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                <title>भारत - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>भारत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न </title>
                                    <description><![CDATA[जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में संचारी रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत, आभा आईडी, एंबुलेंस सेवाओं एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य आदि कार्यक्रमों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183510/review-meeting-of-district-health-committee-concluded-under-the-chairmanship"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260716-wa1507.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, संबंधित चिकित्साधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटायफस तथा लेप्टोस्पाइरोसिस से बचाव हेतु सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा संबंधित विभागों को मच्छर एवं चूहा निरोधी गतिविधियों, स्वच्छता अभियान, जलभराव की रोकथाम, एंटी लार्वा छिड़काव एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260716-wa1503.jpg" alt="IMG-20260716-WA1503" width="1200" height="800"></img><br />      जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। 102 नेशनल एंबुलेंस सेवा एवं 108 इमरजेंसी मेडिकल ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम में उल्लेखनीय सुधार लाने, सेवाओं की नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक आपातकालीन कॉल पर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।<br />        उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत आभा (ABHA) आईडी निर्माण की प्रगति में तेजी लाने, सभी स्वास्थ्य संस्थानों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।<br />       बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK), विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) की क्रियाशीलता, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।<br />       उन्होंने जनस्वास्थ्य से जुड़े प्रत्येक कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं सुगमता एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 21:11:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन नेशन, वन इलेक्शन: जेपीसी पहुंचेगी पणजी और लखनऊ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रस्तावित <strong>संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024</strong> तथा <strong>संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024</strong> के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श के उद्देश्य से <strong>'एक राष्ट्र, एक चुनाव'</strong> विषय पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 10 से 15 जुलाई, 2026 तक गोवा की राजधानी पणजी और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अध्ययन दौरा करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति के अध्यक्ष <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">पी. पी. चौधरी</span></span></strong> के नेतृत्व में होने वाले इस दौरे का उद्देश्य प्रस्तावित विधेयकों के देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव प्रणाली और शासन व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का व्यापक अध्ययन करना तथा विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182820/one-nation-one-election-jpc-will-reach-panaji-and-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/image-38-1024x612.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रस्तावित <strong>संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024</strong> तथा <strong>संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024</strong> के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श के उद्देश्य से <strong>'एक राष्ट्र, एक चुनाव'</strong> विषय पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 10 से 15 जुलाई, 2026 तक गोवा की राजधानी पणजी और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अध्ययन दौरा करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति के अध्यक्ष <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">पी. पी. चौधरी</span></span></strong> के नेतृत्व में होने वाले इस दौरे का उद्देश्य प्रस्तावित विधेयकों के देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव प्रणाली और शासन व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का व्यापक अध्ययन करना तथा विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन दौरे के दौरान समिति क्षेत्रीय स्तर पर संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, वित्तीय एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, राज्य बार परिषदों, संबंधित उच्च न्यायालयों के अधिवक्ता संघों, विभिन्न पेशेवर संगठनों तथा नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत परामर्श करेगी। इन बैठकों में चुनाव प्रणाली में संभावित बदलावों, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रभाव, संवैधानिक पहलुओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति का यह अध्ययन दौरा देशभर में आयोजित किए जा रहे क्षेत्रीय परामर्शों की श्रृंखला का अगला चरण है। इससे पहले समिति मुंबई, देहरादून, चंडीगढ़, शिमला, बेंगलुरु और गांधीनगर में भी इसी प्रकार के अध्ययन दौरे और परामर्श बैठकें आयोजित कर चुकी है। इन बैठकों में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों, विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों, राजनीतिक दलों के नेताओं, बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा विभिन्न नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व में आयोजित इन परामर्श बैठकों में महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, चंडीगढ़ तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इसके अलावा <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भारतीय रिज़र्व बैंक</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड</span></span> तथा <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक</span></span> जैसी प्रमुख संस्थाओं के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भी समिति के समक्ष अपने विचार रखे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति को उम्मीद है कि पणजी और लखनऊ में होने वाले आगामी अध्ययन दौरे के दौरान भी विभिन्न वर्गों से उपयोगी सुझाव प्राप्त होंगे। इन सुझावों के आधार पर समिति प्रस्तावित <strong>संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024</strong> और <strong>संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024</strong> पर अपनी रिपोर्ट को और अधिक व्यापक तथा व्यावहारिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा को लेकर देशभर में विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। ऐसे में संयुक्त संसदीय समिति का यह अध्ययन दौरा विभिन्न पक्षों की राय को समाहित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182820/one-nation-one-election-jpc-will-reach-panaji-and-lucknow</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:17:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की मांग को मिला जनसमर्थन, श्रीभूमि में 300 से अधिक लोगों ने किए हस्ताक्षर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>  श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">            असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट बेंच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182146/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001579962.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong> श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट बेंच मांग कार्यान्वयन समिति के महासचिव निखिल पाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए डॉ. सब्यसाची राय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इस न्यायसंगत मांग को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता सभाएं जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभा में पूर्व सांसद मिशन रंजन दास, करीमगंज महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य राधिका रंजन चक्रवर्ती, बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सतु राय, सांस्कृतिक हस्ती सुलेखा दत्त चौधरी, प्रोफेसर विश्वतोष चौधरी, शिक्षाविद विभाष देव, महासचिव निखिल पाल, रसराज दास, धर्मानंद देव, अधिवक्ता देवोमिता चक्रवर्ती, अधिवक्ता तुहिना शर्मा, अधिवक्ता दुर्गा पुरकायस्थ, अधिवक्ता अर्चना दत्त सहित जिले के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और नाट्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वक्ताओं ने कहा कि बराक घाटी के लाखों लोगों को न्याय के लिए गुवाहाटी तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जो अत्यंत महंगा, समय लेने वाला और कठिन है। आर्थिक तथा भौगोलिक बाधाओं के कारण अनेक लोग प्रभावी रूप से न्याय प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना समय की मांग है और यह संविधान में निहित समानता एवं न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई क्षेत्रीय या राजनीतिक मांग नहीं है, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक न्याय के अधिकार को सुनिश्चित करने की एक उचित मांग है। इस मांग को बराक घाटी के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन प्राप्त है और सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">सभा के अंत में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 300 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। यह इस मांग के प्रति जनता के व्यापक समर्थन का प्रमाण माना गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से बराक घाटी में शीघ्र स्थायी हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग दोहराई गई तथा समाज के सभी वर्गों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस जनआंदोलन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182146/the-demand-for-a-permanent-high-court-bench-in-barak</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीण विकास की नई दिशा: रोजगार से समृद्धि तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के ग्रामीण विकास की कहानी समय के साथ लगातार बदलती रही है। कभी रोजगार गारंटी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य केवल गरीब परिवारों को अस्थायी राहत देना था, लेकिन अब देश गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के साथ नया ग्रामीण रोजगार एवं विकास ढांचा सामने आया है, जिसका उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी विकास की नींव तैयार करना है।</p>
<p>नई व्यवस्था में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक करने का प्रस्ताव ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179217/new-direction-of-rural-development-journey-from-employment-to-prosperity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/kishan.png" alt=""></a><br /><p>भारत के ग्रामीण विकास की कहानी समय के साथ लगातार बदलती रही है। कभी रोजगार गारंटी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य केवल गरीब परिवारों को अस्थायी राहत देना था, लेकिन अब देश गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के साथ नया ग्रामीण रोजगार एवं विकास ढांचा सामने आया है, जिसका उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी विकास की नींव तैयार करना है।</p>
<p>नई व्यवस्था में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक करने का प्रस्ताव ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे खेतिहर मजदूरों, छोटे किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अतिरिक्त आय का सहारा मिलेगा। साथ ही मजदूरी भुगतान को समयबद्ध और सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था पारदर्शिता को मजबूत करेगी।</p>
<p>इस नई योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोजगार को गांवों के विकास कार्यों से जोड़ा गया है। अब केवल अस्थायी काम कराने के बजाय जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था, ग्रामीण सड़कें, भंडारण केंद्र, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे जैसे कार्यों पर जोर दिया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियां भी तैयार होंगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाएं कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी, जबकि ग्रामीण बाजार और भंडारण सुविधाएं किसानों की आय में सुधार ला सकती हैं। इसके अलावा छोटे स्तर के ग्रामीण उद्योगों और स्थानीय उद्यमों को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका भी पहले से अधिक महत्वपूर्ण होगी। गांव स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन होगा। इससे योजनाओं में स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी और विकास अधिक प्रभावी बन सकेगा।</p>
<p>तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, भू-टैगिंग, सामाजिक ऑडिट और ऑनलाइन निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भ्रष्टाचार कम करने और जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेंगी।</p>
<p>ग्रामीण भारत आज तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में केवल रोजगार देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। गांवों को मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर कृषि व्यवस्था और स्थानीय आर्थिक अवसरों की जरूरत है। यही कारण है कि यह नया मॉडल रोजगार योजना से आगे बढ़कर ग्रामीण समृद्धि का आधार बनने की कोशिश करता दिखाई देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 12:27:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीमा से पूंजी तक सख्ती: राष्ट्रीय सुरक्षा के नए दौर में भारत का स्पष्ट संदेश-भरोसे से पहले सतर्कता जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आर्थिक नीतियां अब केवल विकास के आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण से संचालित होंगी। विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में हालिया सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, जो न केवल आर्थिक ढांचे को सुरक्षित बनाने की कोशिश है, बल्कि उन खतरों के प्रति जागरूकता भी दर्शाता है जो सीमाओं के पार से अदृश्य रूप में देश में प्रवेश कर सकते हैं। पाकिस्तान से आने वाले निवेश पर सीधी पाबंदी और सरकार की पूर्व अनुमति को अनिवार्य बनाना इसी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178325/strictness-from-border-to-capital-indias-clear-message-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa01633.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आर्थिक नीतियां अब केवल विकास के आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण से संचालित होंगी। विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में हालिया सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, जो न केवल आर्थिक ढांचे को सुरक्षित बनाने की कोशिश है, बल्कि उन खतरों के प्रति जागरूकता भी दर्शाता है जो सीमाओं के पार से अदृश्य रूप में देश में प्रवेश कर सकते हैं। पाकिस्तान से आने वाले निवेश पर सीधी पाबंदी और सरकार की पूर्व अनुमति को अनिवार्य बनाना इसी सोच का हिस्सा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है। वर्षों से भारत आतंकवाद, घुसपैठ और आर्थिक गतिविधियों के जरिए अस्थिरता फैलाने के प्रयासों का सामना करता रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि निवेश जैसे संवेदनशील माध्यमों का दुरुपयोग न हो। पैसा केवल विकास का साधन नहीं होता, वह प्रभाव और नियंत्रण का माध्यम भी बन सकता है। यदि उस पर निगरानी न हो, तो यह राष्ट्रीय हितों के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार का यह निर्णय खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। जिन देशों की भारत के साथ भूमि सीमा लगती है, उन सभी के लिए यही नियम लागू होंगे। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी निवेश, चाहे वह सीधे आए या किसी तीसरे देश के जरिए, उसकी पूरी जांच होगी। ‘बेनिफिशियल ओनर’ यानी वास्तविक मालिक की पहचान पर जोर देकर सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि निवेश के पीछे छिपे वास्तविक स्रोत को उजागर किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कदम के पीछे की सबसे बड़ी चिंता राष्ट्रीय सुरक्षा है। रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्र केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील हैं। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का विदेशी हस्तक्षेप, खासकर उन देशों से जिनके साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए इन क्षेत्रों में पाकिस्तान से निवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना एक स्वाभाविक और आवश्यक निर्णय माना जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान ने कई बार भारत के खिलाफ अप्रत्यक्ष तरीकों का सहारा लिया है। आतंकवाद को समर्थन, हवाला के जरिए फंडिंग, और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना—ये सब ऐसे उदाहरण हैं जिनके कारण भारत को हमेशा सतर्क रहना पड़ा है। ऐसे में यह उम्मीद करना कि आर्थिक निवेश के जरिए कोई खतरा नहीं होगा, वास्तविकता से आंख मूंदने जैसा होगा। इसलिए यह जरूरी है कि हर निवेश को केवल आर्थिक अवसर के रूप में न देखा जाए, बल्कि उसके संभावित प्रभावों का भी आकलन किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां यह समझना भी जरूरी है कि भारत का यह कदम किसी देश के खिलाफ नफरत या भेदभाव पर आधारित नहीं है, बल्कि यह एक व्यावहारिक और सुरक्षा-केंद्रित नीति है। हर देश अपने हितों की रक्षा के लिए ऐसे कदम उठाता है। अमेरिका, चीन और यूरोप के कई देश भी संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी निवेश को लेकर सख्त नियम रखते हैं। ऐसे में भारत का यह निर्णय वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप ही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इस पूरे परिदृश्य में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत को अब भावनात्मक नहीं, बल्कि यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाना होगा। पाकिस्तान के साथ संबंधों का इतिहास विश्वास से अधिक अविश्वास का रहा है। हर बार जब संवाद और सहयोग की बात हुई, किसी न किसी रूप में विश्वास को ठेस पहुंची। ऐसे में आर्थिक संबंधों में भी सतर्कता बरतना आवश्यक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और दुनिया भर के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ऐसे में यह जरूरी है कि निवेश के दरवाजे खुले रहें, लेकिन उन पर मजबूत चौकीदारी भी हो। यह संतुलन ही भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाएगा। सरकार का यह कदम इसी संतुलन को स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास है।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि देश के भीतर आर्थिक पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए। केवल नियम बना देना पर्याप्त नहीं होता, उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है। हवाला जैसे अवैध माध्यमों पर कड़ी नजर रखना, संदिग्ध लेन-देन की पहचान करना और समय रहते कार्रवाई करना—ये सब ऐसे उपाय हैं जो इस नीति को सफल बनाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज का दौर केवल पारंपरिक युद्धों का नहीं है, बल्कि आर्थिक और साइबर युद्धों का भी है। ऐसे में निवेश, तकनीक और डेटा—ये सब नए हथियार बन चुके हैं। यदि इन पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो यह देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसलिए भारत का यह कदम समय की मांग भी है और भविष्य की तैयारी भी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः यह कहा जा सकता है कि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह विकास और सुरक्षा के बीच किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। आर्थिक प्रगति तभी सार्थक है जब वह सुरक्षित और स्थायी हो। पाकिस्तान जैसे देश पर आंख मूंदकर भरोसा करना न केवल नासमझी होगी, बल्कि जोखिम भी। इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत को आगे बढ़ना है, लेकिन पूरी जागरूकता और मजबूती के साथ। यह निर्णय उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जो यह बताता है कि अब देश केवल अवसरों को नहीं, बल्कि खतरों को भी उतनी ही गंभीरता से देख रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">       <strong>*कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:16:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चुनावी भूचाल 2026: बदला नैरेटिव बदली राजनीति और उभरे नए सत्ता समीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत के हालिया विधानसभा चुनावों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह भावनाओं रणनीतियों नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों का जटिल मिश्रण है। इस बार के नतीजों ने कई स्थापित धारणाओं को तोड़ा और नए राजनीतिक ट्रेंड्स को जन्म दिया। अलग अलग राज्यों में अलग अलग वजहों से सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो कुछ साझा फैक्टर ऐसे रहे जिन्होंने इन नतीजों को आकार दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा बदलाव नैरेटिव के स्तर पर देखने को मिला। चुनाव अब केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178209/election-earthquake-2026-changed-narrative-changed-politics-and-new-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/haseen.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत के हालिया विधानसभा चुनावों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह भावनाओं रणनीतियों नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों का जटिल मिश्रण है। इस बार के नतीजों ने कई स्थापित धारणाओं को तोड़ा और नए राजनीतिक ट्रेंड्स को जन्म दिया। अलग अलग राज्यों में अलग अलग वजहों से सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो कुछ साझा फैक्टर ऐसे रहे जिन्होंने इन नतीजों को आकार दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा बदलाव नैरेटिव के स्तर पर देखने को मिला। चुनाव अब केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे बल्कि पहचान संस्कृति और भावनात्मक अपील का प्रभाव बहुत गहरा हो गया। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्ता में रही सरकार के खिलाफ माहौल बना लेकिन यह केवल एंटी इनकम्बेंसी का मामला नहीं था। यहां एक ऐसा नैरेटिव तैयार किया गया जिसमें सांस्कृतिक पहचान को राजनीतिक हथियार बना दिया गया। माछ भात और मां काली जैसे प्रतीकों के जरिए यह संदेश दिया गया कि स्थानीय परंपराओं का सम्मान केवल एक खास राजनीतिक विचारधारा ही कर सकती है। इसने मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को प्रभावित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ध्रुवीकरण इस चुनाव का एक और बड़ा फैक्टर रहा। यह केवल धार्मिक आधार पर नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के स्तर पर भी हुआ। असम में इसका एक अलग रूप देखने को मिला जहां वोटों का बंटवारा निर्णायक साबित हुआ। विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी और समुदायों के भीतर विभाजन ने सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाया। यह रणनीति नई नहीं थी लेकिन इस बार इसे अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि चुनाव जीतने के लिए केवल अपने वोटबैंक को मजबूत करना ही नहीं बल्कि विरोधी वोटों को विभाजित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरा बड़ा फैक्टर प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलाव रहे। मतदाता सूचियों में संशोधन और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं का असर सीधे चुनावी परिणामों पर पड़ा। पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने का मुद्दा चर्चा में रहा। वहीं असम में परिसीमन के बाद सीटों का स्वरूप बदल गया जिससे कई क्षेत्रों का राजनीतिक संतुलन प्रभावित हुआ। यह बदलाव तकनीकी लग सकते हैं लेकिन इनका असर जमीनी स्तर पर बहुत गहरा होता है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि चुनाव केवल प्रचार और रैलियों से नहीं जीते जाते बल्कि सिस्टम के भीतर होने वाले बदलाव भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेतृत्व का प्रभाव इस बार पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट दिखा। असम में मजबूत और आक्रामक नेतृत्व ने सरकार के खिलाफ संभावित नाराजगी को दबा दिया। वहीं केरल में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद नेतृत्व पर सवाल उठने लगे। भ्रष्टाचार के आरोप और थकान का असर साफ दिखा। यह अंतर बताता है कि केवल सत्ता में बने रहना काफी नहीं होता बल्कि जनता के बीच लगातार भरोसा बनाए रखना भी जरूरी है। जहां यह भरोसा टूटा वहां सत्ता भी हाथ से निकल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तमिलनाडु में जो हुआ वह भारतीय राजनीति के लिए एक दिलचस्प मोड़ है। यहां एक फिल्मी सितारे ने अपनी लोकप्रियता को राजनीतिक ताकत में बदल दिया। यह कोई नई बात नहीं है लेकिन जिस तेजी और पैमाने पर यह बदलाव हुआ उसने सबको चौंका दिया। इसका मतलब यह है कि आज का मतदाता पारंपरिक दलों से हटकर नए विकल्पों को मौका देने के लिए तैयार है। खासकर युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता ऐसे चेहरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो उन्हें नया और अलग लगता है। यह बदलाव आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक रही। पहले उन्हें केवल एक सहायक वोटबैंक माना जाता था लेकिन अब वे खुद एक संगठित और प्रभावशाली वर्ग बन चुकी हैं। अलग अलग राज्यों में महिलाओं को लक्षित करके योजनाएं और वादे किए गए। कहीं नकद सहायता का वादा किया गया तो कहीं सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की बात हुई। इसका असर यह हुआ कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया और कई सीटों पर परिणाम को प्रभावित किया। यह ट्रेंड भविष्य की राजनीति को भी दिशा देगा क्योंकि अब कोई भी दल इस वर्ग को नजरअंदाज नहीं कर सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि सत्ताधारी दलों के पारंपरिक गढ़ भी इस बार सुरक्षित नहीं रहे। पश्चिम बंगाल में जिन सीटों पर एक ही पार्टी का लंबे समय से कब्जा था वहां भी बदलाव देखने को मिला। इसका मतलब यह है कि मतदाता अब केवल परंपरा के आधार पर वोट नहीं दे रहा बल्कि वह विकल्प तलाश रहा है। इसी तरह तमिलनाडु में भी पारंपरिक दो दलों के बीच की राजनीति को एक नए खिलाड़ी ने चुनौती दी। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि सत्ता स्थायी नहीं होती और जनता समय समय पर नए विकल्प तलाशती रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन सभी फैक्टर्स को मिलाकर देखा जाए तो यह चुनाव केवल सरकार बदलने का मामला नहीं है बल्कि यह राजनीति के बदलते स्वरूप का संकेत है। अब चुनाव अधिक जटिल हो गए हैं जहां भावनाएं रणनीति नेतृत्व और सामाजिक समीकरण सभी एक साथ काम करते हैं। यह भी स्पष्ट है कि कोई एक फार्मूला सभी राज्यों में काम नहीं करता। हर राज्य की अपनी सामाजिक संरचना और राजनीतिक संस्कृति होती है और उसी के अनुसार रणनीति बनानी पड़ती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दल इन ट्रेंड्स से क्या सीखते हैं। क्या वे केवल ध्रुवीकरण और नैरेटिव पर ध्यान देंगे या फिर विकास और शासन के मुद्दों को भी उतनी ही प्राथमिकता देंगे। मतदाता अब पहले से अधिक जागरूक है और वह केवल वादों से संतुष्ट नहीं होता। उसे परिणाम चाहिए और अगर उसे लगता है कि कोई और विकल्प बेहतर है तो वह बदलाव करने में संकोच नहीं करता।</div>
<div style="text-align:justify;">इस चुनाव ने एक और बात साफ कर दी है कि भारतीय लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और पुराने दलों को खुद को लगातार अपडेट करना पड़ रहा है। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए अच्छी है क्योंकि इससे जवाबदेही बढ़ती है और जनता को बेहतर विकल्प मिलते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंत में कहा जा सकता है कि 2026 के चुनाव केवल राजनीतिक घटनाएं नहीं हैं बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक बदलाव का संकेत हैं। यहां से जो ट्रेंड्स उभरे हैं वे आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति को नई दिशा देंगे। जो दल इन संकेतों को समझेंगे और समय के अनुसार खुद को ढालेंगे वही भविष्य में सफल होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">      <strong>   *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 16:31:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर में डीएम ने गैस एजेंसी का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div>  </div>
<div>सिद्धार्थनगर,जनपद में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी. एन ने  शुक्रवार  को बर्डपुर  स्थित सिद्धार्थ गैस एजेंसी के  गोदाम का औचक निरीक्षण किया, </div>
<div>  </div>
<div>निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  ने गैस गोदाम में उपलब्ध स्टॉक, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी स्थिति की गहनता से  जानकारी ली। जिलाधिकारी  ने एजेंसी संचालक से स्पष्ट रूप से पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर आए, कितने सिलेंडरों का वितरण किया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173278/dm-inspected-gas-agency-in-siddharthnagar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773409391588.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div> </div>
<div>सिद्धार्थनगर,जनपद में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी. एन ने  शुक्रवार  को बर्डपुर  स्थित सिद्धार्थ गैस एजेंसी के  गोदाम का औचक निरीक्षण किया, </div>
<div> </div>
<div>निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  ने गैस गोदाम में उपलब्ध स्टॉक, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी स्थिति की गहनता से  जानकारी ली। जिलाधिकारी  ने एजेंसी संचालक से स्पष्ट रूप से पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर आए, कितने सिलेंडरों का वितरण किया गया और वर्तमान में कितना स्टॉक  हैं की जानकारी ली,
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 22:17:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेटी की मौत पर पिता के साथ रोता रहा पालतू कुत्ता, उस्मापुर में भावुक कर देने वाला दृश्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उतराव थाना क्षेत्र के उस्मापुर गांव में शुक्रवार को एक बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाला दृश्य सामने आया। गांव की एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटी की असमय मौत से घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दुखद घटना के बीच एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। मृतका के पिता के पास उनका पालतू कुत्ता लगातार बैठा रहा। पिता जहां अपनी बेटी के जाने के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173275/pet-dog-kept-crying-with-father-on-daughters-death-emotional"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0182-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उतराव थाना क्षेत्र के उस्मापुर गांव में शुक्रवार को एक बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाला दृश्य सामने आया। गांव की एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटी की असमय मौत से घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दुखद घटना के बीच एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। मृतका के पिता के पास उनका पालतू कुत्ता लगातार बैठा रहा। पिता जहां अपनी बेटी के जाने के गम में रोते रहे, वहीं कुत्ता भी उनके पास से हटने को तैयार नहीं था। वह कभी पिता के पास सिर झुकाकर बैठ जाता तो कभी उनके पैरों के पास लेट जाता, मानो वह भी अपने मालिक के दर्द को महसूस कर रहा हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव के लोगों का कहना है कि यह कुत्ता परिवार के साथ लंबे समय से रह रहा है और घर के हर सदस्य से बेहद लगाव रखता था। बेटी के निधन के बाद से वह भी काफी बेचैन दिखाई दे रहा है और लगातार घर के आसपास ही मंडराता रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घर पहुंच गए और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। हर किसी की जुबान पर यही चर्चा रही कि बेजुबान जानवर भी इंसानों के दुख-सुख को कितनी गहराई से समझते हैं। पिता के साथ बैठे कुत्ते का यह भावुक दृश्य वहां मौजूद लोगों को अंदर तक झकझोर गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल गांव में शोक का माहौल है और परिवार गहरे सदमे में है। यह घटना एक बार फिर यह एहसास कराती है कि इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान जानवर भी अपने मालिक के दर्द को महसूस करते हैं और मुश्किल घड़ी में उनका साथ नहीं छोड़ते।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 22:12:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उतरांव पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कमिश्नरेट प्रयागराज के थाना उतरांव पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने शुक्रवार को अभियुक्त को उसके गांव के पास से पकड़कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना उतरांव पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 46/2026, धारा 62/65(2)/115(2) भारतीय न्याय संहिता तथा 9M/10 पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामले में वांछित अभियुक्त की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में थाना उतरांव की पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173273/uttaraon-police-arrested-the-wanted-accused-under-pocso-act"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0219.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कमिश्नरेट प्रयागराज के थाना उतरांव पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने शुक्रवार को अभियुक्त को उसके गांव के पास से पकड़कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना उतरांव पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 46/2026, धारा 62/65(2)/115(2) भारतीय न्याय संहिता तथा 9M/10 पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामले में वांछित अभियुक्त की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में थाना उतरांव की पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मुनीम उर्फ अजय यादव पुत्र कमलेश कुमार निवासी ग्राम आराकलाँ थाना उतरांव कमिश्नरेट प्रयागराज के रूप में हुई है। अभियुक्त की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने उसे शुक्रवार 13 मार्च 2026 को थाना उतरांव क्षेत्र के अंतर्गत उसके निवास ग्राम आराकलाँ के पास से गिरफ्तार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गंभीर धाराएं लगी हैं और वह काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 22:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पति पत्नी के विवाद में पति को लगी चाकू,हालत गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संबाद दाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कमिश्नरेट अंतर्गत थाना बिधनू क्षेत्र के तकसिहपुर गांव में पति-पत्नी के विवाद के बाद पति को चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया,, शुक्रवार सुबह वह घर के मुख्य दरवाजे के पास ख़ून से लथपथ बेसुध पड़ा मिला l</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे उपचार के लिए सीएचसी भेजा , जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए हैलट अस्पताल रेफर कर दिया,, जानकारी के अनुसार तकसिहपुर गांव निवासी लवकुश 40 वर्ष,पुत्र जगदीश का गुरुवार देर रात पत्नी सरोज से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, शुक्रवार सुबह ग्रामीणों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173270/husband-stabbed-in-dispute-between-husband-and-wife-condition-serious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001733599.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संबाद दाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कमिश्नरेट अंतर्गत थाना बिधनू क्षेत्र के तकसिहपुर गांव में पति-पत्नी के विवाद के बाद पति को चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया,, शुक्रवार सुबह वह घर के मुख्य दरवाजे के पास ख़ून से लथपथ बेसुध पड़ा मिला l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे उपचार के लिए सीएचसी भेजा , जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए हैलट अस्पताल रेफर कर दिया,, जानकारी के अनुसार तकसिहपुर गांव निवासी लवकुश 40 वर्ष,पुत्र जगदीश का गुरुवार देर रात पत्नी सरोज से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने लवकुश को घर के मेन गेट के पास फर्स पर खून से लथपथ पड़ा देखा,, जबकि पत्नी वहीं बैठ कर रो रहीं थीं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद पड़ोसियों ने 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस को सूचना दी,, मौके पर पहुंची एंबुलेंस और पुलिस कर्मियों ने घायल को बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया , डॉक्टरों के अनुसार लवकुश की गर्दन और पेट में चाकू के तीन गहरे घाव है प्राथमिक उपचार के बाद उसे हैलट रेफर कर दिया गया है l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं घटना के संबंध में पत्नी ने अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी हैं,, बिधनू पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है, बिधनू थाना प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी, घटना की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है, तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173270/husband-stabbed-in-dispute-between-husband-and-wife-condition-serious</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 21:59:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम के पेड़ से लटका मिला किशोर का शव, कार्रवाई की मांग पर अड़े ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सराय ममरेज थाना क्षेत्र के भदारी गांव में गुरुवार को एक 17 वर्षीय किशोर का शव आम के पेड़ से लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन परिजन और ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर शव को पेड़ से नीचे उतारने नहीं दे रहे थे। करीब आठ घंटे तक चले हंगामे और पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद आखिरकार शव को पेड़ से उतारा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान शुभम भारती (17) पुत्र बिंदु शेखर पासी, निवासी भदारी के रूप में हुई है। बताया जा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173268/dead-body-of-a-teenager-found-hanging-from-a-mango"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0321.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सराय ममरेज थाना क्षेत्र के भदारी गांव में गुरुवार को एक 17 वर्षीय किशोर का शव आम के पेड़ से लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन परिजन और ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर शव को पेड़ से नीचे उतारने नहीं दे रहे थे। करीब आठ घंटे तक चले हंगामे और पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद आखिरकार शव को पेड़ से उतारा गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान शुभम भारती (17) पुत्र बिंदु शेखर पासी, निवासी भदारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शुभम ने हाल ही में हाईस्कूल (दसवीं) की परीक्षा पास की थी और वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी तीन बहनें शिवांगी, शैलेन्द्री और शैल हैं। पिता बिंदु शेखर पासी पेशे से राजगीर (मिस्त्री) हैं, जबकि मां सीमा देवी गृहिणी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों के अनुसार घर के पीछे करीब 50 मीटर दूर स्थित बगीचे में आम के पेड़ की डाल से साड़ी के फंदे के सहारे शुभम का शव लटका मिला। बताया जा रहा है कि गुरुवार को दिनभर शुभम घर पर नहीं दिखा, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे थे। काफी खोजबीन के बाद शाम के समय बगीचे में उसका शव पेड़ से लटकता हुआ मिला। यह दृश्य देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और देखते ही देखते गांव में लोगों की भीड़ जुट गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के मुताबिक गांव में आई एक बारात के दौरान शुभम और गांव के ही आशु के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद को लेकर आशु ने बुधवार को थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। गुरुवार को पुलिस मामले की जांच के लिए गांव पहुंची थी। इस दौरान पुलिस शुभम की तलाश कर रही थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। बताया जाता है कि पुलिस शुभम के पिता को पूछताछ के लिए थाने ले जाने लगी थी, तभी शुभम की मां की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शाम को जब बगीचे में शुभम का शव पेड़ से लटका मिला तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और घटना संदिग्ध नजर आने लगी। परिजन और ग्रामीणों ने इसे संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव को पेड़ से नीचे उतारने से मना कर दिया और मौके पर जमकर हंगामा किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब आठ घंटे बाद शव को पेड़ से नीचे उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। वहीं गांव में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 21:54:06 +0530</pubDate>
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                <title>उन्मादी भीड़ का ‘तालिबानी फरमान’के सामने बेबस पुलिस,22 घंटे तक बना रहा बंधक,पुलिस रही खामोश </title>
                                    <description><![CDATA[रोता रहा किशोर— “अभी पढ़ना है”, लेकिन नहीं पसीजा किसी का दिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173224/police-helpless-in-front-of-talibani-decree-of-frenzied-mob"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बिहार ब्यूरो ,स्वतंत्र प्रभात ,पटना </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार के सुपौल जिले के त्रिबेनीगंज अनुमंडल क्षेत्र के राजेश्वरी थाना इलाके में बुधवार की शाम कानून और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। उग्र अतिताई  भीड़ ने एक नाबालिग लड़के को पकड़कर न सिर्फ  उसकी मनभर  बेरहमी से पिटाई की बल्कि  दबाव बनाकर एक नाबालिग लड़की से जबरन शादी करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ साफ  दिखाई दे रहा है कि मोभ लॉन्चिंग पर उतारू  भीड़ एक नाबालिग लड़के को घेरकर बुरी तरह से पीट रही है।पीड़ित नावालिग  लड़का रोते हुए बार-बार कह रहा है कि वह अभी पढ़ाई करना चाहता है और शादी नहीं करेगा। वह भीड़ से हाथ जोड़कर विनती करता रहा कि अभी उनकी पढ़ने की उम्र है और वह पहले अपना करियर बनाना चाहता है।लेकिन उन्मादी भीड़ के आगे उस मासूम किशोर की  एक भी नहीं चली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भीड़ लगातार उसे पीटती रही और आखिरकार मंदिर परिसर में दोनों की जबरन शादी करा दी गई।इससे भी  हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस नाबालिग को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराने में नाकाम रही। परिजनों का आरोप है कि करीब 22 घंटे तक लड़का लड़की पक्ष व भीड़  के लोगों के कब्जे में रहा, लेकिन पुलिस ने उसे छुड़ाने के लिए कोई गंभीर पहल करना तो दूर बल्कि झकना तक मुनासिब  नहीं समझा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260313-wa0027.jpg" alt="IMG-20260313-WA0027" width="478" height="850"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मारपीट से टूटे किशोर ने अपनी जीवनलीला समाप्त की भी कि कोशिश</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्मादी भीड़ की बेइंतहा  मारपीट और दबाव से परेशान होकर नाबालिग पूरी तरह टूट गया था। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान उसने कई बार खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और अपना गला दबा अपनी जीवनलीला खत्म करने का भी असफल प्रयास किया। वह बार-बार रोते हुए कहता रहा कि उसे छोड़ दिया जाए और वह पढ़ाई करना चाहता है।लेकिन भीड़ ने उसकी एक भी नहीं सुनी। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और कुछ लोग उसे पीटते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260313-wa0018.jpg" alt="IMG-20260313-WA0018" width="478" height="850"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आखिरकार दबाव बनाकर मंदिर में ही करा दी गई दोनों की शादी </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कहा जा रहा है कि करीब आठ माह पहले इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती का यह अंजाम होगा शायद इसकी कल्पना दोनो नावालिग ने नही की थी,बुधवार को प्रेमिका ने लड़के को शाम में मंदिर में मिलने बुलाया था मिली जानकारी के अनुसार चरने तमुआ निवासी सुधीर यादव के पुत्र प्रिंस कुमार की करीब सात-आठ महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से पास के गांव की एक लड़की से दोस्ती हुई थी।दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी। बताया जाता है कि बुधवार की शाम लड़की ने युवक को गोचर भतनी टोला स्थित एक मंदिर में मिलने के लिए बुलाया था।जब दोनों मंदिर के पास मिले तो गांव के कुछ युवकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण जुट गए और माहौल काफी  तनावपूर्ण हो गया। भीड़  ने लड़के को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद भीड़ ने पंचायत जैसी स्थिति बनाकर दोनों की जबरन शादी करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डायल 112 पहुंची, लेकिन भीड़ के आगे बेबस लौटी पुलिस</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस शर्मनाक घटना की जानकारी नहीं मिली ।घटना की जानकारी मिलते ही लड़के के परिजनों ने डायल 112, स्थानीय थाना और वरीय अधिकारियों को मोबाइल से  सूचना दी और लड़के को भीड़ से छुड़ाने कीखूब  चिरौरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के रौद्र रूप के कारण पुलिस की एक नहीं चली। बताया जाता है कि भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की, जिसके बाद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। लेकिन पुलिस का नपुंसकी चेहरा तब सामने आया जब डायल 112 के बैरंग वापस लौटने के बाद स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष युगल किशोर ने  नाबालिग को मुक्त कराने के लिए दोबारा कोई ठोस पहल  नहीं की,और नावालिग को जानलेंने पर आमादा भीड़ के रहमोकरम पर ही छोड़ दिया। जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>22 घंटे तक बंधक बना रहा</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लड़के के परिजनों का आरोप है कि उनका नाबालिग पुत्र करीब 22 घंटे तक लड़की पक्ष और भीड़ के कब्जे में रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि उन्होंने लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यहाँ तक की परिजनों ने  चार नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस रात भर कार्यबाही का आश्वासन देकर लम्बी चादर ओढ़ सोती रही  ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दहशत में परिजन , अनहोनी की आशंका</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना के बाद लड़के का परिवार पूरी तरह दहशत में है।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें डर सता रहा था  कि कहीं उनके बेटे के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसी मंदिर में रात में हो गई 18 लाख के आभूषण की चोरी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मंदिर में शाम को यह सनसनीखेज घटना हुई, उसी मंदिर में देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। और  मंदिर से करीब 18 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चुरा लिए। गुरुवार को चोरी की इस बड़ी वारदात की जानकारी मिलने के बाद जिले के पुलिस कप्तान, एसडीपीओ और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच कर अपनी सम्वेदनशीलता का छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एसपी से छिपाई गई उक्त  की बड़ी घटना</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब पुलिस कप्तान  मंदिर में चोरी की घटना की जांच करने के लिए गुरुवार की सुबह  पहुंचे, तब स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम  में हुई इतनी बड़ी घटना—नाबालिग की पिटाई, जबरन शादी और बंधक बनाए जाने की जानकारी तक देना मुनासिब नहीं समझा । और हुजूर आला को चोरी की घटना दिखाकर बिदा कर दिए इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना को आखिर स्थानीय पुलिस ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी से क्यों छिपाया। क्या किसी की लापरवाही को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की गई? या उन्होंने इसे बताना  फालतू समझा। इतना ही नहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी जानकारी मिल गई थी लेकिन वे भी आश्वासन ही देते रहे।मुख्यालय में मौजूद रहने के बाद भी स्थल पर जाने या बच्चे को भीड़ के चंगुल से बचाने की पहल नही की</div>
<div style="text-align:justify;">अलबत्ता 22 घण्टे बाद हरकत में आई पुलिस ने दावा किया कि लड़के को बरामद कर लिया गया है।लेकिन युबक को कहां महफूज रखा गया है यह बताने से परहेज कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> जिससे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है।</div>
<div style="text-align:justify;"> घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि अगर भीड़ के सामने कानून इतना कमजोर दिखेगा तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">""""""""</div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"> उठी  निष्पक्ष जांच  दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और थानाध्यक्ष को हटाने की मांग </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के साथ साथ राजेश्वरी थाना के कायर थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटना की पूर्णवरीति नही हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में एसडीपीओ विभाष कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वही एसपी एस शरथ ने कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही हैं, दोषी बख्शे नही जाएंगे ।</div>
</blockquote>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 20:49:41 +0530</pubDate>
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