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                <title>Indian Army  - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Indian Army  RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Success Story: नाना-दादा को वर्दी में देख जागा आर्मी का जुनून, लेफ्टिनेंट कर्नल बन रच दिया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Success Story: </strong>कहते है की मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, इसकी प्रेरणा हम राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह से ले सकते है। जानकारी के मुताबिक, प्रेरणा सिंह इंडियन आर्मी में मेजर बनीं और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल हो गई हैं। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने समाज की कुरूतियों को तोड़ते हुए आगे बढ़ीं और इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008328.jpg" alt="153008328" width="1080" height="1080" /></strong></p>
<p><strong>लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह</strong></p>
<p>मिली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157464/success-story-seeing-his-grandparents-in-uniform-his-passion-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news-(90).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Success Story: </strong>कहते है की मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, इसकी प्रेरणा हम राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह से ले सकते है। जानकारी के मुताबिक, प्रेरणा सिंह इंडियन आर्मी में मेजर बनीं और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल हो गई हैं। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने समाज की कुरूतियों को तोड़ते हुए आगे बढ़ीं और इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008328.jpg" alt="153008328" width="1080" height="1080"></img></strong></p>
<p><strong>लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह इंडियन आर्मी में मेजर बनीं और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल हो गई हैं। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong>वर्दी में देखा</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। वह अपने समाज की कुरूतियों को तोड़ते हुए आगे बढ़ीं और इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008329.jpg" alt="153008329" width="1080" height="1080"></img></strong></p>
<p><strong>सेना में</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, प्रेरणा के पिता सेना में रिशालदार थे और उनके चाचा BSF में डिप्टी कमांडेंट थे। 17 सितंबर, 2017 को उन्हें मेजर के पद पर प्रोन्नत किया गया था। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong>सफल</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, प्रेरणा घर में रहने के दौरान राजपूतों की पारम्परिक ड्रेस में रहना पसंद करती हैं। वहीं ड्यूटी के दौरान वे आर्मी की ड्रेस में ही रहती हैं। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008326.jpg" alt="153008326" width="1080" height="1080"></img></p>
<p><strong>इंजीनयरिंग</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ और जयपुर के बाद फिलहाल वे पुणे में पोस्टेड हैं। वे सेना के इंजीनियरिंग कोर में हैं। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong>पति हैं वकील</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, उनकी शादी 5 साल पहले हुई थी। उनके पति मंधाता सिंह एक वकील हैं। उनकी एक बेटी प्रतिष्ठा है। वे गांव धमोरा की पहली बहू हैं जो इंडियन आर्मी में है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008324.jpg" alt="153008324" width="1080" height="1080"></img></p>
<p><strong>वर्दी में देखा Lieutenant Colonel Prerna Singh</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। उन्होंने इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 19:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम की धरती से शुरू हुआ ‘धर्म युद्ध’ कैसे बन गया मर्यादा, सत्य और धर्म का संदेश?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  ’निसिचर हीन करउँ महि, भुज उठाइ पन कीन्ह’ दोहे की पंक्तियों में वीर रस का ऐसा भाव है, जो दीनों की दुर्दशा या धर्म की हानि देखते ही मानवता के शत्रु का समूल नाश करने की प्रतिज्ञा लेता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद भुज एयरबेस से भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस देश के आराध्य भगवान राम की अन्याय के खिलाफ प्रतिज्ञा को दोहराया। श्रीरामचरितमानस के बालकांड के इस दोहे का भाव सदियों से भारत का संस्कार है, जिसका अर्थ है- ‘भगवान राम ने अपने हाथों को उठाकर प्रण लिया कि वह पृथ्वी को राक्षसों से</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पिक्चर</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151987/how-did-dharma-war-become-dignity-and-religion-started-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/20250512193l-1980x1267.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> ’निसिचर हीन करउँ महि, भुज उठाइ पन कीन्ह’ दोहे की पंक्तियों में वीर रस का ऐसा भाव है, जो दीनों की दुर्दशा या धर्म की हानि देखते ही मानवता के शत्रु का समूल नाश करने की प्रतिज्ञा लेता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद भुज एयरबेस से भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस देश के आराध्य भगवान राम की अन्याय के खिलाफ प्रतिज्ञा को दोहराया। श्रीरामचरितमानस के बालकांड के इस दोहे का भाव सदियों से भारत का संस्कार है, जिसका अर्थ है- ‘भगवान राम ने अपने हाथों को उठाकर प्रण लिया कि वह पृथ्वी को राक्षसों से मुक्त करेंगे।’ आज आतंकवाद रूपी राक्षस का समूल नाश करने के लिए भगवान राम को आदर्श मानने वाले देश ने एक बार फिर ये प्रतिज्ञा दोहराई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पिक्चर अभी बाकी है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सीजफायर के बाद ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को लेकर सवाल उठाने वालों की शंका पर अब विराम लग जाना चाहिए। भुज एयरबेस से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर एक ट्रेलर मात्र था, सही समय पर हम पूरी पिक्चर भी दुनिया को दिखाएंगे। पाकिस्तान को गुड बिहेवियर के लिए प्रोबेशन पर रखा है, अगर उसके व्यवहार में गड़बड़ी आती है तो उसे कड़े से कड़ा दंड दिया जाएगा।‘ यानी ये तो स्पष्ट है कि रणनीतिक कारणों से ऑपरेशन सिंदूर को भले ही स्थगित किया गया हो, लेकिन यह किसी भी तरह से पीछे हटना नहीं है। यह केवल एक रणनीतिक विश्राम है ताकि आतंकवाद के खिलाफ अगला कदम और अधिक सटीक और प्रभावशाली हो। पहले प्रधानमंत्री और अब रक्षामंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जंग अभी जारी है और यह निर्णायक होगी। इससे यह भी जाहिर होता है कि आतंक के पनाहगार-पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी भारत नहीं बरतेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक ऐलान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारत का यह रूप न केवल देशवासियों को सुरक्षा का भरोसा देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी मर्यादा, सत्य और धर्म का संदेश दे रहा है। आतंकवाद के विरुद्ध यह लड़ाई अब एक राष्ट्रीय संकल्प बन चुकी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान कि हम हमारे आराध्य श्रीराम का अनुसरण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें वह आसुरी शक्ति का विनाश करने का प्रण लेते हैं, ये जाहिर करता है कि जैसे हर युग में भारत भूमि से राक्षसों का नास किया गया, ठीक उसी प्रकार आज आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पूरा होने तक किसी भी निर्णय को आखिरी नहीं माना जाए। इस बात से यह साबित होता है कि वाकई आज हमारी सोच और सामर्थ्य दोनों में बदलाव आया है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के जरिए भारत ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है कि अब भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके लिए अब कूटनीति के साथ-साथ सैन्य शक्ति का भी इस्तेमाल खुलेआम किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>‘शठे शाठ्यम समाचरेत्’</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिन लोगों को ये लगता है कि ऑपरेशन सिंदूर को रोके जाने से कहीं हम पाकिस्तान की चाल में तो नहीं फंस रहे, उनकी या पड़ोसी मुल्क की सभी गलतफहमियों को दूर करने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ‘शठे शाठ्यम समाचरेत्’ अर्थात् दुष्ट के साथ दुष्टता के ही व्यवहार वाले संदेश पर गौर करना चाहिए। ‘सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीति। सहज कृपन सन सुंदर नीति। ममता रत सन ज्ञान कहानी। अति लोभी सन बिरती बखानी। क्रोधिहि सम कामिहि हरिकथा। उसर बिज बए फल जथा। अर्थात् मुर्ख से विनय, कुटिल के साथ प्रीति, स्वाभाविक ही कंजूस से उदारता का उपदेश, ममता में फंसे हुए मनुष्य से ज्ञान की कथा, अत्यंत लोभी से वैराग्य का वर्णन, क्रोधी से शम (शांति) की बात और कामी से भगवान की कथा, इनका वैसा ही फल होता है जैसा उसर में बीज बोने से होता है। पाकिस्तान की प्रवृत्ति को बताते हुए रामचरितमानस की गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित इस चौपाई के जरिए राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद पर पर्दा डालने की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देगा। उसका असल चेहरा अब किसी से छिपा नहीं रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एक के बाद एक सभी झूठ बेनकाब</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर अगर पाकिस्तान नहीं सुधरा तो आने वाले समय में आतंकवाद के खिलाफ भारत और अधिक मजबूती से जवाब देने को तैयार है। इसका अंदाजा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से दुनिया को भी लग गया है। इसमें कोई शक नहीं कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकरोधी रणनीति को नई मजबूती दी है। यह ऑपरेशन न केवल आतंकी नेटवर्क पर करारा प्रहार था बल्कि इससे जुड़ी सूचनाओं ने पाकिस्तान के कई भ्रामक दावों को भी उजागर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही इस ऑपरेशन में जिस तरीके से उच्च स्तरीय इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए जिन ठिकानों पर कार्रवाई की गई, उससे साबित होता है कि वे पहले से निगरानी में थे। इस तरह की सटीक कार्रवाई ने आतंकी नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने में मदद की है।और इस बात को अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी स्वीकार करने लगा है। कई ब्रिटिश पत्रकारों ने मोदी की आतंकवाद के खिलाफ मुहीम को सही बताते हुए साथ दिया। प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक और पत्रकार मार्क टुली ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पीएम मोदी की आवाज को बुलंद किया है। ब्रिटिश पत्रकार सैम स्टीवेन्सन ने भी भारत के लोकतांत्रिक उत्साह की सराहना की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा बलों का तालमेल और साहस</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर में सभी भारतीय सुरक्षाबलों, NIA और IB ने मिलकर काम किया। यह समन्वय दर्शाता है कि भारत आतंकवाद से निपटने में एक संयुक्त दृष्टिकोण अपना रहा है। ऐसी कार्रवाइयां न केवल फिजिकल रूप से आतंकियों को खत्म करती हैं, बल्कि उनके नेटवर्क और समर्थकों के मनोबल को भी गहरा आघात पहुंचाती हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता व दृढ़ता और मजबूत हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की बदलती रक्षा नीति और संकल्प का प्रमाण बन चुके ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि कोई भी देश आतंक को शह देगा तो उसे राजनीतिक या सैन्य स्तर पर जवाब जरूर मिलेगा। दहशतगर्दी का समर्थन करने वालों के लिए वाकई आतंकवाद के माथे पर खींची गई ‘सिंदूर’ की इस लाल लकीर को हलके में लेने की गलती दोहराना खुद के सर्वनाश को न्योता देने से कम नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:53:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने बांग्लादेश से रेडीमेड गारमेंट्स और प्रोसेस्ड फूड की एंट्री पर लगाया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक महत्वपूर्ण व्यापार नीति बदलाव के तहत भारत ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के माध्यम से देश में रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी), प्रोसेस्ड फूड और अन्य वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बांग्लादेश से भारत में रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड जैसे कुछ सामानों के आयात पर भूमि बंदरगाह प्रतिबंध लगाते हुए एक अधिसूचना जारी की।</p>
<p><strong>बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा</strong></p>
<p>डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में कहा, “हालांकि, इस तरह के बंदरगाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151986/india-banned-the-entry-of-readymade-garments-and-processed-food"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/202505183406056.jpg" alt=""></a><br /><p>एक महत्वपूर्ण व्यापार नीति बदलाव के तहत भारत ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के माध्यम से देश में रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी), प्रोसेस्ड फूड और अन्य वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बांग्लादेश से भारत में रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड जैसे कुछ सामानों के आयात पर भूमि बंदरगाह प्रतिबंध लगाते हुए एक अधिसूचना जारी की।</p>
<p><strong>बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा</strong></p>
<p>डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में कहा, “हालांकि, इस तरह के बंदरगाह प्रतिबंध भारत से होकर गुजरने वाले बांग्लादेशी सामानों पर लागू नहीं होंगे, लेकिन नेपाल और भूटान के लिए आने वाले समान पर लागू होंगे।” निर्देश के अनुसार, “बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा, हालांकि, इसे केवल न्हावा शेवा और कोलकाता बंदरगाहों के माध्यम से अनुमति दी गई है”।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल में एलसीएस चंगराबांधा और फुलबारी से भी अनुमति नहीं होगी</strong></p>
<p>अन्य प्रतिबंध फल या फल के स्वाद वाले और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के आयात, प्रोसेस्ड फूड आइटम्स, कपास और सूती धागे का वेस्ट, प्लास्टिक और पीवीसी तैयार माल और लकड़ी के फर्नीचर पर हैं। इन वस्तुओं को असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में किसी भी लैंड कस्टम स्टेशन (एलसीएस) या इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के माध्यम से अनुमति नहीं दी जाएगी । साथ ही पश्चिम बंगाल में एलसीएस चंगराबांधा और फुलबारी से भी अनुमति नहीं होगी।</p>
<p><strong>अधिसूचना में आगे कहा गया है कि यह बंदरगाह प्रतिबंध बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन के आयात पर लागू नहीं होता है</strong></p>
<p>अधिसूचना में आगे लिखा गया है कि बंदरगाह प्रतिबंध बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन के आयात पर लागू नहीं होते हैं। इससे पहले अप्रैल में बांग्लादेश सरकार ने राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) की अधिसूचना के माध्यम से भूमि बंदरगाहों के जरिए भारत से देश में यार्न के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। बांग्लादेश के इस फैसले को देखते हुए ही भारत ने यह नया कदम उठाया है।</p>
<p><strong>भारत चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है</strong></p>
<p>भारत, बांग्लादेश के लिए ट्रांस-शिपमेंट सुविधा को भी समाप्त कर चुका है।भारत चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2022-23 में, बांग्लादेश-भारत व्यापार लगभग 16 बिलियन डॉलर का था। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, बांग्लादेश ने लगभग 14 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया, जबकि भारत को उसका निर्यात 2 बिलियन डॉलर रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:51:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकवाद के खिलाफ भारतीय रुख को और स्पष्ट करेगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल : सस्मित पात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत सरकार पूरी दुनिया को पाकिस्तान के आतंकी रिश्तों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जरूरत से रूबरू कराएगा। इसके लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की पूरी सूची घोषित की गई है। जिसमें बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा को भी जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि यह डेलिगेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट करेगा।</p>
<p><strong>संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा</strong></p>
<p>बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने बताया कि, “सॉफ्ट पावर का यह संदेश, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत द्वारा दुनिया भर में दिया जाने वाला संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151985/all-party-delegation-will-clarify-the-indian-stance-against-terrorism"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/20250517126l.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत सरकार पूरी दुनिया को पाकिस्तान के आतंकी रिश्तों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जरूरत से रूबरू कराएगा। इसके लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की पूरी सूची घोषित की गई है। जिसमें बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा को भी जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि यह डेलिगेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट करेगा।</p>
<p><strong>संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा</strong></p>
<p>बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने बताया कि, “सॉफ्ट पावर का यह संदेश, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत द्वारा दुनिया भर में दिया जाने वाला संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा। दूसरा बिंदु ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में है, जैसा कि रक्षा मंत्री ने कहा है कि यह अभी खत्म नहीं हुआ है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता इस संदेश को और मजबूती देगी और वैश्विक स्तर पर यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को स्पष्ट करेगा।”</p>
<p><strong>पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ जो आतंकवाद फैलाया जा रहा है, उसे दुनिया के सामने रखा जाएगा</strong></p>
<p>उन्होंने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है। यूएई और तीन अफ्रीकी देशों में जाने का मुझे मौका मिल रहा है, इसमें दो संदेश स्पष्ट हैं। पहला, पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ जो आतंकवाद फैलाया जा रहा है, उसे दुनिया के सामने रखा जाएगा। दूसरा- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने जिस प्रकार से आतंकवाद के खिलाफ एक जबरदस्त मुहिम चलाई है, उसके बारे में भी अवगत कराया जाएगा।”</p>
<p><strong>बीजू जनता दल सरकार और सेना के साथ हैं</strong></p>
<p>सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, “मैं कांग्रेस और सरकार के बीच के मामलों में नहीं पड़ना चाहता, यह उनका आंतरिक मामला है। जहां तक मेरी पार्टी और मेरे नेता नवीन पटनायक और बीजू जनता दल का सवाल है, हमने पहले दिन से ही सशस्त्र बलों का समर्थन किया है। प्रतिनिधिमंडल में मेरी खुद की भागीदारी सहित इस पूरे अभियान के बारे में हमारे नेता नवीन पटनायक ने स्पष्ट रूप से कहा था। बीजेडी की राजनीतिक मामलों की समिति की एक बैठक हुई और सबसे पहला एजेंडा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके असाधारण काम के लिए हमारे सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त करना था। जहां तक बीजू जनता दल का सवाल है, हमारा स्पष्ट कहना है कि हम सरकार और सेना के साथ हैं। कांग्रेस और सरकार का सवाल है कि वे आपस में समझें, उस पर मुझे कुछ नहीं कहना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:49:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर, विदेश मंत्रालय ने कहा- गोलीबारी रोकने पर बनी सहमति।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटे से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वह खुद पाकिस्तान और भारत के नेताओं के संपर्क में हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि शाम 5 बजे से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151818/the-ceasefire-between-india-and-pakistan-the-ministry-of-external"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/33_press_conference_07_05_delhi.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटे से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वह खुद पाकिस्तान और भारत के नेताओं के संपर्क में हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि शाम 5 बजे से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को दोपहर में फोन किया और गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “भारत और पाकिस्तान ने आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। भारत ने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद के खिलाफ लगातार दृढ़ और अडिग रुख बनाए रखा है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसको लेकर पोस्ट किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को बुद्धि और बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए बधाई। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने X पर लिखा, “पिछले 48 घंटों में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और असीम मलिक सहित वरिष्ठ भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत की है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें तत्काल युद्ध विराम और व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गई हैं। हम शांति का मार्ग चुनने में प्रधानमंत्री मोदी और शरीफ की बुद्धिमत्ता और विवेक की सराहना करते हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीवी के बड़े नामों बरखा दत्त से लेकर ‘आज तक’, ‘टाइम्स नाउ’, ‘रिपब्लिक भारत’, ‘न्यूज 18’ और ‘जी न्यूज’ ने पिछले 24 घंटों में न केवल भारतीय फौजों को पाकिस्तान के भीतर इस्लामाबाद तक दाखिल करवा दिया, बल्कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से हवा में घुटने भी टिकवा दिए. लगातार भररतीय मीडिया की सतही रिपोर्टिग युद्ध की खबरों के साथ ही सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में छाई रही.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इया बीच पांच फर्जी खबरें जो भारतीय मीडिया ने उड़ाई :</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format2">
<div style="text-align:justify;"><strong>1. पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर की गिरफ्तारी की झूठी खबर :</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जी न्यूज, एबीपी और अन्य चैनलों ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को गिरफ्तार कर लिया गया है. दावा किया गया कि जनरल साहिर शमशाद मिर्ज़ा को नया सेनाध्यक्ष बनाया जा सकता है. टाइम्स नाउ ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान में तख्तापलट हो गया, लेकिन किसी भी स्वतंत्र स्रोत या सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की. यह पूरी तरह अफवाह थी.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>2. कराची पोर्ट पर हमला और विनाश की फर्जी खबर : </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई चैनलों ने कहा कि भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया. एबीपी आनंदा ने एक पुराना अमेरिकी विमान दुर्घटना का वीडियो दिखाया और कहा कि यह आईएनएस विक्रांत की कार्रवाई का परिणाम है. इंडिया टुडे, एनटीवी, रिपब्लिक बांग्ला जैसे चैनलों ने इसे प्रमुखता से दिखाया. किसी भी आधिकारिक या स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>3. राजौरी में आत्मघाती हमला, जो हुआ ही नहीं : </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज तक की एंकर श्वेता सिंह जो पहले नोट में चिप लगवा चुकी और अंजना ओम कश्यप ने दावा किया कि राजौरी में भारतीय सेना पर फिदायीन हमला हुआ. यह दावा बिना किसी आधिकारिक स्रोत के किया गया. बाद में सेना ने एएनआई को बताया कि यह खबर पूरी तरह झूठी थी.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>4. पाकिस्तानी शहरों के विनाश और प्रधानमंत्री के छिपने की झूठी रिपोर्ट </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">: न्यूज लाइव (असम) और अन्य क्षेत्रीय चैनलों ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान के 12 शहर नष्ट कर दिए और पीएम शाहबाज़ शरीफ़ बंकर में छिपे हुए हैं. जी न्यूज और टाइम्स नाउ नवभारत ने कहा कि इस्लामाबाद पर भारत ने कब्ज़ा कर लिया और सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया. NDTV ने भी कुछ समय के लिए दावा किया कि पाकिस्तानी टैंक राजस्थान की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन बाद में पोस्ट हटा ली गई.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>5. पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराए गए और एक पायलट पकड़ा गया :</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यह खबर भी पूरी तरह झूठी निकली. कई चैनलों ने कहा कि भारत ने दो JF-17 और एक F-16 विमान गिरा दिए. डेक्कन क्रोनिकल ने एक एआई से बना हुआ फर्जी वीडियो ट्वीट किया जिसमें एक पाक जनरल यह स्वीकार करता है. इंडिया टुडे और रिपब्लिक ने भी दावा किया कि एक पाकिस्तानी पायलट को जम्मू-कश्मीर के अखनूर में पकड़ा गया है. 13 घंटे बाद भी कोई सरकारी पुष्टि नहीं हुई. पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री ने इन सभी दावों को "पूरी तरह झूठ और मनगढ़ंत" बताया.</div>
</blockquote>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 17:33:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> तिनसुकिया में गांधी जयंती के अवसर पर भरतीय सेना की पहल में स्वच्छता अभियान का आयोजन ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>असम धेमाजी जिले से संजय नाथ की खास रिपोर्ट -2 अक्टूबर।</strong> भारतीय सेना, जिम्मेदारी की भावना और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने की पहल में, 02 अक्टूबर 2024 को स्वस्थ पर्यावरण और टिकाऊ जीवन पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए एक स्वच्छता अभियान का आयोजन करती है। इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों और जवाहर नवोदय विद्यालय के 23 शिक्षकों सहित 183 छात्रों की भागीदारी देखी गई।</div>
<div>  </div>
<div>, ऊपरी असम क्षेत्र के तिनसुकिया जिले के कोर्डोइगुड़ी सेकेंडरी स्कूल और डोनिया मैथोंग स्कूल। कारिकर्म में स्थानीय लोगों की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों को कूड़ा उठाकर और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145273/draft-add-your-title-cleanliness-campaign-organized-under-the-initiative"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img_20241002_171027.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>असम धेमाजी जिले से संजय नाथ की खास रिपोर्ट -2 अक्टूबर।</strong> भारतीय सेना, जिम्मेदारी की भावना और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने की पहल में, 02 अक्टूबर 2024 को स्वस्थ पर्यावरण और टिकाऊ जीवन पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए एक स्वच्छता अभियान का आयोजन करती है। इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों और जवाहर नवोदय विद्यालय के 23 शिक्षकों सहित 183 छात्रों की भागीदारी देखी गई।</div>
<div> </div>
<div>, ऊपरी असम क्षेत्र के तिनसुकिया जिले के कोर्डोइगुड़ी सेकेंडरी स्कूल और डोनिया मैथोंग स्कूल। कारिकर्म में स्थानीय लोगों की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों को कूड़ा उठाकर और पेड़ लगाकर आसपास के क्षेत्रों को साफ करने के लिए शामिल किया गया, और अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी भाग लिया।</div>
<div> </div>
<div>उल्लेखनीय है की  भारतीय सेना की यह पहल पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने और हमारे देश और धरती माता के संरक्षण के लिए एक सामाजिक संदेश फैलाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145273/draft-add-your-title-cleanliness-campaign-organized-under-the-initiative</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 17:27:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय सैन्य शौर्य की गाथा सुनाता कारगिल विजय दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<div>प्रत्येक भारतीय 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस राष्ट्रीय सीमा की रक्षा अपने प्राणों की बाजी लगा के करने वाले बहादुर सैनिको को याद करते हुए पूरी श्रद्धा से मनाता है। इस वर्ष राष्ट्र भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गाथा कहता 25वां कारगिल विजय दिवस मनाएगा। कारगिल के युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। यह युद्ध भारत व पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मई और जुलाई 1999 में कश्मीर के कारगिल इलाके की दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ा गया था। बता दें कि पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान पोषित आतंकवादियो ने तब एलओसी पार कर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143459/kargil-vijay-diwas-tells-the-story-of-indian-military-bravery%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/भारतीय-सैन्य-शौर्य-की-गाथा-सुनाता-कारगिल-विजय-दिवस.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रत्येक भारतीय 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस राष्ट्रीय सीमा की रक्षा अपने प्राणों की बाजी लगा के करने वाले बहादुर सैनिको को याद करते हुए पूरी श्रद्धा से मनाता है। इस वर्ष राष्ट्र भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गाथा कहता 25वां कारगिल विजय दिवस मनाएगा। कारगिल के युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। यह युद्ध भारत व पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मई और जुलाई 1999 में कश्मीर के कारगिल इलाके की दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ा गया था। बता दें कि पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान पोषित आतंकवादियो ने तब एलओसी पार कर भारत की पवित्र भूमि पर कब्जा करने की नापाक कोशिश की थी परन्तु भारतीय सेना के जांबाज बहादुर जवानों ने ऐसा युद्ध कौशल दिखाया की पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा।</div>
<div> </div>
<div>पाकिस्तानी घुसपैठ अप्रैल-मई 1999 के बीच हुई तब पाकिस्तान ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों में 5 हजार से भी ज्यादा सैनिकों भेज खाली पड़ी भारतीय सुरक्षा चौकियां पर कब्जा जमा लिया था। भारत सरकार को जब घुसपैठ की जानकारी मिली तब पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया गया। पाकिस्तान ने दावा किया था कि इस लड़ाई में लड़ने वाले सभी कश्मीरी उग्रवादी हैं लेकिन युद्ध में बरामद हुए दस्तावेजों और पाकिस्तानी नेताओं के बयानों से यह साबित हो गया था कि पाकिस्तान की सेना प्रत्यक्ष रूप में यह युद्ध युद्ध लड़ रही थी। इस घुसपैठ का भारतीय सेना को 3 मई 1999 को तब पता चला जब कुछ चरवाहों ने उन्हे आकर इसकी जानकारी दी। दरअसल जब पाकिस्तान की 6 नॉर्दर्न लाइट इंफैंट्री का कैप्टन इफ्तेखार और लांस हवलदार अब्दुल हकीम 12 सैनिकों के साथ कारगिल की आजम चौकी पर कब्जा जमाए बैठे थे तब कुछ भारतीय चरवाहे मवेशियों  को चराते हुए वहां पहुंच गए।</div>
<div> </div>
<div>पाकिस्तानी सैनिक चरवाहों को बंदी बनाना चाहते थे परन्तु चरवाहों  के यह कहने पर कि वे किसी को कुछ नही बताएगें सुन पाकिस्तानी घुसपैठियों ने उन्हें डरा धमका के वहां से भगा दिया परन्तु वे चरवाहे सच्चे देश भक्त थे। पाकिस्तान की इस घुसपैठ का मकसद था कि भारत की सुदूर उत्तर की चोटी पर सियाचिन ग्लेशियर की लाइफ लाइन एन.एच 1डी को किसी तरह काट कर उस पर नियंत्रण किया जाए। पाकिस्तानी सैनिक उन पहाड़ियों पर आना चाहते थे जहां से वे लद्दाख की ओर जाने वाले भारतीय सेना के रसद के काफिलों की आवाजाही को रोक दें ताकि भारत को मजबूर हो कर सियाचिन छोड़ना पड़े। चरवाहों की दी खबर की जांच के लिए भारतीय सेना ने 5 मई को एक गश्ती दल भेजा। पाकिस्तान की सेना ने 5 सैनिकों को पकड़ लिया और बाद में उन्हे मौत के घाट उतार दिया।</div>
<div> </div>
<div>स्थिति गंभीर होती देख  भारतीय सेना की ओर से 10 मई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' की शुरुआत कर दी गयी। करीब 2 महीने तक चले युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने 20 जून 1999 को टाइगर हिल पर लगातार 11 घंटे तक लड़ाई लड़ने के बाद प्वाइंट 5060 और प्वाइंट 5100 पर अपना कब्जा फिर से जमा लिया। भारतीय सेना ने 11 जुलाई 1999 को बटालिक की चोटियों पर भी अपना अधिकार जमा लिया। अंत में 14 जुलाई को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के सफल होने की घोषणा की। सेना ने 26 जुलाई 1999 तक सर्च आप्रेशन पूरा कर एक-एक घुसपैठिए को मार भगाया और कारगिल युद्ध भारतीय जीत के साथ समाप्त हो गया। भारतीय सैनिको के लिए यह लडाई बहुत मुश्किल थी क्यों कि पाकिस्तानी सैनिक पहाड़ियों की चोटियों पर पक्के मोर्च लगाए बैठे आसपास के निचले इलाको पर निशाना साधे बैठे थे परन्तु भारतीय सैनिकों की बहादुरी, हौसले, जांबाजी, देशभक्ति के जज्बे, बोफोर्स तोप और भारतीय एयर फोर्स ने इस युद्ध की पूरी तस्वीर ही बदल दी।</div>
<div> </div>
<div>इस युद्ध से पहले बोफोर्स तोप खरीद घोटाले के चलते यह तोप पूरे विश्व में कुख्यात हो चुकी थी परन्तु इस युद्ध में अपनी श्रेष्ठता का लोहा अपना दम दिखा इस तोप ने मनवा दिया। बोफोर्स हमले इतने भयानक और सटीक थे कि उन्होंने पाकिस्तानी चौकियों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। इसके साथ-साथ भारतीय सैनिकों की दिलेरी के आगे दुश्मन की एक नहीं चल पा रही थी। कारगिल युद्ध में भारतीय वायु सेना की भूमिका मनोवैज्ञानिक दवाब बनाने की रही। पाकिस्तानी सैनिकों को जैसे ही ऊपर से भारतीय जेटों की आवाज सुनाई पड़ती, वे बुरी तरह घबरा जाते थे और इधर उधर भागने लगते थे। कारगिल की लड़ाई में भारत ने जहां अपने कुछ बहादुर जांबाजों को खोया वहीं पाकिस्तान पूरी तरह बर्बाद होकर रह गया। इस जंग में जहां भारत के 527 सैनिक शहीद हुए थे, वहीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मुताबिक उनके 2700 से 4000 सैनिक मारे गए थे।</div>
<div> </div>
<div>जंग के बाद पाकिस्तान में राजनैतिक और आर्थिक अस्थिरता बढ़ गई, नवाज शरीफ सरकार का तख्तापलट कर परवेज मुशर्रफ सत्ता पर काबिज हो गया। भारत में इस जंग ने देशप्रेम को उफान पर ला दिया और अर्थव्यवस्था को भी काफी मजबूती दी। कारगिल की लड़ाई से सीख लेकर भारत ने सीमा पर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए। सरकार ने एक तरफ जहां रक्षा बजट को और बढ़ाया, वहीं सेना की क्षमता बढ़ाने पर भी काम शुरू हुआ। जंग के दौरान कई तरह की अनियमितताएं भी सामने आई थीं जिन्हें दूर करने के प्रयास हुए। साथ ही इस पहाड़ी सीमा पर लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई। कारगिल की लड़ाई ने भारत को कुछ ऐसे सबक दिए जो सीखने बेहद जरूरी थे। अपनी गलतियों से सीख लेकर भारत ने लगातार सुधार जारी रखा और आज इस स्थिति में पहुंच गया है कि एक साथ 2 मोर्चों पर बड़ी आसानी से दुश्मनों को संभाल सकता है।</div>
<div> </div>
<div>कारगिल युद्ध में चार  शूरवीरों कैप्टन विक्रम बत्रा (मरणोपरांत), राइफलमैन संजय कुमार, ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे ( मरणोपरांत) को उनके असाधारण साहस और पराक्रम के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण है जो युद्ध में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान दिया जाता है। हम अपने समाचार पत्र की ओर से तिरंगे की आन बान शान के लिए शहीद हुए सैनिकों के चरणों में श्रृद्धा सुमन अर्पित करते हैं और राष्ट्र को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाए देते हैं, जय भारत।</div>
<div> </div>
<div><strong>(नीरज शर्मा'भरथल)</strong></div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143459/kargil-vijay-diwas-tells-the-story-of-indian-military-bravery%C2%A0</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 16:23:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ले जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को उप सेना प्रमुख नियुक्त किए जाने पर  जितेन्द्र प्रताप सिंह अध्यक्ष संस्कृत भारतीन्यास अवध प्रान्त ने दी शुभकामनाए। </title>
                                    <description><![CDATA[<p>लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि , पीवीएसएम , एवीएसएम , एसएम , वीएसएम भारतीय सेना के सेवारत ले जनरल स्तर के अधिकारी हैं । वह वर्तमान में 47वें उप-सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए हैं । इससे पहले वह मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे तथा इससे पूर्व उन्होंने उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य किया।  वह द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और उत्तर भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी कार्यरत थे।</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरलएन एस राजा सुब्रमणिपीवीएसएम एवीएसएम एसएम वीएसएम 47वें उप सेना प्रमुख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142841/jitendra-pratap-singh-president-sanskrit-bharatinyas-avadh-province-congratulated-lieutenant"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/05a56108-7e7e-4b1c-9d26-2a80fdb93df9.jpg" alt=""></a><br /><p>लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि , पीवीएसएम , एवीएसएम , एसएम , वीएसएम भारतीय सेना के सेवारत ले जनरल स्तर के अधिकारी हैं । वह वर्तमान में 47वें उप-सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए हैं । इससे पहले वह मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे तथा इससे पूर्व उन्होंने उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य किया।  वह द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और उत्तर भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी कार्यरत थे।</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरलएन एस राजा सुब्रमणिपीवीएसएम एवीएसएम एसएम वीएसएम 47वें उप सेना प्रमुख पदभार ग्रहण 1 जुलाई 2024 से ग्रहण किया। सेंटर कमांड के जनरल आफिसर कमांडिंग के अपने कार्यकाल मे सेना को आम जन के मध्य आत्मीय व निकटतम सम्बंध स्थापित करने मे उनकी महत्वपूर्ण निर्णयाक भूमिका के कारण उनकी लोकप्रियता उच्चतम शिखर पर स्थापित हुई। जितेन्द्र प्रताप सिंह अध्यक्ष संस्कृतभारतीन्यास अवधप्रान्त ने उनके कार्यकाल मे लखनऊ मे सेना के विभिन्न आयोजनों मे उनके द्वारा विशिष्ट अतिथि के रूप आमंत्रित किए जाने के लिए अंतर्मन पटल से धन्यवाद ज्ञापित कर उनके उज्जवल स्वर्णिम भविष्य  के लिए मंगलकामनाए प्रेषित की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 15:41:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय सेना ने ऊपरी असम के युवाओं के लिए अग्निवीर पूर्व-भर्ती प्रशिक्षण का  किया आयोजन ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>असम धेमाजी- 25 मई। असम तिनसुकिया जिले के रुपाई सेना शिविर में भारतीय सेना ने स्पीयर कॉर्प्स के तत्वावधान में ऊपरी असम के युवाओं के लिए तीन सप्ताह के लिए पूर्व-भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमे अग्निवीर के रूप में भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 24 मई तक कि गई।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/img_20240525_152322.jpg" alt="IMG_20240525_152322" width="720" height="520" /></div>
<div>प्रशिक्षण की शुरुआत में  संभावित उम्मीदवारों की पहचान के लिए एक प्रारंभिक स्क्रीनिंग प्रक्रिया से हुई । आवश्यक शैक्षिक और शारीरिक मानदंडों स्क्रीनिंग से किया गया जिसमें  युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए दिखाई दी।</div>
<div>  </div>
<div>चयनित उम्मीदवारों ने व्यापक प्रशिक्षण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141578/indian-army-conducted-agniveer-pre-recruitment-training-for-the-youth-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img_20240525_152141.jpg" alt=""></a><br /><div>असम धेमाजी- 25 मई। असम तिनसुकिया जिले के रुपाई सेना शिविर में भारतीय सेना ने स्पीयर कॉर्प्स के तत्वावधान में ऊपरी असम के युवाओं के लिए तीन सप्ताह के लिए पूर्व-भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमे अग्निवीर के रूप में भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 24 मई तक कि गई।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/img_20240525_152322.jpg" alt="IMG_20240525_152322" width="720" height="520"></img></div>
<div>प्रशिक्षण की शुरुआत में  संभावित उम्मीदवारों की पहचान के लिए एक प्रारंभिक स्क्रीनिंग प्रक्रिया से हुई । आवश्यक शैक्षिक और शारीरिक मानदंडों स्क्रीनिंग से किया गया जिसमें  युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए दिखाई दी।</div>
<div> </div>
<div>चयनित उम्मीदवारों ने व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें योग्य प्रशिक्षकों द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण, लिखित परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास सत्र, साप्ताहिक प्रगति मूल्यांकन और सेवा और सम्मानित सैनिकों के साथ बातचीत शामिल थी।</div>
<div> </div>
<div>अंतिम स्क्रीनिंग परीक्षा में शारीरिक परीक्षा, चिकित्सा जांच और लिखित परीक्षा शामिल थी। पहचान किए गए संभावित व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी ताकि उन्हें प्रेरित रखा जा सके।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/img_20240525_152218.jpg" alt="IMG_20240525_152218" width="720" height="514"></img></div>
<div>सेना की तरफ से एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिये जानकारी दी है कि भारतीय सेना हर पल जनकल्याण के प्रति समर्पित है। और भविष्य में पूरे समुदाय को कवर करने के लिए ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की आशा करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141578/indian-army-conducted-agniveer-pre-recruitment-training-for-the-youth-of</link>
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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 17:16:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फौजियों ने डॉक्टर कौशल को किया सम्मानित,</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>गोला गोकर्णनाथ खीरी।</strong> मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से अवार्ड लेकर नगर आने के बाद से विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य लोगों के द्वारा डॉ कौशल को सम्मानित करने का सिलसिला अब भी जारी है।देश की सेवा में योगदान करने बाले फौजियों राजेश्वर सिंह, कृष्ण गोपाल त्रिवेदी, वीरेंद्र मिश्रा, गजेंद्र प्रसाद वर्मा, प्रमोद सिंह, जगदेव सिंह, राम हरीश मिश्रा, अनिल कुमार गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद ने डॉ कौशल को माला पहनाकर और पुष्प गुच्छ देकर भव्य तरीके से सम्मानित किया है।</div>
<div>  </div>
<div>यह अवार्ड चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। मलेशिया टूरिज्म एंड प्रमोशन बोर्ड डायरेक्टर</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139136/soldiers-honored-dr-kaushal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/07......jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>गोला गोकर्णनाथ खीरी।</strong> मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से अवार्ड लेकर नगर आने के बाद से विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य लोगों के द्वारा डॉ कौशल को सम्मानित करने का सिलसिला अब भी जारी है।देश की सेवा में योगदान करने बाले फौजियों राजेश्वर सिंह, कृष्ण गोपाल त्रिवेदी, वीरेंद्र मिश्रा, गजेंद्र प्रसाद वर्मा, प्रमोद सिंह, जगदेव सिंह, राम हरीश मिश्रा, अनिल कुमार गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद ने डॉ कौशल को माला पहनाकर और पुष्प गुच्छ देकर भव्य तरीके से सम्मानित किया है।</div>
<div> </div>
<div>यह अवार्ड चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। मलेशिया टूरिज्म एंड प्रमोशन बोर्ड डायरेक्टर मनोहरन पेरियासैमी मिनिस्ट्री ऑफ़ टूरिज्म के हाथों बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से नवाजा गया था। भारत के 15 लोगों को यह सम्मान मलेशिया में प्रदान किया गया था।</div>
<div> </div>
<div>डा. कौशल हॉस्पिटल ग्रुप के साथ साथ चिकित्सीय एवं सामाजिक कार्यों को बढ़ चढकर करते हैं। जिसकी अपडेट उनके सोशल मीडिया एकाउंट पर दिखती है। वह अब तक लाखो लोगों का कैंप में निःशुल्क इलाज कर चुके हैं। और 5000 से अधिक लोगों तक राशन, कंबल और राहत सामग्री पहुचा चुके हैं।</div>
</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139136/soldiers-honored-dr-kaushal</link>
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                <pubDate>Mon, 04 Mar 2024 17:12:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगला हगा में पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ हुआ जवान का अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा। </strong>बलदेव थाना क्षेत्र के गांव नगला हगा में पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। परिजनों के मुताबिक 15 दिन से 17 जाट के सैनिक मनोज चौधरी का इलाज चल रहा था। सैनिक जवान की मौत की खबर से घर परिवार में कोहराम मच गया। मनोज चौधरी पुत्र महताप सिंह निवासी नगला हगा थाना बलदेव 17 जाट रेजीमेंट में सेवा दे रहे थे।</p>
<p>मनोज चौधरी नौ फरवरी को घर पर इन दिनों छुट्टी पर आये थे। 14 फरवरी को मनोज एक शादी में ओल के पास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139098/the-last-rites-of-the-soldier-were-performed-with-full"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/02-uphmathura-04.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा। </strong>बलदेव थाना क्षेत्र के गांव नगला हगा में पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। परिजनों के मुताबिक 15 दिन से 17 जाट के सैनिक मनोज चौधरी का इलाज चल रहा था। सैनिक जवान की मौत की खबर से घर परिवार में कोहराम मच गया। मनोज चौधरी पुत्र महताप सिंह निवासी नगला हगा थाना बलदेव 17 जाट रेजीमेंट में सेवा दे रहे थे।</p>
<p>मनोज चौधरी नौ फरवरी को घर पर इन दिनों छुट्टी पर आये थे। 14 फरवरी को मनोज एक शादी में ओल के पास गये थे, शादी से आते समय परखम के पास अज्ञात कारणों से एक्सीडेंट हो गया। जिसमे मनोज गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। मौके पर पहुंची फरह पुलिस ने मनोज को सीएचसी फरह पर भर्ती कराया था। परिवारीजनों ने मनोज का निजी अस्पताल आनन्द मंगल अस्पताल आगरा में इलाज कराया। जिसके बाद परिवारीजनों ने मिलिट्री हॉस्पिटल आगरा में भर्ती कराया। शुक्रवार दोपहर को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>सैनिक के परिवार में दो भाई व एक बहिन में सबसे बड़े मनोज थे। मनोज की शादी 2019 में दर्शन से रेपुराजाट से हुई थी। मनोज के एक दो वर्ष का बेटा वीर चौधरी है। मनोज की पत्नी दर्शन का रो रो कर बुरा हाल था। सेना के जवान मनोज का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह गांव नगला हगा पहुंचने पर क्षेत्रीय लोगों ने तिरंगे झंडे के साथ शोक व्यक्त किया। सैनिक को पूर्ण सम्मान के साथ सैनिक टुकड़ी ने सलामी दीं। सैनिक के परिजनों को तिरंगा झंडा सौंपा। सैनिक के दो वर्षीय पुत्र ने मुखाग्नि दी।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Mar 2024 15:39:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>  अग्निवीरों की भर्ती के पंजीकरण कराने को लेकर जिलाधिकारी ने वर्चुअल माध्यम से की बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[13 फरवरी से 24 मार्च 2024 तक ऑनलाइन माध्यम से होगा पंजीकरण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138781/district-magistrate-held-a-meeting-through-virtual-medium-regarding-registration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/1-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>अमेठी।</strong> भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती के आनलाइन पंजीकरण कराएं जाने को लेकर जिलाधिकारी निशा अनंत ने कर्नल एसके मोर के साथ कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में वर्चुअल माध्यम से बैठक किया। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल, जिला विद्यालय निरीक्षक रीता सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी खंड विकास अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में कर्नल एसके मोर ने बताया कि भारतीय सेना द्वारा अग्नि वीरों की भर्ती के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है जिसमें ऑनलाइन आवेदन 13 फरवरी से प्रारंभ हो गया है और 24 मार्च 2024 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अग्नि वीर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की आयु सीमा साढे़ 17 वर्ष से 21 वर्ष एवं दसवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण के लिए अभ्यर्थियों को आधार कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर, दसवीं उत्तीर्ण की मार्कशीट, उच्चतम शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, फोटोग्राफ की स्कैन कॉपी, हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी, वर्तमान ईमेल आईडी जो चल रही हो को भरना होगा। उन्होंने पदों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सेना द्वारा अग्नि वीर सामान्य ड्यूटी, अग्निवीर कार्यालय सहायक,स्टोर कीपर तकनीकी, अग्निवीर तकनीकी, अग्नि वीर ट्रेड्समैन 10 वीं, अग्नि वीर ट्रेड्समैन 8वीं आदि पदों पर भर्ती की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने बताया की सेना भर्ती बिल्कुल पारदर्शी एवं निशुल्क है भर्ती प्रक्रिया पूर्णतया कंप्यूटर सृजित है इसलिए इस प्रक्रिया में कोई भी मानवीय हस्तक्षेप संभव नहीं है कोई भी आपकी शारीरिक, लिखित या चिकित्सा परीक्षा में किसी भी प्रकार की मदद नहीं कर सकता आप अपनी खुद की काबिलियत से ही पास हो सकते हैं सिर्फ भर्ती कार्यालय ही आपको सेना में शामिल होने से संबंधित कागजात प्रदान करेगा अन्यथा अगर कोई और प्रदान करता है तो वह कागजात जाली होंगे किसी भी बिचौलिया या दलाल को कोई पैसा ना दें भर्ती प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं है भर्ती प्रक्रिया पूर्णतया पारदर्शी एवं निष्पक्ष है इसलिए दलालों के चंगुल में न फंसे एवं किसी भी प्रकार के झांसे में ना आए अगर कोई भी दलाल आपको सेना में भर्ती करवाने के लिए पैसों की या किसी और चीज की मांग करता है तो कृपया अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या भर्ती कार्यालय को सूचित करें।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी हेतु  साइड का प्रयोग करें या अपने निकटतम भर्ती कार्यालय में संपर्क करें। उन्होंने बताया कि इस भर्ती में 13 जिलों क्रमशः अमेठी, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बस्ती, कौशांबी, कुशीनगर, महाराजगंज, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर और सुल्तानपुर के अभ्यर्थी पंजीकरण कर सकते हैं। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा की अग्निवीर भर्ती के पंजीकरण को लेकर सभी अधिकारी इसका व्यापक प्रचार प्रचार करें ताकि ज्यादा से ज्यादा इच्छुक अभ्यर्थी अग्नि वीर भर्ती के लिए अपना पंजीकरण करा सकें। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों को इसका व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए।  </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Feb 2024 17:12:51 +0530</pubDate>
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