<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/49218/up-agriculture-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>UP Agriculture News - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/49218/rss</link>
                <description>UP Agriculture News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ से बदली किसान की किस्मत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना का असर अब गांवों में साफ दिखने लगा है। सरसौल ब्लॉक के पाली भोगीपुर गांव के प्रगतिशील किसान राम जीवन ने आधुनिक स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पानी और बिजली की बचत का भी उदाहरण पेश किया है। राम जीवन ने बताया कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में काफी पानी बर्बाद हो जाता था, लेकिन अब स्प्रिंकलर प्रणाली से फसलों को जरूरत के अनुसार पानी मिल रहा है। इससे पानी की खपत में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आई है और फसल की गुणवत्ता भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176242/farmers-fortunes-changed-with-per-drop-more-crop-up-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001831608.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना का असर अब गांवों में साफ दिखने लगा है। सरसौल ब्लॉक के पाली भोगीपुर गांव के प्रगतिशील किसान राम जीवन ने आधुनिक स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पानी और बिजली की बचत का भी उदाहरण पेश किया है। राम जीवन ने बताया कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में काफी पानी बर्बाद हो जाता था, लेकिन अब स्प्रिंकलर प्रणाली से फसलों को जरूरत के अनुसार पानी मिल रहा है। इससे पानी की खपत में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आई है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पहले जहां 8.5 बीघा खेत की सिंचाई के लिए 10 एचपी की मोटर घंटों चलानी पड़ती थी, अब वही काम 5 एचपी की मोटर से कम समय में पूरा हो रहा है। इससे बिजली खर्च में भी बड़ी बचत हुई है। स्प्रिंकलर के जरिए पानी सीधे पौधों तक पहुंचता है, जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव हो पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राम जीवन ने बताया कि इस सिस्टम को लगाने में सरकार की ओर से 90 प्रतिशत अनुदान मिला, जिससे लाखों रुपये की लागत वाला यह सिस्टम उन्हें मात्र 27 हजार रुपये में उपलब्ध हो गया। किसान की इस सफलता से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी आधुनिक तकनीक अपनाने की रुचि बढ़ी है। यह पहल न केवल खेती को लाभकारी बना रही है, बल्कि गिरते भूजल स्तर को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176242/farmers-fortunes-changed-with-per-drop-more-crop-up-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176242/farmers-fortunes-changed-with-per-drop-more-crop-up-to</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 19:14:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001831608.jpg"                         length="162023"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना फार्मर रजिस्ट्री अब किसानों को पीएम किसान फसल बीमा सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही-</strong> जनपद में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज कर दिया गया है। एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत सभी भूमिधारक किसानों की 100 प्रतिशत रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल पंजीकृत किसानों को ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में कुल 1,66,267 कृषक हैं, जिनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 1,56751 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन गया  है। अभी भी 9516 किसान ऐसे हैं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री शेष है।  अवशेष</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175896/without-farmer-registry-now-farmers-will-not-get-the-benefits"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही-</strong> जनपद में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज कर दिया गया है। एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत सभी भूमिधारक किसानों की 100 प्रतिशत रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल पंजीकृत किसानों को ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में कुल 1,66,267 कृषक हैं, जिनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 1,56751 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन गया  है। अभी भी 9516 किसान ऐसे हैं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री शेष है।  अवशेष फार्मर रजिस्ट्री करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिलाधिकारी ने  निर्देशित किया निर्धारित समय सीमा के भीतर शत प्रतिशत पूर्ण करना सुनिश्चित कराए। यह भी कहे की कोई अधिकारी कर्मचारी  कार्य में लापरवाही शिथिलता उदासीनता रवैया अपनाएगा  उसे किसी कीमत पर बक्सा नहीं जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फार्मर राष्ट्रीय अभियान  06 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष फार्मर रजिस्ट्री कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में लेखपालों द्वारा खतौनी से संबंधित त्रुटियों का सुधार किया जाएगा तथा पंचायतीराज, राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त रूप से किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी किसानों से अपील की है कि जिनकी फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है, वे निर्धारित तिथियों के बीच अपने ग्राम पंचायत भवन पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण होने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि निवेश सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अभियान को गंभीरता से लेते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175896/without-farmer-registry-now-farmers-will-not-get-the-benefits</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175896/without-farmer-registry-now-farmers-will-not-get-the-benefits</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:54:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/images-%283%29.jpg"                         length="100118"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने गेहूं क्रय केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने गुरुवार को गेहूं क्रय केन्द्र परसनी, दाउदपुर, गौरामाफी का औचक निरीक्षण कर गेहूं खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। गेहूं क्रय केन्द्र परसनी के निरीक्षण केन्द्र प्रभारी से अब तक खरीद के सम्बन्ध जानकारी ली तो बताया कि 350 कुन्तल की खरीद की गयी है जिस पर निर्देशित किया कि किसानो से सम्पर्क कर गेहूं खरीद में तेजी लायी जाय। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होने इस दौरान स्टाक, इलेक्ट्रानिक कांटा सहित अन्य रजिस्टरो का अवलोकन किया और केन्द्र पर सबसे अधिक गेहूं विक्रय करने वाले किसान से फोन के माध्यम से वार्ता भी की। इस दौरान डीएम ने साधन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175630/district-magistrate-conducted-surprise-inspection-of-wheat-purchasing-centers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260409-wa0111.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने गुरुवार को गेहूं क्रय केन्द्र परसनी, दाउदपुर, गौरामाफी का औचक निरीक्षण कर गेहूं खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। गेहूं क्रय केन्द्र परसनी के निरीक्षण केन्द्र प्रभारी से अब तक खरीद के सम्बन्ध जानकारी ली तो बताया कि 350 कुन्तल की खरीद की गयी है जिस पर निर्देशित किया कि किसानो से सम्पर्क कर गेहूं खरीद में तेजी लायी जाय। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होने इस दौरान स्टाक, इलेक्ट्रानिक कांटा सहित अन्य रजिस्टरो का अवलोकन किया और केन्द्र पर सबसे अधिक गेहूं विक्रय करने वाले किसान से फोन के माध्यम से वार्ता भी की। इस दौरान डीएम ने साधन सहकारी समिति परसनी का निरीक्षण कर केन्द्र प्रभारी से खाद की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की और समिति में पुरानी खादों को डिस्पोजल कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। डीएम ने परसनी ग्रामसभा की जमीन का सीमांकन कराने और वहां पर बने तालाब का जीर्णोद्धार कराने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसके उपरान्त गेहूं क्रय केन्द्र दाउदपुर का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान केन्द्र प्रभारी सरिता यादव ने बताया कि 16 किसानों से 558 कुन्तल गेहूं की खरीद की गयी है।क्रय केन्द्र गौरामाफी के निरीक्षण में केन्द्र प्रभारी धर्मेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि 21 किसानो से 950 कुन्तल की खरीद की गयी है, सबसे अधिक खरीद होने पर डीएम ने केन्द्र प्रभारी की सराहना की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गेहूं क्रय केन्द्र पर इलेक्ट्रानिक कांटा का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने खाद गोदाम कुम्हिया पट्टी का भी निरीक्षण किया और वहां पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार की खादो के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि गोदाम से खादों का उठान किया जाता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गेहूॅ क्रय केन्द्रो पर उपस्थित किसानो से वार्ता कर उनकी समस्यायें सुनी। उन्होने कहा कि गेहूॅ खरीद शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नही की जायेगी। जिलाधिकारी ने केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसानो की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाय और किसी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने पाये।  निरीक्षण के दौरान ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट अनुष्का शर्मा, जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175630/district-magistrate-conducted-surprise-inspection-of-wheat-purchasing-centers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175630/district-magistrate-conducted-surprise-inspection-of-wheat-purchasing-centers</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:52:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260409-wa0111.jpg"                         length="164187"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खरीफ मौसम में उर्वरक की कालाबाजारी एवं अन्य उत्पादों की टैगिंग पर होगी कड़ी कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175526/strict-action-will-be-taken-against-black-marketing-of-fertilizers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/47.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओ को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विक्रेता को अपने दुकान पर स्पष्ट रूप से रेट बोर्ड तथा स्टॉक बोर्ड अवश्य लगाना होगा। आने वाले उर्वरकों की मात्रा तथा उसका विवरण स्टॉक रजिस्टर में लगातार एवं नियमित रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उर्वरकों की विक्री वितरण के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग, ओवर रेटिंग कालाबाजारी तथा तस्करी करते हुए जो भी विक्रेता पाया जाएगा के विस्द्ध उर्वरक अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्नित नियंन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में निहित प्रविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगा। उर्वरकों की विक्री निर्धारित दर से अधिक दर पर करने अथवा यूरिया व अन्य उर्वरकों के साथ जबरन अन्य उत्पादों की टैगिंग दुकानदार द्वारा की जाने की स्थिति में इसकी लिखित सूचना जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा दूरभाष नं-7839882339 एवं 9793096573 पर दर्ज करा सकते है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे संबन्धित विक्रेता के विस्द दंडात्मक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।उन्होने किसानों से अपील किया है कि वे खरीफ सीजन की फसलों की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक खरीदें। खरीदते समय बिल अवश्य लें। यदि आपको किसी उर्वरक की गुणवत्ता पर संदेह है, तो तुरंत नजदीकी कृषि कर्मचारी या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में इसकी सूचना दें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175526/strict-action-will-be-taken-against-black-marketing-of-fertilizers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175526/strict-action-will-be-taken-against-black-marketing-of-fertilizers</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 19:11:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/47.jpg"                         length="93159"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगातार सात वर्षों से गन्ना परिषद जेबीगंज के सचिव पद की कुर्सी पर जमें हुये है गजेन्द्र कटियार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> के जंगबहादुर गंज गन्ना विकास परिषद में आज सामान्य निकाय की बैठक का आयोजन किया गया उक्त मीटिंग में अध्यक्ष सहित गन्ना डायरेक्टर और डेलीगेट सम्मिलित हुए। उक्त मीटिंग में पूर्व की परम्पराओं को अनदेखा करते हुए वर्तमान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ साथ कुछ खास मीडियाकर्मियों छोड़कर मीडिया जगत को उक्त मीटिंग की भनक तक नहीं लगी और उन्हें अनदेखा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस मीटिंग में ऐसा क्या था जो जनप्रतिनिधियों और चुनिंदा मीडिया कर्मियों को छोड़कर सभी क्षेत्रीय मीडिया कर्मियों की अनदेखी की गई। सूत्रों से जानकारी मिली है कि राजनीतिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174786/gajendra-katiyar-has-been-holding-the-post-of-secretary-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/414.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> के जंगबहादुर गंज गन्ना विकास परिषद में आज सामान्य निकाय की बैठक का आयोजन किया गया उक्त मीटिंग में अध्यक्ष सहित गन्ना डायरेक्टर और डेलीगेट सम्मिलित हुए। उक्त मीटिंग में पूर्व की परम्पराओं को अनदेखा करते हुए वर्तमान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ साथ कुछ खास मीडियाकर्मियों छोड़कर मीडिया जगत को उक्त मीटिंग की भनक तक नहीं लगी और उन्हें अनदेखा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस मीटिंग में ऐसा क्या था जो जनप्रतिनिधियों और चुनिंदा मीडिया कर्मियों को छोड़कर सभी क्षेत्रीय मीडिया कर्मियों की अनदेखी की गई। सूत्रों से जानकारी मिली है कि राजनीतिक कृपा से गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज में सारे नियमों कानूनों को दरकिनार करके अपने कार्यकाल की लंबी पारी खेल रहे गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज के सचिव गजेंद्र कटियार जो कि लगभग 7 वर्षों से जंगबहादुर गंज में गन्ना सचिव पद कार्यरत है, शासन के सरकारी कर्मचारी की 3 वर्ष कार्यकाल की तबादला नीति की धज्जियां उड़ाते हुए जंगबहादुर गंज के गन्ना विकास परिषद के सचिव पद पर जमे हुए है के द्वारा इस प्रकार के कार्यव्यवहार कोई नए नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया को जानकारी न देना उसे अनदेखा करना उनकी कार्यशैली बन गई है। अब सवाल यह भी उठता है कि अपने कार्यव्यवहार से जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया की उपेक्षा करने वाले गन्ना विकास परिषद के सचिव पर शासन की तबादला नीति नहीं लागू होती, या फिर सत्ता पक्ष में राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों द्वारा अपने लाभ को लेकर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है और लगभग 7 वर्ष होने के बाद भी तबादला न होने का अभयदान दिया जा रहा है। अपने राजनीतिक रसूख और अच्छी पैठ के चलते ये गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज के सचिव पद पर वर्ष 2018 से कार्यरत सचिव गजेंद्र कटियार शासन की तबादला नीति की धज्जियां उड़ाते हुए अनवरत रूप से गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज के सचिव पद पर लंबी पारी खेले जा रहे है।एक लंबी पारी खेलने और राजनीतिक नब्ज पर अपनी पैनी पैठ के चलते क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं मीडिया शायद उनके लिए कोई मायने नहीं रखते और न ही उन्हें बुलाना या जानकारी देना वो उचित समझते है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खैर गन्ना विकास परिषद जंगबहादुर गंज में हुई सामान्य निकाय की बैठक में सर्वांगपुर से डेलीगेट सुबोध कांत अवस्थी के द्वारा सोसाइटी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप प्रत्यारोप लगाने व 3 डायरेक्टरों व अधिसंख्य डेलीगेटों की अनुपस्थित में संपन्न हुई। गन्ना समित उपाध्यक्ष श्रीमती उमा देवी के द्वारा भी मीटिंग को लेकर खिन्नता व्यक्त की गई उनके द्वारा पिछली मीटिंग में पनई चौराहे के पास स्थित बरम्बाबा के स्थान के पास स्थित मोड पर मिट्टी कार्य के लिए कहा गया उक्त कार्य को शीघ्र कराने का आश्वासन भी दिया गया था परंतु उक्त कार्य होने को लेकर एक वर्ष होने के बाद भी अब तक उक्त कार्य नहीं हुआ है।  वही समित के एक अन्य डायरेक्टर अवनीश शुक्ला के द्वारा भी गंभीर आरोप लगाया गया कि गन्ना विकास परिषद की बोर्ड की अथवा सामान्य निकाय की बैठक महज खानापूर्ति है हम लोगों से एजेंडे पर कार्य प्रस्ताव तो जरूर लिया जाता है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पर कार्य कोई नहीं करवाया जाता। हम लोग मीटिंग में केवल दस्तखत करने तक सीमित है। कई कार्यों को मीटिंग में रखा पर कोई कार्य नहीं होता है, मन करता है डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दूं। कहकर अपनी पीढ़ा बताई। खैर अब देखना है कि उच्चाधिकारी एवं गन्ना समित अध्यक्ष अपने डायरेक्टरों और डेलीगेटों तथा क्षेत्रीय किसानों की पीड़ा को समझते हुए क्या प्रभावी कदम उठाएंगे ये समय ही बताएगा। वहीं समिति मे भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174786/gajendra-katiyar-has-been-holding-the-post-of-secretary-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174786/gajendra-katiyar-has-been-holding-the-post-of-secretary-of</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 19:09:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/414.jpg"                         length="93159"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जहां खेतों में उग रही है तरक्की की नई कहानी, भीटी हवेली के किसान बदल रहे खेती की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> बिल्हौर तहसील का छोटा सा गांव भीटी हवेली अब खेती के बदलते स्वरूप का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। यहां खेतों में सिर्फ फसल नहीं उगती, बल्कि नई सोच, नई तकनीक और बढ़ती आय की एक सशक्त कहानी आकार ले रही है। परंपरागत खेती की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए यहां के किसान वैज्ञानिक विधियों से मक्का, सब्जियों और फूलों की खेती</div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गांव का स्थलीय निरीक्षण कर यहां की उन्नत खेती पद्धतियों को करीब से देखा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खेतों में विकसित मल्टी लेयर फार्मिंग की संरचनाएं और उनमें एक साथ उगती विविध फसलें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174040/where-a-new-story-of-progress-is-growing-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001766561.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> बिल्हौर तहसील का छोटा सा गांव भीटी हवेली अब खेती के बदलते स्वरूप का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। यहां खेतों में सिर्फ फसल नहीं उगती, बल्कि नई सोच, नई तकनीक और बढ़ती आय की एक सशक्त कहानी आकार ले रही है। परंपरागत खेती की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए यहां के किसान वैज्ञानिक विधियों से मक्का, सब्जियों और फूलों की खेती</div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गांव का स्थलीय निरीक्षण कर यहां की उन्नत खेती पद्धतियों को करीब से देखा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खेतों में विकसित मल्टी लेयर फार्मिंग की संरचनाएं और उनमें एक साथ उगती विविध फसलें इस बात का प्रमाण थीं कि यदि सोच बदली जाए तो खेती भी पूरी तरह बदल सकती है। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक कृषि आर.एस. वर्मा एवं जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीटी हवेली जैसे गांव पूरे जनपद के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव में कुल 453 कृषक हैं और 225 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर खेती होती है। इनमें से 375 किसान करीब 175 हेक्टेयर क्षेत्र में जायद मक्का की खेती कर रहे हैं। यहां गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों का दायरा सीमित हो गया है और उनकी जगह मक्का, सब्जियों और फूलों की खेती ने ले ली है, जिससे किसानों की आय में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव की पहचान बन चुकी मल्टी लेयर फार्मिंग अब किसानों के लिए आय का मजबूत आधार बन रही है। लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 50 किसान इस तकनीक को अपना रहे हैं, जिसमें एक ही खेत में अलग-अलग स्तरों पर कई फसलें उगाई जाती हैं। जिलाधिकारी ने प्रगतिशील किसान सुनील सिंह कटियार के खेत का अवलोकन किया, जहां एक ही संरचना में परवल, कुंदरू, बैंगन और फूलों की खेती एक साथ की जा रही है। यह मॉडल न केवल भूमि का बेहतर उपयोग करता है, बल्कि जोखिम को कम कर आय के कई स्रोत भी सुनिश्चित करता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174040/where-a-new-story-of-progress-is-growing-in-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174040/where-a-new-story-of-progress-is-growing-in-the</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:21:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1001766561.jpg"                         length="147305"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बसंतकालीन गन्ना बुवाई अभियान के तहत द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर ने की गोष्ठी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> द्वारकेश चीनी मिलऔर गन्ना विकास परिषद् नवाबगंज द्वारा  आज दिनांक 27-02-2026 को विकासखंड भदपुरा की ग्राम पंचायत कटैया बलदेव सिंह  में बसंत कालीन  गन्ना बुवाई हेतु वृहत गन्ना कृषक सामूहिक सभा का आयोजन किया गया,।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें  सहायक महा प्रबंधक गन्ना, उप प्रबंधक गन्ना,ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नवाबगंज द्वारा गन्ना कृषकों को गन्ना बुवाई संबंधी तकनीकी जानकारी दी गई जिसमें स्वीकृत गन्ना किस्मों जानकारी/ पहचान,ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई , संतुलित उर्वरक का प्रयोग एवं  रोग/कीट प्रबंधन तथा  बेहतर पेड़ी प्रबंधन द्वारा गन्ना उत्पादन बढ़ाने हेतु कृषकों को बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गन्ने की फसल के साथ सह खेती करने पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171782/dwarikesh-sugar-mill-faridpur-held-a-seminar-under-the-spring"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1.------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> द्वारकेश चीनी मिलऔर गन्ना विकास परिषद् नवाबगंज द्वारा  आज दिनांक 27-02-2026 को विकासखंड भदपुरा की ग्राम पंचायत कटैया बलदेव सिंह  में बसंत कालीन  गन्ना बुवाई हेतु वृहत गन्ना कृषक सामूहिक सभा का आयोजन किया गया,।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें  सहायक महा प्रबंधक गन्ना, उप प्रबंधक गन्ना,ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नवाबगंज द्वारा गन्ना कृषकों को गन्ना बुवाई संबंधी तकनीकी जानकारी दी गई जिसमें स्वीकृत गन्ना किस्मों जानकारी/ पहचान,ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई , संतुलित उर्वरक का प्रयोग एवं  रोग/कीट प्रबंधन तथा  बेहतर पेड़ी प्रबंधन द्वारा गन्ना उत्पादन बढ़ाने हेतु कृषकों को बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गन्ने की फसल के साथ सह खेती करने पर भी किसानों को बताया गया गन्ना किसानों को अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों को विस्थापित करते हुए उन्नतशील गन्ना किस्मों की बुवाई करने का सुझाव दिया गया तथा गहरी जुताई का गन्ना बुवाई में खास महत्व एवं बुवाई से पहले बीज गन्ना का उपचार अनिवार्य रूप से करके फसल को रोग कीट मुक्त रख कर गन्ने की फसल से अधिक उत्पादन लेने तथा गन्ना किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। द्वारकेश चीनी मिल के नवाबगंज परिषद क्षेत्र के क्षेत्रीय गन्ना अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक एवं बड़ी संख्या में गन्ना किसान सामूहिक सभा में उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171782/dwarikesh-sugar-mill-faridpur-held-a-seminar-under-the-spring</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171782/dwarikesh-sugar-mill-faridpur-held-a-seminar-under-the-spring</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:01:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/1.------%E0%A4%85.jpg"                         length="130955"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        