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                <title>अस्पताल - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>अस्पताल RSS Feed</description>
                
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                <title>नर्सों का योगदान और विश्व स्वास्थ्य का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>- महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मानवता की सेवा और उपचार की प्रक्रिया में नर्सों का योगदान अतुलनीय है। प्रत्येक वर्ष 12 मई को संपूर्ण विश्व अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता है। यह दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि उस समर्पण और करुणा का सम्मान है जो नर्सें बिना किसी स्वार्थ के समाज को प्रदान करती हैं। इस विशेष दिवस का आयोजन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में किया जाता है। 1820 में जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग को एक पेशेवर और सम्मानित स्वरूप प्रदान किया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने रात के अंधेरे में हाथ में लालटेन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178919/contribution-of-nurses-and-the-future-of-world-health"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/12_05_2023-new_project_10_23410139.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>- महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मानवता की सेवा और उपचार की प्रक्रिया में नर्सों का योगदान अतुलनीय है। प्रत्येक वर्ष 12 मई को संपूर्ण विश्व अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता है। यह दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि उस समर्पण और करुणा का सम्मान है जो नर्सें बिना किसी स्वार्थ के समाज को प्रदान करती हैं। इस विशेष दिवस का आयोजन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में किया जाता है। 1820 में जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग को एक पेशेवर और सम्मानित स्वरूप प्रदान किया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने रात के अंधेरे में हाथ में लालटेन लेकर घायल सैनिकों की जिस प्रकार सेवा की उसने उन्हें लेडी विद द लैंप की उपाधि दी। उन्होंने यह सिद्ध किया कि चिकित्सा केवल औषधियों का खेल नहीं है बल्कि इसमें स्वच्छता, सहानुभूति और निरंतर देखभाल का भी उतना ही महत्व है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की विषयवस्तु हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं निर्धारित की गई है। यह विषयवस्तु इस बात की ओर संकेत करती है कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए नर्सों का सशक्तिकरण अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नर्सिंग सेवा का विस्तार केवल चिकित्सालयों की दीवारों तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जो व्यक्ति के जन्म से लेकर जीवन के अंतिम क्षणों तक उसके साथ बनी रहती है। स्वास्थ्य प्रणाली में नर्सों की भूमिका एक सेतु के समान है जो चिकित्सक और रोगी के मध्य संवाद और उपचार को सुगम बनाती है। किसी भी आपदा या आपातकाल की स्थिति में नर्सें ही सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़ी नजर आती हैं। यदि हम वैश्विक आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि स्वास्थ्य क्षेत्र के कुल कार्यबल का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा नर्सों और दाइयों का है। इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर नर्सों की भारी कमी देखी जा रही है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 60 लाख अतिरिक्त नर्सों की आवश्यकता होगी। यह आंकड़ा हमें सचेत करता है कि यदि समय रहते इस क्षेत्र में निवेश नहीं किया गया तो भविष्य में स्वास्थ्य प्रणालियाँ लड़खड़ा सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत जैसे सघन जनसंख्या वाले देश में नर्सों का उत्तरदायित्व और भी अधिक बढ़ जाता है। भारतीय नर्सिंग परिषद के आंकड़ों के अनुसार देश में पंजीकृत नर्सों की संख्या लाखों में है परंतु प्रति 1000 जनसंख्या पर नर्सों की उपलब्धता अभी भी वैश्विक मानकों से कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है वहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की पूरी जिम्मेदारी नर्सों के कंधों पर होती है। वे न केवल प्रसव संबंधी सेवाएं प्रदान करती हैं बल्कि टीकाकरण अभियानों, संक्रामक रोगों के नियंत्रण और पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में नर्सों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। वे समाज के सबसे निचले स्तर तक पहुँचकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में वैश्विक महामारी कोविड 19 ने संपूर्ण विश्व को नर्सों की वास्तविक शक्ति से परिचित कराया। जब पूरा विश्व भयभीत होकर घरों में बंद था तब नर्सें बिना अपनी जान की परवाह किए संक्रमित मरीजों की सेवा कर रही थीं। पीपीई किट पहनकर घंटों बिना भोजन और जल के काम करना उनके अदम्य साहस का परिचायक था। उस कठिन समय में नर्सों ने न केवल शारीरिक उपचार किया बल्कि एकांतवास में रह रहे मरीजों को मानसिक संबल भी प्रदान किया। कई नर्सों ने इस सेवा के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी जो उनके व्यवसाय के प्रति सर्वोच्च बलिदान को दर्शाता है। इस महामारी ने यह पाठ पढ़ाया कि किसी भी देश की सुरक्षा केवल उसकी सीमाओं पर नहीं बल्कि उसके स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और उसके समर्पित स्वास्थ्य कर्मियों के हाथों में भी सुरक्षित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान परिदृश्य में नर्सिंग के क्षेत्र में कई चुनौतियां भी विद्यमान हैं जिन्हें संबोधित करना अत्यंत आवश्यक है। नर्सों को अक्सर लंबे समय तक कार्य करना पड़ता है जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कई स्थानों पर उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं प्राप्त नहीं होती हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा का अभाव और तनावपूर्ण वातावरण उनके प्रदर्शन को प्रभावित करता है। इसके अतिरिक्त नर्सिंग को आज भी समाज के कुछ वर्गों में केवल एक सहायक कार्य के रूप में देखा जाता है जबकि वास्तव में यह एक उच्च कौशल वाला पेशेवर कार्य है। नर्सों को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं और नीति निर्माण में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। वर्ष 2026 की विषयवस्तु इसी अंतर को पाटने का आह्वान करती है। सशक्त नर्सों का अर्थ है उन्हें उन्नत प्रशिक्षण देना, उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना और उनके कार्य की गरिमा को पहचानना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा और तकनीक के विकास ने नर्सिंग के स्वरूप को भी बदला है। आज की नर्सें केवल सहायता प्रदान नहीं करतीं बल्कि वे आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन, जटिल उपचार प्रक्रियाओं और शोध कार्यों में भी निपुण हैं। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और टेलीमेडिसिन के युग में नर्सों की भूमिका और भी तकनीकी हो गई है। वे डेटा प्रबंधन और रोगियों की निरंतर निगरानी के लिए उन्नत प्रणालियों का उपयोग कर रही हैं। नर्सिंग शिक्षा के पाठ्यक्रम को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता है ताकि नर्सें किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य चुनौती का सामना करने में सक्षम हो सकें। शोध कार्यों में नर्सों की भागीदारी चिकित्सा के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाज के रूप में हमारा यह कर्तव्य है कि हम नर्सों के प्रति अपने दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। उनके प्रति कृतज्ञता केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके लिए अनुकूल कार्य वातावरण सुनिश्चित करना, उनकी समस्याओं को सुनना और उन्हें सम्मानजनक जीवन स्तर प्रदान करना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम नर्सों के प्रशिक्षण और भर्ती में निवेश करते हैं तो इसके परिणाम स्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी क्योंकि एक स्वस्थ समाज ही प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने एक बार कहा था कि नर्सिंग एक कला है और यदि इसे कला बनाना है तो इसके लिए वैसी ही अनन्य भक्ति और कठोर तैयारी की आवश्यकता होती है जैसा कि किसी चित्रकार या मूर्तिकार के कार्य के लिए होती है। उनकी यह बात आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। आज की नर्सें न केवल उपचार करती हैं बल्कि वे मानवता की रक्षक भी हैं। 12 मई का यह दिन हमें उनके उन हजारों घंटों की याद दिलाता है जो उन्होंने दूसरों के दुखों को कम करने में बिताए हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक नर्स की मुस्कान और धैर्य कई बार सबसे महंगी औषधि से भी अधिक प्रभावी सिद्ध होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि नर्सिंग सेवा किसी भी राष्ट्र की स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ है। वर्ष 2026 में जब हम इस दिवस को मनाते हैं तो हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम नर्सों के सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हमें ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो नर्सिंग क्षेत्र में आने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करें और वर्तमान नर्सों को उनकी योग्यता के अनुरूप सम्मान और स्थान दिलाएं। जब हम कहते हैं कि सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं तो इसका अर्थ केवल एक नारा नहीं है बल्कि यह एक वैज्ञानिक तथ्य है। एक सशक्त और संतुष्ट नर्स ही सर्वोत्तम उपचार प्रदान कर सकती है। आइए इस अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर हम उन सभी नर्सों को नमन करें जो अंधकार में प्रकाश की किरण बनकर मरीजों के जीवन को रोशन कर रही हैं और एक स्वस्थ सुरक्षित भविष्य की नींव रख रही हैं। उनकी सेवा और त्याग ही वह ऊर्जा है जो चिकित्सा जगत को निरंतर गति प्रदान करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 17:18:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लालगंज तहसील क्षेत्र में नहीं है बड़ी हॉस्पिटल की व्यवस्था  घटना के बाद हॉस्पिटल ना पहुंचकर रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं मरिज। </title>
                                    <description><![CDATA[<p>हलिया मीरजापुर। </p>
<p>संवाददाता प्रवीण तिवारी</p>
<p>मीरजापुर। मिर्जापुर जिले मे  एक तहसील लालगंज पड़ता है जहां पर लोगो को  सही समय पर नहीं मिल पाता सरकारी इलाज की व्यवस्था लालगंज क्षेत्र का  क्षेत्रफल इतना लंबा है। लालगंज क्षेत्र में सिर्फ एक सीएससी केंद्र बनाया गया है बाकी न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं जहां पर सिर्फ मरीजों को रेफर किया जाता है रेफर होते-होते मरिज ट्रामा सेंटर बहुत कम मरीज पहुंच पाते हैं बाकी मरिज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं ऐसी स्थिति में लालगंज तहसील क्षेत्र के लोगों का मांग है।</p>
<p>कि लालगंज तहसील क्षेत्र में एक ट्रामा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178844/there-is-no-big-hospital-arrangement-in-lalganj-tehsil-area"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/47.jpg" alt=""></a><br /><p>हलिया मीरजापुर। </p>
<p>संवाददाता प्रवीण तिवारी</p>
<p>मीरजापुर। मिर्जापुर जिले मे  एक तहसील लालगंज पड़ता है जहां पर लोगो को  सही समय पर नहीं मिल पाता सरकारी इलाज की व्यवस्था लालगंज क्षेत्र का  क्षेत्रफल इतना लंबा है। लालगंज क्षेत्र में सिर्फ एक सीएससी केंद्र बनाया गया है बाकी न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं जहां पर सिर्फ मरीजों को रेफर किया जाता है रेफर होते-होते मरिज ट्रामा सेंटर बहुत कम मरीज पहुंच पाते हैं बाकी मरिज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं ऐसी स्थिति में लालगंज तहसील क्षेत्र के लोगों का मांग है।</p>
<p>कि लालगंज तहसील क्षेत्र में एक ट्रामा सेंटर बनाया जाए जिससे क्षेत्रफल लंबा होने के नाते लोगों का जान बचना शुरू हो जाएगा प्रतिदिन लालगंज क्षेत्र मे  बड़ी-बड़ी घटनाएं दुर्घटनाएं होती रहती हैं नहीं मिल पाता लोगों को बेहतर इलाज ग्रामीणों का माने तो लालगंज  ब्लॉक मुख्यालय में लगभग 53 ग्राम पंचायत जुड़ते हैं और हलिया विकासखंड में लगभग 79 ग्राम पंचायत जोड़े जाते हैं जिसमें सबसे ज्यादा क्षेत्रफल लंबा हलिया का है।</p>
<p>जहां पर कोई समुचित इलाज की व्यवस्था मरीजों को नहीं मिल पाता है हलिया क्षेत्र से दक्षिण के तरफ न्याय पंचायत उमरिया पड़ता है जहां से लोग कई किलोमीटर का यात्रा करके तब हलिया मुख्यालय पहुंचते हैं वही हलिया से पूर्वी तरफ मतवार न्याय पंचायत पड़ता है जहां पर आजादी के बाद लोगों ने नहीं किया सड़क का दर्शन आज भी लोग गड्ढे और कीचड़ के रास्ते चलने पर है मजबूर मतवार न्याय पंचायत से मरीजों को लेकर एंबुलेंस हलिया लगभग डेढ़ से 2 घंटे में पहुंचती है।</p>
<p>बड़ी घटना होने के काफी देर बाद पहुंचती है सरकारी वाहन जिससे लालगंज व हलिया की जनता सरकार से मांग करना चाहती है। कि लालगंज क्षेत्र में एक बड़ी हॉस्पिटल का प्रावधान किया जाए जिससे लोगों को सही उपचार व घटनाओं से बचाया जा सके जबकि हकीकत यह है कि हलिया क्षेत्र के लोग बेहतर स्वास्थ्य व बेहतर बच्चों के भविष्य के लिए पलायन करके शहरों में मकान भाड़े का लेकर बच्चों का भविष्य बना रहे हैं।</p>
<p>आज भी लालगंज तहसील को लोग पिछड़ इलाके के नाम से जानते हैं ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के यहां जाते हैं जहां पर ग्रामीणों का सिर्फ और सिर्फ शोषण किया जाता है बड़ी सरकारी हॉस्पिटल होने पर गरीब नहीं होंगे झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार आज भी लालगंज तहसील में गरीबी का सिलसिला देखने को मिलता है जहां पर लोग झुकी झोपड़ी में ही निवास आज भी करते हैं ऐसे स्थिति में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जटिल समस्या से अवगत कराना चाहते हैं कि एक तहसील क्षेत्र में बड़ी अस्पताल बनाया जाए जिससे लोगों को राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 11:52:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mirzapur Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी और लू के प्रकोप- अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित हैं लोग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या । </strong>लगातार बढ़ती गर्मी से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिससे लोग उल्टी, दस्त व बुखार के शिकार हो रहे हैं। प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में के ओपीडी में 15 दिन पहले की तुलना में इस समय 50 फीसदी मरीज उल्टी, दस्त व बुखार के ही आ रहे हैं।<br />सौ शैय्या अस्पताल कुमारगंज में दो दिनों से करीब 700 से 800 की ओपीडी हो रही है। जिसमें से 500 से 550 की नई ओपीडी, तथा 250 से 300 की पुरानी ओपीडी हो रही है।<br />  फिजिशियन डॉ अरविंद कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष कुमार<br />भीषण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140736/due-to-the-heat-and-heat-wave-the-number-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240501-wa0015.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या । </strong>लगातार बढ़ती गर्मी से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिससे लोग उल्टी, दस्त व बुखार के शिकार हो रहे हैं। प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में के ओपीडी में 15 दिन पहले की तुलना में इस समय 50 फीसदी मरीज उल्टी, दस्त व बुखार के ही आ रहे हैं।<br />सौ शैय्या अस्पताल कुमारगंज में दो दिनों से करीब 700 से 800 की ओपीडी हो रही है। जिसमें से 500 से 550 की नई ओपीडी, तथा 250 से 300 की पुरानी ओपीडी हो रही है।<br /> फिजिशियन डॉ अरविंद कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष कुमार ने बताया कि गर्मी से होने वाली बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इन दिनों ओपीडी में जो मरीज आ रहे हैं उनमें से 50 फीसदी मरीज उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित होते हैं। <br />भीषण गर्मी से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।</p>
<p>पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लू से पीड़ित मरीजों की संख्या ज्यादा है। डॉक्टर ने मरीजों को सलाह दे रहे है कि गर्मी में भोजन ताजा करें। पानी साफ-सुथरा पिए। बाजार की चीजों से परहेज करें। यह धूप में निकाल रहे हैं तो धूम से बचाव के लिए छाता लेकर व गमछे से मुंह बांधकर चलें। पानी में शुद्धता नहीं है तो गर्मी में भी पानी उबालकर पीना चाहिए। <br />इस मौसम में दूषित पानी की आशंका बढ़ जाती है। पानी में कीटनाशक आदि मिला हो तो उसे पीने से डायरिया, हैजा, टायफायड वगैरह हो सकता है। बच्चों को धूप में न निकले दे। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो पानी पीकर निकले।</p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक सीता मिश्रा का कहना है कि तापमान कई दिनों से 39-40 डिग्री को पार कर 40 डिग्री पर पहुंच चुका है। इससे लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए सोचना पड़ रहा है। आज का अधिकतम तापमान 40 व न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। जबकि 4.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 15:21:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रभारी मंत्री ने जिला अस्पताल एवं गौशाला का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<h6 style="text-align:justify;">अंबेडकरनगर। गिरीश चंद यादव राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण विभाग/प्रभारी मंत्री द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय अंबेडकर नगर के एमसीएच बिंग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री जी द्वारा मरीजो को फल वितरित किया गया। मरीज से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लिया गया। साथ ही साथ दवाओं, भोजन के बारे में भी पूछताछ किया गया। मरीजों द्वारा अवगत कराया गया कि अस्पताल की सभी सुविधाएं हम लोगों को निशुल्क मिल रही है। हम लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। इस दौरान मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम</h6>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135331/minister-in-charge-inspected-the-district-hospital-and-cow-shelter"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/img-20230930-wa0056.jpg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">अंबेडकरनगर। गिरीश चंद यादव राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण विभाग/प्रभारी मंत्री द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय अंबेडकर नगर के एमसीएच बिंग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री जी द्वारा मरीजो को फल वितरित किया गया। मरीज से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लिया गया। साथ ही साथ दवाओं, भोजन के बारे में भी पूछताछ किया गया। मरीजों द्वारा अवगत कराया गया कि अस्पताल की सभी सुविधाएं हम लोगों को निशुल्क मिल रही है। हम लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। इस दौरान मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधू वर्मा, अपर जिलाधिकारी डॉ० सदानंद गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ० ओमप्रकाश तथा अन्य लोग मौके पर उपस्थित रहे।<br />         इसके उपरांत राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण विभाग / प्रभारी मंत्री द्वारा विकास खण्ड कटेहरी अंतर्गत अस्थाई गोवंश स्थल प्रतापपुर चमुर्खा का निरीक्षण किया गया। उन्होंने गोवंशों के के हरा चारा, भूसा, चुनी चोकर, पशु आहार, साफ सफाई व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गोवंश को माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा, अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता तथा अन्य लोग  मौके पर उपस्थित रहे।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-09/img-20230930-wa0053.jpg" alt="IMG-20230930-WA0053"></img></h6>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/135331/minister-in-charge-inspected-the-district-hospital-and-cow-shelter</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 19:36:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरही अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार कल्याण दिवस पर कार्यशाला सह जागरूकता</title>
                                    <description><![CDATA[<h3>बरही अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार कल्याण दिवस पर कार्यशाला सह जागरूकता<br />  <br />परिवार नियोजन की दी गई जानकारी</h3>
<p><strong>बरही/हज़ारीबाग/झारखण्ड - धनंजय कुमार </strong></p>
<p>  गुरुवार को बरही अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार कल्याण दिवस के अवसर पर कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम किया गया। अध्यक्षता चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ. प्रकाश ज्ञानी एवं संचालन सहिया साथी निशी कुमारी ने किया। कार्यक्रम में खासकर परिवार नियोजन की विस्तार से जानकारी दी गई। मौके पर विवाह की सही उम्र, विवाह के बाद गर्भधारण का समय, परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी विधि, बच्चो की संख्या, जननी सुरक्षा योजना, गर्भधारण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से उपस्थित महिला</p>
<p>प्रतियोगिता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134954/workshop-cum-awareness-on-family-welfare-day-in-barhi-sub-divisional"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/बरही-अनुमंडलीय-अस्पताल-में-परिवार-कल्याण-दिवस-पर-कार्यशाला-सह-जागरूकता.jpg" alt=""></a><br /><h3>बरही अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार कल्याण दिवस पर कार्यशाला सह जागरूकता<br /> <br />परिवार नियोजन की दी गई जानकारी</h3>
<p><strong>बरही/हज़ारीबाग/झारखण्ड - धनंजय कुमार </strong></p>
<p> गुरुवार को बरही अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार कल्याण दिवस के अवसर पर कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम किया गया। अध्यक्षता चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ. प्रकाश ज्ञानी एवं संचालन सहिया साथी निशी कुमारी ने किया। कार्यक्रम में खासकर परिवार नियोजन की विस्तार से जानकारी दी गई। मौके पर विवाह की सही उम्र, विवाह के बाद गर्भधारण का समय, परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी विधि, बच्चो की संख्या, जननी सुरक्षा योजना, गर्भधारण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से उपस्थित महिला लाभुकों को अवगत कराया। कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं के बीच परिवार नियोजन के संबंध क्विज प्रतियोगिता भी किया गया। जिसमे सही जवाब देने वाली महिला लाभुकों को उपहार भेंट कर पुरस्कृत  किया गया।</p>
<p>प्रतियोगिता में मधुबाला कुमारी, आशिका नाज, शादिया प्रवीण, सेरातुन निशा, रानी कुमारी व आरती कुमारी आदि महिलाओं को पुरस्कृत किया गया। संबोधन दौरान डीएस डॉ प्रकाश ज्ञानी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार कई कदम उठा रही है, पर अभी भी लोग परिवार नियोजन के साधनों से दूर भाग रहे हैं व आबादी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लोग परिवार नियोजन के प्रति जागरूक बने। स्थाई विधि के अंर्तगत महिला व पुरुष नसबंदी आता है। पुरुष नसबंदी यानी एनएसवी सबसे सरल सुलभ माध्यम है। एनएसवी में पुरुषों को कोई परेशानी नहीं होती है। वही अस्थायी विधि में माला डी, प्रील, कंडोम के साथ साथ आईयूएसडी विधि को अपनाया जा सकता है। मौके पर उपस्थित अपेम फाउंडेशन के अध्यक्ष कृष्ण प्रजापति, पूर्व पंसस प्रमोद विश्वकर्मा, बिपिन बिहारी पांडे ने कहा की परिवार नियोजन कार्यक्रम को अपनाकर अपने परिवार को समृद्ध बना सकते हैं। मौके पर अफसाना खातून, बाजिया प्रवीण, संजना कसेरा, आशिया नाज, निशा गोस्वामी,प्रीति कुमारी, रानी कुमारी, ज्योति कुमारी, बाजो कुमारी, बरती कुमारी, तब्बसूम खातून, पुष्पा देवी,  सहित कई लाभुक मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 18:55:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jharkhand Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरोग्यम अस्पताल पहुंचे चमत्कारी त्रिशूल बाबा, निर्देशक हर्ष अजमेरा ने किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<h3>आरोग्यम अस्पताल पहुंचे चमत्कारी त्रिशूल बाबा, निर्देशक हर्ष अजमेरा ने किया स्वागत</h3>
<h4>अस्पताल में मौजूद सभी लोगों ने बाबा से आशीर्वाद लेते वक्त हर हर महादेव का जयकारा लगाया</h4>
<h5>बाबा के आगमन से अस्पताल मे भक्ति भाव का माहौल जागृत हुआ : हर्ष अजमेरा</h5>
<p><strong>संवाददाता : हजारीबाग </strong></p>
<p>जिले में हर तरफ भक्ति भाव का माहौल नजर आ रहा है जहां एक और भक्तों के भाव में इतनी शक्ति  है कि तूफान ने भी अपना रुख बदल दिया है। इसी भक्ति भाव के क्रम मे शहर के डिस्ट्रिक्ट मोड़ स्थित आरोग्यम अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा के कार्यालय परिसर में उज्जैन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129733/miraculous-trishul-baba-reached-arogyam-hospital-welcomed-by-director-harsh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/आरोग्यम-अस्पताल-पहुंचे-चमत्कारी-त्रिशूल-बाबा,-निर्देशक-हर्ष-अजमेरा-ने-किया-स्वागत.jpg" alt=""></a><br /><h3>आरोग्यम अस्पताल पहुंचे चमत्कारी त्रिशूल बाबा, निर्देशक हर्ष अजमेरा ने किया स्वागत</h3>
<h4>अस्पताल में मौजूद सभी लोगों ने बाबा से आशीर्वाद लेते वक्त हर हर महादेव का जयकारा लगाया</h4>
<h5>बाबा के आगमन से अस्पताल मे भक्ति भाव का माहौल जागृत हुआ : हर्ष अजमेरा</h5>
<p><strong>संवाददाता : हजारीबाग </strong></p>
<p>जिले में हर तरफ भक्ति भाव का माहौल नजर आ रहा है जहां एक और भक्तों के भाव में इतनी शक्ति  है कि तूफान ने भी अपना रुख बदल दिया है। इसी भक्ति भाव के क्रम मे शहर के डिस्ट्रिक्ट मोड़ स्थित आरोग्यम अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा के कार्यालय परिसर में उज्जैन से चलकर आए महामाया कालका पीठ के चमत्कारी त्रिशूल गुरुदेव का आगमन हुआ।</p>
<p>आगमन के उपरांत निर्देशक हर्ष अजमेरा ने भाव पूर्वक उनका स्वागत सत्कार किया। जिसके बाद गुरुदेव ने पूरे अस्पताल परिसर का भ्रमण किया। अस्पताल परिसर में पहुंचे परिजन तथा कर्मचारियों ने उनसे आशीष आशीर्वाद लिया। जिसके बाद निर्देशक ने गुरुदेव से आशीष आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव ने आशीष आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि आप सदैव सामाजिक क्षेत्र में अपनी सेवा प्रदान करते रहिए।</p>
<p>वही मौके पर निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि बाबा के आगमन से आरोग्यम अस्पताल पूरी तरह से भक्ति भाव में जागृत हुआ है।  बाबा का आशीर्वाद सदैव आरोग्यम अस्पताल तथा शहरवासियों पर बनी रहे। साथ ही बताया कि आरोग्यम  अस्पताल में मौजूद सभी लोगों ने बाबा से आशीर्वाद लेते वक्त हर हर महादेव का जयकारा लगाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 May 2023 20:13:20 +0530</pubDate>
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