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                <title>UPSC Civil Services Exam - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>UPSC Civil Services Exam RSS Feed</description>
                
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                <title>IAS Success Story: यूपी की बेटी ने UPSC में रच दिया इतिहास, पहले बनीं IPS फिर बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: सपने अक्सर धैर्य और लगातार मेहनत मांगते हैं। उत्तर प्रदेश के शामली जिले की रहने वाली आस्था जैन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सिविल सेवा की कठिन तैयारी और लगातार प्रयासों के बाद उन्होंने UPSC 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-9 हासिल की। खास बात यह रही कि उन्हें अपने इस रिजल्ट की खबर उस समय मिली जब वह आईपीएस अधिकारी के रूप में ट्रेनिंग कर रही थीं।</p>
<h3>व्यापारी परिवार से आती हैं आस्था</h3>
<p>आस्था जैन उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता अजय जैन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172726/ias-success-story-uttar-pradeshs-daughter-created-history-in-upsc"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/success-story-(20).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: सपने अक्सर धैर्य और लगातार मेहनत मांगते हैं। उत्तर प्रदेश के शामली जिले की रहने वाली आस्था जैन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सिविल सेवा की कठिन तैयारी और लगातार प्रयासों के बाद उन्होंने UPSC 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-9 हासिल की। खास बात यह रही कि उन्हें अपने इस रिजल्ट की खबर उस समय मिली जब वह आईपीएस अधिकारी के रूप में ट्रेनिंग कर रही थीं।</p>
<h3>व्यापारी परिवार से आती हैं आस्था</h3>
<p>आस्था जैन उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता अजय जैन एक छोटे व्यापारी हैं और किराना व कंफेक्शनरी की दुकान चलाते हैं। बचपन से ही आस्था पढ़ाई में तेज रही हैं और उनका सपना सिविल सेवा में जाकर समाज के लिए काम करने का था। बेटी की इस बड़ी उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और लोग उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।</p>
<h3>दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई, वहीं से शुरू की तैयारी</h3>
<p>आस्था जैन ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">University of Delhi</span></span> से पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। दिल्ली में रहते हुए उन्होंने कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ-स्टडी पर भी काफी ध्यान दिया और ऑनलाइन संसाधनों का भी इस्तेमाल किया। उनके पिता के मुताबिक आस्था शुरू से ही पढ़ाई में काफी मेधावी रही हैं और उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी देशभर में चौथी रैंक हासिल की थी।</p>
<h3>पहले भी पास कर चुकी थीं UPSC, बनी थीं IPS</h3>
<p>आस्था जैन ने इससे पहले भी यूपीएससी परीक्षा पास की थी। साल 2023 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 131 हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन आईपीएस के रूप में हुआ। उन्हें राजस्थान कैडर मिला और फिलहाल वह हैदराबाद में ट्रेनिंग कर रही थीं।</p>
<h3>लगातार मेहनत से हासिल की टॉप-10 रैंक</h3>
<p>हालांकि आस्था का सपना शुरू से ही IAS अधिकारी बनने का था। इसलिए उन्होंने आईपीएस बनने के बाद भी तैयारी जारी रखी। उनकी मेहनत और धैर्य का परिणाम यह रहा कि यूपीएससी 2025 के रिजल्ट में उन्होंने रैंक-9 हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया। उनकी इस सफलता पर परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 15:41:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: 2 साल के बच्चे की मां ने IAS बनकर रचा इतिहास, पढ़ें पूरी सक्सेस स्टोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: शादी के बाद अक्सर यह मान लिया जाता है कि लड़की की प्राथमिक जिम्मेदारी केवल घर और परिवार तक सीमित रह जाती है। लेकिन हरियाणा की आईएएस अधिकारी पुष्पलता यादव ने इस रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए साबित किया कि अगर परिवार का साथ मिले तो महिलाएं हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता की कहानी दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और पारिवारिक सहयोग की मिसाल है।</p>
<p><strong>छोटे गांव से आईएएस तक का सफर</strong></p>
<p>हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशबुरा से आने वाली पुष्पलता यादव ने वर्ष 2017 में Union Public Service Commission (UPSC)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172316/ias-success-story-mother-of-2-year-old-child-created"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/ias-success-story-(30).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: शादी के बाद अक्सर यह मान लिया जाता है कि लड़की की प्राथमिक जिम्मेदारी केवल घर और परिवार तक सीमित रह जाती है। लेकिन हरियाणा की आईएएस अधिकारी पुष्पलता यादव ने इस रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए साबित किया कि अगर परिवार का साथ मिले तो महिलाएं हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता की कहानी दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और पारिवारिक सहयोग की मिसाल है।</p>
<p><strong>छोटे गांव से आईएएस तक का सफर</strong></p>
<p>हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशबुरा से आने वाली पुष्पलता यादव ने वर्ष 2017 में Union Public Service Commission (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 80वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि उन्होंने ऐसे समय में हासिल की, जब वे शादीशुदा थीं, दो साल के बच्चे की मां थीं और बैंक में नौकरी भी कर रही थीं।</p>
<p><strong>शादी के बाद भी नहीं छोड़ा सपना</strong></p>
<p>पुष्पलता की स्कूली शिक्षा गांव में ही हुई। साल 2011 में उनकी शादी हो गई और वे मानेसर में रहने लगीं। शादी से पहले वे एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत थीं। बाद में उनका चयन स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हुआ। शादी के बाद भी उन्होंने नौकरी जारी रखी और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने करियर को संतुलित किया।</p>
<p><strong>पढ़ाई जारी रखकर बढ़ाया कदम</strong></p>
<p>शादी के बाद उन्होंने आगे पढ़ाई करने की इच्छा जताई, जिसमें पति और ससुराल वालों ने पूरा सहयोग दिया। वर्ष 2016 में उन्होंने बीएससी की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद एमबीए भी किया। हालांकि उनका अंतिम लक्ष्य सिविल सेवा में जाना ही था।</p>
<p><strong>परिवार बना सबसे बड़ी ताकत</strong></p>
<p>यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनका परिवार उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। जब वे पढ़ाई करती थीं, तो उनके पति दो साल के बेटे की देखभाल करते थे, जबकि सास-ससुर घर के अन्य कामों में सहयोग करते थे। वे रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं, ताकि घर और नौकरी के बीच तैयारी में कोई कमी न रह जाए।</p>
<p><strong>दो असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार</strong></p>
<p>पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। प्रीलिम्स पास करने के बाद वे मेन्स परीक्षा में सफल नहीं हो पाईं। इससे उनका मनोबल डगमगाया, लेकिन परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने वर्ष 2017 में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 80वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 11:54:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा में किया बड़ा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा में बड़ा बदलाव किया, अब सर्विस में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने का मौका बंद कर दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168307/upsc-made-major-changes-in-civil-services-examination"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/file_00000000f9807209abdd529abb4c8b1d.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p>संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए अधिसूचना जारी करते हुए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब एक बार सिविल सेवा में चयनित उम्मीदवार सेवा में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा (CSE) नहीं दे सकेंगे। इस फैसले को परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।</p>
<p>नए नियमों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय वन सेवा (IFS) में हो चुका है और वे नियुक्ति पा चुके हैं, वे सेवा में रहते हुए दोबारा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। यदि ऐसे अधिकारी फिर से परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपनी वर्तमान सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।</p>
<p>यूपीएससी ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य ग्रुप-ए सेवाओं के अधिकारियों के लिए भी नियम स्पष्ट किए हैं। ऐसे अधिकारी सीमित शर्तों के साथ परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उन्हें उसी सेवा के लिए दोबारा चयन का विकल्प नहीं मिलेगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देकर रैंक सुधारने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है।</p>
<p>हालांकि, आयोग ने चयनित उम्मीदवारों को एक बार रैंक सुधार का अवसर देने का प्रावधान किया है। इसके तहत जो उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा 2026 में चयनित होंगे, उन्हें 2027 में एक बार बिना इस्तीफा दिए परीक्षा देने की अनुमति मिल सकती है। यह अवसर केवल एक बार के लिए होगा और इसके लिए प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले आयोग से अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके बाद यदि कोई उम्मीदवार पुनः परीक्षा देना चाहता है, तो उसे अपनी सेवा से इस्तीफा देना होगा।</p>
<p>यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद किसी सेवा में चयनित हो जाता है, तो उसे मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। वहीं, मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के बाद यदि किसी अन्य सेवा में चयन होता है, तो नई अधिसूचना के अनुसार उसकी पात्रता पर निर्णय लिया जाएगा।</p>
<p>आयोग का कहना है कि पुराने नियमों के तहत कई बार ऐसा देखा गया कि चयनित अधिकारी बेहतर रैंक या पसंदीदा सेवा पाने के लिए बार-बार परीक्षा देते रहे, जिससे नए अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित होते थे। इसी असमानता को दूर करने और प्रतियोगिता को संतुलित बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए अवसर अधिक समान होंगे। साथ ही, चयनित अधिकारियों को अब अपने करियर को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लेना होगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से प्रशासनिक स्थिरता भी बढ़ेगी और परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।</p>
<p>यूपीएससी का यह नया नियम सिविल सेवा परीक्षा 2026 से प्रभावी होगा और आने वाले वर्षों में सिविल सेवा भर्ती प्रक्रिया की दिशा और स्वरूप को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 19:59:34 +0530</pubDate>
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