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                <title>उर्वरक - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>उर्वरक RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उर्वरक संबंधी किसी भी समस्या के लिए कंट्रोल रूम के नंबर पर करें सम्पर्क </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अम्बेडकर नगर।</p><p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद अम्बेडकरनगर में माह फरवरी तक यूरिया के लक्ष्य 38825 मी०टन के सापेक्ष 52993 मी०टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 12919 मी०टन के सापेक्ष 15644 गी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 4055 मी०टन के सापेक्ष 9351 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 11381 मी०टन के सापेक्ष 22166 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 603 मी०टन के सापेक्ष 514 मी०टन की उपलब्धता हुई है, जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रुप से यूरिया 10135 मी०टन, डी०ए०पी० 4803 मी०टन, एन०पी०के० 3071 भी०टन, एस०एस०पी० 10340 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 182 मी०टन उपलब्ध है। जनपद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171851/for-any-problem-related-to-fertilizer-contact-the-control-room"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img_20260228_071717.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अम्बेडकर नगर।</p><p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद अम्बेडकरनगर में माह फरवरी तक यूरिया के लक्ष्य 38825 मी०टन के सापेक्ष 52993 मी०टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 12919 मी०टन के सापेक्ष 15644 गी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 4055 मी०टन के सापेक्ष 9351 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 11381 मी०टन के सापेक्ष 22166 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 603 मी०टन के सापेक्ष 514 मी०टन की उपलब्धता हुई है, जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रुप से यूरिया 10135 मी०टन, डी०ए०पी० 4803 मी०टन, एन०पी०के० 3071 भी०टन, एस०एस०पी० 10340 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 182 मी०टन उपलब्ध है। जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता है।</p><p style="text-align:justify;">उर्वरक प्राप्त करने के लिये कृषक भाई अपना आधार कार्ड और जोत-बही / खतौनी लाकर उसमें अंकित कृषि भूमि के अनुसार जोत / कृषित भूमि के सापेक्ष संस्तुत मात्रा के अनुसार ही उर्वरक प्राप्त करें। किसान भाईयो से अनुरोध है कि अपने नजदीकी उर्वरक बिकी केन्द्रों से पी०ओ०एस० मशीन के माध्यम से निर्धारित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त कर सकते है। उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के समस्या के लिये जनपद में कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, अम्बेडकरनगर में उर्वरक कंट्रोल रुम स्थापित है जिसका नम्बर 9455485475 है। जनपद के कृषक उर्वरकों के सम्बन्ध में उक्त हेल्प लाइन नम्बर पर सम्पर्क कर उर्वरकों के सम्बन्ध में अपनी शिकायत दर्ज कराकर, समाधान प्राप्त कर सकते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171851/for-any-problem-related-to-fertilizer-contact-the-control-room</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 07:23:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी  ने  दिये 418.00 मै० टन इफको यूरिया उर्वरक आवंटन करने व 215.375 मै० टन यूरिया उर्वरक पी०सी०एफ० बफर में रक्षित करने के  निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[जिलाधिकारी ने दिये समितिवार यूरिया उर्वरक प्रेषण की सूची  सहायक आयुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153714/the-district-magistrate-gave-instructions-to-allocate-41800-mt-tt"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img_20250805_223854.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश- </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने बताया कि 04 अगस्त,2025 को सामान्य योजनान्तर्गत पी०सी०एफ० बफर में सामान्य योजनान्तर्गत 633.375 मै० टन इफको यूरिया उर्वरक भण्डारित है। जिसे सहायक आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता, सोनभद्र द्वारा दिनांक-04.08.2025 को आई.एफ.एम.एस. पोर्टल पर सहकारी समिति के पॉस मशीन में प्रदर्शित यूरिया उर्वरक सम्भार के सापेक्ष उन सहकारी समितियों में जिनके पॉस मशीन में 05.00 मै०टन से कम यूरिया उर्वरक सम्भार उपलब्ध है, उनमें यूरिया उर्वरक सम्भार का आवंटन कराये जाने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img_20250805_223705.jpg" alt="IMG_20250805_223705" width="455" height="266"></img></p>
<p style="text-align:justify;">04 अगस्त,2025 को आई.एफ.एम.एस. पोर्टल पर सहकारी समिति के पॉस मशीन में प्रदर्शित यूरिया उर्वरक सम्भार के सापेक्ष उन सहकारी समितियों में जिनके पॉस मशीन में 05.00 मै०टन से कम यूरिया उर्वरक सम्भार उपलब्ध है, में 418.00 मै० टन इफको यूरिया उर्वरक आवंटन करते हुए निर्देशित किया गया है कि आवंटित समितियों से प्राप्त आर.टी.जी.एस. के क्रम में समितियों/उर्वरक बिक्री केन्द्रो को यूरिया उर्वरक आवंटन के सापेक्ष आपूर्ति कराये तथा शेष 215.375 मै० टन यूरिया उर्वरक पी०सी०एफ० बफर में रक्षित करते हुए प्रतिदिन समितिवार यूरिया उर्वरक प्रेषण की सूची सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, सोनभद्र को प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 22:47:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले के 28 सहकारी समितियों के  लिए 230.00 मै०टन डी0ए0पी00 उर्वरक की स्वीकृति</title>
                                    <description><![CDATA[आवंटन के पश्चात पी०सी०एफ० बफर के सामान्य योजनान्तर्गत डी0ए0पी0 तथा प्रीजोजिशनिंग योजनान्तर्गत 790.00 मै०टन डी0ए0पी0 उर्वरक सम्भार शेष रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153373/approval-of-23000-m-dap-00-fertilizer-for-28-cooperative"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img_20250723_070958.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता, सोनभद्र ने अवगत कराया है कि पार्वाकिंत सहकारी समितियों में 05.00 मै०टन से कम फास्फेटिक सम्भार उपलब्धता के आधार पर क्रमशः 28 सहकारी समितियों पर 230.00 मै० टन डी0ए0पी0 उर्वरक का आवंटन स्वीकृति प्रदान की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img_20250723_071126.jpg" alt="IMG_20250723_071126" width="669" height="496"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिसे सहकारी समितियों के द्वारा अग्रिम आर0टी0जी0एस0 के सापेक्ष पी०सी०एफ० द्वारा प्रेषण की कार्यवाही की जा रही है। इस आवंटन के पश्चात पी०सी०एफ० बफर के सामान्य योजनान्तर्गत डी0ए0पी0 तथा प्रीजोजिशनिंग योजनान्तर्गत 790.00 मै०टन डी0ए0पी0 उर्वरक सम्भार शेष रहेगा। उन्होंने बताया है कि 28 सहकारी समितियों के 230.00 मै०टन यूरिया उर्वरक के स्वीकृति प्रदान किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img_20250723_071318.jpg" alt="IMG_20250723_071318" width="720" height="398"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिसमें सलैयाडीह, करमा संघ, बघाड़ू, बहुअरा, बकौली, बटबन्तरा, चकचपकी, चेरूई, दुद्धी लै0, गोहड़ा, जरहाॅ, झारो, कचनरवाॅ, खलियारी, खोतोमहुआ, कोरियाॅव, लोहाण्डी, महुली, मेदनीखाड़, मुसहाॅ, म्योरपुर, पकरी, रामगढ़ लै0, सिरसाई, सोढ़ा, श्रीरामपुरी, तरावाॅ, वैनी, पी0सी0एफ0 डोहरी आदि शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/153373/approval-of-23000-m-dap-00-fertilizer-for-28-cooperative</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 07:22:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शोधकर्ता उर्वरक अनुप्रयोगों के लिए साइट-विशिष्ट मानचित्र विकसित करते हैं I</title>
                                    <description><![CDATA["मुख्य कारक गैर-वैज्ञानिक, अंधाधुंध और उर्वरक जैसे कृषि आदानों के गैर-टिकाऊ गहन उपयोग के माध्यम से मिट्टी का मानवजनित दुरुपयोग है," शोधकर्ताओं ने सूचित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129598/researchers-develop-site-specific-maps-for-fertilizer-applications"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/55.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली, </strong></p>
<p>मिट्टी का क्षरण मिट्टी की गुणवत्ता का भौतिक, रासायनिक और जैविक क्षरण है। यह कार्बनिक पदार्थ के नुकसान, मिट्टी की उर्वरता और संरचनात्मक स्थिति में गिरावट, क्षरण, लवणता, अम्लता या क्षारीयता में प्रतिकूल परिवर्तन, जहरीले रसायनों के प्रभाव, प्रदूषकों या अत्यधिक बाढ़ के कारण हो सकता है। भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए साइट-विशिष्ट उर्वरक उपयोग का सुझाव देने वाला एक डिजिटल नक्शा तैयार किया है।</p>
<p>"मुख्य कारक गैर-वैज्ञानिक, अंधाधुंध और उर्वरक जैसे कृषि आदानों के गैर-टिकाऊ गहन उपयोग के माध्यम से मिट्टी का मानवजनित दुरुपयोग है," शोधकर्ताओं ने सूचित किया।</p>
<p>उच्च पोषक उपयोग दक्षता और बेहतर फसल उपज प्राप्त करने के लिए, उर्वरक अनुशंसा दृष्टिकोणों को फसल की जरूरतों और मौजूदा मिट्टी पोषक पूल पर विचार करना चाहिए। "मिट्टी में पोषक तत्वों का वांछित संतुलन मृदा परीक्षण-आधारित उर्वरक सिफारिशों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है, जो उर्वरक उपयोग दक्षता में वृद्धि भी सुनिश्चित करता है," शोधकर्ता आगे बताते हैं।</p>
<p>उर्वरक सिफारिश और मानचित्रण के लिए मृदा परीक्षण फसल प्रतिक्रिया (STCR) दृष्टिकोण को सबसे वैज्ञानिक तरीकों में से एक माना जाता है। किसानों के आर्थिक संसाधनों और उर्वरकों की उपलब्धता के आधार पर उपज लक्ष्य को घटाया या बढ़ाया जा सकता है। यह मिट्टी की उपलब्धता और उर्वरक पोषक तत्वों के बीच वास्तविक संतुलन भी प्रदान करता है।</p>
<p>कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बेंगलुरु की शोध टीम; राष्ट्रीय अजैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, पुणे; और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु, को दो महत्वपूर्ण फसलें, धान और मक्का माना जाता है, जो मुख्य रूप से उर्वरकों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ उगाई जाती हैं और विभिन्न पोषक तत्वों की उपयोग क्षमता होती है।</p>
<p>प्रमुख उपलब्ध पोषक तत्वों के मृदा परीक्षण मूल्यों पर विचार करके अध्ययन क्षेत्र को विभिन्न उर्वरता क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया था। लक्षित उपज दृष्टिकोण के आधार पर उर्वरक नुस्खा समीकरणों का उपयोग करके वास्तविक एन, पी, और के उर्वरक पोषक तत्वों की सिफारिशों को प्राप्त किया गया था।</p>
<p>अध्ययन दल ने एसटीसीआर दृष्टिकोण के साथ मिलकर जीआईएस तकनीक का उपयोग करके मिट्टी परीक्षण आधारित उर्वरक सिफारिश के माध्यम से संतुलित पोषण प्रदान करने के लिए मिट्टी की उर्वरता स्थिति और उर्वरक सिफारिश मानचित्रण को परिभाषित करने पर काम किया। केस स्टडी कर्नाटक के हासन जिले के होन्नावल्ली माइक्रो वाटरशेड में आयोजित की गई थी।</p>
<p>उर्वरक समायोजन समीकरणों का उपयोग करते हुए, अध्ययन दल ने धान और मक्का के लिए उर्वरक अनुशंसा मानचित्र और नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, और पोटेशियम अनुशंसा मानचित्र का प्रस्ताव दिया।</p>
<p>शोधकर्ताओं का मानना ​​है, "आर्कजीआईएस प्लेटफॉर्म का उपयोग करके उत्पन्न उर्वरक अनुशंसा मानचित्र किसानों और शोधकर्ताओं को पोषक तत्वों (एन, पी और के) के सटीक प्रबंधन में मदद करेंगे।"</p>
<p>इस अध्ययन के परिणामों का रिमोट सेंसिंग, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) का उपयोग करके साइट-विशिष्ट कृषि/खेती के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>भारत विश्व स्तर पर निम्नीकृत भूमि का 10% योगदान देता है। यह दृष्टिकोण उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे किसानों के लिए भूमि क्षरण और लागत लागत कम हो सकती है।</p>
<p>अध्ययन को कर्नाटक वाटरशेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट द्वारा समर्थित किया गया है और करंट साइंस में प्रकाशित किया गया है। टीम में बसवराज बिरादर, एच. एम. जयदेव, हनमंत एम. हल्ली, और मंजनगौड़ा एस. सन्नगौदर शामिल थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 May 2023 16:50:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        