<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/49406/swami-chidanand-saraswati" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>स्वामी चिदानन्द सरस्वती - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/49406/rss</link>
                <description>स्वामी चिदानन्द सरस्वती RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संगम तट पर भव्य गंगा आरती: आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति का दिव्य संगम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> शुक्रवार को पावन त्रिवेणी संगम तट पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में आयोजित संगम आरती का दिव्य और भव्य आयोजन सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का अद्भुत प्रतिबिंब बनकर उभरा। इस अवसर पर प्रयागराज की कमिश्नर अपनी सहपरिवार गरिमामयी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।इस पावन आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने हेतु तेलंगाना स्थित  से पधारे  (वेदा स्वामी जी) का सान्निध्य प्राप्त हुआ। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उनके साथ आई ऋषिकन्याओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को वैदिक ज्ञान और सनातन परंपराओं की गहराई से ओत-प्रोत कर दिया सायंकालीन बेला में जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर अग्रसर हुआ,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173750/grand-ganga-aarti-on-the-banks-of-sangam-a-divine"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260320-wa0277.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> शुक्रवार को पावन त्रिवेणी संगम तट पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में आयोजित संगम आरती का दिव्य और भव्य आयोजन सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का अद्भुत प्रतिबिंब बनकर उभरा। इस अवसर पर प्रयागराज की कमिश्नर अपनी सहपरिवार गरिमामयी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।इस पावन आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने हेतु तेलंगाना स्थित  से पधारे  (वेदा स्वामी जी) का सान्निध्य प्राप्त हुआ। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उनके साथ आई ऋषिकन्याओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को वैदिक ज्ञान और सनातन परंपराओं की गहराई से ओत-प्रोत कर दिया सायंकालीन बेला में जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर अग्रसर हुआ, संगम तट दीपों की दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।परमार्थ त्रिवेणी पुष्प के ऋषिकुमारों एवं वेद विद्यापीठ की ऋषिकन्याओं ने अनुशासन,श्रद्धा और समर्पण के साथ भव्य गंगा आरती प्रस्तुत की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> वैदिक मंत्रों की गूंज ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति का संचार किया। यह दृश्य प्राचीन गुरुकुल परंपरा के पुनर्जीवन का सजीव उदाहरण बना।इस अवसर पर कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि  अध्यक्ष  पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित यह संगम आरती भारतीय संस्कृति, एकता और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और नई पीढ़ी को सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्वामी वेद विद्यानंदगिरि ने अपने संदेश में वेदों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक हम अपनी वैदिक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर से जुड़े रहेंगे, तब तक समाज सुदृढ़ और संतुलित बना रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति को समझें, अपनाएं और उसके संरक्षण में सक्रिय योगदान दें।</div></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173750/grand-ganga-aarti-on-the-banks-of-sangam-a-divine</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173750/grand-ganga-aarti-on-the-banks-of-sangam-a-divine</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 20:29:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260320-wa0277.jpg"                         length="116387"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, में भगवान श्री जगन्नाथ जी की प्राण-प्रतिष्ठा पूर्णाहुति संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> शुक्रवार को तीर्थराज प्रयागराज के पावन संगम तट स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ जी की प्राण-प्रतिष्ठा पूर्णाहुति समारोह सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में संत समाज, शिक्षाविद्, न्यायविद्, उच्चाधिकारी, उद्योगपति एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में जगन्नाथ धाम पुरी से पधारे प्रमुख आचार्य श्री मधुसूदन जी सहित प्रयागराज के लगभग सभी मठों, अखाड़ों, मंदिरों एवं आश्रमों के पूज्य संतों ने अपनी पावन उपस्थिति से आयोजन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ सम्पूर्ण वातावरण भक्ति और दिव्यता से ओतप्रोत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171817/the-consecration-of-lord-shri-jagannath-ji-was-completed-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0220-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> शुक्रवार को तीर्थराज प्रयागराज के पावन संगम तट स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ जी की प्राण-प्रतिष्ठा पूर्णाहुति समारोह सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में संत समाज, शिक्षाविद्, न्यायविद्, उच्चाधिकारी, उद्योगपति एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में जगन्नाथ धाम पुरी से पधारे प्रमुख आचार्य श्री मधुसूदन जी सहित प्रयागराज के लगभग सभी मठों, अखाड़ों, मंदिरों एवं आश्रमों के पूज्य संतों ने अपनी पावन उपस्थिति से आयोजन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ सम्पूर्ण वातावरण भक्ति और दिव्यता से ओतप्रोत हो उठा।ऋषिकन्याओं द्वारा संगम आरती एवं कन्या गुरुकुल का आह्वान अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा, “प्राण-प्रतिष्ठा केवल मंदिर में नहीं, बल्कि अपने हृदय में ईश्वर की चेतना जगाने का संकल्प है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171817/the-consecration-of-lord-shri-jagannath-ji-was-completed-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171817/the-consecration-of-lord-shri-jagannath-ji-was-completed-in</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:48:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260227-wa0220-%281%29.jpg"                         length="129486"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        