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                <title>indian railways - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>indian railways RSS Feed</description>
                
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                <title>प्रयागराज मंडल परिक्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रयागराज के प्रतिष्ठित होटल कान्हा श्याम के सभागार में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल के सांसदों एवं उनके सम्मानित प्रतिनिधियों के साथ महाप्रबंधक की एक उच्च स्तरीय एवं महत्वपूर्ण बैठक का  सांसद-अलीगढ़  सतीश कुमार गौतम की  अध्यक्षता में आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल की हालिया उपलब्धियों को साझा करना, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की समीक्षा करना  जनप्रतिनिधियों से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त कर रेल विकास योजनाओं को नई दिशा देना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर  पर अपने उदबोधन में महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह ने कहा कि, हमने अपनी रेलवे की कार्यप्रणाली में लाइन क्षमता की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183131/meeting-organized-with-mps-of-prayagraj-division-area"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0116.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रयागराज के प्रतिष्ठित होटल कान्हा श्याम के सभागार में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल के सांसदों एवं उनके सम्मानित प्रतिनिधियों के साथ महाप्रबंधक की एक उच्च स्तरीय एवं महत्वपूर्ण बैठक का  सांसद-अलीगढ़  सतीश कुमार गौतम की  अध्यक्षता में आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल की हालिया उपलब्धियों को साझा करना, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की समीक्षा करना  जनप्रतिनिधियों से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त कर रेल विकास योजनाओं को नई दिशा देना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर  पर अपने उदबोधन में महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह ने कहा कि, हमने अपनी रेलवे की कार्यप्रणाली में लाइन क्षमता की वृद्धि, यात्री सुविधाओं में  सुधार एवं उन्नयन, गाड़ियों का संरक्षित संचालन, कर्मचारी कल्याण, पर्यावरण की संरक्षण के लिए हरित पहल की दिशा में  विशेष कदम उठाए हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और इसे मजबूत बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों से एक बहुत ही सकारात्मक बदलाव आया है, रेल की विभिन्न परियोजनाएं जो वर्षों तक पर्याप्त फ़ंड की अनुपलब्धता के कारण रुक जाते थे, उन कार्यों को करने हेतु सरकार द्वारा अब पर्याप्तल फंड भी उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही उच्चतम स्तर से प्रोजेक्ट की  मॉनिटरिंग होने से प्रोजेक्ट पूर्ण होने में तेज़ी आई है। साथ ही भारतीय रेल अपनी कार्यप्रणाली में इनोवेशन और आधुनिक तकनीक का कारगर प्रयोग कर रहे हैं। हम अपने सम्मानित यात्रियों, रेल उपयोगकर्ताओं और आमजन की अपेक्षाओं को पूरा कर सकें, इस हेतु एआई आधारित रेल मदद पोर्टल (139) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि , प्रयागराज मण्डल, भारतीय रेल के एक महत्वापूर्ण अंग के रूप में रेल की सेवा में निरन्तटर तत्पोर है। हमारा यह मंडल उत्तकर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के महत्वंपूर्ण हिस्सोंे को देश के अन्य  हिस्सोंआ से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मंडल की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए श्री सिंह ने बताया कि,  वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आरंभिक यात्री संख्या लगभग 7.40 करोड़ रही एवं यात्री आय के रूप में 1699 करोड़ रुपये और माल लदान से  लगभग 893 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्टेशन री-डेव्लपमेंट एवं अमृत स्टेशन के विषय में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज मण्डल में कुल 02 प्रमुख रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन एवं कानपुर सेंट्रल  को स्टेशन रीडेवलेपमेंट प्लान के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त प्रयागराज मण्डल में अमृत भारत योजना के अंतर्गत शामिल 15 स्टेशनों में से 5 स्टेशनों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है एवं शेष का कार्य प्रगति पर है, जिसे इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन्फ्रास्ट्रक्चर की चर्चा करते हुए सूचित किया कि, इसकी वृद्धि के तहत प्रयागराज मण्डल द्वारा 28 किमी. की रेलवे लाईन बिछाई गयी और 03 ब्लॉक सेक्शनों के तृतीय लाइन में 25.18 KM इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग आधारित ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक चालू की गई। कुल 400 KM में कवच प्रणाली का सफल कमीशनिंग  किया गया, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में वृद्धि हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में  सांसदगणों को आश्वस्त किया कि आपसे प्राप्त बहुमूल्य् सुझावों पर गंभीरता से अध्यशयन किया जायेगा तथा प्रयागराज मण्डल के स्तोर पर इन सुझावों को रेल विकास योजनाओं एवं यात्री सुविधाओं में शामिल किया जायेगा। यदि कोई सुझाव क्षेत्रीय रेलवे के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है,तो प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड  एवं अन्य जोनों में भेजा जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद  सांसद महोदयों एवं शेष  सांसद महोदयों के प्रतिनिधियों द्वारा सुझाव एवं मांगें रखी गईं। इनमें मुख्यत: आम जनता के सरोकारों के विषय थे जिनमें नई ट्रेन सेवाएं, ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी एवं ठहराव,  प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास एवं यात्री सुविधाओं का विस्तार,  रेल अवसंरचना एवं नेटवर्क क्षमता में वृद्धि,  सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं स्टेशन परिसर व्यवस्था,  बुनियादी यात्री सुविधाओं की गुणवत्ता एवं रखरखाव आदि प्रमुख रहे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में बैठक के अध्यक्ष एवं अलीगढ़ से सांसद सतीश कुमार गौतम ने अपने संबोधन के दौरान अलीगढ़ स्टेशन पर राजधानी, शताब्दी एवं वंदे भारत ट्रेनों के ठहराव, हाथरस में मेढ़ू को जोड़कर मथुरा के लिए सीधे कनेक्टिविटी बनाने और स्टेशन पर खाली स्थान पर वेंडिंग जोन बनाने के सुझाव दिए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सांसद रीवा  जनार्दन मिश्रा ने डभौरा स्टेशन के विकास और उसे पर नई सुविधा बनाने के साथ में स्टेशन पर वेटिंग हॉल और शौचालय की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने अतिरिक्त शेड लगाने तथा बंद किए गए ठहरावों को पुनः चालू करने की बात कही।  सांसद कानपुर नगर रमेश अवस्थी जी ने आउटसोर्स कर्मचारी के हितों का ध्यान रखने, कानपुर मेल नाम से कानपुर से नई दिल्ली के बीच में ट्रेन चलाने और सुरक्षा के दृष्टिगत स्टेशन के स्टालों पर काम कर रहे कर्मचारियों के आई कार्ड का मुद्दा रखा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही उन्होंने वंदे भारत ट्रेन के स्टॉपेज का समय बढ़ाने तथा कानपुर स्टेशन पर पुस्तकालय बनाने के सुझाव भी दिए। हाथरस से  सांसद अनूप वाल्मीकि ने एस्केलेटर लगाने और सफाई व्यवस्था में सुधार के आवश्यकता जताई साथ ही उन्होंने लिंक एक्सप्रेस, उधमपुर एक्सप्रेस पूर्वा आदि के ठहराव की भी मांग की। सांसद  गीता शाक्य ने अछल्दा में रोड ओवर ब्रिज और कंचौसी में रोड अंडर ब्रिज की मांग के साथ-साथ महिलाओं के लिए  फीडिंग स्पेस की व्यवस्था करने की बात उठाई। फतेहपुर से  नरेश उत्तम पटेल जी ने फतेहपुर स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को 2 मिनट से बढ़कर चार या पांच मिनट करने की बात कही और साथ ही उन्होंने रेलवे द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहनाकी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अनुप्रिया पटेल के प्रतिनिधि ने लूसा स्टेशन पर मुरी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की और इलाहाबाद निर्वाचन क्षेत्र के सांसद  उज्जवल रमण सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कठौली में अंडरपास करछना, भीरपुर में ट्रेनों के ठहराव नॉन एसी और एसी पार्सल ट्रेन तथा स्टेशनों पर स्टेशनों के नाम एलईडी या रेडियम के माध्यम से लिखने का सुझाव दिया।  बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक/सामान्य श्अ तुल मिश्रा ने किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज  रजनीश अग्रवाल एवं उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के सभी प्रधान विभागाध्यक्ष एवं मंडल के शाखाधिकारीगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:49:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>डॉ. शिवम शर्मा ने किया मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183129/dr-shivam-sharma-took-charge-as-chief-public-relations-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0115.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, उप मुख्य दावा अधिकारी एवं मंडल ट्रैफिक मैनेजर टूंडला जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है तथा व्यापक प्रशासनिक अनुभव अर्जित किया है। उप मुख्य दावा अधिकारी के रूप में डॉ शिवम शर्मा ने कार्य करते हुए प्रयागराज में रेलवे दावा अधिकरण की पीठ खुलवाने में महती भूमिका निभाई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उनके योगदान के लिए उन्हें अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।इसी क्रम में उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में निदेशक पद पर कार्य किया। उन्होंने अपने लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में निदेशक के रूप में कार्य किया तथा बाद में सोनीपत स्थित उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में पदोन्नत हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवधि में उन्होंने हरियाणा में खेलों के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया। डॉ. शर्मा वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा रहे । श्री शर्मा भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं तथा उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डेंटल सर्जरी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे उत्तर मध्य रेलवे के ऊर्जावान एवं गतिशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:48:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन की मांग तेज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रेलवे से इस रूट पर आधुनिक और नियमित रेल सेवा शुरू करने की जोरदार अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि दुल्लभछड़ा से शिलचर के बीच यदि इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन सेवा शुरू की जाती है, तो यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ प्राप्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182777/demand-for-electric-memu-train-intensifies-on-dullabhchhada-shilchar-route-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001597832.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रेलवे से इस रूट पर आधुनिक और नियमित रेल सेवा शुरू करने की जोरदार अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि दुल्लभछड़ा से शिलचर के बीच यदि इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन सेवा शुरू की जाती है, तो यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ प्राप्त होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, इस रेल सेवा के शुरू होने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लोगों का यह भी मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक रेल सेवा को बढ़ावा मिलने से बराक घाटी के परिवहन ढांचे में भी सकारात्मक परिवर्तन आने की संभावना है। साथ ही रेलवे के यात्री राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद भी व्यक्त की जा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं संबंधित रेलवे अधिकारियों से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर शीघ्र MEMU ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोगों का विश्वास है कि यदि यह लंबे समय से लंबित मांग पूरी होती है, तो हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चुनार-चोपन रेल खंड के समपार फाटक संख्या-19 के स्थान पर रोड ओवर ब्रिज के लिए लगाए गए गर्डर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में रेल एवं सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। चुनार–चोपन रेल खंड पर लूसा के निकट स्थित समपार फाटक संख्या-19 के यतायात सुगम बनाने के लिए  निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज के रेलवे भाग पर स्टील गर्डरों के सफल लांचिंग/स्थापना का कार्य संपन्न किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निर्माणाधीन आरओबी की कुल लंबाई 585 मीटर है, जबकि रेलवे हिस्से की लंबाई 36 मीटर तथा चौड़ाई 7.5 मीटर है। यह परियोजना चुनार नगर को राज्य राजमार्ग-35 (मिर्जापुर–सोनभद्र मार्ग) से बेहतर एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181670/girder-installed-for-road-over-bridge-in-place-of-level"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0133.jpg" alt=""></a><br /><div><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में रेल एवं सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। चुनार–चोपन रेल खंड पर लूसा के निकट स्थित समपार फाटक संख्या-19 के यतायात सुगम बनाने के लिए  निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज के रेलवे भाग पर स्टील गर्डरों के सफल लांचिंग/स्थापना का कार्य संपन्न किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निर्माणाधीन आरओबी की कुल लंबाई 585 मीटर है, जबकि रेलवे हिस्से की लंबाई 36 मीटर तथा चौड़ाई 7.5 मीटर है। यह परियोजना चुनार नगर को राज्य राजमार्ग-35 (मिर्जापुर–सोनभद्र मार्ग) से बेहतर एवं निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी। रोड ओवर ब्रिज के निर्माण के बाद समपार फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी तथा सड़क एवं रेल दोनों यातायात की सुरक्षा और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निर्माण कार्य के दौरान आधुनिक तकनीकों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन किया गया। विशाल क्रेनों की सहायता से स्टील गर्डरों को निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। यह कार्य रेलवे एवं निर्माण एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">रोड ओवर ब्रिज के पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्र के निवासियों, व्यापारिक गतिविधियों तथा यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्रीय विकास एवं बेहतर यातायात अवसंरचना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगी</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 21:54:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय रेलवे ने 2025-26 में 81 लाख 59 हजार पेड़ लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>रेलवे की ज़मीन पर 109 तालाब, जलाशय और आर्द्रभूमि का जीर्णोद्धार 909 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट  अतिरिक्त 3,300 मेगावाट परियोजनाओं के लिए समझौता किया गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे पटरियों के किनारे वृक्षारोपण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे कटाव कम होता है और भूस्खलन को रोका जा सकता है, खासकर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में। वनस्पति आवरण सतही अपवाह को नियंत्रित करता है और जल अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे पटरियों के अस्थिर होने का खतरा कम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177017/indian-railways-planted-81-lakh-59-thousand-trees-in-2025-26"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/indian-railway_650_022515010444.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>रेलवे की ज़मीन पर 109 तालाब, जलाशय और आर्द्रभूमि का जीर्णोद्धार 909 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट  अतिरिक्त 3,300 मेगावाट परियोजनाओं के लिए समझौता किया गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे पटरियों के किनारे वृक्षारोपण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे कटाव कम होता है और भूस्खलन को रोका जा सकता है, खासकर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में। वनस्पति आवरण सतही अपवाह को नियंत्रित करता है और जल अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे पटरियों के अस्थिर होने का खतरा कम होता है। प्रकृति-आधारित ये उपाय न केवल रेलवे संपत्तियों की रक्षा करते हैं बल्कि यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय यात्राएं भी सुनिश्चित करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जल: संचयन, पुनर्चक्रण, लेखापरीक्षा, पुनर्स्थापन</strong></div>
<div style="text-align:justify;">जल संकट हमारी सदी के सबसे बड़े संकटों में से एक है। भारतीय रेलवे, जो सैकड़ों धुलाई लाइनें, रखरखाव डिपो, खानपान सुविधाएं और यात्री सुविधाएं संचालित करता है और प्रतिदिन लाखों लीटर जल की खपत करता है, ने अपने सभी क्षेत्रों में जल उपयोग को कम करने के लिए सुनियोजित और ठोस कदम उठाए हैं। यह दृष्टिकोण व्यापक है: अपवाह में बह जाने से पहले वर्षा जल का संचयन करना, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण करके उसे गैर-पेय उपयोग में लाना, जल खपत की लेखापरीक्षा करके अपशिष्ट की पहचान करना और रेलवे भूमि के भीतर दूषित जल निकायों का पुनर्स्थापन करना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>छतों पर वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच): जहां बारिश हो रही है, वहीं उसे इकट्ठा करना</strong></div>
<div style="text-align:justify;">2016-17 से भारतीय रेलवे ने सभी रेलवे जोन में कुल 8,313 छतों पर वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच) संरचनाएं स्थापित की हैं। अकेले पिछले दो वर्षों में 2,915 नई संरचनाएं चालू की गईं, जिनमें 2024-25 में जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान के तहत स्थापित 1,215 इकाइयां शामिल हैं, जो राष्ट्रीय जल संरक्षण मिशनों के साथ सक्रिय समन्वय को रेखांकित करती हैं। दक्षिण मध्य रेलवे 3,128 आरडब्ल्यूएच संरचनाएं स्थापित करके इस पहल में सबसे आगे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे का वर्षा जल संचयन अवसंरचना दोहरे उद्देश्य की पूर्ति करता है, जो विशेष रूप से भीषण मौसम की घटनाओं के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। स्टेशनों और यार्डों पर स्थापित छत पर लगे जल संचयन तंत्र मानसूनी जल को एकत्रित और प्रवाहित करते हैं, जिससे एक ओर प्लेटफार्मों और आस-पास की पटरियों पर जलभराव को रोका जा सकता है, वहीं दूसरी ओर भूमिगत जलभंडारों का पुनर्भरण होता है। राजस्थान के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों या दक्कन के वर्षा-छाया क्षेत्रों में, ये प्रणालियाँ परिचालन के लिए जीवन रेखा हैं। एकत्रित जल स्टेशनों की सुविधाओं जैसे शौचालयों, सफाई और बागवानी में उपयोग किया जाता है, जिससे टैंकर आपूर्ति और नगरपालिका जल कनेक्शनों पर निर्भरता कम हो जाती है, जो अक्सर दूरस्थ स्टेशनों पर अनुपलब्ध या अविश्वसनीय होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जल पुनर्चक्रण संयंत्र</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सभी ज़ोन में, भारतीय रेलवे ने कुल 185 जल पुनर्चक्रण संयंत्र (डब्ल्यूआरपी) चालू किए हैं। 2015-16 से पहले मौजूद 21 संयंत्रों के आधार से, चालू करने की प्रक्रिया निरंतर जारी रही है, और पिछला वित्तीय वर्ष अब तक का सबसे मजबूत वर्ष रहा है जिसमें 26 नए संयंत्र चालू किए गए हैं। उत्तरी रेलवे 27 संयंत्रों के साथ सभी ज़ोन में सबसे आगे है, उसके बाद मध्य रेलवे (21) और दक्षिणी रेलवे (20) का स्थान है। ये संयंत्र कोच धोने और यार्ड संचालन से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपचार करके उसे गैर-पेय उपयोगों जैसे स्टेशन सफाई, बागवानी और औद्योगिक प्रक्रियाओं में पुन: उपयोग के लिए तैयार करते हैं, जिससे दुर्लभ जलभंडारों और नगरपालिका प्रणालियों से ताजे पानी की निकासी कम होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2025-26 में अब तक 310 लेखापरीक्षाएँ दर्ज की जा चुकी हैं, जो किसी एक वर्ष में सबसे अधिक हैं। दक्षिण मध्य रेलवे 442 लेखापरीक्षाओं के साथ सबसे आगे है, उसके बाद उत्तरी रेलवे (323) और पश्चिमी रेलवे (216) का स्थान आता है। इन लेखापरीक्षाओं के माध्यम से जल खपत के प्रमुख क्षेत्रों, पाइप रिसावों और प्रणाली की कमियों की पहचान की जाती है, जिससे जागरूकता को लक्षित बचत में परिवर्तित किया जा सके। मापन का अनुशासन सार्थक संरक्षण की नींव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने 2024-25 में 2016-17 की तुलना में 178 करोड़ लीटर डीजल की बचत की, जो 62% की बचत है, जिससे कच्चे तेल पर आयात निर्भरता कम हो गई है। पश्चिम एशिया संकट के बीच यह भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता को सीधे तौर पर कम करता है। डीजल से घरेलू स्तर पर उत्पादित बिजली की ओर धीरे-धीरे बढ़ते हुए, जो नवीकरणीय स्रोतों से अधिकाधिक प्राप्त की जा रही है, रेलवे ने वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता से अपने संचालन को प्रभावी ढंग से अलग कर लिया है। विद्युत कर्षण (इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन) को बायोडीजल जैसे विकल्पों की तुलना में कहीं अधिक लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल पाया गया है, जिससे यह न केवल एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है, बल्कि आर्थिक रूप से भी जिम्मेदार विकल्प है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बायो-टॉयलेट: रेल पर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने 2014 से यात्री डिब्बों में 3.66 लाख से अधिक बायो-टॉयलेट लगाकर पर्यावरण स्थिरता और यात्री स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पहल ने रेलवे ट्रैक पर मानव मल के सीधे निर्वहन को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है, जिससे स्वच्छ स्टेशन, बेहतर स्वच्छता और लाखों यात्रियों के लिए अधिक स्वच्छ यात्रा अनुभव सुनिश्चित हुआ है। बायो-टॉयलेट प्रणाली सूक्ष्मजीव क्रिया पर आधारित स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके मानव मल को पानी और गैसों में विघटित करती है, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण और दुर्गंध में काफी कमी आती है और पूरे नेटवर्क में स्वच्छता बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पहल मिट्टी और ट्रैक के संदूषण को रोककर, रेलवे संपत्तियों के क्षरण को कम करके और पर्यावरण-अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रत्यक्ष उत्सर्जन को शून्य करके और टिकाऊ स्वच्छता प्रथाओं का समर्थन करके, भारतीय रेलवे यात्रियों के आराम को बेहतर बनाते हुए स्वच्छ पारिस्थितिकी तंत्र और हरित भविष्य में योगदान दे रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नवीकरणीय ऊर्जा: सूर्य और पवन से भविष्य को शक्ति प्रदान करना</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी दीर्घकालिक परिचालन रणनीति का आधार बनाया है। दिसंबर 2025 तक, पूरे नेटवर्क में लगभग 909 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र और 103 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं। पहले से चालू संयंत्रों के अलावा, रेलवे ने राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के डेवलपर्स के साथ सौर, पवन और हाइब्रिड चौबीसों घंटे (आरटीसी) व्यवस्थाओं सहित 3,300 मेगावाट की अतिरिक्त नवीकरणीय क्षमता के लिए समझौते किए हैं, जिससे दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वच्छ ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। यह दीर्घकालिक, स्थिर मूल्य वाली हरित खरीद की ओर एक सुनियोजित बदलाव को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एलईडी प्रकाश व्यवस्था: एक कुशल रूप से प्रकाशित नेटवर्क</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने अपने कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, सेवा भवनों और आवासीय कॉलोनियों में 100% एलईडी प्रकाश व्यवस्था स्थापित कर ली है। यह एक व्यापक परिवर्तन है जो दूरस्थ स्टेशनों से लेकर देश के सबसे बड़े जंक्शनों तक हजारों स्थानों तक फैला हुआ है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:04:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन संख्या 15888 गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तार की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि </strong>: पर्यटन विकास के उद्देश्य से केंद्र सरकार रेलवे के माध्यम से यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं शुरू कर रही है। विशेष रूप से विस्टाडोम कोच से युक्त ट्रेनों के जरिए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है, जिस पर सरकार द्वारा भारी खर्च भी किया गया है। इसी संदर्भ में श्रीभूमि (करीमगंज) जिले के दुल्लभछड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने ट्रेन संख्या 15888 गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तारित करने की मांग तेज कर दी है। वर्तमान में यह ट्रेन गुवाहाटी से बदरपुर जंक्शन तक सप्ताह में दो दिन बुधवार और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176809/demand-for-extension-of-train-no-15888-guwahati-badarpur-vistadome-express"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001443181.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि </strong>: पर्यटन विकास के उद्देश्य से केंद्र सरकार रेलवे के माध्यम से यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं शुरू कर रही है। विशेष रूप से विस्टाडोम कोच से युक्त ट्रेनों के जरिए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है, जिस पर सरकार द्वारा भारी खर्च भी किया गया है। इसी संदर्भ में श्रीभूमि (करीमगंज) जिले के दुल्लभछड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने ट्रेन संख्या 15888 गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तारित करने की मांग तेज कर दी है। वर्तमान में यह ट्रेन गुवाहाटी से बदरपुर जंक्शन तक सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार चलती है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लगभग 340–341 किलोमीटर की दूरी तय करने में इसे करीब 7 घंटे 50 मिनट का समय लगता है। रास्ते में Maibang, New Haflong और Jatinga सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर इसका ठहराव है। विस्टाडोम कोच होने के कारण यात्री पहाड़ी प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस ट्रेन को दुल्लभछड़ा तक बढ़ाया जाए और फाकुआ रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिया जाए, तो सोनबील के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> विशेष रूप से सोनबील, जो असम का सबसे बड़ा तथा एशिया के प्रमुख मौसमी आर्द्रभूमियों में से एक है, पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बन सकता है। लोगों का मानना है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दुल्लभछड़ा और सोनबील क्षेत्र को यदि बेहतर रेल संपर्क मिल जाए, तो यह एक ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल व्यवसाय और छोटे व्यापारों को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के लोगों ने कहा, “विस्टाडोम ट्रेन हमारे क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकती है। अगर इसे दुल्लभछड़ा तक बढ़ाया जाता है, तो पर्यटन और आवागमन दोनों में सुधार होगा।”</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से जोरदार अपील की है कि गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तारित किया जाए और सोनबील के पास स्थित फाकुआ स्टेशन पर सप्ताह दो दिन विस्तार की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इस पहल से बराक घाटी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:16:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>72 ट्रेनों में चेकिंग, 1413 बेटिकट पकड़े; 9.24 लाख जुर्माना वसूला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने प्रयागराज मंडल में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 72 ट्रेनों और विभिन्न स्टेशनों पर जांच कर 1413 यात्रियों को पकड़ा गया और कुल 9,24,590 रुपये जुर्माना वसूला गया। अभियान 10 अप्रैल को मंडल रेल प्रबंधक अंकित अग्रवाल के निर्देशन में चलाया गया। जांच के दौरान बिना टिकट, अनियमित यात्रा, धूम्रपान और बिना बुकिंग सामान ले जाने वालों पर कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे के अनुसार, 645 बिना टिकट यात्रियों से 5,35,170 रुपये, 757 अनियमित यात्रियों से 3,88,220 रुपये और 11 यात्रियों से धूम्रपान व गंदगी फैलाने पर 1200 रुपये</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175857/checking-in-72-trains-caught-1413-tickets-collected-fine-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001822264.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने प्रयागराज मंडल में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 72 ट्रेनों और विभिन्न स्टेशनों पर जांच कर 1413 यात्रियों को पकड़ा गया और कुल 9,24,590 रुपये जुर्माना वसूला गया। अभियान 10 अप्रैल को मंडल रेल प्रबंधक अंकित अग्रवाल के निर्देशन में चलाया गया। जांच के दौरान बिना टिकट, अनियमित यात्रा, धूम्रपान और बिना बुकिंग सामान ले जाने वालों पर कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे के अनुसार, 645 बिना टिकट यात्रियों से 5,35,170 रुपये, 757 अनियमित यात्रियों से 3,88,220 रुपये और 11 यात्रियों से धूम्रपान व गंदगी फैलाने पर 1200 रुपये जुर्माना वसूला गया। रेल प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और वैध टिकट के साथ यात्रा करने की अपील की है। साथ ही बताया कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:47:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना टिकट का डर दिखाकर टीटीई ने युवती से किया दुष्कर्म, रेलवे में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling" style="text-align:justify;">
<h3><strong>गोरखपुर/मऊ। </strong></h3>
<p>अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस में तैनात एक टीटीई पर चलती ट्रेन में युवती के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Government Railway Police (GRP), Gorakhpur</span></span> ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी टीटीई को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Indian Railways</span></span> ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।</p>
<p>पीड़िता के अनुसार, वह परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण वह टिकट नहीं ले सकी और जल्दबाजी में एसी कोच में चढ़ गई। इसी दौरान टीटीई ने उसे बिना टिकट पकड़ लिया और कार्रवाई व जेल भेजने की धमकी देकर</p></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170274/tte-raped-a-girl-by-showing-fear-of-not-having"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/386vglso_train-generic_625x300_27_december_18.jpg" alt=""></a><br />

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<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden first:pt-[1px]">
<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling" style="text-align:justify;">
<h3><strong>गोरखपुर/मऊ। </strong></h3>
<p>अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस में तैनात एक टीटीई पर चलती ट्रेन में युवती के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Government Railway Police (GRP), Gorakhpur</span></span> ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी टीटीई को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Indian Railways</span></span> ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।</p>
<p>पीड़िता के अनुसार, वह परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण वह टिकट नहीं ले सकी और जल्दबाजी में एसी कोच में चढ़ गई। इसी दौरान टीटीई ने उसे बिना टिकट पकड़ लिया और कार्रवाई व जेल भेजने की धमकी देकर टिकट बनाने के बहाने एसी केबिन में ले गया। आरोप है कि वहीं उसके साथ दुष्कर्म किया गया।</p>
<h3><strong>शिकायत के बाद हुई कार्रवाई</strong></h3>
<p>घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी। इसके बावजूद युवती ने साहस दिखाते हुए डायल 112 पर सूचना दी और गोरखपुर पहुंचने पर जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p>शिकायत मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया और आरोपी टीटीई को निलंबित कर दिया गया। जीआरपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वह मूल रूप से बिहार का निवासी बताया जा रहा है।</p>
<h3><strong>इनाम की तैयारी</strong></h3>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो आरोपी पर इनाम घोषित किया जाएगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों ने भी जांच की निगरानी शुरू कर दी है।</p>
<h3><strong>यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल</strong></h3>
<p>इस घटना के बाद रेलवे में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में तैनात कर्मचारियों द्वारा ही इस तरह की वारदात किया जाना बेहद चिंताजनक है।</p>
<blockquote class="format1">रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े</blockquote>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 21:35:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Railway Station: हरियाणा में इस रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा हाईटेक, मिलेगी ये लग्जरी सुविधाएं </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167900/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-hightech-railway-station-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम</span></strong></p>
<p><span class="cf0">अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में स्टेशन परिसर के आसपास कई </span><span class="cf0">जगहें</span><span class="cf0"> खुली होने के कारण अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ रही है। इससे न </span><span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">आधुनिक</span><span class="cf0"> डिजाइन और सौंदर्य में सुधार</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नई </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> आधुनिक डिजाइन के साथ तैयार की जाएगी। इससे न केवल सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि स्टेशन परिसर की </span><span class="cf0">स्वच्छता</span><span class="cf0"> और सौंदर्य में भी सुधार आएगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0"> निगरानी में आसानी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित </span><span class="cf0">गेटों</span><span class="cf0"> और </span><span class="cf0">प्लेटफॉर्म</span><span class="cf0"> मार्गों से संभव </span><span class="cf0">होगा</span><span class="cf0">। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> लिए निगरानी भी आसान होगी।</span></p>
<p><span class="cf0">रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण और रात के समय </span><span class="cf0">असामाजिक</span><span class="cf0"> तत्वों की गतिविधियों की आशंका </span><span class="cf0">रहती</span><span class="cf0"> है। </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनने के बाद यह पूरी तरह रोका जा </span><span class="cf0">सकेगा</span><span class="cf0"> और रेलवे भूमि </span><span class="cf0">सुरक्षित</span><span class="cf0"> रहेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">परियोजना का </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> और लक्ष्य</span></strong></p>
<p><span class="cf0">हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की </span><span class="cf0">स्वीकृति</span><span class="cf0"> दे दी है। </span><span class="cf0">अधिकारियों</span><span class="cf0"> का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन अधिक सुरक्षित, साफ-सुथरा और </span><span class="cf0">व्यवस्थित</span><span class="cf0"> दिखेगा।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167900/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 15:22:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Railway Station: हरियाणा में इस रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा हाईटेक, मिलेगी ये लग्जरी सुविधाएं </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166202/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-hightech-railway-station-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम</span></strong></p>
<p><span class="cf0">अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में स्टेशन परिसर के आसपास कई </span><span class="cf0">जगहें</span><span class="cf0"> खुली होने के कारण अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ रही है। इससे न </span><span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">आधुनिक</span><span class="cf0"> डिजाइन और सौंदर्य में सुधार</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नई </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> आधुनिक डिजाइन के साथ तैयार की जाएगी। इससे न केवल सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि स्टेशन परिसर की </span><span class="cf0">स्वच्छता</span><span class="cf0"> और सौंदर्य में भी सुधार आएगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0"> निगरानी में आसानी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित </span><span class="cf0">गेटों</span><span class="cf0"> और </span><span class="cf0">प्लेटफॉर्म</span><span class="cf0"> मार्गों से संभव </span><span class="cf0">होगा</span><span class="cf0">। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> लिए निगरानी भी आसान होगी।</span></p>
<p><span class="cf0">रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण और रात के समय </span><span class="cf0">असामाजिक</span><span class="cf0"> तत्वों की गतिविधियों की आशंका </span><span class="cf0">रहती</span><span class="cf0"> है। </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनने के बाद यह पूरी तरह रोका जा </span><span class="cf0">सकेगा</span><span class="cf0"> और रेलवे भूमि </span><span class="cf0">सुरक्षित</span><span class="cf0"> रहेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">परियोजना का </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> और लक्ष्य</span></strong></p>
<p><span class="cf0">हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की </span><span class="cf0">स्वीकृति</span><span class="cf0"> दे दी है। </span><span class="cf0">अधिकारियों</span><span class="cf0"> का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन अधिक सुरक्षित, साफ-सुथरा और </span><span class="cf0">व्यवस्थित</span><span class="cf0"> दिखेगा।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 21:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Train Ticket Booking: ट्रेन टिकट बुकिंग को लेकर नया नियम हुआ लागू, यात्रियों को मिलेगा ये फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Train Ticket Booking: रेल यात्रियों के लिए 12 जनवरी से ट्रेन टिकट बुकिंग से जुड़ा नया नियम लागू हो गया है। यह बदलाव खासतौर पर आधार से वेरिफाइड IRCTC यूजर्स के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। नए नियम के तहत अब आधार-वेरिफाइड यात्री एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) खुलने वाले दिन आधी रात तक ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे पहले टिकट बुकिंग की समय-सीमा सीमित थी।</p>
<h5>क्या बदला है नया नियम</h5>
<p>IRCTC के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 से ARP के पहले दिन जनरल रिजर्व्ड टिकट सिर्फ आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ऑनलाइन बुक कर पाएंगे। यानी जिन IRCTC अकाउंट्स में आधार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165962/train-ticket-booking-new-rule-regarding-train-ticket-booking-implemented"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/train-ticket-booking-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>Train Ticket Booking: रेल यात्रियों के लिए 12 जनवरी से ट्रेन टिकट बुकिंग से जुड़ा नया नियम लागू हो गया है। यह बदलाव खासतौर पर आधार से वेरिफाइड IRCTC यूजर्स के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। नए नियम के तहत अब आधार-वेरिफाइड यात्री एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) खुलने वाले दिन आधी रात तक ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे पहले टिकट बुकिंग की समय-सीमा सीमित थी।</p>
<h5>क्या बदला है नया नियम</h5>
<p>IRCTC के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 से ARP के पहले दिन जनरल रिजर्व्ड टिकट सिर्फ आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ऑनलाइन बुक कर पाएंगे। यानी जिन IRCTC अकाउंट्स में आधार लिंक और वेरिफिकेशन पूरा नहीं है, वे इस अवधि में टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, कंप्यूटराइज्ड PRS काउंटरों पर टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।</p>
<h5>रेलवे ने क्यों किया बदलाव</h5>
<p>रेल मंत्रालय ने 6 जनवरी को जारी बयान में कहा कि आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य करना सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है। इससे फर्जी बुकिंग, बॉट्स और टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ई-टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<h5>पहले क्या था नियम</h5>
<p>अब तक आधार-वेरिफाइड यूजर्स को ARP खुलने वाले दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही रिजर्व टिकट बुक करने की अनुमति थी। यानी सीमित समय में ही टिकट बुकिंग संभव थी, जिससे कई यात्रियों को परेशानी होती थी।</p>
<h5>चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया समय</h5>
<p>रेल मंत्रालय ने आधार-वेरिफाइड बुकिंग का दायरा धीरे-धीरे बढ़ाया है। पहले जनरल रिजर्वेशन शुरू होने के पहले 15 मिनट के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी किया गया। इसके बाद समय बढ़ाकर सुबह 8 बजे से 10 बजे किया गया।</p>
<p>29 दिसंबर 2025 को यह सीमा बढ़ाकर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे कर दी गई। फिर 5 जनवरी को आधार-वेरिफाइड यूजर्स के लिए टिकट बुकिंग का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया गया।</p>
<p>अब 12 जनवरी से, ARP के पहले दिन टिकट बुकिंग की सुविधा आधी रात तक दे दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 11:51:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने लिया ये बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा में रोहतक जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने रोहतक और असम के कामाख्या के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के साथ ही रोहतक को पूर्वोत्तर भारत से पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलने जा रहा है। अब तक इस रूट पर यात्रा करने के लिए यात्रियों को दिल्ली या अन्य बड़े जंक्शन पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी।</p>
<p>रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह ट्रेन 15671 और 15672 नंबर से साप्ताहिक रूप में संचालित की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165817/good-news-for-railway-passengers-in-haryana-railways-took-this"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-news---2026-01-12t205741.264.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा में रोहतक जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने रोहतक और असम के कामाख्या के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के साथ ही रोहतक को पूर्वोत्तर भारत से पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलने जा रहा है। अब तक इस रूट पर यात्रा करने के लिए यात्रियों को दिल्ली या अन्य बड़े जंक्शन पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी।</p>
<p>रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह ट्रेन 15671 और 15672 नंबर से साप्ताहिक रूप में संचालित की जाएगी। 15671 कामाख्या–रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार रात 10 बजे कामाख्या से रवाना होगी और लगभग दो दिन का सफर तय कर रविवार दोपहर 2:45 बजे रोहतक पहुंचेगी। वहीं, वापसी में 15672 रोहतक–कामाख्या अमृत भारत एक्सप्रेस रविवार रात 10:10 बजे रोहतक से चलेगी और मंगलवार दोपहर 12:15 बजे कामाख्या पहुंचेगी।</p>
<p>हालांकि, ट्रेन के संचालन की औपचारिक तिथि और अंतिम टाइम टेबल अभी जारी नहीं किया गया है। प्रस्तावित रूट के अनुसार यह ट्रेन असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से होकर गुजरेगी। रास्ते में काठिहार, छपरा, वाराणसी, प्रयागराज और दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशनों के अलावा रंगिया, न्यू जलपाईगुड़ी, किशनगंज, बरौनी, बेगूसराय, हाजीपुर, सोनपुर, बलिया, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ जैसे स्टेशनों पर वाणिज्यिक ठहराव रहेगा।</p>
<p>इस नई ट्रेन के शुरू होने से रोहतक के साथ-साथ झज्जर, सोनीपत और भिवानी क्षेत्र के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। असम और पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा अब न सिर्फ आसान होगी, बल्कि समय और खर्च दोनों की भी बचत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165817/good-news-for-railway-passengers-in-haryana-railways-took-this</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 20:57:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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