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                <title>भ्रष्टाचार मामला - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>भ्रष्टाचार मामला RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कप्तानगंज में अभी भी बचे रह गए भ्रष्टाचार के गुरुघंटाल , चेले को ले गयी एंटीकरप्सन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> एक ओर सरकार जहाँ जीरो टालरेंस का ढिंढोरा पीट रही है तो वहीं कप्तानगंज ब्लाक भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों का अड्डा बना हुआ है जिसकी पुष्टि एंटीकरप्सन टीम ने 25000 रुपया घूस लेते हुए रंगेहाथ  गिरप्तारी करके किया। </div>
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<div style="text-align:justify;">कप्तानगंज विकास खंड मुख्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल की खबरें अक्सर मीडिया में सुर्खियाँ बन रही हैं परन्तु जिम्मेदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे और भ्रष्टाचार का सिलसिला जारी है । मामला चाहे बीडीओ के परसेंटेज वाली वसूली से जुड़ा हो या फिर चाहे एडीओ पंचायत के सफाई कर्मचारियों के समायोजन / तैनाती में धनउगाही से हो जुड़ा हर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179835/anticorruption-takes-away-gurughantal-disciple-of-corruption-still-left-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260521-wa0070-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> एक ओर सरकार जहाँ जीरो टालरेंस का ढिंढोरा पीट रही है तो वहीं कप्तानगंज ब्लाक भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों का अड्डा बना हुआ है जिसकी पुष्टि एंटीकरप्सन टीम ने 25000 रुपया घूस लेते हुए रंगेहाथ  गिरप्तारी करके किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कप्तानगंज विकास खंड मुख्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल की खबरें अक्सर मीडिया में सुर्खियाँ बन रही हैं परन्तु जिम्मेदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे और भ्रष्टाचार का सिलसिला जारी है । मामला चाहे बीडीओ के परसेंटेज वाली वसूली से जुड़ा हो या फिर चाहे एडीओ पंचायत के सफाई कर्मचारियों के समायोजन / तैनाती में धनउगाही से हो जुड़ा हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विकास खण्ड परिसर में स्थापित सभी कार्यालय यथा वनक्षेत्राधिकारी व बाल विकास परियोजना कार्यालय सभी में धनउगाही की गति समान ही है । इसी प्रकार बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी जिसके मुखिया प्रभात कुमार श्रीवास्तव हैं वहाँ तो और ही भ्रष्टाचार है क्योंकि वहाँ के मुखिया प्रभात के पास कप्तानगंज व बहादुरपुर दो ब्लाकों का चार्ज है और नगर बाजार में बैठकर दोनों ब्लाकों की वसूली एक ही जगह से की जाती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कप्तानगंज का जल्द ही एंटीकरप्सन टीम बृहद आपरेशन करने वाली है क्योंकि तमाम संदिग्ध गतिविधियाँ खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात द्वारा संचालित हैं जो कार्यवाही का आधार बनेंगी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आइए एक नजर सफाई कर्मचारी की गिरफ्तारी पर डालें जो कि आंगनबाडी में नियुक्ति से संबंधित है मतलब साफ है कि आंगनवाड़ी की भर्ती भी भ्रष्टाचार का शिकार है जिम्मेदार भले ही अपने आप को दूध का धुला बताएं क्योंकि साक्ष्य सबके सामने है । देखना यह है कि इस कार्यवाही सें बीडीओ अपने कार्यप्रणाली में सुधार लायेंगे या अगला विकेट गिरने का  इंतजार करेंगे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:49:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 वर्षों से साऊँघाट सीएचसी पर जमे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार ने मचाया लूट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178979/health-education-officer-brijendra-kumar-who-had-been-working-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2013 को बृजेन्द्र कुमार की तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साऊँघाट में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के रूप में हुई थी । तैनाती से अद्यतन तिथि तक बृजेन्द्र सीएचसी साऊँघाट में ही जमें हैं जिसको लेकर क्षेत्र में तरह - तरह की चचाएं चल रही हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नियमों की यदि बात करें तो कोई कर्मचारी जनपद में तीन वर्ष तथा मंडल में अधिकतम 7 वर्ष तक सेवा दे सकता हैं परन्तु बृजेन्द्र कुमार के मामले में जिम्मेदारों ने इतनी क्यों दरियादिली दिखाई और अधिकतम 3 वर्ष के बजाए 13 साल क्यों जमें हैं को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है । प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2 लाख के लिए 150 किमी ‘दौड़ते’ आया सब इंजीनियर व उसका साथी, लोकायुक्त ने पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां रायसेन जिले में पदस्थ एक सब इंजीनियर व एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए भोपाल लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है।</p><p style="text-align:justify;">रायसेन जिले की उदयपुरा नगर परिषद में पदस्थ उपयंत्री (सब इंजीनियर) दीपांशु पटेरिया व सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177750/lokayukta-caught-the-engineer-and-his-companion-who-came-running"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/bhopal_c345ef.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां रायसेन जिले में पदस्थ एक सब इंजीनियर व एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए भोपाल लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है।</p><p style="text-align:justify;">रायसेन जिले की उदयपुरा नगर परिषद में पदस्थ उपयंत्री (सब इंजीनियर) दीपांशु पटेरिया व सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शंकर साहू के खिलाफ भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले जयंत चतुर्वेदी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदक जयंत चतुर्वेदी ने बताया था कि वो 'नवीन बिल्डकॉम' फर्म का संचालक है। उनकी फर्म द्वारा नगर परिषद उदयपुरा के अंतर्गत बस स्टैंड का सीसी निर्माण कार्य एवं मेन रोड पर सीसी रोड निर्माण कार्य किया गया था। उक्त कार्य के लिए फर्म की दो सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) नगर परिषद उदयपुरा में जमा थी। इन दोनों SD को रिलीज करने तथा अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में नगर परिषद उदयपुरा में पदस्थ उपयंत्री दीपांशु पटेरिया एवं सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू द्वारा 5,00,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।</p><p style="text-align:justify;">लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर आवेदक जयंत चतुर्वेदी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये देने के लिए रिश्वतखोर सब इंजीनियर और कर्मचारी के पास भेजा। रिश्वत की रकम लेने के लिए रिश्वखोर सब इंजीनियर दीपांशु पटेरिया और सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शंकर साहू उदयपुरा से 150 किमी दूर भोपाल पहुंचे। भोपाल में 6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर के सामने, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के पास जैसे ही रिश्वतखोरों ने आवेदक से 2 लाख रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 12 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-61 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 23:16:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुनियांव ब्लाक ग्राम पंचायत करही खास में मनरेगा घोटाले का पर्दाफाश प्रधान और सचिव समेत कई पर गिरी गाज,  ₹2.17 लाख की वसूली का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के  खुनियांव ब्लाक के  ग्राम पंचायत करही खास में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है।  सुधीर कुमार पाण्डेय  लोकपाल (मनरेगा) सिद्धार्थनगर द्वारा की गई जांच में बिना कार्य कराए फर्जी मस्टर रोल के जरिए ₹2,17,836 के सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई है। ग्राम पंचायत करही खास निवासी अजहर अहमद पुत्र अब्दुल रऊफ ने 11 सितंबर 2025 को लोकपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत में आरोप था कि ग्राम प्रधान द्वारा बिना कार्य कराए फर्जी तरीके से धन निकासी की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173206/mnrega-scam-exposed-in-khuniyaon-block-gram-panchayat-karhi-khas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/bhrastachar1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के  खुनियांव ब्लाक के  ग्राम पंचायत करही खास में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है।  सुधीर कुमार पाण्डेय  लोकपाल (मनरेगा) सिद्धार्थनगर द्वारा की गई जांच में बिना कार्य कराए फर्जी मस्टर रोल के जरिए ₹2,17,836 के सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई है। ग्राम पंचायत करही खास निवासी अजहर अहमद पुत्र अब्दुल रऊफ ने 11 सितंबर 2025 को लोकपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत में आरोप था कि ग्राम प्रधान द्वारा बिना कार्य कराए फर्जी तरीके से धन निकासी की जा रही है और विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता है। हालांकि शुरूआती जांच में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने इसे चुनावी रंजिश बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की थी।  लेकिन जब लोकपाल द्वारा 16 जनवरी 2026 को किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि बेकारू के खेत से अक्कडारी नाले तक नाला खुदाई के नाम पर स्वीकृत ₹2.47 लाख में से ₹2,17,836 का भुगतान फर्जी तरीके से किया जा चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और मौके पर नाला खुदाई का कोई नया कार्य नहीं मिला वहां पुरानी खुदाई और घास-फूस पाए गए। साथ ही, कार्यस्थल पर कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगा था। लोकपाल ने इस गबन के लिए निम्नलिखित को दोषी पाया है जिसमें  समसुद्दीन (वर्तमान ग्राम प्रधान) और पियूष पाण्डेय (ग्राम पंचायत अधिकारी/सचिव) ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक, कार्यक्रम अधिकारी, व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी। गबन की गई धनराशि ₹2,17,836 की वसूली संबंधित कर्मियों से समानुसार  में  राजकीय कोष में जमा करने का आदेश दिया  है,  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और मनरेगा अधिनियम की धारा 25 के तहत सभी दोषियों पर 1000-1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।  साथ ही दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराने और विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है। लोकपाल मनरेगा सुधीर कुमार पांडेय  ने स्पष्ट किया कि अभिलेखों को छिपाना और जांच में सहयोग न करना अधिनियम का उल्लंघन है, जिसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की श्रेणी में माना गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 21:56:12 +0530</pubDate>
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                <title>सीएमओ का  दफ्तर बना  ‘आराम घर ' कुर्सी पर सोते कर्मचारी</title>
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<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के सीएमओ कार्यालय में काम के बजाय नींद पूरी कर रहे कर्मचारी बिभागीय कामकाज के लिए बना  कार्यालय , बना कर्मचारी झपकी स्थल व विश्रामालय बना कार्यालय इस पर आराम करते हुए कर्मचारी नजर आए हैं स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही कार्यों के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं कर्मचारियों तथा डॉक्टर ऐसे लोगों पर कब करवाई होगी प्रशासन शासन मामले को संज्ञान नहीं ले रहा है दूसरी तरफ भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है।</div>
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<div style="text-align:justify;">जिला अस्पताल सी एम ओ ऑफिस आराम फरमाते हुए कर्मचारी कम कुर्सी खाली नजर आ रही है फरियादी वापस लौट रहे हैं इन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171698/cmos-office-became-comfort-house-employees-sleeping-on-chairs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0268.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के सीएमओ कार्यालय में काम के बजाय नींद पूरी कर रहे कर्मचारी बिभागीय कामकाज के लिए बना  कार्यालय , बना कर्मचारी झपकी स्थल व विश्रामालय बना कार्यालय इस पर आराम करते हुए कर्मचारी नजर आए हैं स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही कार्यों के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं कर्मचारियों तथा डॉक्टर ऐसे लोगों पर कब करवाई होगी प्रशासन शासन मामले को संज्ञान नहीं ले रहा है दूसरी तरफ भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला अस्पताल सी एम ओ ऑफिस आराम फरमाते हुए कर्मचारी कम कुर्सी खाली नजर आ रही है फरियादी वापस लौट रहे हैं इन अधिकारियों पर कारवाई कब होगी जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ कर्मचारियों को हटा करते हुए ऐसे स्वास्थ्य कर्मी के ऊपर कठोर कार्रवाई की जाएप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग प्रतिदिन काफी - काफी समय तक सोते रहते हैं कर्मचारी फरियादी बैठकर इंतजार करते हैं कब नींद टूटेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अनुशासन का यह दृश्य सरकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली खड़े कर रहे सवाल बस्ती का सीएमओ कार्यालय पहले से ही भ्रष्टाचार में बटोर रहा है सुर्खियां कब सुधरेंगे स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं जिससे हम जनमानस को सुविधा उपलब्ध हो पाएं जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सी हमेशा खाली रहती है फरियादी निराश होकर वापस लौट जाते हैंघपले घोटालों के लिए मशहूर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जनपद का सीएमओ कार्यालयकामकाज में फिसड्डी , भ्रष्टाचार व गलत कुर्सियों के आवंटन हेतु जाना जाता है सीएमओ कार्यालयसरकारी पैसा और सरकारी बेंच पर नींद पूरी कर , कार्यालय को खोखला कर रहे जिम्मेदार सीएमओ कार्यालय में काम के बजाय नींद पूरी कर रहे कर्मचारी कैसे होगा जिले में स्वास्थ्य विभाग का कल्याण कब मिलेगी जनता को न्याय स अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।</div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 19:02:08 +0530</pubDate>
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