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                <title>सामाजिक न्याय - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सामाजिक न्याय RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राहुल गांधी के जन्मदिवस पर महराजगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया उत्सव, जनहित की राजनीति को बताया प्रेरणा स्रोत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong> रायबरेली के सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के जन्मदिवस के अवसर पर महराजगंज कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर केक काटकर जन्मदिन मनाया।  कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव Sushil Pasi ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक एवं समर्थक उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी ने कहा कि, राहुल गांधी देश में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, युवाओं के अधिकारों तथा आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले जननेता हैं। उन्होंने कहा कि,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181645/congress-workers-celebrated-rahul-gandhis-birthday-in-maharajganj-called-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0382.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong> रायबरेली के सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के जन्मदिवस के अवसर पर महराजगंज कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर केक काटकर जन्मदिन मनाया।  कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव Sushil Pasi ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक एवं समर्थक उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी ने कहा कि, राहुल गांधी देश में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, युवाओं के अधिकारों तथा आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले जननेता हैं। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी लगातार किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा उनकी राजनीति जनसेवा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति समर्पित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुशील पासी ने कहा, "राहुल गांधी का जीवन देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। हम सभी उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना करते हैं ताकि वे देशहित और जनहित के मुद्दों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाते रहें।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि, कांग्रेस पार्टी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और संविधान की मूल भावना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी देश में भाईचारे, समानता और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जन्मदिवस समारोह के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर खुशी का इजहार किया तथा राहुल गांधी के दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उल्लास से भरपूर रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर मुख्य रूप से मो. उमर, ताहिर कुरैशी, बृजेश पासी, राधेश्याम एडवोकेट, मुनीर भाई, अज़मल खान, सुनील कुमार, शीतांशु मौर्य, चाँद भाई, रमेश पासी, बिंधा पासी, बाला प्रसाद मौर्य, संदीप मौर्य सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नागरिक एवं समर्थक मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:49:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी के जन्मदिवस पर सीएचसी सरेनी में वृक्षारोपण व फल वितरण*</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज ( रायबरेली )</strong> सरेनी।नेता प्रतिपक्ष एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी के 56वें जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वृक्षारोपण एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया तथा जनसेवा को संगठन की प्राथमिकता बताया।इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष नीरज शुक्ला,ब्लॉक प्रभारी कामता प्रसाद गौड़,यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव शिव प्रताप सिंह,सरेनी विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी,चंदन द्विवेदी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181643/tree-plantation-and-fruit-distribution-in-chc-sareni-on-rahul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0384.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज ( रायबरेली )</strong> सरेनी।नेता प्रतिपक्ष एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी के 56वें जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वृक्षारोपण एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया तथा जनसेवा को संगठन की प्राथमिकता बताया।इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष नीरज शुक्ला,ब्लॉक प्रभारी कामता प्रसाद गौड़,यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव शिव प्रताप सिंह,सरेनी विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी,चंदन द्विवेदी एवं आशु महाराज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।ब्लॉक अध्यक्ष नीरज शुक्ला ने कहा कि राहुल गांधी के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए मरीजों के बीच फल वितरण और वृक्षारोपण किया गया है।उनका जीवन जनसेवा,सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित रहा है।ब्लॉक प्रभारी कामता प्रसाद गौड़ ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।राहुल गांधी के जन्मदिवस पर पौधे लगाकर स्वच्छ और हरित भारत का संदेश दिया गया है।यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव शिव प्रताप सिंह ने कहा कि युवाओं को समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए।राहुल गांधी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सदैव जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं।मरीजों के बीच फल वितरण कर मानव सेवा का संदेश दिया गया है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:46:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चकबंदी अधिकारियों की मनमानी, दलित परिवार के आशियाने को ही वृक्षारोपण के लिए किया चयनित </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी मुस्तहकम क्षेत्र में चकबंदी विभाग के एक आदेश को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि वर्षों से पट्टे की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे और उसी भूमि पर खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक दलित परिवार की आजीविका पर प्रशासनिक निर्णय के कारण गंभीर संकट खड़ा हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार दलित जुग्गीलाल और रामलाल पुत्रगण विश्राम का परिवार लगभग 50 वर्षों से गाटा संख्या 33 की भूमि पर निवास कर रहा है। बताया जाता है कि यह भूमि विश्राम को सरकार की ओर से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181232/due-to-the-arbitrariness-of-consolidation-officers-only-the-house"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260615-wa0119.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी मुस्तहकम क्षेत्र में चकबंदी विभाग के एक आदेश को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि वर्षों से पट्टे की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे और उसी भूमि पर खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक दलित परिवार की आजीविका पर प्रशासनिक निर्णय के कारण गंभीर संकट खड़ा हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार दलित जुग्गीलाल और रामलाल पुत्रगण विश्राम का परिवार लगभग 50 वर्षों से गाटा संख्या 33 की भूमि पर निवास कर रहा है। बताया जाता है कि यह भूमि विश्राम को सरकार की ओर से 99 सालों के लिये पट्टे पर मिली थी, जिस पर उन्होंने स्थायी आवास बनाया और खेती-बाड़ी के माध्यम से अपने परिवार का जीवनयापन करते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि समय के साथ कुछ लोगों की नजर इस जमीन पर पड़ गई और चकबंदी प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से प्रभाव का इस्तेमाल कर इस भूमि पर अपना चक बैठवाने का प्रयास किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">जब जुग्गीलाल और रामलाल को इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने विभिन्न स्तरों पर आपत्ति दर्ज कराई और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाए, और उनके पक्ष में निर्णय भी आया |</div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि विवादित स्थिति बनने के बाद भी मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं निकाला गया। इसके बजाय उपचकबंदी अधिकारी की संस्तुति पर चकबंदी अधिकारी हर्रैया द्वारा गाटा संख्या 33, रकबा 0.524 हेक्टेयर को वृक्षारोपण के लिए रिजर्व करने का आदेश पारित कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">इस निर्णय के बाद प्रभावित परिवार के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। परिवार का दावा है कि जिस जमीन पर उनका मकान और आजीविका दोनों निर्भर हैं, उसी को वृक्षारोपण हेतु आरक्षित कर दिए जाने से उनके सामने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि आदेश पर अमल हुआ तो परिवार के पास जीवनयापन का कोई साधन नहीं बचेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि गांव में अन्य ग्राम सभा भूमि उपलब्ध होने के बावजूद इसी पट्टे की भूमि को वृक्षारोपण के लिए क्यों चुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;">वहीं आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव और व्यक्तिगत रंजिश के चलते चकबंदी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दबाव में लेकर इस भूमि को वृक्षारोपण के लिये चयनित करवाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">एक तरफ सरकार लोगों को छत मुहैया करवा रही है वहीं एक दलित परिवार के आशियाने को उजाड़ने की तैयारी चकबंदी विभाग ने कर की है।</div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में भूमि पर दशकों से परिवार निवास कर रहा है और उसका जीवनयापन उसी पर निर्भर है, तो ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि विवादित आदेश की समीक्षा कर प्रभावित परिवार को राहत प्रदान की जाए तथा पूरे प्रकरण में चकबंदी प्रक्रिया की जांच कराई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">अब यह मामला स्थानीय स्तर से निकलकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनने लगा है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह सवाल खड़ा होगा कि आखिर सरकारी पट्टे पर वर्षों से जीवन गुजार रहे परिवार के अधिकारों की रक्षा कौन करेगा और चकबंदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:39:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल मजदूरी रोकने के तहत खन्ना में दुकानों और ढाबों की चेकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना, </strong> – डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की गाइडलाइंस के तहत, जीवनजोत प्रोजेक्ट के तहत बाल मजदूरी रोकने के लिए एक खास कैंपेन चलाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर रश्मि की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स ने कल खन्ना में अलग-अलग दुकानों और ढाबों पर सरप्राइज चेकिंग की, जहां बाल मजदूरी में लगे 09 बच्चों को बचाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर श्रीमती रश्मि ने बताया कि रेस्क्यू के बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, लुधियाना के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी काउंसलिंग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह कैंपेन लीगल ऑफिसर दीपक कुमार (डिस्ट्रिक्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181033/checking-of-shops-and-dhabas-in-khanna-to-stop-child"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000901108.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना, </strong> – डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की गाइडलाइंस के तहत, जीवनजोत प्रोजेक्ट के तहत बाल मजदूरी रोकने के लिए एक खास कैंपेन चलाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर रश्मि की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स ने कल खन्ना में अलग-अलग दुकानों और ढाबों पर सरप्राइज चेकिंग की, जहां बाल मजदूरी में लगे 09 बच्चों को बचाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर श्रीमती रश्मि ने बताया कि रेस्क्यू के बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, लुधियाना के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी काउंसलिंग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह कैंपेन लीगल ऑफिसर दीपक कुमार (डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिस), शरद सूद (सुपरवाइजर) चाइल्ड हेल्प लाइन (1098), लुधियाना लेबर डिपार्टमेंट और पुलिस डिपार्टमेंट ने मिलकर चलाया। अवेयरनेस कैंपेन के दौरान लोगों को बताया गया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों से बाल मजदूरी न करवाई जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिला बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि ने कहा कि यह सरप्राइज चेकिंग भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि बाल मजदूरी को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181033/checking-of-shops-and-dhabas-in-khanna-to-stop-child</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:52:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर ने सेंट्रल जेल, अमृतसर के ट्रांजिट कैंप में बंद 9 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर,</strong> इंसानियत और लोगों की भलाई के लिए एक पहल के तहत, सेंट्रल जेल, अमृतसर के ट्रांजिट कैंप में बंद 2 महिलाओं समेत 9 बांग्लादेशी नागरिकों को कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद 11.06.2026 को उनके अपने-अपने देशों में सफलतापूर्वक वापस भेज दिया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वापस भेजे गए लोगों ने 11.06.2026 को सुबह करीब 4:00 बजे सेंट्रल जेल, अमृतसर से अपनी यात्रा शुरू की। तय प्रक्रिया के मुताबिक, उनकी सुरक्षित आगे की यात्रा के लिए उन्हें ज़रूरी सुविधाएँ और मदद दी गई। करीब 30 घंटे की ट्रेन यात्रा के बाद, वे बांग्लादेश बॉर्डर पहुँचेंगे, जहाँ उन्हें आगे की ज़रूरी कार्रवाई के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180994/district-legal-services-authority-amritsar-repatriates-9-bangladeshi-nationals-lodged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000900924.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर,</strong> इंसानियत और लोगों की भलाई के लिए एक पहल के तहत, सेंट्रल जेल, अमृतसर के ट्रांजिट कैंप में बंद 2 महिलाओं समेत 9 बांग्लादेशी नागरिकों को कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद 11.06.2026 को उनके अपने-अपने देशों में सफलतापूर्वक वापस भेज दिया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वापस भेजे गए लोगों ने 11.06.2026 को सुबह करीब 4:00 बजे सेंट्रल जेल, अमृतसर से अपनी यात्रा शुरू की। तय प्रक्रिया के मुताबिक, उनकी सुरक्षित आगे की यात्रा के लिए उन्हें ज़रूरी सुविधाएँ और मदद दी गई। करीब 30 घंटे की ट्रेन यात्रा के बाद, वे बांग्लादेश बॉर्डर पहुँचेंगे, जहाँ उन्हें आगे की ज़रूरी कार्रवाई के लिए उनके अपने-अपने देशों के संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह ज़रूरी ऑपरेशन श्रीमती जतिंदर कौर, माननीय डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर के अच्छे गाइडेंस और सुपरविज़न में पूरा किया गया। इस वापसी प्रोसेस को सफल बनाने के लिए, श्री अमरदीप सिंह बैंस, सेक्रेटरी, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर ने संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेट किया और कोशिश की ताकि ये लोग जल्द से जल्द अपने वतन लौट सकें और अपने परिवारों से मिल सकें।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर ने लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी एक्ट, 1987 के मकसद के मुताबिक, विदेशी नागरिकों समेत सभी लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने में एक्टिव भूमिका निभाई। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर ने इन लोगों के मामलों पर नज़र रखी, ज़रूरत पड़ने पर कानूनी मदद दी और अलग-अलग डिपार्टमेंट के साथ कोऑर्डिनेट करके वापसी प्रोसेस को तेज़ करने की कोशिश की। यह पक्का किया गया कि उनके साथ पूरी इज्ज़त और इंसानी सेंसिटिविटी के साथ पेश आया जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस सफल वापसी प्रोसेस में जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने भी अहम भूमिका निभाई। श्री राजीव कुमार अरोड़ा, सुपरिंटेंडेंट, सेंट्रल जेल, अमृतसर और श्री नविंदर सिंह, एडिशनल सुपरिंटेंडेंट, सेंट्रल जेल, अमृतसर ने सभी ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव फॉर्मैलिटीज़ को पूरा करने और इन लोगों के आसानी से जाने में पूरी मदद की। जेल डिपार्टमेंट ने डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इस काम को आसानी से और इंसानी तरीके से पूरा किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इनमें से कई लोगों के लिए, यह वापसी अनिश्चितता और अपने परिवारों से लंबे समय तक अलग रहने के समय के खत्म होने का संकेत है। यह पहल न केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का मामला है, बल्कि इंसानी दया, संवेदनशीलता और व्यक्तिगत सम्मान को महत्व देने का भी एक उदाहरण है। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, जेल डिपार्टमेंट और अन्य संबंधित अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से, ये लोग अपने परिवारों के साथ फिर से मिल पाए हैं और नई उम्मीद के साथ जीवन शुरू कर पाए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, अमृतसर जरूरतमंद लोगों को न्याय, इंसानी सम्मान की सुरक्षा और कानूनी मदद देने के अपने वादे को जारी रखे हुए है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संतराम बी०ए० जन चेतना समिति द्वारा संतराम बी०ए०का 38 वां परिनिर्वाण दिवस मनाया गया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 31 मई 2026 संतराम बी०ए० जन चेतना समिति के तत्वाधान में आज हरिहर नगर के इंदिरा नगर में महान समाज सुधारक जाति -पाति तोड़क मंडल के संस्थापक एवं स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक परम श्रद्धेय संतराम बी०ए० का 38 वां परिनिर्वाण दिवस श्रद्धा एवं संकल्प के साथ बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक समझदार पार्टी  एवं अरविंद कुमार प्रजापति द्वारा अध्यक्षता संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ संतराम बी०ए० जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने उद्बोधन में सतीश चंद्र प्रजापति जी ने संतराम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180891/the-38th-death-anniversary-of-santram-ba-was-celebrated-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/530579-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 31 मई 2026 संतराम बी०ए० जन चेतना समिति के तत्वाधान में आज हरिहर नगर के इंदिरा नगर में महान समाज सुधारक जाति -पाति तोड़क मंडल के संस्थापक एवं स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक परम श्रद्धेय संतराम बी०ए० का 38 वां परिनिर्वाण दिवस श्रद्धा एवं संकल्प के साथ बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक समझदार पार्टी  एवं अरविंद कुमार प्रजापति द्वारा अध्यक्षता संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ संतराम बी०ए० जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने उद्बोधन में सतीश चंद्र प्रजापति जी ने संतराम बी०ए०जी को महान व्यक्तित्व के साथ एक महान विचारक थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अपना पूरा जीवन जाति-पात के भेदभाव को मिटाने और  महिलाओं की शिक्षा के प्रबल समर्थक। आज उनके विचार उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर एस.एन. कश्यप, सतीश कुमार कश्यप, राजीव रतन चन्द्र अति पिछड़ा महासभा समाज के सचिव,</div>
<div style="text-align:justify;">
<div class="gs">
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<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<div> </div>
<div>जयराम प्रजापति, अरविंद कुमार  द्वारा  कार्यक्रम की अध्यक्षता, श्यामलाल महासचिव द्वारा मंच का संचालन सर्वश्री बलिराम प्रजापति, राम अचल प्रजापति, राम आधार प्रजापति, शांति स्वरूप वर्मा एवं अन्य स्थानीय नागरिक एवं महिलाएं  उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने संतराम बी०ए० के जीवन संघर्ष उनके सामाजिक योगदान एवं क्रांतिकारी विचारों पर प्रकाश डाला और सदस्यों ने उनके आदर्श विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद कुमार प्रजापति अधीक्षण अभियंता सेवानिवृत्त द्वारा महान संत के विचारों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला गया तथा उनको उनके विचारों को अपने जीवन में धारण करने और उन पर चलने का समाज के लोगों से विनम्र आग्रह किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:09:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव ने राजकुमार भाटी की लगाई क्लास,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179534/akhilesh-yadav-took-rajkumar-bhatis-class"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download5.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी को तलब किया. प्रदेश मुख्यालय राजकुमार भाटी की क्लास लगाई.</div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे सामाजिक सद्भाव का आचरण करें. अपनी भाषा और व्यवहार में संतुलन और संयम बरतें. ऐसी कोई बात न करें जिससे अपने को अपमानित या आहत महसूस करे. उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाकर ही सामाजिक न्याय के राज की स्थापना की जा सकती है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी को एकजुट रहना होगा.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सामाजिक नीति में सबका सम्मान निहित है. पीडीए समाज सभी वर्गों-पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक के अलावा पीड़ित अगड़े-पिछड़े, आधी आबादी महिला को अपने से जोड़ती है. पीडीए सामाजिक न्याय की लड़ाई का भी प्रभावी माध्यम है. पीडीए की एकता से ही 2027 में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सकेगा और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा.</div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लुटते ‘सुनारों की सुरक्षा’ की समस्या अभी सुलझी नहीं थी कि तब तक ‘सोनाबंदी’ का व्यापार-चौपट करने वाला आह्वान आ गया और फिर ‘सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी ढाई गुना बढ़ाने का फ़रमान’. ज़ेवरात-गहनों के व्यापार में बड़ी कंपनियों के आ जाने से ये छोटे सुनार वैसे ही कम्पटीशन नहीं कर पा रहे थे, अब उन्हें लग रहा है कि शायद बड़ी कंपनियों से एकमुश्त कमीशन लेने के चक्कर में ही भाजपाइयों ने युद्ध के बहाने, सोनाबंदी की बात की है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:49:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा का प्रदेश सम्मेलन संपन्न, 36 प्रतिशत आरक्षण समेत कई मांगों पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:- </strong>सोमवार को रांची स्थित हेमसी हाइट, कचहरी चौक में पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा का प्रदेश सम्मेलन प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रो. जय प्रकाश वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मोर्चा के उपाध्यक्ष अब्दुल खालिक एवं मंत्री सुरेंद्र कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सम्मेलन में पिछड़ा वर्ग के अधिकार, आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में राज्य सरकार की नौकरियों में पिछड़ा वर्ग को 36 प्रतिशत आरक्षण देने, पंचायत चुनाव में पिछड़ों का आरक्षण सुनिश्चित करने तथा झारखंड के निजी क्षेत्र की नौकरियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178970/state-conference-of-backward-class-sangharsh-morcha-concludes-brainstorming-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/news-10.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:- </strong>सोमवार को रांची स्थित हेमसी हाइट, कचहरी चौक में पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा का प्रदेश सम्मेलन प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रो. जय प्रकाश वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मोर्चा के उपाध्यक्ष अब्दुल खालिक एवं मंत्री सुरेंद्र कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सम्मेलन में पिछड़ा वर्ग के अधिकार, आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में राज्य सरकार की नौकरियों में पिछड़ा वर्ग को 36 प्रतिशत आरक्षण देने, पंचायत चुनाव में पिछड़ों का आरक्षण सुनिश्चित करने तथा झारखंड के निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा जिन जिलों में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण शून्य या बहुत कम है, वहां जनसंख्या के आधार पर आरक्षण लागू करने तथा लोकसभा और विधानसभा में ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण तय करने की मांग भी सम्मेलन में रखी गई। पिछड़ों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक अधिकारों से जुड़े अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रो. जय प्रकाश वर्मा ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आज भी विभिन्न जातियों में बंटा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक पिछड़े वर्ग के लोग आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से झारखंड के सभी जिलों में धरना एवं प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जिसके बाद रांची में एक विशाल महाजुटान कार्यक्रम किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सम्मेलन में पूर्व सांसद सूरज मंडल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप कुमार सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल खालिक, अरुण कश्यप, उपेंद्र नारायण सिंह, इंद्रदेव महतो, महामंत्री पप्पू रावत, प्रधान महामंत्री सदन प्रजापति, प्रवक्ता सागर कुमार, विजय महतो, जयंत पटेल, प्रो. विवेकानंद कुशवाहा, हेमंत गुप्ता, रंजना जायसवाल, रोहित शर्मा, राम नरेश यादव, इंद्रदेव प्रसाद, राजू वर्मा, प्रवीण मेहता, विक्रांत विश्वकर्मा, कुशेश्वर महतो, तेजलाल महतो, विक्रम महतो, ललित चौधरी, अजित विश्वकर्मा एवं अवध बिहारी शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:43:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकुड़ मंडल कारा समेत जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में चलाया गया नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़, झारखंड:-</strong>झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में चल रहे नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत पाकुड़ मंडल कारा समेत आदिवासी बाहुल्य इलाकों में डालसा के टीम द्वारा आज विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त अभियान के तहत बंदियों एवं लोगों को उनके कानूनी अधिकार के बारे में जानकारी दी। ताकि अपने कानूनी अधिकार पर शसक्त हो सके। अपने आस पास न्याय से वंचित व्यक्तियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178953/ninety-day-intensive-legal-awareness-and-public-relations-campaign-conducted-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/news-21.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़, झारखंड:-</strong>झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में चल रहे नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत पाकुड़ मंडल कारा समेत आदिवासी बाहुल्य इलाकों में डालसा के टीम द्वारा आज विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त अभियान के तहत बंदियों एवं लोगों को उनके कानूनी अधिकार के बारे में जानकारी दी। ताकि अपने कानूनी अधिकार पर शसक्त हो सके। अपने आस पास न्याय से वंचित व्यक्तियों को उनके कानूनी अधिकार के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ से मिलने वाले निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी मिल सके ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस उद्देश्य से डालसा के टीम द्वारा घर घर पहुंच कर न्याय से वंचित न हो इस मकसद से लोगों तक पहुंच कर जानकारी दी जा रही है। उक्त अभियान के तहत बंदियों को लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ़ सुबोध कुमार दफादार पैनल अधिवक्ता संजीत कुमार मुखर्जी ने डालसा एवं नालसा के योजनाओं समेत कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ताकि खुद को, अपने परिवार को ,समाज के लोगों तक न्याय सुनिश्चित कर सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स मनोज सोरेन, सौरभ कुमार यादव ने डायन प्रथा, बाल विवाह, दहेज प्रथा घरेलू हिंसा रोकथाम पर जागरूक करते हुए जागरूक पर्ची पुस्तिकाएं वितरण की साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में जागरूक की गई। मंडल कारा पाकुड़ में जेल के प्रशासनिक अधिकारी समेत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स सायेम अली उपस्थित रहे। </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:21:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> हिंदुत्व, जाति और बंगाल का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>- महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में वर्ष 2026 केवल एक चुनावी वर्ष नहीं बल्कि एक ऐसी निर्णायक ऐतिहासिक घटना बनकर उभरा है जिसने पूरे देश की राजनीति को नए ढंग से सोचने पर विवश कर दिया है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा। इसके भीतर सांस्कृतिक अस्मिता, धार्मिक चेतना, राजनीतिक हिंसा, जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय और वैचारिक संघर्ष के अनेक स्तर एक साथ दिखाई दिए। यही कारण है कि इस चुनाव को केवल भाजपा की विजय या तृणमूल कांग्रेस की पराजय कह देना उसकी व्यापकता को सीमित कर देना होगा। यह चुनाव उस लंबे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178852/hindutva-caste-and-the-future-of-bengal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/rajneeti2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>- महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में वर्ष 2026 केवल एक चुनावी वर्ष नहीं बल्कि एक ऐसी निर्णायक ऐतिहासिक घटना बनकर उभरा है जिसने पूरे देश की राजनीति को नए ढंग से सोचने पर विवश कर दिया है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा। इसके भीतर सांस्कृतिक अस्मिता, धार्मिक चेतना, राजनीतिक हिंसा, जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय और वैचारिक संघर्ष के अनेक स्तर एक साथ दिखाई दिए। यही कारण है कि इस चुनाव को केवल भाजपा की विजय या तृणमूल कांग्रेस की पराजय कह देना उसकी व्यापकता को सीमित कर देना होगा। यह चुनाव उस लंबे सामाजिक और मानसिक संघर्ष का परिणाम था जो वर्षों से बंगाल के भीतर धीरे धीरे आकार ले रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2026 के विधानसभा चुनाव में कुल 91.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुछ चरणों में मतदान का प्रतिशत 92 तक पहुँचा। यह केवल चुनावी उत्साह का संकेत नहीं था बल्कि जनता के भीतर जमा असंतोष, भय, गुस्से और परिवर्तन की इच्छा का भी स्पष्ट प्रमाण था। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया जबकि तृणमूल कांग्रेस लगभग 80 सीटों तक सीमित रह गई। 2016 में भाजपा के पास केवल 3 सीटें थीं। 2021 में यह संख्या 77 तक पहुँची और 2026 में यह 207 हो गई। यह परिवर्तन अचानक नहीं था बल्कि एक लंबे सामाजिक और राजनीतिक विस्तार का परिणाम था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंगाल लंबे समय तक वामपंथी राजनीति का गढ़ रहा। 1977 से 2011 तक 34 वर्षों तक वाममोर्चा ने यहाँ शासन किया। उसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने 15 वर्षों तक सत्ता संभाली। इस पूरी अवधि में भाजपा को बंगाल की राजनीति में कभी गंभीर शक्ति नहीं माना गया। बंगाल की बौद्धिक परंपरा, साहित्यिक संस्कृति और धर्मनिरपेक्ष छवि को देखते हुए यह माना जाता था कि यहाँ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की राजनीति कभी व्यापक जनाधार नहीं बना पाएगी। लेकिन 2026 ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस परिवर्तन की जड़ें केवल चुनावी रणनीति में नहीं बल्कि उन घटनाओं में थीं जिन्होंने बंगाल के समाज को भीतर तक प्रभावित किया। संदेशखाली की घटनाएँ, राजनीतिक हिंसा, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, धार्मिक नारों को लेकर टकराव और अनेक स्थानों पर उत्पन्न असुरक्षा की भावना ने समाज के बड़े हिस्से को मानसिक रूप से बदल दिया। 2021 के चुनावों के दौरान 85 वर्षीय शोभा मजूमदार की मृत्यु को भाजपा और उसके समर्थकों ने राजनीतिक हिंसा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। बंगाल के अनेक क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, हमले और पलायन की घटनाओं ने यह धारणा मजबूत की कि राज्य में लोकतांत्रिक असहमति के लिए स्थान सीमित होता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बीच धार्मिक पहचान का प्रश्न भी लगातार मजबूत होता गया। जय श्री राम का नारा केवल धार्मिक उद्घोष नहीं रहा बल्कि राजनीतिक प्रतिरोध का प्रतीक बन गया। भाजपा ने इसे सांस्कृतिक स्वाभिमान से जोड़कर प्रस्तुत किया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस पर लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगता रहा। 2026-27 के बजट में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा के लिए लगभग 5713 करोड़ रुपये के आवंटन ने इस बहस को और तीखा कर दिया। भाजपा समर्थकों ने इसे हिंदू समाज की उपेक्षा और वोट बैंक की राजनीति का प्रमाण बताया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि भाजपा को केवल शहरी या उच्च वर्गीय समर्थन नहीं मिला। अनुसूचित जाति और जनजाति की आरक्षित सीटों में भाजपा ने भारी सफलता प्राप्त की। 84 आरक्षित सीटों में से 67 पर विजय ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का एक बड़ा हिस्सा भाजपा की ओर आकर्षित हुआ। यही वह बिंदु है जहाँ बंगाल की राजनीति एक नए वैचारिक मोड़ पर पहुँचती दिखाई देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा ने लंबे समय तक हिंदू एकता की राजनीति की। चुनाव प्रचार के दौरान जातीय पहचान की तुलना में धार्मिक पहचान अधिक प्रभावी दिखाई दी। लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद जिस प्रकार सामाजिक अभियान्त्रिकी की चर्चाएँ सामने आने लगीं, उससे नए विवाद पैदा हुए। कुछ विचारकों और रणनीतिकारों ने यह तर्क देना शुरू किया कि बंगाल में सवर्ण और मुसलमानों का एक ऐतिहासिक गठबंधन रहा जिसने दलितों और पिछड़ों को सत्ता से दूर रखा। इस प्रकार की व्याख्या ने भाजपा समर्थक सवर्ण वर्ग के भीतर असहजता पैदा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहीं से यह प्रश्न खड़ा होता है कि क्या भाजपा अब हिंदू एकता की राजनीति से आगे बढ़कर मंडल राजनीति की ओर लौट रही है। यदि ऐसा है तो यह भाजपा के लिए अवसर भी हो सकता है और संकट भी। अवसर इसलिए क्योंकि सामाजिक प्रतिनिधित्व की राजनीति भारतीय लोकतंत्र की वास्तविकता है। संकट इसलिए क्योंकि यदि हिंदू समाज को पुनः जातीय आधार पर विभाजित किया गया तो वह सांस्कृतिक एकता कमजोर हो सकती है जिसने भाजपा को बंगाल में इतनी बड़ी सफलता दिलाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंगाल की सामाजिक संरचना उत्तर भारत के अनेक राज्यों से भिन्न रही है। यहाँ जातीय पहचान मौजूद अवश्य रही लेकिन उसने राजनीति को उस स्तर तक नियंत्रित नहीं किया जैसा बिहार या उत्तर प्रदेश में देखा गया। बंगाल की सांस्कृतिक चेतना लंबे समय तक भाषा, साहित्य और बौद्धिकता के इर्द गिर्द निर्मित होती रही। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और चैतन्य महाप्रभु की परंपरा ने धर्म को विभाजन के बजाय आध्यात्मिक समन्वय के रूप में प्रस्तुत किया। इसलिए यदि बंगाल में जातीय ध्रुवीकरण को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का प्रयास होगा तो उसका सामाजिक प्रतिरोध भी सामने आ सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस चुनाव में महिलाओं की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उत्पन्न गुस्से ने सरकार विरोधी वातावरण तैयार किया। भाजपा ने इसे प्रभावी ढंग से राजनीतिक मुद्दा बनाया। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाताओं के एक बड़े वर्ग ने परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी ओर चुनाव परिणामों को लेकर विवाद भी सामने आए। विपक्षी दलों और कुछ आलोचकों ने मतदाता सूची संशोधन और मतदाता नाम हटाने की प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। हालांकि चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन सभी विवादों के बावजूद यह तथ्य निर्विवाद है कि बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। पहली बार भाजपा ने राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। यह केवल संगठनात्मक विस्तार नहीं बल्कि वैचारिक स्वीकृति का भी संकेत है। लेकिन वास्तविक चुनौती अब शुरू होती है। चुनाव जीतना अपेक्षाकृत सरल होता है जबकि सामाजिक संतुलन बनाए रखना कहीं अधिक कठिन।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि भाजपा केवल धार्मिक ध्रुवीकरण पर निर्भर रहती है तो उसे दीर्घकालिक सामाजिक स्थिरता प्राप्त नहीं होगी। यदि वह केवल जातीय प्रतिनिधित्व की राजनीति करेगी तो उसका मूल सांस्कृतिक आधार कमजोर पड़ सकता है। बंगाल जैसे राज्य में स्थायी राजनीतिक सफलता के लिए सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक न्याय दोनों को साथ लेकर चलना आवश्यक होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज बंगाल के सामने सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या यह परिवर्तन समावेशी होगा या टकरावपूर्ण। क्या जय श्री राम और जय भीम को परस्पर विरोधी नारों की तरह प्रस्तुत किया जाएगा या उन्हें सामाजिक समन्वय के रूप में देखा जाएगा। यदि भाजपा इस संतुलन को साध लेती है तो बंगाल में उसका राजनीतिक आधार लंबे समय तक मजबूत रह सकता है। लेकिन यदि सत्ता के बाद समाज को नए नए वर्गों में बाँटने की राजनीति शुरू होती है तो वही जनता जिसने 2026 में ऐतिहासिक जनादेश दिया है, भविष्य में उससे निराश भी हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंगाल का यह चुनाव केवल एक राज्य का चुनाव नहीं था। यह भारतीय राजनीति की बदलती दिशा का संकेत था। इसने यह स्पष्ट कर दिया कि सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक असुरक्षा, राजनीतिक हिंसा और प्रतिनिधित्व की राजनीति मिलकर किस प्रकार नए राजनीतिक समीकरण बना सकती है। आने वाले वर्षों में पूरा देश बंगाल को ध्यान से देखेगा क्योंकि यहाँ जो प्रयोग शुरू हुआ है उसका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। बंगाल अब केवल साहित्य और संस्कृति की भूमि नहीं रहा बल्कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी वैचारिक प्रयोगशाला बन चुका है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:13:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ थारू समाज का हल्ला बोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ </strong>अनुसूचित जनजाति के अधिकारों पर कथित अतिक्रमण और फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के विरोध में थारू समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्थागोरखपुर ने पुलिस आयुक्त लखनऊ से अनुमति लेकर मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधन ज्ञापन   सौपा</div>
<div style="text-align:justify;">समिति ने आरोप लगाया है कि कहार, गोड़िया, भुज, भड़भूजा और धुरिया समुदाय के कुछ लोग कथित रूप से “गोंड” शब्द जोड़कर अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। इससे वास्तविक जनजातीय समाज के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी योजनाओं व नौकरियों का लाभ गलत तरीके से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178782/tharu-community-protests-against-fake-caste-certificate"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260509-wa0443.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ </strong>अनुसूचित जनजाति के अधिकारों पर कथित अतिक्रमण और फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के विरोध में थारू समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्थागोरखपुर ने पुलिस आयुक्त लखनऊ से अनुमति लेकर मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधन ज्ञापन   सौपा</div>
<div style="text-align:justify;">समिति ने आरोप लगाया है कि कहार, गोड़िया, भुज, भड़भूजा और धुरिया समुदाय के कुछ लोग कथित रूप से “गोंड” शब्द जोड़कर अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। इससे वास्तविक जनजातीय समाज के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी योजनाओं व नौकरियों का लाभ गलत तरीके से लिया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">कई जिलों में  सामने आ रहे मामले</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया है कि गोरखपुर, कुशीनगर, वाराणसी, मऊ, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और आजमगढ़ सहित कई जिलों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं सोनभद्र, मिर्जापुर, हमीरपुर, बांदा, ललितपुर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जनपदों में निवासरत वास्तविक जनजातीय समुदायों के अधिकारों पर संकट गहराने की बात कही गई है। उपरोक्त जनपदों से  हज़ारों की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष अपने पारंपरिक भेष भूषा  में शामिल हुए </div>
<div style="text-align:justify;">मूल आदिवासी जनजाति संस्था   गोरखपुर के द्वारा परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल शान्ति मार्च निकालकर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा। समिति के अनुसार इस आंदोलन में विभिन्न जिलों से करीब हजारों लोगों के शामिल हुए </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">“वास्तविक जनजातियों का भविष्य हो रहा अंधकारमय”</div>
<div style="text-align:justify;">समिति ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यदि कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्रों पर रोक नहीं लगी तो वास्तविक अनुसूचित जनजातियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। संगठन ने प्रशासन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने और मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 20:00:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>मांगे पूरी होने तक एचएमकेपी जारी रखेगी मजदूर किसानों के अधिकारों की लड़ाई .राष्ट्रीय अध्यक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल० कलप्पा ने इस साल के मनाए गए मई दिवस को निरर्थक बताते हुए कहा है कि जब तक श्रमिकों और मजदूरों के हितों से संबंधित सारी मांगे पूरी ना हो जाएं। उनके हित होने की शुरुआत ना हो जाए। तब तक मई दिवस के स्थान पर हर साल काला दिवस ही मनाया जाना चाहिए। अवगत कराते चलें कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल० कलप्पा ने इस साल के बीते मई दिवस को भी काला दिवस के रूप में मनाने की अपील सभी ट्रेड यूनियनों से की थी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
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<div style="text-align:justify;">हिन्द</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178440/hmkp-will-continue-the-fight-for-the-rights-of-laborers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001889868-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल० कलप्पा ने इस साल के मनाए गए मई दिवस को निरर्थक बताते हुए कहा है कि जब तक श्रमिकों और मजदूरों के हितों से संबंधित सारी मांगे पूरी ना हो जाएं। उनके हित होने की शुरुआत ना हो जाए। तब तक मई दिवस के स्थान पर हर साल काला दिवस ही मनाया जाना चाहिए। अवगत कराते चलें कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल० कलप्पा ने इस साल के बीते मई दिवस को भी काला दिवस के रूप में मनाने की अपील सभी ट्रेड यूनियनों से की थी। </div>
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<div style="text-align:justify;"> इस बीच श्रमिकों, मजदूरों और कर्मचारियों के हित में लगातार संघर्ष कर रहे हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री राकेशमणि पाण्डेय ने व्यक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल कलप्पा ने कहा है कि मई दिवस शुरुआत 1886 में शिकागो में श्रमिक द्वारा 08 घण्टे के कार्य दिवस की मांग को लेकर एतिहासिक संघर्ष से हुई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष एल० कलप्पा के मुताबिक एकता, प्रतिरोध और श्रमिकों द्वारा बड़ी मुश्किल से हासिल किये गये अधिकारों का प्रतीक है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल. कलप्पा के माध्यम से राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री राकेशमणि पाण्डेय ने मई श्रम संघिताओं के तहत श्रमिको के विधानिक अधिकारों का हनन। बढ़ती नौकरी की असुरक्षा ठेका आधारित रोजगार व बेरोजगारी। सामुहिक सौदेबाजी और ट्रेडयूनियन आजादी पर हमला। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमो का निजीकरण व विनिवेश। श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी और कारपेंर्पोरेट समर्थक नीतिगत दिशाएं जैसे मुद्दों की भी चर्चा करते हुए  हिन्द मजदूर किसान पंचायत की ओर से कड़ा विरोध भी दर्ज कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने के अपने संकल्प को तुरन्त दोहराये। राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री राकेशमणि पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष एल. कलप्पा ने सभी केन्द्रीय संगठनों व लोक तात्रिक ताकतों से इस मई दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने का आवाहन इसीलिए किया था क्योंकि मई दिवस केवल एक उत्सव नहीं है बल्कि न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का दृढ संकल्प का भी दिन है। हिंद मजदूर किसान पंचायत का जिसके खिलाफ संघर्ष तब तक जारी रहेगा ,जब तक मजदूर श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों से जुड़ी सभी मांगे पूर्ण रूप से मानते हुए उन्हें अमलीजामा नहीं पहना दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:51:12 +0530</pubDate>
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