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                <title>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के पांच विषयों का परीक्षा परिणाम घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर (शैक्षिक सत्र 2025-26) के एम.ए. (अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं उर्दू) तथा एम.एससी. (बायोटेक्नोलॉजी) के परीक्षा परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दीनानाथ यादव ने बताया कि परीक्षा परिणाम महाविद्यालयों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा ऑनलाइन भरे गए परीक्षा प्रपत्रों में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। यदि परीक्षा प्रपत्र में किसी प्रकार की गलत अथवा भ्रामक सूचना पाई जाती है, तो संबंधित छात्र-छात्रा का परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय के नियमानुसार निरस्त</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184880/result-declared-for-five-subjects-of-postgraduate-second-semester-conducted"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/education.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर (शैक्षिक सत्र 2025-26) के एम.ए. (अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं उर्दू) तथा एम.एससी. (बायोटेक्नोलॉजी) के परीक्षा परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दीनानाथ यादव ने बताया कि परीक्षा परिणाम महाविद्यालयों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा ऑनलाइन भरे गए परीक्षा प्रपत्रों में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। यदि परीक्षा प्रपत्र में किसी प्रकार की गलत अथवा भ्रामक सूचना पाई जाती है, तो संबंधित छात्र-छात्रा का परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय के नियमानुसार निरस्त किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राएं अपना परीक्षा परिणाम समर्थ पोर्टल पर देख सकते हैं। साथ ही परीक्षा परिणाम का विस्तृत विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों से अपेक्षा की है कि वे परीक्षा परिणाम की सूचना छात्र-छात्राओं तक शीघ्र पहुंचाते हुए आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करें।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 22:34:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैदिक अनुष्ठान एवं मंगलकामना के साथ शैक्षणिक सत्र 2026 - 27 का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182982/inauguration-of-the-academic-session-2026-27-with-vedic-rituals-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783522640199.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेन्द्र कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूजन-अनुष्ठान के उपरांत कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सत्र प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में नई उपलब्धियों, नए ज्ञान और नए अवसरों का आधार बने। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का भी विज्ञप्ति के माध्यम से आह्वान किया कि वे पूर्ण मनोयोग, समर्पण एवं अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक सरोकारों के माध्यम से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय न केवल क्षेत्र के विकास में बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करता रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 विश्वविद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा, नई उपलब्धियों एवं नई सफलताओं का वर्ष सिद्ध होगा तथा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:29:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण,  भव्य आयोजन आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782655142971.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार तथा बापू महाविद्यालय, पीपीगंज, गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी समारोह में सम्मिलित होंगी। दीक्षांत समारोह में 19 कार्य परिषद सदस्य एवं 51 विद्या परिषद सदस्य सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। रविवार सायंकाल  राज्यपाल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है तथा उनके सम्मान में विश्वविद्यालय के कला संकाय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रातः 10:00 बजे वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से होगा तथा समापन राष्ट्रगान एवं विद्वत पारियात्रा के प्रत्यावर्तन के साथ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होंगे। विश्वविद्यालय द्वारा कुल 37 स्वर्ण पदक, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से 13 ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्हें दो या दो से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, दीक्षा उत्सव कार्यक्रम की झलकियां पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नवनिर्मित बालगृह ‘किलकारी’ एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि, दशम दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 22:34:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह के लिए तैयारियां अंतिम चरण में, 28 जून को विश्वविद्यालय पहुंचेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182187/chancellor-anandiben-patel-will-reach-the-university-on-june-28"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570999060.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल होंगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दीक्षांत कार्यक्रम में एक से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता को भी मंच तक आमंत्रित किया जाएगा, जिससे वे अपने बच्चों की उपलब्धि के इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बन सकें। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के छोटे बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण विषयक आयोजित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को भी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाषण प्रतियोगिता में कक्षा-7 की खुशी कुमारी, निबंध प्रतियोगिता में कक्षा-8 की रंजनी गुप्ता तथा चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा-8 की मधु को पुरस्कृत किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि जनभवन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर इस वर्ष दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से चार शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा पूर्व में ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया गया था। प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग के उपरांत चयनित शिक्षकों के नाम घोषित किए जाएंगे तथा उन्हें कुलाधिपति द्वारा मंच से सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के आठ शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकार्पण भी मंच से कुलाधिपति के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोधपरक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रतिफल है।  साथ ही स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को उनके संबंधित संकायाध्यक्षों के माध्यम से प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। इस बार समारोह की व्यवस्था पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित एवं सहभागी स्वरूप में की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि कुलाधिपति की उपस्थिति गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह के सभागार में रहेगी तथा वहां से संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में किया जाएगा। संबंधित संकायों के विद्यार्थी अपने-अपने संकायों में बैठकर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देख सकेंगे तथा इन स्थलों पर शिक्षकों की भी उपस्थिति रहेगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:21:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु डिजिटल रीडिंग मशीन एवं किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण करेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182169/chancellor-anandiben-patel-will-inaugurate-digital-reading-machine-and-kilkari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570686719-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की व्यवस्था की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मशीन के माध्यम से किसी भी पुस्तक को स्कैन कर उसे 100 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया जा सकता है। अनुवादित सामग्री को वॉइस सुविधा के माध्यम से सुना भी जा सकता है, जो विशेष रूप से दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की तैयारियों के क्रम में आज विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का पूर्ण एवं व्यवस्थित पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) भी किया गया। इस वर्ष समारोह स्थल में परिवर्तन किए जाने के कारण पूर्वाभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। पूर्वाभ्यास के दौरान मंच संचालन, अतिथियों के आगमन, पदक एवं उपाधि वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा समस्त व्यवस्थाओं का क्रमबद्ध अभ्यास किया गया, जिससे समारोह का सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में 'मिशन शक्ति' के अंतर्गत डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन बुधवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय  में शासन के निर्देशानुसार 'मिशन शक्ति' विशेष अभियान फेज-5 के अंतर्गत 'डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा' विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विज्ञान संकाय की डीन प्रोफेसर प्रकृति राय  ने छात्र-छात्राओं  को वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा की अनिवार्यता पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को डिजिटल जगत में सतर्क और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ० आशीष श्रीवास्तव असिस्टेंट प्रोफेसर,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177001/organization-of-digital-literacy-and-cyber-security-workshop"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1776866325809.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में 'मिशन शक्ति' के अंतर्गत डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन बुधवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय  में शासन के निर्देशानुसार 'मिशन शक्ति' विशेष अभियान फेज-5 के अंतर्गत 'डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा' विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विज्ञान संकाय की डीन प्रोफेसर प्रकृति राय  ने छात्र-छात्राओं  को वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा की अनिवार्यता पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को डिजिटल जगत में सतर्क और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ० आशीष श्रीवास्तव असिस्टेंट प्रोफेसर, जन्तु विज्ञान विभाग ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं और इससे बचाव के व्यावहारिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का प्रारंभ डॉ० दीपक जायसवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ, कार्यक्रम का कुशल प्रबंधन डॉ० किरन गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ० अमरजीत यादव ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन  प्रस्तुत किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ० सुनीता त्रिपाठी, संयोजक डॉ० रेनू त्रिपाठी व डॉ० रक्षा सहित डॉ० विनीता रावत, डॉ० अंकिता श्रीवास्तव, डॉ० दीप्ति गिरी, डॉ० जय सिंह, डॉ० हाफिज एवं अन्य शिक्षक व विद्यार्थी भारी संख्या में उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177001/organization-of-digital-literacy-and-cyber-security-workshop</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 21:41:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में रास्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया  गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की  कुलपति प्रो कविता शाह की अध्यक्षता में गौतम बुद्ध सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान में महिलाएँ” रही, जबकि उप-थीम “सिद्धार्थ नगर में जलवायु परिवर्तन एवं स्थिरता चुनौतियाँ एवं समाधान” थी।  कुलपति कविता शाह  ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आज वैश्विक स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों(एसडीजीएस) की प्राप्ति का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, जल संसाधन प्रबंधन, स्वास्थ्य, कृषि एवं जलवायु परिवर्तन जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171823/national-science-day-celebrated-at-siddharth-university"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1772201058134.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की  कुलपति प्रो कविता शाह की अध्यक्षता में गौतम बुद्ध सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान में महिलाएँ” रही, जबकि उप-थीम “सिद्धार्थ नगर में जलवायु परिवर्तन एवं स्थिरता चुनौतियाँ एवं समाधान” थी।  कुलपति कविता शाह  ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आज वैश्विक स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों(एसडीजीएस) की प्राप्ति का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, जल संसाधन प्रबंधन, स्वास्थ्य, कृषि एवं जलवायु परिवर्तन जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान में वैज्ञानिक अनुसंधान की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया। </div>
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<div style="text-align:justify;">द्वितीय सत्र में अध्यक्ष, छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने कपिलवस्तु के पुरातत्व: इतिहास एवं संभावनाएँ, वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार वर्मा ने सिद्धार्थनगर के प्रमुख आर्द्रभूमियों का आकलन के माध्यम से  रामसर साइट की विस्तृत रुपरेखा  तथा डॉ. लक्ष्मण सिंह ने ऊर्जा का  भविष्य विषय पर व्याख्यान दिए। इस अवसर पर सामाजिक एवं पर्यावरणीय क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ अंकुर की को-फाउंडर डॉ वीणा अग्रवाल भी अपनी टीम के साथ उपस्थित रही । उन्होंने एनजीओ अंकुर का परिचय भी प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान संकाय की महिला शिक्षिकाओं को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके पूर्व प्रथम सत्र में वीना तिवारी, सहायक वनाधिकारी , सिद्धार्थनगर ने “सतत जीवनशैली: सतत विकास में हमारा योगदान” विषय पर व्याख्यान दिया। इसके पश्चात डॉ. मनीषा बाजपेयी, भौतिकी विभाग ने “सतत विकास के लिए ग्रीन नैनोप्रौद्योगिकी: अवसर एवं चुनौतियाँ” विषय पर विचार साझा किए।कार्यक्रम संयोजन प्रो कौशलेन्द्र चतुर्वेदी एवं डॉ आशुतोष श्रीवास्तव ने किया।  कार्यक्रम का संचालन  डॉ रक्षा ने किया, </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर क्विज प्रतियोगिता तथा जैव विविधता, स्थिरता और विज्ञान पर आधारित क्विज , प्रदर्शनी एवं पोस्टर प्रस्तुति भी आयोजित की गई। ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में कुल 133 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।  इस प्रतियोगिता में तृतीय स्थान श्रेया अग्रवाल , द्वितीय स्थान – सूरज कुमार चौधरी, प्रथम स्थान नशीद अहमद ने प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी एवं पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पर्यावरण, जैव-विविधता एवं स्थिरता से संबंधित विषयों पर आकर्षक एवं वैज्ञानिक पोस्टर प्रस्तुत किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीपिका यादव, द्वितीय स्थान रंजना यादव, तृतीय स्थान मनमोहन कुमार गुप्ता ने प्राप्त किया।इस अवसर पर डॉ. कपिल गुप्ता एवं डॉ. किरण गुप्ता सम्पादित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोधपरक पुस्तक "पर्यावरण में ज़ेनोबायोटिक्स: प्रभाव, पहचान एवं उनका निवारण"   का विमोचन कुलपति कविता शाह  द्वारा किया </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:57:27 +0530</pubDate>
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                <title>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में होगी 'भारतीय भाषा परिवार' विषय पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आगामी 7 फरवरी को भारतीय भाषा समिति, दिल्ली तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अनेक राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार और विद्वान सहभागिता करेंगे।</div>
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<div style="text-align:justify;">भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय भाषा समिति की ओर से राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, दिल्ली (एनबीटी) से 'भारतीय भाषा परिवार' विषय पर प्रकाशित दो पुस्तकों के विशेष संदर्भ में इस संगोष्ठी में चर्चा होगी। ज्ञातव्य है कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति -२०२० की नीतियों के अनुरूप भारतीय भाषा समिति का गठन किया है, जिसका</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168362/discussion-on-indian-language-family-will-be-held-in-siddharth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/17703006825971.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आगामी 7 फरवरी को भारतीय भाषा समिति, दिल्ली तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अनेक राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार और विद्वान सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय भाषा समिति की ओर से राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, दिल्ली (एनबीटी) से 'भारतीय भाषा परिवार' विषय पर प्रकाशित दो पुस्तकों के विशेष संदर्भ में इस संगोष्ठी में चर्चा होगी। ज्ञातव्य है कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति -२०२० की नीतियों के अनुरूप भारतीय भाषा समिति का गठन किया है, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं उनके पारस्परिक समन्वयन की दिशा में काम करना है।</div>
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<div style="text-align:justify;">इसी प्रयोजन के अन्तर्गत समिति द्वारा देश-भर के मान्य भाषाविदों के सहयोग से पर्याप्त श्रम-शोध के उपरान्त दो पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है, जिनका उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर भारतीय विचार-सरणियों के अनुसार ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में तार्किक ढंग से भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना है। इसी विचार को विस्तार देने के उद्देश्य से यह संगोष्ठी आयोजित की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करने हेतु दिल्ली से प्रोफेसर रमेश चंद्र शर्मा, गोरखपुर से प्रोफेसर विमलेश कुमार मिश्र एवं प्रोफेसर प्रत्यूष दुबे (दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर), प्रयागराज से प्रोफेसर अमरेंद्र त्रिपाठी तथा डॉ. विनम्र सेन सिंह (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), वाराणसी से प्रोफेसर निरंजन सहाय (काशी विद्यापीठ) तथा डॉक्टर सत्य प्रकाश पाल (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) एव लखनऊ से डॉक्टर बलजीत कुमार श्रीवास्तव (बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय) सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी एवं अध्येता भाग लेंगे। यह जानकारी संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा ने दी है, </div>
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<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
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<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 23:12:50 +0530</pubDate>
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