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                <title>indian railways - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>indian railways RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रयागराज मण्डल में एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत स्टाल के लिए दिव्यांगजनों को मिलेगी प्राथमिकता।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज, रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक, हरिमोहन के निर्देशन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रयागराज मण्डल में वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP) योजना के अंतर्गत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके तहत प्रयागराज मण्डल के 28 स्टेशनों पर 39 OSOP स्टॉल/ट्रॉलियों के माध्यम से अनुमोदित स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">OSOP स्टॉल/ट्रॉलियों के आवंटन हेतु सभी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं, लेकिन दिव्यांगजनों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185922/disabled-people-will-get-priority-for-stall-under-one-station"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0125.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज, रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक, हरिमोहन के निर्देशन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रयागराज मण्डल में वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP) योजना के अंतर्गत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके तहत प्रयागराज मण्डल के 28 स्टेशनों पर 39 OSOP स्टॉल/ट्रॉलियों के माध्यम से अनुमोदित स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">OSOP स्टॉल/ट्रॉलियों के आवंटन हेतु सभी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं, लेकिन दिव्यांगजनों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना, स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा रेलवे स्टेशनों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अंतर्गत सोनभद्र, मिर्जापुर, विंध्याचल, चुनार, मानिकपुर, प्रयागराज-छिवकी, प्रयागराज, सूबेदारगंज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, पनकीधाम, कानपुर अनवरगंज, फफूंद, मैनपुरी, हाथरस, अलीगढ़, भोगांव, अछल्दा, झींझक, रूरा, भरथना, दादरी, डावर, इटावा, खुर्जा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद एवं टूंडला स्टेशनों पर आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इच्छुक एवं पात्र आवेदक संबंधित स्टेशन के स्टेशन मास्टर के नाम प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड एवं दिव्यांगजन प्रमाणपत्र की प्रति संलग्न करना आवश्यक होगा। खाद्य उत्पादों की बिक्री हेतु आवेदन करने वाले आवेदकों को वैध FSSAI प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज, प्रयागराज-छिवकी, मिर्जापुर, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, इटावा, टूंडला, फतेहपुर एवं सूबेदारगंज स्टेशनों पर पंजीकरण शुल्क ₹2,000 प्रतिमाह तथा अन्य स्टेशनों पर ₹1,000 प्रतिमाह निर्धारित है। स्टॉल/ट्रॉली का आवंटन अधिकतम तीन माह के लिए किया जाएगा। न्यूनतम 15 दिनों के लिए शुल्क क्रमशः ₹1,000 एवं ₹500 तथा तीन माह के लिए क्रमशः ₹6,000 एवं ₹3,000 निर्धारित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्येक स्टॉल पर प्रत्येक शिफ्ट में अधिकतम दो सेल्समैन, जिसमें प्लेटफॉर्म वेंडर भी शामिल हैं, कार्य कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त 60 यूनिट तक विद्युत प्रभार रेलवे द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह योजना सभी पात्र आवेदकों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने की दिशा में प्रयागराज मण्डल का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, इससे स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को रेलवे स्टेशनों के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध होगा तथा स्थानीय कारीगरों एवं उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 18:17:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जुलाई माह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ को किया गया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज, रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग, हरिमोहन के निर्देशन में निरंतर टिकट चेकिंग अभियान चलाये जा रहे हैं । आज दिनांक 12.07.2026 को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्री हरि मोहन द्वारा जुलाई -2026 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ को प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया । मंडल के टिकट चेकिंग कर्मचारियों ने बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के विरुद्ध चलाए गए विशेष जांच अभियानों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए ₹8.90 करोड़ का राजस्व अर्जित किया । इस अवसर पर  शशिरंजन, सहायक वाणिज्य प्रबंधक/टिकट चेकिंग एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185191/ticket-checking-staff-who-performed-excellently-in-the-month-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260812-wa0108.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज, रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग, हरिमोहन के निर्देशन में निरंतर टिकट चेकिंग अभियान चलाये जा रहे हैं । आज दिनांक 12.07.2026 को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्री हरि मोहन द्वारा जुलाई -2026 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ को प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया । मंडल के टिकट चेकिंग कर्मचारियों ने बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के विरुद्ध चलाए गए विशेष जांच अभियानों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए ₹8.90 करोड़ का राजस्व अर्जित किया । इस अवसर पर  शशिरंजन, सहायक वाणिज्य प्रबंधक/टिकट चेकिंग एवं  अम्बरीश कुमार राय, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक/टिकट चेकिंग भी उपस्थित रहे |  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जुलाई 2026 में ओपन स्क्वाड श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों ने विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में कुणाल कुमार, मुख्य टिकट निरीक्षक/प्रयागराज ने 952 मामलों में कार्रवाई कर ₹10.09 लाख का राजस्व अर्जित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।  संतोष कुमार, वाणिज्यक सह टिकट लिपिक ने ₹9.98 लाख तथा  राजकुमार यादव, मुख्य टिकट निरीक्षक ने ₹9.24 लाख का राजस्व अर्जित कर क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त  अविनाश कुमार सिंह ,उप मुख्य टिकट निरीक्षक एवं रविकान्त तिवारी, उप मुख्य टिकट निरीक्षक ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एमेनिटी स्टाफ श्रेणी में  विजय पाल, मुख्य टिकट निरीक्षक/प्रयागराज  ने सबसे अधिक आय अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं पोपट लाल मीणा, लज्जा राम मीणा, बीकेश कुमार सिंह, तथा कृष्णा कुमार चौरसिया ने भी सराहनीय कार्य किया।  श्रीमती श्वेताम सिंह , उप मुख्य टिकट निरीक्षक ने उत्कृष्ट कार्य करते हुये 891 मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹8.48 लाख का राजस्व अर्जित कर महिला टिकट चेकिंग कर्मचारियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया । </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:42:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राजकुमार वानखेड़े ने ग्रहण किया  उत्तर मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक का पदभार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  राजकुमार वानखेड़े 1990 बैच के आई. आर. एस. ई. अधिकारी हैं। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, औरंगाबाद से बीई (सिविल) और आईआईटी-मुंबई से एम टेक किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए कई डिवीज़न और ज़ोनल रेलवे में काम किया है, जिनमें पश्चिमी रेलवे के रतलाम और वड़ोदरा डिवीज़न, दक्षिण मध्य रेलवे का नांदेड़ डिवीज़न, पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण संगठन, RITES, नागपुर मेट्रो आदि शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डिवीज़न में काम करते हुए उनका संरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। उन्होंने सुरंगों और गहरी कटिंग (deep cuttings) के लिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184474/rajkumar-wankhede-assumed-the-charge-of-additional-general-manager-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260801-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> राजकुमार वानखेड़े 1990 बैच के आई. आर. एस. ई. अधिकारी हैं। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, औरंगाबाद से बीई (सिविल) और आईआईटी-मुंबई से एम टेक किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए कई डिवीज़न और ज़ोनल रेलवे में काम किया है, जिनमें पश्चिमी रेलवे के रतलाम और वड़ोदरा डिवीज़न, दक्षिण मध्य रेलवे का नांदेड़ डिवीज़न, पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण संगठन, RITES, नागपुर मेट्रो आदि शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिवीज़न में काम करते हुए उनका संरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। उन्होंने सुरंगों और गहरी कटिंग (deep cuttings) के लिए कई नए और बेहतर सुरक्षा/मजबूतीकरण के काम किए, राजधानी रूट पर गति बढ़ाने के उपाय किए, और लंबे समय की सुरक्षा और नीतिगत पहलों (जैसे अतिक्रमण हटाना) के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। पश्चिम रेलवे के निर्माण क्षेत्र में काम करते हुए, उन्होंने EPC कॉन्ट्रैक्ट, कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने और स्थापित करने तथा तेज़ी से ज़मीन अधिग्रहण करने में अहम भूमिका निभाई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्माण संगठन में, उन्होंने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में नई लाइन/दोहरीकरण/मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स के तहत सुरंगों और कई महत्वपूर्ण/बड़े पुलों का निर्माण किया। उन्हें ट्रैक, पुलों और सुरंगों के एसेट मैनेजमेंट का अच्छा अनुभव है, साथ ही नागपुर मेट्रो के प्रोजेक्ट हेड के तौर पर मेट्रो निर्माण का भी गहरा अनुभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे में बड़ी आपदाओं के बावजूद, एसेट मैनेजमेंट, क्षमता निर्माण और सुधार, तथा आपदाओं के समय तेज़ी से प्रतिक्रिया देने और उन्हें कम करने में उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वे एक कुशल पेशेवर हैं जिनकी समझ बहुत अच्छी है और उन्हें आईआईटी-मुंबई से एम टेक (स्ट्रक्चर) की योग्यता हासिल है। 36 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने रेलवे, निर्माण, मेट्रो और भारतीय रेलवे में अन्य प्रशासनिक पदों पर काम करते हुए विभिन्न क्षेत्रों और विभागों में अपनी कुशलता साबित की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 22:06:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे टिकट चेकिंग कर्मचारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो</div>
<div style="text-align:justify;">यह</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260725_190151.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो सहित रिकॉर्ड होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पायलट परियोजना महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह के विशेष निर्देशों के अनुपालन में प्रारंभ की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रथम चरण में प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों—12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस (प्रयागराज–नई दिल्ली–प्रयागराज) तथा 12451/12452 श्रमशक्ति एक्सप्रेस (कानपुर–नई दिल्ली–कानपुर) में कार्यरत टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस व्यवस्था का विस्तार चरणबद्ध रूप से प्रयागराज मंडल से प्रारंभ होने वाली अन्य ट्रेनों में भी किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए बॉडी वॉर्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हैं, जिनमें एचडी (HD) वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विज़न, लंबी अवधि का बैटरी बैकअप तथा टैंपर-प्रूफ रिकॉर्डिंग प्रणाली जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन विशेषताओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी निर्बाध रिकॉर्डिंग सुनिश्चित होगी तथा रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">टिकट जांच के दौरान कई बार यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों के मध्य विवाद अथवा शिकायतें उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में कैमरे में उपलब्ध रिकॉर्डिंग निष्पक्ष एवं विश्वसनीय साक्ष्य के रूप में कार्य करेगी, जिससे वास्तविक तथ्यों के आधार पर शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इससे निराधार अथवा फर्जी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही यदि किसी यात्री के साथ अनुचित व्यवहार अथवा किसी कर्मचारी के साथ अभद्रता, दुर्व्यवहार या मारपीट जैसी घटना होती है, तो उसकी सत्यता का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">यह व्यवस्था टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं व्यावसायिक आचरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। साथ ही यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा तथा टिकट जांच के दौरान अनुशासन एवं शालीन व्यवहार को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टिकट चेकिंग प्रक्रिया का निष्पक्ष एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों के हितों का समान रूप से संरक्षण होगा। फर्जी शिकायतों एवं अनावश्यक विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। शिकायतों एवं अपीलों के निस्तारण में साक्ष्य आधारित एवं त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों के कार्य निष्पादन, व्यवहार एवं सेवा गुणवत्ता का अधिक प्रभावी मूल्यांकन संभव होगा। सुरक्षा संबंधी घटनाओं, संदिग्ध गतिविधियों अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उपलब्ध वीडियो फुटेज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं अन्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध होगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों का रेलवे के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रेलवे की सकारात्मक छवि को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से रेलवे प्रशासन में सुशासन (Good Governance), पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को और अधिक मजबूती मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज मंडल का विश्वास है कि यह अभिनव पहल यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ टिकट चेकिंग व्यवस्था को भी अधिक आधुनिक, प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाएगी। पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार प्रयागराज मंडल की अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:40:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज मंडल में रेल हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ावा देने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार अखिल रेल हिंदी प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता के प्रथम चरण का आयोजन आज उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल कार्यालय में सफलतापूर्वक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल के विभिन्न स्टेशनों एवं कार्यालयों से कुल 21 कर्मचारियों ने पूरे उत्साह एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन पूर्णतः हिंदी माध्यम में किया गया, जिसमें प्रतिभागियों से रेलवे संबंधी विषयों, हिंदी भाषा एवं साहित्य, राजभाषा तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184065/rail-hindi-quiz-competition-organized-in-prayagraj-division"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260724-wa00811.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ावा देने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार अखिल रेल हिंदी प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता के प्रथम चरण का आयोजन आज उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल कार्यालय में सफलतापूर्वक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल के विभिन्न स्टेशनों एवं कार्यालयों से कुल 21 कर्मचारियों ने पूरे उत्साह एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन पूर्णतः हिंदी माध्यम में किया गया, जिसमें प्रतिभागियों से रेलवे संबंधी विषयों, हिंदी भाषा एवं साहित्य, राजभाषा तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान, त्वरित निर्णय क्षमता एवं टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता का उद्देश्य कर्मचारियों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राजभाषा नीति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा रेलवे से संबंधित ज्ञान का विस्तार करना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित टीम आगामी क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल का प्रतिनिधित्व करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता का आयोजन राजभाषा विभाग द्वारा सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का वातावरण देखने को मिला।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:38:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकास के नए स्वरूप के साथ तैयार है फतेहपुर रेलवे स्टेशन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> गंगा और यमुना जैसी पावन नदियों के मध्य स्थित फतेहपुर, प्रयागराज और कानपुर के बीच अपनी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण लंबे समय से यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्टेशन उत्तर भारत  के सबसे पुराने रेल खंड एवं प्रयागराज एवं कानपुर शहरों के मध्य स्थित प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है, जिसका इतिहास वर्ष 1859 में इस रेलखंड के प्रारंभ होने से जुड़ा है। यह स्टेशन ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र की प्रारंभिक रेल सेवाओं में से एक के प्रस्थान स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183393/fatehpur-railway-station-is-ready-with-new-form-of-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0083.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> गंगा और यमुना जैसी पावन नदियों के मध्य स्थित फतेहपुर, प्रयागराज और कानपुर के बीच अपनी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण लंबे समय से यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्टेशन उत्तर भारत  के सबसे पुराने रेल खंड एवं प्रयागराज एवं कानपुर शहरों के मध्य स्थित प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है, जिसका इतिहास वर्ष 1859 में इस रेलखंड के प्रारंभ होने से जुड़ा है। यह स्टेशन ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र की प्रारंभिक रेल सेवाओं में से एक के प्रस्थान स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेलमार्ग, जो भारत के सबसे व्यस्त एवं महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोरों में से एक है, पर स्थित यह स्टेशन आज भी लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इसी ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को नई पहचान देते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत फतेहपुर रेलवे स्टेशन का लगभग ₹32 करोड़ की लागत से व्यापक पुनर्विकास किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुनर्विकसित स्टेशन अब केवल ट्रेनों के ठहरने का स्थान नहीं, बल्कि आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित रेल यात्रा का नया अनुभव प्रस्तुत करता है। आकर्षक स्टेशन भवन, नया जी+1 द्वितीय प्रवेश, विशाल कॉन्कोर्स, आधुनिक प्रतीक्षालय, उन्नत टिकटिंग व्यवस्था, विकसित सर्कुलेटिंग एरिया, सुव्यवस्थित पार्किंग और पृथक प्रवेश-निकास मार्ग यात्रियों की आवाजाही को पहले से अधिक सहज और व्यवस्थित बनाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म संख्या-4 का निर्माण, प्लेटफॉर्मों का आधुनिकीकरण, नए शेल्टर, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, अतिरिक्त एफओबी तथा दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए सुगम अवसंरचना विकसित की गई है। आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुव्यवस्थित परिसर स्टेशन को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फतेहपुर रेलवे स्टेशन का यह नया स्वरूप केवल अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर विकसित की गई एक नई सोच का प्रतीक है। यह स्टेशन क्षेत्र की बेहतर रेल संपर्क व्यवस्था को मजबूत करते हुए पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पनकी धाम रेलवे स्टेशन : आस्था, आधुनिकता और सुगम रेल यात्रा का नया प्रवेशद्वार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर का पनकी धाम रेलवे स्टेशन अब केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि आधुनिक रेल अवसंरचना और धार्मिक आस्था के संगम का नया प्रतीक बन चुका है। </div>
<div>  </div>
<div>अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग ₹25 करोड़ की लागत से इसका व्यापक पुनर्विकास किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव मिल रहा है।</div>
<div>वर्ष 1981 में स्थापित पनकी धाम रेलवे स्टेशन का निर्माण कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने तथा शहर के पश्चिमी एवं उपनगरीय क्षेत्रों को बेहतर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183356/panki-dham-railway-station-is-a-new-gateway-to-faith"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0092.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर का पनकी धाम रेलवे स्टेशन अब केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि आधुनिक रेल अवसंरचना और धार्मिक आस्था के संगम का नया प्रतीक बन चुका है। </div>
<div> </div>
<div>अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग ₹25 करोड़ की लागत से इसका व्यापक पुनर्विकास किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव मिल रहा है।</div>
<div>वर्ष 1981 में स्थापित पनकी धाम रेलवे स्टेशन का निर्माण कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने तथा शहर के पश्चिमी एवं उपनगरीय क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। समय के साथ कानपुर के औद्योगिक विस्तार, नई आवासीय बस्तियों के विकास तथा प्रसिद्ध पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर, पनकी धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने इस स्टेशन को शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल कर दिया।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>पुनर्विकास के बाद स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। यहां द्वि-मंजिला आधुनिक स्टेशन भवन, विशाल प्रतीक्षालय, एक्जीक्यूटिव लाउंज, रिटायरिंग रूम, आधुनिक टिकटिंग क्षेत्र, विस्तारित एवं  नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक शौचालय, बेहतर पेयजल व्यवस्था तथा उन्नत यात्री सूचना प्रणाली विकसित की गई है। स्टेशन पर स्पष्ट साइनेज, डिजिटल सूचना डिस्प्ले और बेहतर प्रकाश व्यवस्था यात्रियों की सुविधा को और बढ़ाते हैं।</div>
<div>यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज तथा 6 मीटर चौड़ा अतिरिक्त फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है, जिसमें रैंप और लिफ्ट जैसी दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। स्टेशन परिसर के लगभग 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र को सुव्यवस्थित सर्कुलेटिंग एरिया के रूप में विकसित किया गया है, जहां अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग, हरित क्षेत्र और बाधारहित आवागमन की व्यवस्था की गई है।</div>
<div> </div>
<div>इस स्टेशन की सबसे बड़ी विशेषता इसका धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप है। स्टेशन की वास्तुकला में पनकी धाम की आध्यात्मिक पहचान को प्रमुखता दी गई है। भवन के रंग, डिजाइन और कलात्मक तत्व स्थानीय संस्कृति तथा भगवान हनुमान की भक्ति परंपरा को दर्शाते हैं, जिससे यहां पहुंचने वाला प्रत्येक यात्री कानपुर की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सके।</div>
<div> </div>
<div>पनकी धाम स्थित प्रसिद्ध पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां प्रत्येक मंगलवार, शनिवार और विशेष रूप से हनुमान जयंती के अवसर पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही पनकी क्षेत्र पनकी तापीय विद्युत परियोजना, औद्योगिक इकाइयों, चमड़ा, वस्त्र एवं होजरी उद्योग तथा आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों के कारण भी महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। ऐसे में आधुनिक स्टेशन स्थानीय उद्योग, व्यापार, रोजगार और धार्मिक पर्यटन—सभी को नई गति प्रदान करेगा।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 19:52:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रयागराज मंडल परिक्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रयागराज के प्रतिष्ठित होटल कान्हा श्याम के सभागार में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल के सांसदों एवं उनके सम्मानित प्रतिनिधियों के साथ महाप्रबंधक की एक उच्च स्तरीय एवं महत्वपूर्ण बैठक का  सांसद-अलीगढ़  सतीश कुमार गौतम की  अध्यक्षता में आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल की हालिया उपलब्धियों को साझा करना, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की समीक्षा करना  जनप्रतिनिधियों से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त कर रेल विकास योजनाओं को नई दिशा देना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर  पर अपने उदबोधन में महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह ने कहा कि, हमने अपनी रेलवे की कार्यप्रणाली में लाइन क्षमता की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183131/meeting-organized-with-mps-of-prayagraj-division-area"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0116.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रयागराज के प्रतिष्ठित होटल कान्हा श्याम के सभागार में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल के सांसदों एवं उनके सम्मानित प्रतिनिधियों के साथ महाप्रबंधक की एक उच्च स्तरीय एवं महत्वपूर्ण बैठक का  सांसद-अलीगढ़  सतीश कुमार गौतम की  अध्यक्षता में आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल की हालिया उपलब्धियों को साझा करना, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की समीक्षा करना  जनप्रतिनिधियों से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त कर रेल विकास योजनाओं को नई दिशा देना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर  पर अपने उदबोधन में महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह ने कहा कि, हमने अपनी रेलवे की कार्यप्रणाली में लाइन क्षमता की वृद्धि, यात्री सुविधाओं में  सुधार एवं उन्नयन, गाड़ियों का संरक्षित संचालन, कर्मचारी कल्याण, पर्यावरण की संरक्षण के लिए हरित पहल की दिशा में  विशेष कदम उठाए हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और इसे मजबूत बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों से एक बहुत ही सकारात्मक बदलाव आया है, रेल की विभिन्न परियोजनाएं जो वर्षों तक पर्याप्त फ़ंड की अनुपलब्धता के कारण रुक जाते थे, उन कार्यों को करने हेतु सरकार द्वारा अब पर्याप्तल फंड भी उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही उच्चतम स्तर से प्रोजेक्ट की  मॉनिटरिंग होने से प्रोजेक्ट पूर्ण होने में तेज़ी आई है। साथ ही भारतीय रेल अपनी कार्यप्रणाली में इनोवेशन और आधुनिक तकनीक का कारगर प्रयोग कर रहे हैं। हम अपने सम्मानित यात्रियों, रेल उपयोगकर्ताओं और आमजन की अपेक्षाओं को पूरा कर सकें, इस हेतु एआई आधारित रेल मदद पोर्टल (139) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि , प्रयागराज मण्डल, भारतीय रेल के एक महत्वापूर्ण अंग के रूप में रेल की सेवा में निरन्तटर तत्पोर है। हमारा यह मंडल उत्तकर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के महत्वंपूर्ण हिस्सोंे को देश के अन्य  हिस्सोंआ से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मंडल की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए श्री सिंह ने बताया कि,  वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आरंभिक यात्री संख्या लगभग 7.40 करोड़ रही एवं यात्री आय के रूप में 1699 करोड़ रुपये और माल लदान से  लगभग 893 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्टेशन री-डेव्लपमेंट एवं अमृत स्टेशन के विषय में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज मण्डल में कुल 02 प्रमुख रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन एवं कानपुर सेंट्रल  को स्टेशन रीडेवलेपमेंट प्लान के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त प्रयागराज मण्डल में अमृत भारत योजना के अंतर्गत शामिल 15 स्टेशनों में से 5 स्टेशनों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है एवं शेष का कार्य प्रगति पर है, जिसे इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन्फ्रास्ट्रक्चर की चर्चा करते हुए सूचित किया कि, इसकी वृद्धि के तहत प्रयागराज मण्डल द्वारा 28 किमी. की रेलवे लाईन बिछाई गयी और 03 ब्लॉक सेक्शनों के तृतीय लाइन में 25.18 KM इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग आधारित ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक चालू की गई। कुल 400 KM में कवच प्रणाली का सफल कमीशनिंग  किया गया, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में वृद्धि हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में  सांसदगणों को आश्वस्त किया कि आपसे प्राप्त बहुमूल्य् सुझावों पर गंभीरता से अध्यशयन किया जायेगा तथा प्रयागराज मण्डल के स्तोर पर इन सुझावों को रेल विकास योजनाओं एवं यात्री सुविधाओं में शामिल किया जायेगा। यदि कोई सुझाव क्षेत्रीय रेलवे के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है,तो प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड  एवं अन्य जोनों में भेजा जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद  सांसद महोदयों एवं शेष  सांसद महोदयों के प्रतिनिधियों द्वारा सुझाव एवं मांगें रखी गईं। इनमें मुख्यत: आम जनता के सरोकारों के विषय थे जिनमें नई ट्रेन सेवाएं, ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी एवं ठहराव,  प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास एवं यात्री सुविधाओं का विस्तार,  रेल अवसंरचना एवं नेटवर्क क्षमता में वृद्धि,  सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं स्टेशन परिसर व्यवस्था,  बुनियादी यात्री सुविधाओं की गुणवत्ता एवं रखरखाव आदि प्रमुख रहे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में बैठक के अध्यक्ष एवं अलीगढ़ से सांसद सतीश कुमार गौतम ने अपने संबोधन के दौरान अलीगढ़ स्टेशन पर राजधानी, शताब्दी एवं वंदे भारत ट्रेनों के ठहराव, हाथरस में मेढ़ू को जोड़कर मथुरा के लिए सीधे कनेक्टिविटी बनाने और स्टेशन पर खाली स्थान पर वेंडिंग जोन बनाने के सुझाव दिए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सांसद रीवा  जनार्दन मिश्रा ने डभौरा स्टेशन के विकास और उसे पर नई सुविधा बनाने के साथ में स्टेशन पर वेटिंग हॉल और शौचालय की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने अतिरिक्त शेड लगाने तथा बंद किए गए ठहरावों को पुनः चालू करने की बात कही।  सांसद कानपुर नगर रमेश अवस्थी जी ने आउटसोर्स कर्मचारी के हितों का ध्यान रखने, कानपुर मेल नाम से कानपुर से नई दिल्ली के बीच में ट्रेन चलाने और सुरक्षा के दृष्टिगत स्टेशन के स्टालों पर काम कर रहे कर्मचारियों के आई कार्ड का मुद्दा रखा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही उन्होंने वंदे भारत ट्रेन के स्टॉपेज का समय बढ़ाने तथा कानपुर स्टेशन पर पुस्तकालय बनाने के सुझाव भी दिए। हाथरस से  सांसद अनूप वाल्मीकि ने एस्केलेटर लगाने और सफाई व्यवस्था में सुधार के आवश्यकता जताई साथ ही उन्होंने लिंक एक्सप्रेस, उधमपुर एक्सप्रेस पूर्वा आदि के ठहराव की भी मांग की। सांसद  गीता शाक्य ने अछल्दा में रोड ओवर ब्रिज और कंचौसी में रोड अंडर ब्रिज की मांग के साथ-साथ महिलाओं के लिए  फीडिंग स्पेस की व्यवस्था करने की बात उठाई। फतेहपुर से  नरेश उत्तम पटेल जी ने फतेहपुर स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को 2 मिनट से बढ़कर चार या पांच मिनट करने की बात कही और साथ ही उन्होंने रेलवे द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहनाकी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अनुप्रिया पटेल के प्रतिनिधि ने लूसा स्टेशन पर मुरी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की और इलाहाबाद निर्वाचन क्षेत्र के सांसद  उज्जवल रमण सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कठौली में अंडरपास करछना, भीरपुर में ट्रेनों के ठहराव नॉन एसी और एसी पार्सल ट्रेन तथा स्टेशनों पर स्टेशनों के नाम एलईडी या रेडियम के माध्यम से लिखने का सुझाव दिया।  बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक/सामान्य श्अ तुल मिश्रा ने किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज  रजनीश अग्रवाल एवं उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के सभी प्रधान विभागाध्यक्ष एवं मंडल के शाखाधिकारीगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:49:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डॉ. शिवम शर्मा ने किया मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183129/dr-shivam-sharma-took-charge-as-chief-public-relations-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0115.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, उप मुख्य दावा अधिकारी एवं मंडल ट्रैफिक मैनेजर टूंडला जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है तथा व्यापक प्रशासनिक अनुभव अर्जित किया है। उप मुख्य दावा अधिकारी के रूप में डॉ शिवम शर्मा ने कार्य करते हुए प्रयागराज में रेलवे दावा अधिकरण की पीठ खुलवाने में महती भूमिका निभाई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उनके योगदान के लिए उन्हें अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।इसी क्रम में उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में निदेशक पद पर कार्य किया। उन्होंने अपने लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में निदेशक के रूप में कार्य किया तथा बाद में सोनीपत स्थित उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में पदोन्नत हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवधि में उन्होंने हरियाणा में खेलों के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया। डॉ. शर्मा वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा रहे । श्री शर्मा भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं तथा उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डेंटल सर्जरी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे उत्तर मध्य रेलवे के ऊर्जावान एवं गतिशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:48:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन की मांग तेज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रेलवे से इस रूट पर आधुनिक और नियमित रेल सेवा शुरू करने की जोरदार अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि दुल्लभछड़ा से शिलचर के बीच यदि इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन सेवा शुरू की जाती है, तो यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ प्राप्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182777/demand-for-electric-memu-train-intensifies-on-dullabhchhada-shilchar-route-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001597832.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रेलवे से इस रूट पर आधुनिक और नियमित रेल सेवा शुरू करने की जोरदार अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि दुल्लभछड़ा से शिलचर के बीच यदि इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन सेवा शुरू की जाती है, तो यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ प्राप्त होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, इस रेल सेवा के शुरू होने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लोगों का यह भी मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक रेल सेवा को बढ़ावा मिलने से बराक घाटी के परिवहन ढांचे में भी सकारात्मक परिवर्तन आने की संभावना है। साथ ही रेलवे के यात्री राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद भी व्यक्त की जा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं संबंधित रेलवे अधिकारियों से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर शीघ्र MEMU ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोगों का विश्वास है कि यदि यह लंबे समय से लंबित मांग पूरी होती है, तो हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182777/demand-for-electric-memu-train-intensifies-on-dullabhchhada-shilchar-route-of</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनार-चोपन रेल खंड के समपार फाटक संख्या-19 के स्थान पर रोड ओवर ब्रिज के लिए लगाए गए गर्डर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में रेल एवं सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। चुनार–चोपन रेल खंड पर लूसा के निकट स्थित समपार फाटक संख्या-19 के यतायात सुगम बनाने के लिए  निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज के रेलवे भाग पर स्टील गर्डरों के सफल लांचिंग/स्थापना का कार्य संपन्न किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निर्माणाधीन आरओबी की कुल लंबाई 585 मीटर है, जबकि रेलवे हिस्से की लंबाई 36 मीटर तथा चौड़ाई 7.5 मीटर है। यह परियोजना चुनार नगर को राज्य राजमार्ग-35 (मिर्जापुर–सोनभद्र मार्ग) से बेहतर एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181670/girder-installed-for-road-over-bridge-in-place-of-level"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0133.jpg" alt=""></a><br /><div><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में रेल एवं सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। चुनार–चोपन रेल खंड पर लूसा के निकट स्थित समपार फाटक संख्या-19 के यतायात सुगम बनाने के लिए  निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज के रेलवे भाग पर स्टील गर्डरों के सफल लांचिंग/स्थापना का कार्य संपन्न किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निर्माणाधीन आरओबी की कुल लंबाई 585 मीटर है, जबकि रेलवे हिस्से की लंबाई 36 मीटर तथा चौड़ाई 7.5 मीटर है। यह परियोजना चुनार नगर को राज्य राजमार्ग-35 (मिर्जापुर–सोनभद्र मार्ग) से बेहतर एवं निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी। रोड ओवर ब्रिज के निर्माण के बाद समपार फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी तथा सड़क एवं रेल दोनों यातायात की सुरक्षा और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निर्माण कार्य के दौरान आधुनिक तकनीकों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन किया गया। विशाल क्रेनों की सहायता से स्टील गर्डरों को निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। यह कार्य रेलवे एवं निर्माण एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">रोड ओवर ब्रिज के पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्र के निवासियों, व्यापारिक गतिविधियों तथा यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्रीय विकास एवं बेहतर यातायात अवसंरचना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगी</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 21:54:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय रेलवे ने 2025-26 में 81 लाख 59 हजार पेड़ लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>रेलवे की ज़मीन पर 109 तालाब, जलाशय और आर्द्रभूमि का जीर्णोद्धार 909 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट  अतिरिक्त 3,300 मेगावाट परियोजनाओं के लिए समझौता किया गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे पटरियों के किनारे वृक्षारोपण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे कटाव कम होता है और भूस्खलन को रोका जा सकता है, खासकर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में। वनस्पति आवरण सतही अपवाह को नियंत्रित करता है और जल अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे पटरियों के अस्थिर होने का खतरा कम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177017/indian-railways-planted-81-lakh-59-thousand-trees-in-2025-26"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/indian-railway_650_022515010444.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>रेलवे की ज़मीन पर 109 तालाब, जलाशय और आर्द्रभूमि का जीर्णोद्धार 909 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट  अतिरिक्त 3,300 मेगावाट परियोजनाओं के लिए समझौता किया गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे पटरियों के किनारे वृक्षारोपण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, जिससे कटाव कम होता है और भूस्खलन को रोका जा सकता है, खासकर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में। वनस्पति आवरण सतही अपवाह को नियंत्रित करता है और जल अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे पटरियों के अस्थिर होने का खतरा कम होता है। प्रकृति-आधारित ये उपाय न केवल रेलवे संपत्तियों की रक्षा करते हैं बल्कि यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय यात्राएं भी सुनिश्चित करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जल: संचयन, पुनर्चक्रण, लेखापरीक्षा, पुनर्स्थापन</strong></div>
<div style="text-align:justify;">जल संकट हमारी सदी के सबसे बड़े संकटों में से एक है। भारतीय रेलवे, जो सैकड़ों धुलाई लाइनें, रखरखाव डिपो, खानपान सुविधाएं और यात्री सुविधाएं संचालित करता है और प्रतिदिन लाखों लीटर जल की खपत करता है, ने अपने सभी क्षेत्रों में जल उपयोग को कम करने के लिए सुनियोजित और ठोस कदम उठाए हैं। यह दृष्टिकोण व्यापक है: अपवाह में बह जाने से पहले वर्षा जल का संचयन करना, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण करके उसे गैर-पेय उपयोग में लाना, जल खपत की लेखापरीक्षा करके अपशिष्ट की पहचान करना और रेलवे भूमि के भीतर दूषित जल निकायों का पुनर्स्थापन करना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>छतों पर वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच): जहां बारिश हो रही है, वहीं उसे इकट्ठा करना</strong></div>
<div style="text-align:justify;">2016-17 से भारतीय रेलवे ने सभी रेलवे जोन में कुल 8,313 छतों पर वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच) संरचनाएं स्थापित की हैं। अकेले पिछले दो वर्षों में 2,915 नई संरचनाएं चालू की गईं, जिनमें 2024-25 में जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान के तहत स्थापित 1,215 इकाइयां शामिल हैं, जो राष्ट्रीय जल संरक्षण मिशनों के साथ सक्रिय समन्वय को रेखांकित करती हैं। दक्षिण मध्य रेलवे 3,128 आरडब्ल्यूएच संरचनाएं स्थापित करके इस पहल में सबसे आगे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे का वर्षा जल संचयन अवसंरचना दोहरे उद्देश्य की पूर्ति करता है, जो विशेष रूप से भीषण मौसम की घटनाओं के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। स्टेशनों और यार्डों पर स्थापित छत पर लगे जल संचयन तंत्र मानसूनी जल को एकत्रित और प्रवाहित करते हैं, जिससे एक ओर प्लेटफार्मों और आस-पास की पटरियों पर जलभराव को रोका जा सकता है, वहीं दूसरी ओर भूमिगत जलभंडारों का पुनर्भरण होता है। राजस्थान के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों या दक्कन के वर्षा-छाया क्षेत्रों में, ये प्रणालियाँ परिचालन के लिए जीवन रेखा हैं। एकत्रित जल स्टेशनों की सुविधाओं जैसे शौचालयों, सफाई और बागवानी में उपयोग किया जाता है, जिससे टैंकर आपूर्ति और नगरपालिका जल कनेक्शनों पर निर्भरता कम हो जाती है, जो अक्सर दूरस्थ स्टेशनों पर अनुपलब्ध या अविश्वसनीय होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जल पुनर्चक्रण संयंत्र</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सभी ज़ोन में, भारतीय रेलवे ने कुल 185 जल पुनर्चक्रण संयंत्र (डब्ल्यूआरपी) चालू किए हैं। 2015-16 से पहले मौजूद 21 संयंत्रों के आधार से, चालू करने की प्रक्रिया निरंतर जारी रही है, और पिछला वित्तीय वर्ष अब तक का सबसे मजबूत वर्ष रहा है जिसमें 26 नए संयंत्र चालू किए गए हैं। उत्तरी रेलवे 27 संयंत्रों के साथ सभी ज़ोन में सबसे आगे है, उसके बाद मध्य रेलवे (21) और दक्षिणी रेलवे (20) का स्थान है। ये संयंत्र कोच धोने और यार्ड संचालन से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपचार करके उसे गैर-पेय उपयोगों जैसे स्टेशन सफाई, बागवानी और औद्योगिक प्रक्रियाओं में पुन: उपयोग के लिए तैयार करते हैं, जिससे दुर्लभ जलभंडारों और नगरपालिका प्रणालियों से ताजे पानी की निकासी कम होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2025-26 में अब तक 310 लेखापरीक्षाएँ दर्ज की जा चुकी हैं, जो किसी एक वर्ष में सबसे अधिक हैं। दक्षिण मध्य रेलवे 442 लेखापरीक्षाओं के साथ सबसे आगे है, उसके बाद उत्तरी रेलवे (323) और पश्चिमी रेलवे (216) का स्थान आता है। इन लेखापरीक्षाओं के माध्यम से जल खपत के प्रमुख क्षेत्रों, पाइप रिसावों और प्रणाली की कमियों की पहचान की जाती है, जिससे जागरूकता को लक्षित बचत में परिवर्तित किया जा सके। मापन का अनुशासन सार्थक संरक्षण की नींव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने 2024-25 में 2016-17 की तुलना में 178 करोड़ लीटर डीजल की बचत की, जो 62% की बचत है, जिससे कच्चे तेल पर आयात निर्भरता कम हो गई है। पश्चिम एशिया संकट के बीच यह भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता को सीधे तौर पर कम करता है। डीजल से घरेलू स्तर पर उत्पादित बिजली की ओर धीरे-धीरे बढ़ते हुए, जो नवीकरणीय स्रोतों से अधिकाधिक प्राप्त की जा रही है, रेलवे ने वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता से अपने संचालन को प्रभावी ढंग से अलग कर लिया है। विद्युत कर्षण (इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन) को बायोडीजल जैसे विकल्पों की तुलना में कहीं अधिक लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल पाया गया है, जिससे यह न केवल एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है, बल्कि आर्थिक रूप से भी जिम्मेदार विकल्प है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बायो-टॉयलेट: रेल पर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने 2014 से यात्री डिब्बों में 3.66 लाख से अधिक बायो-टॉयलेट लगाकर पर्यावरण स्थिरता और यात्री स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पहल ने रेलवे ट्रैक पर मानव मल के सीधे निर्वहन को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है, जिससे स्वच्छ स्टेशन, बेहतर स्वच्छता और लाखों यात्रियों के लिए अधिक स्वच्छ यात्रा अनुभव सुनिश्चित हुआ है। बायो-टॉयलेट प्रणाली सूक्ष्मजीव क्रिया पर आधारित स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके मानव मल को पानी और गैसों में विघटित करती है, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण और दुर्गंध में काफी कमी आती है और पूरे नेटवर्क में स्वच्छता बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पहल मिट्टी और ट्रैक के संदूषण को रोककर, रेलवे संपत्तियों के क्षरण को कम करके और पर्यावरण-अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रत्यक्ष उत्सर्जन को शून्य करके और टिकाऊ स्वच्छता प्रथाओं का समर्थन करके, भारतीय रेलवे यात्रियों के आराम को बेहतर बनाते हुए स्वच्छ पारिस्थितिकी तंत्र और हरित भविष्य में योगदान दे रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नवीकरणीय ऊर्जा: सूर्य और पवन से भविष्य को शक्ति प्रदान करना</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी दीर्घकालिक परिचालन रणनीति का आधार बनाया है। दिसंबर 2025 तक, पूरे नेटवर्क में लगभग 909 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र और 103 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं। पहले से चालू संयंत्रों के अलावा, रेलवे ने राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के डेवलपर्स के साथ सौर, पवन और हाइब्रिड चौबीसों घंटे (आरटीसी) व्यवस्थाओं सहित 3,300 मेगावाट की अतिरिक्त नवीकरणीय क्षमता के लिए समझौते किए हैं, जिससे दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वच्छ ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। यह दीर्घकालिक, स्थिर मूल्य वाली हरित खरीद की ओर एक सुनियोजित बदलाव को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एलईडी प्रकाश व्यवस्था: एक कुशल रूप से प्रकाशित नेटवर्क</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे ने अपने कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, सेवा भवनों और आवासीय कॉलोनियों में 100% एलईडी प्रकाश व्यवस्था स्थापित कर ली है। यह एक व्यापक परिवर्तन है जो दूरस्थ स्टेशनों से लेकर देश के सबसे बड़े जंक्शनों तक हजारों स्थानों तक फैला हुआ है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:04:23 +0530</pubDate>
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