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                <title>Government Land Encroachment - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Government Land Encroachment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हरे भरे पेड़ों पर चला लकड़कट्टो का आरा </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> तहसील शारदा नगर वन रेंज उसिया वीट कलीकापुरवा में  सरकारी नाला के आध दर्जन जामुन व शीशम के हरे भरे पेड़  लकड़कट्टे द्वारा काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं।कारण लक़ड़कट्टा पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है और विभागीय उदासीनता का परिणाम है कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176625/wood-sawing-on-lush-green-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo02........jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> तहसील शारदा नगर वन रेंज उसिया वीट कलीकापुरवा में  सरकारी नाला के आध दर्जन जामुन व शीशम के हरे भरे पेड़  लकड़कट्टे द्वारा काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं।कारण लक़ड़कट्टा पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है और विभागीय उदासीनता का परिणाम है कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों का बजट देकर हरे पेड़ों को लगाने और संरक्षित करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।वहीं जनपद लखीमपुर खीरी  में शारदा नगर रेंज के वीट उसिया के गांव कलीकापुरवा में आधा दर्जन हरेभरे, पेड़ काट  डाले जा रहें हैं। हरे भरे जामुन व शीशम आदि प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है इसके बावजूद  लकड़ी ठेकेदारों के खिलाफ   तहसील प्रशासन व वन विभाग शारदा नगर रेंज व पुलिस शारदा नगर  द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:09:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधान  कब्जाये  है सरकारी जमीन  तो क्या करे लेखपाल </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">मामला  तहसील गोला के  ग्राम पंचायत  पहलनापुर  का बताया जाता है  जहां पर  भूमि प्रबंध समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान  जिसके जिम्मे सरकारी जमीनों की सुरक्षा होती है  जब वही  नियम कानून को ताक पर रखकर सरकारी जमीनें हड़पने लगे तो  कैसे  बचेंगे  सरकारी जमीनें और कौन कराएगा  सरकारी जमीनों को अवैध कब्जा मुक्त।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वैसे भी प्रधान जी के कारनामे क्षेत्र में चर्चा का विषय बने है। सूत्र बताते हैं कि  प्रधान जी ने कई मार्गों का काग़ज़ों पर निर्माण कराकर  खंड बिकास अधिकारी विजुआ की मिलीभगत से  लाखों का बजट डकार गए हैं  लोगों की जुबानी सत्य माने तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174791/if-the-head-has-encroached-upon-government-land-then-what"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/0.004.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">मामला  तहसील गोला के  ग्राम पंचायत  पहलनापुर  का बताया जाता है  जहां पर  भूमि प्रबंध समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान  जिसके जिम्मे सरकारी जमीनों की सुरक्षा होती है  जब वही  नियम कानून को ताक पर रखकर सरकारी जमीनें हड़पने लगे तो  कैसे  बचेंगे  सरकारी जमीनें और कौन कराएगा  सरकारी जमीनों को अवैध कब्जा मुक्त।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वैसे भी प्रधान जी के कारनामे क्षेत्र में चर्चा का विषय बने है। सूत्र बताते हैं कि  प्रधान जी ने कई मार्गों का काग़ज़ों पर निर्माण कराकर  खंड बिकास अधिकारी विजुआ की मिलीभगत से  लाखों का बजट डकार गए हैं  लोगों की जुबानी सत्य माने तो प्रधान ऐलानिया कहते हैं कि हम विकास कार्य नहीं करवायेंगे  चाहे वोट कोई दे या न दे।प्रधान जी ने  वन टांगिया  में काग़ज़ों पर स्ट्रीट लाइट लगवाकर लाखों का बजट  डकार गए  यही हाल शौचालयों का भी बताया जाता है।  ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत और खंड बिकास अधिकारी विजुआ के संरक्षण में  सरकारी धन के बंदर बाट का  खेल खेला जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्र बताते हैं कि प्रधान जी को मिल रहे सत्ता संरक्षण के चलते  जनाब हकीकत के धरातल पर कार्य कराए वगैर ही  काग़ज़ों पर विकास की रेल दौड़ाकर  माला माल  हो रहे हैं।इससे भी जब पेट नहीं भर पाया  तो सरकारी जमीनें हड़पने का खेल बदस्तूर जारी है  आखिर. प्रधान के इस अवैध कब्जे पर तहसील प्रशासन  कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?क्या प्रधान को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का कोई विशेषाधिकार प्राप्त है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब देखना है कि  तहसील प्रशासन और  जिला प्रशासन  सरकारी जमीनें  हड़पने और अवैध कब्जा करने वालों पर क्या कार्रवाई कराता  है  ।या फिर सारे नियम कानून  गरीबों के लिए ही बने हैं  क्या यहाँ पर भी तुलसीदास जी की  चौपाई  चरितार्थ होती रहेगी  कि  समरथ को नहि दोष गोसाई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 19:23:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी भूमि पर कब्जा कर प्लाटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अरबों रुपये की सरकारी भूमि पर कब्जा कर प्लाटिंग तथा काफी हिस्सा बेचने के मामले की स्थानीय स्तर पर जांच अंतिम चरण में है। शहर पश्चिमी के काशीपुर उपहरहार, मरियाडीह और रसूलपुर गांवों में अरबों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब तहसील के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक राजस्व निरीक्षक को निलंबित किए जाने के साथ सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षण पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के बाद अब अन्य अधिकारियों पर गाज गिरना तय बताया जा रहा है। वहीं अब कब्जा कर फर्जी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174311/plating-by-occupying-government-land"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/412.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अरबों रुपये की सरकारी भूमि पर कब्जा कर प्लाटिंग तथा काफी हिस्सा बेचने के मामले की स्थानीय स्तर पर जांच अंतिम चरण में है। शहर पश्चिमी के काशीपुर उपहरहार, मरियाडीह और रसूलपुर गांवों में अरबों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब तहसील के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक राजस्व निरीक्षक को निलंबित किए जाने के साथ सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षण पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के बाद अब अन्य अधिकारियों पर गाज गिरना तय बताया जा रहा है। वहीं अब कब्जा कर फर्जी तरीके से बेची गई जमीन के बैनामों को निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन तीन गांवों में नगर निगम की कान्हा गोशाला की भूमि, चुनाव आयोग व एटीएस की लगभग 33 बीघे जमीन पर कब्जा का प्रकरण पिछले वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा था। शासन स्तर पर आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव बलकार सिंह, आइजी प्रयागराज अजय कुमार मिश्र व एडीएम प्रशासन रायबरेली सिद्धांत कुमार की एसआइटी गठित की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय स्तर पर डीसीपी नगर, एडीएम वित्त एवं राजस्व, पीडीए सचिव एडीसीपी, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार व एसीपी धूमनगंज की भी जांच कमेटी बनाई गई थी। एसआइटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर माफिया अतीक अहमद व अशरफ के करीबियों, रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भेज दिया गया, जिन्हें भूमाफिया भी घोषित किया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:57:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालाब पाटकर बसाई कॉलोनी, अब तीन मोहल्ले जलमग्न जिम्मेदारों पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> कस्बा खीरी के मोहल्ला हनिया टोला में वर्षों पहले अवैध रूप से तालाब पाटकर की गई प्लाटिंग अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जल निकासी का रास्ता बंद होने से कस्बे के तीन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और सड़कों पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तालाब को नगर पंचायत के अभिलेखों में दर्ज बताया जाता है, उसे पहले पाट दिया गया और फिर उस पर प्लॉट काटकर रजिस्ट्री तक कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, कई मकानों का निर्माण भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173696/colony-settled-after-filling-pond-now-three-localities-submerged-questions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/0.0044.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> कस्बा खीरी के मोहल्ला हनिया टोला में वर्षों पहले अवैध रूप से तालाब पाटकर की गई प्लाटिंग अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जल निकासी का रास्ता बंद होने से कस्बे के तीन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और सड़कों पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तालाब को नगर पंचायत के अभिलेखों में दर्ज बताया जाता है, उसे पहले पाट दिया गया और फिर उस पर प्लॉट काटकर रजिस्ट्री तक कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, कई मकानों का निर्माण भी हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय तक प्रशासन की नजरों से ओझल रहा।समस्या बढ़ने पर मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की, जिसके बाद नगर पंचायत ने तालाब पाटने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी किया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब तालाब पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग और निर्माण हो रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर कहां थे? मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पीस कमेटी की बैठक में स्थानीय लोगों ने यह मुद्दा सीओ/सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी, सदर एसडीएम  अश्विनी सिंह और नायब तहसीलदार के सामने उठाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर सदर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार तालाबों के संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम तालाब पाटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन तालाब को पुनः खुदवाकर उसकी मूल स्थिति बहाल करेगा या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।फिलहाल गंदे पानी से जूझ रहे लोग राहत की आस लगाए प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 18:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोहनलालगंज: रसूख के साये में 'वन संपदा' पर संकट, 10 बीघा सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong> राजधानी के मोहनलालगंज तहसील अंतर्गत अतरौली गांव में रसूखदारों द्वारा सरकारी तंत्र को ठेंगा दिखाकर वन विभाग की सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय भू-माफिया और प्रभावशाली व्यक्तियों ने सांठगांठ कर करीब 10 बीघा बेशकीमती वन भूमि को बाउंड्रीवॉल से घेर लिया है और वहां विला व बोरिंग जैसे पक्के निर्माण करा लिए हैं। हैरत की बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण की दुहाई देने वाला वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस बड़े अतिक्रमण से अनजान बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171795/crisis-on-forest-wealth-under-the-shadow-of-mohanlalganj-influence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0024.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong> राजधानी के मोहनलालगंज तहसील अंतर्गत अतरौली गांव में रसूखदारों द्वारा सरकारी तंत्र को ठेंगा दिखाकर वन विभाग की सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय भू-माफिया और प्रभावशाली व्यक्तियों ने सांठगांठ कर करीब 10 बीघा बेशकीमती वन भूमि को बाउंड्रीवॉल से घेर लिया है और वहां विला व बोरिंग जैसे पक्के निर्माण करा लिए हैं। हैरत की बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण की दुहाई देने वाला वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस बड़े अतिक्रमण से अनजान बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
<div>
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<div><strong>अभिलेखों में 'वन' श्रेणी की जमीन पर कब्जा</strong></div>
<div>ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, ग्राम अतरौली स्थित गाटा संख्या 1135, जो राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 5-3-ख (वन श्रेणी) के अंतर्गत दर्ज है, का कुल क्षेत्रफल लगभग 4.4830 हेक्टेयर है। यह पूरी भूमि दशकों से वन क्षेत्र के रूप में संरक्षित रही है और गांव के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के साथ-साथ पशुओं के चारे और स्थानीय आजीविका का मुख्य आधार रही है। आरोप है कि पिछले कुछ समय में रसूख के बल पर इस सुरक्षित भूमि के एक बड़े हिस्से (लगभग 10 बीघा) पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। मौके पर न सिर्फ बाउंड्रीवॉल खड़ी कर दी गई है, बल्कि विला बनाकर प्राकृतिक संपदा को निजी संपत्ति में तब्दील करने का प्रयास किया जा रहा है।</div>
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<div><strong>अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार</strong></div>
<div>शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस अवैध अतिक्रमण की शिकायत कई बार वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों और तहसील प्रशासन से की, लेकिन रसूखदारों के दबाव के चलते अब तक धरातल पर कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की यह सुस्ती कहीं न कहीं बड़े संरक्षण की ओर इशारा करती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों की मांग है कि सरकारी पैमाइश कराकर तत्काल अवैध निर्माण ढहाए जाएं और पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में सरकारी जमीनों पर ऐसी नजर न डाली जा सके।</div>
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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:18:11 +0530</pubDate>
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