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                <title>सार्वजनिक संपत्ति - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सार्वजनिक संपत्ति RSS Feed</description>
                
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                <title>नगरपालिका प्रशासन पर भूमाफिया भारी,बेशकीमती जमीनों का चिन्हांकन करवाने मे छूट रहा पसीना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के नगर पालिका के वार्ड नम्बर 25 मोहल्ला पिकौरा बक्श मे बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा है। एक षडयंत्र के तहत लेखपाल व नगरपालिका की मिलीभगत से इन जमीनों को भूमाफियाओं ने अपने नाम करा लिया था। समाजसेवी उमाशंकर गुप्ता के अथक प्रयासों व लम्बे संघर्ष के बाद उक्त जमीनों को पूर्व के एसडीएम सदर गुलाब चन्द ने भमाफियाओं का नाम खारिज करने का आदेश देकर इस पर पुनः नगरपालिका का नाम दर्ज करा दिया था। </div>
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<div style="text-align:justify;">हैरानी इस बात की है कि भूमाफियाओं के दबाव मे नगरपालिका प्रशासन इन जमीनों का चिन्हांकन नही करवा रहा है,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179702/land-mafia-is-heavy-on-municipal-administration-sweat-is-being"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260520-wa0031.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के नगर पालिका के वार्ड नम्बर 25 मोहल्ला पिकौरा बक्श मे बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा है। एक षडयंत्र के तहत लेखपाल व नगरपालिका की मिलीभगत से इन जमीनों को भूमाफियाओं ने अपने नाम करा लिया था। समाजसेवी उमाशंकर गुप्ता के अथक प्रयासों व लम्बे संघर्ष के बाद उक्त जमीनों को पूर्व के एसडीएम सदर गुलाब चन्द ने भमाफियाओं का नाम खारिज करने का आदेश देकर इस पर पुनः नगरपालिका का नाम दर्ज करा दिया था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हैरानी इस बात की है कि भूमाफियाओं के दबाव मे नगरपालिका प्रशासन इन जमीनों का चिन्हांकन नही करवा रहा है, जिससे आज भी यहां अवैध कब्जा बना हुआ है। पिकौरा बक्स मोहल्ले मे गाटा संख्या 105 अभिलेखों में कूड़ाघर दर्ज है जिसका चिन्हांकन किए जाने की आवश्यकता है। उक्त जमीन के पैमाइश की मांग समाजसेवी उमाशंकर गुप्ता कई वर्षों से करते आ रहे हैं। उन्होने बताया कि इस जमीन को भूमाफियाओं ने कूड़े से ढक दिया है और बेंचने की फिराक मे हैं। तमाम मौखिक शिकायत के बावजूद चिन्हांकन नहीं किया जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड नंबर 25 पिकौरा बक्स त्रिपाठी गली गांधी नगर बस्ती का 870 नंबर सुलभ शौचालय जो नगर पालिका परिषद बस्ती के अभिलेख में दर्ज है, अधिशाषी अधिकारी अंगद गुप्ता व वार्ड के वर्तमान लेखपाल से दसियों बार मांग की गई है कि इसका चिन्हांकन कराया जाए। लेकिन अधिकारियों का रवैया उदासीन रहा है। भूमाफियाओं ने इस पर मकान बनवा लिया है, उक्त मकान को नगर पालिका द्वारा नया नंबर भी दे दिया गया है। इसी मोहल्ले मे गाटा संख्या 105 के बगल मे अभिलेखों में सार्वजनिक कूंआ दर्ज है, इसका आधा हिस्सा बेंच दिया गया है, जि पर मकान बन चुका है और आधा हिस्सा बेंचने की तैयारी की जा रही है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिशाषी अधिकारी अंगद गुप्ता से बार बार शिकायत करने पर कहा जाता है कि आख्या ली जा रही है। प्रकरण मे संवाददाता ने बात की तो उन्होने बताया कि समाधान दिवस मे उमाशंकर गुप्ता ने शिकायती पत्र दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की जांच की जा रही है शीघ्र ही जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जायेगा। उमाशंकर गुप्ता का कहना है कि हमारे वार्ड मे पहले प्राइमरी स्कूल हुआ करता था जो प्राइवेट बिल्डिंग मे चलता था। सरकारी जमीन न मिलने के कारण प्राइमरी स्कूल बंद हो गया। नगरपालिका उपरोक्त जमीनों को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त करा पाता तो वार्ड मे एक प्राइमरी स्कूल खोला जा सकता है जिससे नौनिहालों को अपने ही वार्ड मे स्कूल मिल जायेगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 21:06:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत हरदुआ :खलिहान की भूमि पर अवैध कब्जा, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी- </strong>जनपद के ग्राम पंचायत  हर दुआ में सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के खलिहान की सुरक्षित भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जबकि स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में मूकदर्शक बना हुआ है।</div>
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<div style="text-align:justify;">धीरे-धीरे बदला कब्जे का स्वरूप स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, खलिहान की जमीन पर कब्जे की शुरुआत बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई। सबसे पहले जमीन के एक हिस्से पर अस्थाई कब्जा किया गया। जब प्रशासन या राजस्व विभाग की ओर से कोई ठोस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170864/questions-raised-on-the-silence-of-the-administration-regarding-illegal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/0.0044.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी- </strong>जनपद के ग्राम पंचायत  हर दुआ में सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के खलिहान की सुरक्षित भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जबकि स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में मूकदर्शक बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धीरे-धीरे बदला कब्जे का स्वरूप स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, खलिहान की जमीन पर कब्जे की शुरुआत बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई। सबसे पहले जमीन के एक हिस्से पर अस्थाई कब्जा किया गया। जब प्रशासन या राजस्व विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कब्जेदारों के हौसले बुलंद हो गए। अब उस  खलिहान की जगह  पर  खेती की जा रही है। , जिससे भविष्य में इस सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ग्राम प्रधान और लेखपाल पर मिलीभगत के आरोप-----</strong></div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति की संलिप्तता है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस अवैध कब्जे के पीछे गांव के ग्रामप्रधान औरलेखपाल, का हाथ है। आरोप है कि प्रधान के प्रभाव और संरक्षण के चलते ही कब्जा करने वाले लोग बेखौफ होकर सरकारी जमीन पर  अतिक्रमण को अंजाम दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन मौन--------</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> ऐसा बताया जाता है कि खलिहान की जमीन गांव के सामूहिक कार्यों और कृषि गतिविधियों के लिए आरक्षित होती है। इस पर कब्जे से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि:कई बार मौखिक और लिखित सूचना देने के बावजूद राजस्व टीम मौके पर नहीं पहुंची।प्रशासन की इस ढिलाई से ऐसा प्रतीत होता है जैसे अधिकारियों की मौन सहमति प्राप्त हो।सार्वजनिक भूमि पर  अभी भी  फासले खड़ी देखी जा रही है।, जिसे तुरंत रोका जाना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अनुसार, खलिहान, चरागाह या तालाब जैसी सुरक्षित श्रेणियों की भूमि पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण अवैध है और इसे ढहाने के साथ-साथ दोषी पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। जिसके बाद भी  अवैध कब्जा नहीं हटवाया जा रहा है।क्या  प्रशासन इस  मामले की शिकायत को उच्च अधिकारियों तक, तहसील पोर्टल या आईजीआरएस) पर भेजने के  बाद  ही हरकत में आएगा।और अवैध कब्जा धारकों  के विरूद्ध कार्रवाई करेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 19:32:26 +0530</pubDate>
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