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                <title>Financial inclusion - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Financial inclusion RSS Feed</description>
                
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                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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                <title>Haryana: हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत, अब आधार कार्ड से मिलेगा कृषि लोन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब कृषि ऋण लेने के लिए किसानों को बैंकों और राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार जल्द ही ग्रामीण क्रेडिट सिस्टम (Rural Credit System) शुरू करने जा रही है, जिसके तहत सिर्फ आधार नंबर के आधार पर कृषि ऋण मिल सकेगा। जमीन से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से अपने आप प्राप्त हो जाएगी।</p>
<h5>RBI के साथ होगा एमओयू</h5>
<p>राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा सरकार जल्द ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167851/haryana-big-relief-to-farmers-in-haryana-now-they-will"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/pm-kisan-yojana-(15).jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब कृषि ऋण लेने के लिए किसानों को बैंकों और राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार जल्द ही ग्रामीण क्रेडिट सिस्टम (Rural Credit System) शुरू करने जा रही है, जिसके तहत सिर्फ आधार नंबर के आधार पर कृषि ऋण मिल सकेगा। जमीन से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से अपने आप प्राप्त हो जाएगी।</p>
<h5>RBI के साथ होगा एमओयू</h5>
<p>राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा सरकार जल्द ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के साथ एक एमओयू साइन करेगी। इस फ्रेमवर्क के तहत कृषि ऋण की मंजूरी सीधे डिजिटाइज्ड भूमि रिकॉर्ड से जोड़ी जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से वित्तीय संस्थानों और राजस्व प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और पुराने पटवारी-तहसील-बैंक सिस्टम, जिसमें देरी और परेशानी होती थी, को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।</p>
<h5>दो चरणों में लागू होगा नया सिस्टम</h5>
<p>यह प्रोजेक्ट दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन को शामिल किया जाएगा, जो हरियाणा में खेती के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला क्रेडिट माध्यम है। दूसरे चरण में सभी तरह के कृषि और ग्रामीण ऋणों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे राज्य में एक यूनिफाइड डिजिटल क्रेडिट इकोसिस्टम तैयार होगा।</p>
<h5>आधार प्रमाणीकरण के बाद तुरंत मिलेगी जमीन की जानकारी</h5>
<p>आधार प्रमाणीकरण के बाद किसान की जमीन से जुड़ा पूरा विवरण स्वतः सिस्टम में आ जाएगा। लोन स्वीकृत होने पर उसकी एंट्री सीधे भूमि रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगी और ऋण चुकाने के बाद गिरवी से संबंधित प्रविष्टियां अपने आप हटा दी जाएंगी। पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।</p>
<p>इस नई व्यवस्था से किसानों का समय बचेगा और उन्हें तेजी से ऋण मिल सकेगा। साथ ही लोन स्टेटस और जमीन के रिकॉर्ड की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सत्यापित भूमि डेटा तुरंत मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बेहतर होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 19:02:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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