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                <title>जांच - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>जांच RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/photo-1.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong> स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="614" height="840"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ICU वेंटीलेटर टेंडर में ‘खेल’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला जेम (GeM) पोर्टल पर जारी टेंडर संख्या <strong>GEM/2025/B/5823357</strong> से जुड़ा है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के लिए <strong>221 ICU वेंटीलेटर</strong> खरीदे जाने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस टेंडर में कुल 11 कंपनियों ने भाग लिया है। इनमें शामिल <strong>Heidelco Medicore Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि यह कंपनी अलग-अलग टेंडरों में अपनी पहचान बदलकर हिस्सा लेती रही है—कभी खुद को निर्माता, तो कभी अधिकृत वितरक बताकर।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने खुद को <strong>Sysmed Medical Technologies Pvt. Ltd., चंडीगढ़</strong> का अधिकृत वितरक बताया है और जिस वेंटीलेटर मॉडल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया गया है, वह <strong>Topnotch TV-15</strong> है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-2.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="634" height="897"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>KGMU की रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान <strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)</strong> ने पूर्व में एक अन्य टेंडर (<strong>GEM/2026/R/647614</strong>) में इसी मॉडल के वेंटीलेटर को गुणवत्ता और सर्विस से जुड़े कारणों से खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">KGMU की तकनीकी समिति द्वारा की गई जांच में निम्न बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई थी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपकरण की <strong>परफॉर्मेंस मानकों पर खरा न उतरना</strong></li>
<li><strong>क्लिनिकल उपयोग में विश्वसनीयता की कमी</strong></li>
<li><strong>सर्विस और मेंटेनेंस सपोर्ट कमजोर होना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद वही मॉडल दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर चीनी उत्पाद?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आरोप यह भी है कि जिस वेंटीलेटर को भारतीय कंपनी के नाम से पेश किया जा रहा है, वह वास्तव में चीन की कंपनी <strong>Shenzhen Mindray Bio-Medical Electronics Co. Ltd.</strong> का उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>GFR 144(XI) की अनदेखी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के <strong>GFR 144(XI)</strong> नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े उत्पादों की सरकारी खरीद पर सख्त प्रतिबंध है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न ली जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में बिना स्पष्ट खुलासे के चीनी उत्पाद को भारतीय कंपनी के माध्यम से पेश करना नियमों की अवहेलना माना जा सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-3.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="662" height="468"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री <strong>ब्रजेश पाठक</strong> के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूत्रों का दावा है कि:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक आउटसोर्स कर्मचारी <strong>उज्ज्वल कुमार</strong> कथित रूप से खरीद प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा था</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए</li>
<li>कथित दलालों के साथ मिलकर निर्णयों को प्रभावित किया गया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कारपोरेशन का पक्ष</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी <strong>देवव्रत कुमार आर्य</strong> ने संवाददाता से बातचीत में कहा:</p>
<blockquote>
<p>“यदि किसी कंपनी द्वारा चीनी उत्पाद को छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया जाता है, तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर टेंडर तत्काल निरस्त किया जाएगा।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बड़े सवाल</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>क्या पहले से रिजेक्टेड उपकरण को दोबारा टेंडर में शामिल किया जा सकता है?</li>
<li>क्या टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मानकों से समझौता किया जा रहा है?</li>
<li>क्या ‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर विदेशी उत्पादों की आपूर्ति हो रही है?</li>
<li>क्या निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है?</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>📢 निष्कर्ष</strong><br />यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ आर्थिक घोटाला होगा बल्कि मरीजों की जान से भी खिलवाड़ माना जाएगा।</p>
<hr />
<blockquote class="format2">✍️ <strong>(स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम अगले अंक में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे करेगी…)</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2</link>
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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज तर्रार कप्तान डॉक्टर यशवीर के आदेशों को नहीं मानते सी ओहरैया चार दिन बीत गए दर्ज नहीं हुआमुकदमा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  <strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के पीड़ित पत्रकार दिए गए पुलिस अधीक्षक को पत्र में मुकदमा दर्ज करने का आदेश होने के बावजूद भी थाना अध्यक्ष हराया नहीं दर्ज किया मुकदमा दबंगो के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैंग्राम चौकीदार / ग्राम प्रहरी प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगा है पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला ने ग्राम चौकीदार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला पुत्र स्व० रामतेज शुक्ला साकिन-महादेउरी, थाना-हरैया, जनपद-बस्ती का निवासी है। पीड़ित थानाध्यक्ष हर्रैया के कार्य शैली से परेशान है पीड़ित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174984/the-dashing-captain-did-not-follow-the-orders-of-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260402-wa0030.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> <strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के पीड़ित पत्रकार दिए गए पुलिस अधीक्षक को पत्र में मुकदमा दर्ज करने का आदेश होने के बावजूद भी थाना अध्यक्ष हराया नहीं दर्ज किया मुकदमा दबंगो के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैंग्राम चौकीदार / ग्राम प्रहरी प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगा है पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला ने ग्राम चौकीदार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला पुत्र स्व० रामतेज शुक्ला साकिन-महादेउरी, थाना-हरैया, जनपद-बस्ती का निवासी है। पीड़ित थानाध्यक्ष हर्रैया के कार्य शैली से परेशान है पीड़ित ने आरोप लगाया कि कभी भी थानाध्यक्ष तहसीलदार सिंह मेरी हत्या करवा सकते है पीड़ित के गांव के चौकीदार ने दिनांक 12.02.2026 को चौकीदार के भाई वेद प्रकाश गौतम, तारक नारायन ने मिलकर पीड़ित के घर में चोरी करते पकड़े गये ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वेद प्रकाश पीड़ित के बेटे आलोक को चाकू से वार कर दिया था उसके बाद पीड़ित के बेटे ने पास पड़े डंडे से चोर के सिर पर मार दिया था जिससे वे गिर पड़े थे और उनका चप्पल, तौलिया मेरे घर में ही छूट गया था जिसको थानाध्यक्ष ने बरामद कर थाने पर ले गये थे लेकिन आज तक न्यायालय में न तो भेजे और न ही पीड़ित को सूचना दिये उसके बावजूद विपक्षी प्रमोद कुमार चौकीदार, वेद प्रकाश गौतम मिलकर बार - बार मेरे दरवाजे पर लगे बांस को तोड़ते हैं बोलने पर मार पीट पर आमादा हो जाते है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और कई बार शिकायत करने पर हर्रैया पुलिस न तो कोई कार्यवाही कर रही है और न ही कोई पुलिस दरवाजे पर जा रही हैं अर्थात हर्रैया पुलिस ग्राम चौकीदार के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है जिससे अपराधियों का हौसला बुलन्द रहा है आये दिन विवाद करते रहते है। एक पक्षीय कार्यवाही करने से तथा अपराधियों को संरक्षण के कारण थानाध्यक्ष थाना हर्रैया के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है । उक्त प्रकरण में पुलिस अधीक्षक डा० यशवीर सिंह ने जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 19:41:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11.17 करोड़ के खर्च पर सवाल: अभिलेख न देने पर 18 सचिवों का वेतन रोका, जमीनी हकीकत पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/bhrastachar.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा किया गया, जिसमें कई स्थानों पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। समिति ने इसे गंभीर मानते हुए धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई और रिपोर्ट विभाग को भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कई बार नोटिस व पत्राचार के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न करने पर डीपीआरओ लालजी दूबे ने 18 सचिवों के मार्च माह के वेतन पर रोक लगा दी है और स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इधर, क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पूरे मामले को लेकर जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य केवल कागजों में ही दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में मौके पर कार्य अधूरे या न के बराबर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल-वाउचर के जरिए भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभागीय आंकड़ों के अनुसार खर्च की गई कुल धनराशि 11.17 करोड़ रुपये है, लेकिन अभिलेख प्रस्तुत न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसमें से कितनी राशि का वास्तविक और सत्यापित हिसाब उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्थानीय स्तर पर अब मामले की निष्पक्ष जांच और जमीनी सत्यापन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:44:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या पुलिस चोर पर मेहरबान, 24 घंटे बाद भी नहीं दर्ज किया केस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />इनायत नगर थाना क्षेत्र में एक किराना स्टोर से दाल चोरी करने के आरोपी को दुकानदार और ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना इनायत नगर थाना क्षेत्र के पांच नंबर चौराहा स्थित उमेश चंद्र किराना स्टोर की है। दुकानदार उमेश चंद्र का आरोप है कि वर्ष 2017 से उनकी दुकान से करीब 20 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17.jpeg" alt="किराना स्टोर से चोरी का वीडियो वायरल" width="1200" height="800" /></p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिकायतकर्ता उमेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173460/ayodhya-police-was-kind-to-the-thief-but-did-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />इनायत नगर थाना क्षेत्र में एक किराना स्टोर से दाल चोरी करने के आरोपी को दुकानदार और ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना इनायत नगर थाना क्षेत्र के पांच नंबर चौराहा स्थित उमेश चंद्र किराना स्टोर की है। दुकानदार उमेश चंद्र का आरोप है कि वर्ष 2017 से उनकी दुकान से करीब 20 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17.jpeg" alt="किराना स्टोर से चोरी का वीडियो वायरल" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिकायतकर्ता उमेश चंद्र के अनुसार, 16 मार्च 2026 की सुबह एक ग्राहक ने दाल मांगी। जब दुकानदार दाल रखने वाली जगह पर गया, तो वहां से दाल गायब मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पास का ही एक युवक दाल की बोरी चुराते हुए स्पष्ट दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सीसीटीवी फुटेज दिखाए। पुलिस आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले गई। दुकानदार ने मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायती प्रार्थना पत्र भी दिया है,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन पुलिस ने अभी मामले में कोई भी प्राथमिकी नहीं दर्ज की है, अलबत्ता पकड़े गए शातिर चोर पर मेहरबान दिख रही है । इस संबंध में जब थानाध्यक्ष रतन शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 15:52:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बता दिया अपना 'प्लान', पुलिस गिरफ्तार करने आई तो...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच शंकराचार्य ने सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस कथित सीडी को लेकर सवाल किया है, जिसका जिक्र मामले में किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई कार्रवाई करती है, तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे और पूरी तरह सहयोग करेंगे। उनका कहना था कि “जनता सब देख रही है, झूठ आखिरकार सामने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171098/swami-avimukteshwaranand-told-his-plan-when-the-police-came-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/images-(1)35.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच शंकराचार्य ने सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस कथित सीडी को लेकर सवाल किया है, जिसका जिक्र मामले में किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई कार्रवाई करती है, तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे और पूरी तरह सहयोग करेंगे। उनका कहना था कि “जनता सब देख रही है, झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। आज नहीं तो कल, सच सामने आएगा।”उन्होंने यह भी कहा कि वे मीडिया और कैमरों की पहुंच में थे और किसी भी तरह की जांच से नहीं बच रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने प्रयागराज का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हर जगह CCTV कैमरे लगे हुए हैं। उनके मुताबिक, इन कैमरों को इसलिए लगाया गया था ताकि किसी भी घटना की निगरानी वॉर रूम से की जा सके और सब कुछ रिकॉर्ड हो सके।उन्होंने कहा कि उनकी बस उनके कैंप के अंदर पार्क नहीं थी, क्योंकि पुलिस की कथित सख्ती के बाद वे कैंप में नहीं गए थे। ऐसे में, उनके अनुसार, जो कुछ भी हुआ होगा, वह CCTV में रिकॉर्ड हुआ होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लड़कों का जिक्र किया जा रहा है, वे कभी उनके गुरुकुल में नहीं आए और न ही वहां पढ़े। उनका कहना था कि वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं, जैसा कि केस में जमा की गई उनकी मार्कशीट से पता चलता है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन छात्रों का उनके स्थान से कोई संबंध ही नहीं था, तो उन पर किसी भी तरह की घटना का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में एक कथित सीडी होने की बात कही जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने पूछा कि यदि ऐसी कोई सीडी है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, इस तरह के दावों से भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इन सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने बयान के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग धार्मिक वेशभूषा पहनकर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप था कि कुछ लोग स्वयं को हिंदू बताकर हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 21:42:57 +0530</pubDate>
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