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                <title>jawahar lal nehru. - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>नेहरू का लेटर सामने आते ही गरमाई सियासत, निशिकांत दुबे बोले– ‘कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा’</title>
                                    <description><![CDATA[<h2>‘कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा…’, नेहरू का लेटर शेयर कर बोले निशिकांत दुबे, सियासी घमासान तेज</h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद में राहुल गांधी द्वारा शुरू हुआ ‘किताबी संग्राम’ अब राजनीतिक गलियारों से निकलकर सड़क तक पहुंच गया है। इस विवाद ने अब और तूल पकड़ लिया है, जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया।</p>
<p>इस पोस्ट के साथ निशिकांत दुबे ने लिखा, <strong>“कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा, कांग्रेस की लंका में आग लग जाएगी?”</strong> जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।</p>
<h3>संसद से शुरू</h3>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168239/politics-heated-up-as-soon-as-nehrus-letter-came-out"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/nishikant.jpg" alt=""></a><br /><h2>‘कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा…’, नेहरू का लेटर शेयर कर बोले निशिकांत दुबे, सियासी घमासान तेज</h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद में राहुल गांधी द्वारा शुरू हुआ ‘किताबी संग्राम’ अब राजनीतिक गलियारों से निकलकर सड़क तक पहुंच गया है। इस विवाद ने अब और तूल पकड़ लिया है, जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया।</p>
<p>इस पोस्ट के साथ निशिकांत दुबे ने लिखा, <strong>“कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा, कांग्रेस की लंका में आग लग जाएगी?”</strong> जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।</p>
<h3>संसद से शुरू हुआ ‘किताबी संग्राम’</h3>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा था। इसके जवाब में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे गांधी परिवार पर लिखी गई कुछ विवादित किताबें लेकर संसद पहुंचे, जिनमें आपत्तिजनक बातें होने का दावा किया गया।</p>
<p>इसके बाद सदन में तीखी बहस देखने को मिली, जो अभी तक थमती नजर नहीं आ रही है।</p>
<h3>नेहरू का पत्र शेयर कर कांग्रेस पर निशाना</h3>
<p>अब इस सियासी विवाद को आगे बढ़ाते हुए निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर जवाहरलाल नेहरू का एक पुराना पत्र साझा किया है। उनके मुताबिक यह पत्र 30 जनवरी 1961 का है, जो नेहरू ने जनरल केएम करिअप्पा को लिखा था।</p>
<p>इस पत्र में नेहरू ने लिखा था—</p>
<blockquote>
<p>“माय डियर करिअप्पा, मुझे आपके 26 और 27 जनवरी के दो पत्र मिले। यह अच्छी बात होगी अगर आप एडविना माउंटबेटन मेमोरियल फंड की मदद के लिए कोई डांस प्रोग्राम या शो आयोजित करें, लेकिन मुझे डर है कि मैं बैंगलोर में ऐसे किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाऊंगा।”</p>
</blockquote>
<p>इस पत्र को साझा करते हुए दुबे ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर परोक्ष रूप से सवाल खड़े किए हैं।</p>
<h3>सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस</h3>
<p>निशिकांत दुबे के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। बीजेपी समर्थक इसे कांग्रेस पर हमला बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे बेवजह का विवाद करार दे रहे हैं।</p>
<p>ट्विटर (X), फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर लोग इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।</p>
<h3>कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार</h3>
<p>फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>संसद में शुरू हुआ ‘किताबी संग्राम’ अब सोशल मीडिया और आम जनता तक पहुंच चुका है। नेहरू के पत्र को लेकर छिड़ा नया विवाद राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकता है। अब सबकी नजरें कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 19:19:45 +0530</pubDate>
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