<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/4784/gujrat" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>gujrat - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/4784/rss</link>
                <description>gujrat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात में 71 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>अहमदाबाद-</strong>   71 करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले ने गुजरात की ग्रामीण विकास प्रणाली को हिलाकर रख दिया है, जिसमें राज्य के पंचायत और कृषि मंत्री बच्चू खबाद के बेटे बलवंत खबाद सहित गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना में भारी अनियमितताओं से जुड़ा यह घोटाला दाहोद जिले के धनपुर और देवगढ़ बारिया तालुका में सामने आया है दाहोद में मनरेगा घोटाला मामले में कृषि और पंचायत राज्य मंत्री बचुभाई खाबड़ के पुत्र बलवंत खाबड़ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। देवगढ़ बारिया समेत धानपुर तहसील में मनरेगा योजना में करोड़ों रुपये की</div>
<div> </div>
<div>गिरफ्तारी</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151954/mnrega-scam-worth-rs-71-crore-in-gujarat-exposed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/0.004.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>अहमदाबाद-</strong>  71 करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले ने गुजरात की ग्रामीण विकास प्रणाली को हिलाकर रख दिया है, जिसमें राज्य के पंचायत और कृषि मंत्री बच्चू खबाद के बेटे बलवंत खबाद सहित गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना में भारी अनियमितताओं से जुड़ा यह घोटाला दाहोद जिले के धनपुर और देवगढ़ बारिया तालुका में सामने आया है दाहोद में मनरेगा घोटाला मामले में कृषि और पंचायत राज्य मंत्री बचुभाई खाबड़ के पुत्र बलवंत खाबड़ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। देवगढ़ बारिया समेत धानपुर तहसील में मनरेगा योजना में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी मामले में पुलिस ने मंत्री पुत्र के साथ तत्कालीन टीडीओ दर्शन पटेल को भी गिरफ्तार किया है।।</div>
<div> </div>
<div>गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए दाहोद के डिप्टी एसपी जगदीश भंडारी ने स्थानीय मीडिया को बताया, "बलवंत खाबड़ और तत्कालीन तालुका विकास अधिकारी (टीडीओ) दर्शन पटेल को धनपुर और देवगढ़ बारिया में मनरेगा घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है।"इस बीच, मंत्री का छोटा बेटा किरण खबाद फरार है। पुलिस ने कहा कि करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की आगे की जांच जारी है।</div>
<div> </div>
<div>घोटाले के केंद्र में फर्जी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सड़कों, बांधों और अन्य सार्वजनिक कार्यों का एक सुव्यवस्थित नेटवर्क है, जो केवल कागजों पर मौजूद है। मनरेगा के तहत आदिवासी रोजगार के लिए निर्धारित धन कथित तौर पर जाली प्रमाण पत्रों और फर्जी चालानों के माध्यम से निकाला गया था, और कथित तौर पर यह पैसा मंत्री के बेटों से जुड़ी एजेंसियों को दिया गया था।</div>
<div> </div>
<div>यह घोटाला तब सामने आया जब जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) के निदेशक बीएम पटेल ने देवगढ़ बारिया और धनपुर तालुका में परियोजना क्रियान्वयन में बड़ी अनियमितताओं को चिन्हित किया। इसके बाद हुए ऑडिट में धोखाधड़ी का पता चला और इसका पता राज कंस्ट्रक्शन और राज ट्रेडर्स से चला, जो बलवंत और किरण खाबड़ द्वारा संचालित फर्म हैं, दोनों ने बढ़ते सबूतों के बीच अग्रिम जमानत मांगी थी। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व डीआरडी निदेशक ने 35 गैर पात्रता वाली एजेंसी के विरुद्ध 71 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। </div>
<div> </div>
<div>इसी मामले में शनिवार को पुलिस ने बलवंत और तत्कालीन टीडीओ दर्शन पटेल को पकड़ा है। वहीं, किरण खाबड़ी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। प्राथमिकी के अनुसार मनरेगा वर्ष 2021 से 2025 के बीच हुए कामों में गड़बड़ी सामने आई थी। इसकी जांच में कुल 71 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार होने की जानकारी मिली। दाहोद पुलिस ने भ्रष्टाचार को लेकर थाने में शिकायत की।</div>
<div> </div>
<div>इस समग्र मामले में अलग-अलग 35 एजेंसी के विरुद्ध शिकायत की गई है। इसमें देवगढ़बारिया की 28 और धानपुर की 7 एजेंसी शामिल है। इन एजेंसियों में राज कंस्ट्रक्शन और राज ट्रेडर्स भी शामिल है, जो कि राज्य मंत्री बचुभाई खाबड़ के पुत्र बलवंत और किरण का है। किरण की एजेंसी राज ट्रेडर्स देवगढ़ बारिया और बलवंत की एजेंसी राज कंस्ट्रक्शन धानपुर तहसील के गांव में सक्रिय है। दोनों पुत्रों को दाहोद के विभिन्न गांवों में विकास से संबंधित कामों का कॉन्ट्रेक्ट मिलता रहता है।</div>
<div> </div>
<div>आरोप के मुताबिक बगैर सड़क बनाए कई मामलों में भुगतान कर दिए गए थे। मनरेगा के तहत मंजूर हुए कामों के लिए 60 फीसदी रकम मटेरियल्स और 40 फीसदी रकम मनरेगा के श्रमिकों के लिए सरकार की ओर से दी जाती है। 2021 से 2025 के बीच कुवा, रेधाना और सिमामोई जैसे गांवों को गलत तरीके से मनरेगा परियोजनाओं के लाभार्थियों के रूप में चिह्नित किया गया था। जमीनी स्तर पर, काम बहुत कम या बिलकुल नहीं था, केवल जाली पूर्णता रिपोर्ट और डायवर्ट किए गए भुगतानों का सिलसिला था। जैसे-जैसे जांच बढ़ी, अधिकारियों ने खुलासा किया कि 35 सामग्री आपूर्तिकर्ता, जिनमें से 28 देवगढ़ बारिया से और सात धनपुर से थे, स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी दावे करने में शामिल थे।</div>
<div> </div>
<div>वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित तौर पर आंखें मूंद लीं, जिससे कई प्रशासनिक स्तरों पर धोखाधड़ी फैल गई। जवाब में, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने सभी चल रहे मनरेगा भुगतानों पर रोक लगा दी। ऑडिट में लॉग गायब होने, काम करने की जगहों का न होना और बड़े पैमाने पर दस्तावेजों में जालसाजी का खुलासा हुआ।</div>
<div> </div>
<div>अनुमान है कि 160 करोड़ रुपये के फर्जी दावों की जांच की जा रही है। गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। अब तक देवगढ़ बारिया में 60.90 करोड़ रुपये और धनपुर में 10.10 करोड़ रुपये के फर्जी बिलों का पता चला है। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये संख्याएं तो बस शुरुआत हैं, क्योंकि और भी तालुका जांच के दायरे में आ रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>विपक्ष के नेता अमित चावड़ा ने इससे पहले मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इस घोटाले की चेतावनी दी थी और अनुमान लगाया था कि यह घोटाला करीब 250 करोड़ रुपये का है।सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए चावड़ा ने आरोप लगाया कि खबाद से जुड़ी कंपनियों को सालों तक बिना जांच के भुगतान मिलता रहा। उन्होंने कहा, "यह गुजरात के सबसे गरीब लोगों की दिनदहाड़े लूट है।" उन्होंने मंत्री के इस्तीफे और राज्य स्तर पर आपराधिक जांच की मांग की।</div>
<div> </div>
<div>बढ़ते दबाव के बावजूद, मंत्री बच्चू खबाद चुप रहे हैं और सत्तारूढ़ भाजपा ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे विपक्ष और नागरिक समाज की तीखी आलोचना हो रही है। एक नियमित ऑडिट के रूप में शुरू हुआ यह मामला गुजरात के सबसे बड़े कल्याण घोटालों में से एक बन गया है, जिसने जड़ जमाए भ्रष्टाचार को उजागर किया है और सरकारी जवाबदेही में जनता का भरोसा डगमगा दिया है।</div>
<div> </div>
<div>आदिवासी समाज से आने वाले बचुभाई खाबड़ राज्य के आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। वे वर्ष 2002, 2012, 2017, 2022 में देवगढ़बारिया सीट से विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। वे आनंदीबेन पटेल और विजय रूपाणी की सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2022 में वे फिर से राज्य मंत्री बने हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"> </div>
</div>
</div>
<div class="ajx"> </div>
</div>
<div class="gA gt acV">
<div class="gB xu">
<div class="mVCoBd"> </div>
<div class="ip iq">
<div></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151954/mnrega-scam-worth-rs-71-crore-in-gujarat-exposed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/151954/mnrega-scam-worth-rs-71-crore-in-gujarat-exposed</guid>
                <pubDate>Sat, 17 May 2025 17:15:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/0.004.jpg"                         length="499647"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उतरौला डाकघर में रेलवे टिकट रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा बहाल करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>उतरौला/बलरामपुर- </strong>क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को देखते हुए उतरौला विकास मंच अध्यक्ष आदिल हुसैन ने मंडल अधीक्षक डाकघर को पत्र लिखकर उतरौला डाकघर में बंद पड़ी रेलवे टिकट रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा को पुनः चालू कराने की मांग की है।  </div>
<div>  </div>
<div>आदिल हुसैन ने बताया कि लगभग छह वर्ष पूर्व तक उतरौला डाकघर में रेलवे टिकट रिजर्वेशन की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन इसके बंद हो जाने से स्थानीय लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे टिकट आरक्षण के लिए अब लोगों को गोंडा, मनकापुर या जनपद मुख्यालय तक जाना पड़ता है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149319/demand-to-restore-railway-ticket-reservation-counter-facility-at-utraula"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/2-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>उतरौला/बलरामपुर- </strong>क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को देखते हुए उतरौला विकास मंच अध्यक्ष आदिल हुसैन ने मंडल अधीक्षक डाकघर को पत्र लिखकर उतरौला डाकघर में बंद पड़ी रेलवे टिकट रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा को पुनः चालू कराने की मांग की है।  </div>
<div> </div>
<div>आदिल हुसैन ने बताया कि लगभग छह वर्ष पूर्व तक उतरौला डाकघर में रेलवे टिकट रिजर्वेशन की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन इसके बंद हो जाने से स्थानीय लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे टिकट आरक्षण के लिए अब लोगों को गोंडा, मनकापुर या जनपद मुख्यालय तक जाना पड़ता है। यह प्रक्रिया न केवल समय लेने वाली है बल्कि यात्रियों को लंबी लाइनों और अधिक खर्च का सामना भी करना पड़ता है।   </div>
<div> </div>
<div>उतरौला और इसके आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अन्य राज्यों में मजदूरी और कामकाज के लिए जाते हैं। इनमें से अधिकांश यात्रियों को रेलवे टिकट बुक करने में महीनों की परेशानी झेलनी पड़ती है। टिकट उपलब्ध न होने की स्थिति में लोग मजबूरन महंगे प्राइवेट बसों और अन्य यातायात साधनों का सहारा लेते हैं।  </div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, धार्मिक यात्राओं के लिए तिरुपति बालाजी, अजमेर, देवभूमि उत्तराखंड, और अन्य महत्वपूर्ण</div>
<div>स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी आरक्षण टिकट प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। मुंबई, पुणे, गुजरात, कोलकाता, दिल्ली, सूरत जैसे प्रमुख स्थलों के यात्रियों को भी टिकट बुक करने में काफी समस्याएं हो रही हैं।  </div>
<div>विकास मंच अध्यक्ष आदिल हुसैन ने अपने पत्र में कहा कि इस सुविधा को बहाल करने से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। रेलवे टिकट आरक्षण काउंटर को दोबारा शुरू करने से क्षेत्र के मजदूर वर्ग और यात्रियों की जीवनशैली को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।  </div>
<div> </div>
<div>क्षेत्रीय जनता ने इस मांग को लेकर प्रशासन से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। मंडल अधीक्षक डाकघर और रेलवे प्रशासन से अनुरोध है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान देते हुए सुविधा बहाल करने का प्रयास करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149319/demand-to-restore-railway-ticket-reservation-counter-facility-at-utraula</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149319/demand-to-restore-railway-ticket-reservation-counter-facility-at-utraula</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 14:10:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/2-%281%291.jpg"                         length="42852"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारी मात्रा में प्रतिबंधित पालीथिन भरा गुजरात का ट्रक पकड़ा गया </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong></div>
<div>  </div>
<div>राज्य कर विभाग ने गुजरात की पन्नी लदा ट्रक नगर निगम प्रवर्तन दल के हवाले कर दिया। </div>
<div>  </div>
<div>                                                          प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य कर विभाग की टीम हाईवे पर चेकिंग कर रही थी उसी दौरान एक ट्रकों में गुजरात की 6 फैक्ट्रियों से 475 बोरियों में 14,750 किलो (पौने 15 ton) विभिन्न प्रकार के कैरीबैग बरामद किया । इन ट्रक मालिकों से 80 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया।</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137192/gujarat-truck-carrying-large-quantity-of-banned-polythene-seized"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/fb_img_1701334886956.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong></div>
<div> </div>
<div>राज्य कर विभाग ने गुजरात की पन्नी लदा ट्रक नगर निगम प्रवर्तन दल के हवाले कर दिया। </div>
<div> </div>
<div>                             प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य कर विभाग की टीम हाईवे पर चेकिंग कर रही थी उसी दौरान एक ट्रकों में गुजरात की 6 फैक्ट्रियों से 475 बोरियों में 14,750 किलो (पौने 15 ton) विभिन्न प्रकार के कैरीबैग बरामद किया । इन ट्रक मालिकों से 80 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137192/gujarat-truck-carrying-large-quantity-of-banned-polythene-seized</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/137192/gujarat-truck-carrying-large-quantity-of-banned-polythene-seized</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Nov 2023 22:17:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-11/fb_img_1701334886956.jpg"                         length="145475"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात में निवेश और विकास परियोजनाओं पर सबसे अधिक भरोसा- RBI की रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>आरबीआई की यह रिपोर्ट गुजरात के लिए बड़ी उपलब्धि की तरह है. यही वजह है कि राज्य की भूपेंद्र पटेल सरकार जनवरी 2024 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की दसवीं कड़ी आयोजित करने की योजना बना रही है. आयोजन के जरिए गुजरात बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित कर सकेगा.</p>
<p>देश के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं ने एक बार फिर भारत में मोस्ट फेवरेट इन्वेस्टमेन्ट डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान रखने वाले गुजरात की विकास  परियोजनाओं पर सबसे अधिक भरोसा जताया है. RBI ने हाल ही में जारी अगस्त महीने के बुलेटिन बताया है कि साल 2022-23 में देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133807/gujarat-has-the-highest-trust-on-investment-and-development-projects"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/rbii.png" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>आरबीआई की यह रिपोर्ट गुजरात के लिए बड़ी उपलब्धि की तरह है. यही वजह है कि राज्य की भूपेंद्र पटेल सरकार जनवरी 2024 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की दसवीं कड़ी आयोजित करने की योजना बना रही है. आयोजन के जरिए गुजरात बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित कर सकेगा.</p>
<p>देश के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं ने एक बार फिर भारत में मोस्ट फेवरेट इन्वेस्टमेन्ट डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान रखने वाले गुजरात की विकास  परियोजनाओं पर सबसे अधिक भरोसा जताया है. RBI ने हाल ही में जारी अगस्त महीने के बुलेटिन बताया है कि साल 2022-23 में देश में सबसे अधिक गुजरात की 82 विकास परियोजनाओं को बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से फंड मंजूर किया गया है. इस श्रेणी में 48 परियोजनाओं के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर और 45 परियोजनाओं के साथ उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है.</p>
<h4><strong>10 साल में गुजरात के 692 प्रोजेक्ट को फंड मिला</strong></h4>
<p>हालांकि बैंकों/वित्तीय संस्थानों की स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत की बात करें तो 14 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ गुजरात देश में दूसरे स्थान पर है. RBI के बुलेटिन के मुताबिक पिछले 10 सालों में यानी 2013-14 से 2022-23 के बीच देश के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का सबसे अधिक विश्वास गुजरात की विकास परियोजनाओं पर रहा है. पिछले 10 सालों में गुजरात के 692 विकास परियोजनाओं को फंड मिला है. यह संख्या किसी भी राज्य में फंड हासिल करने वाली विकास परियोजनाओं की संख्या में सबसे ज्यादा है.</p>
<h4><strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन को दिया गया श्रेय</strong></h4>
<p>माना यह जा रहा है कि बीते 10 सालों में गुजरात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यापक मार्गदर्शन मिला है. यही कारण है कि राज्य सरकार RBI की इस रिपोर्ट को बड़ी उपलब्धियों के तौर पर देख रही है. गुजरात सरकार का मानना है कि साल 2022-23 के इन आकंड़ों और पिछले 10 सालों की यह उपलब्धि प्रदेश की निवेश अनुकूल नीति, उद्योग अनुकूल माहौल और राज्य के सबसे बड़े इन्वेस्टर समिट ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट’ के साथ-साथ प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन भी है.</p>
<h4><strong>2024 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का दसवां आयोजन</strong></h4>
<p>गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल जनवरी 2024 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का दसवां आयोजन करने की योजना बना रहे हैं. ऐसे समय में गुजरात को मिली यह उपलब्धि आगामी वाइब्रेंट समिट के लिए काफी अहम है. ये आंकड़े इस कार्यक्रम की सफलता के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं. </p>
<p>वाइब्रेंट गुजरात 2024 के आयोजन के माध्यम से एक बार फिर गुजरात बड़े स्तर पर निवेश और विकास परियोजनाओं को आकर्षित करने की तैयारी में है. RBI की यह रिपोर्ट निश्चय ही गुजरात में निवेश के लिए निवेशकों का उत्साहवर्धन करेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133807/gujarat-has-the-highest-trust-on-investment-and-development-projects</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133807/gujarat-has-the-highest-trust-on-investment-and-development-projects</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Aug 2023 19:55:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/rbii.png"                         length="1490806"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात का नाम बदनाम न करो  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><br /><strong>राकेश अचल </strong></p>
<p>महात्मा गांधी की जन्म और कर्म भूमि लगातार सुर्ख़ियों में हैं और ये तमाम सुर्खियां हैं बदनामी की। आज जब देश का नेतृत्व एक महान गुजराती कर रहा हो तब गुजरात को लगातार बदनाम करने की कोशिशें मुझे नागवार लगतीं हैं ।हाल ही में उज्जयनी में नव नृमित महाकाल लोक की मूर्तियों के आंधी में उड़ जाने से एक बार फिर गुजरात की बहुत बदनामी हुई ।</p>
<p>मै जितना प्रेम भारत से करता हूँ,उतना ही स्नेह मुझे गुजरात से है । गुजरात से प्रेम की एक वजह हो तो बताऊँ ।फिर भी यहां महात्मा गांधी का पैदा होना.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129782/dont-defame-the-name-of-gujarat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/गुजरात-का-नाम-बदनाम-न-करो.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><br /><strong>राकेश अचल </strong></p>
<p>महात्मा गांधी की जन्म और कर्म भूमि लगातार सुर्ख़ियों में हैं और ये तमाम सुर्खियां हैं बदनामी की। आज जब देश का नेतृत्व एक महान गुजराती कर रहा हो तब गुजरात को लगातार बदनाम करने की कोशिशें मुझे नागवार लगतीं हैं ।हाल ही में उज्जयनी में नव नृमित महाकाल लोक की मूर्तियों के आंधी में उड़ जाने से एक बार फिर गुजरात की बहुत बदनामी हुई ।</p>
<p>मै जितना प्रेम भारत से करता हूँ,उतना ही स्नेह मुझे गुजरात से है । गुजरात से प्रेम की एक वजह हो तो बताऊँ ।फिर भी यहां महात्मा गांधी का पैदा होना. सरदार बल्ल्भ भाई पटेल का यहीं से होना ही गुजरात प्रेम की असली वजह है । गुजरात से प्रेम की वजह द्वारिका भी है और सोमनाथ भी ।अमूल के उत्पाद भी हैं और गुजराती व्यंजन भी । गुजरात के उद्यमी भी हैं और गिर के शेर भी ।कच्छ का रण भी । </p>
<p>गुजरात से प्रेम करने के तमाम कारण हैं इसीलिए मुझे सोते-जागते गुजरात की फ़िक्र रहती है । पिछले कुछ वर्षों से गुजरात को लगातार बदनाम करने की कोशिश की जा रही है । कभी दंगों के नाम पर, कभी भ्र्ष्टाचार के नाम पर । कभी भगोड़ों के नाम पर, तो कभी घटिया निर्माण के नाम पर । कोई नहीं है जो गुजरात की तारीफ़ करे ,जबकि गुजरात में तमाम बुराइयों के बावजूद प्रेम करने के लिए सबको साथ लेकर सबका विकास करने वाली सरकार के मुखिया यानि देश के प्रधानमंत्री जी भी हैं ।</p>
<p>गुजरात से प्रधानमंत्री तो मोरार जी देसाई भी बने लेकिन वे गुजराती कम मुंबईकर ज्यादा थे । वे मोदी जी की तरह सबका विकास करने के लिए सबको साथ लेकर नहीं चल पाए और दो-ढाई साल में ही अपनी सरकार गिरा बैठे । मोदी जी ने मोरारजी भाई देसाई से सबक सीखा और न केवल अपनी सरकार को पूरे पांच साल चलाया बल्कि अगले पांच साल के लिए भी मौक़ा दिलवाया । अब वे तीसरी बार गुजरात का झंडा बुलंद करने वाले हैं । लेकिन एक मोदी इतने बड़े गुजरात की नाक जितनी ऊंची करते हैं ,दूसरे मोदी उससे ज्यादा कटवा देते हैं । कभी बैंकों का पैसा लेकर भाग जाते हैं तो कभी कुछ और खेल कर जाते हैं । यानी मोदी के दुश्मन हम और आप नहीं बल्कि दूसरे मोदी हैं । गुजरात को बदनाम करने वाले मोदियों की फेहरिस्त बहुत लंबी है।</p>
<p>मै बात कर रहा था गुजरात की । मोदी जी जबसे देश के प्रधानमंत्री बने हैं तभी से दिल्ली से लेकर जहाँ-जहां भाजपा की सिंगल या डबल इंजन की सरकारें हैं वहां-वहां गुजरातियों का मान रखा जाता है।  नौकरशाही से लेकर ठेकेदारी तक में गुजरातियों को प्राथमिकता दी जाती है । ऐसी ही प्राथमिकता गुजरात के अलावा तमिलनाडु को भी मिली और दूसरे दक्षिणी राज्यों को । क्योंकि वहां मोदी सरकार के मंत्री-संत्री और उप राष्ट्रपति तक हुआ करते थे ।लेकिन देश को शिकायत है कि गुजराती नौकरशाह हों या ठेकेदार सब मिलकर गुजरात का नाम बदनाम कर रहे हैं ।</p>
<p>हमारे मध्यप्रदेश में जब महाकाल लोक बनाने की बात आयी तो राजस्थान के शिल्पियों के बजाय मामा मुख्यमंत्री ने गुजरात के शिल्पियों को प्राथमिकता दी । लेकिन गुजराती भाइयों ने जो मूर्तियां बनाएं वे एक ही आंधी में चित हो गयीं।  नाक कटी मामा की और गुजरात की । दोनों को शायद नहीं पता कि लोक-परलोक बनाना इंसानों का नहीं ऊपर वाले का काम है । इसलिए जब नीचे वाले कोई लोक बनाएं तो कम से कम ईमानदारी से काम करें । लेकिन लोभ-लालच ,मुनाफाखोरी,कमीशनबाजी ने गुजरात के साथ-साथ मध्यप्रदेश की नाक कटा दी । अब इस कटी  नाक को जोड़ने का काम किया जा रहा है ।</p>
<p>गुजराती विदेशों में क्या झक्काट काम करते हैं। मैंने तो अमरीका में उनके द्वारा बनवाये गए तमाम मंदिर देखे हैं ।गर्व होता है उन्हें देखकर । लेकिन अपने देश में पता नहीं गुजरातियों को क्या हो जाता है ? गुजरात का अमूल भी अब अपनी मान-प्रतिष्ठा नहीं बचा पा रहा है । गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा अगर खुद गुजरातियों ने बनाई होती तो उसका भी शायद उज्जैन के महाकाल लोक की प्रतिमानों जैसा हाल होता .। गनीमत है कि सरदार बल्ल्भ भाई की प्रतिमा चीनियों ने बनाई है , गुजरातियों ने नहीं ।</p>
<p>गुजरातियों को लांच्छित करने का मेरा कोई इरादा नहीं । मै हमेशा से गुजरातियों का सम्मान करता हूँ।  अनेक गुजराती मेरे जान से ज्यादा प्यारे मित्र हैं । गुजरात की हर चीज मुझे प्रिय हैं। फिर चाहे  वे नेता हों या खिलाड़ी अजय जडेजा । हमारे शहर की महारानी तक गुजराती हैं ।हम उनका भी दिल से सम्मान करते हैं । वे बड़ोदरा के राजपरिवार से हैं।गुजरात का सम्मान करना इस दौर में राष्ट्रधर्म है । जिसने गुजरात से प्रेम नहीं किया उसने भारत से प्रेम नहीं किया । असली भारतवासी वो ही है जो गुजरात का मुरीद है । गुजराती हर मामले में अव्वल होते हैं । मेहनत में ,ईमानदारी में ,बेईमानी में ,नेतृत्व में ,कलाकारी में ।  गुजराती असल जौहरी हैं । वे जानते हैं कि असली और नकली हीरे में कितना फर्क होता है ।</p>
<p>देश के नए संसद भवन से गुजरात का कितना कनेक्शन है, मुझे नहीं मालूम । लेकिन यदि कुछ है तो हमें नए संसद भवन पर भी नजर रखना चाहिए.।  नया भवन कम से कम 2024  तक तो अपना रंग-रूप न बदले । नए संसद भवन में ईंट-गारे से ज्यादा गुजरात की इच्छाशक्ति शामिल है ।वरना किसी और ने क्यों नहीं बनाया नया संसद भवन ? डॉ मन मोहन सिंह बनवा सकते थे । अटल जी बनवा सकते थे । .चंद्रशेखर को क्यों नहीं सूझा इस बारे में?  इंद्रकुमार गुजराल को किसने रोका था  नया संसद भवन बनवाने से ?  देवगौड़ा जी को भी इस बारे में कभी कोई ख्याल क्यों नहीं आया ? आखिर मोदी जी ने नया संसद भवन बनवाया ।नया इतिहास गढ़ना केवल गुजरातियों के बूते की बात है ।गुजराती किसी भी सीमा तक जाकर काम करते हैं,फील्ड भले ही कोई भी हो ।</p>
<p>आप सोचेंगे की आज बन्दा देश के तमाम ज्वलंत मुद्दे छोड़कर कहाँ आकर गुजरात में अटक गया ! गुजरात है ही ऐसा जहां हर कोई आकर अटक जाता है । कांग्रेस क्या ,आप क्या ,सब यहां आकर अटके हुए हैं । सबकी लालसा एक बार गुजरात जीतने की है । लेकिन कोई भी अब तक कामयाब नहीं हुआ है । पहले की बात छोड़ दीजिये । पहले गुजरात आज के गुजरात से भिन्न था । आज का गुजरात आज का गुजरात है.। गुजरात में एक रात बिताकर तो देखिये । गुजरात की बदनामी के तमाम कारणों पर धूल डालकर गुजरात को देखिये । बड़ा ही खूबसूरत नजर आएगा । आज गुजरात के पास राजधर्म के साथ ही राजदंड भी है । गुजरात में लोकतंत्र है ।गुजरात में न्यायतंत्र है।  गुजरात की ही ताकत थी जो उसने राहुल गांधी से उनकी लोकभा की सदस्यता  छिनवा दी ।</p>
<p>ऐसे गुजरात को नमन कीजिये । उज्जैन की मूर्तियों को भूल जाइये । उज्जैन में एक ही कालजयी मूर्ती महाकाल की है । बाक़ी को तो आज नहीं तो कल धराशायी होना ही है । फिर चाहे वे फाईवर  से बनाई जाएँ या पत्थर से । ध्वस्त हुई मूर्तियों को घटिया बताकर हम गुजरात का अपमान नहीं कर सकते । हम तो तब भी मौन थे जब गुजरात में खुद का बनाया पुल गिरा और सैकड़ों लोग मारे गए । इस सबके लिए गुजराती नहीं बल्कि काल जिम्मेदार है । गुजरात अजर है,गुजरात अमर है ।जय गुजरात,जय भारत ।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/129782/dont-defame-the-name-of-gujarat</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/129782/dont-defame-the-name-of-gujarat</guid>
                <pubDate>Tue, 30 May 2023 12:01:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-05/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B.jpg"                         length="341843"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        