<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/45279/election-commission-india" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>चुनाव आयोग भारत - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/45279/rss</link>
                <description>चुनाव आयोग भारत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बंगाल चुनाव: 'यहां से दफा हो जाओ', टीएमसी नेताओं से चुनाव आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने चुनाव आयोग (ईसी) के साथ हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बेहद असम्मानजनक व्यवहार किया और बैठक के महज 7 मिनट के भीतर उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि वे अपनी पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ पूरी तैयारी के साथ चुनाव आयोग के पास गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से चुनाव आयोग को 9 चिट्ठियां भेजी गई थीं, लेकिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175582/bengal-elections-get-lost-from-here-tmc-leaders-make-serious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/vkfbk1c5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने चुनाव आयोग (ईसी) के साथ हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बेहद असम्मानजनक व्यवहार किया और बैठक के महज 7 मिनट के भीतर उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि वे अपनी पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ पूरी तैयारी के साथ चुनाव आयोग के पास गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से चुनाव आयोग को 9 चिट्ठियां भेजी गई थीं, लेकिन उनमें से किसी का भी न तो जवाब दिया गया और न ही कोई संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में गंभीर मामला है, क्योंकि एक संवैधानिक संस्था को इस तरह की चिट्ठियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">ओ’ब्रायन के मुताबिक, बैठक सुबह करीब 10 बजकर 2 मिनट पर शुरू हुई और 7-8 मिनट में ही खत्म हो गई। इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कुछ अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में शामिल हैं, जिनका संबंध भारतीय जनता पार्टी से है। उन्होंने ऐसे 6 उदाहरण चुनाव आयोग के सामने रखे और कहा कि इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अधिकारियों के ट्रांसफर और नियुक्तियों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अगर इस तरह के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव हो पाएंगे। लेकिन जैसे ही उन्होंने ये मुद्दे उठाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें बीच में रोक दिया और कथित तौर पर "यहां से निकल जाओ" कह दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरेक ओ’ब्रायन ने इस पूरे घटनाक्रम को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अपने 22 साल के राजनीतिक करियर और 16 साल के संसदीय अनुभव में उन्होंने कभी भी किसी संवैधानिक संस्था के साथ ऐसी स्थिति नहीं देखी। उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग के पास बैठक का वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि सच सामने आ सके।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि जब उनका प्रतिनिधिमंडल बाहर निकल रहा था, तब उनके एक सहयोगी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को बधाई दी कि वे भारत के इतिहास में पहले ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जिनके खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा में हटाने के नोटिस दिए गए हैं।ओ’ब्रायन ने आगे बताया कि इस मुद्दे को लेकर सभी विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जब वे बैठक में पहुंचे, तो शुरुआत में ही यह कहा गया कि उनका प्रतिनिधिमंडल अधिकृत नहीं है, जबकि वे पूरी तरह अधिकृत होकर गए थे। इसके बाद जब उन्होंने अपने मुद्दे रखने शुरू किए, तो उन्हें बोलने का मौका ही नहीं दिया गया।ओ’ब्रायन ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की निष्पक्षता बेहद जरूरी है और अगर इस पर सवाल उठते हैं, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंता की बात है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175582/bengal-elections-get-lost-from-here-tmc-leaders-make-serious</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175582/bengal-elections-get-lost-from-here-tmc-leaders-make-serious</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 22:17:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/vkfbk1c5.jpg"                         length="104830"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP SIR: मतदाता सूची में दावा-आपत्ति के लिए समय सीमा एक माह और बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ— उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति (claims and objections) दर्ज करने की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब योग्य मतदाता 6 मार्च 2026 तक फॉर्म-6 (नया नाम जुड़वाने), फॉर्म-7 (नाम हटवाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) भरकर आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अंतिम तिथि आज (6 फरवरी) थी।</p>
<p>  </p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों, विशेष रूप से फॉर्म-6 के भारी बोझ को देखते हुए निर्वाचन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168383/up-sir-the-time-limit-for-claims-and-objections-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/images-(12).jpeg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ— उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति (claims and objections) दर्ज करने की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब योग्य मतदाता 6 मार्च 2026 तक फॉर्म-6 (नया नाम जुड़वाने), फॉर्म-7 (नाम हटवाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) भरकर आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अंतिम तिथि आज (6 फरवरी) थी।</p>
<p> </p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों, विशेष रूप से फॉर्म-6 के भारी बोझ को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने यह फैसला लिया है। एक दिन में ही 3.51 लाख से अधिक फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं, और अब तक कुल लगभग 37.8 लाख नाम जुड़वाने के आवेदन मिल चुके हैं। सुनवाई की तिथि भी बढ़ाकर 27 मार्च 2026 कर दी गई है (पहले 27 फरवरी तक थी)।</p>
<p> </p>
<p>SIR प्रक्रिया अक्टूबर 2025 से चल रही है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए थे, जिसमें लगभग 2.89 करोड़ नाम (मृतक, प्रवासी, डुप्लिकेट एंट्री आदि) हटाए गए थे। वर्तमान ड्राफ्ट में कुल मतदाता संख्या 12.55 करोड़ से अधिक बताई गई है। यह अभियान उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है, लेकिन यूपी में सबसे अधिक आवेदन और प्रभाव देखा जा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>CEO रिणवा ने कहा, "यह फैसला उन लाखों मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है जिनके नाम ड्राफ्ट में शामिल नहीं हुए या जिनमें त्रुटियां हैं। हमारा उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।" उन्होंने अपील की है कि सभी पात्र नागरिक जल्द से जल्द अपनी योग्यता जांचें और आवश्यक आवेदन ऑनलाइन (NVSP पोर्टल या चुनाव आयोग की वेबसाइट) या ऑफलाइन (बूथ लेवल ऑफिसर/ERO के माध्यम से) जमा करें।</p>
<p> </p>
<p>अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह विस्तार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और अधिक से अधिक योग्य मतदाताओं को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168383/up-sir-the-time-limit-for-claims-and-objections-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168383/up-sir-the-time-limit-for-claims-and-objections-in</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 16:21:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/images-%2812%29.jpeg"                         length="38005"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Bajpai]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        