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                <title>nhai - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>nhai RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अवैध टैक्सी स्टैण्ड संचालन, डग्गामार वाहन व बिना नम्बर के वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने के  निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format2">एआरटीओ व पुलिस विभाग को  गाड़ियों में लगी काली फिल्म को हटाये जाने  बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने व वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने वालो का चालान करने तथा उनके डीएल के निलम्बन की करें कार्यवाही।</blockquote>
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<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></blockquote>
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<div>जिलाधिकारी  की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में वृहद जाम के दृष्टिगत शहर को जाम से मुक्त किये जानें हेतु चिन्हित किए गए 16 स्थायी होल्डिंग्स एरिया में ही बस व ट्रक की पार्किंग कराये जाने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181672/instructions-to-take-strict-action-against-illegal-taxi-stand-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0201.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format2">एआरटीओ व पुलिस विभाग को  गाड़ियों में लगी काली फिल्म को हटाये जाने  बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने व वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने वालो का चालान करने तथा उनके डीएल के निलम्बन की करें कार्यवाही।</blockquote>
</div>
<div> </div>
<div>
<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></blockquote>
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<div> </div>
<div>जिलाधिकारी  की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में वृहद जाम के दृष्टिगत शहर को जाम से मुक्त किये जानें हेतु चिन्हित किए गए 16 स्थायी होल्डिंग्स एरिया में ही बस व ट्रक की पार्किंग कराये जाने के लिए कहा है। </div>
<div> </div>
<div>बैठक में जिलाधिकारी ने पुलिस, सम्भागीय परिवहन अधिकारी व परिवहन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से डग्गामार बसों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बिना नम्बर की ट्रकों व गाड़ियों व अपंजीकृत वाहनों पर कार्रवाई तेज करने हुए सघन प्रवर्तन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि यदि किसी चालक के द्वारा बार-बार यातायात नियमों का उल्लघंन किया जाना पाया जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के संचालन में आ रही समस्याओं को दूर करने तथा मेजा व करछना के रूटों पर बसों के संचालन को प्रभावी तरीके से करने के लिए कहा है। उन्होंने ताशकंद मार्ग पर कटों को बंद कराते हुए 23 जून तक अवगत कराये जाने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने एनएचएआई व एनएच को मार्गों पर भारी क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में पुलिस विभाग को क्रेन उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, एनएच, नगर-निगम एवं पीडीए द्वारा निर्मित मार्गों के किनारे रेलिंग, डिवाइडर इत्यादि सरकारी सम्पत्ति को किसी व्यक्ति विशेष द्वारा क्षति पहुंचायी गयी हो तो सम्बंधित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि यदि इन सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाये जानें में किसी स्थानीय मैरेज हाल, पेट्रोल पम्प संचालक, होटल संचालक की संलिप्तता पायी जाती है तो उनके विरूद्ध सुसंगत धाराओं में मुकद्मा दर्ज करते हुए विधिक रूप से कार्यवाही की जाये। बैठक में जिलाधिकारी ने अवैध टैक्सी स्टैण्ड संचालित न हो तथा डग्गामार वाहन व बिना नम्बर के वाहन न चलने पाये, इसपर निगरानी रखने तथा अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नेशनल हाईवे व सड़क के किनारे स्थित हॉस्पिटलों की जिओटैगिंग कराये जाने तथा एम्बुलेंस को उन लोकेशनों पर स्थापित कराये जाने का निर्देश दिया है कि जिससे कि रिस्पांश टाइम कम से कम तथा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की तैनाती रहे। उन्होंने नेशनल हाईवे पर निर्धारित दूरी पर एम्बुलेंस व क्रेन की उपलब्धता अवश्य हो, के निर्देश दिए है। उन्होंने सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों को ब्लाइंड स्पॉटों पर क्या सुधार किए जा सकते है, के लिए योजना बनाये जाने के लिए कहा है। उन्होंने स्टंट बाजी पर रोक लगाये जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अवैध खनन पर रोक लगाये जाने हेतु गठित टॉस्क फोर्स को ओवर लोडिंग अवैध खनन पर रोक लगाये पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने बिना हेलमेट वाहन चलाने, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग न करने व वाहन चालते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर सम्बंधित का चालान करने तथा डीएल के निलम्बन की कार्यवाही किए जाने के लिए कहा है।  </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>       इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, पुलिस उपायुक्त नगर श्री मनीष कुमार शांडिल्य, अपर जिलाधिकारी नगर श्री सत्यम मिश्र, अधिशासी अभियन्ता/सचिव/सदस्य, जिला सड़क सुरक्षा समिति-श्री पी0के राय, श्री विनोद चन्द्र दुबे, अध्यक्ष एवं श्री रमाकान्त रावत, महामंत्री, टेम्पो टैक्सी यूनियिन एवं अन्य उपस्थित अधिकारीगण व यूनियन के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 21:58:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता: समीक्षा याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षतिपूर्ति और ब्याज वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकते। शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएआई ने 4 फरवरी, 2025 के फैसले की समीक्षा मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि 2019 का निर्णय पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। 2019 के फैसले में एनएचएआई अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और ब्याज देने की बात थी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174306/constitutional-guarantee-of-fair-compensation-cannot-be-diluted-review-petition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/sc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षतिपूर्ति और ब्याज वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकते। शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएआई ने 4 फरवरी, 2025 के फैसले की समीक्षा मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि 2019 का निर्णय पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। 2019 के फैसले में एनएचएआई अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और ब्याज देने की बात थी। पीठ ने कहा कि भूस्वामियों को देय ब्याज भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार नौ फीसदी होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एनएचएआई अधिनियम के पांच फीसदी की सीमा के अनुसार नहीं होगा। एनएचएआई ने दावा किया था कि वित्तीय देनदारी 29,000 करोड़ रुपये होगी। पहले यह राशि 100 करोड़ रुपये बताई गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वित्तीय देनदारी का अनुमान समीक्षा का वैध आधार नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, पीठ ने कहा कि उसके पिछले निर्णयों को सीमित स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। यह निर्णय के दायरे और प्रभाव की सुसंगत समझ सुनिश्चित करने के लिए है। यह निर्विवाद है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के भूस्वामी क्षतिपूर्ति और ब्याज के हकदार हैं। ये उचित मुआवजे का हिस्सा हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:51:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: हरियाणा में बनने जा रहा 121 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, इन लोगों को मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Expressway: हरियाणा में अंबाला से शामली तक बनने वाले 121 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसकी जानकारी हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दी। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे अंबाला से शामली तक बनेगा, जबकि शामली से दिल्ली तक के मार्ग को देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।</p>
<h4><strong>अंबाला में चल रही एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक</strong></h4>
<p>मंत्री अनिल विज ने सोमवार को अपने आवास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ अंबाला में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165628/new-expressway-121-km-long-expressway-is-going-to-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/new-expressway-(31).jpg" alt=""></a><br /><p>New Expressway: हरियाणा में अंबाला से शामली तक बनने वाले 121 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसकी जानकारी हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दी। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे अंबाला से शामली तक बनेगा, जबकि शामली से दिल्ली तक के मार्ग को देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।</p>
<h4><strong>अंबाला में चल रही एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक</strong></h4>
<p>मंत्री अनिल विज ने सोमवार को अपने आवास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ अंबाला में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि आम लोगों को जल्द लाभ मिल सके।</p>
<h4><strong>अंबाला रिंग रोड से घटेगा शहर का ट्रैफिक दबाव</strong></h4>
<p>बैठक में अंबाला रिंग रोड परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि रिंग रोड बनने से दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन अंबाला शहर में प्रवेश किए बिना आगे निकल सकेंगे, जिससे शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।<br />उन्होंने शाहपुर और बाड़ा गांव में जल निकासी की समस्या तथा गांव सेपहड़ा के लोगों को रिंग रोड के लिए रास्ता उपलब्ध कराने के विषय पर भी अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीके सिन्हा ने बताया कि अंबाला रिंग रोड का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<h4><strong>अंबाला–शामली एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ा जाएगा</strong></h4>
<p>मंत्री अनिल विज ने अंबाला–शामली एक्सप्रेसवे की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए बताया कि 121 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे आगे शामली से दिल्ली तक देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों को सीधा और तेज संपर्क मिलेगा।</p>
<h4><strong>अंबाला–मोहाली एक्सप्रेसवे से आसान होगा चंडीगढ़ का सफर</strong></h4>
<p>बैठक में अंबाला–मोहाली एक्सप्रेसवे परियोजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है और इसके पूरा होने से चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।</p>
<h4><strong>पंचकूला–सहारनपुर हाईवे से जोड़ने की योजना</strong></h4>
<p>मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी से पंचकूला–सहारनपुर हाईवे को जोड़ने की परियोजना पर भी एनएचएआई अधिकारियों से चर्चा की और इस संबंध में जल्द योजना तैयार करने के निर्देश दिए।</p>
<h4><strong>जीटी रोड पर 30 करोड़ की लागत से बनेगी सर्विस लेन</strong></h4>
<p>अनिल विज ने जीटी रोड पर रेलवे ओवरब्रिज पर बन रही नई सर्विस लेन के निर्माण कार्य की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से इस सर्विस लेन का निर्माण किया जा रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>मंत्री ने रेलवे कॉलोनी से आने वाले अंडरपास को मानकों के अनुरूप बनाने के निर्देश भी दिए।</p>
<h4><strong>रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बीच बनेगा सब-वे</strong></h4>
<p>मंत्री ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बीच जीटी रोड के नीचे सब-वे निर्माण परियोजना पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना तैयार हो चुकी है और जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।</p>
<h4><strong>जीटी रोड पर लगेंगी फैंसी लाइटें</strong></h4>
<p>अनिल विज ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से मोहड़ा सीमा तक जीटी रोड पर फैंसी लाइटें लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे शहरी क्षेत्र और अधिक आकर्षक दिखाई देगा।</p>
<h4><strong>शहीद स्मारक तक पहुंच के लिए बनेगी नई व्यवस्था</strong></h4>
<p>जीटी रोड पर बन रहे शहीद स्मारक तक आने-जाने की सुविधा को लेकर मंत्री ने एस्केलेटर, ओवरब्रिज या सब-वे बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहीद स्मारक और विज्ञान केंद्र में रोजाना हजारों लोग आएंगे, इसलिए बेहतर यातायात व्यवस्था जरूरी है।</p>
<h4><strong>मच्छौंडा फ्लाईओवर और अस्पताल एस्केलेटर पर चर्चा</strong></h4>
<p>मंत्री अनिल विज ने मच्छौंडा में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत की और सभी संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से साइट निरीक्षण कर कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।</p>
<p>हीं, सिविल अस्पताल के सामने लगे एस्केलेटर के नियमित संचालन को लेकर नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि इसकी देखरेख और मेंटेनेंस एजेंसी को सौंप दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165628/new-expressway-121-km-long-expressway-is-going-to-be</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 13:36:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: हरियाणा में बनने जा रहा 121 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, इन लोगों को मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Expressway: हरियाणा में अंबाला से शामली तक बनने वाले 121 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसकी जानकारी हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दी। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे अंबाला से शामली तक बनेगा, जबकि शामली से दिल्ली तक के मार्ग को देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।</p>
<h2><strong>अंबाला में चल रही एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक</strong></h2>
<p>मंत्री अनिल विज ने सोमवार को अपने आवास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ अंबाला में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165400/new-expressway-121-km-long-expressway-is-going-to-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/new-expressway-(31).jpg" alt=""></a><br /><p>New Expressway: हरियाणा में अंबाला से शामली तक बनने वाले 121 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसकी जानकारी हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दी। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे अंबाला से शामली तक बनेगा, जबकि शामली से दिल्ली तक के मार्ग को देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।</p>
<h2><strong>अंबाला में चल रही एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक</strong></h2>
<p>मंत्री अनिल विज ने सोमवार को अपने आवास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ अंबाला में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि आम लोगों को जल्द लाभ मिल सके।</p>
<h2><strong>अंबाला रिंग रोड से घटेगा शहर का ट्रैफिक दबाव</strong></h2>
<p>बैठक में अंबाला रिंग रोड परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि रिंग रोड बनने से दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन अंबाला शहर में प्रवेश किए बिना आगे निकल सकेंगे, जिससे शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।<br />उन्होंने शाहपुर और बाड़ा गांव में जल निकासी की समस्या तथा गांव सेपहड़ा के लोगों को रिंग रोड के लिए रास्ता उपलब्ध कराने के विषय पर भी अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीके सिन्हा ने बताया कि अंबाला रिंग रोड का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<h2><strong>अंबाला–शामली एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ा जाएगा</strong></h2>
<p>मंत्री अनिल विज ने अंबाला–शामली एक्सप्रेसवे की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए बताया कि 121 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे आगे शामली से दिल्ली तक देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों को सीधा और तेज संपर्क मिलेगा।</p>
<h2><strong>अंबाला–मोहाली एक्सप्रेसवे से आसान होगा चंडीगढ़ का सफर</strong></h2>
<p>बैठक में अंबाला–मोहाली एक्सप्रेसवे परियोजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है और इसके पूरा होने से चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।</p>
<h2><strong>पंचकूला–सहारनपुर हाईवे से जोड़ने की योजना</strong></h2>
<p>मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी से पंचकूला–सहारनपुर हाईवे को जोड़ने की परियोजना पर भी एनएचएआई अधिकारियों से चर्चा की और इस संबंध में जल्द योजना तैयार करने के निर्देश दिए।</p>
<h2><strong>जीटी रोड पर 30 करोड़ की लागत से बनेगी सर्विस लेन</strong></h2>
<p>अनिल विज ने जीटी रोड पर रेलवे ओवरब्रिज पर बन रही नई सर्विस लेन के निर्माण कार्य की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से इस सर्विस लेन का निर्माण किया जा रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>मंत्री ने रेलवे कॉलोनी से आने वाले अंडरपास को मानकों के अनुरूप बनाने के निर्देश भी दिए।</p>
<h2><strong>रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बीच बनेगा सब-वे</strong></h2>
<p>मंत्री ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बीच जीटी रोड के नीचे सब-वे निर्माण परियोजना पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना तैयार हो चुकी है और जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।</p>
<h2><strong>जीटी रोड पर लगेंगी फैंसी लाइटें</strong></h2>
<p>अनिल विज ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से मोहड़ा सीमा तक जीटी रोड पर फैंसी लाइटें लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे शहरी क्षेत्र और अधिक आकर्षक दिखाई देगा।</p>
<h2><strong>शहीद स्मारक तक पहुंच के लिए बनेगी नई व्यवस्था</strong></h2>
<p>जीटी रोड पर बन रहे शहीद स्मारक तक आने-जाने की सुविधा को लेकर मंत्री ने एस्केलेटर, ओवरब्रिज या सब-वे बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहीद स्मारक और विज्ञान केंद्र में रोजाना हजारों लोग आएंगे, इसलिए बेहतर यातायात व्यवस्था जरूरी है।</p>
<h2><strong>मच्छौंडा फ्लाईओवर और अस्पताल एस्केलेटर पर चर्चा</strong></h2>
<p>मंत्री अनिल विज ने मच्छौंडा में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत की और सभी संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से साइट निरीक्षण कर कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।</p>
<p>हीं, सिविल अस्पताल के सामने लगे एस्केलेटर के नियमित संचालन को लेकर नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि इसकी देखरेख और मेंटेनेंस एजेंसी को सौंप दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 11:23:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: यह एक्सप्रेसवे 4 राज्यों को जोड़ेगा आपस में, जमीनों के रेट होंगे हाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: भारतमाला</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">दूरी</span> <span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">तय</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकेगी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जबकि</span> <span class="cf0">फिलहाल</span> <span class="cf0">यही</span> <span class="cf0">सफर</span><span class="cf0"> 13</span><span class="cf1">–</span><span class="cf2">14 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">लेता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। 686 </span><span class="cf0">किमी</span> <span class="cf0">लंबा</span> <span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">लेन</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">हाई-स्पीड</span> <span class="cf0">कॉरिडोर</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बिहार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">झारखंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पश्चिम</span> <span class="cf0">बंगाल</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जोड़ेगा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">पूर्वी</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">विकास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">निर्णायक</span> <span class="cf0">भूमिका</span> <span class="cf0">निभाने</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">सबसे</span> <span class="cf0">बड़ा</span> <span class="cf0">रोड</span> <span class="cf0">नेटवर्क</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रहा</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">बनेगा</span> <span class="cf0">तेज</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">रूट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">लक्ष्य</span> <span class="cf0">काशी</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">तेज</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">उच्च</span> <span class="cf0">गुणवत्ता</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">तैयार</span> <span class="cf0">करना</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164157/new-expressway-this-expressway-will-connect-4-states-land-rates"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/new-expressway-(24).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: भारतमाला</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">दूरी</span> <span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">तय</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकेगी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जबकि</span> <span class="cf0">फिलहाल</span> <span class="cf0">यही</span> <span class="cf0">सफर</span><span class="cf0"> 13</span><span class="cf1">–</span><span class="cf2">14 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">लेता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। 686 </span><span class="cf0">किमी</span> <span class="cf0">लंबा</span> <span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">लेन</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">हाई-स्पीड</span> <span class="cf0">कॉरिडोर</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बिहार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">झारखंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पश्चिम</span> <span class="cf0">बंगाल</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जोड़ेगा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">पूर्वी</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">विकास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">निर्णायक</span> <span class="cf0">भूमिका</span> <span class="cf0">निभाने</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">सबसे</span> <span class="cf0">बड़ा</span> <span class="cf0">रोड</span> <span class="cf0">नेटवर्क</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रहा</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">बनेगा</span> <span class="cf0">तेज</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">रूट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">लक्ष्य</span> <span class="cf0">काशी</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">तेज</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">उच्च</span> <span class="cf0">गुणवत्ता</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">तैयार</span> <span class="cf0">करना</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">रांची</span> <span class="cf0">होकर</span> <span class="cf0">भभुआ</span><span class="cf0">, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो और पुरुलिया को जोड़ते हुए कोलकाता तक पहुँचेगा। नई सड़क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कब रखी गई थी आधारशिला?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में चंदौली में रखी थी। वर्ष 2019 में मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया में समय लगा, लेकिन आधारशिला रखे जाने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। झारखंड और बिहार के हिस्सों में कई निर्माण पैकेजों पर तेज गति से काम चल रहा है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली में 31 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे</span></strong></p>
<p><span class="cf0">चंदौली जिले में एक्सप्रेसवे का 22 किमी लंबा सेक्शन 31 गांवों से होकर गुजरेगा। कई जगह पुल, अंडरपास और सर्विस रोड का काम शुरू हो चुका है। भूमि विवाद सुलझने और मुआवजा दिए जाने के बाद स्थानीय किसानों ने भी परियोजना को समर्थन दिया है, जिससे निर्माण गति पकड़ चुका है।</span></p>
<p><span class="cf0">कोलकाता और </span><span class="cf0">हल्दिया</span><span class="cf0"> बंदरगाहों तक तेज़ पहुंच मिलने से स्टील, कोयला और </span><span class="cf0">खनिजों</span><span class="cf0"> का परिवहन तेज होगा। </span><span class="cf0">धनबाद</span><span class="cf0"> की कोयला खदानें, </span><span class="cf0">बोकारो</span><span class="cf0"> स्टील प्लांट और बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र सीधे तौर पर इस </span><span class="cf0">कॉरिडोर</span><span class="cf0"> से लाभान्वित </span><span class="cf0">होंगे</span><span class="cf0">। यह सड़क नेटवर्क पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था में भारी उछाल ला सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">काशी से बंगाल का मजबूत संपर्क</span></strong></p>
<p><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> वाराणसी और कोलकाता के बीच लगभग 710 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0"> की सीधी </span><span class="cf0">सड़क</span><span class="cf0"> उपलब्ध करवाएगा, जिससे दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी। यह धार्मिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से दोनों राज्यों के बीच बेहतर </span><span class="cf0">कनेक्टिविटी</span><span class="cf0"> स्थापित करेगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली और कश्मीर तक बनेगी हाईवे चेन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">यह </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पूर्वांचल</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">, आगरा</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">लखनऊ </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">, यमुना </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> और दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">कटरा</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> से जुड़कर काशी से दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक एक निरंतर हाईवे नेटवर्क प्रदान करेगा। इससे उत्तर</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पूर्वी और उत्तर</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पश्चिमी भारत के बीच यात्रा बेहद आसान हो जाएगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">भूमि अधिग्रहण और निर्माण की स्थिति</span></strong></p>
<p><span class="cf2">2019 </span><span class="cf0">में परियोजना शुरू होने के बाद 2023 में भूमि अधिग्रहण का काम तेज हुआ। आठ </span><span class="cf0">पैकेजों</span><span class="cf0"> के लिए 15 कंपनियों ने बोली लगाई। </span><span class="cf0">झारखंड</span><span class="cf0"> वाले हिस्से में </span><span class="cf0">निविदा</span><span class="cf0"> प्रक्रिया पहले पूरी हुई और निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। वन क्षेत्रों में मंजूरी में देरी के बावजूद अब अधिकांश बाधाएं दूर हो रही हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">413 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0"> खंड पर लगातार प्रगति</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रांची</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">वाराणसी (413 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0">) खंड पर मशीनरी और श्रमिक तैनात किए जा चुके हैं। वन मंजूरी, तकनीकी चुनौतियों और मौसम के बावजूद काम निरंतर बढ़ रहा है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार आगामी कुछ महीनों में निर्माण और तेज होगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कब तक बनकर तैयार होगा </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">?</span></strong></p>
<p><span class="cf2">NHAI </span><span class="cf0">परियोजना प्रबंधक संचित मंगला के अनुसार, </span><span class="cf0">चंदौली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">कोलकाता </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> को पूरा होने में अभी करीब तीन साल और लगेंगे। लगभग 90% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भू-विवादों का हल निकलते ही निर्माण गति पकड़ रहा है और </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> नियत समय में पूरा होने की उम्मीद है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 12:26:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: यह एक्सप्रेसवे 4 राज्यों को जोड़ेगा आपस में, जमीनों के रेट होंगे हाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: भारतमाला</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">दूरी</span> <span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">तय</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकेगी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जबकि</span> <span class="cf0">फिलहाल</span> <span class="cf0">यही</span> <span class="cf0">सफर</span><span class="cf0"> 13</span><span class="cf1">–</span><span class="cf2">14 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">लेता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। 686 </span><span class="cf0">किमी</span> <span class="cf0">लंबा</span> <span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">लेन</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">हाई-स्पीड</span> <span class="cf0">कॉरिडोर</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बिहार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">झारखंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पश्चिम</span> <span class="cf0">बंगाल</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जोड़ेगा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">पूर्वी</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">विकास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">निर्णायक</span> <span class="cf0">भूमिका</span> <span class="cf0">निभाने</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">सबसे</span> <span class="cf0">बड़ा</span> <span class="cf0">रोड</span> <span class="cf0">नेटवर्क</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रहा</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">बनेगा</span> <span class="cf0">तेज</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">रूट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">लक्ष्य</span> <span class="cf0">काशी</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">तेज</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">उच्च</span> <span class="cf0">गुणवत्ता</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">तैयार</span> <span class="cf0">करना</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163340/new-expressway-this-expressway-will-connect-4-states-land-rates"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/new-expressway-(24).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: भारतमाला</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">दूरी</span> <span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">तय</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकेगी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जबकि</span> <span class="cf0">फिलहाल</span> <span class="cf0">यही</span> <span class="cf0">सफर</span><span class="cf0"> 13</span><span class="cf1">–</span><span class="cf2">14 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">लेता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। 686 </span><span class="cf0">किमी</span> <span class="cf0">लंबा</span> <span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">लेन</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">हाई-स्पीड</span> <span class="cf0">कॉरिडोर</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बिहार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">झारखंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पश्चिम</span> <span class="cf0">बंगाल</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जोड़ेगा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">पूर्वी</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">विकास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">निर्णायक</span> <span class="cf0">भूमिका</span> <span class="cf0">निभाने</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">सबसे</span> <span class="cf0">बड़ा</span> <span class="cf0">रोड</span> <span class="cf0">नेटवर्क</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रहा</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">बनेगा</span> <span class="cf0">तेज</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">रूट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">लक्ष्य</span> <span class="cf0">काशी</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">तेज</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">उच्च</span> <span class="cf0">गुणवत्ता</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">तैयार</span> <span class="cf0">करना</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">रांची</span> <span class="cf0">होकर</span> <span class="cf0">भभुआ</span><span class="cf0">, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो और पुरुलिया को जोड़ते हुए कोलकाता तक पहुँचेगा। नई सड़क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कब रखी गई थी आधारशिला?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में चंदौली में रखी थी। वर्ष 2019 में मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया में समय लगा, लेकिन आधारशिला रखे जाने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। झारखंड और बिहार के हिस्सों में कई निर्माण पैकेजों पर तेज गति से काम चल रहा है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली में 31 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे</span></strong></p>
<p><span class="cf0">चंदौली जिले में एक्सप्रेसवे का 22 किमी लंबा सेक्शन 31 गांवों से होकर गुजरेगा। कई जगह पुल, अंडरपास और सर्विस रोड का काम शुरू हो चुका है। भूमि विवाद सुलझने और मुआवजा दिए जाने के बाद स्थानीय किसानों ने भी परियोजना को समर्थन दिया है, जिससे निर्माण गति पकड़ चुका है।</span></p>
<p><span class="cf0">कोलकाता और </span><span class="cf0">हल्दिया</span><span class="cf0"> बंदरगाहों तक तेज़ पहुंच मिलने से स्टील, कोयला और </span><span class="cf0">खनिजों</span><span class="cf0"> का परिवहन तेज होगा। </span><span class="cf0">धनबाद</span><span class="cf0"> की कोयला खदानें, </span><span class="cf0">बोकारो</span><span class="cf0"> स्टील प्लांट और बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र सीधे तौर पर इस </span><span class="cf0">कॉरिडोर</span><span class="cf0"> से लाभान्वित </span><span class="cf0">होंगे</span><span class="cf0">। यह सड़क नेटवर्क पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था में भारी उछाल ला सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">काशी से बंगाल का मजबूत संपर्क</span></strong></p>
<p><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> वाराणसी और कोलकाता के बीच लगभग 710 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0"> की सीधी </span><span class="cf0">सड़क</span><span class="cf0"> उपलब्ध करवाएगा, जिससे दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी। यह धार्मिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से दोनों राज्यों के बीच बेहतर </span><span class="cf0">कनेक्टिविटी</span><span class="cf0"> स्थापित करेगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली और कश्मीर तक बनेगी हाईवे चेन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">यह </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पूर्वांचल</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">, आगरा</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">लखनऊ </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">, यमुना </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> और दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">कटरा</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> से जुड़कर काशी से दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक एक निरंतर हाईवे नेटवर्क प्रदान करेगा। इससे उत्तर</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पूर्वी और उत्तर</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पश्चिमी भारत के बीच यात्रा बेहद आसान हो जाएगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">भूमि अधिग्रहण और निर्माण की स्थिति</span></strong></p>
<p><span class="cf2">2019 </span><span class="cf0">में परियोजना शुरू होने के बाद 2023 में भूमि अधिग्रहण का काम तेज हुआ। आठ </span><span class="cf0">पैकेजों</span><span class="cf0"> के लिए 15 कंपनियों ने बोली लगाई। </span><span class="cf0">झारखंड</span><span class="cf0"> वाले हिस्से में </span><span class="cf0">निविदा</span><span class="cf0"> प्रक्रिया पहले पूरी हुई और निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। वन क्षेत्रों में मंजूरी में देरी के बावजूद अब अधिकांश बाधाएं दूर हो रही हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">413 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0"> खंड पर लगातार प्रगति</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रांची</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">वाराणसी (413 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0">) खंड पर मशीनरी और श्रमिक तैनात किए जा चुके हैं। वन मंजूरी, तकनीकी चुनौतियों और मौसम के बावजूद काम निरंतर बढ़ रहा है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार आगामी कुछ महीनों में निर्माण और तेज होगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कब तक बनकर तैयार होगा </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">?</span></strong></p>
<p><span class="cf2">NHAI </span><span class="cf0">परियोजना प्रबंधक संचित मंगला के अनुसार, </span><span class="cf0">चंदौली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">कोलकाता </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> को पूरा होने में अभी करीब तीन साल और लगेंगे। लगभग 90% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भू-विवादों का हल निकलते ही निर्माण गति पकड़ रहा है और </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> नियत समय में पूरा होने की उम्मीद है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163340/new-expressway-this-expressway-will-connect-4-states-land-rates</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 20:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: यह एक्सप्रेसवे 4 राज्यों को जोड़ेगा आपस में, जमीनों के रेट होंगे हाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: भारतमाला</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">दूरी</span> <span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">तय</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकेगी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जबकि</span> <span class="cf0">फिलहाल</span> <span class="cf0">यही</span> <span class="cf0">सफर</span><span class="cf0"> 13</span><span class="cf1">–</span><span class="cf2">14 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">लेता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। 686 </span><span class="cf0">किमी</span> <span class="cf0">लंबा</span> <span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">लेन</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">हाई-स्पीड</span> <span class="cf0">कॉरिडोर</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बिहार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">झारखंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पश्चिम</span> <span class="cf0">बंगाल</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जोड़ेगा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">पूर्वी</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">विकास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">निर्णायक</span> <span class="cf0">भूमिका</span> <span class="cf0">निभाने</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">सबसे</span> <span class="cf0">बड़ा</span> <span class="cf0">रोड</span> <span class="cf0">नेटवर्क</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रहा</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">बनेगा</span> <span class="cf0">तेज</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">रूट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">लक्ष्य</span> <span class="cf0">काशी</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">तेज</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">उच्च</span> <span class="cf0">गुणवत्ता</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">तैयार</span> <span class="cf0">करना</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162799/new-expressway-this-expressway-will-connect-4-states-land-rates"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/new-expressway-(24).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: भारतमाला</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">दूरी</span> <span class="cf0">केवल</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">तय</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकेगी</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जबकि</span> <span class="cf0">फिलहाल</span> <span class="cf0">यही</span> <span class="cf0">सफर</span><span class="cf0"> 13</span><span class="cf1">–</span><span class="cf2">14 </span><span class="cf0">घंटे</span> <span class="cf0">लेता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। 686 </span><span class="cf0">किमी</span> <span class="cf0">लंबा</span> <span class="cf0">और</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">लेन</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">हाई-स्पीड</span> <span class="cf0">कॉरिडोर</span> <span class="cf0">उत्तर</span> <span class="cf0">प्रदेश</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बिहार</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">झारखंड</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">पश्चिम</span> <span class="cf0">बंगाल</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">जोड़ेगा</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">पूर्वी</span> <span class="cf0">भारत</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">विकास</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">निर्णायक</span> <span class="cf0">भूमिका</span> <span class="cf0">निभाने</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">सबसे</span> <span class="cf0">बड़ा</span> <span class="cf0">रोड</span> <span class="cf0">नेटवर्क</span> <span class="cf0">बनने</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रहा</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">बनेगा</span> <span class="cf0">तेज</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">रूट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">का</span> <span class="cf0">लक्ष्य</span> <span class="cf0">काशी</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">कोलकाता</span> <span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">तेज</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सीधा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">उच्च</span> <span class="cf0">गुणवत्ता</span> <span class="cf0">वाला</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">तैयार</span> <span class="cf0">करना</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">मार्ग</span> <span class="cf0">रांची</span> <span class="cf0">होकर</span> <span class="cf0">भभुआ</span><span class="cf0">, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो और पुरुलिया को जोड़ते हुए कोलकाता तक पहुँचेगा। नई सड़क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कब रखी गई थी आधारशिला?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में चंदौली में रखी थी। वर्ष 2019 में मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया में समय लगा, लेकिन आधारशिला रखे जाने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। झारखंड और बिहार के हिस्सों में कई निर्माण पैकेजों पर तेज गति से काम चल रहा है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">चंदौली में 31 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे</span></strong></p>
<p><span class="cf0">चंदौली जिले में एक्सप्रेसवे का 22 किमी लंबा सेक्शन 31 गांवों से होकर गुजरेगा। कई जगह पुल, अंडरपास और सर्विस रोड का काम शुरू हो चुका है। भूमि विवाद सुलझने और मुआवजा दिए जाने के बाद स्थानीय किसानों ने भी परियोजना को समर्थन दिया है, जिससे निर्माण गति पकड़ चुका है।</span></p>
<p><span class="cf0">कोलकाता और </span><span class="cf0">हल्दिया</span><span class="cf0"> बंदरगाहों तक तेज़ पहुंच मिलने से स्टील, कोयला और </span><span class="cf0">खनिजों</span><span class="cf0"> का परिवहन तेज होगा। </span><span class="cf0">धनबाद</span><span class="cf0"> की कोयला खदानें, </span><span class="cf0">बोकारो</span><span class="cf0"> स्टील प्लांट और बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र सीधे तौर पर इस </span><span class="cf0">कॉरिडोर</span><span class="cf0"> से लाभान्वित </span><span class="cf0">होंगे</span><span class="cf0">। यह सड़क नेटवर्क पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था में भारी उछाल ला सकता है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">काशी से बंगाल का मजबूत संपर्क</span></strong></p>
<p><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> वाराणसी और कोलकाता के बीच लगभग 710 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0"> की सीधी </span><span class="cf0">सड़क</span><span class="cf0"> उपलब्ध करवाएगा, जिससे दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी। यह धार्मिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से दोनों राज्यों के बीच बेहतर </span><span class="cf0">कनेक्टिविटी</span><span class="cf0"> स्थापित करेगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली और कश्मीर तक बनेगी हाईवे चेन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">यह </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पूर्वांचल</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">, आगरा</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">लखनऊ </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">, यमुना </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> और दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">कटरा</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> से जुड़कर काशी से दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक एक निरंतर हाईवे नेटवर्क प्रदान करेगा। इससे उत्तर</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पूर्वी और उत्तर</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पश्चिमी भारत के बीच यात्रा बेहद आसान हो जाएगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">भूमि अधिग्रहण और निर्माण की स्थिति</span></strong></p>
<p><span class="cf2">2019 </span><span class="cf0">में परियोजना शुरू होने के बाद 2023 में भूमि अधिग्रहण का काम तेज हुआ। आठ </span><span class="cf0">पैकेजों</span><span class="cf0"> के लिए 15 कंपनियों ने बोली लगाई। </span><span class="cf0">झारखंड</span><span class="cf0"> वाले हिस्से में </span><span class="cf0">निविदा</span><span class="cf0"> प्रक्रिया पहले पूरी हुई और निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। वन क्षेत्रों में मंजूरी में देरी के बावजूद अब अधिकांश बाधाएं दूर हो रही हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">413 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0"> खंड पर लगातार प्रगति</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रांची</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">वाराणसी (413 </span><span class="cf0">किमी</span><span class="cf0">) खंड पर मशीनरी और श्रमिक तैनात किए जा चुके हैं। वन मंजूरी, तकनीकी चुनौतियों और मौसम के बावजूद काम निरंतर बढ़ रहा है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार आगामी कुछ महीनों में निर्माण और तेज होगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कब तक बनकर तैयार होगा </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0">?</span></strong></p>
<p><span class="cf2">NHAI </span><span class="cf0">परियोजना प्रबंधक संचित मंगला के अनुसार, </span><span class="cf0">चंदौली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">कोलकाता </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> को पूरा होने में अभी करीब तीन साल और लगेंगे। लगभग 90% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भू-विवादों का हल निकलते ही निर्माण गति पकड़ रहा है और </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> नियत समय में पूरा होने की उम्मीद है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/162799/new-expressway-this-expressway-will-connect-4-states-land-rates</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 15:08:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: हरियाणा और यूपी के बीच 1500 करोड़ की लागत से बनेगा ये एक्सप्रेसवे, इन लोगों को मिलेगा फायदा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Expressway: हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलने जा रहा है। दोनों राज्यों को जोड़ने वाला देश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे पानीपत से गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 750 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग हरियाणा से लेकर पूर्वी यूपी तक तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा।</p>
<p>इस मेगा प्रोजेक्ट की डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) लगभग तैयार हो चुकी है। NHAI इसे जल्द ही यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा करेगा। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक इसका काम आवंटित कर दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161812/new-expressway-this-expressway-will-be-built-between-haryana-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/new-expressway-(21).jpg" alt=""></a><br /><p>New Expressway: हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलने जा रहा है। दोनों राज्यों को जोड़ने वाला देश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे पानीपत से गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 750 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग हरियाणा से लेकर पूर्वी यूपी तक तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा।</p>
<p>इस मेगा प्रोजेक्ट की डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) लगभग तैयार हो चुकी है। NHAI इसे जल्द ही यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा करेगा। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक इसका काम आवंटित कर दिया जाएगा, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया तेज गति पकड़ लेगी। यह प्रोजेक्ट उत्तर भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।</p>
<p>यह हाईस्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के 22 महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, अमरोहा, बरेली, रामपुर, हरदोई, लखनऊ, बहराइच, संतकबीरनगर और गोरखपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इतने बड़े नेटवर्क से पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी तक औद्योगिक, व्यापारिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों में बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा।</p>
<p>इस हाईवे को कई प्रमुख एक्सप्रेसवे से भी जोड़ने की योजना है, जिनमें गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे विशेष रूप से शामिल हैं। इसके बाद हरियाणा, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा और माल ढुलाई और भी सुगम और तेज हो जाएगी।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को नई गति देगा। प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी बनने से लॉजिस्टिक लागत घटेगी, निवेश बढ़ेगा और कई नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों को आपस में जोड़ते हुए आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।</p>
<p>करीब 1500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गोरखपुर से पानीपत के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 10:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: आगरा से अलीगढ़ का सफर होगा आसान, बनेगा ये नया एक्सप्रेसवे </title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Expressway: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आगरा–अलीगढ़ ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। कुल 64.9 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे खंदौली टोल प्लाजा से आगे बढ़कर नेशनल हाईवे-91 से जुड़ने वाला है। इसके बनने से आगरा, हाथरस और अलीगढ़ के बीच कनेक्टिविटी काफी तेज और आसान हो जाएगी। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद आगरा से अलीगढ़ की दूरी केवल एक घंटे में और खंदौली से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। दिसंबर 2027 तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। New Expressway</p>
<p>NHAI के परियोजना निदेशक संदीप यादव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160903/new-expressway-traveling-from-agra-to-aligarh-will-be-easy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/new-expressway-(20).jpg" alt=""></a><br /><p>New Expressway: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आगरा–अलीगढ़ ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। कुल 64.9 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे खंदौली टोल प्लाजा से आगे बढ़कर नेशनल हाईवे-91 से जुड़ने वाला है। इसके बनने से आगरा, हाथरस और अलीगढ़ के बीच कनेक्टिविटी काफी तेज और आसान हो जाएगी। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद आगरा से अलीगढ़ की दूरी केवल एक घंटे में और खंदौली से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। दिसंबर 2027 तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। New Expressway</p>
<p>NHAI के परियोजना निदेशक संदीप यादव के अनुसार, एक्सप्रेसवे को दो चरणों में बनाया जा रहा है। पहले चरण में 36.9 किलोमीटर और दूसरे चरण में 28 किलोमीटर हिस्से का निर्माण होना है। पहले चरण पर 820.40 करोड़ रुपये और दूसरे पर 716.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल परियोजना लागत 1536.9 करोड़ रुपये होगी। गाजियाबाद और फरीदाबाद की निर्माण कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है और दोनों ने काम शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना 48 महीनों में पूर्ण की जाएगी। New Expressway</p>
<p>यह एक्सप्रेसवे आगरा, हाथरस और अलीगढ़ जिलों के कुल 66 गांवों को लाभ पहुंचाएगा। इनमें हाथरस के 48, अलीगढ़ के 14 और आगरा के 4 गांव शामिल हैं। ग्रामीणों की आवाजाही आसान बनाने के लिए 49 फुट ओवरब्रिज, अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज भी तैयार किए जाएंगे। इससे एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बसे गांवों के लोगों को सड़क पार करने और यात्रा करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। New Expressway</p>
<p>परियोजना निदेशक ने बताया कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद इन तीनों जिलों के बीच जाम की समस्या कम होगी और यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। इससे ईंधन की बचत भी होगी और सड़क परिवहन अधिक सुगम बनेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य के दौरान हरियाली को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और पर्यावरणीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160903/new-expressway-traveling-from-agra-to-aligarh-will-be-easy</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 11:09:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway:  अलीगढ़–पलवल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, 1350 करोड़ की लागत से होगा तैयार  </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: अलीगढ़</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पलवल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है। करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर भूमि अधिग्रहण का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बाद निर्माण गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। इस परियोजना का मकसद अलीगढ़, पलवल और एनसीआर के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।</span></p>
<p><span class="cf0">परियोजना का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण खैर बाईपास का निर्माण है। यह क्षेत्र वर्षों से भारी जाम की समस्या से जूझ रहा है। एनएचएआई ने खैर बाईपास को प्राथमिकता सूची में शामिल करते हुए इसे एक</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160422/aligarh-palwal-greenfield-expressway-project-gains-momentum-will-be-ready-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/aligarh-palwal-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">New Expressway: अलीगढ़</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पलवल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है। करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर भूमि अधिग्रहण का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बाद निर्माण गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। इस परियोजना का मकसद अलीगढ़, पलवल और एनसीआर के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।</span></p>
<p><span class="cf0">परियोजना का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण खैर बाईपास का निर्माण है। यह क्षेत्र वर्षों से भारी जाम की समस्या से जूझ रहा है। एनएचएआई ने खैर बाईपास को प्राथमिकता सूची में शामिल करते हुए इसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। बाईपास बनने से न केवल कस्बे को जाम से राहत मिलेगी, बल्कि यातायात भी सुगम हो जाएगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">200 </span><span class="cf0">हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा</span></strong></p>
<p><span class="cf0">पूरी परियोजना के लिए कुल 325 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। शेष भूमि के लिए प्रशासन गांव-गांव जाकर कैंप लगा रहा है और किसानों को मुआवजा प्रदान कर रहा है। अधिकांश किसान संतुष्ट हैं और अधिग्रहण प्रक्रिया बिना किसी बड़े विवाद के आगे बढ़ रही है।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">31 </span><span class="cf0">गांवों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे</span></strong></p>
<p><span class="cf0">यह एक्सप्रेसवे अलीगढ़ जिले के 31 गांवों से होकर निकलेगा, जिनमें ऐंचना, लक्ष्मणगढ़ी, उदयगढ़ी, बांकनेर और टप्पल जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं। ग्रामीण इलाकों में मिट्टी भराई, समतलीकरण और कटिंग का काम तेज़ी से चल रहा है। इस निर्माण कार्य से ग्रामीण विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सीडीएस कंपनी को दिया गया निर्माण कार्य</span></strong></p>
<p><span class="cf0">एनएचएआई ने करीब छह महीने पहले निर्माण कार्य शुरू कराया था। शुरूआत में गति धीमी थी, लेकिन अब सड़क निर्माण, लेवलिंग और मिट्टी भराई का काम तेजी से हो रहा है। परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी हरियाणा की सीडीएस कंपनी को दी गई है, जो समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए दिन-रात जुटी हुई है।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">72 </span><span class="cf0">किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाएगा नई कनेक्टिविटी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">यह 72 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अलीगढ़ को पलवल, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ेगा। इसके बन जाने के बाद एनसीआर आने-जाने वाले यात्रियों का समय काफी बचेगा और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">खैर का जाम खत्म, यात्रा समय में भारी कमी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नई सड़क खुलने के बाद अलीगढ़, नोएडा, गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। खैर कस्बे का पुराना जाम पूरी तरह समाप्त होगा और भारी वाहनों के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों, यात्रियों और व्यापारी परिवहन</span><span class="cf1">—</span><span class="cf0">सभी को बड़ा लाभ होगा।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">स्थानीय रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस परियोजना ने निर्माण चरण में ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा किए हैं। मजदूर, इंजीनियर, ट्रांसपोर्टर और सामग्री आपूर्तिकर्ता सीधे तौर पर इससे जुड़े हुए हैं। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद इसके आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और लॉजिस्टिक हब के विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf2">18 </span><span class="cf0">महीनों में परियोजना पूरा करने का लक्ष्य</span></strong></p>
<p><span class="cf0">सरकार का लक्ष्य है कि यह पूरा एक्सप्रेसवे अगले 18 महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाए। इसके बाद अलीगढ़ जिले का सीधा और तेज़ संपर्क हरियाणा, दिल्ली और पूरे एनसीआर से स्थापित हो जाएगा। किसानों को बेहतर मुआवजा, यात्रियों को सुगम सड़क और व्यापार को तेज़ परिवहन </span><span class="cf0">ये सब मिलकर इस परियोजना को क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी बना देंगे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160422/aligarh-palwal-greenfield-expressway-project-gains-momentum-will-be-ready-at</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 20:10:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Expressway: हरियाणा और यूपी के बीच 1350 करोड़ की लागत से बनेगा ये एक्सप्रेसवे, इन 31 गांवों की हुई मौज </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">New Expressway: यूपी के अलीगढ़ और हरियाणा के पलवल के बीच बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास के लिए अहम साबित होने जा रही है। भूमि अधिग्रहण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">परियोजना का पहला चरण खैर बाईपास का निर्माण है। लंबे समय से जाम की समस्या झेल रहे खैर कस्बे के लोगों के लिए यह बाईपास राहत लेकर आएगा। एनएचएआई ने इसे प्राथमिकता पर रखा है और अगले</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159711/new-expressway-this-expressway-will-be-built-between-haryana-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/new-expressway-(16).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">New Expressway: यूपी के अलीगढ़ और हरियाणा के पलवल के बीच बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास के लिए अहम साबित होने जा रही है। भूमि अधिग्रहण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">परियोजना का पहला चरण खैर बाईपास का निर्माण है। लंबे समय से जाम की समस्या झेल रहे खैर कस्बे के लोगों के लिए यह बाईपास राहत लेकर आएगा। एनएचएआई ने इसे प्राथमिकता पर रखा है और अगले एक वर्ष में इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">इस परियोजना के लिए कुल 325 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिसमें से अब तक 200 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को मुआवजा वितरित कर रही हैं। अधिकांश किसानों को भुगतान मिल चुका है और अधिग्रहण प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">31 गांवों से होकर गुजरेगा हाईवे</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">अलीगढ़</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">पलवल एक्सप्रेसवे जिले के 31 गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें ऐंचना, लक्ष्मणगढ़ी, उदयगढ़ी, बांकनेर और टप्पल प्रमुख हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी भराई, भूमि समतलीकरण और कट निर्माण का काम तेजी से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">तेज गति से बढ़ रहा निर्माण कार्य</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">एनएचएआई ने लगभग छह महीने पहले निर्माण कार्य की शुरुआत की थी। शुरूआत में गति धीमी थी, लेकिन अब सीडीएस कंपनी की देखरेख में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। सड़क निर्माण, मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य लगभग पूरे जोश में चल रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">72 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">यह एक्सप्रेसवे कुल 72 किलोमीटर लंबा होगा। इसके बनने के बाद अलीगढ़ से पलवल, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक सीधा संपर्क स्थापित होगा। यह मार्ग एनसीआर की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा तथा औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास को नई दिशा देगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">यातायात और आर्थिक सुधार</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">एक्सप्रेसवे के चालू होने से अलीगढ़, नोएडा, गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। खैर कस्बे के जाम की समस्या खत्म होगी और भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे यात्रियों, स्थानीय निवासियों और व्यापारिक परिवहन सभी को राहत मिलेगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">रोजगार और विकास की नई संभावनाएं</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">निर्माण कार्य में सैकड़ों स्थानीय मजदूरों, इंजीनियरों और आपूर्तिकर्ताओं को रोजगार मिल रहा है। एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों और लॉजिस्टिक हब के विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="cf0">डेढ़ साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="cf0">सरकार का लक्ष्य है कि यह परियोजना अगले डेढ़ वर्ष में पूरी तरह तैयार हो जाए। इसके शुरू होते ही अलीगढ़ का हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। यह परियोजना किसानों, व्यापारियों और आम जनता</span><span class="cf1"> </span><span class="cf0">सभी के लिए विकास की नई राह खोलेगी। </span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 15:21:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NHAI ने शुरू की ये नई स्कीम, फास्टैग में मिल रहा है ₹1000 का फ्री रिचार्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>FASTag:</strong> वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। स्वच्छता और यात्री सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए NHAI ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ के तहत एक नई पहल, ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य टोल प्लाजा पर स्थित टॉयलेट्स को साफ-सुथरा बनाए रखना है। Fastag Reward</p>
<p><strong>दें सूचना</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इस चैलेंज के तहत यात्री राजमार्ग यात्रा App का उपयोग करके गंदे टॉयलेट्स की सूचना दे सकते हैं। ऐप में आपको अपना नाम, गाड़ी का नंबर, मोबाइल नंबर और टॉयलेट का स्थान दर्ज करते हुए गंदे टॉयलेट की जियो-टैग की गई तस्वीर अपलोड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158484/nhai-started-this-new-scheme-free-recharge-of-%E2%82%B9-1000"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-30t092315.603.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>FASTag:</strong> वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। स्वच्छता और यात्री सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए NHAI ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ के तहत एक नई पहल, ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य टोल प्लाजा पर स्थित टॉयलेट्स को साफ-सुथरा बनाए रखना है। Fastag Reward</p>
<p><strong>दें सूचना</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इस चैलेंज के तहत यात्री राजमार्ग यात्रा App का उपयोग करके गंदे टॉयलेट्स की सूचना दे सकते हैं। ऐप में आपको अपना नाम, गाड़ी का नंबर, मोबाइल नंबर और टॉयलेट का स्थान दर्ज करते हुए गंदे टॉयलेट की जियो-टैग की गई तस्वीर अपलोड करनी होगी। इसके लिए यात्रियों को ईनाम भी मिलेगा। Fastag Reward</p>
<p>फास्टैग रिचार्ज पुरस्कार</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, ऐसी रिपोर्ट देने वाले प्रत्येक वाहन के लिए (वीआरएन- व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर) 1,000 रुपये का फास्टैग रिचार्ज पुरस्कार रखा गया है। यह राशि सीधे उसी वाहन के फास्टैग अकाउंट में जमा कर दी जाएगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि यह योजना पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 31 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छता सुनिश्चित करने में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है। Fastag Reward</p>
<p><strong>लागू होगी योजना</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इस कैंपेन का दायरा केवल NHAI के अधिकार क्षेत्र में आने वाले, उसके द्वारा बनाए गए या मेंटेन किए गए टॉयलेट्स तक सीमित है। पेट्रोल पंप, ढाबे या NHAI के नियंत्रण से बाहर अन्य सार्वजनिक टॉयलेट्स इस स्कीम में शामिल नहीं हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि एक VRN पूरे अभियान के दौरान केवल एक बार पुरस्कार के लिए पात्र होगा। यह नियम सभी यात्रियों के लिए समान रूप से लागू होता है। Fastag Reward</p>
<p><strong>शर्तें</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, हर टॉयलेट एक दिन में केवल एक बार पुरस्कार के लिए पात्र होगा, चाहे उस दिन कितनी भी रिपोर्टें प्राप्त हों। अगर किसी टॉयलेट के लिए दिन में एक से अधिक रिपोर्ट्स आती हैं, तो केवल पहली रिपोर्ट ही पुरस्कार के लिए मान्य होगी। Fastag Reward</p>
<p><strong>फोटो होगी मान्य?</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इसके अलावा, रिपोर्ट की जाने वाली तस्वीरें स्पष्ट, जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्पेड होनी चाहिए। किसी भी तरह की छेड़छाड़, डुप्लिकेट या पहले से रिपोर्ट की गई सूचना स्वीकार नहीं की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन AI-सहायता प्राप्त स्क्रीनिंग और मैनुअल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। Fastag Reward</p>
<p><strong>उद्देश्य</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, NHAI का यह पहल केवल टॉयलेट्स की स्वच्छता सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों को सड़क यात्रा के दौरान जिम्मेदारी निभाने और स्वच्छता में भाग लेने के लिए भी प्रेरित करता है। यात्रियों की सक्रिय भागीदारी से टोल प्लाजा और राजमार्ग टॉयलेट्स अधिक साफ-सुथरे और सुरक्षित बनाए जा सकते हैं। FASTag Recharge</p>
<p><strong>मिलेगी मदद</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इस तरह, ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है, बल्कि यात्रियों के लिए मोटिवेशन और पुरस्कार का माध्यम भी बनता है। FASTag Recharge</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के जरिए NHAI ने सफाई और डिजिटल तकनीक को जोड़कर एक अनूठा प्रयोग किया है, जो देशभर में राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को स्वच्छता की ओर जागरूक करने में मदद करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 09:23:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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