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                <title>Bhanvapur News - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलना चाहिए-जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को विकास खण्ड भनवापुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। </div>
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<div style="text-align:justify;">  ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओ के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त किया गया कि शासन की योजनाओ की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन की योजनाओ का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज सभी अधिकारी आपके</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएनआरएलएम</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181087/eligible-people-should-get-the-benefits-of-public-welfare-schemes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781272991463.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को विकास खण्ड भनवापुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओ के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त किया गया कि शासन की योजनाओ की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन की योजनाओ का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज सभी अधिकारी आपके ग्राम में आये है आप लोग अपनी समस्याओं के बारे में संबधित विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर निराकरण करा ले।  जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को सभी योजनाओ का लाभ मिलना चाहिए। पात्र लोगो का आयुष्मान कार्ड बनवाये। आयुष्मान कार्ड से 05 लाख तक का निःशुल्क इलाज की सुविधा है। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत फसलों के क्षति पूर्ति का भुगतान एवं किसान सम्मान निधि की समस्याओं का निराकरण कराये। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों से उन्होंने कहा कि यदि किसी को पेंशन से जुड़ी समस्या है, जैसे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है, तो वे तुरंत जानकारी दें। ब्लॉक स्तर के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियो का सत्यापन कराकर पेंशन का लाभ दिया जाये।जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भारत सरकार/प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुॅचाये। इसके किसी भी प्रकार की हीलाहवाली करने पर संबधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। जन्म प्रमाण-पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र का आवेदन निर्धारित समय में निस्तारित कराये।आपदा राहत के अन्तर्गत लाभ दिलाये। कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाये। किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री करा ले जिससे सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओ का लाभ मिल सके। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा,</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएनआरएलएम देवनन्दन दूबे, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी रविशुकर पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गणेश प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी भनवापुर विनोदमणि त्रिपाठी, ग्राम प्रधान व अन्य ब्लाक स्तरीय अधिकारी एवं ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे।</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 21:05:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>राम-केवट संवाद प्रसंग की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव के राम-जानकी मन्दिर पर चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन बृहस्पतिवार रात को श्री धाम अयोध्या से पधारी कथावाचिका देवी ज्योति किशोरी  ने प्रभु श्रीराम के वनवास से लेकर केवट संवाद तक का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया। कथा का श्रवण कर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और  जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।</div>
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<div style="text-align:justify;">कथावाचिका ने बताया कि जब अयोध्या में महारानी कैकेयी के वरदान के कारण प्रभु श्रीराम को चौदह वर्ष का वनवास मिला, तब उन्होंने बिना किसी विरोध के</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171760/the-audience-became-emotional-after-listening-to-the-story-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1772197364052.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव के राम-जानकी मन्दिर पर चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन बृहस्पतिवार रात को श्री धाम अयोध्या से पधारी कथावाचिका देवी ज्योति किशोरी  ने प्रभु श्रीराम के वनवास से लेकर केवट संवाद तक का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया। कथा का श्रवण कर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और  जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कथावाचिका ने बताया कि जब अयोध्या में महारानी कैकेयी के वरदान के कारण प्रभु श्रीराम को चौदह वर्ष का वनवास मिला, तब उन्होंने बिना किसी विरोध के पिता की आज्ञा को शिरोधार्य किया। राजमहल के सुख-सुविधाओं का त्याग कर श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान कर गए। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम का वनगमन त्याग, मर्यादा और आज्ञापालन की सर्वोच्च मिसाल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कथा के दौरान जब प्रभु श्रीराम के निषादराज से मिलन और गंगा तट पर केवट प्रसंग का वर्णन हुआ, तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथावाचिका ने बताया कि केवट ने प्रभु के चरण पखारने का आग्रह करते हुए कहा कि जिस प्रकार पत्थर भी आपके चरणस्पर्श से नारी बन गया, वैसे ही मेरी नाव भी कहीं दिव्य रूप न धारण कर ले। इस प्रसंग में छिपी भक्ति और समर्पण की भावना ने सभी को भावुक कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि केवट संवाद हमें सिखाता है कि ईश्वर को पाने के लिए निष्कपट प्रेम और श्रद्धा ही पर्याप्त है। प्रभु श्रीराम ने केवट को गले लगाकर यह संदेश दिया कि भगवान के द्वार पर जाति-पाति और ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं होता।कथा के अंत में आरती और भजन-कीर्तन के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान आचार्य दुर्गेश शुक्ल,मनीष गुप्ता,विनय तिवारी, सचिन तिवारी, शिवा विश्वकर्मा, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, राजेंद्र यादव आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे ।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 20:25:47 +0530</pubDate>
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