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                <title>Indian Army  - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Indian Army  RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छह जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियां, मुख्य सचिव ने तैयारियों के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">लखनऊ, 10 अगस्त।</blockquote><p style="text-align:left;">उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में संबंधित विभागों और जिला प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की यह तीसरी रैली आयोजित की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185025/agniveer-recruitment-rallies-in-six-districts-chief-secretary-gave-instructions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-10-at-2.30.44-pm.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">लखनऊ, 10 अगस्त।</blockquote><p style="text-align:left;">उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में संबंधित विभागों और जिला प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की यह तीसरी रैली आयोजित की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करें, ताकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p><p style="text-align:left;">उन्होंने भर्ती स्थलों पर आवागमन, ठहरने, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए और यदि कहीं कोई कमी सामने आती है तो उसे भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही दूर कर लिया जाए।</p><p style="text-align:left;">आकस्मिक परिस्थितियों के लिए तैयार रहें अधिकारी</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए भर्ती स्थलों पर पर्याप्त चिकित्सकीय और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं के एकत्र होने के मद्देनजर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।</p><p style="text-align:left;">उन्होंने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही भर्ती स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों पर यातायात प्रबंधन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।</p><p style="text-align:left;">छह जिलों में तय हुआ भर्ती रैलियों का कार्यक्रम</p><p style="text-align:left;">बैठक में बताया गया कि प्रदेश के छह जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेरठ में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026, बरेली में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026, लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027, वाराणसी में 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027, आगरा में 4 मार्च से 24 मार्च 2027 तथा अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक भर्ती रैलियां आयोजित होंगी।</p><p style="text-align:left;">अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित तिथियों को ध्यान में रखते हुए भर्ती स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं। अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए आवागमन और यातायात के साथ पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।</p><p style="text-align:left;">सेना के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन ने लिया हिस्सा</p><p style="text-align:left;">बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश, पुलिस कमिश्नर लखनऊ तरुण गाबा सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, अयोध्या और मेरठ के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं सुचारु ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:10:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रद्धापूर्वक मनाया गया कारगिल विजय दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र, में शनिवार को कारगिल विजय दिवस  मनाया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">।इस अवसर पर छात्राओं श्रद्धा पांडे, नियति पटेल एवं साक्षी उपाध्याय तथा विद्यालय के शिक्षक अगम पाठक ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">।कार्यक्रम में विद्यालय देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित सभी का मन मोह लिया। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने  कारगिल के अमर वीरों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184074/kargil-vijay-diwas-celebrated-with-devotion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0102-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र, में शनिवार को कारगिल विजय दिवस  मनाया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">।इस अवसर पर छात्राओं श्रद्धा पांडे, नियति पटेल एवं साक्षी उपाध्याय तथा विद्यालय के शिक्षक अगम पाठक ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">।कार्यक्रम में विद्यालय देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित सभी का मन मोह लिया। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने  कारगिल के अमर वीरों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संदेश दिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:47:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीर शहीद नरेंद्र कुमार यादव के परिवार के साथ खड़े हुए दिया 50 हजार का सहयोग।मनीष मिश्रा,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के यशस्वी गरीबों मसीहा समाजसेवी मनीष मिश्रा ने देश के वीर सपूत अमर शहीद स्वर्गीय नरेंद्र कुमार यादव के पैतृक गांव अहरा मुंडेरवा पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर कभी नहीं मरते, बल्कि वे प्रत्येक भारतीय के हृदय में सदैव अमर रहते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मनीष भैया ने कहा कि शहीदों का बलिदान शब्दों से कहीं अधिक महान होता है। ऐसे वीर सपूतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब समाज उनके</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182926/standing-with-the-family-of-brave-martyr-narendra-kumar-yadav"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260708-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के यशस्वी गरीबों मसीहा समाजसेवी मनीष मिश्रा ने देश के वीर सपूत अमर शहीद स्वर्गीय नरेंद्र कुमार यादव के पैतृक गांव अहरा मुंडेरवा पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर कभी नहीं मरते, बल्कि वे प्रत्येक भारतीय के हृदय में सदैव अमर रहते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मनीष भैया ने कहा कि शहीदों का बलिदान शब्दों से कहीं अधिक महान होता है। ऐसे वीर सपूतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब समाज उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और सहयोग के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के कारण ही हम सभी सुरक्षित हैं और उनका ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शहीद के परिवार से मुलाकात के दौरान मनीष भैया ने ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी संस्था "पहल" के माध्यम से परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, ताकि परिवार को आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिल सके।उन्होंने शहीद परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने  का वादा भी किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मनीष भैया ने कहा कि वह ऐसा घर बनवाना चाहते हैं जिसकी हर ईंट देश के वीर सपूत के अमर बलिदान की गाथा सुनाए और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा दे।मनीष भैया ने यह भी कहा कि यह केवल एक औपचारिक सहायता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शहीद के परिवार की हर संभव सहायता भविष्य में भी की जाएगी और परिवार को किसी भी आवश्यकता के समय अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "यह कोई एहसान नहीं, बल्कि उस तिरंगे का सम्मान है, जिसके लिए हमारे वीर जवान अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि मुझे इतना सामर्थ्य दें कि मैं अपने सभी संकल्प पूरे कर सकूं। यही उस अमर शहीद के प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में मनीष भैया ने अमर शहीद स्वर्गीय नरेंद्र कुमार यादव को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि देश सदैव अपने वीरों का ऋणी रहेगा और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह शहीदों के परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए आगे आए।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:10:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान के बीकानेर आर्मी कैंप में आतंकी हमले में बस्ती का अग्निवीर जवान वीरगति को प्राप्त होने की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">बस्ती।</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के मुंडेरवा नगर पंचायत अंतर्गत उमरी अहरा गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर नरेंद्र कुमार यादव के वीरगति को प्राप्त होने की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।परिजनों के अनुसार शनिवार को ड्यूटी के दौरान हुई घटना के बाद रात करीब 8 बजे छोटे भाई के मोबाइल पर शहादत की सूचना मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र कुमार यादव गरीब किसान रामरक्षा यादव के पुत्र थे और परिवार के</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182763/there-is-a-wave-of-mourning-in-the-area-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0091.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">बस्ती।</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के मुंडेरवा नगर पंचायत अंतर्गत उमरी अहरा गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर नरेंद्र कुमार यादव के वीरगति को प्राप्त होने की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।परिजनों के अनुसार शनिवार को ड्यूटी के दौरान हुई घटना के बाद रात करीब 8 बजे छोटे भाई के मोबाइल पर शहादत की सूचना मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र कुमार यादव गरीब किसान रामरक्षा यादव के पुत्र थे और परिवार के सबसे बड़े सहारा माने जाते थे। वर्ष 2024 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए नरेंद्र ने छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद बीकानेर में अपनी पहली तैनाती संभाली थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव के लोगों ने नरेंद्र को मेहनती, अनुशासित, सरल स्वभाव और मिलनसार युवा बताते हुए कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही देश सेवा का संकल्प लिया था। उनकी वीरगति की सूचना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है और हर आंख नम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों को उम्मीद है किराजस्थान के बीकानेर स्थित एक आर्मी कैंप पर कथित आतंकी हमले की सूचना के बीच जनपद बस्ती के मुंडेरवा नगर पंचायत अंतर्गत उमरी अहरा गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर नरेंद्र कुमार यादव के वीरगति को प्राप्त होने की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों के अनुसार शनिवार को ड्यूटी के दौरान हुई घटना के बाद रात करीब 8 बजे छोटे भाई के मोबाइल पर शहादत की सूचना मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र कुमार यादव गरीब किसान रामरक्षा यादव के पुत्र थे और परिवार के सबसे बड़े सहारा माने जाते थे। वर्ष 2024 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए नरेंद्र ने छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद बीकानेर में अपनी पहली तैनाती संभाली थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव के लोगों ने नरेंद्र को मेहनती, अनुशासित, सरल स्वभाव और मिलनसार युवा बताते हुए कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही देश सेवा का संकल्प लिया था। उनकी वीरगति की सूचना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है और हर आंख नम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों को उम्मीद है कि शहीद जवान का पार्थिव शरीर सोमवार प्रातः लगभग 6 बजे उनके पैतृक गांव उमरी अहरा पहुंचेगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। क्षेत्रवासियों ने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी शहादत को राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान बताया।मां भारती के वीर सपूत नरेंद्र कुमार यादव की शहादत को शत-शत नमन। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व रोइंग कप में भारत का ऐतिहासिक स्वर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ल्यूसर्न (स्विट्जरलैंड)।</strong> भारतीय रोइंग के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारतीय रोवर उज्ज्वल कुमार सिंह और उनके साथी लक्ष्य ने विश्व रोइंग कप 2025 की लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स  स्पर्धा में 6 मिनट 26.09 सेकंड का शानदार समय निकालते हुए भारत के लिए पहली बार विश्व रोइंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि भारतीय रोइंग के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। विश्व रोइंग कप के इतिहास में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक दिलाने वाली इस जोड़ी ने अपने उत्कृष्ट तालमेल, तकनीकी दक्षता और संघर्षशील प्रदर्शन से विश्वभर का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182729/indias-historic-gold-in-world-rowing-cup"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ल्यूसर्न (स्विट्जरलैंड)।</strong> भारतीय रोइंग के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारतीय रोवर उज्ज्वल कुमार सिंह और उनके साथी लक्ष्य ने विश्व रोइंग कप 2025 की लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स  स्पर्धा में 6 मिनट 26.09 सेकंड का शानदार समय निकालते हुए भारत के लिए पहली बार विश्व रोइंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि भारतीय रोइंग के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। विश्व रोइंग कप के इतिहास में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक दिलाने वाली इस जोड़ी ने अपने उत्कृष्ट तालमेल, तकनीकी दक्षता और संघर्षशील प्रदर्शन से विश्वभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उज्ज्वल कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की आंवला तहसील के ग्राम अटरछेड़ी के निवासी हैं। वे स्वर्गीय वीर बहोरन सिंह के सबसे छोटे पुत्र हैं। उनके बड़े भाई रवि कुमार सिंह, सुरजीत सिंह और रंजीत कुमार सिंह हैं| उनके एक भाई भारतीय सेना में सेवारत  हैं। देशसेवा की प्रेरणा से उज्ज्वल स्वयं भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सेना(Services) का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उज्ज्वल की सफलता एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद 42वीं सीनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वर्ष 2024 में भी उन्होंने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर देश और अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर तीसरा स्थान भी प्राप्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब विश्व रोइंग कप में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने के साथ उज्ज्वल कुमार सिंह ने भारतीय रोइंग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल बरेली और उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश और विदेश लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और मेहनत से विश्व मंच पर भी तिरंगा बुलंद किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उज्ज्वल कुमार सिंह का अगला लक्ष्य एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल जगत, सेना, क्षेत्रवासियों और देशभर से उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाइयां मिल रही हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त (भारत सरकार) एवं रा.से.यो. राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त समाजसेवी एवं मित्र मोहित शर्मा ने उज्ज्वल कुमार सिंह एवं लक्ष्य को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, विश्व रोइंग कप में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतना केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बरेली की धरती के लाल उज्ज्वल कुमार सिंह ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और अथक परिश्रम से यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता। आपने न केवल उत्तर प्रदेश और बरेली का, बल्कि पूरे भारत का मस्तक विश्व मंच पर गर्व से ऊंचा किया है। आपकी यह ऐतिहासिक सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मैं आपको और आपके साथी लक्ष्य को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर हृदय की गहराइयों से बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं तथा आपके उज्ज्वल भविष्य, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी स्वर्णिम सफलता की कामना करता हूं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:48:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान के बेटे ने बढ़ाया गोंडा का गौरव, अग्निवीर जीडी में चयनित होकर देश सेवा के लिए नागपुर रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो गोण्डा।</strong> विकासखंड रुपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत भवानीपुर उपाध्याय के मजरा छिछुली निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र शशांक शुक्ला का भारतीय सेना की अग्निवीर (जीडी) भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक 1 जुलाई 2026 से नागपुर प्रशिक्षण केंद्र में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। देश सेवा के लिए रवाना होने से पूर्व गांव में उनका भव्य सम्मान किया गया। माता-पिता ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और आशीर्वाद देकर उन्हें विदा किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शशांक शुक्ला ने कहा कि बचपन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182540/farmers-son-made-gonda-proud-agniveer-got-selected-in-gd"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1007811081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो गोण्डा।</strong> विकासखंड रुपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत भवानीपुर उपाध्याय के मजरा छिछुली निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र शशांक शुक्ला का भारतीय सेना की अग्निवीर (जीडी) भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक 1 जुलाई 2026 से नागपुर प्रशिक्षण केंद्र में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। देश सेवा के लिए रवाना होने से पूर्व गांव में उनका भव्य सम्मान किया गया। माता-पिता ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और आशीर्वाद देकर उन्हें विदा किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शशांक शुक्ला ने कहा कि बचपन से ही उनका एकमात्र सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करना उनके लिए गर्व, सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा ग्रामीणों के स्नेह और आशीर्वाद को दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक के पिता जग प्रसाद शुक्ला एक मेहनती किसान हैं, जिन्होंने खेती-किसानी करते हुए अपने पुत्र को बेहतर शिक्षा दिलाई और हर कदम पर उसका मनोबल बढ़ाया। उनकी माता मेनका शुक्ला गृहिणी हैं और परिवार का कुशलतापूर्वक संचालन करती हैं। माता-पिता के संस्कार, अनुशासन और त्याग ने ही शशांक के व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक ने अपनी हाईस्कूल की शिक्षा बाबू बच्चा सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, देवरिया कला भटपुरवा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने श्री गाँधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज, खरगूपुर से इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹1.80 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। आगे उन्होंने नवीन चंद स्मारक महाविद्यालय, इटियाथोक से स्नातक की शिक्षा पूरी की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक का परिवार लंबे समय से राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ा रहा है। उनके बड़े पिताजी बजरंगी शुक्ला उत्तर प्रदेश होमगार्ड में सेवारत हैं। वहीं उनके चाचा बाबूराम शुक्ला भी उत्तर प्रदेश होमगार्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके छोटे भाई हिमांशु शुक्ला भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश सेवा के लिए रवाना होने से पहले गांव में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। सैकड़ों ग्रामीणों ने शशांक को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया तथा "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिंद" के नारों के बीच उनका उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि शशांक अपने अनुशासन, समर्पण और परिश्रम से गांव, जनपद और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अमरनाथ तिवारी, प्रबल प्रताप, शशिभूषण, बृजभूषण तिवारी, हिमांशु, शुभांशु, संचित राम तिवारी, दीपक, दीपांशु, प्रयाग दत्त शुक्ला, मुक्तिनाथ शुक्ला, शिवम शुक्ला सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने शशांक को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सैन्य जीवन की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कहा कि किसान परिवार से निकलकर सेना में चयनित होना यह संदेश देता है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और माता-पिता के संस्कार किसी भी युवा को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। शशांक शुक्ला की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उनमें भी देश सेवा का जज्बा मजबूत करेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिरोजपुर से लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रही 21 सिख रेजिमेंट का MLA लालपुरा ने किया गर्मजोशी से स्वागत*</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>तरनतारन, </strong> फिरोजपुर से अपनी अगली तैनाती के लिए लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रहे 21 सिख रेजिमेंट के ऑफिसर और सैनिक हल्का खडूर साहिब के रसूलपुर नहरों पर कबीला रेस्टोरेंट पहुंचे। इस मौके पर, हल्का खडूर साहिब के MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा, जो 21 सिख रेजिमेंट में सेवा दे चुके हैं, ने सभी मिलिट्री ऑफिसर, सैनिकों और पूर्व सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान, पूर्व सैनिकों और अभी सेवा दे रहे सैनिकों ने एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादें ताजा कीं। इस मौके पर, सभी सैनिकों ने एक साथ बैठकर लंच किया। इस मौके पर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181552/mla-lalpura-warmly-welcomed-the-21-sikh-regiment-leaving-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000910053.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>तरनतारन, </strong> फिरोजपुर से अपनी अगली तैनाती के लिए लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रहे 21 सिख रेजिमेंट के ऑफिसर और सैनिक हल्का खडूर साहिब के रसूलपुर नहरों पर कबीला रेस्टोरेंट पहुंचे। इस मौके पर, हल्का खडूर साहिब के MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा, जो 21 सिख रेजिमेंट में सेवा दे चुके हैं, ने सभी मिलिट्री ऑफिसर, सैनिकों और पूर्व सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान, पूर्व सैनिकों और अभी सेवा दे रहे सैनिकों ने एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादें ताजा कीं। इस मौके पर, सभी सैनिकों ने एक साथ बैठकर लंच किया। इस मौके पर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर (CO) अरज बेनीवाल, कई JCO और दूसरे मिलिट्री ऑफिसर खास तौर पर मौजूद थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर 21 सिख रेजिमेंट के सभी एक्स-सर्विसमैन ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका और रुमाला साहिब भेंट किया। MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा और एक्स-सर्विसमैन ने ऑफिसर्स को श्री हरमंदिर साहिब का सुंदर मॉडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर (CO) अरज बेनीवाल और दूसरे मिलिट्री ऑफिसर्स ने MLA लालपुरा को खास तौर पर मोमेंटो देकर सम्मानित किया और उनका धन्यवाद किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा ने इस मौके पर कहा कि 21 सिख रेजिमेंट के साथ बिताया गया समय उनकी ज़िंदगी का गर्व भरा चैप्टर है। उन्होंने कहा कि मिलिट्री कम्युनिटी की एकता, डिसिप्लिन और देशभक्ति हर युवा के लिए इंस्पिरेशन का सोर्स है। उन्होंने देश की रक्षा के लिए सभी सर्विंग और रिटायर्ड सैनिकों के योगदान को सलाम किया, लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रही पूरी यूनिट को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित और सफल सर्विस के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर कैप्टन दयाल सिंह, कैप्टन कुलदीप सिंह, निरवाल सिंह रटोके, धीरा सिंह, कुलदीप सिंह फेलके आदि मौजूद थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फोटो कैप्शन:</div>
<div style="text-align:justify;">- MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा 21 सिख रेजिमेंट के अधिकारियों को सम्मानित करते हुए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:18:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ऑपरेशन जिसने बदल दी युद्ध की तस्वीर: ऑपरेशन सिंदूर और दो सेनाओं के बीच तकनीकी अंतर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>भारत </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुधांशु कुमार द्वारा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> </strong>7 मई 2025 की रात भारत ने सिर्फ 23 मिनट में ऐसा सैन्य अभियान पूरा किया जिसने पूरे क्षेत्र की रणनीतिक सोच बदल दी। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए। इन हमलों में आधुनिक मिसाइलें, सैटेलाइट-निर्देशित हथियार और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। सबसे अहम बात यह रही कि भारत ने पाकिस्तान की चीनी तकनीक वाली एयर डिफेंस प्रणाली को निष्क्रिय करते हुए मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिन के भीतर दुनिया के सामने सैटेलाइट तस्वीरें आ गईं। Maxar, KawaSpace और MizarVision जैसी कंपनियों द्वारा जारी तस्वीरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178485/an-operation-that-changed-the-face-of-war-operation-sindoor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-07-at-19.11.42.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>भारत </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुधांशु कुमार द्वारा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> </strong>7 मई 2025 की रात भारत ने सिर्फ 23 मिनट में ऐसा सैन्य अभियान पूरा किया जिसने पूरे क्षेत्र की रणनीतिक सोच बदल दी। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए। इन हमलों में आधुनिक मिसाइलें, सैटेलाइट-निर्देशित हथियार और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। सबसे अहम बात यह रही कि भारत ने पाकिस्तान की चीनी तकनीक वाली एयर डिफेंस प्रणाली को निष्क्रिय करते हुए मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिन के भीतर दुनिया के सामने सैटेलाइट तस्वीरें आ गईं। Maxar, KawaSpace और MizarVision जैसी कंपनियों द्वारा जारी तस्वीरों में साफ दिखा कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया और कितना नुकसान हुआ। शाहबाज एयरबेस का हैंगर पूरी तरह तबाह दिखाई दिया, जबकि कई एयरबेस की रनवे और रडार सिस्टम भी क्षतिग्रस्त मिले। इन तस्वीरों ने भारत के दावों को मजबूत प्रमाण दे दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>फर्क सिर्फ हमले का नहीं, सोच का था</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारत ने अपने हर हमले का प्रमाण दुनिया के सामने रखा। यही सबसे बड़ा अंतर था। आधुनिक युद्ध में केवल हमला करना काफी नहीं होता, यह भी जरूरी है कि दुनिया देख सके कि हमला किस पर हुआ और क्यों हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ पाकिस्तान की प्रतिक्रिया अलग थी। सीमा पार से भारी गोलाबारी हुई, जिसमें मंदिर, गुरुद्वारे और नागरिक इलाके प्रभावित हुए। पुंछ, राजौरी और कश्मीर के कई इलाकों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। कई लोगों की जान गई और घर तबाह हुए। इन हमलों का कोई स्पष्ट सैन्य लक्ष्य दिखाई नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यहीं से दोनों देशों की सैन्य क्षमता और तकनीकी सोच का अंतर साफ हो गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत का युद्ध मॉडल पूरी तरह तकनीक आधारित था</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन से पहले भारत की कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया। सैटेलाइट निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, इंटरसेप्टेड कम्युनिकेशन और रियल टाइम इंटेलिजेंस को एक साथ जोड़कर लक्ष्य तय किए गए। हर जानकारी सीधे सेना और वायुसेना के कमांडरों तक पहुंच रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह केवल पारंपरिक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस का संयुक्त इस्तेमाल था। भारत ने भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि डेटा और सटीक जानकारी के आधार पर कार्रवाई की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए कई हथियार और ड्रोन भारत में बने या भारत के सहयोग से विकसित किए गए थे। ब्रह्मोस, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, स्काईस्ट्राइकर और नागास्त्र जैसे सिस्टम भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता का उदाहरण बने।</p>
<p style="text-align:justify;">इन हथियारों का सफल इस्तेमाल केवल सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग के लिए भी बड़ी सफलता है। इससे आने वाले समय में रिसर्च और निवेश दोनों बढ़ेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके विपरीत पाकिस्तान का रक्षा ढांचा बड़े पैमाने पर विदेशी हथियारों पर निर्भर है। ऐसे में किसी बड़े नुकसान के बाद उसकी भरपाई आसान नहीं होती।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सैटेलाइट तस्वीरों ने बदल दिया प्रचार का खेल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत ने नागरिक इलाकों पर हमला किया, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने इन दावों को कमजोर कर दिया। आधुनिक दौर में अब केवल बयान देकर सच नहीं बदला जा सकता। कुछ ही घंटों में सैटेलाइट तस्वीरें पूरी दुनिया के सामने वास्तविक स्थिति ला देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही आधुनिक तकनीक की सबसे बड़ी ताकत है — पारदर्शिता।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>परमाणु हथियारों की रणनीति पर असर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कई वर्षों तक पाकिस्तान की रणनीति यह रही कि परमाणु हथियारों के डर से भारत बड़े सैन्य कदम नहीं उठाएगा। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने यह धारणा बदल दी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने यह दिखाया कि सीमित, सटीक और नियंत्रित सैन्य कार्रवाई संभव है, बिना युद्ध को बड़े स्तर तक ले जाए। भारत ने केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया, न कि पाकिस्तानी सेना या नागरिकों को।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पाकिस्तान की पुरानी रणनीतिक बढ़त कमजोर पड़ती दिखाई दी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ड्रोन युद्ध का नया दौर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार था जब दो परमाणु संपन्न देशों के बीच इतने बड़े स्तर पर ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। भारत ने सटीक निशाना लगाने वाले ड्रोन इस्तेमाल किए, जबकि पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की एयर डिफेंस प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया। इससे साफ हुआ कि भविष्य के युद्धों में केवल हथियारों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता ज्यादा मायने रखेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बदलते युद्ध का नया संदेश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि आने वाले समय में युद्ध केवल ताकत से नहीं, बल्कि तकनीक, सटीकता और जवाबदेही से तय होंगे। भारत ने दुनिया को दिखाया कि आधुनिक युद्ध में पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सैन्य क्षमता।</p>
<p style="text-align:justify;">सैटेलाइट लगातार देख रहे हैं, तकनीक सब रिकॉर्ड कर रही है और अब सच को लंबे समय तक छिपाना आसान नहीं रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:17:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: नाना-दादा को वर्दी में देख जागा आर्मी का जुनून, लेफ्टिनेंट कर्नल बन रच दिया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Success Story: </strong>कहते है की मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, इसकी प्रेरणा हम राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह से ले सकते है। जानकारी के मुताबिक, प्रेरणा सिंह इंडियन आर्मी में मेजर बनीं और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल हो गई हैं। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने समाज की कुरूतियों को तोड़ते हुए आगे बढ़ीं और इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008328.jpg" alt="153008328" width="1080" height="1080" /></strong></p>
<p><strong>लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह</strong></p>
<p>मिली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157464/success-story-seeing-his-grandparents-in-uniform-his-passion-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news-(90).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Success Story: </strong>कहते है की मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, इसकी प्रेरणा हम राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह से ले सकते है। जानकारी के मुताबिक, प्रेरणा सिंह इंडियन आर्मी में मेजर बनीं और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल हो गई हैं। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने समाज की कुरूतियों को तोड़ते हुए आगे बढ़ीं और इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008328.jpg" alt="153008328" width="1080" height="1080"></img></strong></p>
<p><strong>लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जोधपुर में जन्मी प्रेरणा सिंह इंडियन आर्मी में मेजर बनीं और फिर लेफ्टिनेंट कर्नल हो गई हैं। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong>वर्दी में देखा</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। वह अपने समाज की कुरूतियों को तोड़ते हुए आगे बढ़ीं और इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008329.jpg" alt="153008329" width="1080" height="1080"></img></strong></p>
<p><strong>सेना में</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, प्रेरणा के पिता सेना में रिशालदार थे और उनके चाचा BSF में डिप्टी कमांडेंट थे। 17 सितंबर, 2017 को उन्हें मेजर के पद पर प्रोन्नत किया गया था। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong>सफल</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, प्रेरणा घर में रहने के दौरान राजपूतों की पारम्परिक ड्रेस में रहना पसंद करती हैं। वहीं ड्यूटी के दौरान वे आर्मी की ड्रेस में ही रहती हैं। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008326.jpg" alt="153008326" width="1080" height="1080"></img></p>
<p><strong>इंजीनयरिंग</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ और जयपुर के बाद फिलहाल वे पुणे में पोस्टेड हैं। वे सेना के इंजीनियरिंग कोर में हैं। Lieutenant Colonel Prerna Singh</p>
<p><strong>पति हैं वकील</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, उनकी शादी 5 साल पहले हुई थी। उनके पति मंधाता सिंह एक वकील हैं। उनकी एक बेटी प्रतिष्ठा है। वे गांव धमोरा की पहली बहू हैं जो इंडियन आर्मी में है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/153008324.jpg" alt="153008324" width="1080" height="1080"></img></p>
<p><strong>वर्दी में देखा Lieutenant Colonel Prerna Singh</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बचपन में अपने दादा और नाना को वर्दी में देख उनके भीतर देश सेवा का जुनून पैदा हुआ था। उन्होंने इस जुनून को पूरा करने के बाद ही दम लिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 19:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम की धरती से शुरू हुआ ‘धर्म युद्ध’ कैसे बन गया मर्यादा, सत्य और धर्म का संदेश?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  ’निसिचर हीन करउँ महि, भुज उठाइ पन कीन्ह’ दोहे की पंक्तियों में वीर रस का ऐसा भाव है, जो दीनों की दुर्दशा या धर्म की हानि देखते ही मानवता के शत्रु का समूल नाश करने की प्रतिज्ञा लेता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद भुज एयरबेस से भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस देश के आराध्य भगवान राम की अन्याय के खिलाफ प्रतिज्ञा को दोहराया। श्रीरामचरितमानस के बालकांड के इस दोहे का भाव सदियों से भारत का संस्कार है, जिसका अर्थ है- ‘भगवान राम ने अपने हाथों को उठाकर प्रण लिया कि वह पृथ्वी को राक्षसों से</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पिक्चर</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151987/how-did-dharma-war-become-dignity-and-religion-started-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/20250512193l-1980x1267.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> ’निसिचर हीन करउँ महि, भुज उठाइ पन कीन्ह’ दोहे की पंक्तियों में वीर रस का ऐसा भाव है, जो दीनों की दुर्दशा या धर्म की हानि देखते ही मानवता के शत्रु का समूल नाश करने की प्रतिज्ञा लेता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद भुज एयरबेस से भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस देश के आराध्य भगवान राम की अन्याय के खिलाफ प्रतिज्ञा को दोहराया। श्रीरामचरितमानस के बालकांड के इस दोहे का भाव सदियों से भारत का संस्कार है, जिसका अर्थ है- ‘भगवान राम ने अपने हाथों को उठाकर प्रण लिया कि वह पृथ्वी को राक्षसों से मुक्त करेंगे।’ आज आतंकवाद रूपी राक्षस का समूल नाश करने के लिए भगवान राम को आदर्श मानने वाले देश ने एक बार फिर ये प्रतिज्ञा दोहराई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पिक्चर अभी बाकी है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सीजफायर के बाद ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को लेकर सवाल उठाने वालों की शंका पर अब विराम लग जाना चाहिए। भुज एयरबेस से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर एक ट्रेलर मात्र था, सही समय पर हम पूरी पिक्चर भी दुनिया को दिखाएंगे। पाकिस्तान को गुड बिहेवियर के लिए प्रोबेशन पर रखा है, अगर उसके व्यवहार में गड़बड़ी आती है तो उसे कड़े से कड़ा दंड दिया जाएगा।‘ यानी ये तो स्पष्ट है कि रणनीतिक कारणों से ऑपरेशन सिंदूर को भले ही स्थगित किया गया हो, लेकिन यह किसी भी तरह से पीछे हटना नहीं है। यह केवल एक रणनीतिक विश्राम है ताकि आतंकवाद के खिलाफ अगला कदम और अधिक सटीक और प्रभावशाली हो। पहले प्रधानमंत्री और अब रक्षामंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जंग अभी जारी है और यह निर्णायक होगी। इससे यह भी जाहिर होता है कि आतंक के पनाहगार-पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी भारत नहीं बरतेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक ऐलान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारत का यह रूप न केवल देशवासियों को सुरक्षा का भरोसा देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी मर्यादा, सत्य और धर्म का संदेश दे रहा है। आतंकवाद के विरुद्ध यह लड़ाई अब एक राष्ट्रीय संकल्प बन चुकी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान कि हम हमारे आराध्य श्रीराम का अनुसरण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें वह आसुरी शक्ति का विनाश करने का प्रण लेते हैं, ये जाहिर करता है कि जैसे हर युग में भारत भूमि से राक्षसों का नास किया गया, ठीक उसी प्रकार आज आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पूरा होने तक किसी भी निर्णय को आखिरी नहीं माना जाए। इस बात से यह साबित होता है कि वाकई आज हमारी सोच और सामर्थ्य दोनों में बदलाव आया है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के जरिए भारत ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है कि अब भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके लिए अब कूटनीति के साथ-साथ सैन्य शक्ति का भी इस्तेमाल खुलेआम किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>‘शठे शाठ्यम समाचरेत्’</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिन लोगों को ये लगता है कि ऑपरेशन सिंदूर को रोके जाने से कहीं हम पाकिस्तान की चाल में तो नहीं फंस रहे, उनकी या पड़ोसी मुल्क की सभी गलतफहमियों को दूर करने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ‘शठे शाठ्यम समाचरेत्’ अर्थात् दुष्ट के साथ दुष्टता के ही व्यवहार वाले संदेश पर गौर करना चाहिए। ‘सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीति। सहज कृपन सन सुंदर नीति। ममता रत सन ज्ञान कहानी। अति लोभी सन बिरती बखानी। क्रोधिहि सम कामिहि हरिकथा। उसर बिज बए फल जथा। अर्थात् मुर्ख से विनय, कुटिल के साथ प्रीति, स्वाभाविक ही कंजूस से उदारता का उपदेश, ममता में फंसे हुए मनुष्य से ज्ञान की कथा, अत्यंत लोभी से वैराग्य का वर्णन, क्रोधी से शम (शांति) की बात और कामी से भगवान की कथा, इनका वैसा ही फल होता है जैसा उसर में बीज बोने से होता है। पाकिस्तान की प्रवृत्ति को बताते हुए रामचरितमानस की गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित इस चौपाई के जरिए राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद पर पर्दा डालने की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देगा। उसका असल चेहरा अब किसी से छिपा नहीं रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एक के बाद एक सभी झूठ बेनकाब</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर अगर पाकिस्तान नहीं सुधरा तो आने वाले समय में आतंकवाद के खिलाफ भारत और अधिक मजबूती से जवाब देने को तैयार है। इसका अंदाजा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से दुनिया को भी लग गया है। इसमें कोई शक नहीं कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकरोधी रणनीति को नई मजबूती दी है। यह ऑपरेशन न केवल आतंकी नेटवर्क पर करारा प्रहार था बल्कि इससे जुड़ी सूचनाओं ने पाकिस्तान के कई भ्रामक दावों को भी उजागर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही इस ऑपरेशन में जिस तरीके से उच्च स्तरीय इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए जिन ठिकानों पर कार्रवाई की गई, उससे साबित होता है कि वे पहले से निगरानी में थे। इस तरह की सटीक कार्रवाई ने आतंकी नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने में मदद की है।और इस बात को अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी स्वीकार करने लगा है। कई ब्रिटिश पत्रकारों ने मोदी की आतंकवाद के खिलाफ मुहीम को सही बताते हुए साथ दिया। प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक और पत्रकार मार्क टुली ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पीएम मोदी की आवाज को बुलंद किया है। ब्रिटिश पत्रकार सैम स्टीवेन्सन ने भी भारत के लोकतांत्रिक उत्साह की सराहना की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा बलों का तालमेल और साहस</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर में सभी भारतीय सुरक्षाबलों, NIA और IB ने मिलकर काम किया। यह समन्वय दर्शाता है कि भारत आतंकवाद से निपटने में एक संयुक्त दृष्टिकोण अपना रहा है। ऐसी कार्रवाइयां न केवल फिजिकल रूप से आतंकियों को खत्म करती हैं, बल्कि उनके नेटवर्क और समर्थकों के मनोबल को भी गहरा आघात पहुंचाती हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता व दृढ़ता और मजबूत हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की बदलती रक्षा नीति और संकल्प का प्रमाण बन चुके ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि कोई भी देश आतंक को शह देगा तो उसे राजनीतिक या सैन्य स्तर पर जवाब जरूर मिलेगा। दहशतगर्दी का समर्थन करने वालों के लिए वाकई आतंकवाद के माथे पर खींची गई ‘सिंदूर’ की इस लाल लकीर को हलके में लेने की गलती दोहराना खुद के सर्वनाश को न्योता देने से कम नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:53:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने बांग्लादेश से रेडीमेड गारमेंट्स और प्रोसेस्ड फूड की एंट्री पर लगाया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक महत्वपूर्ण व्यापार नीति बदलाव के तहत भारत ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के माध्यम से देश में रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी), प्रोसेस्ड फूड और अन्य वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बांग्लादेश से भारत में रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड जैसे कुछ सामानों के आयात पर भूमि बंदरगाह प्रतिबंध लगाते हुए एक अधिसूचना जारी की।</p>
<p><strong>बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा</strong></p>
<p>डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में कहा, “हालांकि, इस तरह के बंदरगाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151986/india-banned-the-entry-of-readymade-garments-and-processed-food"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/202505183406056.jpg" alt=""></a><br /><p>एक महत्वपूर्ण व्यापार नीति बदलाव के तहत भारत ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के माध्यम से देश में रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी), प्रोसेस्ड फूड और अन्य वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बांग्लादेश से भारत में रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड जैसे कुछ सामानों के आयात पर भूमि बंदरगाह प्रतिबंध लगाते हुए एक अधिसूचना जारी की।</p>
<p><strong>बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा</strong></p>
<p>डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में कहा, “हालांकि, इस तरह के बंदरगाह प्रतिबंध भारत से होकर गुजरने वाले बांग्लादेशी सामानों पर लागू नहीं होंगे, लेकिन नेपाल और भूटान के लिए आने वाले समान पर लागू होंगे।” निर्देश के अनुसार, “बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा, हालांकि, इसे केवल न्हावा शेवा और कोलकाता बंदरगाहों के माध्यम से अनुमति दी गई है”।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल में एलसीएस चंगराबांधा और फुलबारी से भी अनुमति नहीं होगी</strong></p>
<p>अन्य प्रतिबंध फल या फल के स्वाद वाले और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के आयात, प्रोसेस्ड फूड आइटम्स, कपास और सूती धागे का वेस्ट, प्लास्टिक और पीवीसी तैयार माल और लकड़ी के फर्नीचर पर हैं। इन वस्तुओं को असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में किसी भी लैंड कस्टम स्टेशन (एलसीएस) या इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के माध्यम से अनुमति नहीं दी जाएगी । साथ ही पश्चिम बंगाल में एलसीएस चंगराबांधा और फुलबारी से भी अनुमति नहीं होगी।</p>
<p><strong>अधिसूचना में आगे कहा गया है कि यह बंदरगाह प्रतिबंध बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन के आयात पर लागू नहीं होता है</strong></p>
<p>अधिसूचना में आगे लिखा गया है कि बंदरगाह प्रतिबंध बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन के आयात पर लागू नहीं होते हैं। इससे पहले अप्रैल में बांग्लादेश सरकार ने राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) की अधिसूचना के माध्यम से भूमि बंदरगाहों के जरिए भारत से देश में यार्न के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। बांग्लादेश के इस फैसले को देखते हुए ही भारत ने यह नया कदम उठाया है।</p>
<p><strong>भारत चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है</strong></p>
<p>भारत, बांग्लादेश के लिए ट्रांस-शिपमेंट सुविधा को भी समाप्त कर चुका है।भारत चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2022-23 में, बांग्लादेश-भारत व्यापार लगभग 16 बिलियन डॉलर का था। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, बांग्लादेश ने लगभग 14 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया, जबकि भारत को उसका निर्यात 2 बिलियन डॉलर रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:51:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>आतंकवाद के खिलाफ भारतीय रुख को और स्पष्ट करेगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल : सस्मित पात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत सरकार पूरी दुनिया को पाकिस्तान के आतंकी रिश्तों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जरूरत से रूबरू कराएगा। इसके लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की पूरी सूची घोषित की गई है। जिसमें बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा को भी जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि यह डेलिगेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट करेगा।</p>
<p><strong>संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा</strong></p>
<p>बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने बताया कि, “सॉफ्ट पावर का यह संदेश, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत द्वारा दुनिया भर में दिया जाने वाला संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151985/all-party-delegation-will-clarify-the-indian-stance-against-terrorism"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/20250517126l.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत सरकार पूरी दुनिया को पाकिस्तान के आतंकी रिश्तों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जरूरत से रूबरू कराएगा। इसके लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की पूरी सूची घोषित की गई है। जिसमें बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा को भी जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि यह डेलिगेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट करेगा।</p>
<p><strong>संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा</strong></p>
<p>बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने बताया कि, “सॉफ्ट पावर का यह संदेश, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत द्वारा दुनिया भर में दिया जाने वाला संदेश, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेगा। दूसरा बिंदु ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में है, जैसा कि रक्षा मंत्री ने कहा है कि यह अभी खत्म नहीं हुआ है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता इस संदेश को और मजबूती देगी और वैश्विक स्तर पर यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को स्पष्ट करेगा।”</p>
<p><strong>पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ जो आतंकवाद फैलाया जा रहा है, उसे दुनिया के सामने रखा जाएगा</strong></p>
<p>उन्होंने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है। यूएई और तीन अफ्रीकी देशों में जाने का मुझे मौका मिल रहा है, इसमें दो संदेश स्पष्ट हैं। पहला, पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ जो आतंकवाद फैलाया जा रहा है, उसे दुनिया के सामने रखा जाएगा। दूसरा- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने जिस प्रकार से आतंकवाद के खिलाफ एक जबरदस्त मुहिम चलाई है, उसके बारे में भी अवगत कराया जाएगा।”</p>
<p><strong>बीजू जनता दल सरकार और सेना के साथ हैं</strong></p>
<p>सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, “मैं कांग्रेस और सरकार के बीच के मामलों में नहीं पड़ना चाहता, यह उनका आंतरिक मामला है। जहां तक मेरी पार्टी और मेरे नेता नवीन पटनायक और बीजू जनता दल का सवाल है, हमने पहले दिन से ही सशस्त्र बलों का समर्थन किया है। प्रतिनिधिमंडल में मेरी खुद की भागीदारी सहित इस पूरे अभियान के बारे में हमारे नेता नवीन पटनायक ने स्पष्ट रूप से कहा था। बीजेडी की राजनीतिक मामलों की समिति की एक बैठक हुई और सबसे पहला एजेंडा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके असाधारण काम के लिए हमारे सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त करना था। जहां तक बीजू जनता दल का सवाल है, हमारा स्पष्ट कहना है कि हम सरकार और सेना के साथ हैं। कांग्रेस और सरकार का सवाल है कि वे आपस में समझें, उस पर मुझे कुछ नहीं कहना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151985/all-party-delegation-will-clarify-the-indian-stance-against-terrorism</link>
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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:49:31 +0530</pubDate>
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