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                <title>Swatantra Prabhat Lucknow - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Swatantra Prabhat Lucknow RSS Feed</description>
                
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                <title>वैचारिकता से मजबूत होती मानसिकता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनुष्य के जीवन में अध्ययन जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक मनन और चिंतन भी है। केवल पुस्तक पढ़ना ही संपूर्ण मानवीय उद्देश्य ना होकर उससे प्राप्त ज्ञानामृत का मनन एवं चिंतन भी अत्यंत आवश्यक है। किसी भी पुस्तक का अध्ययन मनन एवं उस पर चिंतन मनुष्य के संस्कारों को परिष्कृत करता है एवं जीवन के उच्च आदर्शों को प्राप्त करने में सदैव सहायक सिद्ध होता है। अतः मनुष्य को सदैव निरंतर ज्ञानवर्धक पुस्तकों से न सिर्फ ज्ञान प्राप्त करना चाहिए अपितु  उसका निरंतर मनन तथा चिंतन भी करना होगा तब जाकर हमारे संस्कार,संस्कृति एवं जीवन के उद्देश्य सफल होंगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175387/mentality-becomes-stronger-through-ideology"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1688671870119.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मनुष्य के जीवन में अध्ययन जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक मनन और चिंतन भी है। केवल पुस्तक पढ़ना ही संपूर्ण मानवीय उद्देश्य ना होकर उससे प्राप्त ज्ञानामृत का मनन एवं चिंतन भी अत्यंत आवश्यक है। किसी भी पुस्तक का अध्ययन मनन एवं उस पर चिंतन मनुष्य के संस्कारों को परिष्कृत करता है एवं जीवन के उच्च आदर्शों को प्राप्त करने में सदैव सहायक सिद्ध होता है। अतः मनुष्य को सदैव निरंतर ज्ञानवर्धक पुस्तकों से न सिर्फ ज्ञान प्राप्त करना चाहिए अपितु  उसका निरंतर मनन तथा चिंतन भी करना होगा तब जाकर हमारे संस्कार,संस्कृति एवं जीवन के उद्देश्य सफल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">महात्मा गांधी ने कहा है कि पुराने वस्त्र पहनों पर नई पुस्तकें खरीदोl उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकों का महत्व रत्नों से कहीं अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अंतःकरण को उज्जवल करती हैं। सच्चाई भी यही है कि पुस्तकें ज्ञान के अंतःकरण और सच्चाईयों का भंडार होती है। आत्मभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम भी होती हैं। जिन्होंने पुस्तके नहीं पढी हैं या जिन्हें पुस्तक पढ़ने में रूचि नहीं है वे जीवन की कई सच्चाईयों से अनभिज्ञ रह जाते हैं। पुस्तकें पढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि हम जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझने की शक्ति से परिचित हो जाते हैं,और समस्या कितनी भी बड़ी हो हम उससे जीतकर निजात पा जाते हैं। कठिन से कठिन समय पर पुस्तकें हमारा मार्गदर्शन एवं दिग्दर्शन करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिन मनीषियों ने पुस्तक लिखी है और जिन्हें पुस्तकें पढ़ने का शौक है उन्हें ज्ञानार्जन के लिए इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं होतीहैं। पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे कलाम साहब ने कहा है कि एक पुस्तक कई मित्रों के बराबर होती है और पुस्तकें सर्वश्रेष्ठ मित्र होती हैं। शिक्षाविद चार्ल्स विलियम इलियट ने कहा कि पुस्तके मित्रों में सबसे शांत व स्थिर हैं, वे सलाहकारों में सबसे सुलभ और बुद्धिमान होती हैं और शिक्षकों में सबसे धैर्यवान तथा श्रेष्ठ होती हैं। निसंदेह पुस्तकें ज्ञानार्जन करने मार्गदर्शन एवं परामर्श देने में में विशेष भूमिका निभाती है। पुस्तकें मनुष्य के मानसिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक,नैतिक, चारित्रिक, व्यवसायिक एवं राजनीतिक विकास में अत्यंत सहायक एवं सफल दोस्त का फर्ज अदा करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राचीन काल से ही बच्चों तथा नौनिहालों के विकास के लिए पुस्तकें लिखे जाने का चलन तथा रिवाज रहा है। 'पंचतंत्र'तथा 'हितोपदेश' इसके बहुत बड़े उदाहरण हैं। पंचतंत्र,हितोपदेश में ज्ञानार्जन के लिए एवं संस्कृति सभ्यता और शिक्षा के उपयोग की बातें जो दैनिक जीवन में अत्यंत प्रभावशाली तथा उपयोगी होती है, लिखी गई हैं। और यही पुस्तकें इस देश की सभ्यता संस्कृति के संरक्षण तथा प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाती आई है। इसी तरह की पुस्तकों ने ज्ञान का विस्तार भी किया है। विश्व की हर सभ्यता मे लेखन सामग्री का बड़ा ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पुस्तकों के माध्यम से ही धर्म जाति संस्कृति एवं शिक्षा की मार्गदर्शिका से ही समाज आगे बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी किताबें अच्छे मार्गदर्शक तथा शिक्षित तथा अशिक्षित समाज को चेतना तथा सद्गुणों से संचारित करती है, व्यक्ति के अंदर मानसिक क्षमता का विकास भी होता है। ऐतिहासिक किताबें हमें इतिहास, धर्म, राजनीति, संस्कृति के अनेक पहलुओं से अवगत भी कराती है,जिससे व्यक्तित्व विकास में अत्यंत सहायता मिलती है। पुस्तकों के महत्व को देखते हुए डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा कि पुस्तके वह साधन है जिसके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृति एवं समाज के बीच सेतु का निर्माण कर सकते हैं। पुस्तके वह मित्र होती हैं जो हर परिस्थिति तत्काल में सहायक होती है, और यही कारण है कि अनेक लोग गुरुवाणी, हनुमान चालीसा अभी अपने पास रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान युग डिजिटल युग कहलाता है अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रिंट मीडिया के स्थान पर अपने पैर जमा लिए हैं। इस डिजिटल युग में इंटरनेट का महत्व काफी बढ़ गया है। पहले हम बचपन में चंदा मामा, नंदन, बालभारती और अन्य किताबों से ज्ञान से लेकर मनोरंजन तक प्राप्त करते थे। आज इंटरनेट के बढ़ते बाजार की दिशा में युवक पुस्तकों को विभिन्न साइटों मैं खंगाल कर पढ़ लेते हैं। अब डिजिटल किताबें भी आ गई है साथ ही डिजिटल लाइब्रेरी भी धीरे-धीरे विकसित हो रही है। पर कई कंपनियां विविध किताबों को साइट पर प्रकाशित कर बच्चों के पढ़ने के लिए उपलब्ध करा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ कर लाभान्वित हो रहे हैं। इस दिशा में भारत सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा डिजिटल कार्यक्रमों के अंतर्गत ई शिक्षा तथा ई पुस्तकों के पुस्तकालयों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही पठन सामग्रियां बच्चों की जिज्ञासा को शांत करने का काम कर रही है। डिजिटल किताबों तथा पुस्तकालयों से यह लाभ है कि देश विदेश में किसी भी भाग में रहकर लोग अपनी इच्छा के अनुसार पुस्तकों पत्रिकाओं आदि को पढ़ सकते हैं। इंटरनेट अब अध्ययन का सुलभ साधन बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर दूसरी तरफ इससे कुछ नुकसान भी हो रहे हैं, उचित मार्गदर्शन वाली किताबें न पढ़कर भ्रामक पुस्तकों का अध्ययन कर अपने को दिग्भ्रमित कर रहे हैं और इससे बच्चों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। इसके लिए छोटे बच्चों को अपनी निगरानी में इंटरनेट से किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना अन्यथा दिगभ्रमित साहित्य बच्चों की मानसिकता पर विकृत प्रभाव डाल सकता है। इस प्रकार हम यह कह सकते हैं कि पुस्तकें ज्ञान देने के साथ मार्गदर्शन तथा चरित्र निर्माण का सर्वोत्तम साधन है। पुस्तकों से राष्ट्र की युवा कर्ण धारों को नई दिशा दी जा सकती है तथा एकता और अखंडता का संदेश देकर एक महान और सशक्त राष्ट्र की पृष्ठभूमि रखी जा सकती है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 18:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोरखपुर में रिलीज़ हुआ पॉवर स्टार पवन सिंह का धमाकेदार गाना &quot;टचबडी &quot; </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">ब्यूरो प्रयागराज- भोजपुरी संगीत जगत के सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर अपने दमदार अंदाज में दर्शकों के बीच लौट आए हैं। इस बार वे अपनी आवाज़ और स्क्रीन प्रेजेंस के साथ पैन इंडिया फिल्म *"डकैत: एक प्रेम कथा";* का बहुप्रतीक्षित गाना *"टचबडी"* लेकर आए हैं, जिसे आज गोरखपुर में रिलीज़ किया गया। रिलीज़ होते ही यह गाना सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। इस गाने की खास बात यह है कि इसमें पवन सिंह के साथ मशहूर गायिका जॉनिता गांधी की आवाज़ भी सुनाई दे रही है, जिसने ट्रैक को और भी आकर्षक बना दिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175066/power-star-pawan-singhs-explosive-song-touchbuddy-released-in-gorakhpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260401-wa0131.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">ब्यूरो प्रयागराज- भोजपुरी संगीत जगत के सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर अपने दमदार अंदाज में दर्शकों के बीच लौट आए हैं। इस बार वे अपनी आवाज़ और स्क्रीन प्रेजेंस के साथ पैन इंडिया फिल्म *"डकैत: एक प्रेम कथा";* का बहुप्रतीक्षित गाना *"टचबडी"* लेकर आए हैं, जिसे आज गोरखपुर में रिलीज़ किया गया। रिलीज़ होते ही यह गाना सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। इस गाने की खास बात यह है कि इसमें पवन सिंह के साथ मशहूर गायिका जॉनिता गांधी की आवाज़ भी सुनाई दे रही है, जिसने ट्रैक को और भी आकर्षक बना दिया है। गाने को हिंदी और तेलुगु, दोनों भाषाओं में शूट और रिकॉर्ड किया गया है, जिससे इसकी पहुँच देशभर के दर्शकों तक और मजबूत हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">"टचबडी"* को लेकर पवन सिंह का उत्साह भी स्पष्ट नजर आता है। इस गाने की एक और खासियत यह है कि इसमें पवन सिंह सिर्फ गायक के रूप में ही नहीं, बल्कि अपने ट्रेडमार्क स्वैग और परफॉर्मेंस के साथ भी दर्शकों को आकर्षित करते नजर आ रहे हैं। स्क्रीन पर अदिवी शेष, पवन सिंह और जॉनिता गांधी की तिकड़ी ने मिलकर ऐसी एनर्जी और डांस पेश किया है, जो इसे इस सीज़न का बड़ा डांस एंथम बना सकता है। गाने के बोल वायु श्रीवास्तव ने लिखे हैं, जबकि संगीत भीम्स सेसिरोलियो ने दिया है। पवन सिंह की दमदार आवाज़ और उनकी खास स्टाइल ने *"टचबडी"* को एक अलग पहचान दी है, जो उनके फैंस को खूब पसंद आ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पवन सिंह के चाहने वालों के लिए यह गाना इसलिए भी खास है, क्योंकि यह भोजपुरी स्टारडम को एक बड़े पैन इंडिया मंच पर और मजबूती से स्थापित करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि *"टचबडी"* सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक बड़े सिनेमाई और सांस्कृतिक क्रॉसओवर का प्रतीक बनकर उभर रहा है।।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:39:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवाबगंज की साइबर पुलिस टीम द्वारा पाँच अलग साइबर फ्रॉड की सम्पूर्ण धनराशि (करीब 49,580/- रूपये) कराया गया वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>गंगानगर-जोन के थाना नवाबगंज पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय के NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों (शिकायत प्रार्थना पत्र संख्या- 1. 33103260063198 2. 33103260063300 3. 33103260063916 4. 33103260063979 5. 33103260064605 ) पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदक/आवेदिका के खाते से धोखाधड़ी से कटे हुए रुपयों को होल्ड कराया गया था, जिसको उनके खातों में कुल  49,580/- रूपये वापस कराया गया ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि ठगों द्वारा गर्भवती महिला या जहां हाल ही में किसी बच्चे का जन्म हुआ हो उन परिवारों को निशाना बनाया जाता है तथा फोन कर खुद को सरकारी कर्मचारी या आंगनबपाड़ी कर्मचारी बताकर प्रसूति लाभ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175064/nawabganjs-cyber-police-team-returned-the-entire-amount-of-five"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>गंगानगर-जोन के थाना नवाबगंज पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय के NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों (शिकायत प्रार्थना पत्र संख्या- 1. 33103260063198 2. 33103260063300 3. 33103260063916 4. 33103260063979 5. 33103260064605 ) पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदक/आवेदिका के खाते से धोखाधड़ी से कटे हुए रुपयों को होल्ड कराया गया था, जिसको उनके खातों में कुल  49,580/- रूपये वापस कराया गया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि ठगों द्वारा गर्भवती महिला या जहां हाल ही में किसी बच्चे का जन्म हुआ हो उन परिवारों को निशाना बनाया जाता है तथा फोन कर खुद को सरकारी कर्मचारी या आंगनबपाड़ी कर्मचारी बताकर प्रसूति लाभ या आंगनबाड़ी सहायता राशि सरकारी खाते से भेजे जाने को बताकर पीड़ितो को अपने विश्वास में ले लिया जाता है । ठगों द्वारा पैसा ट्रांसफर करने का झांसा देकर पीड़ितों से उनके मोबाइल पर प्राप्त गोपनीय  OTP (वन टाइम पासवर्ड) पूछ लिया जाता है तथा पीड़ितों के बैंक खाते से जमा राशि निकाल लिया जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">1. (NCRP N0-33103260063198) रेशमा पटेल पत्नी विजेन्द्र निवासी कंजिया महंग का पुरा, थाना नबावगंज कमिश्नरेट प्रयागराज की सम्पूर्ण फ्रॉड की राशि- 18040/- रुपये वापस करायी गयी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2. (NCRP N0-33103260063300) अशोक कुमार पुत्र सालिग्राम पटेल निवासी जगदीशपुर मसनी थाना नवाबगंज प्रयागराज की सम्पूर्ण फ्रॉड की राशि- 4100/- रुपये वापस करायी गयी । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">3. (NCRP N0-33103260063916) रोहित कुमार पुत्र भोलानाथ निवासी उल्दा महेशगंज थाना नवाबगंज कमिश्नरेट प्रयागराज की सम्पूर्ण फ्रॉड की राशि- 11190/- रुपये वापस करायी गयी ।   </div>
<div style="text-align:justify;">           </div>
<div style="text-align:justify;">4. (NCRP N0-33103260063979) लवकुश कुमार मौर्या पुत्र रामसेवक मौर्या निवासी मेण्डारा थाना नबावगंज कमिश्नरेट प्रयागराज की सम्पूर्ण फ्रॉड की राशि- 4100/- रुपये वापस करायी गयी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">5. (NCRP N0-33103260064605)  नैला बानो पत्नी निशामुद्दीन निवासी हरैयापुर पन्नूपुर थाना नबावगंज कमिश्नरेट प्रयागराज  की सम्पूर्ण फ्रॉड की राशि- 11550/- रुपये वापस करायी गयी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा 01 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार। थाना हण्डिया पर पंजीकृत मु0अ0सं0-147/2026 धारा-69/351(3) भा0न्या0सं0 से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त राकेश पाल पुत्र आशाराम पाल निवासी ग्राम पोस्ट गोगांव थाना जिगना जनपद मिर्जापुर को थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-03.04.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत ग्राम वासुपुर स्थित शिव मंदिर के पास से गिरफ्तार कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।    </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार अभियुक्त उपरोक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया तथा कही शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गयी, जिसके सम्बंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना हण्डिया पर मु0अ0सं0-147/2026 उपरोक्त पंजीकृत किया गया था । राकेश पाल पुत्र आशाराम पाल निवासी ग्राम पोस्ट गोगांव थाना जिगना जनपद मिर्जापुर, उम्र करीब 27 वर्ष ।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा 01 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार गंगानगर-जोन के थाना हण्डिया पर पंजीकृत मु0अ0सं0-143/26 धारा-65(2)/352/351(2) भा0न्या0सं0 व 5(M)/6 पॉक्सो एक्ट से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त सरफराज उर्फ फोटो पुत्र अख्तर अली निवासी ग्राम बेलहा सिंघामऊ थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज को थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-03.04.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जगुआ सोधा स्थित सरकारी नलकूप के पास से गिरफ्तार कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।    </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार अभियुक्त उपरोक्त द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया तथा परिजनों द्वारा शिकायत करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गयी, जिसके सम्बंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना हण्डिया पर मु0अ0सं0-143/2026 उपरोक्त पंजीकृत किया गया था ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:36:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों नेजिलाधिकारी कार्यालय पर किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>आज बड़ी संख्या में आक्रोशित अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रयागराज जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर जी एवं भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली रूपम मिश्रा की गम्भीर धाराओं में गिरफ्तारी मांग की, विदित हो कि भाकपा माले की सांस्कृतिक इकाई "जन संस्कृति मंच" की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपम मिश्रा जो स्वयं को तथाकथित रूप से वामपंथी प्रगतिशील कहती है, इसने अपने फेसबुक आईडी द्वारा भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी और भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके खिलाफ 31 मार्च 2026 को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175062/advocates-and-bahujan-enlightened-citizens-demonstrated-at-the-district-magistrates"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0092.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>आज बड़ी संख्या में आक्रोशित अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रयागराज जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर जी एवं भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली रूपम मिश्रा की गम्भीर धाराओं में गिरफ्तारी मांग की, विदित हो कि भाकपा माले की सांस्कृतिक इकाई "जन संस्कृति मंच" की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपम मिश्रा जो स्वयं को तथाकथित रूप से वामपंथी प्रगतिशील कहती है, इसने अपने फेसबुक आईडी द्वारा भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी और भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके खिलाफ 31 मार्च 2026 को बड़ी संख्या में बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों और अधिवक्ताओं ने कर्नलगंज थाने का घेराव करते हुए आपराधिक कृत्य करने वाली रूपम मिश्रा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तब कर्नलगंज पुलिस इंस्पेक्टर ने अधिवक्ता मदन पासवान से प्रथनापत्र लेकर आश्वासन देकर भेज दिया था, अगले दिन 1 अप्रैल को पुनः बड़ी संख्या में जब अधिवक्ता और बहुजन प्रबुद्ध नागरिक कर्नलगंज थाने पहुँचे तब तक प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में इस आपराधिक कृत्य की खबर फैल चूंकि थी, बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों और अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दबाव में कर्नलगंज पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर लिया है, मगर अभी तक गम्भीरतापूर्वक विवेचना शुरू नही किया है, जिससे अधिवक्ताओं सहित बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों में गुस्सा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो प्रदर्शन के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय में दिखाई दी है, यह विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जायेगा, प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने सामुहिक रूप से कहा कि जब संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी और भारत की महिलाओं का अपमान करने वाली अपराधिनी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हो गया है तब पुलिस अपराधिनी का बचाव क्यों कर रही हैं ? पुलिस इतनी सुस्ती और ढिलाई क्यों बरत रही हैं ? जबकि मामला बहुत ही संगीन और गम्भीर है, पुलिस आख़िर अपराधिनी के खिलाफ तत्काल विवेचना करते हुए गम्भीर धाराओं में गिरफ्तार करके जेल  नहीं भेज रही है ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिवक्ताओं और बहुजन प्रबुद्ध नागरिकों ने ज्ञापन सौंपकर जिलाधिकारी  से मांग किया हैं कि  तत्काल शासन प्रशासन मामले की गम्भीरता को समझें, और असामाजिक गतिविधियों में शामिल  को कानून की गम्भीर धाराओं में गिरफ्तार करके जेल भेजें, जिससे समाज में अमन चैन- शांती और सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहें, और कानून व्यवस्था कायम रहें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन में मुख्यरूप में वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व इलाहाबाद जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुखदेव, वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता बीके बघाड़िया, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर कमल उसरी ,अधिवक्ता त्रिभुवन सिंह पटेल, प्रमोद भारतीया, विशाल चौधरी, कुमार शिधार्थ, कमला प्रसाद, जितेंद्र यादव, सुशील यादव, अमन चंद्रा, विकास गौतम, भास्कर पासवान, शिवराम, आर पी कुशवाहा, विजय यादव, नीरज कुशवाहा जिला अध्यक्ष ओबीसी, मोहम्मद ताहिर, सुयोग्य सिंह पासी इत्यादि अधिवक्ताओं के साथ ही *इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज पांडेय, शिवेंद्र प्रताप सिंह, पी एन सिंह, दीपक कुमार, अनमोल सरन , बबलू कुमार, विनय पाण्डेय, शुभम पाण्डेय*बहुजन प्रबुद्ध नागरिक एस आर मौर्य, ननकू राम धुरिया, राजधारी यादव, बसंत लाल यादव, अतुलेंद्र विद्यार्थी, अनंतराम धुरिया, डॉ प्रकाश  इत्यादि शामिल रहें</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175062/advocates-and-bahujan-enlightened-citizens-demonstrated-at-the-district-magistrates</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:32:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धारदार हथियार से वृद्ध चौकीदार की  हत्या, सनसनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी कोतवाली क्षेत्र के धनुहा गांव में बृहस्पतिवार की देर रात कुछ लोगों ने धारदार हथियार से वृद्ध चौकीदार की निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी ।  सुबह खून से लत पथ उसका शव देखकर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए  भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार नैनी थाना क्षेत्र के मोहब्बत गंज ठकुरी का पुरवा निवासी राजबहादुर निषाद धनुहा गांव में किराए पर जमीन लेकर गिट्टी बालू का व्यवसाय करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उनके यहां गांव के ही (75) वर्षीय हजारी लाल भारतीया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175060/sensation-in-murder-of-old-watchman-with-sharp-weapon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी कोतवाली क्षेत्र के धनुहा गांव में बृहस्पतिवार की देर रात कुछ लोगों ने धारदार हथियार से वृद्ध चौकीदार की निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी ।  सुबह खून से लत पथ उसका शव देखकर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए  भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार नैनी थाना क्षेत्र के मोहब्बत गंज ठकुरी का पुरवा निवासी राजबहादुर निषाद धनुहा गांव में किराए पर जमीन लेकर गिट्टी बालू का व्यवसाय करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके यहां गांव के ही (75) वर्षीय हजारी लाल भारतीया पुत्र मुन्नीलाल भारतीया रात में चौकीदारी का काम करते थे। बताते हैं, कि बृहस्पतिवार की रात मैं वह घर से खाना खाकर वहां सोने के लिए पहुंचे। सुबह उनका शव खून से लथ पथ पड़ा देख गांव में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी होते ही काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। घटना की सूचना इलाकाई पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने घटना के बारे में लोगों से पूछताछ करते हुए शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए  भेज दिया। घटना में मृतक के पुत्र सोनू भारतीया की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के  गले और मुंह पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान साफ देखे जा रहे हैं। घटना के बाबत एक बातचीत में इंस्पेक्टर नैनी ब्रिज किशोर गौतम का कहना है, कि हत्या  का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175060/sensation-in-murder-of-old-watchman-with-sharp-weapon</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:28:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस से पूछा: एफआईआर  में केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे 'माननीय' या 'श्री' क्यों नहीं लिखा?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा है कि पुलिस ने अपनी दर्ज की गई एक एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) में एक केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे 'माननीय' या 'श्री' क्यों नहीं लिखा [हर्षित शर्मा और 2 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और 2 अन्य]। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ  ने राज्य के गृह सचिव से इस मामले में सम्मानजनक उपाधि (honorific) के न लिखे जाने का कारण बताने को कहा।कोर्ट ने कहा कि पुलिस को यह उपाधि जोड़नी चाहिए थी, भले ही शिकायतकर्ता ने इसका ज़िक्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175056/allahabad-high-court-asks-up-police-why-honorable-or-shri"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/download.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा है कि पुलिस ने अपनी दर्ज की गई एक एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) में एक केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे 'माननीय' या 'श्री' क्यों नहीं लिखा [हर्षित शर्मा और 2 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और 2 अन्य]। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ  ने राज्य के गृह सचिव से इस मामले में सम्मानजनक उपाधि (honorific) के न लिखे जाने का कारण बताने को कहा।कोर्ट ने कहा कि पुलिस को यह उपाधि जोड़नी चाहिए थी, भले ही शिकायतकर्ता ने इसका ज़िक्र न किया हो।</p><p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ के अपर मुख्य सचिव (गृह) अपने हलफनामे में यह स्पष्ट करें कि FIR में जिस माननीय केंद्रीय मंत्री का नाम आया है, उनके नाम के आगे सामान्य सम्मानजनक उपाधि 'माननीय' क्यों नहीं लिखी गई, और एक जगह तो उनका ज़िक्र सिर्फ़ उनके नाम से किया गया है, बिना 'श्री' लगाए। भले ही लिखित रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ने माननीय मंत्री का ज़िक्र सही तरीके से न किया हो, लेकिन 'चेक FIR' लिखते समय पुलिस का यह फ़र्ज़ था कि वह प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सम्मानजनक उपाधि जोड़ती, भले ही कोष्ठक (brackets) में ही सही।"</p><p style="text-align:justify;">कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी; इस एफआईआर में आपराधिक धमकी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से नौकरी दिलाने के बहाने 80 लाख रुपये लिए थे। पुलिस शिकायत के अनुसार, बाद में उन्होंने वह रकम वापस नहीं की और उसे जान से मारने की धमकी भी दी।इस मामले में केंद्रीय मंत्री आरोपी नहीं हैं, लेकिन FIR में उनका नाम आया है।</p><p style="text-align:justify;">कोर्ट इस एफआईआर को रद्द करने वाली याचिका पर 6 अप्रैल को सुनवाई करेगा। 30 मार्च को, कोर्ट ने सरकारी वकील से आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में कुछ निर्देश लेने को कहा था। दिलचस्प बात यह है कि एक अन्य मामले में, हाई कोर्ट ने हाल ही में यूपी  पुलिस से यह सवाल किया था कि उसने ट्रायल कोर्ट  को "निचली अदालत" (the court below) क्यों कहा।</p><p style="text-align:justify;">कोर्ट के आदेश के जवाब में दायर एक हलफनामे में, कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक ने निम्नलिखित बातें लिखी थीं:"जिस पर निचली अदालत ने 03.01.2026 को अपराध का संज्ञान लिया।" न्यायमूर्ति हरवीर सिंह ने अब पुलिस अधिकारी को अपने शब्दों के चयन के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।इस मामले पर 10 अप्रैल को विचार किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:20:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज पर सैन्य कार्रवाई वाले प्रस्ताव पर रूस-चीन-फ्रांस का वीटो</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की अनुमति देने वाले अहम प्रस्ताव पर बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस, चीन और फ्रांस ने इस प्रस्ताव को समर्थन देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते बहरीन और अन्य खाड़ी देशों द्वारा समर्थित यह पहल फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरीन द्वारा तैयार इस प्रस्ताव में सदस्य देशों और बहुराष्ट्रीय नौसैनिक बलों को ‘सभी आवश्यक साधनों’ के उपयोग की अनुमति देने की मांग की गई थी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175054/russia-china-france-veto-the-resolution-for-military-action-on-hormuz-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/navjivanindia_2026-04-03_u6ccgbbw_unsc.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की अनुमति देने वाले अहम प्रस्ताव पर बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस, चीन और फ्रांस ने इस प्रस्ताव को समर्थन देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते बहरीन और अन्य खाड़ी देशों द्वारा समर्थित यह पहल फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरीन द्वारा तैयार इस प्रस्ताव में सदस्य देशों और बहुराष्ट्रीय नौसैनिक बलों को ‘सभी आवश्यक साधनों’ के उपयोग की अनुमति देने की मांग की गई थी, ताकि समुद्री मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय आवाजाही बाधित न हो। हालांकि, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य रूस, चीन और फ्रांस ने स्पष्ट कर दिया कि वे सैन्य बल के इस्तेमाल की इजाजत देने वाली भाषा के पक्ष में नहीं हैं। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को वोटिंग की संभावना है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर सहमति बनना अभी मुश्किल दिख रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सैन्य कार्रवाई को ‘अवास्तविक’ बताते हुए चेतावनी दी कि इससे तट पर तैनात ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों का खतरा और बढ़ सकता है। कई हफ्तों की बंद कमरे में चली बातचीत के बावजूद प्रस्ताव में सिर्फ चार संशोधन ही हो सके हैं, जबकि ‘सभी आवश्यक साधनों’ वाली धारा पर अब भी सहमति नहीं बन पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था। दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गहरा असर पड़ा है—तेल, शिपिंग और बीमा की लागत बढ़ गई है, जबकि कतर जैसे देशों को अपना उत्पादन रोकना पड़ा, जिससे उन्हें सालाना 20 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस नाकेबंदी के बीच ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर हजारों जवाबी हमले किए, जिनमें कम से कम 18 नागरिकों की मौत हुई है। बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने ईरान पर ‘आक्रामक’ और ‘पूर्व नियोजित’ हमलों का आरोप लगाया है, जिसमें नागरिक ढांचों को निशाना बनाया गया। वहीं, ईरान ने संकेत दिया है कि वह जंग के बीच होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी जारी रखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध ने ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच सुधरते रिश्तों को झटका दिया है, जबकि अब मध्यस्थता की भूमिका ओमान और कतर के बजाय पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र निभा रहे हैं। सऊदी अरब स्थित थिंक टैंक गल्फ रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष अब्दुलअजीज सागर ने कहा कि किसी भी संभावित युद्धविराम समझौते में ईरान की खाड़ी देशों पर हमले की क्षमता और होर्मुज के समुद्री यातायात पर उसके नियंत्रण को शामिल करना जरूरी होगा। उन्होंने साफ कहा कि “जो हुआ है, उसे भुलाया नहीं जा सकता।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:06:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय सेना में भ्रष्टाचार के आरोपों पर याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई), केंद्र सरकार और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक सेना अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है, जिसमें भारतीय सेना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की गई है। जस्टिस प्रतीक जालान ने अधिकारियों को चार हफ़्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 19 मई को तय की।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित श्योराण की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना के अधिकारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175052/delhi-high-court-hears-petition-on-allegations-of-corruption-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई), केंद्र सरकार और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक सेना अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है, जिसमें भारतीय सेना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की गई है। जस्टिस प्रतीक जालान ने अधिकारियों को चार हफ़्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 19 मई को तय की।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित श्योराण की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना के अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की थी।उन्होंने दलील दी कि नई दिल्ली में तैनाती के दौरान, उन्होंने 'एनुअल कंटिंजेंट ग्रांट' (ACG) के तहत होने वाली खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफ़ाश किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका के अनुसार, खरीद प्रक्रियाओं में हेरफेर, झूठे रिकॉर्ड बनाने और सरकारी संपत्ति का गलत इस्तेमाल करके सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया। सार्वजनिक पैसे से खरीदी गई वस्तुओं को कथित तौर पर अधिकारियों के 'मेस' (भोजनालय) की संपत्ति के रूप में दिखाया गया, जबकि जांच से बचने के लिए खरीद की सीमाओं को जानबूझकर कई हिस्सों में बांट दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में कहा गया, "अपने कर्तव्य का पालन करते हुए, याचिकाकर्ता ने 06.09.2024 से शुरू होकर कई शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों के साथ दस्तावेजी सबूत भी दिए गए थे और इनमें विशिष्ट अधिकारियों की भूमिका को स्पष्ट रूप से बताया गया था। आरोपों की गंभीरता के बावजूद, किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराध जारी रहे और सबूतों को नष्ट करने का मौका मिल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि उनके कंप्यूटर सिस्टम को बिना किसी अनुमति के एक्सेस किया गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित साइबर घुसपैठ थी। श्योराण ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2025 में सीबीआई  को एक विस्तृत शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतें दर्ज कराने के बाद उन्हें बदले की भावना से की गई कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इसमें उनकी 'परफॉर्मेंस रिपोर्ट' में नकारात्मक टिप्पणियां दर्ज करना और उनका नागपुर तबादला कर देना शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:01:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सेक्स के बाद ब्लैकमेल: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस को हनीट्रैप गैंग पर नकेल कसने का आदेश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को उन गैंग के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन पर आरोप है कि वे पुरुषों को हनीट्रैप में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं [फौजिया और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य]।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की एक डिवीज़न बेंच ने कहा कि ऐसे मामले समाज में बहुत ही खतरनाक हालात को उजागर करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा, "यह बहुत ही गंभीर मामला है," और उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा हनीट्रैप का आरोप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175050/blackmail-after-sex-allahabad-high-court-orders-police-to-crack"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1990383-allahabad-hc.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को उन गैंग के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन पर आरोप है कि वे पुरुषों को हनीट्रैप में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं [फौजिया और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य]।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की एक डिवीज़न बेंच ने कहा कि ऐसे मामले समाज में बहुत ही खतरनाक हालात को उजागर करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा, "यह बहुत ही गंभीर मामला है," और उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा हनीट्रैप का आरोप लगाए जाने के बाद, कुछ पुलिसकर्मियों सहित पांच लोगों के खिलाफ दर्ज जबरन वसूली के मामले को रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मेरठ ज़ोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस द्वारा गहन जांच की ज़रूरत है। कोर्ट ने आगे कहा कि ज़िलों के पुलिस प्रमुखों को सतर्क किया जाना चाहिए ताकि वे अपने इलाकों में सक्रिय ऐसे गैंग के बारे में जागरूक रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "उन्हें ज़ोन के सभी ज़िला पुलिस प्रमुखों को सख्त निगरानी रखने के लिए सतर्क करना चाहिए; अगर इस तरह का कोई गैंग सक्रिय है, या कोई अन्य गैंग भी सक्रिय है, जो महिलाओं का इस्तेमाल करके हनीट्रैप में फंसाकर या किसी अन्य तरीके से निर्दोष लोगों को ब्लैकमेल कर रहा है, और वही नतीजे दे रहा है। अगर इस तरह के अपराधों को जारी रहने दिया गया, तो एक सभ्य दुनिया में रहना मुश्किल हो जाएगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">बिजनौर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिजनौर के एक होटल में एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद, आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस के मामले के अनुसार, महिला ने कुछ वीडियो क्लिप रिकॉर्ड कर लिए थे।उसने बताया कि आरोपियों ने मामला रफा-दफा करने के लिए 8 से 10 लाख रुपये की मांग की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई।इसके बाद आरोपियों ने FIR रद्द करवाने के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। लेकिन, कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं के वकील ने याचिका वापस ले ली।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "इस याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज किया जाता है, लेकिन उन निर्देशों के साथ, जो हमने ऊपर दिए हैं।"कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस आदेश की जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस, मेरठ ज़ोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ Police और उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को दी जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:56:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मधु किश्वर का पीएम पर फिर हमला- उस फाइल में मोदी के खिलाफ क्या था, अफसर कौन था</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175045/madhu-kishwar-attacks-pm-again-what-was-there-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/44.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन मनमोहन सिंह के 2011 से कैबिनेट सचिव रहे अजीत कुमार सेठ उनसे मिलने पहुंचे। उनके पास एक मोटी फाइल थी और उन्होंने कहा, “डॉ. साहब (मनमोहन) ने सुझाव दिया है कि आप इस फाइल को ध्यान से देखें।”</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर आगे लिखती हैं कि मोदी जी ने जैसे ही फाइल के पन्ने पलटने शुरू किए, उनका चेहरा फीका पड़ गया, क्योंकि उस फाइल में उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक जानकारियां थीं। घबराए हुए मोदी ने सेठ से पूछा, “यह आपके पास कैसे पहुंची?” सेठ ने शांत स्वर में जवाब दिया, “कैबिनेट सचिव होने के नाते, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सभी महत्वपूर्ण फाइलें मेरे पास आती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी ने चुपचाप फाइल लौटा दी और संकेत समझ गए। इसके बाद अजीत कुमार सेठ को न सिर्फ कार्यकाल विस्तार दिया गया, बल्कि उन्हें मोदी जी का ही कैबिनेट सचिव नियुक्त कर दिया गया। मधु के मुताबिक इसका मतलब यह हुआ कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री कार्यालय की गतिविधियों और निर्णयों तक पहुंच बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर का ट्वीट में कहना है कि अजीत कुमार सेठ को 2014 में विस्तार दिया गया और वे जून 2015 तक इस पद पर रहे। क्या आपने दुनिया में कहीं सुना है कि कोई प्रधानमंत्री अपने कट्टर विरोधी के सबसे भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही पीएमओ का प्रमुख नियुक्त करे? रिटायरमेंट के बाद भी सेठ को एक और पुरस्कार के रूप में सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष बना दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्टिविस्ट मधु किश्वर ने उसी ट्वीट में लिखा है कि यह संभवतः इस बात से समझा सकता है कि तमाम तीखी बयानबाजी के बावजूद, तथाकथित “56 इंच की छाती” वाले नेता ने सोनिया गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, चिदंबरम और अन्य लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। जबकि वे खुद उन पर विदेशी खातों और अन्य आरोप लगाते रहे हैं। यह सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं हैं, बल्कि भारत और विदेशों में कई अन्य लोग भी हैं जिनके पास “महामानव” के कथित काले कारनामों की जानकारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोदी के 56 इंच सीने का मज़ाक</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> ट्वीट में मधु लिखती हैं- इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने इसी बात का विस्तार करते हुए लिखा है- “रिकॉर्ड के लिए, 2014 के चुनाव अभियान के दौरान जब मोदी जी ने पहली बार “56 इंच की छाती” का जिक्र किया, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे कहा था, “नरेंद्र भाई, ऐसा मत कहिए, यह अशोभनीय लगता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर उनका जवाब था, “आम जनता को यह पसंद है, मधु जी। केवल आप जैसे बुद्धिजीवी ही परिष्कृत भाषण चाहते हैं।” अब, मोदी जी के समर्थकों से सवाल है कि वे अपने “हृदय सम्राट” से पूछें कि उन्होंने मनमोहन सिंह के कैबिनेट सचिव को अपने ही पीएमओ का शीर्ष अधिकारी क्यों नियुक्त किया? और जितना आप झूठे और अशोभनीय आरोपों से उकसाएंगे, उतनी ही और जानकारियां सामने आएंगी, जो आपके “हृदय सम्राट” को उजागर करेंगी। यानी मधु किश्वर ने भविष्य में और भी खुलासे की चेतावनी भी लगे हाथ दे दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:52:05 +0530</pubDate>
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                <title>जनचौपाल मे नहीं पहुंचे अधिकारी, औपचारिकता बनकर रह गया, आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>आदर्श ग्राम पंचायत ऐहार में शुक्रवार को लगा जनचौपाल का बोर्ड, कुर्सियां भी सजीं… लेकिन जिनके लिए सब इंतजाम था, वही अधिकारी नदारद रहे। नतीजा—जनचौपाल ‘जन’ से भरी रही, पर ‘अफसर’ गायब!</div>
<div>  </div>
<div>सुबह से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीण घंटों इंतजार करते रहे। हर आहट पर नजरें दरवाजे की ओर उठती रहीं, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। आखिरकार लोगों की उम्मीदें मायूसी में बदल गईं।</div>
<div>  </div>
<div>मौके पर सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी सहायक ही नजर आए। यानी जनचौपाल का मकसद वहीं दम तोड़ गया, जहां से शुरू होना था।</div>
<div>  </div>
<div>ग्रामीणों ने प्रशासन पर सीधा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175043/officials-did-not-reach-jan-choupal-the-event-remained-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/43.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>आदर्श ग्राम पंचायत ऐहार में शुक्रवार को लगा जनचौपाल का बोर्ड, कुर्सियां भी सजीं… लेकिन जिनके लिए सब इंतजाम था, वही अधिकारी नदारद रहे। नतीजा—जनचौपाल ‘जन’ से भरी रही, पर ‘अफसर’ गायब!</div>
<div> </div>
<div>सुबह से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीण घंटों इंतजार करते रहे। हर आहट पर नजरें दरवाजे की ओर उठती रहीं, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। आखिरकार लोगों की उम्मीदें मायूसी में बदल गईं।</div>
<div> </div>
<div>मौके पर सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी सहायक ही नजर आए। यानी जनचौपाल का मकसद वहीं दम तोड़ गया, जहां से शुरू होना था।</div>
<div> </div>
<div>ग्रामीणों ने प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा—“जब सुनवाई ही नहीं होनी थी तो बुलाया क्यों?” लोगों का आरोप है कि जनचौपाल अब सिर्फ कागजों में दिखाने का खेल बनकर रह गया है।</div>
<div> </div>
<div>प्रधान विद्यावती यादव, प्रधान प्रतिनिधि राजेश फौजी,सदस्य सोनी निर्मल, रामविलास लोधी, भोला यादव, रजनू यादव, पुनीत सैनी,राहुल यादव, आदि मौजूद रहे, लेकिन बिना अधिकारियों के यह पूरा आयोजन बेमानी साबित हुआ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:50:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>'हिमंत सबसे भ्रष्ट सीएम, मोदी-शाह के साथ मिलकर राज्य में चला रहे लैंड एटीएम '- राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को भारत का ‘‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’’ बताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि शर्मा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर राज्य में ‘‘लैंड एटीएम’’ चला रहे हैं और आम लोगों से जमीन छीनकर बड़े उद्योगपतियों को दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बोकाजान विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार रतन इंगती के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग असम और उसके लोगों के लिए खड़े थे और कांग्रेस पार्टी राज्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175041/himanta-is-running-land-atm-in-the-state-in-collaboration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/rahul-himanta.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को भारत का ‘‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’’ बताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि शर्मा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर राज्य में ‘‘लैंड एटीएम’’ चला रहे हैं और आम लोगों से जमीन छीनकर बड़े उद्योगपतियों को दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बोकाजान विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार रतन इंगती के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग असम और उसके लोगों के लिए खड़े थे और कांग्रेस पार्टी राज्य में सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर उनकी मौत के मामले में न्याय दिलाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, ‘‘भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा हैं और उनका परिवार भी भ्रष्टाचार के मामले में पहले नंबर पर है। कांग्रेस सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। अभी वह चाहे जितनी डींगें मार लें, उसके बाद वह पूरी तरह चुप हो जाएंगे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने ने दावा किया कि असम में तीन बड़े कॉरपोरेट घरानों को कुल 98,400 बीघा जमीन सौंप दी गई है।उन्होंने कहा, ‘‘यह जमीनें जनता से छीनी गई हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और हिमंत विश्व शर्मा ने असम में एक ‘लैंड एटीएम’ बना दिया है। वे लोगों से जमीन छीनते हैं और बड़े उद्योगपतियों को दे देते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">प्रसिद्ध संगीतकार जुबिन गर्ग का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह पूरे राज्य और उसके लोगों का प्रतिनिधित्व करते थे। गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में डूबने से मौत हो गई थी।वह किसी एक व्यक्ति, एक समुदाय, एक भाषा या एक इतिहास के लिए नहीं खड़े थे। वह असम की बहुसांस्कृतिक और बहुधार्मिक परंपरा की भावना को दर्शाते थे। हम सत्ता में आएंगे तो 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाएंगे और यह 100 प्रतिशत तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असम को दिल्ली से चलाने की कोशिश कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:47:51 +0530</pubDate>
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