इसके पश्चात प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने एसएमसी सदस्यों के साथ संयंत्र के प्रदर्शन एवं परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की। साथ ही यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की।</div><div><br /></div><div>एफजीडी परियोजना और सौर ऊर्जा संयंत्र का किया निरीक्षण</div><div>दौरे के दौरान दिवाकर कौशिक ने पर्यावरणीय मानकों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने एफजीडी स्टेज-1 एवं स्टेज-3 के लाइम स्टोन एवं जिप्सम हैंडलिंग सिस्टम के विद्युत भवन का उद्घाटन भी किया।</div><div><br /></div><div>इसके अलावा उन्होंने निर्माणाधीन 20 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र तथा इनटेक चैनल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div><div><br /></div><div>सांस्कृतिक संध्या में प्रतिभाओं का सम्मान</div><div><br /></div><div>शाम को तरंग प्रेक्षागृह में आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में टाउनशिप के विद्यालयों, बाल भवन, ईडब्ल्यूए तथा महिला क्लब वेलफेयर विंग के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।</div><div><br /></div><div>अपने संबोधन में दिवाकर कौशिक ने रिहंद परियोजना को उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय का गौरवशाली स्तंभ बताते हुए यहां की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, उपलब्धियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।</div><div>पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश</div><div><br /></div><div>रिहंद परियोजना से प्रस्थान पूर्व दिवाकर कौशिक, सीमा कौशिक, संजय असाटी एवं वर्तिका महिला मंडल की अध्यक्षा नीलू असाटी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया।</div><div><br /></div><div>इस अवसर पर एनटीपीसी रिहंद के वरिष्ठ अधिकारी, महिला क्लब की पदाधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:38:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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