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                <title>pocso court - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>pocso court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हंडिया पुलिस ने सात वर्ष पुराने मामले में वारंटी अभियुक्त को किया गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपराधियों और वारंटियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हंडिया पुलिस ने मंगलवार को एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, प्रयागराज द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के अनुपालन में थाना हंडिया पुलिस टीम ने वर्ष 2015 के मुकदमे से संबंधित वारंटी अभियुक्त विजय कुमार उर्फ बाबा उर्फ गोविंदा पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद, निवासी ग्राम भिदउरा बमैला, थाना हंडिया, कमिश्नरेट प्रयागराज को उसके गांव के पास से गिरफ्तार किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा संख्या 111/2015 में भारतीय दंड संहिता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182405/handia-police-arrested-the-warranty-accused-in-a-seven-year"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0150.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपराधियों और वारंटियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हंडिया पुलिस ने मंगलवार को एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, प्रयागराज द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के अनुपालन में थाना हंडिया पुलिस टीम ने वर्ष 2015 के मुकदमे से संबंधित वारंटी अभियुक्त विजय कुमार उर्फ बाबा उर्फ गोविंदा पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद, निवासी ग्राम भिदउरा बमैला, थाना हंडिया, कमिश्नरेट प्रयागराज को उसके गांव के पास से गिरफ्तार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा संख्या 111/2015 में भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 366 के तहत मामला दर्ज है। इस प्रकरण में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, प्रयागराज द्वारा उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके अनुपालन में पुलिस ने कार्रवाई की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 20:10:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुरे फंसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, नाबालिग यौन शोषण केस में FIR के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<h2>  </h2>
<p>ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रयागराज की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से कथित यौन शोषण के मामले में उनके और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3><strong>कोर्ट ने क्यों दिए FIR के आदेश</strong></h3>
<p>मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में हुई। अदालत ने नाबालिग पीड़िताओं के बयान, पुलिस रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह माना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170716/fir-has-been-ordered-against-shankaracharya-avimukteshwarananda-in-the-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/avimukteshwanand-saraswati.jpg" alt=""></a><br /><h2> </h2>
<p>ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रयागराज की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से कथित यौन शोषण के मामले में उनके और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3><strong>कोर्ट ने क्यों दिए FIR के आदेश</strong></h3>
<p>मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में हुई। अदालत ने नाबालिग पीड़िताओं के बयान, पुलिस रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह माना कि मामला प्रथम दृष्टया जांच योग्य है। इसी आधार पर कोर्ट ने पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि 13 फरवरी को आरोप लगाने वाली दोनों नाबालिग लड़कियों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के माध्यम से दर्ज कराए गए थे। बयान दर्ज होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जारी करते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया। अदालत ने पुलिस से कहा है कि जांच पूरी कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।</p>
<h3><strong>शिकायत कैसे पहुंची अदालत तक</strong></h3>
<p>यह शिकायत शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दायर की थी। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(4) के तहत याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि शंकराचार्य के आश्रम में नाबालिग लड़कियों का कथित यौन शोषण किया जाता था।</p>
<p>शिकायत के समर्थन में उन्होंने अदालत को एक सीडी भी सौंपी, जिसमें कथित तौर पर कुछ साक्ष्य होने का दावा किया गया है। अदालत ने इस सामग्री को रिकॉर्ड का हिस्सा मानते हुए मामले पर सुनवाई की और FIR दर्ज करने का आदेश जारी किया।</p>
<h3><strong>झूंसी पुलिस करेगी जांच</strong></h3>
<p>कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस अब मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करेगी। पुलिस पीड़िताओं के बयान, आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ, उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।</p>
<p>जांच पूरी होने के बाद पुलिस अपनी रिपोर्ट पॉक्सो कोर्ट में दाखिल करेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।</p>
<h3><strong>शिकायतकर्ता ने जताया संतोष</strong></h3>
<p>कोर्ट के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने संतोष जताते हुए कहा कि यह फैसला पीड़िताओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रयागराज से वाराणसी स्थित विद्या मठ तक पैदल “सनातन यात्रा” निकालने का ऐलान भी किया है। उनका कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से वह लोगों के सामने पूरे मामले की सच्चाई रखेंगे।</p>
<h3><strong>अभी आरोप साबित होना बाकी</strong></h3>
<p>फिलहाल अदालत ने केवल FIR दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच और अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170716/fir-has-been-ordered-against-shankaracharya-avimukteshwarananda-in-the-case</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:33:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप, नाबालिगों के बयान दर्ज; कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज- उत्तर प्रदेश </strong></p>
<p style="text-align:justify;">                          शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि उनके आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है. प्रयागराज पोक्सो कोर्ट में दो नाबालिग बच्चों के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए. जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है.</p>
<p style="text-align:justify;">ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ खिलाफ यौन शोषण के भी गंभीर आरोप लगे हैं. प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट की अदालत में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का वीडियोग्राफी के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169516/serious-allegations-of-sexual-exploitation-against-shankaracharya-avimukteshwarananda-statements-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/pocso.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज- उत्तर प्रदेश </strong></p>
<p style="text-align:justify;">             शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि उनके आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है. प्रयागराज पोक्सो कोर्ट में दो नाबालिग बच्चों के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए. जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है.</p>
<p style="text-align:justify;">ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ खिलाफ यौन शोषण के भी गंभीर आरोप लगे हैं. प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट की अदालत में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का वीडियोग्राफी के साथ बयान दर्ज किया गया. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया.</p>
<p style="text-align:justify;">.<br />जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है. दावा किया गया है कि इसकी सीडी भी उन्होंने अदालत को सौंपी हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">10 फरवरी को पिछली सुनवाई में शंकराचार्य के वकील ने लिखित जवाब दाखिल किया था. अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया. साथ ही इसे ‘सोची-समझी साजिश’ बताय़ा. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘गौ रक्षा’ की बात करने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है. वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जांच में सहयोग को तैयार हैं.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया- सोची-समझी साजिश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच टकराव के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले को उठाया था. उन्होंने पहले झूंसी थाना पुलिस में इसकी शिकायत की, मुकदमा न दर्ज करने पर 28 जनवरी को 173 (4) के तहत कंप्लेंट रजिस्टर करने की अर्जी दाखिल की. इसके बाद 8 फरवरी को POSCO कोर्ट में परिवाद दाखिल किया.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>FIR दर्ज करने न करने पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वहीं, कोर्ट में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी भी अपना बयान दर्ज करा चुके हैं. उन्होंने रूंधे गले से कहा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही है, इसलिए अब वह प्रयागराज छोड़कर जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे अदालत पर पूरा भरोसा है कि इन पीड़ित बच्चों को न्याय मिलेगा. वहीं, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है, 20 फरवरी को FIR दर्ज करने न करने पर फैसला आएगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 19:20:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में यौन शोषण का आरोप: पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<h3 style="text-align:justify;">  </h3>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज: शंकराचार्य <strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती</strong> के आश्रम/शिविर को लेकर गंभीर और संवेदनशील आरोप सामने आए हैं। जगद्गुरु <strong>रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज</strong> ने 8 फरवरी को प्रयागराज की <em>स्पेशल पॉक्सो कोर्ट</em> में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के साथ यौन शोषण करने और <em>गुरुकुल</em> के नाम पर बाल उत्पीड़न जैसी गंभीर गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 याचिका में क्या दावा है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि गुरुकुल के नाम पर चल रहे शिविर में बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार होता रहा है।<br />• याचिका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169320/petition-in-pocso-court-alleging-sexual-exploitation-in-vimukteshwaranands-camp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/hq7201.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज: शंकराचार्य <strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती</strong> के आश्रम/शिविर को लेकर गंभीर और संवेदनशील आरोप सामने आए हैं। जगद्गुरु <strong>रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज</strong> ने 8 फरवरी को प्रयागराज की <em>स्पेशल पॉक्सो कोर्ट</em> में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के साथ यौन शोषण करने और <em>गुरुकुल</em> के नाम पर बाल उत्पीड़न जैसी गंभीर गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 याचिका में क्या दावा है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि गुरुकुल के नाम पर चल रहे शिविर में बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार होता रहा है।<br />• याचिका में आरोपों की पुष्टिकरण के लिए दो बच्चों को भी कोर्ट में पेश किया गया है।<br />• याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि अविमुक्तेश्वरानंद के पास उनकी आय से कहीं अधिक संपत्ति है, और इसी कारण मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। (<a title="शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप: जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने लगाई याचिका, 2 बच्चों को कोर्ट में किया पेश" href="https://bansalnews.com/uttar-pradesh/prayagraj/shankaracharya-avimukteshwarananda-controversy-child-abuse-allegations-ashutosh-brahmachari-maharaj-hindi-news-rkg-11097459?utm_source=chatgpt.com">Bansal News</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 कोर्ट की प्रतिक्रिया:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने याचिका पर दोनों पक्षों से जवाब मांगा है।<br />• बताया जा रहा है कि अविमुक्तेश्वरानंद के वकील या प्रतिनिधि ने अदालत में अपने पक्ष का जवाब पहले ही दर्ज करा दिया है।<br />• अगली सुनवाई 20 फरवरी को होने की संभावना है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप:रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की, शंकराचार्य बोले- कोर्ट में जवाब दे दिया है – Punjab Ka Sach" href="https://www.punjabkasach.com/local-uttar-pradesh-prayagraj-news-prayagraj-mathura-ashutosh-maharaj-shankaracharya-avi-mukteshwaranand-controversy-court-case/?utm_source=chatgpt.com">punjabkasach.com</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद या उनके प्रतिनिधियों ने अदालत में आरोपों को <em>बेबुनियाद</em> बताया है और इन दावों को <em>न्यायालय में जवाब दे दिया</em> है। हालांकि, इस तरह की आधिकारिक सफाई का विस्तृत बयान सार्वजनिक रूप से नहीं आया है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप:रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की, शंकराचार्य बोले- कोर्ट में जवाब दे दिया है – Punjab Ka Sach" href="https://www.punjabkasach.com/local-uttar-pradesh-prayagraj-news-prayagraj-mathura-ashutosh-maharaj-shankaracharya-avi-mukteshwaranand-controversy-court-case/?utm_source=chatgpt.com">punjabkasach.com</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 मामले का कानूनी संदर्भ:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• यह मामला <em>पीओसीसो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट</em> की दायर की गई याचिका के रूप में दर्ज हुआ है, जो बच्चों के प्रति यौन अपराधों के लिए खास कानून है।<br />• अदालत इस याचिका पर जांच के निर्देश, एफआईआर दर्ज कराने या अन्य आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 सामाजिक प्रतिक्रिया:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• इस मामले पर सार्वजनिक बहस और चर्चाएँ बढ़ रही हैं।<br />• समर्थक और विरोधी दोनों तरफ के ग्रुप अपने-अपने बयानों के साथ सामने आ रहे हैं, लेकिन आधिकारिक पुलिस जांच या एफआईआर की जानकारी अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप:रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की, शंकराचार्य बोले- कोर्ट में जवाब दे दिया है – Punjab Ka Sach" href="https://www.punjabkasach.com/local-uttar-pradesh-prayagraj-news-prayagraj-mathura-ashutosh-maharaj-shankaracharya-avi-mukteshwaranand-controversy-court-case/?utm_source=chatgpt.com">punjabkasach.com</a>)</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>🔎 स्थिति स्पष्ट नहीं — अभी तक पुलिस ने कोई FIR (First Information Report) दर्ज करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं दी है, और यह मामला अदालत में प्रगतिशील प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है। कोर्ट का अगला दिन (20 फरवरी) महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169320/petition-in-pocso-court-alleging-sexual-exploitation-in-vimukteshwaranands-camp</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ की विशेष पॉक्सो अदालत का फैसला: दुष्कर्म व पॉक्सो आरोपों से आरोपी बरी, आपराधिक धमकी में एक वर्ष की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>,</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ की विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi">  में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खान ने आरोपी पवन लोधी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>506 (<span lang="hi" xml:lang="hi">आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास तथा </span>5,000<span lang="hi" xml:lang="hi">  रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi">  दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>376 (<span lang="hi" xml:lang="hi">दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम</span>, 2012<span lang="hi" xml:lang="hi">  की धाराओं </span>3/4<span lang="hi" xml:lang="hi"> के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169100/decision-of-lucknows-special-pocso-court-acquits-accused-of-rape"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/2023031546.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>,</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ की विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खान ने आरोपी पवन लोधी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>506 (<span lang="hi" xml:lang="hi">आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास तथा </span>5,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>376 (<span lang="hi" xml:lang="hi">दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम</span>, 2012<span lang="hi" xml:lang="hi"> की धाराओं </span>3/4<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत लगाए गए आरोपों से साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह मामला थाना कृष्णानगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ में दर्ज एफआईआर संख्या </span>395/2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> से संबंधित है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जुलाई </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> को दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने विवाह का आश्वासन देकर लगभग एक वर्ष तक उससे शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह से इंकार करने पर उसे तथा उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं </span>376<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>506<span lang="hi" xml:lang="hi"> तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराएं </span>3/4<span lang="hi" xml:lang="hi"> में आरोप पत्र दाखिल किया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके परिजन और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही पीड़िता की मेडिकल और रेडियोलॉजिकल जांच रिपोर्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यालयीय अभिलेख</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयु से संबंधित दस्तावेज तथा धारा </span>161<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>164<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीआरपीसी के अंतर्गत दर्ज बयान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता वीरेंद्र चौधरी और सुमन ने दलील दी कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और आरोपी ने गंभीर अपराध किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभिषेक उपाध्याय और अरुण कुमार ने अभियोजन के साक्ष्यों पर आपत्ति उठाते हुए पीड़िता की आयु से जुड़े दस्तावेजों में विरोधाभास की बात रखी। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि अभियोजन यह सिद्ध नहीं कर सका कि कथित घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी या शारीरिक संबंध उसकी इच्छा के विरुद्ध बनाए गए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराध सिद्ध करने के लिए पीड़िता की आयु का संदेह से परे प्रमाण आवश्यक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इस मामले में प्रस्तुत नहीं हो सका। इसी आधार पर आरोपी को दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के आरोपों से बरी किया गया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने यह पाया कि आरोपी द्वारा पीड़िता और उसके परिजनों को धमकी देने का आरोप सुसंगत गवाहियों से सिद्ध होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर उसे भारतीय दंड संहिता की धारा </span>506<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत दोषी ठहराया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि का लाभ धारा </span>428<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीआरपीसी के अंतर्गत दिया जाएगा तथा फैसले की प्रमाणित प्रति आरोपी को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। जेल प्रशासन को सजा से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला स्पष्ट करता है कि पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में पीड़ित की आयु और घटनाक्रम से जुड़े ठोस प्रमाण निर्णायक होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि आपराधिक धमकी जैसे अपराधों पर अदालतें सख्त रुख अपनाती हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 22:30:16 +0530</pubDate>
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