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                <title>राम जानकी मंदिर परिसर - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>राम जानकी मंदिर परिसर RSS Feed</description>
                
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                <title>रामकथा में सीता विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रोता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर, </strong>भनवापुर  क्षेत्र के कमसार गांव में में स्थित राम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिन बुधवार रात कथावाचिका  ज्योति किशोरी ने प्रभु श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के इस पावन अवसर पर पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो उठा और श्रद्धालु सीताराम के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान करते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कथावाचिका ने बताया कि जनकपुरी में आयोजित स्वयंवर में जब अनेक राजा-महाराजा भगवान शिव के धनुष को उठाने में असफल रहे, तब गुरु आज्ञा से प्रभु श्रीराम ने सहज भाव से धनुष को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171600/listeners-became-emotional-after-hearing-the-incident-of-sitas-marriage"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1772111617152.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर, </strong>भनवापुर  क्षेत्र के कमसार गांव में में स्थित राम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिन बुधवार रात कथावाचिका  ज्योति किशोरी ने प्रभु श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के इस पावन अवसर पर पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो उठा और श्रद्धालु सीताराम के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान करते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कथावाचिका ने बताया कि जनकपुरी में आयोजित स्वयंवर में जब अनेक राजा-महाराजा भगवान शिव के धनुष को उठाने में असफल रहे, तब गुरु आज्ञा से प्रभु श्रीराम ने सहज भाव से धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष भंग हो गया। इस प्रसंग के साथ ही माता सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में जयमाला डालकर उन्हें अपना वर स्वीकार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्योति किशोरी ने कहा कि राम-सीता विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म और आदर्शों का पवित्र संगम है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने जीवनभर मर्यादा और सत्य का पालन कर समाज को आदर्श जीवन का संदेश दिया, वहीं माता सीता ने त्याग, समर्पण और धैर्य की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान में मनीष गुप्ता, आचार्य दुर्गेश शुक्ल, विनय तिवारी, सचिन तिवारी, शिवा विश्वकर्मा, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, राजेंद्र यादव आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 23:31:37 +0530</pubDate>
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                <title>श्रद्धा और  विश्वास का मिलन है शिव - पार्वती  विवाह : ज्योति किशोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव के राम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को शिव–पार्वती विवाह का अत्यंत भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।भव्य शिव विवाह की मनोरम झांकी भी निकाली गई। श्रीधाम वृंदावन से पधारी  देवी ज्योति किशोरी ने अपने ओजस्वी व मधुर स्वर में इस पावन प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा स्थल को भक्तिमय बना दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कथावाचिका ने बताया कि माता पार्वती द्वारा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की गई। उनकी अटूट श्रद्धा, संयम और भक्ति</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171068/shiva-is-the-union-of-faith-and-faith-parvati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1771853117926.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव के राम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को शिव–पार्वती विवाह का अत्यंत भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।भव्य शिव विवाह की मनोरम झांकी भी निकाली गई। श्रीधाम वृंदावन से पधारी  देवी ज्योति किशोरी ने अपने ओजस्वी व मधुर स्वर में इस पावन प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा स्थल को भक्तिमय बना दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कथावाचिका ने बताया कि माता पार्वती द्वारा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की गई। उनकी अटूट श्रद्धा, संयम और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने विवाह के लिए सहमति प्रदान की। शिव–पार्वती विवाह प्रसंग के दौरान शिव बारात का मनोहारी वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। उनके गण भूत, पिचास, देवता और ऋषि-मुनियों  से सजी शिव बारात का दृश्य सुनते ही कथा पंडाल ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देवी जी ने कहा कि शिव–पार्वती का विवाह केवल एक पौराणिक घटना नहीं, बल्कि त्याग, तप, विश्वास और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। यह प्रसंग गृहस्थ जीवन में संयम और आपसी सम्मान का संदेश देता है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, कई श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।इस अवसर पर आचार्य दुर्गेश शुक्ल,सचिन तिवारी,शिवा विश्वकर्मा,लक्ष्मी नारायण,उर्दू बाबा,राजेंद्र यादव,अनिल त्रिपाठी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 20:45:12 +0530</pubDate>
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