<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/4827/indian-railways" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>indian railways - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/4827/rss</link>
                <description>indian railways RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीय रेलवे ने 2025-26 में 81 लाख 59 हजार पेड़ लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>रेलवे की ज़मीन पर 109 तालाब, जलाशय और आर्द्रभूमि का जीर्णोद्धार 909 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट  अतिरिक्त 3,300 मेगावाट परियोजनाओं के लिए समझौता किया गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे पटरियों के किनारे वृक्षारोपण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे कटाव कम होता है और भूस्खलन को रोका जा सकता है, खासकर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में। वनस्पति आवरण सतही अपवाह को नियंत्रित करता है और जल अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे पटरियों के अस्थिर होने का खतरा कम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177017/indian-railways-planted-81-lakh-59-thousand-trees-in-2025-26"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/indian-railway_650_022515010444.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>रेलवे की ज़मीन पर 109 तालाब, जलाशय और आर्द्रभूमि का जीर्णोद्धार 909 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट  अतिरिक्त 3,300 मेगावाट परियोजनाओं के लिए समझौता किया गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे पटरियों के किनारे वृक्षारोपण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे कटाव कम होता है और भूस्खलन को रोका जा सकता है, खासकर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में। वनस्पति आवरण सतही अपवाह को नियंत्रित करता है और जल अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे पटरियों के अस्थिर होने का खतरा कम होता है। प्रकृति-आधारित ये उपाय न केवल रेलवे संपत्तियों की रक्षा करते हैं बल्कि यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय यात्राएं भी सुनिश्चित करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जल: संचयन, पुनर्चक्रण, लेखापरीक्षा, पुनर्स्थापन</strong></div>
<div style="text-align:justify;">जल संकट हमारी सदी के सबसे बड़े संकटों में से एक है। भारतीय रेलवे, जो सैकड़ों धुलाई लाइनें, रखरखाव डिपो, खानपान सुविधाएं और यात्री सुविधाएं संचालित करता है और प्रतिदिन लाखों लीटर जल की खपत करता है, ने अपने सभी क्षेत्रों में जल उपयोग को कम करने के लिए सुनियोजित और ठोस कदम उठाए हैं। यह दृष्टिकोण व्यापक है: अपवाह में बह जाने से पहले वर्षा जल का संचयन करना, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण करके उसे गैर-पेय उपयोग में लाना, जल खपत की लेखापरीक्षा करके अपशिष्ट की पहचान करना और रेलवे भूमि के भीतर दूषित जल निकायों का पुनर्स्थापन करना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>छतों पर वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच): जहां बारिश हो रही है, वहीं उसे इकट्ठा करना</strong></div>
<div style="text-align:justify;">2016-17 से भारतीय रेलवे ने सभी रेलवे जोन में कुल 8,313 छतों पर वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच) संरचनाएं स्थापित की हैं। अकेले पिछले दो वर्षों में 2,915 नई संरचनाएं चालू की गईं, जिनमें 2024-25 में जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान के तहत स्थापित 1,215 इकाइयां शामिल हैं, जो राष्ट्रीय जल संरक्षण मिशनों के साथ सक्रिय समन्वय को रेखांकित करती हैं। दक्षिण मध्य रेलवे 3,128 आरडब्ल्यूएच संरचनाएं स्थापित करके इस पहल में सबसे आगे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे का वर्षा जल संचयन अवसंरचना दोहरे उद्देश्य की पूर्ति करता है, जो विशेष रूप से भीषण मौसम की घटनाओं के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। स्टेशनों और यार्डों पर स्थापित छत पर लगे जल संचयन तंत्र मानसूनी जल को एकत्रित और प्रवाहित करते हैं, जिससे एक ओर प्लेटफार्मों और आस-पास की पटरियों पर जलभराव को रोका जा सकता है, वहीं दूसरी ओर भूमिगत जलभंडारों का पुनर्भरण होता है। राजस्थान के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों या दक्कन के वर्षा-छाया क्षेत्रों में, ये प्रणालियाँ परिचालन के लिए जीवन रेखा हैं। एकत्रित जल स्टेशनों की सुविधाओं जैसे शौचालयों, सफाई और बागवानी में उपयोग किया जाता है, जिससे टैंकर आपूर्ति और नगरपालिका जल कनेक्शनों पर निर्भरता कम हो जाती है, जो अक्सर दूरस्थ स्टेशनों पर अनुपलब्ध या अविश्वसनीय होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जल पुनर्चक्रण संयंत्र</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सभी ज़ोन में, भारतीय रेलवे ने कुल 185 जल पुनर्चक्रण संयंत्र (डब्ल्यूआरपी) चालू किए हैं। 2015-16 से पहले मौजूद 21 संयंत्रों के आधार से, चालू करने की प्रक्रिया निरंतर जारी रही है, और पिछला वित्तीय वर्ष अब तक का सबसे मजबूत वर्ष रहा है जिसमें 26 नए संयंत्र चालू किए गए हैं। उत्तरी रेलवे 27 संयंत्रों के साथ सभी ज़ोन में सबसे आगे है, उसके बाद मध्य रेलवे (21) और दक्षिणी रेलवे (20) का स्थान है। ये संयंत्र कोच धोने और यार्ड संचालन से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपचार करके उसे गैर-पेय उपयोगों जैसे स्टेशन सफाई, बागवानी और औद्योगिक प्रक्रियाओं में पुन: उपयोग के लिए तैयार करते हैं, जिससे दुर्लभ जलभंडारों और नगरपालिका प्रणालियों से ताजे पानी की निकासी कम होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2025-26 में अब तक 310 लेखापरीक्षाएँ दर्ज की जा चुकी हैं, जो किसी एक वर्ष में सबसे अधिक हैं। दक्षिण मध्य रेलवे 442 लेखापरीक्षाओं के साथ सबसे आगे है, उसके बाद उत्तरी रेलवे (323) और पश्चिमी रेलवे (216) का स्थान आता है। इन लेखापरीक्षाओं के माध्यम से जल खपत के प्रमुख क्षेत्रों, पाइप रिसावों और प्रणाली की कमियों की पहचान की जाती है, जिससे जागरूकता को लक्षित बचत में परिवर्तित किया जा सके। मापन का अनुशासन सार्थक संरक्षण की नींव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने 2024-25 में 2016-17 की तुलना में 178 करोड़ लीटर डीजल की बचत की, जो 62% की बचत है, जिससे कच्चे तेल पर आयात निर्भरता कम हो गई है। पश्चिम एशिया संकट के बीच यह भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता को सीधे तौर पर कम करता है। डीजल से घरेलू स्तर पर उत्पादित बिजली की ओर धीरे-धीरे बढ़ते हुए, जो नवीकरणीय स्रोतों से अधिकाधिक प्राप्त की जा रही है, रेलवे ने वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता से अपने संचालन को प्रभावी ढंग से अलग कर लिया है। विद्युत कर्षण (इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन) को बायोडीजल जैसे विकल्पों की तुलना में कहीं अधिक लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल पाया गया है, जिससे यह न केवल एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है, बल्कि आर्थिक रूप से भी जिम्मेदार विकल्प है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बायो-टॉयलेट: रेल पर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने 2014 से यात्री डिब्बों में 3.66 लाख से अधिक बायो-टॉयलेट लगाकर पर्यावरण स्थिरता और यात्री स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पहल ने रेलवे ट्रैक पर मानव मल के सीधे निर्वहन को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है, जिससे स्वच्छ स्टेशन, बेहतर स्वच्छता और लाखों यात्रियों के लिए अधिक स्वच्छ यात्रा अनुभव सुनिश्चित हुआ है। बायो-टॉयलेट प्रणाली सूक्ष्मजीव क्रिया पर आधारित स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके मानव मल को पानी और गैसों में विघटित करती है, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण और दुर्गंध में काफी कमी आती है और पूरे नेटवर्क में स्वच्छता बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पहल मिट्टी और ट्रैक के संदूषण को रोककर, रेलवे संपत्तियों के क्षरण को कम करके और पर्यावरण-अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रत्यक्ष उत्सर्जन को शून्य करके और टिकाऊ स्वच्छता प्रथाओं का समर्थन करके, भारतीय रेलवे यात्रियों के आराम को बेहतर बनाते हुए स्वच्छ पारिस्थितिकी तंत्र और हरित भविष्य में योगदान दे रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नवीकरणीय ऊर्जा: सूर्य और पवन से भविष्य को शक्ति प्रदान करना</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी दीर्घकालिक परिचालन रणनीति का आधार बनाया है। दिसंबर 2025 तक, पूरे नेटवर्क में लगभग 909 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र और 103 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं। पहले से चालू संयंत्रों के अलावा, रेलवे ने राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के डेवलपर्स के साथ सौर, पवन और हाइब्रिड चौबीसों घंटे (आरटीसी) व्यवस्थाओं सहित 3,300 मेगावाट की अतिरिक्त नवीकरणीय क्षमता के लिए समझौते किए हैं, जिससे दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वच्छ ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। यह दीर्घकालिक, स्थिर मूल्य वाली हरित खरीद की ओर एक सुनियोजित बदलाव को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एलईडी प्रकाश व्यवस्था: एक कुशल रूप से प्रकाशित नेटवर्क</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने अपने कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, सेवा भवनों और आवासीय कॉलोनियों में 100% एलईडी प्रकाश व्यवस्था स्थापित कर ली है। यह एक व्यापक परिवर्तन है जो दूरस्थ स्टेशनों से लेकर देश के सबसे बड़े जंक्शनों तक हजारों स्थानों तक फैला हुआ है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177017/indian-railways-planted-81-lakh-59-thousand-trees-in-2025-26</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177017/indian-railways-planted-81-lakh-59-thousand-trees-in-2025-26</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:04:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/indian-railway_650_022515010444.webp"                         length="97958"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन संख्या 15888 गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तार की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि </strong>: पर्यटन विकास के उद्देश्य से केंद्र सरकार रेलवे के माध्यम से यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं शुरू कर रही है। विशेष रूप से विस्टाडोम कोच से युक्त ट्रेनों के जरिए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है, जिस पर सरकार द्वारा भारी खर्च भी किया गया है। इसी संदर्भ में श्रीभूमि (करीमगंज) जिले के दुल्लभछड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने ट्रेन संख्या 15888 गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तारित करने की मांग तेज कर दी है। वर्तमान में यह ट्रेन गुवाहाटी से बदरपुर जंक्शन तक सप्ताह में दो दिन बुधवार और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176809/demand-for-extension-of-train-no-15888-guwahati-badarpur-vistadome-express"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001443181.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि </strong>: पर्यटन विकास के उद्देश्य से केंद्र सरकार रेलवे के माध्यम से यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं शुरू कर रही है। विशेष रूप से विस्टाडोम कोच से युक्त ट्रेनों के जरिए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है, जिस पर सरकार द्वारा भारी खर्च भी किया गया है। इसी संदर्भ में श्रीभूमि (करीमगंज) जिले के दुल्लभछड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने ट्रेन संख्या 15888 गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तारित करने की मांग तेज कर दी है। वर्तमान में यह ट्रेन गुवाहाटी से बदरपुर जंक्शन तक सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार चलती है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लगभग 340–341 किलोमीटर की दूरी तय करने में इसे करीब 7 घंटे 50 मिनट का समय लगता है। रास्ते में Maibang, New Haflong और Jatinga सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर इसका ठहराव है। विस्टाडोम कोच होने के कारण यात्री पहाड़ी प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस ट्रेन को दुल्लभछड़ा तक बढ़ाया जाए और फाकुआ रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिया जाए, तो सोनबील के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> विशेष रूप से सोनबील, जो असम का सबसे बड़ा तथा एशिया के प्रमुख मौसमी आर्द्रभूमियों में से एक है, पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बन सकता है। लोगों का मानना है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दुल्लभछड़ा और सोनबील क्षेत्र को यदि बेहतर रेल संपर्क मिल जाए, तो यह एक ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल व्यवसाय और छोटे व्यापारों को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के लोगों ने कहा, “विस्टाडोम ट्रेन हमारे क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकती है। अगर इसे दुल्लभछड़ा तक बढ़ाया जाता है, तो पर्यटन और आवागमन दोनों में सुधार होगा।”</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से जोरदार अपील की है कि गुवाहाटी–बदरपुर विस्टाडोम एक्सप्रेस को दुल्लभछड़ा तक विस्तारित किया जाए और सोनबील के पास स्थित फाकुआ स्टेशन पर सप्ताह दो दिन विस्तार की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इस पहल से बराक घाटी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176809/demand-for-extension-of-train-no-15888-guwahati-badarpur-vistadome-express</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176809/demand-for-extension-of-train-no-15888-guwahati-badarpur-vistadome-express</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:16:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001443181.jpg"                         length="168786"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>72 ट्रेनों में चेकिंग, 1413 बेटिकट पकड़े; 9.24 लाख जुर्माना वसूला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने प्रयागराज मंडल में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 72 ट्रेनों और विभिन्न स्टेशनों पर जांच कर 1413 यात्रियों को पकड़ा गया और कुल 9,24,590 रुपये जुर्माना वसूला गया। अभियान 10 अप्रैल को मंडल रेल प्रबंधक अंकित अग्रवाल के निर्देशन में चलाया गया। जांच के दौरान बिना टिकट, अनियमित यात्रा, धूम्रपान और बिना बुकिंग सामान ले जाने वालों पर कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे के अनुसार, 645 बिना टिकट यात्रियों से 5,35,170 रुपये, 757 अनियमित यात्रियों से 3,88,220 रुपये और 11 यात्रियों से धूम्रपान व गंदगी फैलाने पर 1200 रुपये</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175857/checking-in-72-trains-caught-1413-tickets-collected-fine-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001822264.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने प्रयागराज मंडल में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 72 ट्रेनों और विभिन्न स्टेशनों पर जांच कर 1413 यात्रियों को पकड़ा गया और कुल 9,24,590 रुपये जुर्माना वसूला गया। अभियान 10 अप्रैल को मंडल रेल प्रबंधक अंकित अग्रवाल के निर्देशन में चलाया गया। जांच के दौरान बिना टिकट, अनियमित यात्रा, धूम्रपान और बिना बुकिंग सामान ले जाने वालों पर कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे के अनुसार, 645 बिना टिकट यात्रियों से 5,35,170 रुपये, 757 अनियमित यात्रियों से 3,88,220 रुपये और 11 यात्रियों से धूम्रपान व गंदगी फैलाने पर 1200 रुपये जुर्माना वसूला गया। रेल प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और वैध टिकट के साथ यात्रा करने की अपील की है। साथ ही बताया कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175857/checking-in-72-trains-caught-1413-tickets-collected-fine-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175857/checking-in-72-trains-caught-1413-tickets-collected-fine-of</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:47:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001822264.jpg"                         length="88761"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना टिकट का डर दिखाकर टीटीई ने युवती से किया दुष्कर्म, रेलवे में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden first:pt-[1px]">
<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling" style="text-align:justify;">
<h3><strong>गोरखपुर/मऊ। </strong></h3>
<p>अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस में तैनात एक टीटीई पर चलती ट्रेन में युवती के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Government Railway Police (GRP), Gorakhpur</span></span> ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी टीटीई को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Indian Railways</span></span> ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।</p>
<p>पीड़िता के अनुसार, वह परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण वह टिकट नहीं ले सकी और जल्दबाजी में एसी कोच में चढ़ गई। इसी दौरान टीटीई ने उसे बिना टिकट पकड़ लिया और कार्रवाई व जेल भेजने की धमकी देकर</p></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170274/tte-raped-a-girl-by-showing-fear-of-not-having"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/386vglso_train-generic_625x300_27_december_18.jpg" alt=""></a><br />

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden first:pt-[1px]">
<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling" style="text-align:justify;">
<h3><strong>गोरखपुर/मऊ। </strong></h3>
<p>अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस में तैनात एक टीटीई पर चलती ट्रेन में युवती के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Government Railway Police (GRP), Gorakhpur</span></span> ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी टीटीई को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Indian Railways</span></span> ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।</p>
<p>पीड़िता के अनुसार, वह परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण वह टिकट नहीं ले सकी और जल्दबाजी में एसी कोच में चढ़ गई। इसी दौरान टीटीई ने उसे बिना टिकट पकड़ लिया और कार्रवाई व जेल भेजने की धमकी देकर टिकट बनाने के बहाने एसी केबिन में ले गया। आरोप है कि वहीं उसके साथ दुष्कर्म किया गया।</p>
<h3><strong>शिकायत के बाद हुई कार्रवाई</strong></h3>
<p>घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी। इसके बावजूद युवती ने साहस दिखाते हुए डायल 112 पर सूचना दी और गोरखपुर पहुंचने पर जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p>शिकायत मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया और आरोपी टीटीई को निलंबित कर दिया गया। जीआरपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वह मूल रूप से बिहार का निवासी बताया जा रहा है।</p>
<h3><strong>इनाम की तैयारी</strong></h3>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो आरोपी पर इनाम घोषित किया जाएगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों ने भी जांच की निगरानी शुरू कर दी है।</p>
<h3><strong>यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल</strong></h3>
<p>इस घटना के बाद रेलवे में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में तैनात कर्मचारियों द्वारा ही इस तरह की वारदात किया जाना बेहद चिंताजनक है।</p>
<blockquote class="format1">रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े</blockquote>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170274/tte-raped-a-girl-by-showing-fear-of-not-having</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/170274/tte-raped-a-girl-by-showing-fear-of-not-having</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 21:35:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/386vglso_train-generic_625x300_27_december_18.jpg"                         length="263351"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Railway Station: हरियाणा में इस रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा हाईटेक, मिलेगी ये लग्जरी सुविधाएं </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167900/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-hightech-railway-station-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम</span></strong></p>
<p><span class="cf0">अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में स्टेशन परिसर के आसपास कई </span><span class="cf0">जगहें</span><span class="cf0"> खुली होने के कारण अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ रही है। इससे न </span><span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">आधुनिक</span><span class="cf0"> डिजाइन और सौंदर्य में सुधार</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नई </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> आधुनिक डिजाइन के साथ तैयार की जाएगी। इससे न केवल सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि स्टेशन परिसर की </span><span class="cf0">स्वच्छता</span><span class="cf0"> और सौंदर्य में भी सुधार आएगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0"> निगरानी में आसानी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित </span><span class="cf0">गेटों</span><span class="cf0"> और </span><span class="cf0">प्लेटफॉर्म</span><span class="cf0"> मार्गों से संभव </span><span class="cf0">होगा</span><span class="cf0">। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> लिए निगरानी भी आसान होगी।</span></p>
<p><span class="cf0">रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण और रात के समय </span><span class="cf0">असामाजिक</span><span class="cf0"> तत्वों की गतिविधियों की आशंका </span><span class="cf0">रहती</span><span class="cf0"> है। </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनने के बाद यह पूरी तरह रोका जा </span><span class="cf0">सकेगा</span><span class="cf0"> और रेलवे भूमि </span><span class="cf0">सुरक्षित</span><span class="cf0"> रहेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">परियोजना का </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> और लक्ष्य</span></strong></p>
<p><span class="cf0">हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की </span><span class="cf0">स्वीकृति</span><span class="cf0"> दे दी है। </span><span class="cf0">अधिकारियों</span><span class="cf0"> का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन अधिक सुरक्षित, साफ-सुथरा और </span><span class="cf0">व्यवस्थित</span><span class="cf0"> दिखेगा।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167900/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/167900/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 15:22:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/haryana-hightech-railway-station-%281%29.jpg"                         length="167341"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Railway Station: हरियाणा में इस रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा हाईटेक, मिलेगी ये लग्जरी सुविधाएं </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166202/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-hightech-railway-station-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Hightech Railway Station: हरियाणा</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूत</span> <span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span> <span class="cf0">रेलवे</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">अहम</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">स्टेशन</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">पूरी</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">लिए</span><span class="cf0"> करोड़ों रुपये के </span><span class="cf0">प्रोजेक्ट</span><span class="cf0"> को मंजूरी दी गई है और </span><span class="cf0">कंस्ट्रक्शन</span><span class="cf0"> के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">2200 </span><span class="cf0">मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम</span></strong></p>
<p><span class="cf0">अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में स्टेशन परिसर के आसपास कई </span><span class="cf0">जगहें</span><span class="cf0"> खुली होने के कारण अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ रही है। इससे न </span><span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">आधुनिक</span><span class="cf0"> डिजाइन और सौंदर्य में सुधार</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नई </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> आधुनिक डिजाइन के साथ तैयार की जाएगी। इससे न केवल सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि स्टेशन परिसर की </span><span class="cf0">स्वच्छता</span><span class="cf0"> और सौंदर्य में भी सुधार आएगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0"> निगरानी में आसानी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित </span><span class="cf0">गेटों</span><span class="cf0"> और </span><span class="cf0">प्लेटफॉर्म</span><span class="cf0"> मार्गों से संभव </span><span class="cf0">होगा</span><span class="cf0">। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा </span><span class="cf0">कर्मियों</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> लिए निगरानी भी आसान होगी।</span></p>
<p><span class="cf0">रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन क्षेत्र में अतिक्रमण और रात के समय </span><span class="cf0">असामाजिक</span><span class="cf0"> तत्वों की गतिविधियों की आशंका </span><span class="cf0">रहती</span><span class="cf0"> है। </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> बनने के बाद यह पूरी तरह रोका जा </span><span class="cf0">सकेगा</span><span class="cf0"> और रेलवे भूमि </span><span class="cf0">सुरक्षित</span><span class="cf0"> रहेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">परियोजना का </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> और लक्ष्य</span></strong></p>
<p><span class="cf0">हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी </span><span class="cf0">बाउंड्रीवॉल</span><span class="cf0"> के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की </span><span class="cf0">स्वीकृति</span><span class="cf0"> दे दी है। </span><span class="cf0">अधिकारियों</span><span class="cf0"> का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन अधिक सुरक्षित, साफ-सुथरा और </span><span class="cf0">व्यवस्थित</span><span class="cf0"> दिखेगा।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166202/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166202/railway-station-this-railway-station-will-be-built-in-haryana</guid>
                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 21:43:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/haryana-hightech-railway-station-%281%29.jpg"                         length="167341"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Train Ticket Booking: ट्रेन टिकट बुकिंग को लेकर नया नियम हुआ लागू, यात्रियों को मिलेगा ये फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Train Ticket Booking: रेल यात्रियों के लिए 12 जनवरी से ट्रेन टिकट बुकिंग से जुड़ा नया नियम लागू हो गया है। यह बदलाव खासतौर पर आधार से वेरिफाइड IRCTC यूजर्स के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। नए नियम के तहत अब आधार-वेरिफाइड यात्री एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) खुलने वाले दिन आधी रात तक ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे पहले टिकट बुकिंग की समय-सीमा सीमित थी।</p>
<h5>क्या बदला है नया नियम</h5>
<p>IRCTC के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 से ARP के पहले दिन जनरल रिजर्व्ड टिकट सिर्फ आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ऑनलाइन बुक कर पाएंगे। यानी जिन IRCTC अकाउंट्स में आधार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165962/train-ticket-booking-new-rule-regarding-train-ticket-booking-implemented"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/train-ticket-booking-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>Train Ticket Booking: रेल यात्रियों के लिए 12 जनवरी से ट्रेन टिकट बुकिंग से जुड़ा नया नियम लागू हो गया है। यह बदलाव खासतौर पर आधार से वेरिफाइड IRCTC यूजर्स के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। नए नियम के तहत अब आधार-वेरिफाइड यात्री एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) खुलने वाले दिन आधी रात तक ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे पहले टिकट बुकिंग की समय-सीमा सीमित थी।</p>
<h5>क्या बदला है नया नियम</h5>
<p>IRCTC के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 से ARP के पहले दिन जनरल रिजर्व्ड टिकट सिर्फ आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ऑनलाइन बुक कर पाएंगे। यानी जिन IRCTC अकाउंट्स में आधार लिंक और वेरिफिकेशन पूरा नहीं है, वे इस अवधि में टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, कंप्यूटराइज्ड PRS काउंटरों पर टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।</p>
<h5>रेलवे ने क्यों किया बदलाव</h5>
<p>रेल मंत्रालय ने 6 जनवरी को जारी बयान में कहा कि आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य करना सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है। इससे फर्जी बुकिंग, बॉट्स और टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ई-टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<h5>पहले क्या था नियम</h5>
<p>अब तक आधार-वेरिफाइड यूजर्स को ARP खुलने वाले दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही रिजर्व टिकट बुक करने की अनुमति थी। यानी सीमित समय में ही टिकट बुकिंग संभव थी, जिससे कई यात्रियों को परेशानी होती थी।</p>
<h5>चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया समय</h5>
<p>रेल मंत्रालय ने आधार-वेरिफाइड बुकिंग का दायरा धीरे-धीरे बढ़ाया है। पहले जनरल रिजर्वेशन शुरू होने के पहले 15 मिनट के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी किया गया। इसके बाद समय बढ़ाकर सुबह 8 बजे से 10 बजे किया गया।</p>
<p>29 दिसंबर 2025 को यह सीमा बढ़ाकर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे कर दी गई। फिर 5 जनवरी को आधार-वेरिफाइड यूजर्स के लिए टिकट बुकिंग का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया गया।</p>
<p>अब 12 जनवरी से, ARP के पहले दिन टिकट बुकिंग की सुविधा आधी रात तक दे दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165962/train-ticket-booking-new-rule-regarding-train-ticket-booking-implemented</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165962/train-ticket-booking-new-rule-regarding-train-ticket-booking-implemented</guid>
                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 11:51:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/train-ticket-booking-%283%29.jpg"                         length="171219"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने लिया ये बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा में रोहतक जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने रोहतक और असम के कामाख्या के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के साथ ही रोहतक को पूर्वोत्तर भारत से पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलने जा रहा है। अब तक इस रूट पर यात्रा करने के लिए यात्रियों को दिल्ली या अन्य बड़े जंक्शन पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी।</p>
<p>रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह ट्रेन 15671 और 15672 नंबर से साप्ताहिक रूप में संचालित की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165817/good-news-for-railway-passengers-in-haryana-railways-took-this"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-news---2026-01-12t205741.264.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा में रोहतक जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने रोहतक और असम के कामाख्या के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के साथ ही रोहतक को पूर्वोत्तर भारत से पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलने जा रहा है। अब तक इस रूट पर यात्रा करने के लिए यात्रियों को दिल्ली या अन्य बड़े जंक्शन पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी।</p>
<p>रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह ट्रेन 15671 और 15672 नंबर से साप्ताहिक रूप में संचालित की जाएगी। 15671 कामाख्या–रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार रात 10 बजे कामाख्या से रवाना होगी और लगभग दो दिन का सफर तय कर रविवार दोपहर 2:45 बजे रोहतक पहुंचेगी। वहीं, वापसी में 15672 रोहतक–कामाख्या अमृत भारत एक्सप्रेस रविवार रात 10:10 बजे रोहतक से चलेगी और मंगलवार दोपहर 12:15 बजे कामाख्या पहुंचेगी।</p>
<p>हालांकि, ट्रेन के संचालन की औपचारिक तिथि और अंतिम टाइम टेबल अभी जारी नहीं किया गया है। प्रस्तावित रूट के अनुसार यह ट्रेन असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से होकर गुजरेगी। रास्ते में काठिहार, छपरा, वाराणसी, प्रयागराज और दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशनों के अलावा रंगिया, न्यू जलपाईगुड़ी, किशनगंज, बरौनी, बेगूसराय, हाजीपुर, सोनपुर, बलिया, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ जैसे स्टेशनों पर वाणिज्यिक ठहराव रहेगा।</p>
<p>इस नई ट्रेन के शुरू होने से रोहतक के साथ-साथ झज्जर, सोनीपत और भिवानी क्षेत्र के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। असम और पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा अब न सिर्फ आसान होगी, बल्कि समय और खर्च दोनों की भी बचत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165817/good-news-for-railway-passengers-in-haryana-railways-took-this</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165817/good-news-for-railway-passengers-in-haryana-railways-took-this</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 20:57:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/haryana-news---2026-01-12t205741.264.jpg"                         length="170573"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमसीएफ के महाप्रबंधक पी, के मिश्रा की पुस्तक ने खोले रेलवे इतिहास के पन्ने </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>संदीप कुमार-फिजा </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>लालगंज रायबरेली।</strong> भारतीय रेलवे केवल इंजनों की गर्जना, पटरियों की खनक और स्टेशनों की भीड़ का नाम नहीं है। यह उस राष्ट्र की धड़कन है, जिसने गुलामी की बेड़ियों में भी अपने भविष्य की राह इस्पात पर लिखी। इसी ऐतिहासिक सत्य को शब्द, संदर्भ और संवेदना प्रदान करती है पुस्तक ‘हिंदुस्तान का राजमार्ग : ईस्ट इंडियन रेलवे (1841–1871)’,  जिसे लिखा है आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (मॉडर्न कोच फैक्ट्री), लालगंज (रायबरेली) के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने। महाप्रबंधक  प्रशांत कुमार मिश्रा का व्यक्तित्व भारतीय रेलवे में केवल एक शीर्ष प्रशासक का नहीं, बल्कि इतिहास बोध से संपन्न एक चिंतक,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165688/mcf-general-manager-pk-mishras-book-opens-pages-of-railway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260110-wa0304.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>संदीप कुमार-फिजा </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>लालगंज रायबरेली।</strong> भारतीय रेलवे केवल इंजनों की गर्जना, पटरियों की खनक और स्टेशनों की भीड़ का नाम नहीं है। यह उस राष्ट्र की धड़कन है, जिसने गुलामी की बेड़ियों में भी अपने भविष्य की राह इस्पात पर लिखी। इसी ऐतिहासिक सत्य को शब्द, संदर्भ और संवेदना प्रदान करती है पुस्तक ‘हिंदुस्तान का राजमार्ग : ईस्ट इंडियन रेलवे (1841–1871)’,  जिसे लिखा है आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (मॉडर्न कोच फैक्ट्री), लालगंज (रायबरेली) के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने। महाप्रबंधक  प्रशांत कुमार मिश्रा का व्यक्तित्व भारतीय रेलवे में केवल एक शीर्ष प्रशासक का नहीं, बल्कि इतिहास बोध से संपन्न एक चिंतक, विरासत के संरक्षक और समय को शब्दों में थाम लेने वाले विद्वान लेखक का है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने इस पुस्तक में पूर्वी भारतीय रेलवे के प्रारंभिक तीन दशकों का ऐसा प्रामाणिक और व्यापक इतिहास रचा है, जो अब तक उपलब्ध किसी भी अध्ययन से कहीं आगे जाता है। यह पुस्तक प्राथमिक और मूल अभिलेखीय स्रोतों पर आधारित है—वे दस्तावेज, वे रिपोर्टें, वे पत्र और वे निर्णय, जिन्होंने रेलवे को साम्राज्य की आवश्यकता से निकालकर राष्ट्र की जीवनरेखा बनाया। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि रेलवे केवल ब्रिटिश सत्ता का औजार नहीं थी, बल्कि वही लौह मार्ग आगे चलकर भारत की आर्थिक चेतना, सामाजिक संरचना और भौगोलिक एकता की रीढ़ बना। </div>
<div> </div>
<div><strong>हिंदुस्तान का राजमार्ग’ कोई साधारण पुस्तक नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की वह स्मृति है, जिसे प्रशांत कुमार मिश्रा ने शब्दों में अमर कर दिया</strong></div>
<div> </div>
<div>दक्कन में रेलवे विस्तार, अकाल और औपनिवेशिक नीतियाँ, इंजीनियरिंग के असंभव को संभव करने वाले प्रयास, गुमनाम श्रमिकों का पसीना, और दूरदर्शी सुधारकों की सोच—इन सभी को प्रशांत मिश्रा ने केवल इतिहास की तरह नहीं, बल्कि मानवीय कथा के रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक बताती है कि कैसे इस्पात की पटरियों पर सिर्फ रेलगाड़ियाँ नहीं चलीं, बल्कि एक सभ्यता ने अपनी दिशा तय की। महाप्रबंधक के रूप में प्रशांत कुमार मिश्रा ने जहां रेलवे के आधुनिक निर्माण और प्रशासन में अपनी अलग पहचान बनाई है, वहीं एक इतिहासकार के रूप में उन्होंने भारतीय रेलवे की आत्मा को संरक्षित करने का कार्य किया है।</div>
<div> </div>
<div>देशभर में पचास से अधिक ऐतिहासिक रेलवे संरचनाओं के जीर्णोद्धार का नेतृत्व कर उन्होंने यह सिद्ध किया कि विकास और विरासत विरोधी नहीं, बल्कि सहयात्री हो सकते हैं।उनका लेखन केवल अकादमिक नहीं, बल्कि जीवंत है—ऐसा लेखन जो पाठक को 19वीं सदी के प्लेटफॉर्म पर खड़ा कर देता है, जहां भाप से चलती ट्रेन के साथ-साथ इतिहास की दिशा भी बदल रही होती है। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ डोरलिंग किंडरस्ले और पेंगुइन रैंडम हाउस जैसे विश्वविख्यात प्रकाशन समूहों द्वारा प्रकाशित की गई हैं।</div>
<div> </div>
<div>‘हिंदुस्तान का राजमार्ग’ कोई साधारण पुस्तक नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की वह स्मृति है, जिसे प्रशांत कुमार मिश्रा ने शब्दों में अमर कर दिया है। यह पुस्तक इतिहासकारों के लिए संदर्भ, प्रशासकों के लिए दृष्टि, विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और आम पाठक के लिए गर्व का कारण है।यह कृति बताती है कि जब एक प्रशासक के हाथ में कलम आती है और उसके भीतर इतिहास की चेतना जागती है, तो वह केवल किताब नहीं लिखता—वह आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र की स्मृति रच देता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165688/mcf-general-manager-pk-mishras-book-opens-pages-of-railway</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165688/mcf-general-manager-pk-mishras-book-opens-pages-of-railway</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 18:53:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img-20260110-wa0304.jpg"                         length="521129"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Indian Railways: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! मकर सक्रांति पर चलेंगी 150 स्पेशल ट्रेनें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Indian Railways: नए साल की शुरुआत के साथ ही मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आ रहा है। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने मकर संक्रांति के अवसर पर 150 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है।</p>
<p><strong>तेलुगु राज्यों के लिए अधिकतर स्पेशल ट्रेनें</strong></p>
<p>दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. श्रीधर ने जानकारी देते हुए बताया कि मकर संक्रांति के दौरान यात्रा की भारी मांग को देखते हुए अब तक करीब 150 विशेष ट्रेनों की घोषणा की जा चुकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165566/indian-railways-good-news-for-railway-passengers-150-special-trains"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/indian-railways-(9).jpg" alt=""></a><br /><p>Indian Railways: नए साल की शुरुआत के साथ ही मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आ रहा है। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने मकर संक्रांति के अवसर पर 150 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है।</p>
<p><strong>तेलुगु राज्यों के लिए अधिकतर स्पेशल ट्रेनें</strong></p>
<p>दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. श्रीधर ने जानकारी देते हुए बताया कि मकर संक्रांति के दौरान यात्रा की भारी मांग को देखते हुए अब तक करीब 150 विशेष ट्रेनों की घोषणा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ये ट्रेनें मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जाने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही हैं।</p>
<p><strong>तिरुपति और शिरडी के लिए भी विशेष रेल सेवाएं</strong></p>
<p>ए. श्रीधर ने बताया कि उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए भी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि तिरुपति और शिरडी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।</p>
<p>त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरे नेटवर्क पर 600 से ज्यादा ट्रेनें संचालित की जा रही हैं, जिनमें महाराष्ट्र के कई प्रमुख स्टेशनों से जुड़ी ट्रेनें भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>सिकंदराबाद स्टेशन पर भारी भीड़ की आशंका</strong></p>
<p>रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मकर संक्रांति के दौरान सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसके साथ ही स्टेशन पर पुनर्निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है।</p>
<p><strong>कुछ ट्रेनों के स्टेशनों में बदलाव</strong></p>
<p>भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए रेलवे ने अहम कदम उठाए हैं। ए. श्रीधर ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को सिकंदराबाद से चारलापल्ली, काचेगुडा और लिंगमपल्ली स्टेशनों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। वहीं, कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से अन्य स्टेशनों से संचालित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165566/indian-railways-good-news-for-railway-passengers-150-special-trains</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165566/indian-railways-good-news-for-railway-passengers-150-special-trains</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Jan 2026 11:57:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/indian-railways-%289%29.jpg"                         length="169974"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ooty Tour: सर्दियों में घूमने के लिए ये हिल स्टेशन है बेस्ट, IRCTC ने पेश किया ये जबरदस्त टूर पैकेज </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Ooty Tour: नीलगिरी पहाड़ियों में बसा ऊटी देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। अपनी खूबसूरत वादियों, ठंडे मौसम और प्राकृतिक नजारों के कारण इसे ‘हिल स्टेशनों की रानी’ कहा जाता है। ब्रिटिश दौर में यह मद्रास प्रेसीडेंसी की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। आज ऊटी की अर्थव्यवस्था पर्यटन और कृषि के साथ-साथ दवाओं और फोटोग्राफिक फिल्म के निर्माण पर भी आधारित है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/ultimate-o-8ac88a2da056a3d.jpg" alt="ultimate-o-8ac88a2da056a3d" width="1200" height="935" /></p>
<p>अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो IRCTC आपके लिए एक बेहतरीन और किफायती टूर पैकेज लेकर आया है। इस पैकेज में यात्रियों को रहने और खाने-पीने की सुविधा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165360/ooty-tour-this-hill-station-is-the-best-to-visit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/ooty-tour.jpg" alt=""></a><br /><p>Ooty Tour: नीलगिरी पहाड़ियों में बसा ऊटी देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। अपनी खूबसूरत वादियों, ठंडे मौसम और प्राकृतिक नजारों के कारण इसे ‘हिल स्टेशनों की रानी’ कहा जाता है। ब्रिटिश दौर में यह मद्रास प्रेसीडेंसी की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। आज ऊटी की अर्थव्यवस्था पर्यटन और कृषि के साथ-साथ दवाओं और फोटोग्राफिक फिल्म के निर्माण पर भी आधारित है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/ultimate-o-8ac88a2da056a3d.jpg" alt="ultimate-o-8ac88a2da056a3d" width="1920" height="935"></img></p>
<p>अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो IRCTC आपके लिए एक बेहतरीन और किफायती टूर पैकेज लेकर आया है। इस पैकेज में यात्रियों को रहने और खाने-पीने की सुविधा के साथ ऊटी और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/ooty-1557144864.jpg" alt="OOTY-1557144864" width="750" height="420"></img></p>
<p>IRCTC का यह ऊटी टूर पैकेज 4 रात और 5 दिन का है, जिसकी कीमत 8,980 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गई है। इस पैकेज में ठहरने, भोजन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की सुविधा शामिल है, जिससे यात्रियों को अलग से किसी व्यवस्था की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/botanical_garden_6sot8iv.jpg" alt="botanical_garden_6SOT8IV" width="960" height="720"></img></p>
<p>इस टूर पैकेज के तहत पर्यटक डोड्डाबेट्टा चोटी, टी म्यूजियम, ऊटी झील, बॉटनिकल गार्डन, फिल्म शूटिंग स्थल, पायकारा जलप्रपात और झील, मुदुमलाई वाइल्डलाइफ सेंचुरी, कुन्नूर, सिम्स पार्क, लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज जैसी प्रसिद्ध जगहों की सैर कर सकेंगे।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/ooty.jpg" alt="Ooty" width="700" height="466"></img></p>
<p>IRCTC के इस ऊटी टूर पैकेज से जुड़ी विस्तृत जानकारी और बुकिंग के लिए IRCTC टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पैकेज कोड SMR007 के जरिए विवरण देखा जा सकता है। यह पैकेज कम बजट में ऊटी घूमने का शानदार मौका प्रदान करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165360/ooty-tour-this-hill-station-is-the-best-to-visit</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165360/ooty-tour-this-hill-station-is-the-best-to-visit</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 20:55:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/ooty-tour.jpg"                         length="165307"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Train Canceled: यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे ने ये ट्रेनें की रद्द </title>
                                    <description><![CDATA[<div>Train Canceled: रेलवे द्वारा बीकानेर मंडल के भिवानी-रोहतक रेलखण्ड के मध्य डोभभाली-लाहली-कलानौल कलां स्टेशनों के मध्य दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत ऑटोमेटिक ब्लॉक सिंगनलिग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य हेतु रेल यातायात प्रभावित रहेगा।</div>
<div>  </div>
<div>उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित निम्न रेलसेवाएं प्रभावित रहेगी:-</div>
<div>  </div>
<div><strong>रद्द रेलसेवाएं ( प्रारम्भिक स्टेशन से)</strong></div>
<div>  </div>
<div>1. गाडी संख्या 54016, भिवानी-रोहतक रेलसेवा दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div>  </div>
<div>2. गाडी संख्या 54013, रोहतक-भिवानी रेलसेवा दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div>  </div>
<div>3. गाडी संख्या 54018,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165333/train-canceled-passengers-please-note-that-railways-has-canceled-these"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/train-canceled-(9).jpg" alt=""></a><br /><div>Train Canceled: रेलवे द्वारा बीकानेर मंडल के भिवानी-रोहतक रेलखण्ड के मध्य डोभभाली-लाहली-कलानौल कलां स्टेशनों के मध्य दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत ऑटोमेटिक ब्लॉक सिंगनलिग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य हेतु रेल यातायात प्रभावित रहेगा।</div>
<div> </div>
<div>उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित निम्न रेलसेवाएं प्रभावित रहेगी:-</div>
<div> </div>
<div><strong>रद्द रेलसेवाएं ( प्रारम्भिक स्टेशन से)</strong></div>
<div> </div>
<div>1. गाडी संख्या 54016, भिवानी-रोहतक रेलसेवा दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>2. गाडी संख्या 54013, रोहतक-भिवानी रेलसेवा दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>3. गाडी संख्या 54018, भिवानी-रोहतक रेलसेवा दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>4. गाडी संख्या 54015, रोहतक- भिवानी रेलसेवा दिनांक 26.01.26 से 15.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>5. गाडी संख्या 54014, भिवानी-रोहतक रेलसेवा दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>6. गाडी संख्या 54011, रोहतक-हांसी रेलसेवा दिनांक 14.02.26 से 16.02.26 तक (03 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>7. गाडी संख्या 54012, हांसी- रोहतक रेलसेवा दिनांक 14.02.26 से 16.02.26 तक (03 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>8. गाडी संख्या 54424, हिसार-नई दिल्ली रेलसेवा दिनांक 14.02.26 को (01 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div>9. गाडी संख्या 54423, नई दिल्ली- हिसार रेलसेवा दिनांक 14.02.26 को (01 ट्रिप) रद्द रहेगी। </div>
<div> </div>
<div><strong>आंशिक रद्द रेलसेवाएं</strong></div>
<div> </div>
<div>1. गाडी संख्या 54005, दिल्ली-भिवानी रेलसेवा जो दिनांक 27.01.26 से 16.02.26 तक (21 ट्रिप) दिल्ली से प्रस्थान करेगी वह रोहतक तक संचालित होगी। अर्थात् यह रेलेसवा रोहतक-भिवानी के मध्य आंशिक रद्द रहेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>मार्ग परिवर्तित रेलसेवाएं</strong></div>
<div> </div>
<div>1. गाडी संख्या 14619, अगरतला-फिरोजपुर रेलसेवा जो दिनांक 29.01.26, 05.02.26 व </div>
<div>12.02.26 को (03 ट्रिप) अगरतला से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग रोहतक-झाडली-बठिण्डा होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा जींद व जाखल स्टेशनों पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>2. गाडी संख्या 14731, दिल्ली-बठिण्डा रेलसेवा जो दिनांक 27.01.26 से 12.02.26 तक (17 ट्रिप) दिल्ली से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग रोहतक-डोभभाली-महम-हांसी-हिसार-बठिंडा होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा महम स्टेशनपर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>3. गाडी संख्या 14731, दिल्ली-बठिण्डा रेलसेवा जो दिनांक 13.02.26 से 16.02.26 तक (04 ट्रिप) दिल्ली से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग रोहतक-जाखल-बठिण्डा होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा जींद व जाखल स्टेशनों पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>4. गाडी संख्या 14732, बठिण्डा- दिल्ली रेलसेवा जो दिनांक 27.01.26 से 12.02.26 तक (17 ट्रिप) बठिण्डा से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग बठिंडा-हिसार-हांसी-महम-डोभभाली-रोहतक होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा महम स्टेशन पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>5. गाडी संख्या 14732, बठिण्डा- दिल्ली रेलसेवा जो दिनांक 13.02.26 से 16.02.26 तक (04 ट्रिप) बठिण्डा से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग बठिण्डा-जाखल-रोहतक होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा जाखल व जींद स्टेशनों पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>6. गाडी संख्या 54424, हिसार-नई दिल्ली रेलसेवा जो दिनांक 15.02.26 से 16.02.26 तक (02 ट्रिप) हिसार से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग हिसार-हांसी-महम-डोभभाली-रोहतक होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा महम स्टेशन पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>7. गाडी संख्या 54423, नई दिल्ली-हिसार रेलसेवा जो दिनांक 15.02.26 को (01 ट्रिप) नई दिल्ली से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग रोहतक-डोभभाली-महम-हांसी-हिसार होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा महम स्टेशन पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>8. गाडी संख्या 14717, बीकानेर-हरिद्वार रेलसेवा जो दिनांक 28.01.26, 30.01.26, 02.02.26, 04.02.26, 06.02.26, 09.02.26, 11.02.26, 13.02.26 व 16.02.26 को (09 ट्रिप) बीकानेर से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग हिसार-हांसी-महम-डोभभाली-रोहतक होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा महम स्टेशन पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div>9. गाडी संख्या 14718, हरिद्वार-बीकानेर रेलसेवा जो दिनांक 29.01.26, 31.01.26, 03.02.26, 05.02.26, 07.02.26, 10.02.26, 12.02.26 व 14.02.26 को (08 ट्रिप) हरिद्वार से प्रस्थान करेगी वह परिवर्तित मार्ग रोहतक-डोभभाली-महम-हांसी-हिसार होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा महम स्टेशन पर ठहराव करेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>उपरोक्त कार्य के कारण निम्न रेलसेवाएं कुछ स्टेषनों पर ठहराव नहीं करेगीः</strong></div>
<div> </div>
<div>1 गाडी संख्या 54005, दिल्ली-भिवानी  रेलसेवा जो दिनांक 05.01.26 से 26.01.26 तक (22 ट्रिप) दिल्ली से प्रस्थान करेगी वह कलानौर कलां स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी।</div>
<div> </div>
<div>2 गाडी संख्या 54014, भिवानी-रोहतक रेलसेवा जो दिनांक 05.01.26 से 26.01.26 तक (22 ट्रिप) भिवानी से प्रस्थान करेगी वह कलानौर कलां स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी।</div>
<div> </div>
<div>3 गाडी संख्या 12556, बठिण्डा-गोरखपुर रेलसेवा जो दिनांक 05.01.26 से 26.01.26 तक (22 ट्रिप) बठिण्डा से प्रस्थान करेगी वह कलानौर कलां स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी।</div>
<div> </div>
<div>4 गाडी संख्या 14118, भिवानी-प्रयागराज रेलसेवा जो दिनांक 14.01.26 से 16.02.26 तक (34 ट्रिप) भिवानी से प्रस्थान करेगी वह लाहली स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165333/train-canceled-passengers-please-note-that-railways-has-canceled-these</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165333/train-canceled-passengers-please-note-that-railways-has-canceled-these</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:20:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/train-canceled-%289%29.jpg"                         length="119597"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        