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                <title>भीषण गर्मी - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>भीषण गर्मी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूखी नहरे सूखे तालाब पानी की तलाश में भटक रहे बेजुबान जानवर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भीषण गर्मी तपती धूप में बेजुबान पानी बगैर तरस रहे हैं जिले में सुखी नहरे तालाब गड्ढे में पानी न होने से जंगली जानवर नील गाय पशु पक्षी बेजुबान पानी के लिए तरस रहे हैं जिला प्रशासन एक के कमरों में बैठकर आदेश देती रहती है लेकिन सूखी नारे सूखे तालाब बेजुबानों के लिए हलक सूख रहा है जिला प्रशासन बिजवानों के लिए ना तो नहरे में पानी की व्यवस्था कर रहे हैं और ना ही तालाबों और नहरे में पानी छुड़वाने का काम कर रहे हैं कैसे बेजुबान जानवर भीषण तपती गर्मी में बेहाल नजर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177402/dry-canals-dry-ponds-dumb-animals-wandering-in-search-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भीषण गर्मी तपती धूप में बेजुबान पानी बगैर तरस रहे हैं जिले में सुखी नहरे तालाब गड्ढे में पानी न होने से जंगली जानवर नील गाय पशु पक्षी बेजुबान पानी के लिए तरस रहे हैं जिला प्रशासन एक के कमरों में बैठकर आदेश देती रहती है लेकिन सूखी नारे सूखे तालाब बेजुबानों के लिए हलक सूख रहा है जिला प्रशासन बिजवानों के लिए ना तो नहरे में पानी की व्यवस्था कर रहे हैं और ना ही तालाबों और नहरे में पानी छुड़वाने का काम कर रहे हैं कैसे बेजुबान जानवर भीषण तपती गर्मी में बेहाल नजर आ रहे हैं पानी के लिए तड़प रहे बेजुबान सूखी नहर तालाब जिम्मेदार बेपरवाह जिले के हरैया तहसील क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशु पक्षियों की हालत गंभीर जंगली जानवर गांव की तरफ पलायन कर रहे हैं जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान होने की आशंका है नहर तालाब और पोखरे पूरी तरह सूख चुके  जिससे पानी के अभाव में जानवर दर-दर भटकने को मजबूर ग्रामीण क्षेत्रों में इनका आवागमन हो गया है पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे जानवर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहे हैं क्षेत्र में जलस्रोतों की हालत बद से बदतर हो चुकी लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर सिर्फ आदेश जारी करने तक सीमित. धरातल पर कुछ दिखाई नहीं देता है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कागजों में लाखों रुपए का जलाशय भराव के लिए पैसा खर्च हो जा रहा है लेकिन स्थित सुखी तालाब नहरे बयां कर रही है कि भ्रष्टाचार करके जल स्रोतों का भंडारण नहीं हो पा रहा है नदिया सुख रही है नदियों की सफाई नहीं की जा रही जिसके कारण पानी नहीं रख रहा हैजमीनी स्तर पर राहत के कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं पानी की तलाश में पशु-पक्षी गांव और सड़कों की ओर भटक रहे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पानी की व्यवस्था कराने और सूखे जलस्रोतों को भरवाने की मांग की व्यवस्था करनी चाहिए </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह स्थिति भयावह हो सकती है बड़ी संख्या में बेजुबान जानवरों की जान जा सकती हैसवाल यह है कि आखिर कब जागेगा जिला प्रशासन बेजुबानों को कब जल का व्यवस्था कराएगी सरकार केवल कागजों में तालाबों में पानी भरा जा रहा है नहरे में पानी सप्लाई हो रही है लेकिन सब सुखी नजर आ रही है कहीं पानी की व्यवस्था सरकार नहीं कर पा रही है जिला प्रशासन आदेश देकर के अपने एक ऑफिस में बैठे रहते हैं जंगली जानवर और बेजुबान पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था सरकार नहीं कर पा रही है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग उगलती भीषण गर्मी में प्यासे कंठों की कौन सुने दास्तां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए हैं। यह बढ़ती हुई भीषण गर्मी कहीं न कहीं मानव द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अंधाधुंध दोहन और प्रकृति-विनाश का परिणाम है। इसी के चलते जल के प्राकृतिक स्रोत समाप्त हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों के अंधाधुंध विनाश के कारण अनेक प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मूक वन्यजीवों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177391/who-will-listen-to-the-tales-of-thirsty-throats-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/download2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए हैं। यह बढ़ती हुई भीषण गर्मी कहीं न कहीं मानव द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अंधाधुंध दोहन और प्रकृति-विनाश का परिणाम है। इसी के चलते जल के प्राकृतिक स्रोत समाप्त हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों के अंधाधुंध विनाश के कारण अनेक प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मूक वन्यजीवों के जीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पानी प्रकृति के समस्त जीवों की मूलभूत और अनिवार्य आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन विडंबना यह है कि जब यही आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जीवों के अस्तित्व पर संकट गहराना स्वाभाविक है।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह स्वीकार करना होगा कि आजादी के साढ़े सात दशक बाद भी देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में यह कल्पना करना कठिन नहीं कि वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करते होंगे। मानव जीवन के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु केंद्र और राज्य सरकारें हर वर्ष अनेक प्रयास करती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जमीनी स्तर पर ये प्रयास अभी भी अपर्याप्त सिद्ध हो रहे हैं। विशेषकर सुदूर ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ‘नल-जल योजना’ एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी पहल है। बावजूद इसके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई स्थानों पर जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अनेक गाँवों में बनी पानी की टंकियाँ केवल दिखावा बनकर रह गई हैं। ये टंकियाँ प्यासे कंठों को राहत देने के बजाय व्यवस्था की खामियों का प्रतीक बनती जा रही हैं।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पानी हर जीव की मूलभूत आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यदि इसी आवश्यकता की पूर्ति में कमी रह जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह न केवल गंभीर लापरवाही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अक्षम्य अपराध के समान है। भीषण गर्मी में जब लोग घर से बाहर निकलने से बचते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मीलों दूर से पानी लाने को विवश होते हैं। जल संकट के कारण मूक पशु-पक्षियों का जीवन बचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति-विनाश के चलते बढ़ती गर्मी और अस्तित्व बचाने के लिए भटकते वन्यजीव—ये दोनों ही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। ऐसे में सरकार और समाज को मिलकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर तक मानव और वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि इस दिशा में ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो देश के हर कोने में सभी जीवों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जा सकता है। अन्यथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर वर्ष की भाँति आग उगलती गर्मी में प्यासे मूक प्राणियों की दास्तां अधूरी ही रह जाएगी।</span></p><p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरविंद रावल</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरही पश्चिमी मुखिया ने भीषण गर्मी में मल्लाह टोली व तेलीटोला के ग्रामीणों को टैंकर से पेयजल की आपूर्ति करवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<h3>बरही पश्चिमी मुखिया ने भीषण गर्मी में मल्लाह टोली व तेलीटोला के ग्रामीणों को टैंकर से पेयजल की आपूर्ति करवाई</h3>
<p><strong>बरही/हज़ारीबाग/झारखण्ड - धनंजय कुमार </strong></p>
<p>भीषण गर्मी और पेयजल की किल्लत को देखते हुए बरही पश्चिमी पंचायत के मुखिया शमशेर आलम के सौजन्य से मल्लाह टोली व तेलीटोला के ग्रामीणों को पानी टैंकर के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था करवाई गई।</p>
<p>मुखिया शमशेर आलम ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिल रही थी कि मल्लाह टोली क्षेत्र में जलस्तर नीचे चला गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को चापानल से पानी उपलब्ध नहीं हो रही थी। मुखिया ने तुरन्त सक्रिय होते हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130855/barhi-western-chief-provided-drinking-water-to-the-villagers-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/untitled13.jpg" alt=""></a><br /><h3>बरही पश्चिमी मुखिया ने भीषण गर्मी में मल्लाह टोली व तेलीटोला के ग्रामीणों को टैंकर से पेयजल की आपूर्ति करवाई</h3>
<p><strong>बरही/हज़ारीबाग/झारखण्ड - धनंजय कुमार </strong></p>
<p>भीषण गर्मी और पेयजल की किल्लत को देखते हुए बरही पश्चिमी पंचायत के मुखिया शमशेर आलम के सौजन्य से मल्लाह टोली व तेलीटोला के ग्रामीणों को पानी टैंकर के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था करवाई गई।</p>
<p>मुखिया शमशेर आलम ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिल रही थी कि मल्लाह टोली क्षेत्र में जलस्तर नीचे चला गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को चापानल से पानी उपलब्ध नहीं हो रही थी। मुखिया ने तुरन्त सक्रिय होते हुए उप मुखिया अजीत निषाद एवं अपने प्रतिनिधि टिंकू आलम की अगुवाई में पानी टैंकर के माध्यम से ग्रामीणों को जलापूर्ति करवाई। मुखिया ने कहा कि अपने पंचायत के ग्रामीणों को जब भी पानी की किल्लत होगी,</p>
<p>मैं हमेशा सेवा देने के लिए तत्पर रहूंगा। मौके पर उप मुखिया अजीत निषाद, मुखिया प्रतिनिधि टिंकू आलम, कौशिक कुमार, शिवा निषाद, अनिल निषाद, सुनील निषाद, सुनील साहनी, महेंद्र निषाद, बंगाली निषाद समेत कई ग्रामीण महिला उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 14:23:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर जहां प्याऊ लगाकर राहगीरों को भीषण गर्मी में ठंडा मीठा जल पिलाया </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मसौली बाराबंकी-</strong>  ज्येष्ठ मास के आखिरी मंगलवार को क्षेत्र में धर्म कर्म की धूम रही। मुख्य चौराहों से लेकर मंदिरों में सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ हुआ। सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर जहां प्याऊ लगाकर राहगीरों को भीषण गर्मी में ठंडा मीठा जल पिलाया गया वही जगह जगह पूड़ी सब्जी, छोला चावल, बूंदी एव खीर का वितरण किया गया।</p>
<div>ब्लाक कर्मचारियों के तत्वावधान में आयोजित भण्डारे का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख रईस आलम एव खण्ड विकास अधिकारी डॉ0 संस्कृता मिश्रा ने किया तथा भक्तो में प्रसाद वितरण किया इस दौरान अवर अभियंता आरईएस प्रमोद कुमार गौतम, जेई लघु सिंचाई आर के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129807/in-public-places-and-intersections-where-pedestrians-were-fed-cold"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/सार्वजनिक-स्थलों-व-चौराहों-पर-जहां-प्याऊ-लगाकर-राहगीरों-को-भीषण-गर्मी-में-ठंडा-मीठा-जल-पिलाया.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मसौली बाराबंकी-</strong> ज्येष्ठ मास के आखिरी मंगलवार को क्षेत्र में धर्म कर्म की धूम रही। मुख्य चौराहों से लेकर मंदिरों में सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ हुआ। सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर जहां प्याऊ लगाकर राहगीरों को भीषण गर्मी में ठंडा मीठा जल पिलाया गया वही जगह जगह पूड़ी सब्जी, छोला चावल, बूंदी एव खीर का वितरण किया गया।</p>
<div>ब्लाक कर्मचारियों के तत्वावधान में आयोजित भण्डारे का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख रईस आलम एव खण्ड विकास अधिकारी डॉ0 संस्कृता मिश्रा ने किया तथा भक्तो में प्रसाद वितरण किया इस दौरान अवर अभियंता आरईएस प्रमोद कुमार गौतम, जेई लघु सिंचाई आर के प्रकाश, ग्राम पंचायत अधिकारी विकास पांडेय, के के यादव, सियाराम, उत्तम वर्मा, महेश सिंह, आशीष वर्मा, बीना चतुर्वेदी, मो0 आकिब जमाल, आशीष वर्मा, शैलजा तिवारी, ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष मुबीन सिकंदर, विनय वर्मा सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सचिन वाल्मीकि सहित ग्राम प्रधान एव ब्लाककर्मी मौजूद रहे।</div>
<div> </div>
<div>बांसा बड़ागांव मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर पर भण्डारे का आयोजन किया गया जिसमें इंस्पेक्टर राम खेलावन यादव, ननकऊ यादव, रामस्नेही, मनमोहन सैनी, राम खेलावन यादव, कृष्ण कुमार गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। इसी क्रम में ज्येष्ठ मास के अन्तिम मंगलवार सुभाषचंद्र बोस जूनियर हाई स्कूल दहेजिया मे भंडारे का आयोजन प्रबंधक राम नरेश यादव एव प्रिंसिपल शरद यादव द्वारा किया गया ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 May 2023 22:52:15 +0530</pubDate>
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