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                <title>राजस्थान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>राजस्थान RSS Feed</description>
                
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                <title>देश में फर्जी विश्वविद्यालयों का बढ़ता जाल, 12 राज्यों में सक्रिय 32 संस्थान; UGC ने जारी की चेतावनी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">देश में शिक्षा के नाम पर चल रहे फर्जी संस्थानों का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। हालात यह हैं कि दो साल पहले जहां ऐसे विश्वविद्यालय केवल आठ राज्यों तक सीमित थे, वहीं अब इनकी पहुंच बढ़कर 12 राज्यों तक हो गई है। इसी अवधि में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या भी 20 से बढ़कर 32 हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए प्रभावित राज्यों में हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और ऐसे संस्थानों में दाखिला न लेने</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170438/growing-network-of-fake-universities-in-the-country-32-institutions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/देश-में-फर्जी-विश्वविद्यालयों-का-बढ़ता-जाल,-12-राज्यों-में-सक्रिय-32-संस्थान;-ugc-ने-जारी-की-चेतावनी.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में शिक्षा के नाम पर चल रहे फर्जी संस्थानों का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। हालात यह हैं कि दो साल पहले जहां ऐसे विश्वविद्यालय केवल आठ राज्यों तक सीमित थे, वहीं अब इनकी पहुंच बढ़कर 12 राज्यों तक हो गई है। इसी अवधि में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या भी 20 से बढ़कर 32 हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए प्रभावित राज्यों में हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और ऐसे संस्थानों में दाखिला न लेने की चेतावनी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में कर्नाटक के बेंगलुरु में “ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी” नाम से संचालित एक फर्जी संस्थान के मामले में अलर्ट जारी करते हुए यूजीसी ने यह निर्देश दिए।</p>
<hr />
<h6 style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश से पहले यूजीसी की वेबसाइट पर जरूर जांचें सूची</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">यूजीसी ने कहा है कि किसी भी विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता की पुष्टि यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूची से अवश्य करें। पिछले कुछ वर्षों में यूजीसी लगातार फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद ये संस्थान अलग-अलग नामों से छात्रों को गुमराह कर रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों तक फैले इन फर्जी विश्वविद्यालयों के जाल में हर साल हजारों छात्र फंस रहे हैं।</p>
<hr />
<h6 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फर्जी विश्वविद्यालय</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">देश के 12 राज्यों में सक्रिय 32 फर्जी विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक 12 दिल्ली में पाए गए हैं। इनमें से कुछ संस्थान यूजीसी मुख्यालय के आसपास ही संचालित हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>दिल्ली – 12</p>
</li>
<li>
<p>उत्तर प्रदेश – 4</p>
</li>
<li>
<p>केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक – 2-2</p>
</li>
<li>
<p>हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश – 1-1</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h6 style="text-align:justify;"><strong>विदेशी विश्वविद्यालयों के नाम का भी हो रहा दुरुपयोग</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">अब कई फर्जी संस्थान विदेशी विश्वविद्यालयों जैसा नाम अपनाकर छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे छात्रों के लिए असली और नकली संस्थानों में फर्क करना और भी मुश्किल हो गया है।यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ही डिग्री लेने पर ही उसका कानूनी महत्व होता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170438/growing-network-of-fake-universities-in-the-country-32-institutions</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 21:53:46 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट: बिहार के 5 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>मोतिहारी।</strong> राजस्थान की एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में बिहार के पांच मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में कुल सात लोगों की मौत की सूचना है। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।</p>
<p>मृतकों में पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन, चिरैया और हरसिद्धि क्षेत्र के श्रमिक शामिल हैं। प्रशासन ने चार शवों की पहचान कर ली है, जबकि एक शव बुरी तरह जल जाने के कारण पहचान की प्रक्रिया जारी है।</p>
<h6><strong>मृतकों के नाम:</strong></h6>
<ul>
<li>
<p>मिंटू कुमार (श्रीपुर नगरवा, घोड़ासहन)</p>
</li>
<li>
<p>सुजंत कुमार (नारायणपुर, शिकारगंज थाना क्षेत्र, चिरैया)</p>
</li>
<li>
<p>अमरेश कुमार (मटिअरवा, हरसिद्धि)</p>
</li>
<li>
<p>श्याम</p></li></ul>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170023/explosion-in-rajasthans-chemical-factory-5-workers-from-bihar-burnt"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1200-675-26054709-thumbnail-16x9-mot.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मोतिहारी।</strong> राजस्थान की एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में बिहार के पांच मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में कुल सात लोगों की मौत की सूचना है। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।</p>
<p>मृतकों में पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन, चिरैया और हरसिद्धि क्षेत्र के श्रमिक शामिल हैं। प्रशासन ने चार शवों की पहचान कर ली है, जबकि एक शव बुरी तरह जल जाने के कारण पहचान की प्रक्रिया जारी है।</p>
<h6><strong>मृतकों के नाम:</strong></h6>
<ul>
<li>
<p>मिंटू कुमार (श्रीपुर नगरवा, घोड़ासहन)</p>
</li>
<li>
<p>सुजंत कुमार (नारायणपुर, शिकारगंज थाना क्षेत्र, चिरैया)</p>
</li>
<li>
<p>अमरेश कुमार (मटिअरवा, हरसिद्धि)</p>
</li>
<li>
<p>श्याम कुमार (हरसिद्धि)</p>
</li>
<li>
<p>रवि कुमार (हरसिद्धि)</p>
</li>
</ul>
<h6><strong>घायल मजदूर:</strong></h6>
<ul>
<li>
<p>मनु पासवान</p>
</li>
<li>
<p>नितेश कुमार</p>
</li>
<li>
<p>कन्हैया पासवान</p>
</li>
<li>
<p>आशिक पासवान</p>
</li>
<li>
<p>दीपलाल कुमार</p>
</li>
</ul>
<p>सभी घायलों का इलाज राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।</p>
<hr />
<h6><strong>मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान</strong></h6>
<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग राजस्थान प्रशासन के संपर्क में है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।</p>
<hr />
<h6><strong>पिता के इलाज के लिए गया था राजस्थान</strong></h6>
<p>घोड़ासहन के श्रीपुर नगरवा निवासी मिंटू पासवान अपने पिता सिकंदर पासवान के इलाज के लिए राजस्थान कमाने गए थे। उनके पिता पक्षाघात से पीड़ित हैं। मिंटू पिछले दो वर्षों से अपने परिवार के साथ राजस्थान में रह रहे थे। गांव में दादा गगन देव पासवान (72 वर्ष) अकेले रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।</p>
<hr />
<h6><strong>धमाके के बाद लगी भीषण आग</strong></h6>
<p>बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई। मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। नारायणपुर गांव के पांच अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 20:44:29 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चाय की प्याली से सेवा का संकल्प आठ दोस्तों ने रचा गो सेवा का अद्भुत इतिहास</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">राजस्थान की धरती पर सेवा, त्याग और श्रद्धा की कहानियाँ नई नहीं हैं, लेकिन कोटा जिले के सांगोद कस्बे से निकली यह कथा अपने आप में एक अनोखी मिसाल है। यह कहानी किसी बड़े उद्योगपति या सरकारी अनुदान से शुरू नहीं होती, बल्कि एक साधारण सी चाय की प्याली से जन्म लेती है। कोरोना महामारी के कठिन समय में जब दुनिया अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही थी, तब आठ मित्रों ने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने न केवल उनकी सोच बदली, बल्कि सैकड़ों निराश्रित और घायल गोवंशों के जीवन को भी नई दिशा दे दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह आठ मित्र प्रतिदिन</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169939/eight-friends-resolved-to-serve-over-a-cup-of-tea"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/चाय-की-प्याली-से-सेवा-का-संकल्प-आठ-दोस्तों-ने-रचा-गोसेवा-का-अद्भुत-इतिहास.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">राजस्थान की धरती पर सेवा, त्याग और श्रद्धा की कहानियाँ नई नहीं हैं, लेकिन कोटा जिले के सांगोद कस्बे से निकली यह कथा अपने आप में एक अनोखी मिसाल है। यह कहानी किसी बड़े उद्योगपति या सरकारी अनुदान से शुरू नहीं होती, बल्कि एक साधारण सी चाय की प्याली से जन्म लेती है। कोरोना महामारी के कठिन समय में जब दुनिया अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही थी, तब आठ मित्रों ने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने न केवल उनकी सोच बदली, बल्कि सैकड़ों निराश्रित और घायल गोवंशों के जीवन को भी नई दिशा दे दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह आठ मित्र प्रतिदिन शाम को एक चाय की दुकान पर मिलते थे। रोज की 80 रुपए की चाय उनके लिए केवल पेय नहीं, बल्कि आपसी संवाद और मित्रता का माध्यम थी। महामारी के बाद जब जीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा, तब उन्होंने तय किया कि अब यह 80 रुपए केवल चाय पर खर्च नहीं होंगे। उन्होंने सोचा कि क्यों न इन पैसों को किसी सार्थक कार्य में लगाया जाए। यही छोटा-सा संकल्प आगे चलकर “कृष्ण दरबार गो सेवा संस्थान” के रूप में साकार हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। धार्मिक, सांस्कृतिक और कृषि जीवन में उसका विशेष महत्व रहा है। किंतु आधुनिक जीवन की आपाधापी में अक्सर सड़क किनारे घायल, बीमार और असहाय गोवंश देखने को मिल जाते हैं। कई स्थानों पर गोशालाएँ अवश्य हैं, लेकिन संसाधनों और सेवा की कमी के कारण हर पशु तक समय पर सहायता नहीं पहुँच पाती। ऐसे में सांगोद के इन मित्रों ने यह महसूस किया कि सेवा का वास्तविक अर्थ केवल भावनात्मक जुड़ाव नहीं, बल्कि ठोस व्यवस्था खड़ी करना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शुरुआत में उन्होंने चाय छोड़कर बचाए गए पैसों से जरूरतमंद लोगों की सहायता की। धीरे-धीरे उनके इस प्रयास से अन्य लोग भी जुड़ते गए। कोई 10 रुपये देता, कोई 20, कोई 50 और कभी-कभी 100 रुपये भी। छोटी-छोटी राशियाँ मिलकर हजारों में बदलने लगीं। यह केवल धन संग्रह नहीं था, बल्कि समाज की आस्था और विश्वास का संगम था।इसी विश्वास की नींव पर गोवंशों के लिए एक अस्पताल की स्थापना का विचार जन्मा। आज “कृष्ण दरबार गो सेवा संस्थान” केवल एक गोशाला नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सेवा केंद्र बन चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहाँ आईसीयू और जनरल वार्ड की व्यवस्था है। जब कोई घायल या गंभीर रूप से बीमार गाय लाई जाती है तो उसे पहले आईसीयू में रखा जाता है, जहाँ उसकी विशेष देखभाल की जाती है। स्थिति सुधरने पर उसे जनरल वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाता है। साफ-सुथरे शेड, हरा-भरा चारा और प्रशिक्षित वेटरनरी डॉक्टरों की टीम इस सेवा को व्यवस्थित और प्रभावी बनाती है।इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता है यहाँ कार्यरत लोगों का समर्पण। सात दिनों के लिए सात इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं और 22 सहायक दिन-रात ड्यूटी देते हैं। यह पूरी सेवा निशुल्क है। रात के दो बजे भी यदि सूचना मिलती है कि कहीं कोई गाय घायल अवस्था में पड़ी है, तो तुरंत वाहन रवाना हो जाता है। स्वस्थ होने के बाद गोवंश को नगर पालिका की गोशाला में भेज दिया जाता है, जिससे उसकी आगे की देखभाल सुनिश्चित हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोग इस स्थान को “जीवंत माता का मंदिर” कहते हैं। वास्तव में यह केवल अस्पताल नहीं, बल्कि करुणा और संवेदना का जीवंत उदाहरण है। यहाँ सेवा किसी दिखावे या प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि आंतरिक आस्था का परिणाम है। यह संदेश देता है कि यदि संकल्प सच्चा हो तो सीमित साधनों से भी असंभव प्रतीत होने वाले कार्य पूरे किए जा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आज देश में गोशालाओं के निर्माण पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। गाय के नाम पर चंदा भी जुटाया जाता है। किंतु कई बार व्यवस्थाएँ अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पातीं। ऐसे समय में सांगोद के इन मित्रों का प्रयास यह सिद्ध करता है कि परिवर्तन केवल बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि बड़े हृदय से आता है। उन्होंने यह दिखाया कि चाय पर होने वाली चर्चा यदि सेवा के संकल्प में बदल जाए तो हजारों रुपये की बचत समाज के कल्याण में लग सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कहानी युवाओं के लिए विशेष प्रेरणा है। अक्सर यह कहा जाता है कि बड़े कार्य करने के लिए बड़ी पूँजी चाहिए। परंतु यहाँ पूँजी से अधिक महत्त्वपूर्ण था उद्देश्य। आठ मित्रों का छोटा-सा त्याग एक आंदोलन में बदल गया। उन्होंने यह साबित किया कि सामाजिक परिवर्तन का मार्ग किसी सरकारी योजना से ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संकल्प से भी प्रशस्त हो सकता है।कोटा और सांगोद क्षेत्र में यह संस्थान अब आशा का प्रतीक बन चुका है। घायल गोवंशों को नया जीवन मिल रहा है और समाज में सेवा की भावना प्रबल हो रही है। यह पहल बताती है कि यदि हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन से थोड़ी-सी राशि बचाकर किसी सामाजिक उद्देश्य में लगाए, तो कितने ही अस्पताल, विद्यालय और आश्रय स्थल खड़े किए जा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चाय की प्याली छोड़ने का यह निर्णय केवल आर्थिक बचत नहीं था, बल्कि आत्मानुशासन और त्याग का अभ्यास भी था। यह संदेश देता है कि छोटी-सी आदत में परिवर्तन भी बड़े सामाजिक बदलाव का कारण बन सकता है।सांगोद के इन आठ मित्रों ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी अपेक्षा के की जाए। उनका यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है। यह कहानी हमें सोचने पर विवश करती है कि हम अपने दैनिक जीवन में कौन-सा छोटा त्याग कर सकते हैं, जो समाज के लिए बड़ा योगदान बन सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः यह केवल गोवंशों के उपचार की कथा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना की विजय गाथा है। चाय की एक प्याली से शुरू हुआ यह सफर आज सैकड़ों जीवनों को बचाने का माध्यम बन चुका है। यही वह प्रेरणा है, जो किसी भी गोशाला या सेवा संस्थान के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर सकती है और समाज को यह सिखा सकती है कि सच्ची श्रद्धा कर्म से सिद्ध होती है, शब्दों से नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:54:50 +0530</pubDate>
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                <title>Success Story: हरियाणा की बेटी राजस्थान में बनीं DSP, किसान परिवार से निकलकर बनीं DSP</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>Success Story:</strong> कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है इसकी कहानी हम आपको बताने जा रहें है, जिसकी प्रेरणा बनी DSP अंजू यादव। जिन्होंने जिंदगी की हर मुश्किल को सीढ़ी बनाया। घूंघट से निकलकर पढ़ाई की और राजस्थान पुलिस सर्विस परीक्षा पास की और आज डीएसपी पद पर तैनात हैं। आइए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी...</p>
<p><strong>ऐसे बनीं DSP</strong></p>
<p>हरियाणा के नारनौल जिले के छोटे से गांव धौलेड़ा में 1988 में जन्मी अंजू यादव किसान परिवार से आती हैं। पिता लालाराम खेती और परचून की दुकान से परिवार चलाते थे, मां हाउसवाइफ थीं। चार</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158636/success-story-haryanas-daughter-became-dsp-in-rajasthan-she-came"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-20t165230.1182.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Success Story:</strong> कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है इसकी कहानी हम आपको बताने जा रहें है, जिसकी प्रेरणा बनी DSP अंजू यादव। जिन्होंने जिंदगी की हर मुश्किल को सीढ़ी बनाया। घूंघट से निकलकर पढ़ाई की और राजस्थान पुलिस सर्विस परीक्षा पास की और आज डीएसपी पद पर तैनात हैं। आइए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी...</p>
<p><strong>ऐसे बनीं DSP</strong></p>
<p>हरियाणा के नारनौल जिले के छोटे से गांव धौलेड़ा में 1988 में जन्मी अंजू यादव किसान परिवार से आती हैं। पिता लालाराम खेती और परचून की दुकान से परिवार चलाते थे, मां हाउसवाइफ थीं। चार बेटियों का पालन-पोषण आसान नहीं था, लेकिन माता-पिता ने कभी उन्हें बेटों से कम नहीं समझा। आज इसी परवरिश का नतीजा है कि अंजू राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) में DSP हैं। Success Story</p>
<p><strong>21 साल में शादी, 24 में बनीं मां</strong></p>
<p>बहुत कम उम्र में शादी और फिर मां बनने के बाद अंजू की जिंदगी जिम्मेदारियों से भर गई। ससुराल से सपोर्ट न मिलने पर वे मायके लौट आईं। बेटे मुकुलदीप की परवरिश की जिम्मेदारी भी उन पर ही आ गई। यही वह दौर था जब ज्यादातर लोग अपने सपनों को खत्म मान लेते हैं, लेकिन अंजू ने हार मानने के बजाय खुद को साबित करने की ठानी। Success Story</p>
<p><strong>सरकारी स्कूल से पढ़ाई</strong></p>
<p>गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने डिस्टेंस मोड से ग्रेजुएशन किया। कोई बड़ा स्कूल, कोई महंगी कोचिंग नहीं, सिर्फ हौसला और लगन ही उनके साथ थी। करियर की शुरुआत शिक्षक के तौर पर की। अंजू ने अपनी मेहनत से तीन बार सरकारी टीचर की नौकरी हासिल की। 2016 में पहली बार मध्यप्रदेश के भिंड में जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाने लगीं। इसके बाद राजस्थान और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाया। दिल्ली में उन्होंने करीब पांच साल तक बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने बेटे की परवरिश और नौकरी दोनों साथ में किया। Success Story</p>
<p><strong>हिम्मत का फैसला</strong></p>
<p>2021 में पति नित्यानंद का बीमारी से निधन हो गया। अकेले बेटे और जिम्मेदारियों के बीच यह समय बेहद कठिन था, लेकिन अंजू ने इस दुख को अपनी ताकत बनाया। उसी साल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की परीक्षा का फॉर्म भरा। लगातार मेहनत की और 2023 में रिजल्ट आने पर विधवा कोटे से 1725वीं रैंक हासिल की। Success Story</p>
<p><strong>सितंबर 2025 DSP बनी अंजू</strong></p>
<p>लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद आखिरकार सितंबर 2025 में उनकी पासिंग परेड हुई और वे राजस्थान पुलिस सेवा में DSP बन गईं। वर्दी पहनकर उन्होंने साबित कर दिया कि असली जीत हालात से लड़कर ही मिलती है।</p>]]>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 23:03:50 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>New Tunnel: राजस्थान से दिल्ली पहुंचना होगा आसान, जल्द तैयार होगी देश की पहली 8-लेन टनल</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>New Tunnel:</strong> राजस्थान के कोटा से दिल्ली का सफर अब आसान होने वाला है। दिल्ली-मुम्बई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर साल के अंत तक कोटा से दिल्ली तक वाहन दौड़ने लगेंगे। कोटा से दिल्ली मार्ग के अंतिम चरण पर काम चल रहा है, लेकिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में बन रही देश की पहली आठ लेन वाली टनल का काम अभी भी अधूरा है। इसमें चार महीने और लग सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अंतिम चरण में कार्य</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा से दिल्ली के बीच पैकेज नंबर 10 का 26.5 किमी का कार्य अंतिम चरण में है। पैकेज के</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157991/new-tunnel-it-will-be-easy-to-reach-delhi-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-22t133319.293.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>New Tunnel:</strong> राजस्थान के कोटा से दिल्ली का सफर अब आसान होने वाला है। दिल्ली-मुम्बई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर साल के अंत तक कोटा से दिल्ली तक वाहन दौड़ने लगेंगे। कोटा से दिल्ली मार्ग के अंतिम चरण पर काम चल रहा है, लेकिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में बन रही देश की पहली आठ लेन वाली टनल का काम अभी भी अधूरा है। इसमें चार महीने और लग सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अंतिम चरण में कार्य</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा से दिल्ली के बीच पैकेज नंबर 10 का 26.5 किमी का कार्य अंतिम चरण में है। पैकेज के सीमलिया से जयपुर के फागी तक हाईटेंशन लाइन एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट में दो जगह बीच में आ रही है। दोनों लाइनों की शिफ्टिंग होनी है। इसमें एक लाइन के लिए सितम्बर में एक माह का शटडाउन लेकर काम किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कब तक पूरा होगा काम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि इसके बाद दूसरी लाइन की शिफ्टिंग की जाएगी। इसके लिए भी शटडाउन लेकर इसका काम किया जाएगा। मार्ग का फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है, जो नवम्बर अंत तक पूरा हो जाएगा। ऐसे में दिसम्बर की शुरुआत में कोटा से दिल्ली तक वाहनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अतिवृष्टि के चलते निर्माण स्थल तक सामग्री पहुंचाने के रास्ते खराब होने से काम प्रभावित हुआ। इसके लिए दौसा पीआइयू के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भरतसिंह सवाईमाधोपुर से पैकेज के काम को देख रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कोटा-दिल्ली मार्ग का आखिरी काम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल इस समय एक्सप्रेस-वे से कोटा से बूंदी जिले के लबान तक पहुंचा जा सकता है। इसके बाद एक्सप्रेस-वे से कोटा लालसोट मेगा हाईवे पर आना पड़ता है। इस पर करीब 60 किमी चलने के बाद सवाईमाधोपुर के कुशतला से वापस दिल्ली तक एक्सप्रेस-वे का उपयोग किया जा सकता है। कोटा-दिल्ली मार्ग शुरू होने में इस पैकेज का काम ही शेष है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2019 में शुरू हुआ था काम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का काम 2019 में शुरू हुआ। इसे चार वर्ष में 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन कई स्थानों पर विभिन्न बाधाओं के कारण पूरा नहीं हो सका।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में अब इसका काम 2026 में पूरा हो पाएगा। इसका निर्माण पूरा होने से कोटा की दिल्ली व मुम्बई से कनेक्टिविटी बेहतर होने से आम लोगों, किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ होगा। इसके अलावा कोटा से जयपुर व सवाईमाधोपुर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 13:33:50 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Railway News: दिवाली पर रेल यात्रियों को बड़ा तोहफा, राजस्थान से हरियाणा-पंजाब तक चलेगी स्पेशल ट्रेनें</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>Railway News: </strong>दिवाली पर रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा ने त्यौहारी सीजन पर अतिरिक्त भीड़- भाड़ और यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजस्थान के श्रीगंगानगर से हरियाणा और पंजाब के रास्ते 2 साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। </p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों के संचालन से हरियाणा और पंजाब में रहने वाले UP और बिहार के प्रवासियों के लिए दिपावली और छठ पर्व पर घर पहुंचना आसान हो जाएगा। Railway News</p>
<p><strong>स्पेशल ट्रेन</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ट्रेन</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157650/railway-news-big-gift-to-railway-passengers-on-diwali-special"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-18t181012.604.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Railway News: </strong>दिवाली पर रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा ने त्यौहारी सीजन पर अतिरिक्त भीड़- भाड़ और यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजस्थान के श्रीगंगानगर से हरियाणा और पंजाब के रास्ते 2 साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। </p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों के संचालन से हरियाणा और पंजाब में रहने वाले UP और बिहार के प्रवासियों के लिए दिपावली और छठ पर्व पर घर पहुंचना आसान हो जाएगा। Railway News</p>
<p><strong>स्पेशल ट्रेन</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 04731, श्रीगंगानगर- समस्तीपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 19 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को श्रीगंगानगर से 13.25 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 11 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। इसी तरह वापसी में ट्रेन नंबर 04732, समस्तीपुर-  श्रीगंगानगर 21 अक्टूबर से 4 नवंबर तक समस्तीपुर से प्रत्येक मंगलवार को 1 बजे रवाना होकर अगले दिन 12.20 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेगी। Railway News</p>
<p><strong>ठहराव</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बीच रास्ते यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सादुलशहर, हनुमानगढ, संगरिया, मंडी डबवाली, रामां, सिरसा, मंडी आदमपुर, हिसार, हांसी, रोहतक, दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया सदर, सीवान, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर व मुजफ्फरपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस ट्रेन में 2 थर्ड एसी, 4 द्वितीय शयनयान, 12 साधारण श्रेणी व 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल डिब्बों की संख्या 20 होगी। Railway News</p>
<p><strong>शेड्यूल</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 04729, श्रीगंगानगर- गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा 23 व 30 अक्टूबर को श्रीगंगानगर से प्रत्येक वीरवार को 13.25 बजे रवाना होकर अगले दिन 16.30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसी तरह वापसी में ट्रेन नंबर 04730, गोरखपुर- श्रीगंगानगर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा 24 व 31 अक्टूबर को गोरखपुर से प्रत्येक शुक्रवार को 19.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन 02.45 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेगी। Railway News</p>
<p><strong>ठहराव</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बीच रास्ते यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सादुलशहर, हनुमानगढ, संगरिया, मंडी डबवाली, रामां, सिरसा, मंडी आदमपुर, हिसार, हांसी, रोहतक, दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, बलरामपुर, बढ़नी व सिद्धार्थनगर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस ट्रेन में 2 थर्ड एसी, 4 द्वितीय शयनयान, 12 साधारण श्रेणी व 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल डिब्बों की संख्या 20 होगी।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 18:10:24 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan: राजस्थान में आज भीषण हादसा, सड़क पर चलती निजी बस में अचानक लगी आग</title>
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                        <![CDATA[<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/latest-news-(9).jpg" alt="Latest News (9)" width="1200" height="720" />Rajasthan: </strong>राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार को एक भीषण हादसा हुआ। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में अचानक आग लग गई। यह घटना वार म्यूजियम के पास हुई, जिसमें करीब लगभग 15 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। </p>
<p>वहीं, हादसे में 3 बच्चों, 3 महिलाओं समेत 15 लोग झुलस गए। बताया जा रहा है कि बस में कुल 57 लोग सवार थे। आग की लपटें और धुआं काफी ऊंचाई तक उठता रहा। इससे अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p>बता दें, आग इतनी तेजी से फैली कि कई सवार बाहर निकलने में असमर्थ रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157235/rajasthan-horrible-accident-today-in-rajasthan-a-private-bus-moving"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news-(9).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/latest-news-(9).jpg" alt="Latest News (9)" width="1280" height="720"></img>Rajasthan: </strong>राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार को एक भीषण हादसा हुआ। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में अचानक आग लग गई। यह घटना वार म्यूजियम के पास हुई, जिसमें करीब लगभग 15 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। </p>
<p>वहीं, हादसे में 3 बच्चों, 3 महिलाओं समेत 15 लोग झुलस गए। बताया जा रहा है कि बस में कुल 57 लोग सवार थे। आग की लपटें और धुआं काफी ऊंचाई तक उठता रहा। इससे अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p>बता दें, आग इतनी तेजी से फैली कि कई सवार बाहर निकलने में असमर्थ रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा। घायलों को तत्काल तीन एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। बस में आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई है। फिलहाल राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 17:09:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Highway: दिल्ली से जयपुर का सफर होगा और भी आसान, ये हाईवे बनकर हुआ तैयार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">New Highway: राजस्थान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">बुनियादी</span> <span class="cf0">ढांचे</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूती</span> <span class="cf0">देने</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> तहत एक नया </span><span class="cf0">फोर</span><span class="cf0"> लेन हाईवे बनकर तैयार हो गया है। यह हाईवे </span><span class="cf0">बांदीकुई</span><span class="cf0"> से लेकर जयपुर तक बनाया गया है और इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (</span><span class="cf1">NHAI) </span><span class="cf0">ने विकसित किया है।</span></p>
<p><span class="cf0">खास बात यह है कि यह हाईवे दिल्ली-मुंबई </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> का हिस्सा है और इसके शुरू होने से दिल्ली से जयपुर का सफर और तेज हो </span><span class="cf0">जाएगा।राजस्थान</span><span class="cf0"> में </span><span class="cf0">बांदीकुई</span><span class="cf0"> से जयपुर के बीच बना नया </span><span class="cf0">फोर</span> <span class="cf0">लेन</span><span class="cf0"> हाईवे अब बनकर तैयार है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (</span><span class="cf1">NHAI) </span><span class="cf0">ने विकसित </span><span class="cf0">किया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><span class="cf0">67 </span><span class="cf0">किलोमीटर</span> <span class="cf0">लंबे</span> <span class="cf0">इस</span></p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154348/new-highway-delhi-to-jaipur-will-be-a-journey-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/aaj-ka-mausam-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">New Highway: राजस्थान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">बुनियादी</span> <span class="cf0">ढांचे</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">मजबूती</span> <span class="cf0">देने</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> तहत एक नया </span><span class="cf0">फोर</span><span class="cf0"> लेन हाईवे बनकर तैयार हो गया है। यह हाईवे </span><span class="cf0">बांदीकुई</span><span class="cf0"> से लेकर जयपुर तक बनाया गया है और इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (</span><span class="cf1">NHAI) </span><span class="cf0">ने विकसित किया है।</span></p>
<p><span class="cf0">खास बात यह है कि यह हाईवे दिल्ली-मुंबई </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> का हिस्सा है और इसके शुरू होने से दिल्ली से जयपुर का सफर और तेज हो </span><span class="cf0">जाएगा।राजस्थान</span><span class="cf0"> में </span><span class="cf0">बांदीकुई</span><span class="cf0"> से जयपुर के बीच बना नया </span><span class="cf0">फोर</span> <span class="cf0">लेन</span><span class="cf0"> हाईवे अब बनकर तैयार है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (</span><span class="cf1">NHAI) </span><span class="cf0">ने विकसित </span><span class="cf0">किया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><span class="cf0">67 </span><span class="cf0">किलोमीटर</span> <span class="cf0">लंबे</span> <span class="cf0">इस</span><span class="cf0"> हाईवे </span><span class="cf0">के</span> <span class="cf0">शुरू</span> <span class="cf0">होने</span> <span class="cf0">से</span><span class="cf0"> दिल्ली </span><span class="cf0">से</span> <span class="cf0">जयपुर</span> <span class="cf0">की</span><span class="cf0"> यात्रा न </span><span class="cf0">केवल</span> <span class="cf0">आसान</span> <span class="cf0">होगी</span><span class="cf0">, बल्कि समय </span><span class="cf0">और</span> <span class="cf0">ईंधन</span> <span class="cf0">दोनों</span><span class="cf0"> की बचत भी होगी। </span><span class="cf0">दिल्ली</span><span class="cf0"> से </span><span class="cf0">जयपुर</span> <span class="cf0">जाने</span> <span class="cf0">के</span><span class="cf0"> लिए </span><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span><span class="cf0"> प्रमुख </span><span class="cf0">रास्ते</span> <span class="cf0">उपलब्ध</span> <span class="cf0">हैं</span><span class="cf2">। </span><span class="cf0">दिल्ली-जयपुर</span><span class="cf0"> हाईवे (</span><span class="cf1">NH-48)</span> <span class="cf0">पारंपरिक</span> <span class="cf0">रूट</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">लेकिन</span> <span class="cf0">भारी</span> <span class="cf0">ट्रैफिक</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">ट्रक</span> <span class="cf0">मूवमेंट</span><span class="cf0"> के कारण </span><span class="cf0">अक्सर</span><span class="cf0"> जाम की स्थिति रहती </span><span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><span class="cf0">दिल्ली-मुंबई</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">के </span><span class="cf0">रूट</span><span class="cf0"> से यात्री </span><span class="cf0">दौसा</span><span class="cf0"> जिले तक दिल्ली-मुंबई </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> का उपयोग करते हैं और फिर </span><span class="cf0">बांधरेज</span> <span class="cf0">टोल</span> <span class="cf0">प्लाजा</span><span class="cf0"> से बाहर निकलकर जयपुर-आगरा हाईवे (</span><span class="cf1">NH-44) </span><span class="cf0">पर पहुंचते हैं। लेकिन, </span><span class="cf1">NH-44 </span><span class="cf0">पर भारी भीड़ के कारण </span><span class="cf0">दौसा</span><span class="cf0"> से जयपुर तक का सिर्फ यह हिस्सा पार करने में ही यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे </span><span class="cf0">लग</span><span class="cf0"> जाते हैं।</span></p>
<h3><strong><span class="cf0">कब से होगा चालू?</span></strong></h3>
<p><span class="cf0">सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा जांच </span><span class="cf0">पूरी</span><span class="cf0"> होने के बाद इस हाईवे को </span><span class="cf0">अक्टूबर</span><span class="cf0"> 2025 में आम जनता के लिए </span><span class="cf0">खोल</span><span class="cf0"> दिया जाएगा। इससे पहले </span><span class="cf0">फाइनल</span> <span class="cf0">ट्रायल</span><span class="cf0"> रन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।</span></p>
<p></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 12:00:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की तरफ से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत सरकार अलर्ट पर है। देश के अलग-अलग राज्यों से पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा रहा है।</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">  <strong>भारत की तरफ से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत सरकार अलर्ट पर है। देश के अलग-अलग राज्यों से पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा रहा है</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खबर: अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम हमले के जवाब में भारत की तरफ से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत सरकार अलर्ट पर है। देश के अलग-अलग राज्यों से पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली से एक पाकिस्तानी जासूस को पकड़ा गया है। राजस्थान पुलिस की खुफिया शाखा ने बुधवार को दिल्ली स्थित नौसेना भवन के एक अपर डिविजन क्लर्क को पाकिस्तान के लिए जासूसी के</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152853/the-government-of-india-has-been-on-alert-since-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250627-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> <strong>भारत की तरफ से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत सरकार अलर्ट पर है। देश के अलग-अलग राज्यों से पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा रहा है</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खबर: अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम हमले के जवाब में भारत की तरफ से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत सरकार अलर्ट पर है। देश के अलग-अलग राज्यों से पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली से एक पाकिस्तानी जासूस को पकड़ा गया है। राजस्थान पुलिस की खुफिया शाखा ने बुधवार को दिल्ली स्थित नौसेना भवन के एक अपर डिविजन क्लर्क को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आपको जानकार हैरानी होगी कि विशाल यादव नामक नौसेना क्लर्क पाकिस्तानी को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दे रहा था। जब भारतीय सेना पाकिस्तान के घर में घुसकर उसकी छाती को छलनी कर रही थी, तब दिल्ली में बैठा विशाल देश की पीठ में छूरा घोंप रहा था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रिया को भेजता था भारत की जानकारी</strong><br />हरियाणा निवासी विशाल नौसेना भवन में डायरेक्टरेट ऑफ डॉकयार्ड में कार्यरत है। विशाल यादव सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी की एक महिला हैंडलर प्रिया के लगातार संपर्क में था। पैसों के लालच में विशाल नौसेना भवन से गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी हैंडलर को दे रहा था। विशाल के फोन में चैट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बता दें कि विशाल से जयपुर में पूछताछ की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऑनलाइन गेमिंग का आदी था विशाल</strong><br />प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विशाल यादव ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान की एक महिला एजेंट को देनी शुरू कर दी थी। बदले में उसे क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) और बैंक खातों के जरिए पैसे मिलते थे। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पहलगाम हमले के बाद से कार्रवाई जारी</strong><br />पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही संदिग्ध पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से संपर्क बनाए रखने के आरोप में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राजस्थान में शकूर खान नामक सरकारी कर्मचारी को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में जैसलमेर में हिरासत में लिया गया। सबसे बड़ी गिरफ्तारी हरियाणा की ज्योति मल्होत्रा के रूप में हुई। एजेंसियों का दावा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात एक पाकिस्तानी अधिकारी के संपर्क में थी।</p>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/152853/the-government-of-india-has-been-on-alert-since-the</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 18:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Uttrakhand]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान के अलवर में सामने आया सोनम रघुवंशी जैसा मामला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खबर:अमित राघव </strong></p>
<p style="text-align:justify;">मैं सोया ही था कि तभी दरवाजे पर हल्की-हल्की आवाज आने लगी, मैनी आंख खोली, तो देखा मां ने गेट खोला. .बाहर काशी अंकल खड़े थे, उनके साथ चार और लोग थे. मैें उठ गया और देखा मम्मी चारपाई के सामने खड़़ी थी. पापा को उन लोगों ने पकड रखा था. उन्हें मुक्के मारे, पैर मोड़़े और गला भी दबाया. काशी अंकल ने तकिए से उनका मुंह दबा रखा था. </p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के अलवर में सोनम रघुवंशी जैसा मामला सामने आया है, अलवर की खेडली में एक पत्नी अनीता ने प्रेमी काशीराम संग मिलकर पति मान सिंह जाटव की</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152665/a-case-like-sonam-raghuvanshi-has-come-up-in-alwar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/screenshot_20250618_123532_instagram.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खबर:अमित राघव </strong></p>
<p style="text-align:justify;">मैं सोया ही था कि तभी दरवाजे पर हल्की-हल्की आवाज आने लगी, मैनी आंख खोली, तो देखा मां ने गेट खोला. .बाहर काशी अंकल खड़े थे, उनके साथ चार और लोग थे. मैें उठ गया और देखा मम्मी चारपाई के सामने खड़़ी थी. पापा को उन लोगों ने पकड रखा था. उन्हें मुक्के मारे, पैर मोड़़े और गला भी दबाया. काशी अंकल ने तकिए से उनका मुंह दबा रखा था. </p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के अलवर में सोनम रघुवंशी जैसा मामला सामने आया है, अलवर की खेडली में एक पत्नी अनीता ने प्रेमी काशीराम संग मिलकर पति मान सिंह जाटव की हत्या करा दी. हत्या की साजिश में पत्नी, प्रेमी और सुपारी किलर शामिल थे. इस पूरी वारदात का चश्मदीद मृतक का नौ साल का बेटा है, जो उसी कमरे में मोजूद था, जहां उसकी मां ने उसके पिता की हत्या करवाई. </p>
<p style="text-align:justify;">बेटे ने जो कुछ अपनी आंखों से देखा, वो सारा ' सच पुलिस को बता दिया. पुलिस ने अनीता और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या को अंजाम देने वाले सुपारी किलर्स को तलाश रही है। </p>
<p style="text-align:justify;"><br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 20:10:46 +0530</pubDate>
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                <title>स्वंय की खोज पुस्तक का विमोचन भौतिकता से आध्यात्मिकता का दर्शन</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>अयोध्या।</strong>  शहर के एक होटल में स्वयं की खोज पुस्तक का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि नाका हनुमान गढ़ी के मंहत रामदास जी व भाजपा विधायक रामचंद्र यादव रहे। राजस्थान के वेदांग गुरुकुलम प्रचारक चेतनानंद के द्वारा लिखित पुस्तक में भौतिकता से आध्यात्मिकता का दर्शन मिलता है। चेतनानंद ने बताया कि संतो के साथ रहकर यात्राओं के माध्यम से एवं तमाम ग्रंथों का अध्ययन करने के बाद, अपने 40 वर्ष की अनुभव को लगभग नौ माह में  यह पुस्तक लिखी है।</p>
<p>फिर मेरे मन में विचार आया इस पुस्तक का विमोचन भगवान राम की नगरी अयोध्या में भी करेंगे और</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146430/release-of-the-book-search-of-self-philosophy-from-materialism"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241119-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> शहर के एक होटल में स्वयं की खोज पुस्तक का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि नाका हनुमान गढ़ी के मंहत रामदास जी व भाजपा विधायक रामचंद्र यादव रहे। राजस्थान के वेदांग गुरुकुलम प्रचारक चेतनानंद के द्वारा लिखित पुस्तक में भौतिकता से आध्यात्मिकता का दर्शन मिलता है। चेतनानंद ने बताया कि संतो के साथ रहकर यात्राओं के माध्यम से एवं तमाम ग्रंथों का अध्ययन करने के बाद, अपने 40 वर्ष की अनुभव को लगभग नौ माह में  यह पुस्तक लिखी है।</p>
<p>फिर मेरे मन में विचार आया इस पुस्तक का विमोचन भगवान राम की नगरी अयोध्या में भी करेंगे और आज मेरा सपना पूरा हुआ। मैं लगभग 6 साल से सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज के सानिध्य में है मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। संतों का धरती पर विशेष महत्व है यदि संत इस पृथ्वी पर नहीं होते तो सनातन नहीं होता संतों का आदर करना चाहिए। हम सभी ईश्वर की संतान हैं यह किताब हमें प्रेरणा देगी कि आध्यात्मिक रास्ते पर कैसे चले इंसान जागे और स्वयं की खोज करें भौतिक जीवन की यात्रा करते हुए अपने आप को पहचाने।</p>
<p>यह किताब महज किताब ही नहीं एक जीवन बदलने वाला यंत्र भी है। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि अयोध्या की धरती पर चेतनानंद का स्वागत है जिन्होंने ने वर्षों के प्रयास से एक ग्रंथ के रूप में पुस्तक उपलब्ध कराई है, यह पुस्तक एक अमूल्य निधि हैं ऐसे ग्रंथ समय समय पर रास्ता दिखाने का काम करते हैं। अध्यात्मिक क्षेत्र में रहने वाले संत पूज्य हैं, इन पुस्तकों के द्वारा भौतिक जीवन में कुछ न कुछ सीखते हैं ।</p>
<p>अयोध्या नाका हनुमानगढ़ी के मंहत रामदास ने कहा कि<br />चेतनानंद ने स्वयं की खोज पुस्तक का लोकार्पण करने के लिए अयोध्या को चुना ये शौभाग्य की बात है, अयोध्या त्याग उदार और तप की भूमि है, अयोध्या युद्ध की भूमि नहीं है अपितु राम की भूमि है । बच्चों को अच्छी शिक्षा की जरूरत होती है इस पुस्तक में ज्ञान वैराग्य योग शिक्षा सभी का संगम है, और इस तरह की पुस्तकें और लिखने की जरूरत है और आप लोग लिखते रहे।</p>
<p>वरिष्ठ पत्रकार रोहित तिवारी ने चेतनानंद का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि समाज को एक नई दिशा देने वाली पुस्तक की जरूरत है जिससे युवाओं में अध्यात्म को समझने का मौका मिले इस तरह की पुस्तक और भी लिखने के लिए निवेदन किया।</p>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Nov 2024 16:31:24 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में इस समय कांग्रेस बनाम भाजपा नहीं अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की लड़ाई चल रही है</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h5 class="MsoNormal">  </h5>
<p class="MsoNormal">  </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  दोनों ने सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि दोनों के बीच कोई समस्या नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगभग उतनी ही बार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी बार उन्होंने एक-दूसरे को निशाना बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले इतिहास को खंगाला  जाय  तो </span>200 <span lang="hi" xml:lang="hi">सदस्यीय सदन में </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर सिमट जाने के बाद से पार्टी को विधानसभा की जीत तक ले जाने के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिसंबर </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनावों के बाद पायलट को मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गहलोत गांधी परिवार के विश्वास को अपने पक्ष में</span></p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129630/at-present-the-battle-of-ashok-gehlot-vs-sachin-pilot"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/राजस्थान-में-इस-समय-कांग्रेस-बनाम-भाजपा-नहीं-अशोक-गहलोत-बनाम-सचिन-पायलट-की-लड़ाई-चल-रही-है.jpg" alt=""></a><br /><h5 class="MsoNormal"> </h5>
<p class="MsoNormal"> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  दोनों ने सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि दोनों के बीच कोई समस्या नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगभग उतनी ही बार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी बार उन्होंने एक-दूसरे को निशाना बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले इतिहास को खंगाला  जाय  तो </span>200 <span lang="hi" xml:lang="hi">सदस्यीय सदन में </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर सिमट जाने के बाद से पार्टी को विधानसभा की जीत तक ले जाने के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिसंबर </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनावों के बाद पायलट को मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गहलोत गांधी परिवार के विश्वास को अपने पक्ष में कैसे झुकाने में कामयाब रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके बारे में कई कहानियां हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से किसी की भी पुष्टि नहीं की जा सकी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब से गहलोत के डिप्टी के रूप में पायलट ने शपथ ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके एक साल बाद तक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने राज्य की राजनीति में खुद को कभी भी कम महत्वपूर्ण नहीं माना और अपने सार्वजनिक बयानों से सरकार को कटघरे में खड़ा किया। राजभवन में जब गहलोत के मंत्रिमंडल ने शपथ ली तो परंपरा से हटकर मंच पर पायलट के लिए भी एक कुर्सी रखी गई. आमतौर पर केवल राज्यपाल और मुख्यमंत्री ही इस स्थान पर बैठते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गहलोत और पायलट दोनों ने कई मौकों पर एक-दूसरे का नाम लिए बिना एक-दूसरे के खिलाफ टिप्पणियां की हैं।</span> 2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">के लोकसभा चुनाव के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम ने कहा कि पायलट को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए – पार्टी सभी </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें हार गई – और जोधपुर में अपने बेटे वैभव गहलोत की हार के लिए और अधिक।पायलट ने इसे लेटे नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अकेले जोधपुर में ज्यादा समय बिताने के बजाय यदि मुख्यमंत्री पूरे राज्य में प्रचार करते तो परिणाम कुछ और हो सकते थे।अन्य सभी अवसरों पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब गहलोत जोर देने के लिए कुछ कहते हैं कि राज्य के लोग और पार्टी के सभी विधायक उन्हें सीएम के रूप में देखना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे कि इसे रगड़ने के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट समान रूप से प्रतिकार करते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए जयपुर के रामलीला मैदान में राहुल गांधी की रैली में फोटो-ऑप को कौन भूल सकता है जब पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष ने दोनों नेताओं को एक-दूसरे को गले लगाया था</span>?</p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाल ही में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोटा के एक सरकारी अस्पताल में </span>100 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक शिशुओं की मृत्यु के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट ने अपनी ही सरकार को गिराने में कोई समय नहीं गंवाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह कहते हुए कि सरकार को संकट से निपटने में अधिक मानवीय होना चाहिए था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाहिर तौर पर मुख्यमंत्री के उस बयान का जिक्र था जिसमें उन्होंने मौतों की बात कही थी होता है। पायलट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के कोटा जाने के एक दिन बाद अस्पताल गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">को अपने तत्काल प्रेसर के साथ राष्ट्रीय टीवी पर प्राइमटाइम एयर-टाइम मिला।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा नहीं कि कांग्रेस आलाकमान को इस सास – बहु की लड़ाई को लेकर पता नहीं है पर हर बार विवाद निपटाने के बाद दोबारा गाड़ी पटरी से उतर जाती है । चुनावी साल में कांग्रेस हाईकमान अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच रिश्ते सुधारने की आखिरी कवायद कर रही है। अगर दोनों गुटों में बात नहीं बनती है तो हाईकमान चुनाव से पहले बड़ा फैसला ले सकता है।हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मीटिंग से पहले सुखजिंदर रंधावा ने सब कुछ सही होने की उम्मीद जताई है।प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी बातचीत करेंगे</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट मीटिंग में मुख्यमंत्री बदलने की अपनी पुरानी मांग दोहरा सकते हैं। हाल ही में पायलट ने सरकार के सामने </span>3 <span lang="hi" xml:lang="hi">शर्तें रखी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर गहलोत ने तंज कसा था। पायलट-गहलोत का विवाद </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीना पुराना है और इसे सुलझाने में कांग्रेस के </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">महासचिवों की कुर्सी चली गई।ऐसे में सियासी गलियारों में सवाल है कि खरगे के पास अब क्या विकल्प हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर पायलट और गहलोत दोनों मान जाए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर खरगे की इस मैराथन मीटिंग में भी बात नहीं बनी तो सचिन पायलट क्या करेंगे</span>?</p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे देखा जाय तो<strong> </strong>राजस्थान कांग्रेस के विवाद में पायलट की दलीलें मजबूत हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अशोक गहलोत के पास संख्याबल है। गहलोत के पास मजबूत संख्याबल होने की वजह से हाईकमान भी स्वतंत्र फैसला नहीं कर पा रहा है। राहुल गांधी भी दोनों को पार्टी की संपत्ति बताकर विवाद से पल्ला झाड़ चुके हैं ।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट गुट के करीबियों का कहना है कि कांग्रेस हाईकमान खासकर राहुल गांधी ने चुनावी साल में मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे हाईकमान ने अब तक पूरा नहीं किया। पूरा करने के लिए कई प्रयास भी हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बात नहीं बन पाई।</span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">को कांग्रेस हाईकमान ने </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">वन लाइन रेज्योलूशन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पास कराने के लिए जयपुर में बैठक आयोजित की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बैठक का गहलोत समर्थक </span>89 <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायकों ने बहिष्कार कर दिया। इस प्रकरण पर गहलोत ने माफी मांगी पर बागी नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई।सचिन पायलट गुट का कहना है कि वसुंधरा सरकार के जिस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़कर सरकार में आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस पर अशोक गहलोत ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे जनता में कांग्रेस की क्रेडिबलिटी खराब हो रही है। कांग्रेस ने खनन घोटाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कालीन चोरी जैसे कई आरोप वसुंधरा सरकार में लगाए थे।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जुलाई </span>2020 <span lang="hi" xml:lang="hi">में सचिन पायलट अपने साथ </span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायकों को लेकर हरियाणा के मानेसर चले गए। उस वक्त गहलोत सरकार के गिरने की भविष्यवाणी की जा रही थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन गहलोत ने मैनेजमेंट कर </span>102 <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायक जुगाड़ लिए। सरकार बनाने के लिए</span> 101 <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायकों की ही जरूरत पड़ती है।<strong> </strong>सितंबर </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">को कांग्रेस ने एक लाइन का प्रस्ताव पास कराने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे और अजय माकन को ऑब्जर्वर बनाकर भेजा। यहां मीटिंग से पहले </span>89 <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायकों ने स्पीकर सीपी जोशी को इस्तीफा भेज दिया। कांग्रेस हाईकमान को बैठक रद्द करनी पड़ी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे सुलह के  </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> फार्मूले है  पर तीनों में पेंच है<strong> ।</strong>कांग्रेस हाईकमान के पास पहला फॉर्मूला सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने का है। राहुल गांधी के किए वादे को पूरा करते हुए पायलट को चुनावी साल में  मुख्यमंत्री की  कुर्सी देकर विवाद को शांत किया जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर की घटना के बाद गहलोत से मुख्यमंत्री कुर्सी छिनना आसान नहीं है। गहलोत ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है और किसी सूरत में उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं। चूंकि अधिकांश विधायक भी गहलोत के साथ खड़े हैं।ऐसे में हाईकमान मुख्यमंत्री पद पायलट को देने की बात कर राजस्थान में और किरकिरी नहीं करवाना चाहेगा।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सचिन पायलट को साथ रखने के लिए हाईकमान के पास दूसरा बड़ा विकल्प पायलट के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ने का हो सकता है। ऐसे स्थिति में हाईकमान सचिन पायलट को यह कहकर साध सकता है कि आने वाला वक्त आपका है।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस ऑप्शन में भी कई पेंच हैं। अगर हाईकमान पायलट के नाम को आगे करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो गहलोत के लिए राजनीतिक रास्ता बंद हो जाएगा। गहलोत ऐसी स्थिति कभी नहीं बनने देंगे। दूसरी तरफ पायलट गुट भी सरकार के एंटी इनकंबेंसी से डरा हुआ है।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस हाईकमान के पास दूसरा ऑप्शन गहलोत के चेहरे पर ही चुनाव लड़ने का है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसकी संभावनाएं कम है। गहलोत के मुख्यमंत्री रहते पार्टी </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">बार चुनाव हार चुकी है। इसके अलावा गहलोत को अगर कांग्रेस आगे करती है तो गुर्जर समेत कई जातियों के वोट खिसक जाएंगे। </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव में भाजपा की परंपरागत वोट बैंक माने जाने वाले गुर्जर समुदाय ने कांग्रेस के पक्ष में जमकर वोट किया था। राज्य में </span>30-40 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर गुर्जर समुदाय का प्रभाव है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सियासी गलियारों में इस बात की सबसे अधिक चर्चा है कि सचिन पायलट की डिमांड अगर पूरी नहीं हुई तो अलग पार्टी बना सकते हैं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट जिस तरह की रणनीति अपना रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे यह काम तुरंत होने की उम्मीद कम है।पायलट करीबियों के मुताबिक अभी अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे के गठजोड़ का खुलासा किया जाएगा। इनमें रिसर्जेंट राजस्थान घोटाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खनन घोटाला प्रमुख है। दोनों घोटाले को लेकर अशोक गहलोत ने भी वसुंधरा राजे पर निशाना साधा था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट ने गहलोत सरकार को </span>31 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई तक का अल्टीमेटम भी दे रखा है। वहीं पायलट ने यह भी साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे और पार्टी में रहकर ही लड़ाई लड़ेंगे। यानी पायलट का प्लान-</span>B <span lang="hi" xml:lang="hi">तब शुरू होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हाईकमान कोई कार्रवाई करे। ऐसे में पायलट गुट को राजस्थान में भावनात्मक तौर पर फायदा मिल सकता है।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान को लेकर बड़ा सवाल यही है कि सचिन पायलट अगर अलग रास्ते पर जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या होगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और भाजपा भी इसी गुणा-गणित में लगी हुई है। पायलट</span> 2013 <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद राजस्थान के अध्यक्ष बनाकर दिल्ली से भेजे गए थे।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके बाद पायलट राजस्थान में ही हैं। अध्यक्ष रहते पायलट ने वसुंधरा के गढ़ पूर्वी राजस्थान में मजबूत पकड़ बना लिया। पूर्वी राजस्थान के </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">जिले दौसा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करौली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भरतपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टोंक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलवर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सवाई माधोपुर और धौलपुर में विधानसभा की कुल </span>58 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें हैं।</span> </p>
<p class="MsoNormal">2013 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव में भाजपा ने यहां शानदार परफॉर्मेंस करते हुए </span>44 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें जीती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पायलट ने </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">में सेंध लगाते हुए भाजपा को </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">पर समेट दिया। कांग्रेस को </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">में पूर्वी राजस्थान में</span> 44 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें मिली थी। पायलट समर्थक अधिकांश विधायक इसी क्षेत्र से आते हैं।पायलट के अलग पार्टी बनाने से इन </span>58 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर भाजपा वर्सेज पायलट के बीच मुकाबला हो सकता है। इसके अलावा अजमेर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागौर और बाड़मेर की करीब </span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर भी पायलट का दबदबा है। इन इलाकों में भी पायलट कांग्रेस का खेल खराब कर सकते हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे कांग्रेस हाईकमान के लिए गहलोत-पायलट का विवाद नया नहीं है। </span>1996 <span lang="hi" xml:lang="hi">में सोमेन मित्रा-ममता बनर्जी और </span>2009 <span lang="hi" xml:lang="hi">में जगन रेड्डी-रोसैया के बीच ऐसा ही विवाद उलझा था। हाईकमान ने दोनों जगहों पर राजस्थान की तरह ही पहले यथास्थिति बनाए रखा और बाद में ऐसा फैसला लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बाद में गलत साबित हुआ।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस अकालियों से सत्ता छीन लाई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">में पार्टी को एंटी इनकंबेसी का सामना करना पड़ा। साढ़े चार साल कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमरिंदर पर हमलावर रहे सिद्धू इस कारण </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> बाद में चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री कुर्सी मिली। उसके बाद कांग्रेस 18 सीट पर सिमट गई ।</span></p>]]>
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                <pubDate>Sat, 27 May 2023 18:27:43 +0530</pubDate>
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