<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/46231/budget-development-of-nine-lakh-twelve-thousand-crores" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>नौ लाख बारह हजार करोड़ का बजट विकास - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/46231/rss</link>
                <description>नौ लाख बारह हजार करोड़ का बजट विकास RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नौ लाख बारह हजार करोड़ का बजट विकास</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का जो बजट पेश किया है ।वह आकार और संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है और कुल मिलाकर दसवां बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रस्तुत यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार विकास की गति को बनाए रखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक सामाजिक और आर्थिक संदेश देना चाहती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बजट का सबसे प्रमुख पक्ष इसका आकार है।</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169322/budget-development-of-nine-lakh-twelve-thousand-crores"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1770793147pti02_11_2026_000035b.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का जो बजट पेश किया है ।वह आकार और संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है और कुल मिलाकर दसवां बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रस्तुत यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार विकास की गति को बनाए रखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक सामाजिक और आर्थिक संदेश देना चाहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बजट का सबसे प्रमुख पक्ष इसका आकार है। नौ लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान उत्तर प्रदेश जैसी विशाल आबादी वाले राज्य के लिए संसाधनों की बड़ी प्रतिबद्धता दर्शाता है। सरकार ने लगभग 25 प्रतिशत राशि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने की घोषणा की है। सड़कों पुलों कॉरिडोर और औद्योगिक पार्कों के निर्माण पर भारी निवेश का उद्देश्य राज्य को लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण का केंद्र बनाना है। 34 हजार करोड़ रुपये के नार्थ ईस्ट कॉरिडोर से लेकर नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के चौड़ीकरण और 4808 करोड़ रुपये के पुल निर्माण तक की योजनाएं बताती हैं कि बुनियादी ढांचे को विकास का आधार बनाया गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पांच रनवे की परिकल्पना राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत करने की कोशिश है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">औद्योगिक विकास को लेकर सरकार ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है और कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में हो रहा है। यदि यह रफ्तार बरकरार रहती है तो रोजगार सृजन और निर्यात दोनों में वृद्धि संभव है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 2069 करोड़ रुपये तथा आठ डेटा सेंटर पार्कों पर 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर संकेत करती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 225 करोड़ रुपये और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भविष्य की तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था में राज्य की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रोजगार इस बजट का सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा है। सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। मिशन रोजगार के तहत हजारों शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई है। कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को निजी क्षेत्र में अवसर दिलाने की बात भी कही गई है। हालांकि चुनौती यह होगी कि घोषित लक्ष्य और वास्तविक रोजगार के आंकड़ों के बीच पारदर्शिता बनी रहे। उत्तर प्रदेश की युवा आबादी बहुत बड़ी है और रोजगार की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दस लाख का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है पर इसके लिए ठोस औद्योगिक निवेश और छोटे मध्यम उद्यमों को गति देना आवश्यक होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी बजट में विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने 3 लाख 4 हजार 321 करोड़ रुपये से अधिक के गन्ना मूल्य भुगतान का उल्लेख करते हुए इसे रिकॉर्ड बताया है। पेराई सत्र के लिए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि से किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। दुग्ध और पशुपालन क्षेत्र में नई डेयरी परियोजनाएं 220 नई दुग्ध समितियां तथा गो संरक्षण के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण आय बढ़ाने की दिशा में कदम हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बढ़ सकता है बशर्ते भुगतान समय पर और पारदर्शी ढंग से हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में भी कई घोषणाएं की गई हैं। बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करना सीधे तौर पर निम्न और मध्यम वर्ग को राहत देने का प्रयास है। मेधावी छात्राओं के लिए 400 करोड़ रुपये से स्कूटी वितरण और छात्रों को फ्री टैबलेट तथा स्मार्टफोन के लिए 2374 करोड़ रुपये का प्रावधान डिजिटल और शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम है। शिक्षा क्षेत्र में 14 नए मेडिकल कॉलेज और तीन नई यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा ढांचे को विस्तार देने का संकेत देती है। हालांकि स्वास्थ्य बजट का कुल प्रतिशत सीमित रहने पर विशेषज्ञ यह सवाल उठा सकते हैं कि क्या केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त होगा या मानव संसाधन और उपकरणों पर भी समान ध्यान दिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शहरी और ग्रामीण विकास के लिए 7705 करोड़ रुपये का प्रावधान आवासीय योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं को विस्तार देने के लिए है। मध्यम वर्ग के लिए नई रेजिडेंशियल स्कीम और मजदूरों के लिए आवासीय सुविधाएं सामाजिक आधार को मजबूत करने का प्रयास हैं। सात शहरों को स्मार्ट बनाने की योजना शहरीकरण को व्यवस्थित दिशा देने की कोशिश है।</div>
<div style="text-align:justify;">पर्यटन धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में अयोध्या नैमिषारण्य मथुरा वाराणसी और विंध्यवासिनी धाम जैसे स्थलों के विकास के लिए अलग से बजट प्रावधान किया गया है। मंदिरों के जीर्णोद्धार और सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। यह कदम सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक गतिविधि दोनों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवहन क्षेत्र में ई बसों के लिए 400 करोड़ रुपये और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में संकेत देता है। सोलर स्ट्रीट लाइट और नाइट सफारी जैसी परियोजनाएं शहरी सौंदर्यीकरण और पर्यटन को जोड़ती हैं।व्यापारिक संगठनों ने बजट का स्वागत किया है और इसे ऐतिहासिक बताया है। यह समर्थन बताता है कि उद्योग और व्यापार जगत को इसमें अवसर दिखाई दे रहे हैं। फिर भी किसी भी बजट की असली परीक्षा उसके क्रियान्वयन में होती है। बड़े आकार की घोषणाएं तभी प्रभावी होंगी जब परियोजनाएं समय पर पूरी हों और भ्रष्टाचार तथा देरी पर नियंत्रण रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समग्र रूप से देखा जाए तो यह बजट विकास और सामाजिक संतुलन का मिश्रित खाका प्रस्तुत करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग के जरिए आर्थिक विस्तार तथा सामाजिक योजनाओं के जरिए व्यापक जनसमर्थन हासिल करने की रणनीति स्पष्ट है। 2027 के चुनावी परिदृश्य को देखते हुए यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण संदेश है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि नौ लाख बारह हजार करोड़ रुपये का यह महत्त्वाकांक्षी प्रावधान उत्तर प्रदेश को आर्थिक शक्ति के नए चरण में ले जाता है या फिर यह घोषणाओं तक सीमित रह जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169322/budget-development-of-nine-lakh-twelve-thousand-crores</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/169322/budget-development-of-nine-lakh-twelve-thousand-crores</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:38:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/1770793147pti02_11_2026_000035b.webp"                         length="72826"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        