<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/48662/health-services" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>स्वास्थ्य सेवाएं - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/48662/rss</link>
                <description>स्वास्थ्य सेवाएं RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ताला गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180879/health-camp-organized-in-tala-village-under-100-day-tb-free-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है । टीबी रोग कोई जानलेवा बीमारी नही होती है लेकिन टीबी रोग व इलाज के बारे में समुचित जानकारी न होने के कारण कभी - कभी टीबी रोग जानलेवा साबित हो जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शासन के निर्देश के क्रम में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत के ग्राम ताला में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें टीबी रोग से संबंधित जानकारी दी गई एवं निःशुल्क जांच की गई एवं दवाइयां भी वितरित किया गया । स्वास्थ्य शिविर में शुगर , वीपी , तौल समेत अन्य जांच निःशुल्क की गई । इस शिविर में डॉ. अजय शुक्ला, एक्स-रे टेक्नीशियन भूपेन्द्र सिंह, एसटीएलएस संदीप कुमार, एसटीएस संकट मोचन यादव, सीएचओ अर्चना पटेल, अमरेश, साक्षी, अंजली, एएनएम सरिता कुमारी, फार्मासिस्ट कोमल, एक्स-रे टेक्नीशियन के सहयोगी अब्बासी तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर फिरोज खान समेत आदि कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180879/health-camp-organized-in-tala-village-under-100-day-tb-free-india</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180879/health-camp-organized-in-tala-village-under-100-day-tb-free-india</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:50:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260608-wa0088.jpg"                         length="284878"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो माह से मानदेय न मिलने पर संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएचसी परिसर में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के तहत सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी सीएचसी परिसर में एकत्र हुए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार और मंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260519-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएचसी परिसर में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के तहत सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी सीएचसी परिसर में एकत्र हुए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार और मंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट गहरा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि लगातार स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान डॉ. अभिषेक जौहरी, प्रियंका यादव, संगीता, शिवानी, मीनू समेत बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 18:15:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260519-wa0057.jpg"                         length="374849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण, दलाल पकड़े </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां कई खामियां पाईं गईं। इस दौरान प्रातः 9.30 पर जब एडीएम सिटी के साथ छापा मारा तो दो संदिग्ध दलालों को पकड़ा जो मरीजों को गुमराह कर रहे थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  प्राप्त समाचार के अनुसार जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में एडीएम सिटी डॉ राजेश कुमार भी साथ में थे जिन्होंने  प्रातः 9.30 छापा मारा। उन्होंने दो संदिग्ध दलालों को पकड़ा, मरीजों को गुमराह कर रहे थे। इस तरह की तमाम शिकायतें जिलाधिकारी के पास आ रहीं थीं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के समय उर्सला अस्पताल में 22 डॉक्टर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179036/district-magistrate-jitendra-pratap-singh-conducted-surprise-inspection-of-ursala"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001906437.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां कई खामियां पाईं गईं। इस दौरान प्रातः 9.30 पर जब एडीएम सिटी के साथ छापा मारा तो दो संदिग्ध दलालों को पकड़ा जो मरीजों को गुमराह कर रहे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्राप्त समाचार के अनुसार जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में एडीएम सिटी डॉ राजेश कुमार भी साथ में थे जिन्होंने  प्रातः 9.30 छापा मारा। उन्होंने दो संदिग्ध दलालों को पकड़ा, मरीजों को गुमराह कर रहे थे। इस तरह की तमाम शिकायतें जिलाधिकारी के पास आ रहीं थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के समय उर्सला अस्पताल में 22 डॉक्टर सहित 32 स्वास्थ्यकर्मी मिले अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने उन सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी काफी गुस्से में दिखे। डीएम ने सीएमएस उर्सला को किया निर्देशित किया कि वो संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें कि इस तरह के दलाल अस्पताल परिसर में घुसने न पाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएम ने डाक्टरों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी दशा में बाहर की दवाइयां न लिखी जाए अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जनपद की बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था पर जिलाधिकारी काफी चिंतित दिखाई दिए और उन्होंने कहा कि किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्ञातव्य है कि जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बहुत सजग हैं और लगातार अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179036/district-magistrate-jitendra-pratap-singh-conducted-surprise-inspection-of-ursala</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179036/district-magistrate-jitendra-pratap-singh-conducted-surprise-inspection-of-ursala</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:58:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/1001906437.jpg"                         length="90745"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 वर्षों से साऊँघाट सीएचसी पर जमे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार ने मचाया लूट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178979/health-education-officer-brijendra-kumar-who-had-been-working-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ रहा है की सालों सालों तक लोग ड्यूटी नहीं करते हैं जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मौके पर अस्पताल में हाजिर नहीं रहते हैं सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के भले ही एक हजार उपाय करे परन्तु भ्रष्टाचारी ' भ्रष्टाचार करने के दस हजार बनाने ढूँढ़ लेते हैं जिसका ताजा उदाहरण साऊँघाट में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेन्द्र कुमार हैं जो विगत तेरह साल से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पाँव जमाए हुए लूट व तांडव मचाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2013 को बृजेन्द्र कुमार की तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साऊँघाट में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के रूप में हुई थी । तैनाती से अद्यतन तिथि तक बृजेन्द्र सीएचसी साऊँघाट में ही जमें हैं जिसको लेकर क्षेत्र में तरह - तरह की चचाएं चल रही हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नियमों की यदि बात करें तो कोई कर्मचारी जनपद में तीन वर्ष तथा मंडल में अधिकतम 7 वर्ष तक सेवा दे सकता हैं परन्तु बृजेन्द्र कुमार के मामले में जिम्मेदारों ने इतनी क्यों दरियादिली दिखाई और अधिकतम 3 वर्ष के बजाए 13 साल क्यों जमें हैं को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है । प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178979/health-education-officer-brijendra-kumar-who-had-been-working-at</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178979/health-education-officer-brijendra-kumar-who-had-been-working-at</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:58:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260511-wa0029.jpg"                         length="52445"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नर्सों का योगदान और विश्व स्वास्थ्य का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>- महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मानवता की सेवा और उपचार की प्रक्रिया में नर्सों का योगदान अतुलनीय है। प्रत्येक वर्ष 12 मई को संपूर्ण विश्व अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता है। यह दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि उस समर्पण और करुणा का सम्मान है जो नर्सें बिना किसी स्वार्थ के समाज को प्रदान करती हैं। इस विशेष दिवस का आयोजन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में किया जाता है। 1820 में जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग को एक पेशेवर और सम्मानित स्वरूप प्रदान किया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने रात के अंधेरे में हाथ में लालटेन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178919/contribution-of-nurses-and-the-future-of-world-health"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/12_05_2023-new_project_10_23410139.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>- महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मानवता की सेवा और उपचार की प्रक्रिया में नर्सों का योगदान अतुलनीय है। प्रत्येक वर्ष 12 मई को संपूर्ण विश्व अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता है। यह दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि उस समर्पण और करुणा का सम्मान है जो नर्सें बिना किसी स्वार्थ के समाज को प्रदान करती हैं। इस विशेष दिवस का आयोजन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में किया जाता है। 1820 में जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग को एक पेशेवर और सम्मानित स्वरूप प्रदान किया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने रात के अंधेरे में हाथ में लालटेन लेकर घायल सैनिकों की जिस प्रकार सेवा की उसने उन्हें लेडी विद द लैंप की उपाधि दी। उन्होंने यह सिद्ध किया कि चिकित्सा केवल औषधियों का खेल नहीं है बल्कि इसमें स्वच्छता, सहानुभूति और निरंतर देखभाल का भी उतना ही महत्व है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की विषयवस्तु हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं निर्धारित की गई है। यह विषयवस्तु इस बात की ओर संकेत करती है कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए नर्सों का सशक्तिकरण अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नर्सिंग सेवा का विस्तार केवल चिकित्सालयों की दीवारों तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जो व्यक्ति के जन्म से लेकर जीवन के अंतिम क्षणों तक उसके साथ बनी रहती है। स्वास्थ्य प्रणाली में नर्सों की भूमिका एक सेतु के समान है जो चिकित्सक और रोगी के मध्य संवाद और उपचार को सुगम बनाती है। किसी भी आपदा या आपातकाल की स्थिति में नर्सें ही सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़ी नजर आती हैं। यदि हम वैश्विक आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि स्वास्थ्य क्षेत्र के कुल कार्यबल का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा नर्सों और दाइयों का है। इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर नर्सों की भारी कमी देखी जा रही है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 60 लाख अतिरिक्त नर्सों की आवश्यकता होगी। यह आंकड़ा हमें सचेत करता है कि यदि समय रहते इस क्षेत्र में निवेश नहीं किया गया तो भविष्य में स्वास्थ्य प्रणालियाँ लड़खड़ा सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत जैसे सघन जनसंख्या वाले देश में नर्सों का उत्तरदायित्व और भी अधिक बढ़ जाता है। भारतीय नर्सिंग परिषद के आंकड़ों के अनुसार देश में पंजीकृत नर्सों की संख्या लाखों में है परंतु प्रति 1000 जनसंख्या पर नर्सों की उपलब्धता अभी भी वैश्विक मानकों से कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है वहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की पूरी जिम्मेदारी नर्सों के कंधों पर होती है। वे न केवल प्रसव संबंधी सेवाएं प्रदान करती हैं बल्कि टीकाकरण अभियानों, संक्रामक रोगों के नियंत्रण और पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में नर्सों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। वे समाज के सबसे निचले स्तर तक पहुँचकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में वैश्विक महामारी कोविड 19 ने संपूर्ण विश्व को नर्सों की वास्तविक शक्ति से परिचित कराया। जब पूरा विश्व भयभीत होकर घरों में बंद था तब नर्सें बिना अपनी जान की परवाह किए संक्रमित मरीजों की सेवा कर रही थीं। पीपीई किट पहनकर घंटों बिना भोजन और जल के काम करना उनके अदम्य साहस का परिचायक था। उस कठिन समय में नर्सों ने न केवल शारीरिक उपचार किया बल्कि एकांतवास में रह रहे मरीजों को मानसिक संबल भी प्रदान किया। कई नर्सों ने इस सेवा के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी जो उनके व्यवसाय के प्रति सर्वोच्च बलिदान को दर्शाता है। इस महामारी ने यह पाठ पढ़ाया कि किसी भी देश की सुरक्षा केवल उसकी सीमाओं पर नहीं बल्कि उसके स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और उसके समर्पित स्वास्थ्य कर्मियों के हाथों में भी सुरक्षित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान परिदृश्य में नर्सिंग के क्षेत्र में कई चुनौतियां भी विद्यमान हैं जिन्हें संबोधित करना अत्यंत आवश्यक है। नर्सों को अक्सर लंबे समय तक कार्य करना पड़ता है जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कई स्थानों पर उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं प्राप्त नहीं होती हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा का अभाव और तनावपूर्ण वातावरण उनके प्रदर्शन को प्रभावित करता है। इसके अतिरिक्त नर्सिंग को आज भी समाज के कुछ वर्गों में केवल एक सहायक कार्य के रूप में देखा जाता है जबकि वास्तव में यह एक उच्च कौशल वाला पेशेवर कार्य है। नर्सों को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं और नीति निर्माण में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। वर्ष 2026 की विषयवस्तु इसी अंतर को पाटने का आह्वान करती है। सशक्त नर्सों का अर्थ है उन्हें उन्नत प्रशिक्षण देना, उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना और उनके कार्य की गरिमा को पहचानना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा और तकनीक के विकास ने नर्सिंग के स्वरूप को भी बदला है। आज की नर्सें केवल सहायता प्रदान नहीं करतीं बल्कि वे आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन, जटिल उपचार प्रक्रियाओं और शोध कार्यों में भी निपुण हैं। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और टेलीमेडिसिन के युग में नर्सों की भूमिका और भी तकनीकी हो गई है। वे डेटा प्रबंधन और रोगियों की निरंतर निगरानी के लिए उन्नत प्रणालियों का उपयोग कर रही हैं। नर्सिंग शिक्षा के पाठ्यक्रम को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता है ताकि नर्सें किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य चुनौती का सामना करने में सक्षम हो सकें। शोध कार्यों में नर्सों की भागीदारी चिकित्सा के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाज के रूप में हमारा यह कर्तव्य है कि हम नर्सों के प्रति अपने दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। उनके प्रति कृतज्ञता केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके लिए अनुकूल कार्य वातावरण सुनिश्चित करना, उनकी समस्याओं को सुनना और उन्हें सम्मानजनक जीवन स्तर प्रदान करना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम नर्सों के प्रशिक्षण और भर्ती में निवेश करते हैं तो इसके परिणाम स्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी क्योंकि एक स्वस्थ समाज ही प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने एक बार कहा था कि नर्सिंग एक कला है और यदि इसे कला बनाना है तो इसके लिए वैसी ही अनन्य भक्ति और कठोर तैयारी की आवश्यकता होती है जैसा कि किसी चित्रकार या मूर्तिकार के कार्य के लिए होती है। उनकी यह बात आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। आज की नर्सें न केवल उपचार करती हैं बल्कि वे मानवता की रक्षक भी हैं। 12 मई का यह दिन हमें उनके उन हजारों घंटों की याद दिलाता है जो उन्होंने दूसरों के दुखों को कम करने में बिताए हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक नर्स की मुस्कान और धैर्य कई बार सबसे महंगी औषधि से भी अधिक प्रभावी सिद्ध होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि नर्सिंग सेवा किसी भी राष्ट्र की स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ है। वर्ष 2026 में जब हम इस दिवस को मनाते हैं तो हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम नर्सों के सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हमें ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो नर्सिंग क्षेत्र में आने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करें और वर्तमान नर्सों को उनकी योग्यता के अनुरूप सम्मान और स्थान दिलाएं। जब हम कहते हैं कि सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं तो इसका अर्थ केवल एक नारा नहीं है बल्कि यह एक वैज्ञानिक तथ्य है। एक सशक्त और संतुष्ट नर्स ही सर्वोत्तम उपचार प्रदान कर सकती है। आइए इस अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर हम उन सभी नर्सों को नमन करें जो अंधकार में प्रकाश की किरण बनकर मरीजों के जीवन को रोशन कर रही हैं और एक स्वस्थ सुरक्षित भविष्य की नींव रख रही हैं। उनकी सेवा और त्याग ही वह ऊर्जा है जो चिकित्सा जगत को निरंतर गति प्रदान करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178919/contribution-of-nurses-and-the-future-of-world-health</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178919/contribution-of-nurses-and-the-future-of-world-health</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 17:18:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/12_05_2023-new_project_10_23410139.jpg"                         length="77402"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला अस्पताल का नवागत डीएम ने किया औचक निरीक्षण ,सख्त हिदायत !</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज,</strong> 07 मई 2026  जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रामा सेंटर, आयुष्मान वार्ड, सीटी स्कैन कक्ष, एसएनसीयू तथा पीकू वार्ड सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। सीएमएस द्वारा अवगत कराया गया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में कुल 48 चिकित्सक तथा 108 स्टाफ नर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  निरीक्षण के दौरान आयुष्मान वार्ड में मात्र दो मरीज पाए जाने पर जिलाधिकारी ने बेड ऑक्युपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178863/the-new-dm-did-a-surprise-inspection-of-the-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/181522.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज,</strong> 07 मई 2026  जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रामा सेंटर, आयुष्मान वार्ड, सीटी स्कैन कक्ष, एसएनसीयू तथा पीकू वार्ड सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। सीएमएस द्वारा अवगत कराया गया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में कुल 48 चिकित्सक तथा 108 स्टाफ नर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> निरीक्षण के दौरान आयुष्मान वार्ड में मात्र दो मरीज पाए जाने पर जिलाधिकारी ने बेड ऑक्युपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजना है तथा अधिक से अधिक पात्र मरीजों को इसका लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार पीकू वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने एसएनसीयू में मरीजों की संख्या एवं उपलब्ध बेड के दृष्टिगत शासन से अतिरिक्त बेड स्वीकृत कराने हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवनिर्मित क्रिटिकल केयर अस्पताल में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति एवं मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजने हेतु सीएमओ को निर्देशित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने रैन बसेरे की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला अस्पताल जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से सीधे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों से बात करने के उपरांत जिलाधिकारी महोदय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार, डॉ. ए.बी. त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178863/the-new-dm-did-a-surprise-inspection-of-the-district</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178863/the-new-dm-did-a-surprise-inspection-of-the-district</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 15:54:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/181522.jpg"                         length="85332"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीडीओ ने सीएचसी पहुंचकर की जांच।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">लालगंज (रायबरेली)। एंबुलेंस मिलने में हुई देरी का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है। मीडिया में खबर आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इसकी जांच की। दरअसल पंडित का पुरवा गांव निवासी अजय (36) सोमवार को घर के पास नीम के पेड़ पर चढ़कर टूटी डाल काट रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसे में उसकी कमर और पैर में गंभीर चोटें आईं। परिजन घायल को तुरंत सीएचसी लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178507/cdo-reached-chc-and-investigated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260507-wa0248.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">लालगंज (रायबरेली)। एंबुलेंस मिलने में हुई देरी का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है। मीडिया में खबर आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इसकी जांच की। दरअसल पंडित का पुरवा गांव निवासी अजय (36) सोमवार को घर के पास नीम के पेड़ पर चढ़कर टूटी डाल काट रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसे में उसकी कमर और पैर में गंभीर चोटें आईं। परिजन घायल को तुरंत सीएचसी लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सुबह करीब 9:30 बजे उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफर होने के बाद परिजन लगातार डायल 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करते रहे लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। करीब चार घंटे बाद एंबुलेंस मिली तब जाकर घायल को जिला अस्पताल भेजा जा सका।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान वह सीएचसी में दर्द से तड़पता रहा। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को सीडीओ और एसीएमओ की टीम अस्पताल पहुंची। सीडीओ ने सोमवार को इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से जानकारी ली। इमरजेंसी रजिस्टर की फोटोकॉपी भी अपने साथ ले गईं। जांच के दौरान बीडीओ गगनदीप सिंह, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमल पटेल, डॉ. गौरव पांडेय, डॉ. प्रियंका समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178507/cdo-reached-chc-and-investigated</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178507/cdo-reached-chc-and-investigated</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 20:06:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260507-wa0248.jpg"                         length="73162"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएचसी प्रभारी डॉ. भास्कर यादव ड्यूटी से गायब, स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती।</strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर प्रभारी डॉ. भास्कर यादव के लगातार ड्यूटी से गायब रहने से पूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर की व्यवस्था चरमरा गई है।</div><div><br /></div><div>सीएचसी गौर प्रभारी डॉ. भास्कर यादव खुद ड्यूटी से नदारद हैं तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर की स्वास्थ्य व्यवस्था की देखभाल कौन करेगा । प्रभारी के गायब रहने से सीएचसी के अंतर्गत अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों/उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर ताला लटक रहा है</div><div>        सूत्रों के अनुसार अधीक्षक डॉ. भास्कर यादव सीएचसी पर कभी रात्रि विश्राम नहीं करते है रात्रि में अधीक्षक के न रहने से ओपीडी व इमरजेंसी सेवा भगवान</div><div>डॉ.</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178132/chc-in-charge-dr-bhaskar-yadav-missing-from-duty-health-services"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260502-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर प्रभारी डॉ. भास्कर यादव के लगातार ड्यूटी से गायब रहने से पूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर की व्यवस्था चरमरा गई है।</div><div><br /></div><div>सीएचसी गौर प्रभारी डॉ. भास्कर यादव खुद ड्यूटी से नदारद हैं तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर की स्वास्थ्य व्यवस्था की देखभाल कौन करेगा । प्रभारी के गायब रहने से सीएचसी के अंतर्गत अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों/उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर ताला लटक रहा है</div><div>    सूत्रों के अनुसार अधीक्षक डॉ. भास्कर यादव सीएचसी पर कभी रात्रि विश्राम नहीं करते है रात्रि में अधीक्षक के न रहने से ओपीडी व इमरजेंसी सेवा भगवान भरोसे चल रही है । जब अधीक्षक ही ड्यूटी से गायब रहेंगे तो लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई कौन करेगा? </div><div>डॉ. भास्कर यादव की मनमानी से सीएचसी गौर की स्थिति बदहाल हो गई है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।</div><div>   प्रभारी डा०भास्कर यादव स्वयं ड्यूटी से गायब होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गौर की दयनीय स्थिति को सुधारने में पूरी तरह फेल हैं और अधिकांश कर्मचारी मनचाहा ड्यूटी कर रहे हैं एवं ड्यूटी के दौरान कमरे में आराम फरमा रहे हैं ।</div><div><br /></div><div> आखिर कब ? स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदार कुंभकर्णी नियर से जगेंगे और कैसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर की अव्यवस्था दूर होगी ? जिसको लेकर पूरे जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं । मीडिया टीम ने कई महीनो से लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर का पड़ताल किया लेकिन कभी भी सीएचसी प्रभारी डा० भास्कर यादव के कमरे का ताला खुला नहीं मिला अर्थात हमेशा प्रभारी के कमरे में ताला लटकता रहता है । उक्त प्रकरण फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो प्रभारी ने मीडिया के फोन को रिसीव नहीं किया और न ही बाद में एक ही बार कॉल बैक किया ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178132/chc-in-charge-dr-bhaskar-yadav-missing-from-duty-health-services</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178132/chc-in-charge-dr-bhaskar-yadav-missing-from-duty-health-services</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:52:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260502-wa0067.jpg"                         length="86553"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-32.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में वेंटिलेटर का टेंडर  </strong></h4><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">जीजा साले द्वारा इसी वेंटीलेटर के टेंडर को लूटने की योजना बनाई जा रही है इसी क्रम में जीजा साले  की जोड़ी द्वारा कोशिश की जा रही है कि कारपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण के पद पर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़  सिद्धार्थ सिंह की तैनाती की कराई जा सके, जिससे की इस वेंटीलेटर के टेंडर में पूरा खेल किया जा सके और अच्छे जीवन रक्षक उपकरण की जगह घटिया चीनी उत्पाद प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित किया जा सके और जनता को घटिया चीनी उपकरण के जरिये मौत के मुंह में धकेल कर जम कर लूट की जा सके, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-12.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="942" height="628"></img></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>जीजा साले की जोड़ी का चीनी उत्पाद से प्रेम</strong></h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के नाराजगी और वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद वेंटीलेटर के टेंडर में हलचल मची है ताज़ा प्रकरण में लूट के निशाने पर वेंटीलेटर का टेंडर है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221 के द्वारा प्रदेश के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जानी है, उक्त टेंडर में 11 कंपनियों ने प्रतिभाग किया है जिसमे से एक कंपनी जीजा साले की HEIDELCO MEDICORE PVT LTD है, वैसे तो अधिकांश टेंडरों में HEIDELCO MEDICORE PVT LTD कंपनी अपने आप को उपकरण निर्माता बताती रही या फिर अपने आपको POCT SERVICES का अधिकृत वितरक, परन्तु इस टेंडर में कुछ नया ही खेल खेला जा रहा है, HEIDELCO MEDICORE PVT LTD ने अपने आपको SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH  का अधिकृत वितरक दिखाया है और वेंटीलेटर का मॉडल TOPNOTCH TV 15 है,</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय कंपनी की आड़ और चीनी वेंटीलेटर</strong></h4><p style="text-align:justify;">घटिया चीनी उपकरण को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में खपाने की कवायद कुछ इस प्रकार से की जा रही है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221  में कंपनी SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH द्वारा खुद को वेंटीलेटर का निर्माता बताया है, परन्तु असली निर्माता कंपनी SHENZHEN MINDRAY BIO MEDICAL ELECTRONICS COMPANY LIMITED  है, और SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH घटिया चीनी वेंटीलेटर को फ़र्ज़ी लेबल लगाकर भारतीय उपकरण दिखाकर जीजा साले द्वारा,  HEIDELCO MEDICORE PVT LTD,LUCKNOW  कंपनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अस्पतालों में सप्लाई करके बड़ी लूट की तैयारी है और उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरण के द्वारा मौत के मुहं में धकेलने की तैयारी है, लेकिन इनको नहीं पता है की वेंटीलेटर की खरीद पर उच्च न्यायालय की पैनी नज़र है, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="909" height="606"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>चीन प्रेम और साइंस हाउस मेडिकल्स भोपाल का हश्र</strong><br /> <br />अभी हाल में ही अपने चीन प्रेम के कारन और चीनी घटिया जीवन रक्षक उत्पाद को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सप्लाई करने के कारन कुख्यात जीजा साले की जोड़ी के सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PVT LTD BHOPAL के निदेशक जीतेन्द्र तिवारी, सुनैना तिवारी, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ जेल में है और अब   लगता है की फर्जीवाड़ा करने के कारन और जीजा साले की जोड़ी से संबंधों के कारन SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH कंपनी के निदेशक हेमंत सिंगला, वीणा जॉली, अंकुर मंगला, नवदीप सिंगला भी अपने कर्मचारियों के साथ जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं, आश्चर्यजनक यह हैं की मात्र तीन वर्ष पुरानी कंपनी वेंटीलेटर और एनेस्थीसिया जैसे बड़ी मशीनों की निर्माता बन गयी हैं I जीजा साले की जोड़ी को फायदा पहुंचने के लिए उज्जवल कुमार द्वारा वेंटीलेटर के स्पेसिफिकेशन्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का पक्ष</strong></h4><p style="text-align:justify;">इस वेंटीलेटर के टेंडर के प्रकरण में संवाददाता द्वारा जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो मेडिकल कारपोरेशन द्वारा टेंडर में नामित बायर देवव्रत कुमार आर्य द्वारा स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता को बताया गया  की मेडिकल कारपोरेशन चीनी उपकरण नहीं खरीदता है और यदि वेंटीलेटर के टेंडर में कोई उपकरण या कंपनी चीनी पाया जाता है तो उस निविदा को निरस्त किया जायेगा  </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>बृजेश पाठक की जिम्मेदारी योगी की जीरो टॉलरेंस नीति</strong></h5><p style="text-align:justify;">वेंटीलेटर के टेंडर में हो रहा है इस खेल को रोकने की पूरी पूरी जिम्मेदारी बृजेश पाठक की है क्योंकि सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और जिनकी भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की नीति है, अतः इस नीति का पूरी तरीके से पालन कराना बृजेश पाठक की जिम्मेदारी है विभागीय मंत्री होने के नाते, चुनावी वर्ष है इसलिए सरकार को हर कदम अपना फूंक फूंक कर  रखना होगा ताकि जनता में उचित संदेश जाए इमानदारी का, इस चुनावी वर्ष में कोई भी व्यक्ति शातिर दलालों के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं चाहेगा<br /> <br /><strong>अगले अंक में वेंटीलेटर टेंडर में लूट और जीजा साले के चीन प्रेम पर खुलासा .......</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:20:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg"                         length="53403"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने विकासखंड सिंहपुर क्षेत्र में विकास कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> प्रदेश के खाद एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग के राज्यमंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री  सतीश चंद्र शर्मा ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान विकासखंड सिंहपुर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने सर्वप्रथम ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना पेण्डारा का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत के सभी मजरों में नल कनेक्शन की स्थिति तथा निर्धारित समयानुसार जलापूर्ति की जानकारी ली।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल उपलब्धता के संबंध में फीडबैक लिया।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171579/in-charge-minister-satish-chandra-sharma-conducted-on-site-inspection-of-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1-11.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> प्रदेश के खाद एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग के राज्यमंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री  सतीश चंद्र शर्मा ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान विकासखंड सिंहपुर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने सर्वप्रथम ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना पेण्डारा का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत के सभी मजरों में नल कनेक्शन की स्थिति तथा निर्धारित समयानुसार जलापूर्ति की जानकारी ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल उपलब्धता के संबंध में फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग ग्रामीण द्वारा राशन कार्ड न बनने की जानकारी देने पर मंत्री ने संबंधित पूर्ति निरीक्षक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत प्रभारी मंत्री ने सीएचसी सिंहपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, दवा वितरण कक्ष, वैक्सीन कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, एमएनसीयू वार्ड तथा ओपीडी रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर एवं सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रभारी मंत्री ने कंपोजिट विद्यालय एवं बीआरसी सिंहपुर का निरीक्षण करते हुए बच्चों से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया तथा शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खारा स्थित गो आश्रय स्थल का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने गोवंशों के लिए हरे चारे, भूसे, पेयजल एवं पशु आहार की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं गोवंशों को गुड़ व केला खिलाया और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने पर अधिकारियों की प्रशंसा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने निर्देश दिया कि गोसंरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा बीमार गोवंशों की नियमित देखभाल की जाए। इसके पश्चात उन्होंने बायोगैस प्लांट एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निरीक्षण किया। डीपीआरओ द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत खारा का समस्त कचरा प्रोसेस कर जैविक खाद तैयार की जाती है तथा गौशाला से प्राप्त गोबर व गोमूत्र से बायोगैस के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन किया जाता है, जिससे आटा चक्की व अन्य उपकरण संचालित किए जाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रभारी मंत्री ने इस अभिनव पहल की सराहना की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी संजय चौहान, उपजिलाधिकारी तिलोई अमित सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ए.के. राव, डीपीआरओ मनोज त्यागी, बीएसए संजय तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171579/in-charge-minister-satish-chandra-sharma-conducted-on-site-inspection-of-development</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171579/in-charge-minister-satish-chandra-sharma-conducted-on-site-inspection-of-development</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 20:27:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/1-11.jpg"                         length="178090"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        