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                <title>ग्रामीणों में आक्रोश - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ग्रामीणों में आक्रोश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बलरामपुर में खेत गई महिला पर तेंदुए का हमला, मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, बुधवार।</strong> जनपद के सुहेलवा वन्य जीव प्रभाग की भाभर रेंज अंतर्गत परसरामपुर गांव में बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे तेंदुए के हमले से एक 25 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड पचपेड़वा की परशुरामपुर ग्राम पंचायत निवासी मंजू (25) पत्नी रामेश्वर बुधवार सुबह घर से लगभग 100 मीटर दूर खेत की ओर गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप है कि खेत के पास जंगल की ओर पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171384/leopard-attack-on-woman-who-went-to-farm-in-balrampur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/322.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, बुधवार।</strong> जनपद के सुहेलवा वन्य जीव प्रभाग की भाभर रेंज अंतर्गत परसरामपुर गांव में बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे तेंदुए के हमले से एक 25 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड पचपेड़वा की परशुरामपुर ग्राम पंचायत निवासी मंजू (25) पत्नी रामेश्वर बुधवार सुबह घर से लगभग 100 मीटर दूर खेत की ओर गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप है कि खेत के पास जंगल की ओर पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे खींचकर जंगल की ओर ले जाने लगा।महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। लोगों की आवाज सुनकर तेंदुआ शव छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
<div> </div>
<div><strong>दो महीने में चौथी घटना</strong></div>
<div>ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो महीनों में जंगल से सटे गांवों में बाघ या तेंदुए के हमलों की यह चौथी घटना है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों ने बच्चों और महिलाओं के अकेले खेत या जंगल की ओर जाने पर रोक लगा दी है।ग्राम प्रधान शेखर पांडे ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>गश्त और पिंजरा लगाने की मांग</strong></div>
<div>ग्रामीणों ने जंगल किनारे नियमित गश्त, तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा प्रभावित परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग की है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग समूह में ही खेतों की ओर जा रहे हैं।वहीं भाभर रेंज बीरपुर-सेमरा के क्षेत्रीय वन अधिकारी योगेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला अन्य महिलाओं के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। इसी दौरान किसी जंगली जानवर अथवा तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।घटना के बाद से ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 20:47:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>मदरहवा कला में एक माह में जले तीन ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों में आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> क्षेत्र के मदरहवा कला गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बीते एक माह के भीतर गांव में स्थापित तीन ट्रांसफार्मर जल जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं से गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था, घरेलू कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा निम्न गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं, जो कुछ ही दिनों में खराब हो जाते हैं। उनका कहना है कि समस्या की जड़ रिपेयरिंग केंद्रों पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169274/three-transformers-burnt-in-madarhawa-kala-in-one-month-anger"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260211-wa0458.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> क्षेत्र के मदरहवा कला गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बीते एक माह के भीतर गांव में स्थापित तीन ट्रांसफार्मर जल जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं से गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था, घरेलू कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा निम्न गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं, जो कुछ ही दिनों में खराब हो जाते हैं। उनका कहना है कि समस्या की जड़ रिपेयरिंग केंद्रों पर व्याप्त लापरवाही है। जहां ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाती है, वहीं से कथित रूप से घटिया स्तर पर तैयार या ठीक किए गए ट्रांसफार्मर दोबारा क्षेत्र में भेज दिए जाते हैं, जो थोड़े ही समय में जल जाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद कई-कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इससे किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं और मोटर चलाने में असमर्थता के कारण सिंचाई कार्य ठप हो जाता है। वहीं गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को विशेष कठिनाई झेलनी पड़ती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमरीका, दिलीप गुप्ता, राजन विश्वकर्मा, हनुमान, प्रभू, छेदी वर्मा, विशाल उपाध्याय और दुर्गेश सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। हर बार केवल अस्थायी मरम्मत कर समस्या को टाल दिया जाता है, जिससे कुछ ही दिनों बाद फिर वही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रिपेयरिंग स्थल पर गुणवत्ता की जांच ठीक से नहीं की जाती और बिना मानक परीक्षण के ही ट्रांसफार्मर वापस भेज दिए जाते हैं। यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और उच्च गुणवत्ता के नए ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, गुणवत्तापूर्ण ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने तथा गांव की विद्युत व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 20:35:28 +0530</pubDate>
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