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                <title>ayodhya news - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>लेखपालों ने  एंटी करप्शन कार्रवाई का विरोध किया: सिद्धार्थनगर जिले के पांचों तहसीलों में  धरना / प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा*</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के पांचों तहसीलों में लेखपालों ने  एंटी करप्शन कार्रवाई का विरोध कर धरना प्रदर्शन किया। इटवा तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ इटवा तहसील ईकाई  के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी के गैरमौजूदगी में  नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा । तहसील अध्यक्ष अमरदीप चौधरी ने कहा प्रांतीय कार्यकारणी द्वारा प्रदेश में लेखपाल साथियों पर भ्रष्टाचार व अत्याचार निवारण संगठन (ACO) द्वारा की जा रही गलत एवं अनुचित ट्रैप कार्रवाई के संबंध में कहा प्रदेश के फील्ड में कार्यरत लेखपाल साथियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO), उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही गलत एवं अनुचित</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186103/accountants-protested-against-the-anti-corruption-action-protested-in-all-five"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787406779620.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के पांचों तहसीलों में लेखपालों ने  एंटी करप्शन कार्रवाई का विरोध कर धरना प्रदर्शन किया। इटवा तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ इटवा तहसील ईकाई  के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी के गैरमौजूदगी में  नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा । तहसील अध्यक्ष अमरदीप चौधरी ने कहा प्रांतीय कार्यकारणी द्वारा प्रदेश में लेखपाल साथियों पर भ्रष्टाचार व अत्याचार निवारण संगठन (ACO) द्वारा की जा रही गलत एवं अनुचित ट्रैप कार्रवाई के संबंध में कहा प्रदेश के फील्ड में कार्यरत लेखपाल साथियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO), उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही गलत एवं अनुचित ट्रैप कार्रवाई से प्रदेश के पूरे लेखपाल संघ में आक्रोश एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> महामंत्री नवीन चौधरी ने कहा लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन से कठिन परिस्थितियों में शासन की योजनाओं एवं राजस्व संबंधी दायित्वों का निर्वहन करते हैं। किसी निर्दोष कर्मचारी के विरुद्ध गलत अथवा सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई से उसका सेवाकाल, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं पारिवारिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित होता है। तो संगठन भ्रष्टाचार के विरुद्ध निष्पक्ष एवं वैधानिक कार्रवाई का समर्थन करता है, किंतु नियम विरुद्ध एवं अनुचित कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल साथी उत्कर्ष दीप के साथ हुई घटना अत्यंत गंभीर है। उपलब्ध है सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के अवलोकन से प्रथम दृष्टया रिश्वत की मांग किए जाने का कोई स्पष्ट तथ्य प्रतीत नहीं होता है।  उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराते हुए उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई को समाप्त कराए जाना तथा दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।लेखपाल संवर्ग के लिए भयमुक्त एवं निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित कराने हेतु प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  इस दौरान जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता, लेखपाल संघ तहसील अध्यक्ष अमरदीप चौधरी, महामंत्री नवीन चौधरी, सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, राजकुमार कनौजिया, इन्द्र पाल सिंह, अभिषेक कुमार यादव, अरविंद मिश्रा, गिरीशचंद्र, पन्ना लाल यादव, लुकमान अहमद,राम बक्स चौधरी,अजय चौरसिया,विजय कुमार मिश्रा, हिसामुद्दीन, अनूप कुमार, अवधेश प्रताप, राघवेंद्र त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 20:40:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EVM तुरंत बंद हो, बैलेट पेपर से हो चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बिकापुर, अयोध्या।</strong> भारतीय जन समाज पार्टी ने आज केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए मांग की कि देश में लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए EVM को तुरंत बंद किया जाए और आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजमोहन सिंह ने कहा: "जिस मशीन पर देश की जनता को भरोसा नहीं, उस मशीन से देश का भविष्य तय नहीं हो सकता। अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड जैसे देश EVM को खारिज कर चुके हैं। फिर भारत में इसे थोपने का क्या कारण है? हम सरकार को चेतावनी देते हैं-EVM</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184623/evm-should-be-closed-immediately-and-elections-should-be-done"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/646029.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बिकापुर, अयोध्या।</strong> भारतीय जन समाज पार्टी ने आज केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए मांग की कि देश में लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए EVM को तुरंत बंद किया जाए और आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजमोहन सिंह ने कहा: "जिस मशीन पर देश की जनता को भरोसा नहीं, उस मशीन से देश का भविष्य तय नहीं हो सकता। अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड जैसे देश EVM को खारिज कर चुके हैं। फिर भारत में इसे थोपने का क्या कारण है? हम सरकार को चेतावनी देते हैं-EVM पूरी तरह बंद हो। अन्यथा देश की जनता का चुनाव प्रणाली से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।"<br /><br />सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा पारदर्शिता है। बैलेट पेपर ही एकमात्र ऐसा तरीका है जिसमें वोटर खुद अपनी पर्ची देख सकता है और गिनती सबके सामने होती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। चाहे कोई भी संगठन हो, पंजीकृत हो या न हो, संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही काम करना होगा। साफ-सुथरी छवि और साफ-सुथरा चुनाव भारतीय जन समाज पार्टी का मूल सिद्धांत है।</div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय जन समाज पार्टी की प्रमुख मांगें:</div>
<div style="text-align:justify;">1. EVM को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">2. 2027 के सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।</div>
<div style="text-align:justify;">3. सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की फंडिंग में पूर्ण पारदर्शिता लागू हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:11:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183613/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 20:59:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183435/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:00:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने सद्बुद्धि पद यात्रा निकालकर किया श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को बस्ती में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा जिला कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर गायत्री शक्तिपीठ मंदिर तक पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना कर कार्यक्रम का समापन किया।इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस प्रकरण से करोड़ों रामभक्तों की आस्था आहत हुई है, इसलिए पूरे मामले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182885/congress-took-out-the-sadbuddhi-pad-yatra-and-demanded-an"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0068.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को बस्ती में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा जिला कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर गायत्री शक्तिपीठ मंदिर तक पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना कर कार्यक्रम का समापन किया।इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस प्रकरण से करोड़ों रामभक्तों की आस्था आहत हुई है, इसलिए पूरे मामले की उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर मंदिर की व्यवस्था चारों पीठों के शंकराचार्यों एवं श्रीराम मंदिर के सम्मानित महंतों को सौंपी जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास बना रहे। कहा कि ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ का उद्देश्य आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग उठाना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ वृजेश आर्य, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, डा. आलोक रंजन, शौकत अली ‘नन्हू’, नर्वदेश्वर शुक्ला, अलीम अख्तर, मो. रफीक खान आदि ने कहा कि संघ परिवार, विश्व हिन्दू परिषद और भारतीय जनता पार्टी का चाल, चेहरा चरित्र उजागर हो गया है। श्रीराम मंदिर के चंदे की चोरी से देश के श्रीराम भक्तों की आस्था को गहरा आघात लगा है। अच्छा हो कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और जिम्मेदार चुप्पी तोड़े। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चम्पत राय और अनिल मिश्र जैसे जिम्मेदारों के त्याग पत्र से ही स्पष्ट है कि उन्हें बचाने के लिये बड़ी ताकते साजिश रच रही हैै। मांग किया कि जिम्मेदारों की गिरफ्तारी के साथ ही श्रीराम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ कर आलीशान मकान आदि बनवाने वाले लोगों के घरों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुडडोजर चलवाये।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पदयात्रा में मुख्य रूप से अनिल भारती, रामधीरज चौधरी, राकेश मणि त्रिपाठी, इश्तिखार अहमद, शकुन्तला देवी, कुंवर जितेन्द्र सिंह, अमर बहादुर शुक्ल, आलोक त्रिपाठी, गुड्डू सोनकर, सुधीर यादव, लक्ष्मी यादव, सोमनाथ संत, अनिल त्रिपाठी, राम बचन भारती, अतीउल्ला सिद्दीकी, अनूप पाठक, यशराज के.के., सलाहुद्दीन, उमाशंकर त्रिपाठी, प्रशान्त पाठक, फजले आजम, सर्वेश शुक्ला, मो. अशरफ अली, आनन्द निषाद, राम पूरन चौधरी, वृजभान कन्नौजिया, संजीव त्रिपाठी, उमेश उपाध्याय, अफजल हुसेन, हरिनाथ द्विवेदी, राम प्रीत, संजय चौधरी, राम बाबू कल्पू, विश्वजीत शुभम, मनीष दूबे, अखिलेश कुमार, संजय कुमार मुकेश, राम सिंह, अमित चौरसिया, निशान्त श्रीवास्तव, अमित कुमार के साथ ही  कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:04:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली से लौटते समय कंटेनर से टकराई स्कार्पियो, सिद्धार्थनगर के एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत,4 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वाहन दुर्घटना की एक दर्दनाक घटना ने गुरुवार सुबह पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया। अयोध्या जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में सिद्धार्थनगर के एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना जैसे ही मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के चेतिया कस्बे पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।  हादसा अयोध्या जिले के रौनाही थाना क्षेत्र में अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रौनाही के पास हुआ।दुर्घटना में मृतकों में परी (14 )पुत्री राधेश्याम निवासी मस्किनवा थाना छपिया गोंडा , पिंकी (34) पत्नी</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182522/scorpio-collides-with-container-while-returning-from-delhi-3-members"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1782988789521.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वाहन दुर्घटना की एक दर्दनाक घटना ने गुरुवार सुबह पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया। अयोध्या जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में सिद्धार्थनगर के एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना जैसे ही मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के चेतिया कस्बे पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।  हादसा अयोध्या जिले के रौनाही थाना क्षेत्र में अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रौनाही के पास हुआ।दुर्घटना में मृतकों में परी (14 )पुत्री राधेश्याम निवासी मस्किनवा थाना छपिया गोंडा , पिंकी (34) पत्नी राधेश्याम निवासी मस्किनवा, थाना छपिया गोंडा, दुर्गेश (55)पुत्र नंदलाल  निवासी चेतिया, थाना मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर शामिल है ।</div>
<div style="text-align:justify;">जबकि घायलों में विजय लक्ष्मी (45)पत्नी दुर्गेश गुप्ता,  अभिषेक गुप्ता उर्फ रवि  (27) पुत्र दुर्गेश,  निवासी चेतिया, थाना मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर. राधेश्याम( 40),  व गोलू(12) पुत्र राधेश्याम,  निवासी मस्किनवा, छपिया, गोंडा शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में लखनऊ भेजा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> दुर्गेश के दामाद राधेश्याम परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। दुर्गेश अपनी पत्नी और बेटे के साथ कुछ दिन पहले बेटी और दामाद के पास गए थे।दिल्ली में  छोटी लड़की के घर मांगलिक कार्यक्रम था वह  27 जून  की रात में गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह अपने घर सिद्धार्थनगर  चेतिया गुरुवार को पूरा परिवार वापस आ रहे थे भोर में लगभग चार बजे उनकी स्कार्पियो रौनाही टोल प्लाजा के निकट मुबारकपुर के पास आगे चल रहे एक कंटेनर से पीछे जा टकराई।टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और दुर्गेश, पिंकी तथा परी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि अभिषेक, राधेश्याम, विजयलक्ष्मी और गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही रौनाही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> पुलिस ने घायलों को तत्काल निकट के स्वास्थ्य कद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। दुर्घटना का समाचार चेतिया कस्बे पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। </div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182522/scorpio-collides-with-container-while-returning-from-delhi-3-members</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:06:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी - आस्था पर लगा दाग और सवालों के घेरे में सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi">  लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल</span></p></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए। बल्कि नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हुआ था</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी में साफ दिखा कि मंदिर के दानपात्रों से निकली नकदी की गिनती करने वाले कर्मचारी ही चोरी कर रहे थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविनाश शुक्ला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनीष यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रमाशंकर मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे शामिल हैं। इनमें से छह कैशियर हैं। सुभाष श्रीवास्तव काउंटिंग इंचार्ज था। टिन्नू यादव का काम कैश की गिनती सुपरवाइज़ करके बैंक तक ले जाना था। यानी जिन पर भरोसा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बेईमान निकले। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए महीने की नौकरी करने वाले कर्मचारियों ने </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली। एक ने डेढ़ करोड़ की जमीन खरीदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरे ने </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट लिया। शुरुआती अनुमान </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ के घोटाले का है। एफआईआर दर्ज हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर देर से क्यों</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट ने चोरी की जांच के लिए </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एसआईटी बनवाई। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एफआईआर हुई। यानी </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन लग गए। जागरण की रिपोर्ट बताती है कि इससे पहले भी दो कर्मचारियों को गुपचुप तरीके से पकड़ा गया था। बिना एफआईआर के ही रिकवरी की जा रही थी। पुलिस ट्रस्ट के साथ मिलकर पूछताछ कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सवाल ये है: जब चोरी का शक था तो तुरंत पुलिस को क्यों नहीं बताया गया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या ट्रस्ट पहले अपने स्तर पर मामला दबाना चाहता था</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">बड़े नाम गायब क्यों हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। लेकिन उनका ड्राइवर टिन्नू यादव आरोपी है। विपक्ष का आरोप है कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। बीएनएस की धारा </span>306, 316(5), 317(4), 317(5) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। इनमें उम्रकैद तक की सजा है। अगर टिन्नू यादव चोरी कर रहा था तो क्या चंपत राय को पता नहीं चला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या उन्होंने आंखें बंद कर लीं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की दूसरी रिपोर्ट आने तक ये सवाल बना रहेगा। सिस्टम में खामी कहां थी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर के चढ़ावे की गिनती तीन स्तर पर होती है: </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारी नोट गिनते हैं। </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> ट्रस्ट कर्मचारी निगरानी करते हैं। </span>14 SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>TCS <span lang="hi" xml:lang="hi">के ऑडिटर होते हैं। इतनी लेयर के बावजूद चोरी हो गई। जांच में सामने आया कि एक पदाधिकारी ने कैमरे लगाने का विरोध किया था। यानी सिस्टम में पारदर्शिता की कमी थी। </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर निगरानी नहीं थी। ऑडिट था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भरोसा अंधा था। आगे क्या होना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पहला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की जांच सिर्फ </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> आरोपियों तक सीमित न रहे। पूरी चेन की जांच हो। किसके इशारे पर चोरी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैसा कहां गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये साफ होना चाहिए। </span>CM <span lang="hi" xml:lang="hi">योगी ने कहा है कि "दूध का दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी का पानी" होगा। जनता यही उम्मीद कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट को अपनी वित्तीय व्यवस्था सार्वजनिक करनी होगी। हर महीने कितना चढ़ावा आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहां खर्च हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका डिजिटल डिस्प्ले मंदिर परिसर में लगे। तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह रियल टाइम अपडेट सिस्टम बने। तीसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैश हैंडलिंग खत्म हो। </span>QR <span lang="hi" xml:lang="hi">कोड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जाए। जितना कैश कम होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी की गुंजाइश उतनी कम होगी। चौथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि बढ़ाए जाएं। अभी सिर्फ एक आईएएस अधिकारी है। </span>CAG <span lang="hi" xml:lang="hi">से सालाना ऑडिट अनिवार्य हो। राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है। ये </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल के संघर्ष के बाद मिली आस्था की जीत है। </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> जनवरी </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> को प्राण प्रतिष्ठा के दिन जो भाव देश ने देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो अनमोल है। अगर चंद लोग उस आस्था को कैश कराने लगेंगे तो मंदिर का मतलब खत्म हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">पहली कार्रवाई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आखिरी नहीं। असली इम्तहान अब शुरू हुआ है - क्या ट्रस्ट दोषियों को सजा दिला पाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे वो कितना भी बड़ा हो</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या व्यवस्था बदलेगी ताकि फिर कोई टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा आस्था का सौदा न कर सके</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनता देख रही है। राम देख रहे हैं। लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं और लोगों के सवाल तब ही शांत होंगे जब इस पूरे मामले पय ठीक ढंग से पर्दा उठेगा। फिलहाल उम्मीद है कि जांच सही दिशा में हो रही है।</span></p>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: राम मंदिर का दान और संपत्ति की खरीदारी - 'श्रद्धा के पैसे' का हिसाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस इनकी जांच करेगी और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करेगी। इन सात अभियुक्तों के घरों से पुलिस को सोने चांदी के गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्के व नकदी भी मिली है जो यह साबित कर रही है कि कहीं न कहीं मंदिर की दान चोरी में इनका हांथ है। रामलला के दर्शन के लिए रोज लाखों श्रद्धालु आते हैं। दानपात्रों में नकद</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182331/ayodhya-ram-temple-donation-and-purchase-of-property-accounting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस इनकी जांच करेगी और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करेगी। इन सात अभियुक्तों के घरों से पुलिस को सोने चांदी के गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्के व नकदी भी मिली है जो यह साबित कर रही है कि कहीं न कहीं मंदिर की दान चोरी में इनका हांथ है। रामलला के दर्शन के लिए रोज लाखों श्रद्धालु आते हैं। दानपात्रों में नकद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चेक सब गिरता है। लेकिन अब वही </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धा का पैसा</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद में है। एक तरफ ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन खरीदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी तरफ चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों की करोड़ों की संपत्ति। दान कितना आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश से लेकर घर तक- विदेशी दान- महाकुंभ के दौरान अकेले जनवरी-फरवरी </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में अमेरिका समेत </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों से </span>57<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये का विदेशी दान मिला।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समर्पण निधि से अब तक देश-विदेश के करोड़ों भक्तों ने आस्था से दान दिया है। भाजपा नेता रजनीश सिंह के मुताबिक ये पैसा "किसी व्यक्ति का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है"। शुरुआत </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से ट्रस्ट को पहला दान मोदी सरकार ने </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये नकद देकर किया था। ट्रस्ट ने क्या खरीदा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">चार महीने में </span>36.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ की जमीन। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तेजी से जमीन खरीद रहा है। पिछले </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने अयोध्या के हैबतपुर में </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> जगहों पर </span>4.29<span lang="hi" xml:lang="hi"> एकड़ जमीन खरीदी गई। जिसकी कुल कीमत: </span>36.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये है। सबसे बड़ी डील-  </span>11,194<span lang="hi" xml:lang="hi"> स्क्वायर फीट की एक जमीन अकेले।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रानोपाली में भी </span>5,490<span lang="hi" xml:lang="hi"> स्क्वायर फीट की जमीन अलग से ली गई है। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर विस्तार और सुविधाओं के लिए जमीन ली जा रही है। विवाद का केंद्र: चढ़ावे की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और करोड़ों की संपत्ति यही सबसे बड़ा मुद्दा है। आरोप है कि दानपात्रों से करोड़ों रुपये गायब हुए। </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> की नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों की संपत्ति- नोट गिनने वाले </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी सिर्फ </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये महीना है। लेकिन उनमें से कुछ ने </span>1.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ की जमीन</span>, 40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट खरीद लिया। कैसे पकड़े गए- </span>18-20<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार सैलरी वाले दो कर्मचारियों की डेढ़ करोड़ की जमीन खरीद से पूरा मामला खुला।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कौन शामिल-  लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा समेत </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी दान गिनती प्रक्रिया में थे। सीसीटीवी फुटेज में पैसे चुराते पकड़े गए। कितना घोटाला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आशंका </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से अधिक की है। अब तक </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों से </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ नकद</span>, 1<span lang="hi" xml:lang="hi"> कार</span>, 3<span lang="hi" xml:lang="hi"> आईफोन बरामद हुए हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> जांच कहां तक पहुंची</span>? SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">और राजनीति क्या कहती है - एसआईटी का गठन - योगी सरकार ने मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> सदस्यीय एसआईटी बनाई। </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और आठ में से सात लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है जिनके पास से काफी संपत्ति के सबूत मिले हैं। ट्रस्ट की शिकायत पर </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ </span>BNS <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा </span>306, 316, 317, 61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। सपा का आरोप- अखिलेश यादव ने कहा कि चंदे के पैसों से मकान खरीदे गए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने की मांग की है। ट्रस्ट का बयान-  नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि ये विवाद </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जमीन खरीद विवाद</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से भी ज्यादा गंभीर है। उन्होंने एक अनुभवी </span>CEO <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति की जरूरत बताई।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता की मांग: हिसाब कौन देगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा नेता रजनीश सिंह ने </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">को पत्र लिखकर ट्रस्ट के बनने से अब तक का पूरा वित्तीय लेन-देन वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका तर्क है कि "हर भक्त को यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान में मिले पैसे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहनों का इस्तेमाल कैसे हुआ"। आस्था बनाम जवाबदेही- राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों लोगों की आस्था है। ट्रस्ट जमीन खरीदकर विस्तार कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये ठीक है। लेकिन अगर </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैलरी वाला कर्मचारी करोड़पति बन रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सवाल उठना लाजमी है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">की रिपोर्ट तय करेगी कि ये </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत गबन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है या सिस्टम की चूक। फिलहाल </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग सलाखों के पीछे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और करोड़ों श्रद्धालु हिसाब मांग रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:28:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम के नाम पर सत्ता पाए अब उन्हीं के घर में चढ़ावे की भारी चोरी क्या बीजेपी कोले डूबेगी। अशोक कुमार चौबे।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत ही दुनि या मेंएक ऐसा देश हैजहां हम पत्थर की मूर्ति मेंप्राण डाल कर भगवान केरूप मानते  रहे है गली मोहल्ले मेंमन्दि र है तो कई मन्दि रों का शहर भी मिलता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत केमन्दिरों मेंइतना धन हैजो भारत</div>
<div style="text-align:justify;">की जीडीपी सेबहुत ज़्यादा हैं।ै फिर भी देश गरीब ही है।१९०केदशक सेभाजपा और वि श्व हिन्दूपरिषद</div>
<div style="text-align:justify;">बजरंगदल और सं घ भागवान राम केलि ए संघर्ष करता था वह राम केलि ए वास्तव में क्तिुक्ति का सघर्ष</div>
<div style="text-align:justify;">नहीं था वह भाजपा को सत्ता केलि ए नकली हि न्दूवाद और राम केनाम का एक चहेरा था चहेरेके पीछे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181997/if-they-come-to-power-in-the-name-of-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001841289.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत ही दुनि या मेंएक ऐसा देश हैजहां हम पत्थर की मूर्ति मेंप्राण डाल कर भगवान केरूप मानते  रहे है गली मोहल्ले मेंमन्दि र है तो कई मन्दि रों का शहर भी मिलता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत केमन्दिरों मेंइतना धन हैजो भारत</div>
<div style="text-align:justify;">की जीडीपी सेबहुत ज़्यादा हैं।ै फिर भी देश गरीब ही है।१९०केदशक सेभाजपा और वि श्व हिन्दूपरिषद</div>
<div style="text-align:justify;">बजरंगदल और सं घ भागवान राम केलि ए संघर्ष करता था वह राम केलि ए वास्तव में क्तिुक्ति का सघर्ष</div>
<div style="text-align:justify;">नहीं था वह भाजपा को सत्ता केलि ए नकली हि न्दूवाद और राम केनाम का एक चहेरा था चहेरेके पीछे सत्ता और सत्ता सेधन तक पहुं चने मेंमदद कोई देसकता था तो वह श्रीराम ही थेवह बाबरी मस्ज़िद थी</div>
<div style="text-align:justify;">जिसकेसहारेसत्ता का रास्ता दि खा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;">राम केनाम की लू ट तो राम जन्म भूमि मक्तिुक्ति आन्दोलन केसाथ शरूु होगया था राम केनाम सेदेश विदेश तक गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अशोक सिंघल प्रवीण तोगड़िया और न जाने कितनों नेचन्दा लि या उस चन्देसेअपनेलि ए सुख लिया ऐसा</div>
<div style="text-align:justify;">मैनहीं कह रहा हूं ।यह देश का नागरि क कह रहा। गली चौराहों पर बात कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">राम मन्दि र सेसत्ता तक का सफर बहुत आसान नहीं था। परन्तुसत्ता भाजपा को राम केनाम पर ही मि ला</div>
<div style="text-align:justify;">ह।ै</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तुजो शरूु सेसं घर्ष कि या राजनीति मेंथा आज वह भाजपा</div>
<div style="text-align:justify;">में हाशिये पर ह।ैआडवानी मुरली मनोहर जोशी उमाभारती विनय कटियार नेपथ्य मेंचलेगये।सामनेतो बस वह रंजन गोगोई जो फैसला दिया कि मन्दि र का कहीं कोई चि न्ह नहीं हैनहीं यह साबि त हुआ कि मन्दि र</div>
<div style="text-align:justify;">तोड़कर मस्जि द बनी परन्तुकरोड़ों हि न्दूसमाज की आस्था को ध्यान मेंरखकर मन्दि र बनानेका निर्माण का</div>
<div style="text-align:justify;">फैसला दि या।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मन्दि र बन गया।परन्तुमन्दि र की भूमि पूजन मेंउन लोगो को दूर रखा गया। वह</div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा केथे सं घ और बजरंगदल तथा वि श्वहिंदू परि षद भी बाहर कर दि या गया । अब तो बस एक ऐसे</div>
<div style="text-align:justify;">विचार केलोग ट्रस्टी बन गये जि नका आन्दोलन मेंकहीं किसी तरह का योगदान नहीं था।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब अयोध्या मन्दि र मेंचोरी का आरोप टी वी पर लगा रहेहैं। वह कह रहेसोन-ेचांदी</div>
<div style="text-align:justify;">हीरेजवाहरात केईंट की चोरी हो गई वि श्व हि न्दूपरिषद केअशोक सिंघल नेजो लगभग बारहह सौ करोड़</div>
<div style="text-align:justify;">चन्दा एकत्र कि या वह कहां गया यह सवाल राम मन्दि र नि र्मा ण केसमय प्रवीण तोगड़ि या नेभी उठाया।था।परन्तुसब आवाज दब गई । उन आवाजो की जगह एक नई आवाज जो राम को लायेहैहम उनको यह मन्दि े तना और सअयोध्या हि न्दूसमाज सनातन का एक पवि ं घर्ष का प्रतीकत्र स्थान हर सनातन चै।ऐसै।श्रीराम मन्दि ेस्थल पर श्रद्धालु ओं केचढ़ावेकी लू ट चोरी हेराफेरी की खबर बहुत दुखद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जहां स्वतं त्र जांच न्यायि का मामला सु प्रीमकोर्ट मेंभी गया हक नि गरानी मेंकरनेकी मांग की गई । परन्तुै।सु प्रीम कोर्ट केहाल केक ई नि र्णयो सेदेश की जनता मेंनि राशा हैसिसियत और राम पर वि ैं।उनकाेश वि ेश सेबहुत सेश्रद्धालुअपनी श्रद्धा हेसाथ दान देतेहददश्वास कैवह सही जगह जन हि वि श्वास होता जो धन हमनेदान मेंदि ेंखर्च होगा।यदि मन्दि रों मेंचढ़ावेकेधनया हत मैयह आर्थि ैऔर हि ी चोरी हेरा फेरी होती हक नहीं धार्मि न्दूसनातन धर्म की आस्था की चोरीकक अपराध हैश्रद्धालुकै।।सबसेराफेरी सेधर्म पर आघात ही आत्मा पर चोट वि श्वास को लू टा गया हेअजीब बातहमन्दि ेट्रस्ट से जुडेलोग पहलेचोरी सेइन्कार कि ेंमन्दि ेंकाम करनेवालों केपास करोड़ों कीया।बाद मर कर मैकि नकदी महं गी गाड़ी सम्पति यां मि ेलगी </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तब जांच की बात हुई ।गजब तो यह हआज तक पुलिेंलनलिस मैजांच शु रूहो गई हैयह समाचार भारत कएफ आई आर नही हुआ हां एस आई टी का गणन हो गया हेगांवैलनेंपहुं च गया और श्रीराम मन्दि ैक्यागांव तक फेकेसाथ वि ेशों मेंआस्था रखनेवालेआज दुःखी हदर मेंसरकारी धन की चोरी वोट चोरी पे पर की चोरी सांसद की सीट की चोरी सेलोग अब आगेनि भारत मकलकर मन्दि रों केदान की चोरी भी कर लि या। क्या भारत का हि न्दूधर्म इतना नीचेस्तर पर गि र गया कि मन्दि रभी नहीं बचा चोरी से।ैवहां केश मेंअन्य धार्मि क मन्दि ी व्यवस्था सेक्या श्रीराम मन्दि र अयोध्या नेकुछ सीख नहीं लि या था किदर हैसैजहां हेरी और चोरीउन मन्दि रों की सुरक्षा नि गरानी ले खांकन नि यमि त आडि ेसु दृढ़ बनाया गया हेराफट कै।नहीं हो सकती है ष्णव दी तरह चाक चौबन्द पारदर्शी व्यवस्था क्योंश्रीराम मन्दि ेंभी मां वेवी तथा ति रुपति बालाजी मं दि र मर केंहुआ औरनहीं बनाया गया। हर साल राम मन्दि ेंचढ़ावा का धन कि तना आया कि तना खर्च कि र मस मद मैंक मैआडि ी धन कि ेंहेजनता केसामनेक्यों नहीं रखा गया । यानि यहां भी के लसत्ताबाकस बट करकुछ खैखैफि ेसं रक्षण मेंकि े लतो सभी जानतेकी दो करोड की जमीन कि ेकोई खरीदता हर उसीकयागया हसान सजमीन को चौबीस करोड मैयह लु टहुआ परन्तुआज तकेंश्रीराम मन्दि र अयोध्या मेंकेनाम खरीदा जाता है।सवाल का जबाब नहीं मि ै।जांच नहीं हुआ क्यों यह सवाल जनता मेआज भी हला परन्तुसवालल जि न्दा हैकि दो सौ करोड़ कैउसमेंकौन कौन शामि ैं।पता चलेखना ही जो चोरी हुई हे गा या सब दबअब यह दल हे गा।एस आई टी तो यू पी मेंइन आठ सालों मेंकई बनी कि सी की जांच रि पोर्ट आज तक बाहर नहीं आईजायै ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लकिेकिन जनता की आवाज आन्दोलन नहीं बनगे ा यह एक कटूसच हैसत्तर केदशक मेंकाशी वि श्वनाथ</div>
<div style="text-align:justify;">मं दि र केगर्भगहृ सेसोना चोरी हुआ था एक सप्ताह तक बनारस उबाल पर था जनता सड़क पर थी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीसी ग्रुप , प्रयागराज के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वास्थ्य, कल्याण एवं समग्र जीवनशैली को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, प्रयागराज द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित स्थलों पर अत्यंत उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर निम्नलिखित प्रमुख स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए—</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अरैल घाट, प्रयागराज – 350 कैडेट</div>
<div style="text-align:justify;">गुप्तेश्वर घाट, अयोध्या – 200 कैडेटचन्द्रशेखर आजाद पार्क, प्रयागराज 125 कैडेट।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181985/grand-organization-of-international-yoga-day-under-the-aegis-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260621-wa0153.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वास्थ्य, कल्याण एवं समग्र जीवनशैली को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, प्रयागराज द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित स्थलों पर अत्यंत उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर निम्नलिखित प्रमुख स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए—</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरैल घाट, प्रयागराज – 350 कैडेट</div>
<div style="text-align:justify;">गुप्तेश्वर घाट, अयोध्या – 200 कैडेटचन्द्रशेखर आजाद पार्क, प्रयागराज 125 कैडेट।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पवित्र त्रिवेणी संगम के निकट स्थित अरैल घाट पर 350 एनसीसी कैडेटों ने शांत एवं प्रेरणादायी वातावरण में कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। कैडेटों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का प्रदर्शन करते हुए दैनिक जीवन में योग को अपनाने के महत्व को रेखांकित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी प्रकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण गुप्तेश्वर घाट, अयोध्या में 200 एनसीसी कैडेटों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अनुशासित एवं सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से कैडेटों ने शारीरिक सुदृढ़ता एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज के ऐतिहासिक चन्द्रशेखर आजाद पार्क में 125 एनसीसी कैडेटों ने योगाभ्यास किया। स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इस गौरवशाली स्थल ने युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन प्रमुख आयोजनों के अतिरिक्त, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, प्रयागराज के अधीन विभिन्न एनसीसी इकाइयों के लगभग 3,600 कैडेटों ने समूह क्षेत्र के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों में एक साथ सहभागिता की। कैडेटों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करने के साथ-साथ विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस एवं मानसिक कल्याण संबंधी जागरूकता गतिविधियाँ भी संचालित कीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का संचालन एनसीसी अधिकारियों, एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों (एएनओ) एवं स्थायी प्रशिक्षक स्टाफ के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किया गया। इस दौरान मन एवं शरीर के सामंजस्य, पर्यावरणीय चेतना तथा युवाओं में आत्मबल एवं लचीलापन विकसित करने में योग की भूमिका पर विशेष बल दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहर स्थलों एवं शिक्षण संस्थानों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों का सफल आयोजन एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, प्रयागराज की राष्ट्र निर्माण, युवा सशक्तिकरण तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं सनातन योग परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181985/grand-organization-of-international-yoga-day-under-the-aegis-of</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तत्कालीन BJP MLA आरसी यादव के खिलाफ 2012 के दंगा मामले को वापस लेने की हाईकोर्ट ने दी अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें राज्य सरकार के उस आवेदन को खारिज किया गया था, जिसमें 2012 की मूर्ति विसर्जन दंगा घटना के संबंध में BJP विधायक (रुदौली से) राम चंद्र यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमा वापस लेने की मांग की गई थी। मुकदमा वापस लेने के राज्य का अनुरोध स्वीकार करते हुए जस्टिस राजीव सिंह की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का आवेदन "रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद सद्भावना में" दायर किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह आदेश विधायक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178543/high-court-gives-permission-to-withdraw-2012-riots-case-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें राज्य सरकार के उस आवेदन को खारिज किया गया था, जिसमें 2012 की मूर्ति विसर्जन दंगा घटना के संबंध में BJP विधायक (रुदौली से) राम चंद्र यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमा वापस लेने की मांग की गई थी। मुकदमा वापस लेने के राज्य का अनुरोध स्वीकार करते हुए जस्टिस राजीव सिंह की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का आवेदन "रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद सद्भावना में" दायर किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह आदेश विधायक यादव द्वारा दायर CrPC की धारा 482 के तहत याचिका और उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया गया। संक्षेप में मामला अभियोजन पक्ष के मूल मामले के अनुसार, 24 अक्टूबर, 2012 को मूर्तियां विसर्जन के लिए ले जा रहे कुछ ट्रैक्टरों के कारण रुदौली पुलिस स्टेशन के सामने ट्रैफिक जाम हो गया। हालांकि, पुलिस ने ड्राइवरों को आगे बढ़ने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दावा किया गया कि आवेदक उस समय स्थानीय विधायक थे। उन्होंने उन्हें निर्देश दिया था कि वे मूर्तियों को वहीं रोककर रखें, जब तक कि वह पुलिस स्टेशन के सामने न पहुंच जाएं। इसके कारण, घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद जब विधायक यादव घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को बताया कि जब श्रद्धालु एक मस्जिद के पास से गुजर रहे थे, तो दूसरे समुदाय का एक लड़का गलती से रंग से सराबोर हो गया। कथित तौर पर इसके कारण गाली-गलौज और झगड़ा हुआ, जिसके दौरान एक मूर्ति भी टूट गई।</p>
<p style="text-align:justify;">एफआईआर  में आरोप लगाया गया कि आवेदक ने भड़काऊ बयान दिए। यह मांग की कि जुलूस आगे बढ़ने से पहले दोषियों को दंडित किया जाए। हालांकि, बाद में उनकी सलाह पर ट्रैक्टरों की आवाजाही शुरू हो गई, लेकिन तब तक गाँव में लगभग 2,000 से 3,000 लोग जमा हो चुके थे। इसके बाद आवेदक की कथित उकसाहट पर 250-300 लोग उस गाँव की ओर बढ़ने लगे, जहां दूसरे समुदाय के लोगों के साथ विवाद हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">शुरुआत में, बेंच ने CrPC की धारा 321 के प्रावधानों के साथ-साथ इस प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों की जांच करते हुए पाया कि मुकदमा वापस लेने की अनुमति देने के लिए अंतिम मार्गदर्शक विचार हमेशा न्याय प्रशासन का हित ही होना चाहिए। बंसी लाल बनाम चंदन लाल और शिवनंदन पासवान बनाम बिहार राज्य जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को स्वतंत्र रूप से अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी गलत मकसद से न्याय की सामान्य प्रक्रिया में दखल नहीं देना चाहिए। CrPC की धारा 482 के तहत अर्जी, मुकदमा वापस लेने की अर्जी, और साथ ही आपराधिक पुनरीक्षण याचिका स्वीकार की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 22:04:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>बस रोककर बस कंडक्टर से मारपीट, जान से मारने की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या! </strong>अयोध्या जनपद से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दबंगों द्वारा एक बस यात्री के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति, जो रोजी-रोटी के सिलसिले में अंबेडकर नगर से लखनऊ आता जाता था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बताया गया कि बस जब कनकपुर-झगरौली बाजार से करीब 500 मीटर पहले पहुंची, तभी पहले से घात लगाए तीन नामजद आरोपियों और तीन अज्ञात लोगों ने बस रुकवा ली। आरोप है</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174222/stopping-the-bus-assaulting-the-bus-conductor-threatening-to-kill"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1000518990.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या! </strong>अयोध्या जनपद से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दबंगों द्वारा एक बस यात्री के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति, जो रोजी-रोटी के सिलसिले में अंबेडकर नगर से लखनऊ आता जाता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया गया कि बस जब कनकपुर-झगरौली बाजार से करीब 500 मीटर पहले पहुंची, तभी पहले से घात लगाए तीन नामजद आरोपियों और तीन अज्ञात लोगों ने बस रुकवा ली। आरोप है कि हमलावरों ने खुद को सवारी बताकर बस रुकवाई और जैसे ही बस रुकी, वे लोहे की रॉड और डंडों के साथ चढ़ गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने बस के आगे और पीछे के शीशे तोड़ दिए और उसके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि “अगर इस रास्ते पर दोबारा बस चलाने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना में पीड़ित को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे उपचार के लिए भेजा गया। पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुक़दमा पंजीकृत कर लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 18:19:39 +0530</pubDate>
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