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                <title>mayawati - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>mayawati RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद: मायावती का ब्राह्मण कार्ड, माधौगढ़ से आशीष पांडेय पर दांव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जालौन/लखनऊ।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में <strong>Mayawati</strong> ने चुनावी तैयारियों का शुरुआती संकेत देते हुए जालौन जिले की माधौगढ़ विधानसभा सीट से आशीष पांडेय को प्रभारी घोषित किया है। बहुजन समाज पार्टी की परंपरा के अनुसार चुनाव से पहले घोषित प्रभारियों को ही पार्टी प्रत्याशी बनाती है, इसलिए इसे बसपा का पहला संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा सुप्रीमो ने ब्राह्मण चेहरे को आगे कर एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। इसे 2027 चुनाव के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171288/shankhnaad-of-2027-assembly-elections-mayawatis-brahmin-card-bet-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/mayawati-ka-brahmin-card.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालौन/लखनऊ।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में <strong>Mayawati</strong> ने चुनावी तैयारियों का शुरुआती संकेत देते हुए जालौन जिले की माधौगढ़ विधानसभा सीट से आशीष पांडेय को प्रभारी घोषित किया है। बहुजन समाज पार्टी की परंपरा के अनुसार चुनाव से पहले घोषित प्रभारियों को ही पार्टी प्रत्याशी बनाती है, इसलिए इसे बसपा का पहला संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा सुप्रीमो ने ब्राह्मण चेहरे को आगे कर एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। इसे 2027 चुनाव के लिए बसपा की शुरुआती रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">हाल के समय में ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों पर मायावती की सक्रियता बढ़ी है। माना जा रहा है कि बसपा ब्राह्मण वोटरों को फिर से अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का यह कदम भाजपा, सपा और कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>2007 का सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">बसपा 2007 के विधानसभा चुनाव में अपनाए गए सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को फिर से दोहराने की कोशिश में है। उस चुनाव में दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों के समीकरण ने बसपा को पूर्ण बहुमत दिलाया था।<br />2007 में बसपा ने करीब 86 सीटों पर ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 41 को जीत मिली थी। पार्टी अब एक बार फिर इसी सामाजिक समीकरण के सहारे सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>माधौगढ़ सीट पर पिछला चुनाव परिणाम</strong></h3>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;">माधौगढ़ विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में <strong>Bharatiya Janata Party</strong> के मूलचंद्र निरंजन ने जीत दर्ज की थी।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>मूलचंद्र निरंजन (भाजपा): 1,05,231 वोट</p>
</li>
<li>
<p>शीतल कुशवाहा (बसपा): 70,257 वोट</p>
</li>
<li>
<p>राघवेंद्र प्रताप सिंह (सपा): 63,035 वोट</p>
</li>
<li>
<p>जीत का अंतर: 34,974 वोट</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>दिलचस्प होगा चुनावी मुकाबला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">बसपा द्वारा ब्राह्मण चेहरे को आगे किए जाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस रणनीति का क्या जवाब देती हैं। फिलहाल इतना तय है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरणों की बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 14:06:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर दी बड़ी जिम्मेदारी, BSP का चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर मुख्य धारा की राजनीति में लौट आए हैं. रविवार को पार्टी की हाईलेवल मीटिंग में आकाश को लेकर फैसला लिया गया. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर मुख्य धारा की राजनीति में लौट आए हैं. रविवार को पार्टी की हाईलेवल मीटिंग में आकाश को लेकर फैसला लिया गया. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आकाश को तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर रिपोर्ट करेंगे. आज की बैठक से पहले आकाश को मायावती के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152008/mayawati-again-gave-a-big-responsibility-to-nephew-akash-anand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/7e6q55e8_mayawati-with-nephew-and-political-heir-akash-anand-ians_625x300_08_may_24.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर मुख्य धारा की राजनीति में लौट आए हैं. रविवार को पार्टी की हाईलेवल मीटिंग में आकाश को लेकर फैसला लिया गया. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर मुख्य धारा की राजनीति में लौट आए हैं. रविवार को पार्टी की हाईलेवल मीटिंग में आकाश को लेकर फैसला लिया गया. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आकाश को तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर रिपोर्ट करेंगे. आज की बैठक से पहले आकाश को मायावती के साथ साए की तरह देखा गया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनाव में आकाश आनंद पार्टी के प्रचार की कमान भी संभालेंगे. बसपा में फिलहाल तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं. इनके ऊपर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद रहेंगे. जिन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है, उनमें राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, रणधीर बेनीवाल और राजाराम का नाम शामिल है. रामजी गौतम संगठन में बिहार प्रदेश के प्रभारी भी हैं. आकाश आनंद की सियासी जिम्मेदारी बढ़ाने के फैसले से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बसपा सूत्रों का कहना है कि आकाश आनंद की इस नई भूमिका से पार्टी को आगामी चुनावों में मजबूती मिलेगी. आकाश आनंद पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार के तौर पर कार्य करेंगे और चुनावी रैलियों में बसपा की नीतियों का प्रचार-प्रसार करेंगे. आकाश आनंद लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं. उनकी छवि एक युवा और ऊर्जावान नेता की है. आकाश आनंद की इस नई भूमिका से न सिर्फ पार्टी को युवा नेतृत्व का संदेश मिलेगा, बल्कि मायावती के भरोसेमंद सहयोगी के रूप में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले मायावती ने भतीजे आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को कथित अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया था. हालांकि, महीनेभर बाद एक और नाटकीय मोड़ आया और बसपा प्रमुख ने आकाश को एक और मौका देने का फैसला किया और संगठन में उनकी वापसी की घोषणा की.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">13 अप्रैल को आकाश ने पहले एक्स पर सार्वजनिक पोस्ट किया और माफी मांगी. गलतियों को स्वीकार किया और मायावती के नेतृत्व के साथ खुद को पूरी तरह से जोड़ने का संकल्प लिया. उन्होंने किसी भी रिश्तेदार या सलाहकार से राजनीतिक सलाह ना लेने की कसम खाई. आकाश ने कहा कि वो मायावती को अपना एकमात्र राजनीतिक गुरु और रोल मॉडल मानते हैं.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आकाश ने मायावती से अपील की थी कि वे उनकी सारी गलतियों को माफ कर दें और उन्हें फिर से बीएसपी में काम करने का मौका दें. उन्होंने वादा किया था कि भविष्य में ऐसी कोई गलती नहीं होगी. उसके बाद मायावती ने एक्स पर पोस्ट किया और आकाश को एक और मौका देने का ऐलान किया. उन्होंने आकाश की सार्वजनिक माफी, वरिष्ठों को पूरा सम्मान देने के वादे, साथ ही अपने ससुर की बातों में ना आने और अपना जीवन बीएसपी और मूवमेंट के लिए समर्पित करने का हवाला दिया. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि आगे किसी को अपना उत्तराधिकारी बनाने का सवाल ही नहीं उठता.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 21:27:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मायावती ने आकाश आनंद को सभी पदों से हटाया, बोलीं-मेरे जिंदा रहने तक कोई नहीं होगा उत्तराधिकारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश में कभी राज करने वाली बसपा में आज घमासान चल रहा है। रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन के बाद उनका यह दूसरा बड़ा फैसला है। उन्होंने कहा रिश्ते नातों का राजनीति में कोई महत्व नहीं है।  </div>
<div>  </div>
<div>बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश के भाई आनंद कुमार और रामजी गौतम को बड़ी जिम्मेदारी दी। दोनों को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इस मौके पर मायावती ने कहा कि अब मेरे जिंदा रहने तक कोई उत्तराधिकारी नहीं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149247/mayawati-removed-akash-anand-from-all-positions-nobody-will-be-successful"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश में कभी राज करने वाली बसपा में आज घमासान चल रहा है। रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन के बाद उनका यह दूसरा बड़ा फैसला है। उन्होंने कहा रिश्ते नातों का राजनीति में कोई महत्व नहीं है।  </div>
<div> </div>
<div>बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश के भाई आनंद कुमार और रामजी गौतम को बड़ी जिम्मेदारी दी। दोनों को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इस मौके पर मायावती ने कहा कि अब मेरे जिंदा रहने तक कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा। पार्टी और मूवमेंट के हित में रिश्ते नातों का कोई महत्व नहीं है। </div>
<div> </div>
<div>बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अब मैंने खुद भी यह फैसला लिया है कि मेरे जीते जी व मेरी आखिरी सांस तक भी अब पार्टी में मेरा कोई भी उत्तराधिकारी नहीं होगा। जिस फैसले का पार्टी के लोगों ने दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मेरे लिए पार्टी व मूवमेन्ट पहले है। भाई-बहन व उनके बच्चे तथा अन्य रिश्ते नाते आदि सभी बाद में हैं। </div>
<div> </div>
<div>मायावती ने कहा कि आनन्द कुमार के बारे में मैं यह भी अवगत कराना चाहती हूं कि वर्तमान में बदले हुए हालात में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब इन्होंने अपने बच्चो का रिश्ता भी गैर-राजनैतिक परिवार के साथ ही जोड़ने का फैसला लिया है ताकि अशोक सिद्धार्थ की तरह अब आगे कभी भी अपनी पार्टी को किसी भी प्रकार से कोई नुकसान आदि ना हो सके।</div>
<div> </div>
<div>इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने पार्टी के लोगों को यह भी विश्वास दिलाया है कि जब तक मैं जिन्दा रहूंगी तो तब तक मैं अपनी आखिरी सांस तक भी अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से पार्टी को आगे बढ़ाने का हर सम्भव पूरा-पूरा प्रयास करती रहूंगी। उन्होंने समीक्षा के दौरान कमियों को दूर करके आगे के पार्टी कार्यक्रमों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।</div>
<div> </div>
<div>बसपा सुप्रीमो ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ने के फैसले के बावजूद समाजवादी पार्टी की हार का उल्लेख करते हुए कहा कि अब इसके लिए सपा किसको ज़िम्मेदार ठहराएगी क्योंकि पिछले उपचनुाव में पार्टी की हार के लिए सपा ने बसपा को जिम्मेदार ठहराने का मिथ्या प्रचार किया था। जबकि कुल मिलाकर, सपा और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और भाजपा व अन्य जातिवादी पार्टियों को केवल अम्बेडकरवादी नीति व सिद्धान्त वाली बसपा ही पराजित कर सकती है, यह बात पूरे देश के सर्वसमाज के लोगों को जरूर समझना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div>मायावती ने कहा कि आनन्द कुमार के बारे में मैं यह भी अवगत कराना चाहती हूं कि वर्तमान में बदले हुए हालात में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब इन्होंने अपने बच्चो का रिश्ता भी गैर-राजनैतिक परिवार के साथ ही जोड़ने का फैसला लिया है ताकि अशोक सिद्धार्थ की तरह अब आगे कभी भी अपनी पार्टी को किसी भी प्रकार से कोई नुकसान आदि ना हो सके।</div>
<div> </div>
<div>मायावती ने कहा कि  अशोक सिद्धार्थ को, जो आकाश आनन्द के ससुर भी है, उसे अब पार्टी व मूवमेन्ट के हित में पार्टी से निकाल कर बाहर किया है जिसने उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में पार्टी को दो गुटों में बांटकर इसे कमजोर करने का घिनौना कार्य किया है,। जो कतई बर्दाश्त करने लायक नहीं है। </div>
<div> </div>
<div>यह सब उनकी लड़के की शादी में भी देखने के लिए मिला है।जहां तक इस मामले में आकाश आनन्द का सवाल है तो आपको यह मालूम है कि अशोक सिद्धार्थ की लड़की के साथ इनकी शादी हुई है। अब अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने के बाद उस लड़की पर अपने पिता का कितना प्रभाव पड़ता है तथा आकाश पर भी उसकी लड़की का कितना प्रभाव पड़ता है तो यह सब भी अब हमें काफी गम्भीरता से देखना होगा जो अभी तक कतई भी पॉजिटिव नहीं लग रहा है।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे में पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आकाश आनन्द को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से अलग कर दिया गया है। जिसके लिए पार्टी नहीं बल्कि पूर्ण रूप से इसका ससुर अशोक सिद्धार्थ ही जिम्मेदार है, जिसने पार्टी को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आकाश आनन्द के पोलिटिकल कैरियर को भी खराब कर दिया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 14:01:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस सपा और भाजपा दोनों सरकारी मशीनरी का करते हैं दुरुपयोग-मायावती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित हुई जनसभा में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बस्ती, संत कबीर नगर, डुमरियागंज के बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों के लिए किया जनसभा और सभी प्रत्याशियों की जीतने की की अपील |हेलीकॉप्टर द्वारा बस्ती पहुंची मायावती का बस्ती के लोकसभा प्रत्याशी लव कुश पटेल उर्फ रिंकू चौधरी ने बसपा सुप्रीमो मायावती को प्रतीक चिन्ह हाथी देकर किया स्वागत। डुमरियागंज लोकसभा के बसपा प्रत्याशी नवीन ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर मायावती का किया स्वागत।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संत कबीर नगर के लोकसभा प्रत्याशी और उनके भाई ने गौतम बुद्ध की प्रथम भेंट कर किया स्वागत। बसपा सुप्रीमो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141372/congress-sp-and-bjp-both-misuse-government-machinery-mayawati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240518-wa0208.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित हुई जनसभा में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बस्ती, संत कबीर नगर, डुमरियागंज के बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों के लिए किया जनसभा और सभी प्रत्याशियों की जीतने की की अपील |हेलीकॉप्टर द्वारा बस्ती पहुंची मायावती का बस्ती के लोकसभा प्रत्याशी लव कुश पटेल उर्फ रिंकू चौधरी ने बसपा सुप्रीमो मायावती को प्रतीक चिन्ह हाथी देकर किया स्वागत। डुमरियागंज लोकसभा के बसपा प्रत्याशी नवीन ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर मायावती का किया स्वागत।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संत कबीर नगर के लोकसभा प्रत्याशी और उनके भाई ने गौतम बुद्ध की प्रथम भेंट कर किया स्वागत। बसपा सुप्रीमो मायावती ने जनसभा को किया संबोधित। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी कांग्रेस भाजपा व अन्य किसी भी विरोधी पार्टी तथा गठबंधन आदि के साथ मिलकर नहीं बल्कि अकेले पूरे दमदारी और मजबूती के साथ या चुनाव लड़ रही है |टिकट के बंटवारे के नाम पर हमने सर्व समाज के लोगों को उचित भागीदारी दी है |</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मायावती ने कहा कि जिनको कामयाब बनाने के लिए हमारी अपनी पार्टी के लोग जी जान से लगे हैं | आपके बस्ती मंडल में मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा है,मुस्लिम आबादी को देखकर संत कबीर नगर जो लोकसभा की सीट है और जो देवरिया का लोकसभा का सीट है से हमने मुस्लिम समाज हमारे कार्यकर्ता को अपना प्रत्याशी बनाया है |</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मायावती नें कहा की बस्ती की लोकसभा की सीट में पिछला वर्ग का वोट काफी ज्यादा है,इसलिए हमने यहां बस्ती से कुर्मी समाज के अपने कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया है | यहां पर उपलब्ध अपार भीड़ और आपके जोश को देखकर काफी हद तक फैसला हो गया है,पिछले बार की तरह इस बार भी आप लोग अपने लोकसभा चुनाव में अपना बेहतर रिजल्ट लेंगे | मायावती नें कहा की इस बार भारतीय जनता पार्टी केंद्र की सत्ता में आसानी से वापस आने वाली नहीं है |</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस चुनाव में इनकी कोई पुरानी या नई नाटक बाजी नहीं चल रही है जुमलेबाजी या गारंटी आदि काम में आने वाली नहीं है | उन्होंने कहा की देश की जनता काफी हद तक इस बात को समझ चुकी है| देश के विशेष कर गरीबों कमजोर तपको अन्य लोगों को जो भी अच्छे दिन दिखाने की हैं वह हवा हवाई हो गए हैं |</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको मालूम है कि जब केंद्र में कांग्रेसी सरकार होती है तो वह सरकारी जांच एजेंसी हो दुरुपयोग करती है राजनीतिकरण करती है, और जब बीजेपी सरकार में आती है तो बीजेपी भी सरकारी एजेंसी का ज्यादातर उपयोग करती है राजनीतिक करण करती है मैं समझती हूं या ठीक नहीं है |</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 May 2024 17:38:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन 24 के लिए मायावती का क्या है मास्टर प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती का मास्टर प्लान हर किसी की समझ से परे रहता है। कोई नहीं बता सकता कि उनका अगला प्लान क्या होगा। आगामी वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी समर्थित एन डी ए, से मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी दल एक हो गए हैं। परन्तु मायावती के प्लान ने विपक्षी दलों की एकता को कुछ हल्का कर दिया है।</p>
<p>                                                अभी हाल ही में जब बैंगलुरू में देश के 28 राजनीतिक दलों ने एक सुर मिलाया तो दूसरे ही दिन मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर के</p>
<p>                 </p>
<p>               </p>
<p>                    </p>
<p>                </p>
<p>                <br />                     </p>
<p>  <br /> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132959/what-is-mayawatis-master-plan-for-mission-24"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/मिशन-24-के-लिए-मायावती-का-क्या-है-मास्टर-प्लान.jpg" alt=""></a><br /><p>देश में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती का मास्टर प्लान हर किसी की समझ से परे रहता है। कोई नहीं बता सकता कि उनका अगला प्लान क्या होगा। आगामी वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी समर्थित एन डी ए, से मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी दल एक हो गए हैं। परन्तु मायावती के प्लान ने विपक्षी दलों की एकता को कुछ हल्का कर दिया है।</p>
<p>                        अभी हाल ही में जब बैंगलुरू में देश के 28 राजनीतिक दलों ने एक सुर मिलाया तो दूसरे ही दिन मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर के स्पष्ट कर दिया कि वह किसी के साथ नहीं है और आने वाले लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर लड़ेंगी ।अब ये उनपर दबाव है या उनकी कोई रणनीति है ये तो बाद में ही पता चल सकेगा। वैसे बहिन जी पहले भी कई बार गठबंधन से चुनाव लड़कर देख चुकी हैं लेकिन अनुभव कुछ अच्छे नहीं रहे। पिछली बार का लोकसभा चुनाव मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके लड़ा था उसमें बहिन जी को तो फायदा हुआ लेकिन समाजवादी पार्टी नुकसान में रही, लेकिन आरोप प्रत्यारोप दौनो दलों की तरफ से लगे थे और चुनाव बाद आखिरकार गठबंधन टूट गया।</p>
<p>                 अब यहां जो आने वाला लोकसभा चुनाव है उसमें सभी राजनीतिक दल किसी तरह से भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं हालांकि यह काम इतना आसान नहीं है लेकिन प्रयास तो विपक्षी दलों द्वारा काफी जोर से किया जा रहा है। इसकी अगुवाई भाजपा से बिहार में गठबंधन टूटने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की और धीरे धीरे और दल भी उनके साथ आते चले गए। ये इतना आसान नहीं है क्षेत्रीय स्तर पर इन दलों में काफी विरोधाभास है। क्यों कि लोकसभा में एक होकर ये दल विधानसभा में कट्टर विरोधी हो जाते हैं।</p>
<p>               ऐसी ही कुछ कहानी बसपा सुप्रीमो मायावती की है क्योंकि विधानसभा में उनका सपा के साथ 36 का आंकड़ा रहता है और मायावती ये कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती कि उनको सपा के मुकाबले कम सीट मिलें। यदि दोनों पार्टियों का कोर वोट हटादो तो ये मुस्लिम मतों के लिए हमेशा दो दो हाथ करती नजर आती हैं। मायावती की एक चाल और है कि वह भारतीय जनता पार्टी से सीधे दुश्मनी भी नहीं लेना चाहती है भले ही वो चुनाव के बाद आवश्यकता पड़ने पर विपक्ष के साथ आ जाएं लेकिन अभी कुछ डर उनको सता रहे हैं। </p>
<p>                    मायावती और उनके भतीजे के खिलाफ कुछ केस लंबित हैं और उनकी वजह से भी विपक्ष के साथ उनका न जाना दर्शाता है। उनको डर है कि अगर वो विपक्ष के गठबंधन इंडिया के साथ आ गये तो उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। और अलग चुनाव लड़कर वो दोनों हाथों से लड्डू खा सकती हैं। वरहाल यह उनका मास्टर प्लान है जिसको वह समय आने पर ही खोलेंगी। वैसे भी बहिन जी गठबंधन में ज्यादा विश्वास नहीं रखती हैं।वह सोशल इंजीनियरिंग को ज्यादा महत्व देती हैं और यह उनके हक में भी गया है।</p>
<p>                सोशल इंजीनियरिंग से बहिन जी एक बार नहीं तीन तीन बार राज्य में सरकारें बना चुकी हैं क्योंकि कि वो जनती है कि केवल दलित राजनीति के सहारे नैया पार नहीं लग सकती उसके लिए मुस्लिम, पिछड़ा और अगड़ा वर्ग को भी उन्हें साथ में लाना होगा। हालांकि अगड़ा वर्ग तो भाजपा को अभी किसी सूरत में छोड़ नहीं सकता और मुस्लिम वर्ग समाजवादी पार्टी की तरफ ज्यादा आकर्षित रहता है।और यदि वह गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी तो मुस्लिम सपा की तरफ ज्यादा आकर्षित रहेगा। और अकेले लड़ने में वो मुस्लिम प्रत्याशी का प्रयोग बड़े ही चतुराई से करती हैं।</p>
<p>                फिलहाल अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर के उन्होंने भाजपा से पंगा नहीं लिया है और अभी लड्डू उनके दोनो हाथों में है जब सरकार बनेगी तो उस समय ही वह अपने पत्ते खोलेंगी। इधर रहेगी या उधर ये उनकी रणनीति का हिस्सा है क्योंकि वो राजनीति की मझी हुई खिलाड़ी हैं।<br />                     </p>
<p>  ------------ जितेन्द्र सिंह पत्रकार<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचारधारा</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 16:16:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पार्टी विरोधी गतिविधियों पर बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत दो निष्कासित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p>  निकाय_चुनाव में हार के बाद प्रयागराज मेंबसपा ने लगातार ऐसे पदाधिकारियों को निष्कासित कर रही है। जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जा रहे हैं। पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष चिंतामणि वर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ता राजकुमार गौतम को भी पार्टी से निष्कासित किया गया है।</p>
<p>बसपा जिलाध्यक्ष अतुल कुमार टीटू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी पुष्टि भी की है।उन्होंने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष समेत दो लोगों को पार्टी से बाहर किया गया है। इन दोनों लोगों पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129571/two-expelled-including-former-district-president-of-bsp-on-anti-party"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/पार्टी-विरोधी-गतिविधियों-पर-बसपा-के-पूर्व-जिलाध्यक्ष-समेत-दो-निष्कासित.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p> निकाय_चुनाव में हार के बाद प्रयागराज मेंबसपा ने लगातार ऐसे पदाधिकारियों को निष्कासित कर रही है। जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जा रहे हैं। पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष चिंतामणि वर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ता राजकुमार गौतम को भी पार्टी से निष्कासित किया गया है।</p>
<p>बसपा जिलाध्यक्ष अतुल कुमार टीटू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी पुष्टि भी की है।उन्होंने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष समेत दो लोगों को पार्टी से बाहर किया गया है। इन दोनों लोगों पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। पूर्व अध्यक्ष चिंतामणि वर्मा ने कहा, उन्हें निष्कासन की कोई सूचना नहीं दी गई है। यदि हम पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 22:51:40 +0530</pubDate>
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