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                <title>उत्तर प्रदेश समाचार - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>उत्तर प्रदेश समाचार RSS Feed</description>
                
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                <title>एक दुल्हन के लिए आ गए दो दूल्हे: बैंक्वेट हॉल के बाहर हो गया माहौल तनावपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>अमरोहा शहर में रविवार को एक शादी समारोह उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब एक ही दुल्हन के लिए दो अलग-अलग बरातें बैंक्वेट हॉल पहुंच गईं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर मामला संभालना पड़ा। बाद में संभल से आई बरात दुल्हन को विदा करके ले गई।</p><p style="text-align:justify;">इसी दौरान परिजनों ने जल्दबाजी में बेटी का रिश्ता संभल निवासी दूसरे युवक से तय कर दिया और 12 अप्रैल को ही विवाह कराने की तैयारी कर ली। रविवार को कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में शादी समारोह चल रहा था। दोपहर करीब दो बजे संभल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176072/two-grooms-came-for-one-bride-the-atmosphere-became-tense"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/69dc59693cdb1.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>अमरोहा शहर में रविवार को एक शादी समारोह उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब एक ही दुल्हन के लिए दो अलग-अलग बरातें बैंक्वेट हॉल पहुंच गईं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर मामला संभालना पड़ा। बाद में संभल से आई बरात दुल्हन को विदा करके ले गई।</p><p style="text-align:justify;">इसी दौरान परिजनों ने जल्दबाजी में बेटी का रिश्ता संभल निवासी दूसरे युवक से तय कर दिया और 12 अप्रैल को ही विवाह कराने की तैयारी कर ली। रविवार को कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में शादी समारोह चल रहा था। दोपहर करीब दो बजे संभल से बरात पहुंची और निकाह की तैयारियां शुरू हो गईं। इसी बीच मुरादाबाद से पहले तय दूल्हा भी सेहरा बांधकर बरातियों के साथ मौके पर पहुंच गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। एक ही दुल्हन के लिए दो बरातें पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।</p><p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुल्हन से उसकी इच्छा जानी, जिस पर उसने अपने परिजनों की सहमति से संभल से आए दूल्हे के साथ निकाह करने की बात कही। इसके बाद पुलिस मुरादाबाद से आए दूल्हे को अपने साथ कोतवाली ले गई, जहां उसे शाम तक बैठाए रखा गया, जबकि उसके बराती बाहर इंतजार करते रहे। उधर, निकाह की रस्म पूरी होने के बाद दुल्हन को लेकर संभल की बरात रवाना हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 21:54:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गायत्री साधना से जुड़कर मानव कल्याण का संदेश दे रही कलश यात्रा - अशोक शर्मा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong>क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति शक्ति कलश यात्रा यहां पहुंचकर जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर किया। गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सद्गुणों के विकास और दुर्गुणों के उन्मूलन का प्रेरक अभियान बन चुकी है। मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण की प्रक्रिया को लेकर गांव गांव गायत्री उपासना साधना से जोड़ने का काम और वर्तमान में चल रहे विनाशकारी प्रकृति की नाराज़गी को रोकते हुए मानव मात्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176030/kalash-yatra-is-giving-the-message-of-human-welfare-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1-6.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong>क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति शक्ति कलश यात्रा यहां पहुंचकर जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर किया। गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सद्गुणों के विकास और दुर्गुणों के उन्मूलन का प्रेरक अभियान बन चुकी है। मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण की प्रक्रिया को लेकर गांव गांव गायत्री उपासना साधना से जोड़ने का काम और वर्तमान में चल रहे विनाशकारी प्रकृति की नाराज़गी को रोकते हुए मानव मात्र के कल्याण को लेकर ज्योति शक्ति कलश यात्रा पूरे उत्तर प्रदेश में चल रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को जैसे ही कलश यात्रा शुकुल बाजार पहुंची, पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल छा गया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। कलश के आगमन पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया और भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर, दीप प्रज्वलित कर और भक्ति भाव से नतमस्तक होकर कलश का अभिनंदन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर शांतिकुंज से कलश यात्रा लेकर आए हुए टोली नायक समर बहादुर,धर्मेश्वर किरार, सत्य नारायण पांडेय ने कहा कि यह ज्योति कलश मानव जीवन में आत्मशुद्धि, सदाचार और सेवा भाव का प्रतीक है। यह यात्रा हमें अपने भीतर की नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागकर सत्य, प्रेम, करुणा और संयम जैसे सद्गुणों को अपनाने की प्रेरणा देती है। समाज में बढ़ती विकृतियों को दूर करने के लिए ऐसे आध्यात्मिक अभियानों की आज अत्यंत आवश्यकता है।कार्यक्रम में शुकुल बाजार ब्लॉक समन्वयक अशोक शर्मा, ब्लॉक मीडिया प्रभारी दीपक पाठक , गुड्डू तिवारी,  दुर्गेश सहित गायत्री परिवार एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभी ने एक स्वर में समाज को नैतिक मूल्यों पर आधारित बनाने और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।ज्योति कलश यात्रा ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और स्थानों का भ्रमण कर लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत किया। यह यात्रा सत्थिन में राजकुमार कौशल के आवास से प्रारंभ होकर पूरे बख्तावर, आसाराम पांडे के यहां, जैनबगंज, अनंतराम, हरखूमऊ स्थित गायत्री मंदिर, जगपाल बाबा, इन्दरिया में राजेंद्र प्रताप सिंह के यहां पहुंची।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा पूरे रामदीन गांव में अवधेश मिश्रा, शुकुल बाजार में ध्रुव केश शर्मा व राजकुमार कौशल धर्मशाला, पांडेयगंज में मनोज तिवारी, भोजा तिवारी गांव, अंदीपुर के गायत्री मंदिर, हनुमान मंदिर में रमेश शुक्ला, पाली में सुनील साहू, तेंदुआ में रवि गिरी व जीत तिवारी में दिलीप तिवारी तथा पूरे रग्घू सुधीर शुक्ला के यहां श्रद्धापूर्वक कलश का स्वागत किया गया।अंत में दीप यज्ञ, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा। श्रद्धालुओं को नैतिक जीवन, संयमित आचरण और सेवा भाव अपनाने का संदेश दिया गया। रात्रि प्रवास, भोजन-प्रसाद वितरण और सामूहिक साधना के साथ यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, और सुबह टोली को विदाई दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 20:52:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीएम युवा मिशन,स्वरोजगार की दौड़ में जौनपुर जनपद बना प्रदेश में नंबर-1</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर।</strong></div>
<div>  </div>
<div>उत्तर प्रदेश सरकार का सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है।इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था।</div>
<div>  </div>
<div>आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में प्रदेश के सभी जिलों को पछाड़ते हुए जौनपुर ने पूरे उत्तर प्रदेश में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174993/cm-youth-mission-jaunpur-district-becomes-number-1-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001795146.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर।</strong></div>
<div> </div>
<div>उत्तर प्रदेश सरकार का सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है।इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था।</div>
<div> </div>
<div>आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में प्रदेश के सभी जिलों को पछाड़ते हुए जौनपुर ने पूरे उत्तर प्रदेश में बेहतर मुकाम हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी कार्यकुशलता का परचम लहरा दिया है।इस उपलब्धि के पीछे जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह का नेतृत्व और उनकी संवेदनशील कार्यशैली को अहम माना जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>          इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष पूरे प्रदेश से तीन लाख 86 हजार 092 युवाओं ने ऋण के लिए आवेदन किया। इनमें तीन लाख 30 हजार 441 आवेदनों को बैंक को अग्रसारित किया गया। एक लाख 45 हजार 454 आवेदनों को बैंक ने लोन देने पर स्वीकृति दी। अब तक एक लाख 38 हजार 304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।</div>
<div> </div>
<div>          सीएम युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  जौनपुर जनपद को विकास मुख्यधारा से जोड़ने वाले,जनलोकप्रिय,कृत्यवनिष्ठ व न्यायप्रिय जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को अभियान के तहत दो हजार 700 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था।</div>
<div> </div>
<div>इसके सापेक्ष नौ हजार 785 आवेदन प्राप्त हुए। उनमें आठ हजार 406 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें चार हजार 092 आवेदकों को ऋण वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष 151.56 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया। जिलाधिकारी श्री सिंह ने बताया कि लक्ष्य से अधिक ऋण वितरित कर जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।</div>
<div> </div>
<div>पूरे वित्तीय वर्ष जौनपुर की स्थिति पहले स्थान पर बनी रही।इसी क्रम में बताते चले कि जिलाधिकारी की सख्ती और कुशल निर्देशन का ही असर रहा जो सीएम युवा मिशन स्वरोजगार की दौड़ में बेहतर स्थिति हासिल की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेयरमैन व पूर्व चेयरमैन पुत्र के बीच हुआ विवाद, केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सिद्धार्थनगर | </strong>शोहरतगढ़  नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल व उनके पति रवि अग्रवाल के खिलाफ अमर्यादित व आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए पूर्व चेयरमैन बबीता कसौधन के पुत्र सौरभ गुप्ता ने फेसबुक शान ए शोहरतगढ़ पर पोस्ट कर दिया।इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कर लिया है।</div>
<div>  </div>
<div>नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल सोमवार की सायंकाल अपने घर के सामने खड़ी थी कि इसी दौरान सौरभ गुप्ता अपने आवास पर जा रहे थे।दोनों पक्षों का आवास आमने-सामने हैं।उमा अग्रवाल ने सौरभ से कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174700/case-registered-for-dispute-between-chairman-and-former-chairmans-son"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/cc10.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सिद्धार्थनगर | </strong>शोहरतगढ़  नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल व उनके पति रवि अग्रवाल के खिलाफ अमर्यादित व आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए पूर्व चेयरमैन बबीता कसौधन के पुत्र सौरभ गुप्ता ने फेसबुक शान ए शोहरतगढ़ पर पोस्ट कर दिया।इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कर लिया है।</div>
<div> </div>
<div>नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल सोमवार की सायंकाल अपने घर के सामने खड़ी थी कि इसी दौरान सौरभ गुप्ता अपने आवास पर जा रहे थे।दोनों पक्षों का आवास आमने-सामने हैं।उमा अग्रवाल ने सौरभ से कहा कि इतनी शर्मनाक व अश्लील भाषा पोस्ट करते हुए पर शर्म नहीं आ रही है।एक महिला के ऊपर कीचड़ उछाल रहे हो।इतना कहते ही सौरभ गुप्ता आग बबूला हो गये और  हाथापाई होने लगा इतने में वहां दोनों पक्ष के लोग व मोहल्लावासी इकठ्ठा हो गये।</div>
<div> </div>
<div>थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह  पुलिस जवानों साथ  मौके पर पहुंच मामले को शांत कराया।अध्यक्ष उमा अग्रवाल ने सौरभ गुप्ता पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे खिलाफ यह पहली बार पोस्ट नहीं किया गया हैं आए दिन सौरभ गुप्ता मेरे व मेरे पति रवि अग्रवाल के खिलाफ अमर्यादित व आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए फेसबुक पर पोस्ट करते रहते हैं और आए  दिन धमकी देते रहते हैं ।इसी बात को लेकर कल शिकायत की तो मेरे खिलाफ उग्र हो गये और हाथापाई करने लगे।</div>
<div> </div>
<div>इस मामले में थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर  दोनों पक्ष के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर  विधिक   कार्रवाई के लिए  जांच की जा रही  है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 22:52:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्च प्राथमिक विद्यालय मोढ़ के प्रधानाध्यापक श्री गुलाबधर के सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई मोढ़ ,सुरियावां</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही </strong>उच्च प्राथमिक विद्यालय मोढ़ के प्रधानाध्यापक श्री गुलाबधर के सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी दीर्घकालीन सेवाओं को सराहा और उन्हें भावभीनी विदाई दी। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, तत्पश्चात विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। खंड शिक्षा अधिकारी यशवंत सिंह ने अपने संबोधन में श्री गुलाबधर के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय ने अनेक शैक्षिक एवं सहशैक्षिक उपलब्धियाँ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174708/emotional-farewell-to-mr-gulabdhar-principal-of-upper-primary-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/414.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही </strong>उच्च प्राथमिक विद्यालय मोढ़ के प्रधानाध्यापक श्री गुलाबधर के सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी दीर्घकालीन सेवाओं को सराहा और उन्हें भावभीनी विदाई दी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, तत्पश्चात विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। खंड शिक्षा अधिकारी यशवंत सिंह ने अपने संबोधन में श्री गुलाबधर के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय ने अनेक शैक्षिक एवं सहशैक्षिक उपलब्धियाँ प्राप्त कीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। एसआरजी विनय शंकर पांडेय ने भी प्रधानाध्यापक के कार्यों की प्रशंसा की। समस्त एआरपी ने अपने भाव एवम विचार प्रकट किए। इसके बाद अपने विदाई संबोधन में श्री गुलाबधर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए तथा विद्यार्थियों को सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का संचालन अखिलेश कुमार एवं राजेश कुमार गौतम द्वारा किया गया तथा विद्यालय स्टाफ में राजपति मौर्य को गुलाबधर सर द्वारा विद्यालय का प्रभार सौंपा गया, इस दौरान विद्यालय के रामलाल यादव,गंगा प्रसाद, ओम प्रकाश मिश्र, भरत पटेल, सुभाष जैसवार, वेद प्रकाश रघुवंशी , सुभाष पाल, बंशराज मौर्य,साथ काफी संख्या  अध्यापक में उपस्थित र</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174708/emotional-farewell-to-mr-gulabdhar-principal-of-upper-primary-school</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 22:52:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र  में 3 सड़कों को मिली स्वीकृतिः 3.83 करोड़ की लागत से होगा निर्माण, आवागमन  सुगम होगा </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर | </strong>शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बढ़नी ब्लाक के तीन सड़कों को वित्तीय स्वीकृति शासन से मिल गई है। तीनों सड़कों के बनने से क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा के प्रयास से 383 लाख रुपए की लागत से यह तीनों सड़कें बनेंगी।   </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">    बढ़नी ब्लाक में स्थित 600 मीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा से बाबा असरथदास समाधि स्थल तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य 54.17 लाख रुपए से होगा।2.300 किमी लंबे ढ़ेकहरी बुजुर्ग से ढ़ेकहरी खुर्द संपर्क मार्ग का मिसिंग लिंक का निर्माण कार्य 205.23 लाख रुपए से होगा।इसी तरह 1.200 किमी लंबे बसहिया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174716/approval-for-3-roads-in-shohratgarh-assembly-constituency-construction-will"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774968344271-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर | </strong>शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बढ़नी ब्लाक के तीन सड़कों को वित्तीय स्वीकृति शासन से मिल गई है। तीनों सड़कों के बनने से क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा के प्रयास से 383 लाख रुपए की लागत से यह तीनों सड़कें बनेंगी।   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  बढ़नी ब्लाक में स्थित 600 मीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा से बाबा असरथदास समाधि स्थल तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य 54.17 लाख रुपए से होगा।2.300 किमी लंबे ढ़ेकहरी बुजुर्ग से ढ़ेकहरी खुर्द संपर्क मार्ग का मिसिंग लिंक का निर्माण कार्य 205.23 लाख रुपए से होगा।इसी तरह 1.200 किमी लंबे बसहिया समय माता स्थल तक सड़क का निर्माण कार्य 123.70 लाख रुपए से होगा।इन तीनों सड़कों के बनने से क्षेत्रीय लोगों को काफी सुविधा होगी। विधायक विनय वर्मा ने कहा कि  यह सड़कें क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव हैं। इनसे गांव का संपर्क बेहतर होगा। आम जनमानस को राहत मिलेगी और क्षेत्र की तरक्की को नई गति प्राप्त होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश के  मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण कार्य को स्वीकृति दी। </div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174716/approval-for-3-roads-in-shohratgarh-assembly-constituency-construction-will</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 22:52:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में ग्लूकोस फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का आंदोलन, प्रशासन ने लिया संज्ञान — 10 अप्रैल तक समाधान का आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राजधानी लखनऊ के कुंभरावा रोड स्थित पहाड़पुर क्षेत्र में संचालित एक ग्लूकोस फैक्ट्री को लेकर क्षेत्रीय किसानों में लंबे समय से आक्रोश व्याप्त था। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषित पानी, जहरीली हवा और उससे प्रभावित होती भूमि के कारण खेती-बाड़ी बर्बाद हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं समस्याओं को लेकर <strong>नव भारतीय किसान संगठन</strong> द्वारा 23 मार्च 2026 को बड़े धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। हालांकि, इससे पहले ही 22 मार्च को प्रशासन हरकत में आया और प्रदूषण विभाग के अधिकारी <strong>जेपी मौर्य</strong> अपनी टीम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173805/administration-took-cognizance-of-farmers-agitation-against-glucose-factory-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-22-at-16.22.05-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राजधानी लखनऊ के कुंभरावा रोड स्थित पहाड़पुर क्षेत्र में संचालित एक ग्लूकोस फैक्ट्री को लेकर क्षेत्रीय किसानों में लंबे समय से आक्रोश व्याप्त था। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषित पानी, जहरीली हवा और उससे प्रभावित होती भूमि के कारण खेती-बाड़ी बर्बाद हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं समस्याओं को लेकर <strong>नव भारतीय किसान संगठन</strong> द्वारा 23 मार्च 2026 को बड़े धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। हालांकि, इससे पहले ही 22 मार्च को प्रशासन हरकत में आया और प्रदूषण विभाग के अधिकारी <strong>जेपी मौर्य</strong> अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ महंगवां थाना पुलिस बल भी मौजूद रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-22-at-16.22.05-(1).jpeg" alt="लखनऊ में ग्लूकोस फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का आंदोलन, प्रशासन ने लिया संज्ञान — 10 अप्रैल तक समाधान का आश्वासन" width="737" height="491"></img></p>
<p style="text-align:justify;">टीम ने ग्लूकोस फैक्ट्री के पास जमा अत्यधिक प्रदूषित पानी का सैंपल लिया। इसके अलावा उतरौला गांव पहुंचकर वहां के नल के पानी का भी परीक्षण किया गया और उसकी गुणवत्ता की जांच की गई। अधिकारियों ने मौके पर किसानों की स्थिति का जायजा लिया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि <strong>10 अप्रैल 2026 तक क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी</strong>। इस आश्वासन के बाद फिलहाल प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-22-at-16.22.06.jpeg" alt="लखनऊ में ग्लूकोस फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का आंदोलन, प्रशासन ने लिया संज्ञान — 10 अप्रैल तक समाधान का आश्वासन" width="743" height="495"></img></p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, संगठन की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो <strong>15 अप्रैल 2026 को फैक्ट्री के बाहर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा</strong>, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नव भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला</strong> ने इस कार्रवाई को किसानों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि संगठन की एकजुटता और निरंतर प्रयासों के कारण ही प्रशासन को संज्ञान लेना पड़ा। उन्होंने सभी अधिकारियों का धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर समस्याओं को समझा, साथ ही संगठन के सभी पदाधिकारियों और किसानों का भी आभार जताया।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इससे न केवल खेती बल्कि पूरे क्षेत्र के जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अब सभी की नजरें 10 अप्रैल पर टिकी हैं, जब प्रशासन द्वारा किए गए वादों की असली परीक्षा होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(रिपोर्ट: स्वतंत्र प्रभात मीडिया)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:12:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस कमिश्नर  से मिला इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेलफेयर क्लब</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>शहर में पत्रकारों की सुरक्षा, कार्य में आने वाली बाधाओं और फर्जी पत्रकारों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इलाहाबाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेलफेयर क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष धीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान पत्रकारों ने फील्ड में रिपोर्टिंग करते समय होने वाली दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासनिक सहयोग के अभाव में कार्य प्रभावित होता है, वहीं दूसरी ओर “फर्जी पत्रकारों” की बढ़ती संख्या से वास्तविक पत्रकारों की साख को नुकसान पहुंच रहा है। क्लब</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173472/electronic-media-welfare-club-meets-police-commissioner"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260317-wa0195.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>शहर में पत्रकारों की सुरक्षा, कार्य में आने वाली बाधाओं और फर्जी पत्रकारों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इलाहाबाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेलफेयर क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष धीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान पत्रकारों ने फील्ड में रिपोर्टिंग करते समय होने वाली दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासनिक सहयोग के अभाव में कार्य प्रभावित होता है, वहीं दूसरी ओर “फर्जी पत्रकारों” की बढ़ती संख्या से वास्तविक पत्रकारों की साख को नुकसान पहुंच रहा है। क्लब के सदस्यों ने कहा कि ऐसे लोग पत्रकारिता के नाम पर गलत गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, जिससे पूरे पेशे की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन को एक प्रेस विज्ञप्ति भी सौंपते हुए मांग की कि फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। क्लब का कहना था कि जब तक ऐसे तत्वों पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक निष्पक्ष और ईमानदारी से काम करने वाले पत्रकारों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि वास्तविक पत्रकारों को सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान क्लब के अध्यक्ष धीरेंद्र द्विवेदी (भारत समाचार), सर्वेश दुबे (न्यूज़ 18), इमरान (इंडिया टीवी), विनय सिंह रघुवंशी (टाइम्स नाउ नवभारत), शोएब रिजवी (इंडिया वॉइस), सौरभ मिश्रा (एबीपी), गुफरान (ज़ी न्यूज़), सचिन प्रजापति (दैनिक भास्कर), विवेक श्रीवास्तव, आरिफ राजू और अंकित समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173472/electronic-media-welfare-club-meets-police-commissioner</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 17:13:51 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260317-wa0195.jpg"                         length="91040"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अप्रैल से स्कूली वाहनों पर सख्त चेकिंग अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन/प्रशासन) डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के तहत प्रत्येक विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य है,जो स्कूल वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेजों पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच सुनिश्चित करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन एवं वार्षिक स्वास्थ्य व नेत्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173431/strict-checking-campaign-on-school-vehicles-from-april"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/45.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन/प्रशासन) डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के तहत प्रत्येक विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य है,जो स्कूल वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेजों पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच सुनिश्चित करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन एवं वार्षिक स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण कराना भी आवश्यक है। कार्यालय परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के क्रम में सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा की संपूर्ण जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी। स्कूली वाहनों का संचालन मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अंतर्गत ही किया जाना अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया है कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्कूल बस, वैन और अन्य वाहनों की सुरक्षा मानकों के अनुसार जांच की जाएगी। यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसके पंजीकरण निलंबन के साथ-साथ संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में जारी निर्देशों को चेतावनी एवं विधिक नोटिस के रूप में मानते हुए सभी विद्यालयों को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, दुर्घटना या आपराधिक घटना की स्थिति में विद्यालय प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न खेत न बही, जो पुलिस कहे वही सही</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> जनपद के थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम पीरपुर निवासी एक लाचार पिता ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक निर्दोष राजमिस्त्री को "इनामी बदमाश" बताकर उसे फर्जी मुठभेड़ में मारने की साजिश रची। अब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से लेकर आलाधिकारियों तक न्याय की गुहार लगा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></div><div style="text-align:justify;">पीरपुर निवासी लल्लन के अनुसार, उनका पुत्र अच्छन बाबू पेशे से राजमिस्त्री है। घटना 11 मार्च 2026 की है, जब अच्छन अपने भाई हाशिम और एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर शहर के पटेलनगर से काम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173429/neither-fields-nor-rivers-whatever-the-police-say-is-right"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/0.0043.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> जनपद के थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम पीरपुर निवासी एक लाचार पिता ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक निर्दोष राजमिस्त्री को "इनामी बदमाश" बताकर उसे फर्जी मुठभेड़ में मारने की साजिश रची। अब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से लेकर आलाधिकारियों तक न्याय की गुहार लगा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></div><div style="text-align:justify;">पीरपुर निवासी लल्लन के अनुसार, उनका पुत्र अच्छन बाबू पेशे से राजमिस्त्री है। घटना 11 मार्च 2026 की है, जब अच्छन अपने भाई हाशिम और एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर शहर के पटेलनगर से काम खत्म कर घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में नीमगांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें बिना बताए हिरासत में ले लिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>परिजनों के संगीन आरोप-</strong></div><div style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि गिरफ्तारी के 7 घंटे तक पुलिस ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। जब काफी खोजबीन के बाद मुख्यमंत्री और पुलिस महानिरीक्षक को ट्वीट कर शिकायत की गई, तब जाकर पुलिस ने छोटे बेटे हाशिम के फोन से परिजनों को गिरफ्तारी की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>पीड़ित पिता द्वारा उठाए गए मुख्य सवाल---</strong></div><div style="text-align:justify;">इनाम की कहानी: पुलिस का दावा है कि अच्छन बाबू पर 50,000 रुपये का इनाम था। पिता का सवाल है कि यदि वह इतना बड़ा अपराधी था, तो पुलिस ने कभी घर पर दबिश क्यों नहीं दी? वह रोज शहर में खुलेआम काम कैसे कर रहा था?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>लोकेशन का खेल-----</strong></div><div style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप है कि अच्छन को शाम 6 बजे लखीमपुर शहर से पकड़ा गया, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी 20 किमी दूर बांछेपारा गांव से रात में दिखाई है। साथ ही नाजायज असलहा और कारतूस की बरामदगी को भी पूरी तरह फर्जी बताया जा रहा है।साजिस या इत्तेफाक? घटना से दो दिन पहले कुछ लोग सादी वर्दी में घर आए थे, जिन्होंने आधार कार्ड और फोटो लिए थे। आरोप है कि यह सब एक "फर्जी एनकाउंटर" की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया गया था।"मेरे बेटे को प्रमोशन के लालच में फंसाया गया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फरधान पुलिस, नीमगांव पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर यह घटिया कृत्य किया है। हम मांग करते हैं कि पुलिसकर्मियों के मोबाइल लोकेशन की जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।"लल्लन (पीड़ित पिता) जांच की उठ रही मांग पीड़ित परिवार ने इस पूरे प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस ने जिस आरोपी के बयान पर अच्छन को पकड़ा है, वह पूरी तरह निराधार है। ग्रामीणों में भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराता है या "खाकी" का रसूख सच्चाई पर भारी पड़ता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:18:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेरह साल का इंतज़ार और एक कठिन विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मानव जीवन की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक यह है कि कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा बहुत धुंधली हो जाती है। सामान्यतः हम जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जीवन को ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार माना जाता है। लेकिन कुछ परिस्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जब जीवन केवल सांसों का चलना भर रह जाता है और उसमें चेतना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संवाद और मानवीय गरिमा लगभग समाप्त हो जाती है। हाल के दिनों में चर्चा में आए हरीश राणा का मामला इसी विडंबना का एक अत्यंत मार्मिक उदाहरण बनकर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173408/thirteen-years-of-waiting-and-a-difficult-farewell"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/images-(1)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मानव जीवन की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक यह है कि कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा बहुत धुंधली हो जाती है। सामान्यतः हम जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जीवन को ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार माना जाता है। लेकिन कुछ परिस्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जब जीवन केवल सांसों का चलना भर रह जाता है और उसमें चेतना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संवाद और मानवीय गरिमा लगभग समाप्त हो जाती है। हाल के दिनों में चर्चा में आए हरीश राणा का मामला इसी विडंबना का एक अत्यंत मार्मिक उदाहरण बनकर सामने आया है। यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह चिकित्सा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कानून</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं के जटिल प्रश्नों को सामने लाने वाली घटना है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरीश राणा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले एक युवा थे। वर्ष </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">2013 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में एक दुर्घटना ने उनका जीवन पूरी तरह बदल दिया। बताया जाता है कि वह पढ़ाई के दौरान एक इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और वह स्थायी कोमा जैसी अवस्था में चले गए। इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्सिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कहा जाता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें व्यक्ति जीवित तो रहता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसके मस्तिष्क की चेतन क्रियाएँ लगभग समाप्त हो जाती हैं। वह न बोल सकता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न चल सकता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न अपने आसपास की दुनिया को समझ सकता है। हरीश पिछले तेरह वर्षों तक इसी अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूलते रहे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन वर्षों में उनका जीवन केवल चिकित्सा उपकरणों</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दवाइयों और कृत्रिम पोषण के सहारे चल रहा था। परिवार ने उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी। माता-पिता ने अपने बेटे को जीवित रखने के लिए हर संभव प्रयास किया। कई अस्पतालों में इलाज कराया गया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ली गई</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। समय बीतने के साथ-साथ यह स्पष्ट होता गया कि अब उनके ठीक होने की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है। डॉक्टरों ने भी यही राय दी कि मस्तिष्क को हुई गंभीर क्षति के कारण उनका सामान्य जीवन में लौटना लगभग असंभव है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी माता-पिता के लिए यह स्थिति अत्यंत पीड़ादायक होती है। एक ओर उनके सामने अपने बच्चे को खो देने का भय होता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर उसे इस तरह निर्जीव अवस्था में वर्षों तक देखना भी कम कष्टदायक नहीं होता। हरीश राणा के परिवार ने लगभग तेरह वर्षों तक इस पीड़ा को सहा। उन्होंने अपने बेटे की सेवा में दिन-रात बिताए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अंततः यह प्रश्न उनके सामने खड़ा हो गया कि क्या केवल सांस चलना ही जीवन कहलाता है। जब किसी व्यक्ति की चेतना समाप्त हो जाए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जब वह अपने अस्तित्व का अनुभव भी न कर सके</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब क्या उसे कृत्रिम साधनों के सहारे जीवित रखना मानवीय है या अमानवीय</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">?</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन्हीं सवालों के साथ हरीश के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि उनके बेटे को </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">इच्छा मृत्यु</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थात् पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी जाए। यह एक अत्यंत संवेदनशील और जटिल कानूनी विषय है। भारत में सक्रिय इच्छामृत्यु यानी किसी व्यक्ति को जानबूझकर दवा देकर मृत्यु देना कानूनन अवैध है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पैसिव यूथेनेशिया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की अनुमति दी जा सकती है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपचार या उपकरणों को हटाया जाता है और मरीज को प्राकृतिक रूप से मृत्यु आने दी जाती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए हरीश राणा के जीवन-रक्षक उपचार को हटाने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह निर्णय सुनाया। अदालत ने कहा कि व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और उसी प्रकार गरिमा के साथ मरने का अधिकार भी मानवीय अधिकारों का हिस्सा है। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती किया जाए और चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया अपनाई जाए।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस निर्णय के बाद जब हरीश राणा को एम्स ले जाया जा रहा था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब परिवार के बीच अत्यंत भावुक दृश्य देखने को मिला। परिवार के लोग उनके पास खड़े होकर उन्हें विदा दे रहे थे। एक आध्यात्मिक कार्यकर्ता ने उनके पास खड़े होकर कहा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, “</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सबको माफ करते हुए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ।</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह शब्द केवल एक व्यक्ति के लिए विदाई नहीं थे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन की गहरी सच्चाइयों को व्यक्त करने वाले शब्द थे। उस क्षण में वर्षों की पीड़ा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्ष</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आशा और निराशा सब एक साथ दिखाई दे रहे थे।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह घटना केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं है। इसने पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दिया है। सवाल यह है कि क्या जीवन को हर कीमत पर बनाए रखना आवश्यक है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर कभी-कभी व्यक्ति की गरिमा और पीड़ा को देखते हुए उसे प्राकृतिक मृत्यु की अनुमति देना अधिक मानवीय हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान का उद्देश्य जीवन को बचाना है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब जीवन केवल कृत्रिम उपकरणों पर निर्भर रह जाए और उसमें चेतना का कोई संकेत न हो</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब डॉक्टरों और परिवार के सामने नैतिक दुविधा खड़ी हो जाती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस मामले ने यह भी दिखाया कि चिकित्सा निर्णय केवल वैज्ञानिक नहीं होते</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनमें गहरी मानवीय संवेदनाएँ भी शामिल होती हैं। डॉक्टरों के लिए भी यह आसान निर्णय नहीं होता कि किसी मरीज के जीवन-रक्षक उपकरण हटाए जाएँ। इसलिए ऐसी स्थितियों में कई स्तरों पर चिकित्सकीय और कानूनी समीक्षा की जाती है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्णय पूरी तरह मानवीय</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिक और कानूनी आधार पर लिया गया है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरीश राणा का मामला भारत में इच्छामृत्यु से जुड़ी बहस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। इससे पहले भी </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरुणा शानबाग</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे मामलों ने इस विषय पर चर्चा को जन्म दिया था। लेकिन हरीश राणा का मामला इसलिए अलग है क्योंकि इसमें अदालत ने पहली बार स्पष्ट रूप से जीवन-रक्षक उपचार हटाने की अनुमति दी और इसे </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">गरिमा के साथ मृत्यु</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">” </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के अधिकार से जोड़ा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष यह है कि इसमें किसी प्रकार की सनसनी नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि केवल मानवीय पीड़ा और करुणा है। एक परिवार ने अपने बेटे को तेरह वर्षों तक संभालकर रखा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उम्मीद की कि शायद कोई चमत्कार हो जाए। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि वह कभी सामान्य जीवन में वापस नहीं लौट पाएगा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब उन्होंने भारी मन से उसे मुक्त करने का निर्णय लिया। यह निर्णय लेना किसी भी माता-पिता के लिए शायद दुनिया का सबसे कठिन निर्णय होता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि वह अनिश्चित है। कभी-कभी जीवन हमें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करता है जहाँ कोई भी विकल्प आसान नहीं होता। हरीश राणा की कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन केवल सांसों का नाम नहीं है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि चेतना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अनुभव और सम्मान के साथ जीने का नाम है। जब ये सब समाप्त हो जाएँ</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तब शायद मृत्यु भी एक प्रकार की मुक्ति बन जाती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस घटना ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। यह संदेश करुणा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदना और मानवीय गरिमा का है। यह हमें याद दिलाता है कि कानून और चिकित्सा के निर्णय केवल नियमों से नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मनुष्यता की गहराई से भी जुड़े होते हैं। हरीश राणा की कहानी अंततः हमें यही सिखाती है कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति प्रेम है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और कभी-कभी प्रेम का सबसे कठिन रूप किसी प्रिय व्यक्ति को शांति से विदा कर देना भी होता है।</span> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173408/thirteen-years-of-waiting-and-a-difficult-farewell</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 19:35:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>परसपुर: अहिरन पुरवा में आग का तांडव, गरीब की गृहस्थी जलकर राख</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>परसपुर (गोण्डा)</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मधईरपुर खांडेराय (अहिरन पुरवा) में रविवार दोपहर आग ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि एक गरीब परिवार की जमा-पूंजी और आशियाना पल भर में खाक हो गया। इस अग्निकांड में पीड़ित का हजारों का नुकसान हुआ है।दोपहर 3 बजे भड़की चिंगारी मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 3:00 बजे ग्रामीण भगत राम के छप्पर में अचानक आग लग गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तेज हवाओं और गर्मी के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते, आग ने पूरे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173392/the-orgy-of-fire-in-paraspur-ahiran-purva-poor-household"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1007350490.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>परसपुर (गोण्डा)</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मधईरपुर खांडेराय (अहिरन पुरवा) में रविवार दोपहर आग ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि एक गरीब परिवार की जमा-पूंजी और आशियाना पल भर में खाक हो गया। इस अग्निकांड में पीड़ित का हजारों का नुकसान हुआ है।दोपहर 3 बजे भड़की चिंगारी मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 3:00 बजे ग्रामीण भगत राम के छप्पर में अचानक आग लग गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तेज हवाओं और गर्मी के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते, आग ने पूरे छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया।नगदी और जेवरात समेत सब कुछ स्वाहा पीड़ित भगत राम ने भर्राए गले से बताया कि इस भीषण आग में उनकी जीवन भर की कमाई जल गई है। आग की भेंट चढ़ी वस्तुओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:</div>
<div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;">  नगदी: अटैची में रखे 20,000 रुपये नकद।</div>
<div style="text-align:justify;">  जेवरात व कीमती सामान: घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात।</div>
<div style="text-align:justify;"> अन्य सामग्री: अटैची में रखे कपड़े, घर का दरवाजा और गृहस्थी का सारा राशन व सामान।</div>
</blockquote>
</div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दमकल की देरी पर जताया रोष</strong></h5>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भगत राम ने बताया कि आग लगते ही उन्होंने तत्काल डायल 112 और दमकल विभाग (Fire Brigade) को सूचना दी थी। लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ी सूचना के करीब 1 घंटे बाद मौके पर पहुँची। तब तक आग सब कुछ जलाकर राख कर चुकी थी। ग्रामीणों की मदद से जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सिर्फ राख ही शेष बची थी।</div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस को दी गई तहरीरपीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है। इस संबंध में भगत राम ने परसपुर थाने में लिखित तहरीर देकर मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 21:07:03 +0530</pubDate>
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