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                <title>शिक्षा - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>शिक्षा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती को 'बेस से स्पेस’ अभियान को मिले नए पंख, महिलाओं एवं बच्चों के सपनों ने बढ़ाया समाजसेवी मनीष_मिश्रा_का_उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के बेलवा डाड़ी मोहल्ले में स्थित एक मैरेज हॉल में “बस्ती को बेस से स्पेस तक” अभियान के संस्थापक एवं समाजसेवी मनीष मिश्रा के सम्मान में समूह की बहनों द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह के दौरान शिक्षा, संस्कार और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण उस समय आया जब उपस्थित बच्चों में से एक बच्चे ने मंच से अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह बड़ा होकर स्पेस इंजीनियर बनना</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181949/basti-base-to-space-campaign-gets-new-wings-dreams-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260622-wa0054.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के बेलवा डाड़ी मोहल्ले में स्थित एक मैरेज हॉल में “बस्ती को बेस से स्पेस तक” अभियान के संस्थापक एवं समाजसेवी मनीष मिश्रा के सम्मान में समूह की बहनों द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह के दौरान शिक्षा, संस्कार और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण उस समय आया जब उपस्थित बच्चों में से एक बच्चे ने मंच से अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह बड़ा होकर स्पेस इंजीनियर बनना चाहता है। बच्चे की यह बात सुनकर समाजसेवी मनीष मिश्रा भावुक हो उठे और उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि वास्तव में ऐसे ही सपने किसी समाज और क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मनीष मिश्रा ने कहा कि आज उन्हें महसूस हो रहा है कि उनकी पहल सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “सही मायने में आज मेरा हौसला और अधिक बढ़ गया है। जब छोटे बच्चे बड़े सपने देखने लगते हैं तो यह समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत होता है। यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिल जाएं तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में बस्ती में चारों वेदों के अध्ययन और शिक्षण के लिए विशेष संस्थानों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान की धारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से ब्राह्मण समाज के युवा ज्ञान अर्जित कर देश और विदेश में अपनी सेवाएं देकर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और प्राचीन ज्ञान दोनों का संतुलन समाज के विकास के लिए आवश्यक है। भारत की प्राचीन संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखते हैं और नई पीढ़ी को इनसे जोड़ना समय की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मनीष मिश्रा ने कहा कि वह देश की प्रमुख वैज्ञानिक संस्थाओं से भी संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के संपर्क में हैं तथा बहुत जल्द क्षेत्र में एक नॉलेज सेंटर की स्थापना की जाएगी। इस केंद्र के माध्यम से बच्चों और युवाओं को विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष से संबंधित नई जानकारियां और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की है। यदि बच्चों को संसाधन और सही दिशा मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में उन्होंने आगामी रक्षाबंधन पर्व पर एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आने वाले समय में वशिष्ठ नगर “बेस से स्पेस” तक का सफर तय करेगा और यह क्षेत्र शिक्षा, विज्ञान तथा सामाजिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 18:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देवनहरी के अमन पाल बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, बढ़ाया प्रयागराज का  मान </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">थरवई थाना क्षेत्र के देवनहरी गांव के होनहार युवा अमन पाल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रयागराज जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव, क्षेत्र और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, शिक्षकों और परिचितों ने अमन की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;">देवनहरी गांव निवासी अमन पाल ऐसे परिवार से आते हैं, जहां बचपन से ही देशसेवा और अनुशासन का वातावरण रहा है। उनके पिता महाराजदीन पाल पुलिस विभाग में घुड़सवार पुलिस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181380/aman-pal-of-devnahari-became-lieutenant-in-indian-army-increased"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0087.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थरवई थाना क्षेत्र के देवनहरी गांव के होनहार युवा अमन पाल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रयागराज जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव, क्षेत्र और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, शिक्षकों और परिचितों ने अमन की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देवनहरी गांव निवासी अमन पाल ऐसे परिवार से आते हैं, जहां बचपन से ही देशसेवा और अनुशासन का वातावरण रहा है। उनके पिता महाराजदीन पाल पुलिस विभाग में घुड़सवार पुलिस के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुनीता पाल गृहणी हैं। वहीं उनके चाचा बाबादीन पाल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परिवार के सदस्यों की राष्ट्रसेवा से प्रेरित होकर अमन ने भी सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा और उसे साकार कर दिखाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमन पाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कानपुर में प्राप्त की। बचपन से ही वे पढ़ाई में मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएससी में प्रवेश लिया। पढ़ाई के दौरान ही उनका लक्ष्य भारतीय सेना में अधिकारी बनने का था और उन्होंने इस दिशा में लगातार मेहनत जारी रखी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीएससी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत रहते हुए अमन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। एनडीए में चयन के बाद उन्होंने कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपनी योग्यता, परिश्रम तथा दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद हासिल करने में सफलता प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमन बताते हैं कि उनके पिता की तैनाती पुलिस लाइन में होने के कारण उनका बचपन कैंट क्षेत्र के वातावरण में बीता। वहां सेना के अधिकारियों की कार्यशैली, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को देखकर उनके मन में भी सेना में अधिकारी बनने की प्रेरणा जगी। यही प्रेरणा आगे चलकर उनके जीवन का लक्ष्य बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपनी सफलता पर अमन पाल ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और शिक्षकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया और लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से भी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमन की इस उपलब्धि से देवनहरी गांव में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे इलाके के लिए गौरव  बताया है। लोगों का कहना है कि अमन की सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी देशसेवा और उच्च पदों पर पहुंचने की प्रेरणा मिलेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:45:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सपा का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सरस सिंह </strong></span></p>
<p>  </p>
<p>प्रयागराज।समाजवादी पार्टी  ने मंगलवार को कथित पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न तथा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और बाद में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता हाथों में बैनर, पोस्टर और पार्टी के झंडे लेकर एकत्र हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180524/sps-noise-against-paper-leak-inflation-and-unemployment-strong-demonstration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/screenshot_20260602-165545.facebook.png" alt=""></a><br /><p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सरस सिंह </strong></span></p>
<p> </p>
<p>प्रयागराज।समाजवादी पार्टी  ने मंगलवार को कथित पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न तथा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और बाद में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता हाथों में बैनर, पोस्टर और पार्टी के झंडे लेकर एकत्र हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।</p>
<p>प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा पत्र लीक होने से लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। युवा वर्षों तक मेहनत करने के बावजूद भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता न होने के कारण निराश और हताश हैं।</p>
<p>सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल घोषणाएं करने में व्यस्त है। इसके अलावा बढ़ती महंगाई के कारण आम जनता का जीवन कठिन होता जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं पर पड़ रहा है, जिससे लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।</p>
<p>महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी सपा नेताओं ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।</p>
<p>कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इसके बाद सपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, महंगाई नियंत्रित करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 23:27:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्यगण एवं छात्र-छात्राओं ने गुरुदेव टैगोर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर मुख्य वक्ता सतीश शुक्ल ने गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टैगोर जी ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा एवं साहित्य को नई दिशा प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विद्यार्थियों को टैगोर जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया।कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178500/rabindranath-tagores-birth-anniversary-was-celebrated-with-devotion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260507-wa0106.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्यगण एवं छात्र-छात्राओं ने गुरुदेव टैगोर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर मुख्य वक्ता सतीश शुक्ल ने गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टैगोर जी ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा एवं साहित्य को नई दिशा प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विद्यार्थियों को टैगोर जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया।कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित समस्त आचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने भैया-बहनों को गुरुदेव टैगोर के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन पथ पर निरंतर आगे बढ़ने का शुभाशीष प्रदान किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंचितों के प्रतिनिधित्व हेतु आरक्षण के नव प्रयोग के जनक थे शाहू महाराज: चंद्रभूषण </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया, 06 मई। </strong>रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा जनसंपर्क कार्यालय पर आयोजित शाहू जी महाराज स्मृति दिवस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण यादव ने कहा कि कोल्हापुर रियासत के राजा छत्रपति शाहू जी महाराज वंचित वर्गों को समाज में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए आरक्षण जैसे नव प्रयोग के जनक थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि 26 जुलाई 1902 को शाहू जी महाराज ने 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। वे सामाजिक परिवर्तन आंदोलन के पुरोधा और प्रेरणा स्रोत थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  यादव ने कहा कि वेदोक्त और पुराणोक्त</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178373/shahu-maharaj-chandrabhushan-was-the-father-of-the-new-experiment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/45.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया, 06 मई। </strong>रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा जनसंपर्क कार्यालय पर आयोजित शाहू जी महाराज स्मृति दिवस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण यादव ने कहा कि कोल्हापुर रियासत के राजा छत्रपति शाहू जी महाराज वंचित वर्गों को समाज में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए आरक्षण जैसे नव प्रयोग के जनक थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि 26 जुलाई 1902 को शाहू जी महाराज ने 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। वे सामाजिक परिवर्तन आंदोलन के पुरोधा और प्रेरणा स्रोत थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यादव ने कहा कि वेदोक्त और पुराणोक्त मंत्रों के भेद को समझने के बाद शाहू जी महाराज ने जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया। उन्होंने वर्ष 1917 में निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा लागू की, छुआछूत के विरुद्ध कड़े प्रावधान किए, महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया तथा दलित-बहुजन छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षा और छात्रावास की व्यवस्था की। साथ ही बाल विवाह पर रोक जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार भी किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि शाहू जी महाराज ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को वर्ष 1920 में मूक नायक’ पत्र के प्रकाशन के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में उपस्थित सुरेश नारायण सिंह, व्यास यादव, नारायण प्रसाद, नगीना यादव, लोरिक गोंड, बबलू यादव, शंकर गोंड, श्रीराम प्रसाद, बेलभद्र गोंड, उत्तिम यादव, अभिषेक गुड्डू गोंड और संतोष मद्धेशिया सहित अन्य लोगों ने शाहू जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178373/shahu-maharaj-chandrabhushan-was-the-father-of-the-new-experiment</link>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 19:38:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समझाइश और सख्ती से बदली तस्वीर अमरावती के नशामुक्त गांवों ने दिखाया नया रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र </strong>के अमरावती जिले के गांवों से निकली यह कहानी केवल एक बदलाव की नहीं बल्कि सामाजिक पुनर्जागरण की कहानी है। कभी शराबखोरी के लिए बदनाम रहे ये गांव आज अनुशासन, आत्मसम्मान और जागरूकता के प्रतीक बन गए हैं। मेलबाट क्षेत्र से शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे 19 गांवों को नशामुक्त बना चुका है और अब यही गांव आसपास के 20 गांवों को भी इस दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। यह परिवर्तन अचानक नहीं आया बल्कि वर्षों की मेहनत, धैर्य और सामूहिक संकल्प का परिणाम है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इन गांवों का अतीत बेहद कठिन था। शराब यहां केवल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178068/the-picture-changed-through-persuasion-and-strictness-drug-free-villages"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र </strong>के अमरावती जिले के गांवों से निकली यह कहानी केवल एक बदलाव की नहीं बल्कि सामाजिक पुनर्जागरण की कहानी है। कभी शराबखोरी के लिए बदनाम रहे ये गांव आज अनुशासन, आत्मसम्मान और जागरूकता के प्रतीक बन गए हैं। मेलबाट क्षेत्र से शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे 19 गांवों को नशामुक्त बना चुका है और अब यही गांव आसपास के 20 गांवों को भी इस दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। यह परिवर्तन अचानक नहीं आया बल्कि वर्षों की मेहनत, धैर्य और सामूहिक संकल्प का परिणाम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन गांवों का अतीत बेहद कठिन था। शराब यहां केवल एक आदत नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। पुरुष अपनी मेहनत की कमाई शराब में खर्च कर देते थे, जिससे परिवार आर्थिक संकट में फंस जाते थे। घरों में झगड़े होते थे, महिलाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया था। सामाजिक स्तर पर भी इन गांवों की छवि खराब हो चुकी थी। रिश्तेदार तक शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में इन्हें बुलाने से कतराते थे। यह सामाजिक बहिष्कार धीरे-धीरे लोगों के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने लगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति को बदलने के लिए आदिवासी पंचायत, समाजसेवकों, ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर प्रयास शुरू किए। गांवों में लगातार बैठकें आयोजित की गईं। लोगों को समझाया गया कि नशा उनके शरीर, परिवार और भविष्य के लिए कितना घातक है। शुरुआत में इन प्रयासों का विरोध हुआ। कई लोग अपनी आदत छोड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन समझाइश का सिलसिला रुका नहीं। धीरे-धीरे लोगों की सोच में बदलाव आने लगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब केवल समझाने से बात नहीं बनी तो पंचायत ने सख्ती का रास्ता अपनाया। गांव में शराब पीने वाले और शराब परोसने वाले दोनों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू किया गया और इसका कड़ाई से पालन किया गया। इस निर्णय ने लोगों को झकझोर दिया। शुरुआत में लोग डर के कारण शराब से दूर रहने लगे, लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने इसके सकारात्मक परिणाम देखे, यह बदलाव उनकी आदत बन गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगातार सात वर्षों तक चले इस अभियान ने आखिरकार सफलता दिलाई। 19 गांव पूरी तरह नशामुक्त हो गए। यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बन गई। गांवों में नियमित बैठकों का आयोजन जारी रहा जिससे लोगों को लगातार जागरूक किया जाता रहा। यह निरंतर प्रयास ही इस सफलता की असली ताकत बना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नशा छोड़ने के बाद इन गांवों में सबसे बड़ा बदलाव सामाजिक सम्मान के रूप में देखने को मिला। जिन लोगों को पहले समाज में तिरस्कार झेलना पड़ता था, उन्हें अब सम्मान के साथ स्वीकार किया जाने लगा। शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में उन्हें बुलाया जाने लगा। यह बदलाव उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर्थिक स्तर पर भी बड़ा परिवर्तन आया। पहले जो पैसा शराब में बर्बाद होता था, अब वही पैसा घर के सुधार, बच्चों की पढ़ाई और बचत में खर्च होने लगा। टूटे-फूटे घरों की जगह पक्के मकान बनने लगे। कई लोगों ने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए। कोई किराना दुकान चलाने लगा तो कोई दूध बेचने लगा। इससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बदलाव का सबसे सकारात्मक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा। पहले महिलाएं आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान रहती थीं, लेकिन अब उनके जीवन में स्थिरता आई है। उनके हाथ में पैसे बचने लगे हैं और वे परिवार के निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने लगी है। जो बच्चे पहले स्कूल नहीं जा पाते थे, अब वे शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरी कहानी का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि जो लोग कभी शराब के आदी थे, वही अब नशामुक्ति के सबसे बड़े प्रचारक बन गए हैं। उन्होंने अपनी गलतियों से सीख ली और अब वे दूसरों को उसी रास्ते पर चलने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने टीम बनाकर आसपास के 20 गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। वे गांव-गांव जाकर लोगों को बताते हैं कि शराब किस तरह शरीर और परिवार को नुकसान पहुंचाती है और कैसे इससे बाहर निकलकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनकी बातों का असर इसलिए ज्यादा होता है क्योंकि वे खुद इस अनुभव से गुजर चुके हैं। वे लोगों को केवल सलाह नहीं देते बल्कि अपनी जीवन कहानी साझा करते हैं। यह सच्चाई लोगों को गहराई से प्रभावित करती है और उन्हें सोचने पर मजबूर करती है। आज यह पहल एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। लोग एक-दूसरे को प्रेरित कर रहे हैं और नशामुक्ति को अपनी जिम्मेदारी मान रहे हैं। यह सामूहिक जागरूकता ही इस सफलता की सबसे बड़ी वजह है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत में नशे की समस्या एक गंभीर चुनौती है। हर साल हजारों लोग शराब और तंबाकू के कारण अपनी जान गंवाते हैं। इसके बावजूद लोग इस खतरे को नजरअंदाज करते रहते हैं। ऐसे में अमरावती के गांवों की यह पहल एक नई दिशा दिखाती है। यह साबित करती है कि अगर समाज जागरूक हो जाए और मिलकर प्रयास करे तो किसी भी बुराई को खत्म किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">समझाइश और सख्ती का संतुलित मेल इस सफलता की कुंजी रहा है। केवल कानून से बदलाव संभव नहीं होता और केवल समझाने से भी हर बार परिणाम नहीं मिलता। जब दोनों का सही संतुलन बनाया जाता है तब स्थायी परिवर्तन संभव होता है। अमरावती के गांवों ने यही कर दिखाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">आज जब ये गांव दूसरे गांवों को नशामुक्त करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं तो यह स्पष्ट है कि यह पहल केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। यह धीरे-धीरे एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। अगर देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के प्रयास किए जाएं तो नशामुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">अमरावती की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि बदलाव बाहर से नहीं बल्कि भीतर से आता है। जब समाज खुद अपने दोषों को पहचानकर उन्हें सुधारने का प्रयास करता है तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं रहती। यह केवल नशामुक्ति की कहानी नहीं बल्कि आत्मसम्मान, एकता और बेहतर भविष्य की दिशा में उठाए गए मजबूत कदम की कहानी है।</div>
<div style="text-align:justify;">        <strong>*कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178068/the-picture-changed-through-persuasion-and-strictness-drug-free-villages</link>
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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:19:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानाचार्य व थारू जनजाति के दो छात्रो ने सीएम योगी से किया शिष्टाचार भेट ,</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong>महाराणा प्रताप ग्रामोदय इंटर कॉलेज इमिलिया कोडर के प्रधानाचार्य व थारू जनजाति के दो छात्रो ने सीएम योगी से शिष्टाचार भेट किया ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  पचपेड़वा-दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित महाराणा प्रताप ग्रामोदय इमिलिया कोडर बलरामपुर के दो छात्रो ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पोस्टर पर प्रतिमा बनाया था, प्रतिमा बनाकर छात्रो ने विद्यालय के प्रधानाचार्य व सचिव दीन दयाल शोध संस्थान गोंडा से मिले तत्पश्चात सचिव रामकृष्ण ने दो छात्रो व विद्यालय के प्रधानाचार्य को मिलने के संदर्भ मे मुख्यमन्त्री से समय लिया और 24 अप्रैल को सायंकाल 5:15 पर मुख्यमंत्री आवास लखनऊ मे मुख्यमंत्री</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177365/principal-and-two-students-of-tharu-tribe-paid-courtesy-call"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260426-wa0414.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong>महाराणा प्रताप ग्रामोदय इंटर कॉलेज इमिलिया कोडर के प्रधानाचार्य व थारू जनजाति के दो छात्रो ने सीएम योगी से शिष्टाचार भेट किया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> पचपेड़वा-दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित महाराणा प्रताप ग्रामोदय इमिलिया कोडर बलरामपुर के दो छात्रो ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पोस्टर पर प्रतिमा बनाया था, प्रतिमा बनाकर छात्रो ने विद्यालय के प्रधानाचार्य व सचिव दीन दयाल शोध संस्थान गोंडा से मिले तत्पश्चात सचिव रामकृष्ण ने दो छात्रो व विद्यालय के प्रधानाचार्य को मिलने के संदर्भ मे मुख्यमन्त्री से समय लिया और 24 अप्रैल को सायंकाल 5:15 पर मुख्यमंत्री आवास लखनऊ मे मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार शुक्ल और कक्षा 9 वी के छात्र बलराज चौधरी तथा रमन राणा द्वारा बनाई गई प्रतिमा को माननीय मुख्यमंत्री को सप्रेम भेट की गई जिससे माननीय मुख्यमंत्री प्रसन्न हुए और इन गरीब घर के बच्चो को माननीय मुख्यमंत्री से मिलना बड़ी गर्व की बात है वही इस अवसर पर दयाल शोध संस्थान द्वारा पचपेड़वा से सेमरहवा गांव से सड़क का चोड़ी करण / रेलवे क्रशिंग पर अंडर पास,थारू संग्रहालय मे भगवान बिरसा मुण्डा की आदम कद प्रतिमा, महाराणा प्रताप ग्रामोदय इण्टर कॉलेज आवासीय विद्यालय हेतु सुंदर एवम सुसज्जित भवन आदि कार्यो के प्रस्ताव का निवेदान किया गया ,मुख्यमंत्री का इन कार्यो को कराने के लिए सहमति देने के लिए ग्रामोदय इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा आभार व्यक्त किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 21:24:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्र सार्थक त्रिपाठी ने गणित में 95% अंक प्राप्त कर किया क्षेत्र और विद्यालय का नाम रोशन</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश। </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के विकास नगर स्थित RLB सेक्टर-3 के निवासी छात्र सार्थक त्रिपाठी ने अपनी शानदार शैक्षणिक उपलब्धि से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया है। सार्थक ने हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में गणित विषय में सर्वाधिक 95% अंक प्राप्त किए हैं, जबकि उनका कुल प्रतिशत 92% रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">सार्थक, अधिवक्ता  विवेक कुमार त्रिपाठी के पुत्र हैं और शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती व अनुशासित छात्र माने जाते हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत, लगन और पढ़ाई के प्रति समर्पण को मुख्य कारण बताया जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176324/student-sarthak-tripathi-brought-glory-to-the-region-and-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-15-at-22.37.39.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश। </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के विकास नगर स्थित RLB सेक्टर-3 के निवासी छात्र सार्थक त्रिपाठी ने अपनी शानदार शैक्षणिक उपलब्धि से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया है। सार्थक ने हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में गणित विषय में सर्वाधिक 95% अंक प्राप्त किए हैं, जबकि उनका कुल प्रतिशत 92% रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">सार्थक, अधिवक्ता  विवेक कुमार त्रिपाठी के पुत्र हैं और शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती व अनुशासित छात्र माने जाते हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत, लगन और पढ़ाई के प्रति समर्पण को मुख्य कारण बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय की शिक्षिका अंशु रस्तोगी ने सार्थक की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि, “सार्थक ने अपनी मेहनत और लगन से स्कूल का नाम रोशन किया है। वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा हैं।” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सार्थक आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-15-at-22.37.39.jpeg" alt="छात्र सार्थक त्रिपाठी ने गणित में 95% अंक प्राप्त कर किया क्षेत्र और विद्यालय का नाम रोशन" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, सार्थक के माता-पिता ने बताया कि उनके बेटे ने इस सफलता के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा, “हमें अपने बेटे पर गर्व है। उसकी मेहनत का ही यह परिणाम है। हम उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह आगे भी इसी तरह परिवार और समाज का नाम रोशन करता रहेगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्र में भी सार्थक की इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की उपलब्धियाँ यह दर्शाती हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:03:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंक पत्र पाकर खिले बच्चों के चेहरे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर |</strong> आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महदेवा उसका बाजार में विद्यार्थियों को अंक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अंक पत्र पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।</div>
<div style="text-align:justify;">विद्यालय के अमन, रंजना, संध्या गुप्ता, रितेश, ममता, अर्पिता, दिव्यांश, आर्यांशी एवं रजनीश ने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अपर्णा, अनन्या, सरिता, खुशी, चांदनी, शशि, प्रिया, विनय एवं अतुल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार अभिषेक, शिवम, संध्या, अंकित, संजना, सविता, अनूप एवं दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।   </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को अंक पत्र प्रदान कर सम्मानित किया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174694/the-faces-of-the-children-lit-up-after-receiving-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774963524610.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर |</strong> आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महदेवा उसका बाजार में विद्यार्थियों को अंक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अंक पत्र पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।</div>
<div style="text-align:justify;">विद्यालय के अमन, रंजना, संध्या गुप्ता, रितेश, ममता, अर्पिता, दिव्यांश, आर्यांशी एवं रजनीश ने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अपर्णा, अनन्या, सरिता, खुशी, चांदनी, शशि, प्रिया, विनय एवं अतुल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार अभिषेक, शिवम, संध्या, अंकित, संजना, सविता, अनूप एवं दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को अंक पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सभी छात्र-छात्राएं  आगे बढ़कर अपने माता-पिता एवं विद्यालय का नाम रोशन करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक आदित्य शंकर पाण्डेय, रामकेश यादव, सरिता, अमित पाण्डेय, मनोज दूबे, प्रमोद दूबे, हरीश, रामभवन, संध्या, आंचल, जया, मोनिका, संजय, नितीश गोस्वामी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 22:52:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 करोड़ से ज्यादा की लागत से बनी सड़क का विधायक ने किया लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मंगलवार को पाली–सुरियावां मार्ग का लोकार्पण कर विधायक विपुल दुबे ने इसे जनता को समर्पित किया। करीब 10 करोड़ 89 लाख 38 हजार रुपये की लागत से तैयार यह सड़क अब क्षेत्र के लिए लाइफलाइन साबित होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुरियावां क्षेत्र के महजूदा बाजार के पास घोरहा गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। ज्ञानपुर–दुर्गागंज मार्ग से होकर सुरियावां को जोड़ने वाली इस सड़क के बनने से आवागमन बेहद सुगम हो गया है, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलने</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174725/mla-inaugurated-the-road-built-at-a-cost-of-more"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/414.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मंगलवार को पाली–सुरियावां मार्ग का लोकार्पण कर विधायक विपुल दुबे ने इसे जनता को समर्पित किया। करीब 10 करोड़ 89 लाख 38 हजार रुपये की लागत से तैयार यह सड़क अब क्षेत्र के लिए लाइफलाइन साबित होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुरियावां क्षेत्र के महजूदा बाजार के पास घोरहा गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। ज्ञानपुर–दुर्गागंज मार्ग से होकर सुरियावां को जोड़ने वाली इस सड़क के बनने से आवागमन बेहद सुगम हो गया है, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक विपुल दुबे ने कहा कि पहले क्षेत्र में अराजकता और दबंगई का माहौल था, लेकिन अब तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बिना भेदभाव के हर वर्ग और समुदाय तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस मार्ग के निर्माण से आसपास के गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और लोगों का समय व संसाधन दोनों की बचत होगी। ग्रामीणों ने भी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर खुशी जताते हुए जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर नगर पंचायत सुरियावां अध्यक्ष विनय चौरसिया, नगर पंचायत ज्ञानपुर अध्यक्ष घनश्याम दास गुप्ता, भरतराज सिंह, राजित राम यादव, राम नारायन दुबे, वन शुक्ला, हरिओम सिंह, रमेश पांडेय, रमेश पासी, ग्राम प्रधान सुरेश गुप्ता,महजूदा ग्राम प्रधान राजमणि पांडेय,ग्राम प्रधान रवितोष बिन्द, विनय यादव,बेचूलाल बिन्द, सुबाष बिन्द, नागेंद्र सिंह, आदर्श पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गायक कलाकार रमेश भावरा ने अपने गीतों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।</div>
</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 22:52:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामाजिक बदलाव में किताब की भूमिका' विषय पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. धीरेन्द्र वर्मा शताब्दी सभागार में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. जिसका विषय 'सामाजिक बदलाव में किताब की भूमिका' था. मुख्य वक्ता प्रो. अर्चना सिंह थी तथा अध्यक्षता हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो. लालसा यादव ने की. मुख्य अतिथि के रुप में कला संकाय के डीन प्रो. वी. के. राय उपस्थित थे.कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं प्रस्तावना डॉ. दीनानाथ मौर्य ने रखी , कार्यक्रम का संयोजन हिंदी विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. संतोष भदौरिया ने किया.</div>
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<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के प्रारम्भ में संयोजक प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171833/special-lecture-organized-by-allahabad-university-on-the-role-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001619430.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. धीरेन्द्र वर्मा शताब्दी सभागार में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. जिसका विषय 'सामाजिक बदलाव में किताब की भूमिका' था. मुख्य वक्ता प्रो. अर्चना सिंह थी तथा अध्यक्षता हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो. लालसा यादव ने की. मुख्य अतिथि के रुप में कला संकाय के डीन प्रो. वी. के. राय उपस्थित थे.कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं प्रस्तावना डॉ. दीनानाथ मौर्य ने रखी , कार्यक्रम का संयोजन हिंदी विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. संतोष भदौरिया ने किया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के प्रारम्भ में संयोजक प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने एक परिचयात्मक वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि सं 2024 में प्रेमचंद की जयंती पर 'किताबें कुछ कहना चाहती हैं 'पुस्तकालय की शुरुआत निजी प्रयास से हुई थी। पुस्तकालय का कुशल संचालन शोधार्थियों द्वारा अबाधित रूप से किया जाता रहा है। इस पुस्तकालय में सभी विधाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं। प्रोफेसर भदौरिया ने पुस्तकालय के लिए शुभचिंतक शिक्षकों व विद्यार्थियों का आभार ज्ञापित करने के क्रम में बताया कि प्रो.राजेंद्र कुमार ने पुस्तकालय हेतु किताबें दी</div>
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<div style="text-align:justify;">डॉ० सूर्यनारायण सिंह, डॉ० दीनानाथ मौर्य, प्रो.अब्दुल बिस्मिल्लाह, श्री पंकज चतुर्वेदी, श्री असरार गाँधी, श्री संजय पाण्डेय डॉ० जनार्दन आदि ने लाइब्रेरी के लिए बहुमूल्य पुस्तकें तथा मेरे शोध छात्र डॉ० अम्बरीश शुक्ल ने उन्हें सहेजने के लिए आलमारी भेंट की। शोध छात्रा उजाला यादव ने हाल ही में लगभग पांच हजार की नई किताबें भेंट की। प्रदर्शनी सहयोग के लिए प्रोफेसर भदौरिया ने अनु प्रिया , हरिओम कुमार,अभिषेक, धर्मवीर, जगदीश, सोम, रिया, पारस, ज्योति, श्वेता, सृष्टि, पारस के कार्य को सराहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तत्पश्चात इलाहाबाद विश्वविद्यालय कला संकाय के डीन एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो० वी के राय नेकहा कि दरअसल किताबें जो कहना चाहती हैं और प्रदर्शनी जो कहना चाहती हैं उन दोनों में एक तारतम्यता है। किताबें हमारी सोच को विकसित करने, हमारी काया को अमूर्त से मूर्त रूप देने का कार्य करती हैं। किताबें क्या कहना चाहती हैं इस बात का उत्तर देते हुए वे कहते हैं कि “किताबें कहना चाहती हैं कि यदि तुम मेरे पास आओगे तो मैं तुम्हारे जीवन का दिशा निर्देश करूंगी।” प्रो० वी के राय के अनुसार बड़े सा बड़ा बदलाव लाने में किताबें सक्षम हैं। हमारी सोच में परिवर्तन उसमें क्रांतिकारी भावना लाने का काम भी किताबें करती आ रही हैं। वे अपनी बात को उदाहरण द्वारा पुष्ट करते हुए कहते हैं कि हिंद स्वराज जो 1909 में लिखी गई, उसका स्वतंत्रता आंदोलन में व्यापक प्रभाव पड़ा। इस दृष्टि से पुस्तकें संप्रेषण का सबसे सशक्त माध्यम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेष व्याख्यान की मुख्य वक्ता प्रो. अर्चना सिंह ने कहा कि समाज के बदलाव में किताबों ने बड़ी भूमिका निभाई है। वह सामाजिक परिवर्तन में किताबों की भूमिका एवं महत्व पर अपनी राय रखते हुए कहती हैं कि निश्चित ही इस सामाजिक परिवर्तन के युग में किताबें नए रूप में आएंगी। प्रो.अर्चना 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध की बात करते हुए कहती हैं कि उस समय किताबें तो एक छोटा समुदाय ही लिख रहा था परन्तु एक बड़ा तबका किताबों को पढ़ रहा था। जिससे सामाजिक चेतना के साथ- साथ अस्मिता और आकांक्षा का निर्माण हो रहा था। लेखक इतिहास से प्रतीक को लेकर किताबों में उसे नए अर्थ में प्रयोग कर रहा था। उस समय पाठक पुस्तक की समीक्षा भी करते थे और एक समृद्ध बहस भी होती थी जिससे नया क्रिएशन होता था। उस समय अंबेडकर जो लिख रहे थे उसका निचले तबके तक पहुंच बनाने के लिए अनुवाद किया जा रहा था.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किताबों द्वारा अस्मिता निर्माण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर आंबेडकर के विचारों को ट्रांसलेट किया जा रहा था तो दूसरी ओर हमारी अस्मिता के लिए भी लिखा जा रहा था। भारतीय समाज में स्त्री विमर्श से संबंधित कई पुस्तकें लिखी गई.महादेवी वर्मा से लेकर आज तक। हमारे समाज में किताबों ने लोगों के सपनो को जगाया है। सामाजिक परिवर्तन डिजिटलाइजेशन और बाज़ार से भी  हुआ है उसमें किताबों पर बाजार से उतना खतरा नहीं है। गाजीपुर और आजमगढ़ में पुस्तक मेला लगता है तो पाठक किताबों को छूते है जो उनके अंदर क्यूरियोसिटी जगाते हैं। जिस समाज में सेक्सुअलिटी जैसे विषयों पर बातचीत नहीं होती उसको भी अपना विषय बनाती हैं। पढ़ने की संस्कृति पुस्तक पुस्तिकाओं की समाज में हमेशा जरूरत बनी रहेंगी। किताबें कभी अप्रासंगिक नहीं होती हैं, वे नए रूप में हमारे सामने आती रहेंगी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रोफेसर लालसा यादव ने किताबों के महत्व को प्रतिपादित किया। वे कहती हैं कि - 'पढ़ते समय हो सकता है किताबें बोझिल लगेंगी लेकिन अंततः किताबें आपको सुकून देती हैं, आपकी भाषा को समृद्ध करती हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि कई बार विद्यार्थी ज्ञान होते हुए भी उत्तर देने में सक्षम नहीं होते हैं, कारण यह कि ज्ञान को वे संयोजित नहीं कर पा रहे हैं। किताबें पढ़ने से बातों को संयोजित करने का गुण आता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विशेष रुप से विभाग की अध्यक्ष प्रो. लालसा यादव, जी बी पंत संस्थान से प्रो. अर्चना सिंह, संयोजक प्रो. संतोष भदौरिया,प्रो. शिव प्रसाद शुक्ल प्रो. कल्पना वर्मा, प्रो. राकेश सिंह,प्रो राजेश गर्ग,श्री प्रवीण शेखर, श्री संजय पाण्डेय डॉ. दीनानाथ मौर्य, डॉ. अमितेश कुमार,डॉ. जनार्दन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शोधार्थी शामिल रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 22:11:08 +0530</pubDate>
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