<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/45053/assam" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>असम - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/45053/rss</link>
                <description>असम RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री राहत कोष में 10.63 लाख रुपये जमा, विधायक डॉ. मिलन दास ने सहयोगकर्ताओं का जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए कुल 10 लाख 63 हजार रुपये एकत्र कर जमा किए गए हैं। इस मानवीय पहल में योगदान देने वाले विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों और आम नागरिकों के प्रति विधायक डॉ. मिलन दास ने आभार व्यक्त किया है। राहत कोष में योगदान के तहत हाइलाकांडी नगरपालिका की ओर से 1.67 लाख रुपये, शितांशु रंजन पाल ने 50 हजार रुपये, साभमिता पाल ने 25 हजार रुपये, कृष्ण गोपाल सारदा ने 25 हजार रुपये तथा लाला नगरपालिका ने 50 हजार रुपये का सहयोग दिया। इसके अलावा शिशु सदन हाई स्कूल ने 51 हजार रुपये, कटलीछड़ा व्यवसायी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185718/mla-dr-milan-das-deposited-rs-1063-lakh-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001720468-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए कुल 10 लाख 63 हजार रुपये एकत्र कर जमा किए गए हैं। इस मानवीय पहल में योगदान देने वाले विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों और आम नागरिकों के प्रति विधायक डॉ. मिलन दास ने आभार व्यक्त किया है। राहत कोष में योगदान के तहत हाइलाकांडी नगरपालिका की ओर से 1.67 लाख रुपये, शितांशु रंजन पाल ने 50 हजार रुपये, साभमिता पाल ने 25 हजार रुपये, कृष्ण गोपाल सारदा ने 25 हजार रुपये तथा लाला नगरपालिका ने 50 हजार रुपये का सहयोग दिया। इसके अलावा शिशु सदन हाई स्कूल ने 51 हजार रुपये, कटलीछड़ा व्यवसायी समिति एवं नागरिकों ने 3 लाख रुपये, निशित चौधरी ने 1 लाख रुपये, डॉ. देवजीत दे ने 1 लाख रुपये तथा जीपी प्रेसिडेंट एसोसिएशन के शेखर दास ने 1 लाख रुपये का योगदान दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1001720464-(1).jpg" alt="मुख्यमंत्री राहत कोष में 10.63 लाख रुपये जमा, विधायक डॉ. मिलन दास ने सहयोगकर्ताओं का जताया आभार" width="503" height="335"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, काटलीछड़ा मंडल के बीरेनजीत नाथ ने 25 हजार रुपये, इंद्रजीत देवराय ने 10 हजार रुपये, सूरज सेन ने 10 हजार रुपये और स्वपन भट्टाचार्य ने 50 हजार रुपये का सहयोग किया। मानवीय पहल की सराहना विधायक डॉ. मिलन दास की ओर से जारी आभार संदेश में कहा गया कि आपदा और संकट की घड़ी में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होकर सहयोगकर्ताओं ने मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। उनके इस सामूहिक प्रयास को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि संकट के समय समाज के विभिन्न वर्गों का एकजुट होकर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना सामाजिक एकता और मानवीय संवेदना को मजबूत करता है। राहत कोष में योगदान देने वाले सभी संगठनों, संस्थाओं और नागरिकों के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।“मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के संदेश के साथ विधायक ने सभी नागरिकों से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आने और सामूहिक रूप से सहयोग करने की अपील की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185718/mla-dr-milan-das-deposited-rs-1063-lakh-in-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185718/mla-dr-milan-das-deposited-rs-1063-lakh-in-the</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:43:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1001720468-%281%29.jpg"                         length="127177"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही राज्य में KYC के अलग-अलग शुल्क? सिलचर में 150, रामकृष्णनगर में 190 रुपये लेने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001721340-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए कथित तौर पर 150 रुपये लिए जा रहे हैं। ग्राहकों का दावा है कि इस राशि के साथ उन्हें गैस पाइप भी दिया जा रहा है। वहीं, श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर स्थित गाजी गैस एजेंसी में इसी प्रकार की KYC प्रक्रिया के लिए 190 रुपये लिए जाने का आरोप उपभोक्ताओं ने लगाया है। एक ही सेवा के लिए शुल्क में अंतर क्यों?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं का मुख्य सवाल है कि यदि KYC के लिए कोई निर्धारित अथवा अधिकृत शुल्क है, तो एक ही राज्य के दो अलग-अलग जिले क्षेत्रों में राशि में अंतर क्यों है। उनका कहना है कि सिलचर में 150 रुपये के साथ गैस पाइप दिए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि रामकृष्णनगर में 190 रुपये लिए जाने के मामले में अतिरिक्त 40 रुपये किस मद में लिए जा रहे हैं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। ग्राहकों ने मांग की है कि यदि अतिरिक्त राशि गैस पाइप, सेवा शुल्क या किसी अन्य अधिकृत मद के तहत ली जा रही है, तो संबंधित शुल्क का आधार और अधिकृत दर उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं का कहना है कि KYC के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने से आम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह मामला केवल कुछ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ताओं से जुड़ा जनहित का विषय है। जिला प्रशासन से जांच की मांग उपभोक्ताओं ने काछार और श्रीभूमि जिला प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उपभोक्ताओं के अनुसार, जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि: KYC के लिए निर्धारित या अधिकृत शुल्क कितना है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिलचर और रामकृष्णनगर में अलग-अलग राशि लिए जाने की वजह क्या है? गैस पाइप अथवा अन्य सामग्री की कीमत शुल्क में शामिल है या नहीं?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवा शुल्क लिया जा रहा है तो उसका अधिकृत आधार क्या है? उपभोक्ताओं से ली जा रही राशि की रसीद और शुल्क का विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राहकों का कहना है कि यदि जांच में नियमों के विपरीत अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी अथवा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, यदि दोनों स्थानों पर ली जा रही राशि में अंतर किसी वैध सेवा शुल्क, गैस पाइप या अन्य अधिकृत मद के कारण है, तो संबंधित गैस एजेंसियों और प्रशासन को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">KYC के नाम पर अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों के बीच अब उपभोक्ता प्रशासन और संबंधित गैस प्राधिकरण की जांच तथा स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे हैं।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:41:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1001721340-%281%29.jpg"                         length="97305"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन की मांग तेज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रेलवे से इस रूट पर आधुनिक और नियमित रेल सेवा शुरू करने की जोरदार अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि दुल्लभछड़ा से शिलचर के बीच यदि इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन सेवा शुरू की जाती है, तो यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ प्राप्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182777/demand-for-electric-memu-train-intensifies-on-dullabhchhada-shilchar-route-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001597832.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी के दुल्लभछड़ा–शिलचर मार्ग पर मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा लगातार तेज होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रेलवे से इस रूट पर आधुनिक और नियमित रेल सेवा शुरू करने की जोरदार अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि दुल्लभछड़ा से शिलचर के बीच यदि इलेक्ट्रिक MEMU ट्रेन सेवा शुरू की जाती है, तो यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ प्राप्त होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, इस रेल सेवा के शुरू होने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लोगों का यह भी मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक रेल सेवा को बढ़ावा मिलने से बराक घाटी के परिवहन ढांचे में भी सकारात्मक परिवर्तन आने की संभावना है। साथ ही रेलवे के यात्री राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद भी व्यक्त की जा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं संबंधित रेलवे अधिकारियों से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर शीघ्र MEMU ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोगों का विश्वास है कि यदि यह लंबे समय से लंबित मांग पूरी होती है, तो हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182777/demand-for-electric-memu-train-intensifies-on-dullabhchhada-shilchar-route-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182777/demand-for-electric-memu-train-intensifies-on-dullabhchhada-shilchar-route-of</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001597832.png"                         length="167988"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की मांग को मिला जनसमर्थन, श्रीभूमि में 300 से अधिक लोगों ने किए हस्ताक्षर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि असम संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : </strong></blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div>असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div>  </div>
<div>बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182175/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001579962-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि असम संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : </strong></blockquote>
</div>
<div> </div>
<div>असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div> </div>
<div>बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट बेंच मांग कार्यान्वयन समिति के महासचिव निखिल पाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए डॉ. सब्यसाची राय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इस न्यायसंगत मांग को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता सभाएं जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</div>
<div> </div>
<div>सभा में पूर्व सांसद मिशन रंजन दास, करीमगंज महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य राधिका रंजन चक्रवर्ती, बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सतु राय, सांस्कृतिक हस्ती सुलेखा दत्त चौधरी, प्रोफेसर विश्वतोष चौधरी, शिक्षाविद विभाष देव, महासचिव निखिल पाल, रसराज दास, धर्मानंद देव, अधिवक्ता देवोमिता चक्रवर्ती, अधिवक्ता तुहिना शर्मा, अधिवक्ता दुर्गा पुरकायस्थ, अधिवक्ता अर्चना दत्त सहित जिले के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और नाट्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।</div>
<div> </div>
<div>वक्ताओं ने कहा कि बराक घाटी के लाखों लोगों को न्याय के लिए गुवाहाटी तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जो अत्यंत महंगा, समय लेने वाला और कठिन है। आर्थिक तथा भौगोलिक बाधाओं के कारण अनेक लोग प्रभावी रूप से न्याय प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना समय की मांग है और यह संविधान में निहित समानता एवं न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई क्षेत्रीय या राजनीतिक मांग नहीं है, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक न्याय के अधिकार को सुनिश्चित करने की एक उचित मांग है। इस मांग को बराक घाटी के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन प्राप्त है और सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की गई।</div>
<div> </div>
<div>सभा के अंत में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 300 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। यह इस मांग के प्रति जनता के व्यापक समर्थन का प्रमाण माना गया।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में सर्वसम्मति से बराक घाटी में शीघ्र स्थायी हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग दोहराई गई तथा समाज के सभी वर्गों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस जनआंदोलन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182175/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182175/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:03:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001579962-%281%29.jpg"                         length="574151"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की मांग को मिला जनसमर्थन, श्रीभूमि में 300 से अधिक लोगों ने किए हस्ताक्षर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>  श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">            असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट बेंच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182146/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001579962.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong> श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट बेंच मांग कार्यान्वयन समिति के महासचिव निखिल पाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए डॉ. सब्यसाची राय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इस न्यायसंगत मांग को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता सभाएं जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभा में पूर्व सांसद मिशन रंजन दास, करीमगंज महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य राधिका रंजन चक्रवर्ती, बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सतु राय, सांस्कृतिक हस्ती सुलेखा दत्त चौधरी, प्रोफेसर विश्वतोष चौधरी, शिक्षाविद विभाष देव, महासचिव निखिल पाल, रसराज दास, धर्मानंद देव, अधिवक्ता देवोमिता चक्रवर्ती, अधिवक्ता तुहिना शर्मा, अधिवक्ता दुर्गा पुरकायस्थ, अधिवक्ता अर्चना दत्त सहित जिले के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और नाट्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वक्ताओं ने कहा कि बराक घाटी के लाखों लोगों को न्याय के लिए गुवाहाटी तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जो अत्यंत महंगा, समय लेने वाला और कठिन है। आर्थिक तथा भौगोलिक बाधाओं के कारण अनेक लोग प्रभावी रूप से न्याय प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना समय की मांग है और यह संविधान में निहित समानता एवं न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई क्षेत्रीय या राजनीतिक मांग नहीं है, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक न्याय के अधिकार को सुनिश्चित करने की एक उचित मांग है। इस मांग को बराक घाटी के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन प्राप्त है और सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">सभा के अंत में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 300 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। यह इस मांग के प्रति जनता के व्यापक समर्थन का प्रमाण माना गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से बराक घाटी में शीघ्र स्थायी हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग दोहराई गई तथा समाज के सभी वर्गों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस जनआंदोलन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182146/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182146/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:49:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001579962.jpg"                         length="574151"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बराक घाटी के धोयारबंद में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर जागरूकता सभा और हस्ताक्षर अभियान।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात </strong></p><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर 21 जून रविवार को धोयारबंद रिसॉर्ट में जागरूकता सभा एवं जन-हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी, कछार जिला समिति तथा ‘यूथ्स अगेंस्ट सोशल ईविल्स’ (यासी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।</div><div style="text-align:justify;">सभा में स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, छात्रों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की आवश्यकता और उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181912/awareness-meeting-and-signature-campaign-for-the-demand-of-high"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001565281.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात </strong></p><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर 21 जून रविवार को धोयारबंद रिसॉर्ट में जागरूकता सभा एवं जन-हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी, कछार जिला समिति तथा ‘यूथ्स अगेंस्ट सोशल ईविल्स’ (यासी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।</div><div style="text-align:justify;">सभा में स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, छात्रों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की आवश्यकता और उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।</div><div style="text-align:justify;">समिति के नेताओं और वक्ताओं ने कहा कि लगभग 40 लाख लोगों की आबादी वाले बराक घाटी क्षेत्र के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर गौहाटी जाना पड़ता है, जिससे समय, धन और श्रम की भारी हानि होती है। उन्होंने कहा कि न्याय तक आसान पहुंच नागरिकों का मौलिक अधिकार है और इसी उद्देश्य से बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की स्थापना आवश्यक है।</div><div style="text-align:justify;">वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने संबोधन में इस मांग की ऐतिहासिक और कानूनी पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 1972 से ही इस क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग उठती रही है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों में हाईकोर्ट की खंडपीठें स्थापित हैं, लेकिन बराक घाटी की लंबे समय से चली आ रही न्यायसंगत मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।</div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के बाद आयोजित हस्ताक्षर अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यवसायियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, एक ही दिन में 200 से अधिक लोगों ने गौहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच के समर्थन में हस्ताक्षर किए।</div><div style="text-align:justify;">हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों में भी जागरूकता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और हस्ताक्षर अभियान चलाए जाएंगे। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन और लोकतांत्रिक आंदोलन के बल पर बराक घाटी की यह लंबे समय से लंबित मांग एक दिन अवश्य पूरी होगी।</div><div style="text-align:justify;">यह जानकारी समिति के काछार जिला प्रचार सचिव सायन चक्रवर्ती द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181912/awareness-meeting-and-signature-campaign-for-the-demand-of-high</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181912/awareness-meeting-and-signature-campaign-for-the-demand-of-high</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:25:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001565281.jpg"                         length="887564"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुवाहाटी में कामाख्या के दर्शन कर हाइलाकांडी के विधायक मिलन दास सहित मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने लिया आशीर्वाद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असम। </strong>गुवाहाटी स्थित पवित्र नीलाचल पर्वत पर अवस्थित कामाख्या मंदिर में शनिवार, 9 मई को हाइलाकांदी  विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी मंडल अध्यक्षों एवं जिले के विभिन्न स्तर के दलीय कार्यकर्ताओं ने मां कामाख्या के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर लोकप्रिय विधायक मिलन दास भी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पुण्य अवसर पर उपस्थित विधायक और सभी कार्यकर्ताओं ने मां कामाख्या के चरणों में समस्त हाइलाकांडी जिले की शांति, सुख, समृद्धि एवं सर्वांगीण विकास की कामना की। साथ ही यह प्रार्थना भी की गई कि मां की कृपा से जिले के प्रत्येक क्षेत्र एवं आमजन के जीवन में सुख-शांति</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178850/hailakandi-mla-milan-das-and-mandal-presidents-and-workers-took"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001478252.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असम। </strong>गुवाहाटी स्थित पवित्र नीलाचल पर्वत पर अवस्थित कामाख्या मंदिर में शनिवार, 9 मई को हाइलाकांदी  विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी मंडल अध्यक्षों एवं जिले के विभिन्न स्तर के दलीय कार्यकर्ताओं ने मां कामाख्या के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर लोकप्रिय विधायक मिलन दास भी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पुण्य अवसर पर उपस्थित विधायक और सभी कार्यकर्ताओं ने मां कामाख्या के चरणों में समस्त हाइलाकांडी जिले की शांति, सुख, समृद्धि एवं सर्वांगीण विकास की कामना की। साथ ही यह प्रार्थना भी की गई कि मां की कृपा से जिले के प्रत्येक क्षेत्र एवं आमजन के जीवन में सुख-शांति एवं उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि मां कामाख्या की दिव्य कृपा से समाज में एकता, सौहार्द और विकास की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा जनता के जीवन में नई आशा और ऊर्जा का संचार होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा कार्यकर्ताओं के बीच विशेष उत्साह और आस्था का केंद्र बनी रही।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178850/hailakandi-mla-milan-das-and-mandal-presidents-and-workers-took</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178850/hailakandi-mla-milan-das-and-mandal-presidents-and-workers-took</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:10:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/1001478252.jpg"                         length="897141"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनावी भूचाल 2026: बदला नैरेटिव बदली राजनीति और उभरे नए सत्ता समीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत के हालिया विधानसभा चुनावों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह भावनाओं रणनीतियों नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों का जटिल मिश्रण है। इस बार के नतीजों ने कई स्थापित धारणाओं को तोड़ा और नए राजनीतिक ट्रेंड्स को जन्म दिया। अलग अलग राज्यों में अलग अलग वजहों से सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो कुछ साझा फैक्टर ऐसे रहे जिन्होंने इन नतीजों को आकार दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा बदलाव नैरेटिव के स्तर पर देखने को मिला। चुनाव अब केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178209/election-earthquake-2026-changed-narrative-changed-politics-and-new-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/haseen.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत के हालिया विधानसभा चुनावों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह भावनाओं रणनीतियों नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों का जटिल मिश्रण है। इस बार के नतीजों ने कई स्थापित धारणाओं को तोड़ा और नए राजनीतिक ट्रेंड्स को जन्म दिया। अलग अलग राज्यों में अलग अलग वजहों से सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो कुछ साझा फैक्टर ऐसे रहे जिन्होंने इन नतीजों को आकार दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा बदलाव नैरेटिव के स्तर पर देखने को मिला। चुनाव अब केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे बल्कि पहचान संस्कृति और भावनात्मक अपील का प्रभाव बहुत गहरा हो गया। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्ता में रही सरकार के खिलाफ माहौल बना लेकिन यह केवल एंटी इनकम्बेंसी का मामला नहीं था। यहां एक ऐसा नैरेटिव तैयार किया गया जिसमें सांस्कृतिक पहचान को राजनीतिक हथियार बना दिया गया। माछ भात और मां काली जैसे प्रतीकों के जरिए यह संदेश दिया गया कि स्थानीय परंपराओं का सम्मान केवल एक खास राजनीतिक विचारधारा ही कर सकती है। इसने मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को प्रभावित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ध्रुवीकरण इस चुनाव का एक और बड़ा फैक्टर रहा। यह केवल धार्मिक आधार पर नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के स्तर पर भी हुआ। असम में इसका एक अलग रूप देखने को मिला जहां वोटों का बंटवारा निर्णायक साबित हुआ। विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी और समुदायों के भीतर विभाजन ने सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाया। यह रणनीति नई नहीं थी लेकिन इस बार इसे अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि चुनाव जीतने के लिए केवल अपने वोटबैंक को मजबूत करना ही नहीं बल्कि विरोधी वोटों को विभाजित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरा बड़ा फैक्टर प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलाव रहे। मतदाता सूचियों में संशोधन और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं का असर सीधे चुनावी परिणामों पर पड़ा। पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने का मुद्दा चर्चा में रहा। वहीं असम में परिसीमन के बाद सीटों का स्वरूप बदल गया जिससे कई क्षेत्रों का राजनीतिक संतुलन प्रभावित हुआ। यह बदलाव तकनीकी लग सकते हैं लेकिन इनका असर जमीनी स्तर पर बहुत गहरा होता है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि चुनाव केवल प्रचार और रैलियों से नहीं जीते जाते बल्कि सिस्टम के भीतर होने वाले बदलाव भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेतृत्व का प्रभाव इस बार पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट दिखा। असम में मजबूत और आक्रामक नेतृत्व ने सरकार के खिलाफ संभावित नाराजगी को दबा दिया। वहीं केरल में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद नेतृत्व पर सवाल उठने लगे। भ्रष्टाचार के आरोप और थकान का असर साफ दिखा। यह अंतर बताता है कि केवल सत्ता में बने रहना काफी नहीं होता बल्कि जनता के बीच लगातार भरोसा बनाए रखना भी जरूरी है। जहां यह भरोसा टूटा वहां सत्ता भी हाथ से निकल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तमिलनाडु में जो हुआ वह भारतीय राजनीति के लिए एक दिलचस्प मोड़ है। यहां एक फिल्मी सितारे ने अपनी लोकप्रियता को राजनीतिक ताकत में बदल दिया। यह कोई नई बात नहीं है लेकिन जिस तेजी और पैमाने पर यह बदलाव हुआ उसने सबको चौंका दिया। इसका मतलब यह है कि आज का मतदाता पारंपरिक दलों से हटकर नए विकल्पों को मौका देने के लिए तैयार है। खासकर युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता ऐसे चेहरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो उन्हें नया और अलग लगता है। यह बदलाव आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक रही। पहले उन्हें केवल एक सहायक वोटबैंक माना जाता था लेकिन अब वे खुद एक संगठित और प्रभावशाली वर्ग बन चुकी हैं। अलग अलग राज्यों में महिलाओं को लक्षित करके योजनाएं और वादे किए गए। कहीं नकद सहायता का वादा किया गया तो कहीं सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की बात हुई। इसका असर यह हुआ कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया और कई सीटों पर परिणाम को प्रभावित किया। यह ट्रेंड भविष्य की राजनीति को भी दिशा देगा क्योंकि अब कोई भी दल इस वर्ग को नजरअंदाज नहीं कर सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि सत्ताधारी दलों के पारंपरिक गढ़ भी इस बार सुरक्षित नहीं रहे। पश्चिम बंगाल में जिन सीटों पर एक ही पार्टी का लंबे समय से कब्जा था वहां भी बदलाव देखने को मिला। इसका मतलब यह है कि मतदाता अब केवल परंपरा के आधार पर वोट नहीं दे रहा बल्कि वह विकल्प तलाश रहा है। इसी तरह तमिलनाडु में भी पारंपरिक दो दलों के बीच की राजनीति को एक नए खिलाड़ी ने चुनौती दी। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि सत्ता स्थायी नहीं होती और जनता समय समय पर नए विकल्प तलाशती रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन सभी फैक्टर्स को मिलाकर देखा जाए तो यह चुनाव केवल सरकार बदलने का मामला नहीं है बल्कि यह राजनीति के बदलते स्वरूप का संकेत है। अब चुनाव अधिक जटिल हो गए हैं जहां भावनाएं रणनीति नेतृत्व और सामाजिक समीकरण सभी एक साथ काम करते हैं। यह भी स्पष्ट है कि कोई एक फार्मूला सभी राज्यों में काम नहीं करता। हर राज्य की अपनी सामाजिक संरचना और राजनीतिक संस्कृति होती है और उसी के अनुसार रणनीति बनानी पड़ती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दल इन ट्रेंड्स से क्या सीखते हैं। क्या वे केवल ध्रुवीकरण और नैरेटिव पर ध्यान देंगे या फिर विकास और शासन के मुद्दों को भी उतनी ही प्राथमिकता देंगे। मतदाता अब पहले से अधिक जागरूक है और वह केवल वादों से संतुष्ट नहीं होता। उसे परिणाम चाहिए और अगर उसे लगता है कि कोई और विकल्प बेहतर है तो वह बदलाव करने में संकोच नहीं करता।</div>
<div style="text-align:justify;">इस चुनाव ने एक और बात साफ कर दी है कि भारतीय लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और पुराने दलों को खुद को लगातार अपडेट करना पड़ रहा है। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए अच्छी है क्योंकि इससे जवाबदेही बढ़ती है और जनता को बेहतर विकल्प मिलते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में कहा जा सकता है कि 2026 के चुनाव केवल राजनीतिक घटनाएं नहीं हैं बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक बदलाव का संकेत हैं। यहां से जो ट्रेंड्स उभरे हैं वे आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति को नई दिशा देंगे। जो दल इन संकेतों को समझेंगे और समय के अनुसार खुद को ढालेंगे वही भविष्य में सफल होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">      <strong>   *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178209/election-earthquake-2026-changed-narrative-changed-politics-and-new-power</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178209/election-earthquake-2026-changed-narrative-changed-politics-and-new-power</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 16:31:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/haseen.jpg"                         length="93742"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम के उत्तर करीमगंज में अल्पसंख्यक मतदाताओं के मजबूत जनसमर्थन के साथ महिला उम्मीदवार के रूप में मुन्नी छेत्री आगे बढ़ रही हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि- </strong>उल्लेखनीय है कि 2026 के चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, पूरा राज्य के साथ तालमेल बनाते हुए बराक घाटी में भी राजनीतिक उत्साह बढ़ रहा है। विपक्षी दल के साथ-साथ शासक दल के नेताओं की ओर से भी विभिन्न जगहों पर जनसंपर्क जारी है। राज्य के मुख्यमंत्री के एक के बाद एक कठोर भाषणों में, अल्पसंख्यक मुस्लिम मतदाताओं की अधिकता वाले केंद्रों में शासक दल के नामचीन नेता संकट में हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें उत्तर करिमगंज सीट को लेकर भी शासक और विपक्षी दल के नेताओं में काफी हलचल है। एक ओर विपक्षी दल कांग्रेस/AIUDF में पिछले दिनों वोट देकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168139/munni-chhetri-is-leading-as-a-woman-candidate-with-strong"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001284847.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि- </strong>उल्लेखनीय है कि 2026 के चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, पूरा राज्य के साथ तालमेल बनाते हुए बराक घाटी में भी राजनीतिक उत्साह बढ़ रहा है। विपक्षी दल के साथ-साथ शासक दल के नेताओं की ओर से भी विभिन्न जगहों पर जनसंपर्क जारी है। राज्य के मुख्यमंत्री के एक के बाद एक कठोर भाषणों में, अल्पसंख्यक मुस्लिम मतदाताओं की अधिकता वाले केंद्रों में शासक दल के नामचीन नेता संकट में हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें उत्तर करिमगंज सीट को लेकर भी शासक और विपक्षी दल के नेताओं में काफी हलचल है। एक ओर विपक्षी दल कांग्रेस/AIUDF में पिछले दिनों वोट देकर पीड़ित जनता नए चेहरे की तलाश कर रही है, ठीक दूसरी ओर शासक दल के स्थानीय नेताओं की उदासीनता से जर्जर अल्पसंख्यक मुस्लिम मतदाता भी चाहते हैं कि शासक दल से ऐसा भरोसेमंद व्यक्तित्व आये जो युवा पीढ़ी से हो और जिसमें दोनों प्रकार की क्षमताएं हों।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समुदाय के प्रति स्वीकार्यता और जिम्मेदारी हों। इस मामले में स्थानीय नेताओं को काफी गति प्राप्त करनी पड़ रही है। क्योंकि कई ऐसे लोग हैं पुराने व्यक्तित्व जिनकी मानसिकता और काम में युवाओं की सक्रियता का प्रभाव नहीं है, वहीं कई ऐसे हैं जो उम्र में युवा और नए चेहरा हैं लेकिन समुदाय के दोनों पक्षों के मतदाताओं में स्वीकार्यता नहीं रखते। फिर कई ऐसे हैं कि पहले विभिन्न राजनीतिक जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में कार्य करने पर जनता संतुष्ट नहीं थी, इसलिए उन्हें दूसरा या तीसरा अवसर देने के लिए मतदाता नाराज हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इन सभी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच लंबे समय से समाज सेवा में लगे समाजसेवी मुन्नी चेत्री को एक महिला टिकट प्रत्याशी के रूप में संभावनाशील माना जा रहा है और हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों में से यह नाम चुनावी परिदृश्य में उभर रहा है। पूरे बराक घाटी में समाजसेवी मुन्नी चेत्री अब तक राजनीतिक क्षेत्र में आम जनता की पहली पसंद के रूप में हैं, जिन्हें भाजपा पार्टी या निर्दलीय रूप में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग भारी मत देने के लिए उत्साहित होते देख रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां तक कि मुन्नी चेत्री के जनसमर्थन में पार्टी के नीतिगत निर्देशों की अनदेखी भी कर कई कांग्रेस के मतदाताओं ने भी खुलकर कहा कि अगर मुन्नी छेत्री को बीजेपी का टिकट मिलता है तो हमें बीजेपी को भी वोट देना पड़ेगा ताकि मुन्नी छेत्री के आदर्श और समाज सेवा के प्रति उनकी जिम्मेदारी का सम्मान किया जा सके। दूसरी ओर, विशेष सूत्रों की खबर है कि विपक्षी दल भी नहीं चाहता कि दोनों समुदायों में स्वीकृति रखने वाले समाज कार्यकर्ता मुन्नी छेत्री को बीजेपी से टिकट मिले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि लंबे समय से की जा रही समाज सेवा के माध्यम से उन्हें अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय में विशेष स्वीकृति और प्रभाव प्राप्त है। अब देखने वाली बात है कि उत्तर करीमगंज से हाईकमान किस पर मेहरबान होता है और टिकट किसे मिलता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168139/munni-chhetri-is-leading-as-a-woman-candidate-with-strong</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168139/munni-chhetri-is-leading-as-a-woman-candidate-with-strong</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 19:31:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/1001284847.jpg"                         length="640640"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        