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                <title>UP Health Department - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>UP Health Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>'प्रयागराज में समानांतर मेडिकल इंडस्ट्री चला रहे हैं सरकारी डाॅक्टर'- इलाहाबाद हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले मोतीलाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल काॅलेज प्रयागराज के डाॅक्टरों की उच्च स्तरीय जांच करा कर कार्रवाई करने का निर्देश मुख्य सचिव को दिया है। साथ ही कहा है कि मुख्य सचिव स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में फंड की उपलब्धता के बावजूद पिछले 20 साल से निर्माणाधीन कार्डियोलॉजी भवन की मानीटरिंग करें।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने टिप्पणी की कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की हालत फंड व सुविधाओं की कमी के कारण नहीं बल्कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व लेक्चररों के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के बजाय प्राइवेट अस्पतालों में करने के कारण खराब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178553/government-doctors-are-running-parallel-medical-industry-in-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/399626--.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले मोतीलाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल काॅलेज प्रयागराज के डाॅक्टरों की उच्च स्तरीय जांच करा कर कार्रवाई करने का निर्देश मुख्य सचिव को दिया है। साथ ही कहा है कि मुख्य सचिव स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में फंड की उपलब्धता के बावजूद पिछले 20 साल से निर्माणाधीन कार्डियोलॉजी भवन की मानीटरिंग करें।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने टिप्पणी की कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की हालत फंड व सुविधाओं की कमी के कारण नहीं बल्कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व लेक्चररों के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के बजाय प्राइवेट अस्पतालों में करने के कारण खराब है। ये सरकारी डाक्टर प्रयागराज में समानांतर मेडिकल इंडस्ट्री चला रहे हैं। प्राइवेट नर्सिंग होम में ले जाकर मरीजों की सर्जरी करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 26 मई नियत करते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव से कृत कार्रवाई की जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। इनके खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस में लापरवाही बरतने को लेकर उपभोक्ता फोरम ने कार्यवाही की थी, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता से कहा है कि अस्पताल के पक्ष में जमीन स्थानांतरित करने संबंधी कैबिनेट के अनुमोदन की जानकारी दें। अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता सुरेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए 31,314 वर्गमीटर जमीन स्थानांतरित करने के लिए सभी विभागों से अनापत्ति प्राप्त हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राचार्य डा विनोद कुमार पांडेय ने ब्वायज व गर्ल्स हास्टल के बारे में बताया कि भवन जर्जर है। खाली करने की नोटिस दी गई है। भवन ध्वस्त कर पुनर्निर्माण कराया जायेगा।कोर्ट ने आश्चर्य प्रकट किया कि दो मंजिला कार्डियोलॉजी भवन का निर्माण 2006 मे शुरू हुआ राजकीय निर्माण निगम निर्माण कर रहा। सरकार ने फंड मुहैया कराया है। अभी भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका। इसपर बताया गया कि अगस्त 26 मे तैयार होकर क्रियाशील हो जायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट को बताया गया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डा संतोष कुमार सिंह व उनकी पत्नी डा एलाक्षी शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जो एक्यूला हास्पिटल की डायरेक्टर हैं। जहां पर डा संतोष कुमार सिंह मरीज लेजाकर सर्जरी करते हैं। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 22:17:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/photo-1.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong> स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="614" height="840"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ICU वेंटीलेटर टेंडर में ‘खेल’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला जेम (GeM) पोर्टल पर जारी टेंडर संख्या <strong>GEM/2025/B/5823357</strong> से जुड़ा है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के लिए <strong>221 ICU वेंटीलेटर</strong> खरीदे जाने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस टेंडर में कुल 11 कंपनियों ने भाग लिया है। इनमें शामिल <strong>Heidelco Medicore Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि यह कंपनी अलग-अलग टेंडरों में अपनी पहचान बदलकर हिस्सा लेती रही है—कभी खुद को निर्माता, तो कभी अधिकृत वितरक बताकर।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने खुद को <strong>Sysmed Medical Technologies Pvt. Ltd., चंडीगढ़</strong> का अधिकृत वितरक बताया है और जिस वेंटीलेटर मॉडल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया गया है, वह <strong>Topnotch TV-15</strong> है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-2.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="634" height="897"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>KGMU की रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान <strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)</strong> ने पूर्व में एक अन्य टेंडर (<strong>GEM/2026/R/647614</strong>) में इसी मॉडल के वेंटीलेटर को गुणवत्ता और सर्विस से जुड़े कारणों से खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">KGMU की तकनीकी समिति द्वारा की गई जांच में निम्न बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई थी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपकरण की <strong>परफॉर्मेंस मानकों पर खरा न उतरना</strong></li>
<li><strong>क्लिनिकल उपयोग में विश्वसनीयता की कमी</strong></li>
<li><strong>सर्विस और मेंटेनेंस सपोर्ट कमजोर होना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद वही मॉडल दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर चीनी उत्पाद?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आरोप यह भी है कि जिस वेंटीलेटर को भारतीय कंपनी के नाम से पेश किया जा रहा है, वह वास्तव में चीन की कंपनी <strong>Shenzhen Mindray Bio-Medical Electronics Co. Ltd.</strong> का उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>GFR 144(XI) की अनदेखी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के <strong>GFR 144(XI)</strong> नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े उत्पादों की सरकारी खरीद पर सख्त प्रतिबंध है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न ली जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में बिना स्पष्ट खुलासे के चीनी उत्पाद को भारतीय कंपनी के माध्यम से पेश करना नियमों की अवहेलना माना जा सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-3.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="662" height="468"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री <strong>ब्रजेश पाठक</strong> के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूत्रों का दावा है कि:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक आउटसोर्स कर्मचारी <strong>उज्ज्वल कुमार</strong> कथित रूप से खरीद प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा था</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए</li>
<li>कथित दलालों के साथ मिलकर निर्णयों को प्रभावित किया गया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कारपोरेशन का पक्ष</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी <strong>देवव्रत कुमार आर्य</strong> ने संवाददाता से बातचीत में कहा:</p>
<blockquote>
<p>“यदि किसी कंपनी द्वारा चीनी उत्पाद को छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया जाता है, तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर टेंडर तत्काल निरस्त किया जाएगा।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बड़े सवाल</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>क्या पहले से रिजेक्टेड उपकरण को दोबारा टेंडर में शामिल किया जा सकता है?</li>
<li>क्या टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मानकों से समझौता किया जा रहा है?</li>
<li>क्या ‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर विदेशी उत्पादों की आपूर्ति हो रही है?</li>
<li>क्या निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है?</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>📢 निष्कर्ष</strong><br />यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ आर्थिक घोटाला होगा बल्कि मरीजों की जान से भी खिलवाड़ माना जाएगा।</p>
<hr />
<blockquote class="format2">✍️ <strong>(स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम अगले अंक में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे करेगी…)</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ  सभी पात्र व्यक्तियों को मिलना चाहिए : सीएमओ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर / </strong>उसका बाजार कस्बा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका बाजार पर गुरुवार को आशा समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सीएमओ रजत चौरसिया ने आशा संगिनी द्वारा शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने पर जोर दिया उन्होंने कहा की सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव के लिए हर संभव सुविधाएं प्रदान की जा रही है। सभी आशा आम जन को जागरूक करके संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित करे। आशा को  लक्ष्य के सापेक्ष संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया गया।  सीएमओ ने सभी पात्र का आयुष्मान कार्ड और गोल्डन कार्ड बनवाने का भी संबंधित को निर्देश दिया है। उन्होंने कहा की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176417/all-eligible-persons-should-get-the-benefit-of-health-facilities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/415.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर / </strong>उसका बाजार कस्बा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका बाजार पर गुरुवार को आशा समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सीएमओ रजत चौरसिया ने आशा संगिनी द्वारा शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने पर जोर दिया उन्होंने कहा की सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव के लिए हर संभव सुविधाएं प्रदान की जा रही है। सभी आशा आम जन को जागरूक करके संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित करे। आशा को  लक्ष्य के सापेक्ष संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया गया।  सीएमओ ने सभी पात्र का आयुष्मान कार्ड और गोल्डन कार्ड बनवाने का भी संबंधित को निर्देश दिया है। उन्होंने कहा की सरकार द्वारा प्रदान की गई सभी स्वास्थ्य सेवाओं का का लाभ सभी पात्र व्यक्ति को मिलना चाहिए ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसके लिए सभी लोग सक्रिय भूमिका निभाएं। सीएमओ ने  10 से कम प्रसव कराने वाली आशा को चिन्हित करके कारण बताओ नोटिस देने का निर्देश दिया है तथा ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक प्रसव कराने वाली कुल 6 आशाओं को सम्मानित भी किया गया। अधीक्षक डा एस के पटेल ने  मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु,गोल्डन आयुष्मान कार्ड के बारे में विस्तार से जानकारी और इसके प्रति सभी को जागरूक करने को कहा है। इस अवसर पर डॉ राम गुलाम सिंह,  बीपीएम मनीष पाण्डेय, कृष्ण मोहन पाण्डेय, राजेश सिंह, रमेश भास्कर, अशोक आदि रहे।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 21:19:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p>  </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-2.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p> </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589"></img></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी और प्रबंधक उपकरण रहे सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति की तैयारी चल रही है l </p>
<p>सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह वर्तमान में असम सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन में वरिष्ठ प्रबंधक उपकरण के पद पर तैनात हैं और बिहार सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन से भर्ष्टाचार में बर्खास्त कर्मचारी हैं,  बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन में वर्ष 2014 में हुए उपकरण घोटाले में सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह,  उज्जवल कुमार और उनके बॉस त्रिपुरारी कुमार बर्खास्त हुए थे, उक्त घोटाले में आठ कर्मचारी बर्खास्त हुए थे और वहां भी यह लोग सरकार की बजाय शातिर दलालों के साथ काम करते रहे थे l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-4.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="869" height="579"></img></p>
<p>हमेशा घोटाले में लिप्त रहने वाले और शातिर दलालों को फायदा पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह का शातिर दलालों के साथ गठजोड़ बहुत पुराना है, सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन में प्रबंधक उपकरण के पद पर थे, तब उनके भ्रष्टाचार की गाथाएं मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी,  कठोर कार्रवाई होने के डर से सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन की नौकरी से इस्तीफा देकर आसाम भाग गया था l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-3.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="1200" height="800"></img></p>
<p>भष्टाचार के कारन महाप्रन्धक उपकरण उज्जवल कुमार की विदाई के बाद शातिर दलालों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर अपने खास व्यक्ति की नियुक्ति कराने  का खेल चल रहा है, जिससे कि प्रदेश के अस्पतालों में घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति शातिर दलालों द्वारा बाजार दर से कई गुना अधिक दर पर की जा सके और जमकर लूट मचाकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त किया जा सके, </p>
<p> प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इसका संज्ञान लेना होगा अगर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति महाप्रबंधक उपकरण के पद पर होती है तो यह सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लंघन होगा</p>
<p><strong>अगले अंक में नए घोटाले के खुलासे के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम...........</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 07:31:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पचपेड़वा में अवैध क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई, कई सील</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रमेश कुमार यादव</strong>  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जिलाधिकारी के आदेश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पचपेड़वा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य महकमे की सख्ती साफ नजर आई।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने जुड़ी कुइया स्थित क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान आवश्यक मानक और वैध दस्तावेज न मिलने पर कई क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सील किए गए क्लीनिकों में डॉ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171790/major-action-taken-against-illegal-clinics-in-pachpedwa-many-sealed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001529993.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रमेश कुमार यादव</strong> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जिलाधिकारी के आदेश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पचपेड़वा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य महकमे की सख्ती साफ नजर आई।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने जुड़ी कुइया स्थित क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान आवश्यक मानक और वैध दस्तावेज न मिलने पर कई क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सील किए गए क्लीनिकों में डॉ आशमा परवीन का शाद क्लिनिक एंड जच्चा बच्चा केंद्र, डॉ राहत जहाँ का अकबरूननिशा पॉलिक्लिनिक एंड जच्चा बच्चा केंद्र, डॉ उबैदूर रहमान का एस के हेल्थ केयर एंड जच्चा बच्चा केंद्र तथा डॉ राज कुमार का सारा फ्रैक्चर क्लिनिक शामिल हैं। वहीं डॉ सुनील मिश्रा के मैक्स पैथोलॉजी सेंटर का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है।छापेमारी के दौरान सील किए गए क्लीनिकों में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि “जो भी संस्थान निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”कार्रवाई में डॉ बी. पी. सिंह, डॉ अजय शुक्ला, अधीक्षक डॉ विजय कुमार एवं डॉ अरविंद कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल रही। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप है, वहीं आम जनता ने प्रशासन की पहल का स्वागत किया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171790/major-action-taken-against-illegal-clinics-in-pachpedwa-many-sealed</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:12:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएमओ का  दफ्तर बना  ‘आराम घर ' कुर्सी पर सोते कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के सीएमओ कार्यालय में काम के बजाय नींद पूरी कर रहे कर्मचारी बिभागीय कामकाज के लिए बना  कार्यालय , बना कर्मचारी झपकी स्थल व विश्रामालय बना कार्यालय इस पर आराम करते हुए कर्मचारी नजर आए हैं स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही कार्यों के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं कर्मचारियों तथा डॉक्टर ऐसे लोगों पर कब करवाई होगी प्रशासन शासन मामले को संज्ञान नहीं ले रहा है दूसरी तरफ भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला अस्पताल सी एम ओ ऑफिस आराम फरमाते हुए कर्मचारी कम कुर्सी खाली नजर आ रही है फरियादी वापस लौट रहे हैं इन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171698/cmos-office-became-comfort-house-employees-sleeping-on-chairs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260227-wa0268.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के सीएमओ कार्यालय में काम के बजाय नींद पूरी कर रहे कर्मचारी बिभागीय कामकाज के लिए बना  कार्यालय , बना कर्मचारी झपकी स्थल व विश्रामालय बना कार्यालय इस पर आराम करते हुए कर्मचारी नजर आए हैं स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही कार्यों के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं कर्मचारियों तथा डॉक्टर ऐसे लोगों पर कब करवाई होगी प्रशासन शासन मामले को संज्ञान नहीं ले रहा है दूसरी तरफ भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला अस्पताल सी एम ओ ऑफिस आराम फरमाते हुए कर्मचारी कम कुर्सी खाली नजर आ रही है फरियादी वापस लौट रहे हैं इन अधिकारियों पर कारवाई कब होगी जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ कर्मचारियों को हटा करते हुए ऐसे स्वास्थ्य कर्मी के ऊपर कठोर कार्रवाई की जाएप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग प्रतिदिन काफी - काफी समय तक सोते रहते हैं कर्मचारी फरियादी बैठकर इंतजार करते हैं कब नींद टूटेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अनुशासन का यह दृश्य सरकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली खड़े कर रहे सवाल बस्ती का सीएमओ कार्यालय पहले से ही भ्रष्टाचार में बटोर रहा है सुर्खियां कब सुधरेंगे स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं जिससे हम जनमानस को सुविधा उपलब्ध हो पाएं जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सी हमेशा खाली रहती है फरियादी निराश होकर वापस लौट जाते हैंघपले घोटालों के लिए मशहूर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जनपद का सीएमओ कार्यालयकामकाज में फिसड्डी , भ्रष्टाचार व गलत कुर्सियों के आवंटन हेतु जाना जाता है सीएमओ कार्यालयसरकारी पैसा और सरकारी बेंच पर नींद पूरी कर , कार्यालय को खोखला कर रहे जिम्मेदार सीएमओ कार्यालय में काम के बजाय नींद पूरी कर रहे कर्मचारी कैसे होगा जिले में स्वास्थ्य विभाग का कल्याण कब मिलेगी जनता को न्याय स अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 19:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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